पश्चिम बंगाल में सेना को जमीन पर उतारने के मामले में भाजपा ने अर्थव्यवस्था पर आधारित आधार तैयार किया है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बोर्डिंग को मंजूरी दे दी है, जबकि ममता सरकार ने इस पर रोक लगा रखी थी। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बार-बार सरकार से जमीन लेने की अपील की। अमित शाह ने 500-600 किलोमीटर पाइपलाइन लगवाने का प्रयास किया था, अब भी 300-400 किलोमीटर जमीन है। हमारी सरकार ने पहले दिन ही अपना लाइसेंस दे दिया। 45 दिन में जमीन उपलब्ध करायी जायेगी. सिद्धांत से बातचीत चल रही है। जहां बाड़े का काम बंद था, कल से शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने एलएलसी को जमीन नहीं दी थी, जिसकी वजह से सीमा की स्थिति बहुत खराब है। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने सबसे पहले ही दिन में भुगतान बंद के लिए मंजूरी दे दी है। अब बंदी बनने के बाद पड़ोसी देश के लिए छिपकर बंगाल नहीं आएगा और पश्चिम बंगाल में शांति बनी रहेगी।
और पढ़ें: पश्चिम बंगाल: बंगाल में महिलाओं के लिए मिलेंगे 3000 रुपये, बस यात्रा भी होगी फ्री, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला
निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी
दिलीप घोष ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जमीन को लेकर कई बैठकें कीं और समर्थन पहले ही दिन दे दिया था, उसके बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया। पश्चिम बंगाल सरकार उन सभी राज्यों को बंद कर देगी जो पड़ोसी देश के लोग गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहे हैं।
गुणवत्ता विश्लेषण सख्त करने की मांग
देश में लगातार खाने-पीने के उत्पाद सामान के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “कीमतें समय-समय पर दी जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। दूध की गुणवत्ता को लेकर कई पिज्जा मिल रही हैं और इसकी ठीक से जांच नहीं की जा रही है। इसमें कई तरह के रसायन मिलाए जा रहे हैं। यह स्वास्थ्य से जुड़ा है, गुणवत्ता और मात्रा दोनों को ही ठीक से रखा जाना चाहिए। सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।”
और पढ़ें: दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, अग्निमित्रा को महिला कल्याण… शुभेंदु गर्भ में जानें किसे कौन सा मंत्रालय
(टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)दिलीप घोष













































