Sunday, 04 Oct 2026 | 06:48 AM

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सिवनी के घंसौर में युवक ने फांसी लगाई:छितापार गांव में की आत्महत्या, सुबह परिजनों ने दी पुलिस को सूचना

सिवनी के घंसौर में युवक ने फांसी लगाई:छितापार गांव में की आत्महत्या, सुबह परिजनों ने दी पुलिस को सूचना

सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र के ग्राम छितापार में गुरुवार रात एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 24 वर्षीय निलेश सैयाम ने अपने घर में यह कदम उठाया। आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। परिजनों को घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह हुई, जब उन्होंने निलेश को घर के अंदर फंदे पर लटका देखा। उन्होंने तत्काल घंसौर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पंचनामा कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। मृतक की पहचान निलेश पिता देव सिंह सैयाम (24 वर्ष) निवासी ग्राम छितापार के रूप में हुई है। निलेश अपने परिवार के साथ रहता था। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। यदि कोई संदिग्ध स्थिति सामने आती है, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शादी में गई मां, बेटे ने साफ कर दी अलमारी:65 हजार कैश-ज्वेलरी लेकर फरार; राजेंद्र नगर में फ्लैट से छात्रों के लैपटॉप भी चोरी

शादी में गई मां, बेटे ने साफ कर दी अलमारी:65 हजार कैश-ज्वेलरी लेकर फरार; राजेंद्र नगर में फ्लैट से छात्रों के लैपटॉप भी चोरी

इंदौर में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। विजयनगर इलाके में एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही बेटे पर घर से नकदी और जेवर चोरी करने का आरोप लगाया है, वहीं राजेंद्र नगर में बदमाश फ्लैट से दो छात्रों के लैपटॉप चुराकर फरार हो गए। विजयनगर थाना क्षेत्र के न्यू शीतल नगर में रहने वाली लक्ष्मीबाई (65) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि 28 अप्रैल की शाम वह एक शादी समारोह में गई थीं। वापस लौटने पर घर का गेट खुला मिला और अलमारी की चाबी भी लगी हुई थी। जांच करने पर करीब 65 हजार रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और बेटी रेणुका व उसके बच्चों के जरूरी दस्तावेज गायब मिले। महिला ने आरोप लगाया कि उसका बेटा जितेंद्र खोजे ही घर का ताला तोड़कर यह सामान ले गया। घटना के समय घर में उसका दूसरा बेटा भी मौजूद था। प्रेम प्रसंग में पहले भी कर चुका वारदात पुलिस के मुताबिक आरोपी जितेंद्र का एक शादीशुदा महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसी के चलते वह पहले भी घर में चोरी जैसी हरकत कर चुका है। बेटे की इन हरकतों से परेशान होकर मां ने गुरुवार को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। राजेंद्र नगर में छात्रों के लैपटॉप चोरी एक अन्य मामले में राजेंद्र नगर इलाके में बदमाशों ने एक फ्लैट को निशाना बनाया। उज्ज्वल सरैया और उसका दोस्त कुनाल नेगी, जो बीटेक के छात्र हैं, किराए के फ्लैट में रहते हैं। रात 3 बजे तक पढ़ाई करने के बाद सुबह जल्दबाजी में दरवाजा खुला रह गया। इसी दौरान चोर फ्लैट में घुसे और दोनों के लैपटॉप चोरी कर ले गए।

बुद्ध पूर्णिमा पर तुलाई बंद, किसानों ने किया चक्काजाम:आगर मालवा में बिना सूचना केंद्र बंद होने से भड़के किसान, आश्वासन के बाद खुला मार्ग

बुद्ध पूर्णिमा पर तुलाई बंद, किसानों ने किया चक्काजाम:आगर मालवा में बिना सूचना केंद्र बंद होने से भड़के किसान, आश्वासन के बाद खुला मार्ग

आगर मालवा जिले के बड़ौद क्षेत्र में गेहूं खरीदी केंद्र पर बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के कारण तुलाई बंद होने से किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम कंकड़ेल के समीप स्थित सायलो गेहूं उपार्जन केंद्र पर शुक्रवार को तुलाई कार्य बिना पूर्व सूचना के बंद कर दिया गया था। जानकारी के अभाव में कई किसान अपनी उपज लेकर केंद्र पर पहुंचे। तुलाई बंद मिलने पर वे आक्रोशित हो गए और उन्होंने डग-बड़ौद मार्ग स्थित गोशाला के पास चक्काजाम कर दिया। किसान सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। चक्काजाम के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। किसानों ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई दिनों से अपनी उपज लेकर केंद्र पर आ रहे हैं, लेकिन उचित व्यवस्थाओं के अभाव में उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रूप सिंह बेस पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाइश दी और अधिकारियों द्वारा तुलाई जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिससे यातायात सामान्य हो सका। इस संबंध में जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी एम.एल. मालवीय ने बताया कि कुछ किसानों का गेहूं पिछले दिन तुलाई से शेष रह गया था। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद उन किसानों का गेहूं तुलवाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुद्ध पूर्णिमा के कारण अवकाश था, लेकिन किसानों की परेशानी को देखते हुए यह समाधान निकाला गया है।

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक:हाईकोर्ट ने बिजली कंपनी की प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- प्रक्रिया पहली नजर में संदिग्ध

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर की संविदा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए नियुक्ति पर स्टे दे दिया। उज्जैन रीजन के चीफ इंजीनियर बाबूलाल चौहान 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। तय योजना के अनुसार उन्हें 1 मई से उसी पद पर संविदा नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन मामला कोर्ट पहुंचने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए। जानकारी के मुताबिक, इतने बड़े पद पर संविदा नियुक्ति के लिए पहले कोई स्पष्ट नियम नहीं थे। हाल ही में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नई नीति बनाई और सप्ताहभर में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। जांच समिति ने प्रक्रिया में कमियां भी बताईं, लेकिन इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ा दी गई। 21 इंजीनियर पहुंचे कोर्ट, पेश किए दस्तावेज इस मामले में कंपनी के 21 वरिष्ठ इंजीनियरों ने याचिका दायर कर प्रक्रिया को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं में पूर्व चीफ इंजीनियर कामेश श्रीवास्तव, राजेंद्र नेगी, सुधीर आचार्य और अचल जैन शामिल हैं। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष माथुर ने दस्तावेज पेश करते हुए तर्क दिया कि अन्य बिजली कंपनियों में ऐसी संविदा नीति लागू नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया कि जिस पद पर संविदा नियुक्ति की जा रही है, वह पद संविदा श्रेणी में सृजित ही नहीं है और न ही सार्वजनिक रूप से आवेदन बुलाए गए। इन तर्कों को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। बिजली कंपनी में चीफ इंजीनियर जैसे पद पर नियुक्ति सामान्यतः वर्षों के अनुभव और प्रमोशन के आधार पर होती है। इस संविदा नियुक्ति को लेकर उठे विवाद ने विभागीय पारदर्शिता और प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

आम आदमी पार्टी ने मजदूर दिवस पर सरकार को घेरा:नीमच में श्रमिकों का सम्मान कर रेन बसेरा-शौचालय की कमी उठाई

आम आदमी पार्टी ने मजदूर दिवस पर सरकार को घेरा:नीमच में श्रमिकों का सम्मान कर रेन बसेरा-शौचालय की कमी उठाई

नीमच में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर आम आदमी पार्टी (आप) ने शुक्रवार को शहर के सब्जी मंडी स्थित मजदूर चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर श्रमिकों के हक में आवाज उठाई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने मजदूरों के साथ समय बिताया और उनके योगदान की सराहना की। मजदूरों का किया सम्मान कार्यक्रम में वरिष्ठ मजदूरों का माला पहनाकर सम्मान किया गया। राजस्थान प्रभारी अर्जुन कुमावत और प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए उनकी भूमिका को समाज का आधार बताया। बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल नेताओं ने आरोप लगाया कि मजदूरों को अब भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि नीमच में बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए न रेन बसेरा है और न ही पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था। नगर पालिका पर लगाए आरोप प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने कहा कि सब्जी मंडी मजदूर चौक पर रोज सैकड़ों श्रमिक इकट्ठा होते हैं, लेकिन यहां न छाया की व्यवस्था है और न ही ठंडे पानी की सुविधा। मजदूरों को खुले मैदानों में रात गुजारनी पड़ती है। अन्य नगरों में भी हुए कार्यक्रम पार्टी ने बताया कि जीरन, मनासा, कुकड़ेश्वर, रामपुरा, अठाना और सिंगोली सहित अन्य नगर परिषद क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित कर श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। संघर्ष जारी रखने का संकल्प इस अवसर पर चंद्रेश सेन, बालचंद्र वर्मा, अशोक सागर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मजदूरों को उनका हक दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

गर्मियों में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं, किस तरह पी रहे हैं यह भी है अहम; भूलकर भी न करें पानी पीने से जुड़ी ये गलतियां

गर्मियों में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं, किस तरह पी रहे हैं यह भी है अहम; भूलकर भी न करें पानी पीने से जुड़ी ये गलतियां

Last Updated:May 01, 2026, 10:47 IST Mistakes While Drinking Water: गर्मी के मौसम में सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि आपका तरीका भी मायने रखता है. जानें पानी पीने से जुड़ी उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में, जो आपकी सेहत और पाचन बिगाड़ सकती हैं. Common water drinking mistakes : पानी तो सभी पीते हैं, लेकिन इसे पीने का तरीका आपके शरीर के कामकाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अक्सर लोग केवल पानी की “सही मात्रा” पर ध्यान देते हैं, लेकिन समय, पानी पीने की गति और आपका पोश्‍चर जैसे अन्य कारकों को नजरअंदाज कर देते हैं। पानी बहुत तेजी से पीना, इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी और प्यास लगने तक इंतजार करना जैसी गलतियां हाइड्रेशन की प्रभावशीलता को कम कर सकती हैं. क्यों जरूरी है सही तरीका? दरअसल, आपका हाइड्रेशन लेवल सीधे तौर पर आपकी एनर्जी, डाइजेशन और ओवरऑल कम्फर्ट से जुड़ा है. जब शरीर सही तरह से हाइड्रेटेड नहीं होता, तो थकान और सुस्ती महसूस होना आम है. अपनी डेली रूटीन में थोड़े से ‘स्मार्ट’ बदलाव करके आप न केवल अपनी आदतों को सुधार सकते हैं, बल्कि खुद को पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव और हेल्दी महसूस करा सकते हैं. ‘सिपिंग’ शुरू करें- ज्यादातर लोगों को लगता है कि एक साथ ढेर सारा पानी पीने से वे जल्दी हाइड्रेट हो जाएंगे, लेकिन यह एक मिथ है. हकीकत यह है कि शरीर एक बार में बहुत ज्यादा पानी एब्जॉर्ब नहीं कर पाता और वह बिना किसी फायदे के सिस्टम से बाहर निकल जाता है. इसका सही और ‘प्रो’ तरीका यह है कि पूरे दिन छोटे-छोटे घूँट (sips) लेकर पानी पिएं ताकि शरीर उसे ढंग से इस्तेमाल कर सके. Add News18 as Preferred Source on Google कब पीना है सबसे जरूरी? इर्रेगुलर तरीके से पानी पीने से शरीर ‘डिहाइड्रेशन मोड’ में चला जाता है, जिससे फोकस की कमी और थकान होती है. हाइड्रेशन में टाइमिंग बहुत बड़ा रोल प्ले करती है. सुबह उठने के बाद, मील (meal) से पहले और बाद में, और वर्कआउट के बाद पानी पीना आपके एनर्जी लेवल को कंसिस्टेंट रखता है और शरीर का बैलेंस बनाए रखता है. खाने के साथ ‘नो वॉटर’ जोन- भोजन के दौरान बहुत अधिक पानी पीना आपके पेट के एसिड्स और एंजाइम्स को ‘डाइल्यूट’ कर सकता है, जो डाइजेशन के लिए सही नहीं है. इससे अक्सर ब्लोटिंग या भारीपन महसूस होता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो खाने के दौरान सिर्फ एक-दो घूँट ही पिएं और पानी की असली मात्रा को मील से पहले या करीब 30 मिनट बाद के लिए बचाकर रखें. सिर्फ पानी काफी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स भी हैं मस्ट- खासकर गर्मियों में या इंटेंस वर्कआउट के दौरान, पसीने के जरिए शरीर से सोडियम जैसे मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में सिर्फ सादा पानी पीने से शरीर का बैलेंस वापस नहीं आता और आप थका हुआ महसूस करते हैं. इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए नींबू-पानी या नारियल पानी जैसे नेचुरल ड्रिंक्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. चिल्ड वॉटर सेहत के लिए खतरा? टीओटी की खबर के मुताबिक, बर्फ जैसा ठंडा पानी पीने में तो रिफ्रेशिंग लगता है, लेकिन यह डाइजेशन को स्लो कर सकता है. खाली पेट या खाने के साथ ‘आइस-कोल्ड’ वॉटर पीना बेस्ट ऑप्शन नहीं है. इसके बजाय रूम टेम्परेचर या हल्का ठंडा पानी पिएं, क्योंकि हमारा शरीर इसे ज्यादा आसानी से एब्जॉर्ब करता है और यह पेट के लिए भी आरामदायक होता है. प्यास का इंतजार करना है आपकी सबसे बड़ी भूल- जब आपको प्यास लगती है, तो असल में वह इस बात का सिग्नल है कि आपका शरीर पहले ही डिहाइड्रेटेड हो चुका है. प्यास लगने पर पानी पीने से आपकी हाइड्रेशन साइकिल अनइवेन हो जाती है. इसलिए प्यास का वेट न करें, बल्कि एक कंसिस्टेंट रूटीन बनाएं ताकि शरीर में पानी का लेवल हमेशा स्टेबल रहे. बोतल को बनाएं अपना बेस्ट फ्रेंड- अक्सर बिजी शेड्यूल के चक्कर में हम पानी पीना ही भूल जाते हैं. इसका सबसे आसान सॉल्यूशन यह है कि पानी की बोतल को हमेशा अपनी नजरों के सामने रखें. चाहे ऑफिस हो, ट्रैवलिंग या जिम, पास में बोतल होने से आपको बार-बार याद दिलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप बिना ज्यादा सोचे हाइड्रेटेड रहेंगे. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को टैरिफ की धमकी देकर खत्म कराया। गुरुवार को व्हाइट हाउस में एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइनिंग के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों को चेतावनी दी गई थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका 200% तक टैरिफ लगाएगा। ट्रम्प के मुताबिक, इस आर्थिक दबाव के चलते दोनों परमाणु संपन्न देश पीछे हटे और संभावित बड़े युद्ध को टाला गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बची। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 8 युद्ध सुलझाए हैं और कई देशों ने उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भेजे। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज किया है। भारत के अनुसार, सीजफायर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ, जब पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया। गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ। अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया, सजा में भी कटौती म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची को जेल से हटाकर हाउस अरेस्ट में भेज दिया गया है। यह फैसला सैन्य सरकार द्वारा सजा में कटौती और आम माफी के तहत लिया गया है। गुरुवार को जारी बयान में राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि सू ची अपनी बाकी सजा अब निर्धारित निवास पर पूरी करेंगी। राज्य मीडिया ने उनकी एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें वे लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई सालों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर है। सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर करीब 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से ज्यादा सजा बाकी है। यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के मौके पर घोषित आम माफी का हिस्सा है, जिसमें 1519 कैदियों को रिहा किया गया और अन्य कैदियों की सजा में कटौती की गई। संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम ने कहा कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। गौरतलब है कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से म्यांमार में लगातार हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को टैरिफ की धमकी देकर खत्म कराया। गुरुवार को व्हाइट हाउस में एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइनिंग के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों को चेतावनी दी गई थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका 200% तक टैरिफ लगाएगा। ट्रम्प के मुताबिक, इस आर्थिक दबाव के चलते दोनों परमाणु संपन्न देश पीछे हटे और संभावित बड़े युद्ध को टाला गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बची। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 8 युद्ध सुलझाए हैं और कई देशों ने उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भेजे। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज किया है। भारत के अनुसार, सीजफायर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ, जब पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया। गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया, सजा में भी कटौती म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची को जेल से हटाकर हाउस अरेस्ट में भेज दिया गया है। यह फैसला सैन्य सरकार द्वारा सजा में कटौती और आम माफी के तहत लिया गया है। गुरुवार को जारी बयान में राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि सू ची अपनी बाकी सजा अब निर्धारित निवास पर पूरी करेंगी। राज्य मीडिया ने उनकी एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें वे लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई सालों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर है। सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर करीब 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से ज्यादा सजा बाकी है। यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के मौके पर घोषित आम माफी का हिस्सा है, जिसमें 1519 कैदियों को रिहा किया गया और अन्य कैदियों की सजा में कटौती की गई। संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम ने कहा कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। गौरतलब है कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से म्यांमार में लगातार हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है। लंदन में हमले के बाद UK में आतंकी खतरे का स्तर ‘सीवियर’ तक बढ़ाया गया ब्रिटेन में आतंकवादी खतरे का स्तर बढ़ाकर ‘सीवियर’ कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगले छह महीनों में आतंकी हमले की संभावना बेहद अधिक मानी जा रही है। गुरुवार को लिया गया यह फैसला लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हुए हमले के बाद आया है। उत्तर लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुए इस हमले को मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने आतंकी घटना घोषित किया है। इसके बाद जॉइंट टेररिज्म एनालिसिस सेंटर (JTAC) की सिफारिश पर खतरे का स्तर बढ़ाया गया। सिक्योरिटी मंत्री डैन जार्विस ने कहा कि जनता को सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की नहीं। उन्होंने बताया कि खतरे का स्तर बढ़ाने का कारण केवल यह हमला नहीं, बल्कि इस्लामिस्ट और अतिवादी दक्षिणपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी भी है। हाल के महीनों में UK में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाएं बढ़ी हैं। सरकार ने इन घटनाओं को देखते हुए 25 मिलियन पाउंड की अतिरिक्त फंडिंग और सुरक्षा बढ़ाने का ऐलान किया है। पुलिस ने हमले के आरोपी एसा सुलेमान को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रह चुका है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि सरकार लोगों की चिंता को समझती है और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, नफरत फैलाने वाले संगठनों पर सख्त कार्रवाई के लिए नए कानूनों पर विचार किया जा रहा है।

अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

अप्रैल के आखिरी दिनों में 40 डिग्री पर ठहरा पारा:अभी भीषण गर्मी से राहत; मई में एक दशक में नौ बार रहा 42 डिग्री से ज्यादा तापमान

इंदौर में अप्रैल में इस बार भीषण गर्मी ने अपने तेज तेवर दिखाए और अधिकतम तापमान 26 अप्रैल को 43 डिग्री तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट रही। आखिरी के दो दिनों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। रात के तापमान में उतार-चढ़ाव रहा। गुरुवार रात तापमान 2 डिग्री लुढ़ककर 23.9 (0) डिग्री सेल्सियस रहा। अभी चार दिनों से गर्मी के तेवर कुछ नरम पड़े हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं का रुख नरम होने से इंदौर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत रहेगी। अब आज से मई शुरू हो गया है। इंदौर के लिए यह माह काफी तपिश वाला रहा है। इंदौर में पिछले एक दशक में मई में 9 बार दिन का पारा 42 डिग्री के पार रहा। इसमें भी दो बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। तब इस तपिश ने लोगों को हलाकान कर दिया था। दरअसल मई में सतही हवाएं सामान्यत: पश्चिम से ही आती हैं। कभी-कभी दोपहर में तेज हवा चलने लगती है। गर्जन के साथ हल्की बारिश से तापमान में कमी आती है जिसकी वजह से तात्कालिक राहत मिलती है। इंदौर में 10 सालों में सिर्फ 2021 में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। दो बार 2016 और 2024 में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा जिसने झुलसा दिया था। इंदौर में मई से जुड़े फैक्ट्स इंदौर में पिछले एक हफ्ते का तापमान

तेल कंपनियों ने 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ मुनाफा कमाया:पिछले वित्त-वर्ष में कच्चे तेल की कीमत कोविड के बाद सबसे कम रही

तेल कंपनियों ने 2025-26 में रोजाना ₹116 करोड़ मुनाफा कमाया:पिछले वित्त-वर्ष में कच्चे तेल की कीमत कोविड के बाद सबसे कम रही

Hindi News Business Oil Companies Earned A Daily Profit Of ₹116 Crore In 2025–26, As Crude Oil Prices Remained At Their Lowest Levels Since The COVID 19 Pandemic During The Previous Financial Year मुंबई27 मिनट पहलेलेखक: गुरुदत्त तिवारी कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो 4 साल का उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में दाम 116 डॉलर तक ​आ गए। ऐसे में एजेंसियों के हवाले से बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध की वजह से महंगे कच्चे तेल से देश की तेल कंपनियों को रोजाना 2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पर प्रति लीटर 14 रुपए और डीजल पर 18 रुपए का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इससे तेल कंपनियां पेट्रो मूल्य बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। जबकि, हकीकत ये है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कच्चे तेल के औसत दाम महज 71 डॉलर प्रति बैरल रहे, जो कोविड वर्ष 2020-21 के बाद सबसे कम हैं। युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था और 27 फरवरी तक दाम 76 डॉलर प्रति बैरल थे। ऐसे में महज 2 महीने में ही क्रूड की कीमतें चढ़ी हैं। जबकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 के शुरुआती 9 महीनों में देश की चार अग्रणी तेल कंपनियों ने कुल 1.37 लाख करोड़ रु. यानी हर रोज 116 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। हमारे लिए क्रूड का भाव $50 घट चुका 1. ईरान सीजफायर के बाद क्रूड के भाव? ईरान-अमेरिका युद्धबंदी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम, जो 150 डॉलर पहुंच गए थे, अब 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गए हैं। 2. सरकार ने क्या किया? सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रु. की कटौती की थी। इससे प्रति माह लगभग 12,000 करोड़ के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया है। 3. सरकार घाटे की भरपाई कैसे कर रही? सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाले ‘विंडफाल टैक्स’ का सहारा लिया है। 11 अप्रैल को सरकार ने डीजल निर्यात पर लगने वाले इस टैक्स को 21.50 रु. प्रति लीटर से बढ़ाकर सीधे 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया। 4. विंडफाल टैक्स से कितनी आय हो रही है? भारत से हर महीने औसतन 191 करोड़ लीटर डीजल का निर्यात होता है। विंडफाल टैक्स बढ़ाने के बाद सरकार को केवल डीजल निर्यात से ही करीब 10,500 करोड़ रु. की मासिक आय हो रही है, जो एक्साइज ड्यूटी से हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई कर देती है। 5. तेल कंपनियों ने क्या पाबंदियां लगाईं? कंपनियां घाटा कम करने ‘राशनिंग’ का सहारा ले रही हैं। पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पिछले वर्ष की बिक्री के बराबर ही स्टॉक बेचें। एक बार में किसी भी ग्राहक को 200 लीटर से अधिक डीजल न देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उद्योगों को होने वाली बल्क सप्लाई को रोका जा सके। ये खबर भी पढ़ें… आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 994 रुपए तक महंगा: ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम भी लागू; मई में होने वाले 4 बड़े बदलाव कॉमर्शियल सिलेंडर आज यानी 1 मई से 994 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में ये 3071.50 रुपए में मिल रहा है। इसके अलावा ‘ऑनलाइन गेमिंग रूल्स 2026’ प्रभावी हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…