Sunday, 04 Oct 2026 | 12:00 PM

Trending :

EXCLUSIVE

छतरपुर में चाट दुकानदार को अगवा करने की कोशिश, VIDEO:बस स्टैंड पर दबंगों ने मारपीट कर गाड़ी में बैठाने का किया प्रयास

छतरपुर में चाट दुकानदार को अगवा करने की कोशिश, VIDEO:बस स्टैंड पर दबंगों ने मारपीट कर गाड़ी में बैठाने का किया प्रयास

छतरपुर : जिले के भगवां थाना क्षेत्र के रामटौरिया बस स्टैंड पर दिनदहाड़े एक चाट दुकानदार के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दबंगों ने सरेआम दुकानदार के साथ मारपीट की और उसे जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों की सतर्कता से वारदात नाकाम हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश में हमला, बीच बाजार मचा हड़कंप जानकारी के अनुसार पीड़ित जग्गी पटेल रामटौरिया बस स्टैंड पर चाट का ठेला लगाता है। बुधवार को वह रोज की तरह दुकान चला रहा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते गौरीशंकर यादव हलावनी अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा। दोनों ने अचानक दुकानदार पर हमला बोल दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट कर जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपियों ने पहले जग्गी के साथ जमकर मारपीट की और फिर उसे घसीटते हुए अपनी गाड़ी की ओर ले जाने लगे। वे उसे जबरदस्ती वाहन में डालकर अगवा करना चाहते थे। इस दौरान दुकानदार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और बीच-बचाव किया। भीड़ की हिम्मत से नाकाम हुई वारदात स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर आरोपियों को घेरने की कोशिश की, जिससे घबराकर दोनों मौके से फरार हो गए। लोगों की तत्परता से दुकानदार की जान बच गई। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। बस स्टैंड पर सुरक्षा पर उठे सवाल दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

पेंच टाइगर रिजर्व के पास सड़क पार करते दिखा बाघ:बाइक सवारों ने बनाया वीडियो; वन विभाग ने सावधानी बरतने की अपील

पेंच टाइगर रिजर्व के पास सड़क पार करते दिखा बाघ:बाइक सवारों ने बनाया वीडियो; वन विभाग ने सावधानी बरतने की अपील

सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व से सटे खवासा-टुरिया मार्ग पर बुधवाक देर रात बाघ सड़क पार करता दिखा। इस मार्ग से गुजर रहे कुछ बाइक सवारों ने बाघ को सड़क पर आते देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाघ जंगल से सड़क पर आया और आराम से दूसरी ओर चला गया। बाइक सवारों ने सुरक्षित दूरी बनाकर अपने वाहन रोक लिए। उन्होंने बिना किसी आवाज या हलचल के घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब आसपास के क्षेत्रों में वायरल हो रहा है। यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील खवासा-टुरिया मार्ग पेंच टाइगर रिजर्व के नजदीक है, इसलिए इस क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य है। इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्रीय लोगों और यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पेंच टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अच्छी है और उनका मूवमेंट लगातार होता रहता है। ऐसे में जंगल से सटे मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। रात के समय वाहन चालकों को धीमी गति से चलने, अनावश्यक हॉर्न न बजाने और वन्यजीव दिखने पर उनसे दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। ॉ पेंच राष्ट्रीय उद्यान में समृद्ध वन्यजीवों की विविधता पेंच राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां बाघ के अतिरिक्त तेंदुआ, भेड़िया और जंगली बिल्ली जैसे शिकारी जीव पाए जाते हैं। चीतल, सांभर, गौर, जंगली सूअर, नीलगाय और चार सींगों वाला मृग जैसे शाकाहारी जीव भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। इसके अलावा, मोर सहित 200 से अधिक पक्षी प्रजातियां भी इस क्षेत्र में पाई जाती हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पेंच राष्ट्रीय उद्यान आते हैं, जहां उन्हें प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिलता है।

अमेरिका ने ईरान युद्ध पर 25 अरब डॉलर खर्च किए:ईरान बोला- जंग किसी समस्या का समाधान नहीं, बातचीत ही एकमात्र रास्ता

अमेरिका ने ईरान युद्ध पर 25 अरब डॉलर खर्च किए:ईरान बोला- जंग किसी समस्या का समाधान नहीं, बातचीत ही एकमात्र रास्ता

अमेरिका ईरान युद्ध पर पिछले 2 महीने में अब तक 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारी जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट ने बुधवार को इसकी जानकारी संसद की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई में दी। हर्स्ट के मुताबिक कुल खर्च का बड़ा हिस्सा हथियारों, मिसाइलों और गोला-बारूद पर हुआ है। दूसरी तरफ ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने कहा कि जंग किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता बातचीत और कूटनीति है। खातिबजादेह ने कहा कि ईरान कई हफ्तों से युद्ध खत्म करने के लिए प्रस्ताव देता रहा है। युद्धविराम की कोशिशों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान ने समान शर्तों और बराबरी के आधार पर बातचीत का रास्ता सुझाया है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो शेयर की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी। फोटो पर लिखा था- नो मोर मिस्टर नाइस गाइ। 2. स्वीडिश PM ने अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठाए स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने कहा कि ईरान जंग में अमेरिका के पास कोई साफ रणनीति नजर नहीं आ रही। 3. ईरान ने UN में अमेरिका की शिकायत की ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत कर अमेरिका पर जहाज जब्त करने और 38 लाख बैरल तेल कब्जाने का आरोप लगाया। 4. लेबनान में 12 लाख लोगों पर भूखमरी का खतरा UN से जुड़ी रिपोर्ट में कहा गया कि युद्ध, विस्थापन और आर्थिक दबाव के कारण लेबनान में 12 लाख से ज्यादा लोग खाद्य संकट झेल सकते हैं। 5. भारत-ईरान विदेश मंत्रियों की फोन पर बातचीत विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्धविराम, द्विपक्षीय रिश्तों और क्षेत्रीय हालात पर फोन पर चर्चा की। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…

परमवीर ने ‘मर्दानी3’ और ‘धुरंधर’ का ऑफर ठुकरा दिया था:बोले- सही वक्त नहीं था, सीरीज की स्टारकास्ट बोली- सपना टूटना मरने जैसा है

परमवीर ने ‘मर्दानी3’ और ‘धुरंधर’ का ऑफर ठुकरा दिया था:बोले- सही वक्त नहीं था, सीरीज की स्टारकास्ट बोली- सपना टूटना मरने जैसा है

सीरीज ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ का दूसरा सीजन सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, टूटने और फिर खड़े होने की असली जर्नी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में लेखक- निर्देशक-एक्टर अंबरीश वर्मा, एक्टर परमवीर सिंह चीमा और विजयंत कोहली ने खुलकर बताया कि कैसे यह शो उनकी जिंदगी के बेहद करीब है। जहां अंबरीश इसे जिम्मेदारी मानते हैं, वहीं परमवीर मानते हैं कि इस शो ने उन्हें अंदर से बदला। बातचीत में रिजेक्शन, बर्नआउट, और सपनों के टूटने का दर्द भी सामने आया, साथ ही ‘धुरंधर’ और ‘मर्दानी 3’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट छोड़ने के फैसले पर भी साफ जवाब मिले। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ आपके लिए क्या मायने रखता है? सीजन 2 कितना खास है? जवाब/अंबरीश वर्मा: ये मेरे जीवन का सबसे क्लोज शो है। इसकी कहानियां बहुत पर्सनल हैं और ऐसी कहानियां बार-बार नहीं मिलतीं, जो किसी की सोच या जिंदगी बदल सकें। सीजन 2 मेरे लिए सिर्फ करियर का मौका नहीं, एक जिम्मेदारी है- कुछ ऐसा कहने की, जो लोगों पर असर डाले। विजयंत कोहली: सीजन 1 एक हैप्पी एंडिंग पर खत्म हुआ था, इसलिए लोगों के मन में सवाल था कि सीजन 2 आएगा या नहीं। लेकिन जब पहला सीजन इतना पसंद किया गया, तो दूसरा बनाना एक जिम्मेदारी बन गया। इस बार एक्सपेक्टेशन भी ज्यादा है। परमवीर सिंह चीमा: ये शो सिर्फ अच्छा नहीं है, लोगों को मोटिवेट करता है। इसने मुझे भी अंदर से बदला है। मैं आज भी इसे देखकर खुद को याद दिलाता हूं कि अपने असली स्वभाव से मत भटक। सवाल : क्या इस शो ने आपकी सोच बदली? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, बहुत। इंडस्ट्री में धीरे-धीरे इंसान थोड़ा शातिर हो जाता है, लेकिन इस शो ने मुझे खुद के मूल्यों पर टिके रहने की याद दिलाई। जब भी नेगेटिव सोच आती है, मैं खुद से कहता हूं- “डर छोड़, आगे बढ़।” सवाल: सपना टूटना मरने जैसा है, क्या आपने ऐसा महसूस किया है? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हर इंसान इस फेज से गुजरता है। कोविड के दौरान मैंने सपने छोड़ भी दिए थे और घर लौट गया था। कई बार इतना बर्नआउट हो जाता है कि लगता है सब खत्म हो गया। लेकिन फिर खुद को टाइम देकर, थोड़ा रुककर, फिर से उठना पड़ता है, यही असली जंग है। सवाल: क्या कभी लगा कि ये जंग छोड़ दें? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, कोविड के समय छोड़ दिया था। पैसों की दिक्कत थी, सर्वाइवल मुश्किल था। मैं किसान परिवार से हूं, जानता था घर से पैसे कैसे आ रहे हैं। लेकिन मेरे पिता ने कहा- “मैं तेरे साथ हूं, तू क्यों हार मान रहा है?” वही बात मेरे लिए टर्निंग पॉइंट बनी। सवाल: अंबरीश, आपकी कहानी इतनी रिलेटेबल कैसे बनी? क्या आप खुद टूटे हैं? जवाब/अंबरीश वर्मा: टूटना हर किसी की जिंदगी का हिस्सा है। पहले ये चीजें मुझे बहुत ज्यादा हिट करती थीं और लंबे समय तक असर रहता था। फिर समझ आया कि हम चीजों को जरूरत से ज्यादा महत्व दे देते हैं, इसलिए दर्द ज्यादा होता है। जब पर्सपेक्टिव बदलता है, तो वही चीजें उतनी भारी नहीं लगतीं। सवाल: लाइफ में मंजिल ज्यादा जरूरी है या सफर? जवाब/अंबरीश वर्मा: हम लाइफ को माइलस्टोन्स से जोड़ देते हैं- जैसे प्रमोशन, पैसा, शादी। लेकिन असल लाइफ वो है जो इनके बीच में होती है। जब ये समझ आता है, तो चीजों का असर कम हो जाता है। विजयंत कोहली: हम भागते रहते हैं, लेकिन रुककर जीना भूल जाते हैं। अगर छोटी खुशियां एन्जॉय नहीं कीं, तो ये दौड़ कभी खत्म नहीं होगी। सवाल : सबसे बड़ा चांस क्या मिला जिंदगी में? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: इस शो में मुझे नॉन-पंजाबी किरदार मिला, यही मेरे लिए लाइफ-चेंजिंग मौका था। इससे लोगों ने मुझे एक अलग नजर से देखना शुरू किया। अंबरीश वर्मा: नौकरी छोड़कर लिखना शुरू करना सबसे बड़ा चांस था। कुछ भी नहीं था, लेकिन वही रिस्क मेरी जिंदगी बदल गया। विजयंत कोहली: इस शो ने मेरी “सॉफ्ट” इमेज तोड़ी और मुझे एक अलग तरह का किरदार निभाने का मौका दिया। सवाल: सबसे मुश्किल दौर या रिजेक्शन? जवाब/अंबरीश वर्मा: 2019 में नौकरी छोड़ने के बाद कोई काम नहीं था। गिल्ट और डर दोनों थे- क्या कर रहा हूं मैं? वो फेज बहुत भारी था, लेकिन वहीं से रास्ता बना। विजयंत कोहली: एक्टर की जिंदगी में रिजेक्शन रोज होता है। इसे स्वीकार करना ही सबसे बड़ी सीख है। सवाल : क्या कभी लगा कि फैसला गलत था? जवाब/अंबरीश वर्मा: अगर आप किसी से पूछ रहे हो कि छोड़ूं या नहीं , तो आप तैयार नहीं हो। जब आप अंदर से कन्विंस्ड होते हो, तो खुद ही कदम उठाते हो। मैंने भी बिना पूछे नौकरी छोड़ी थी। सवाल: ‘मर्दानी 3’ और ‘धुरंधर’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स छोड़ने की खबरें आईं, सच क्या है? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: ‘मर्दानी 3’ का मामला सीधा था, उस समय मैं एक ही फिल्म कर सकता था। मेरे पास ऑप्शन था ‘तेरे इश्क में’ और ‘मर्दानी 3’ का। मैंने ‘तेरे इश्क में’ चुनी, क्योंकि मैं आनंद सर के साथ काम करना चाहता था और उस वक्त वही सही लगा। जहां तक ‘धुरंधर’ जैसे रोल की बात है तो हर रोल की एक टाइमिंग होती है। अगर वही रोल मुझे 2 साल पहले मिलता, तो शायद मैं कर लेता। लेकिन अब लगा कि वो मेरे लिए सही फिट नहीं है। मैं मानता हूं कि हर इंसान की अपनी किस्मत और अपनी यात्रा होती है। और एक बात, अगर मैं हर रोल खुद ही करता रहूंगा, तो बाकी लोग क्या करेंगे? सवाल: क्या अब आपको सपने जैसे ही रोल ऑफर होते हैं? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, कई बार कॉल आते हैं कि “सपने वाला ही किरदार करना है।” लेकिन मैं साफ कहता हूं, अगर वही करना है, तो किसी और को ले लो। मैं खुद को रिपीट नहीं करना चाहता। विजयंत कोहली: मेरे साथ भी ऐसा होता है। लोग उसी तरह का रोल ऑफर करते हैं। तब हमें कहना पड़ता है,थोड़ा अलग लिखो, कुछ नया दो, तभी मजा आएगा। सवाल : सबसे यादगार मौका या चांस? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: जब अंबरीश भाई ने मुझे इस किरदार के लिए चुना, वो मेरे लिए लाइफ-चेंजिंग था। मैं आज भी उन्हें मैसेज

परमवीर ने ‘मर्दानी3’ और ‘धुरंधर’ का ऑफर ठुकरा दिया था:बोले- सही वक्त नहीं था, सीरीज की स्टारकास्ट बोली- सपना टूटना मरने जैसा है

परमवीर ने ‘मर्दानी3’ और ‘धुरंधर’ का ऑफर ठुकरा दिया था:बोले- सही वक्त नहीं था, सीरीज की स्टारकास्ट बोली- सपना टूटना मरने जैसा है

सीरीज ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ का दूसरा सीजन सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, टूटने और फिर खड़े होने की असली जर्नी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में लेखक- निर्देशक-एक्टर अंबरीश वर्मा, एक्टर परमवीर सिंह चीमा और विजयंत कोहली ने खुलकर बताया कि कैसे यह शो उनकी जिंदगी के बेहद करीब है। जहां अंबरीश इसे जिम्मेदारी मानते हैं, वहीं परमवीर मानते हैं कि इस शो ने उन्हें अंदर से बदला। बातचीत में रिजेक्शन, बर्नआउट, और सपनों के टूटने का दर्द भी सामने आया, साथ ही ‘धुरंधर’ और ‘मर्दानी 3’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट छोड़ने के फैसले पर भी साफ जवाब मिले। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ आपके लिए क्या मायने रखता है? सीजन 2 कितना खास है? जवाब/अंबरीश वर्मा: ये मेरे जीवन का सबसे क्लोज शो है। इसकी कहानियां बहुत पर्सनल हैं और ऐसी कहानियां बार-बार नहीं मिलतीं, जो किसी की सोच या जिंदगी बदल सकें। सीजन 2 मेरे लिए सिर्फ करियर का मौका नहीं, एक जिम्मेदारी है- कुछ ऐसा कहने की, जो लोगों पर असर डाले। विजयंत कोहली: सीजन 1 एक हैप्पी एंडिंग पर खत्म हुआ था, इसलिए लोगों के मन में सवाल था कि सीजन 2 आएगा या नहीं। लेकिन जब पहला सीजन इतना पसंद किया गया, तो दूसरा बनाना एक जिम्मेदारी बन गया। इस बार एक्सपेक्टेशन भी ज्यादा है। परमवीर सिंह चीमा: ये शो सिर्फ अच्छा नहीं है, लोगों को मोटिवेट करता है। इसने मुझे भी अंदर से बदला है। मैं आज भी इसे देखकर खुद को याद दिलाता हूं कि अपने असली स्वभाव से मत भटक। सवाल : क्या इस शो ने आपकी सोच बदली? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, बहुत। इंडस्ट्री में धीरे-धीरे इंसान थोड़ा शातिर हो जाता है, लेकिन इस शो ने मुझे खुद के मूल्यों पर टिके रहने की याद दिलाई। जब भी नेगेटिव सोच आती है, मैं खुद से कहता हूं- “डर छोड़, आगे बढ़।” सवाल: सपना टूटना मरने जैसा है, क्या आपने ऐसा महसूस किया है? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हर इंसान इस फेज से गुजरता है। कोविड के दौरान मैंने सपने छोड़ भी दिए थे और घर लौट गया था। कई बार इतना बर्नआउट हो जाता है कि लगता है सब खत्म हो गया। लेकिन फिर खुद को टाइम देकर, थोड़ा रुककर, फिर से उठना पड़ता है, यही असली जंग है। सवाल: क्या कभी लगा कि ये जंग छोड़ दें? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, कोविड के समय छोड़ दिया था। पैसों की दिक्कत थी, सर्वाइवल मुश्किल था। मैं किसान परिवार से हूं, जानता था घर से पैसे कैसे आ रहे हैं। लेकिन मेरे पिता ने कहा- “मैं तेरे साथ हूं, तू क्यों हार मान रहा है?” वही बात मेरे लिए टर्निंग पॉइंट बनी। सवाल: अंबरीश, आपकी कहानी इतनी रिलेटेबल कैसे बनी? क्या आप खुद टूटे हैं? जवाब/अंबरीश वर्मा: टूटना हर किसी की जिंदगी का हिस्सा है। पहले ये चीजें मुझे बहुत ज्यादा हिट करती थीं और लंबे समय तक असर रहता था। फिर समझ आया कि हम चीजों को जरूरत से ज्यादा महत्व दे देते हैं, इसलिए दर्द ज्यादा होता है। जब पर्सपेक्टिव बदलता है, तो वही चीजें उतनी भारी नहीं लगतीं। सवाल: लाइफ में मंजिल ज्यादा जरूरी है या सफर? जवाब/अंबरीश वर्मा: हम लाइफ को माइलस्टोन्स से जोड़ देते हैं- जैसे प्रमोशन, पैसा, शादी। लेकिन असल लाइफ वो है जो इनके बीच में होती है। जब ये समझ आता है, तो चीजों का असर कम हो जाता है। विजयंत कोहली: हम भागते रहते हैं, लेकिन रुककर जीना भूल जाते हैं। अगर छोटी खुशियां एन्जॉय नहीं कीं, तो ये दौड़ कभी खत्म नहीं होगी। सवाल : सबसे बड़ा चांस क्या मिला जिंदगी में? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: इस शो में मुझे नॉन-पंजाबी किरदार मिला, यही मेरे लिए लाइफ-चेंजिंग मौका था। इससे लोगों ने मुझे एक अलग नजर से देखना शुरू किया। अंबरीश वर्मा: नौकरी छोड़कर लिखना शुरू करना सबसे बड़ा चांस था। कुछ भी नहीं था, लेकिन वही रिस्क मेरी जिंदगी बदल गया। विजयंत कोहली: इस शो ने मेरी “सॉफ्ट” इमेज तोड़ी और मुझे एक अलग तरह का किरदार निभाने का मौका दिया। सवाल: सबसे मुश्किल दौर या रिजेक्शन? जवाब/अंबरीश वर्मा: 2019 में नौकरी छोड़ने के बाद कोई काम नहीं था। गिल्ट और डर दोनों थे- क्या कर रहा हूं मैं? वो फेज बहुत भारी था, लेकिन वहीं से रास्ता बना। विजयंत कोहली: एक्टर की जिंदगी में रिजेक्शन रोज होता है। इसे स्वीकार करना ही सबसे बड़ी सीख है। सवाल : क्या कभी लगा कि फैसला गलत था? जवाब/अंबरीश वर्मा: अगर आप किसी से पूछ रहे हो कि छोड़ूं या नहीं , तो आप तैयार नहीं हो। जब आप अंदर से कन्विंस्ड होते हो, तो खुद ही कदम उठाते हो। मैंने भी बिना पूछे नौकरी छोड़ी थी। सवाल: ‘मर्दानी 3’ और ‘धुरंधर’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स छोड़ने की खबरें आईं, सच क्या है? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: ‘मर्दानी 3’ का मामला सीधा था, उस समय मैं एक ही फिल्म कर सकता था। मेरे पास ऑप्शन था ‘तेरे इश्क में’ और ‘मर्दानी 3’ का। मैंने ‘तेरे इश्क में’ चुनी, क्योंकि मैं आनंद सर के साथ काम करना चाहता था और उस वक्त वही सही लगा। जहां तक ‘धुरंधर’ जैसे रोल की बात है तो हर रोल की एक टाइमिंग होती है। अगर वही रोल मुझे 2 साल पहले मिलता, तो शायद मैं कर लेता। लेकिन अब लगा कि वो मेरे लिए सही फिट नहीं है। मैं मानता हूं कि हर इंसान की अपनी किस्मत और अपनी यात्रा होती है। और एक बात, अगर मैं हर रोल खुद ही करता रहूंगा, तो बाकी लोग क्या करेंगे? सवाल: क्या अब आपको सपने जैसे ही रोल ऑफर होते हैं? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: हां, कई बार कॉल आते हैं कि “सपने वाला ही किरदार करना है।” लेकिन मैं साफ कहता हूं, अगर वही करना है, तो किसी और को ले लो। मैं खुद को रिपीट नहीं करना चाहता। विजयंत कोहली: मेरे साथ भी ऐसा होता है। लोग उसी तरह का रोल ऑफर करते हैं। तब हमें कहना पड़ता है,थोड़ा अलग लिखो, कुछ नया दो, तभी मजा आएगा। सवाल : सबसे यादगार मौका या चांस? जवाब/परमवीर सिंह चीमा: जब अंबरीश भाई ने मुझे इस किरदार के लिए चुना, वो मेरे लिए लाइफ-चेंजिंग था। मैं आज भी उन्हें मैसेज

चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल प्लेयर का यौन उत्पीड़न:भरे स्टेडियम में नामी कोच ने पीछे से अंगुली डाली; अफसर जांच करने हथियार लेकर एकेडमी में घुसा

चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल प्लेयर का यौन उत्पीड़न:भरे स्टेडियम में नामी कोच ने पीछे से अंगुली डाली; अफसर जांच करने हथियार लेकर एकेडमी में घुसा

चंडीगढ़ में एक नाबालिग फुटबॉल प्लेयर से भरे स्टेडियम में यौन उत्पीड़न हुआ। यौन उत्पीड़न करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक नामी फुटबॉल कोच है। प्लेयर का कहना है कि टूर्नामेंट के दौरान 2 टीमों में झगड़ा हुआ। इसी दौरान कोच ने उसके पीछे अंगुली डाल दी। इस मामले में पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद केस दर्ज किया लेकिन आरोपी कोच को अभी तक अरेस्ट नहीं किया। फुटबॉल प्लेयर की तरफ से इस बारे में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और चीफ सेक्रेटरी को शिकायत भेजी गई है। जिसमें उन्होंने कहा कहा कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय गवाहों और शिकायत करने वालों को धमका रही है। उन पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें FIR की कॉपी तक नहीं दी जा रही। यही नहीं, बार-बार नोटिस भेज परेशान किया जा रहा। पुलिस की टीमें सीधे एकेडमी के अंदर आकर दहशत का माहौल बना रही हैं। एक अफसर तो हथियार लेकर ही घुस आया। जिससे बच्चे सहम गए। जानिए, कैसे हुई पूरी घटना गवर्नर को भेजी शिकायत में करीब 15 साल के प्लेयर के वकील ने बताया- इसी साल जनवरी के आखिरी हफ्ते में चंडीगढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में फुटबॉल का टूर्नामेंट था। जहां कई टीमें अलग-अलग स्कूल और एकेडमी से हिस्सा लेने आई हुई थीं। इस दौरान एक मैच में 2 टीमों के बीच विवाद हो गया था। दोनों टीमें आपस में उलझ गईं। इस दौरान नाबालिग खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि उसके पीछे में अंगुली डाली गई। उससे वह काफी डर गया। इसके बावजूद उसने यह बात अपने सीनियर व कोच को बताई कि ग्राउंड में लड़ाई के दौरान उसके साथ यह घटना हुई। इसके बाद उसने पहले 28 जनवरी को POCSO ई-बॉक्स और ई-बाल निदान पोर्टल पर शिकायत की गई। इसके अगले दिन 29 जनवरी को चंडीगढ़ पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया। इसके बावजूद FIR दर्ज होने में लगभग डेढ़ महीने लग गए और आखिरकार 12 मार्च 2026 को केस दर्ज किया गया। चाइल्ड वेलफेयर में दर्ज हुए बयान पुलिस ने बच्चे को बयान देने के लिए थाने बुलाया, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। उनका कहना था कि इतने छोटे बच्चों को थाने ले जाना ठीक नहीं है, खासकर ऐसे मामले में तो यह बिल्कुल उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के बयान किसी सुरक्षित और आरामदायक जगह पर लिए जाने चाहिए। इसके बाद 9 मार्च को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में बच्चों के बयान लिए गए और उनका मेडिकल भी हुआ। लेकिन यहां भी काम देरी से हुआ और कुछ चीजें सही तरीके से नहीं हो पाईं, जिससे शिकायत करने वाले लोग संतुष्ट नहीं थे। बार-बार नोटिस और दबाव के आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी बार-बार नोटिस भेजते रहे, लेकिन कई बार पहले से सही जानकारी या पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्हें बहुत कम समय में थाने या तय जगह पर आने के लिए कहा जाता था, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। यही नहीं, जब गवाहों के बयान लिए जा रहे थे, तब उनके कहे हुए शब्दों को बदलने या प्रभावित करने की कोशिश की गई। गवाहों को ऐसा महसूस हुआ कि उनके बयान को सही तरीके से नहीं लिखा जा रहा। इसी वजह से कुछ गवाहों ने अपने बयान देने से ही मना कर दिया। एकेडमी परिसर में प्रवेश पर विवाद परिवार में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस टीम बिना परमिशन के परिसर में अंदर आ गई। वहां दबाव बनाने की कोशिश की। शिकायतकर्तां के अनुसार, इस तरह बिना इजाजत आना और सख्त तरीके से पेश आना सही नहीं था, खासकर जहां बच्चे मौजूद हों। उन्होंने 11 मार्च की एक घटना को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि एक पुलिस अफसर हथियार के साथ एकेडमी परिसर में दाखिल हुआ, जहां उस समय नाबालिग बच्चे भी मौजूद थे। इस पर सवाल उठाए गए हैं कि ऐसे संवेदनशील माहौल में इस तरह का व्यवहार बच्चों को डराने वाला हो सकता है। FIR की कॉपी अब तक नहीं मिली 15 अप्रैल और 28 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और अन्य बड़े अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी। इसमें उन्होंने बताया कि केस की FIR की कॉपी उन्हें अभी तक नहीं दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने कई बार पुलिस से FIR की कॉपी मांगी। लिखित रूप में भी और मौखिक रूप से भी, लेकिन हर बार उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि FIR की कॉपी लेना उनका कानूनी अधिकार है, और इसे न देना नियमों के खिलाफ है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि FIR की कॉपी ही नहीं दी जा रही, तो इससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह की देरी और जानकारी न देना सही प्रक्रिया का पालन नहीं है। POCSO नियमों के उल्लंघन का आरोप उनका ये आरोप है कि जांच के दौरान POCSO एक्ट में जो नियम बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए गए हैं, उनका ठीक से पालन नहीं किया गया। इस कानून के तहत यह जरूरी होता है कि नाबालिग बच्चों से बहुत ही संवेदनशील और सुरक्षित माहौल में बात की जाए, ताकि उन्हें डर या दबाव महसूस न हो। मगर, बच्चों को बार-बार अलग-अलग जगहों पर बुलाया गया, उनसे कई बार बयान लेने की कोशिश की गई। यह पूरी प्रक्रिया उनके लिए आसान या आरामदायक नहीं थी। इससे बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा और वे तनाव में आ गए। अकादमी का कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की मानसिक स्थिति का खास ध्यान रखना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ, जिसकी वजह से पीड़ित बच्चों को बार-बार परेशानी और तनाव झेलना पड़ा। शिकायतकर्ता पीछे हटा, एकेडमी मालिक ने मोर्चा संभाला इस बीच मामले में एक बड़ा बदलाव सामने आया। शुरुआत में जो व्यक्ति इस केस में शिकायतकर्ता थे, उन्होंने 23 अप्रैल को खुद को इस मामले से अलग कर लिया। उन्होंने बताया कि लगातार यात्रा, समय की कमी और बार-बार पुलिस की ओर से संपर्क किए जाने के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी, इसलिए अब वे इस केस में आगे नहीं जुड़ पाएंगे।

IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े

IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े

सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। मौजूदा सीजन में 10वीं बार 200 या इससे ज्यादा का टारगेट चेज हुआ है। यह IPL के एक सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड है। पिछले सीजन में 9 बार 200 या इससे ज्यादा का टारगेट चेज हुआ था। वानखेड़े में रिकेल्टन ने 44 बॉल पर शतक लगाया। यह मुंबई के लिए सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है। मैच में नमन धीर ने ट्रेविस हेड के 3 कैच भी छोड़े। पढ़िए मुंबई-हैदराबाद मैच में बने ऐसे ही कुछ रिकॉर्ड और मोमेंट्स… सबसे पहले 7 रिकॉर्ड 1. हैदराबाद ने IPL का चौथा सबसे बड़ा रनचेज किया सनराइजर्स हैदराबाद ने मुंबई के खिलाफ 244 रन का टारगेट चेज किया। यह IPL इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रनचेज है। हाईएस्ट रनचेज का रिकॉर्ड पंजाब किंग्स के नाम है। उन्होंने इसी साल दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रनों टारगेट हासिल किया था। 2. IPL 2026 में टूटा 200+ रन चेज का रिकॉर्ड इस सीजन में अब तक 10 बार 200+ का टारगेट चेज हो चुका है, जो एक सीजन में सबसे ज्यादा है। पिछला रिकॉर्ड 2025 में बना था, जब 9 बार 200 से ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल किया गया था। 3. रिकेल्टन ने मुंबई के लिए सबसे तेज शतक जड़ा वानखेड़े स्टेडियम में रायन रिकेल्टन ने 44 गेंद पर शतक लगाया। यह मुंबई इंडियंस की ओर से सबसे तेज शतक है। रिकेल्टन ने सनथ जयसूर्या और तिलक वर्मा संयुक्त रिकॉर्ड को तोड़ा। दोनों ने 45-45 गेंदों में अपने शतक पूरे किए थे। जयसूर्या ने 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ, जबकि तिलक ने इसी साल गुजरात के खिलाफ शतक लगाया था। 4. MI ने सबसे ज्यादा 22 खिलाड़ी आजमाए IPL 2026 में मुंबई इंडियंस ने सही कॉम्बिनेशन की तलाश में सबसे ज्यादा प्रयोग किए हैं। टीम अब तक अपने स्क्वॉड के 22 खिलाड़ियों को मैदान पर उतार चुकी है, जो इस सीजन में किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा है। इस लिस्ट में 19-19 खिलाड़ियों के साथ चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। 5. रिकेल्टन ने जयसूर्या का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा रिकेल्टन ने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 123 रन बनाए। वे मुंबई इंडियंस के लिए एक पारी में सबसे ज्याद रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। रिकेल्टन ने सनथ जयसूर्या के 18 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। जयसूर्या ने 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ नाबाद 114* रन बनाए थे। इस लिस्ट में क्विंटन डिकॉक (112*) तीसरे और रोहित शर्मा (109*) चौथे स्थान पर हैं। 6. मुंबई इंडियंस का IPL में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 243/5 का स्कोर बनाया। जोकि IPL इतिहास में मुंबई का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ 2024 में बना 247/9 टीम का हाईएस्ट स्कोर है। 2024 में ही हैदराबाद के खिलाफ मुंबई ने 246/5 का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। 7. अभिषेक-हेड ने 6वीं बार शतकीय साझेदारी की हैदराबाद की ओपनर्स अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड ने मुंबई के खिलाफ 123 रन की ओपनिंग साझेदारी की। उन्होंने IPL में छठवीं बार पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। उन्होंने शिखर धवन और डेविड वॉर्नर के रिकॉर्ड की बराबरी की, जिसके नाम 6 शतकीय ओपनिंग साझेदारी का रिकॉर्ड है। यहां से टॉप-7 मोमेंट्स… 1. मुंबई इंडियंस काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरी सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर ग्राउंड पर उतरी। मैच से पहले फ्रेंचाइजी ने बताया कि सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य की बेटी का निधन हो गया है। टीम ने बयान में कहा- ‘टीम इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।’ 2. नीतीश रेड्डी ने पहली ही गेंद पर विकेट लिया सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाज नीतीश रेड्डी ने मैच में अपने स्पेल की शुरुआत विकेट के साथ की। उन्होंने पहली गेंद पर ही विल जैक्स को कैच आउट कराया। रेड्डी की सटीक लाइन और लेंथ ने बल्लेबाज को गलती करने पर मजबूर किया और टीम को सफलता दिलाई। इस विकेट के साथ ही उन्होंने मैच का रुख अपनी टीम की ओर मोड़ दिया। 3. रिकेल्टन ने सेंचुरी को अनोखे अंदाज में सेलिब्रेट किया 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर रिकेल्टन ने सिंगल लेकर IPL का अपना पहला शतक लगाया। इसके बाद उन्होंने अपना हेलमेट निकालकर बैट पर रखा और हवा में लहराया। 4. प्रफुल्ल ने हाथ से स्टंप गिराया, गेंद नीचे रह गई मुंबई की पारी के दौरान हैदराबाद के गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने अपनी गेंद पर ही रनआउट का मौका गंवा दिया। ओवर की चौथी गेंद उन्होंने रॉबिन मिंज को लो फुल टॉस डाली। गेंद बल्ले का अंदरूनी किनार लेकर पैड से टकराई और वहीं रुक गई। बल्लेबाज सिंगल के लिए दौड़े। प्रफुल्ल ने गेंद बिना कलेक्ट किए, हाथ से ही स्टंप बिखेर दी और रायन रिकेल्टन बाल-बाल बच गए। 5. नमन धीर ने ट्रैविस हेड के तीन कैच छोड़े हैदराबाद के ओपनर ट्रैविस हेड को मुंबई के खिलाफ जीवनदान मिले। दोनों ही मौकों पर फील्डर नमन धीर थे। पहला मौका तीसरे ओवर की पहली गेंद पर मिला। ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर नमन से बाउंड्री लाइन पर कैच छूट गया। 5वें ओवर में गजनफर की तीसरी गेंद पर नमन से फिर कैच छूटा और गेंद बाउंड्री लाइन के बाहर चार रन के लिए चली गई। 7वें ओवर में अश्वनी कुमार की तीसरी गेंद पर कैच छूटा। नमन गेंद लेकर बाउंड्री लाइन के बाहर चले गए और हेड को छक्का मिल गया। दो बार नमन बाउंड्री लाइन से काफी अंदर खड़े थे। 6. गजनफर ने लगातार गेंद पर अभिषेक-ईशान को आउट किया हैदराबाद की पारी के 9वें ओवर में मुंबई के गेंदबाज अल्लाह गजनफर ने 2 विकेट चटकाए। चौथी गेंद पर पहले उन्होंने अभिषेक शर्मा को ट्रेंट बोल्ट के हाथों कैच आउट कराया। इसके अगली ही गेंद पर गजनफर ने क्रीज पर आए ईशान किशन को क्लीन बोल्ड कर दिया। 7. सलील ने तीन बाउंड्री लगा हैदराबाद को जिताया दूसरी पारी के 19वें ओवर में हैदराबाद के

IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े

IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े

सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन का टारगेट 18.4 ओवर में चेज कर लिया। यह IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है। मौजूदा सीजन में 10वीं बार 200 या इससे ज्यादा का टारगेट चेज हुआ है। यह IPL के एक सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड है। पिछले सीजन में 9 बार 200 या इससे ज्यादा का टारगेट चेज हुआ था। वानखेड़े में रिकेल्टन ने 44 बॉल पर शतक लगाया। यह मुंबई के लिए सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है। मैच में नमन धीर ने ट्रेविस हेड के 3 कैच भी छोड़े। पढ़िए मुंबई-हैदराबाद मैच में बने ऐसे ही कुछ रिकॉर्ड और मोमेंट्स… सबसे पहले 7 रिकॉर्ड 1. हैदराबाद ने IPL का चौथा सबसे बड़ा रनचेज किया सनराइजर्स हैदराबाद ने मुंबई के खिलाफ 244 रन का टारगेट चेज किया। यह IPL इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रनचेज है। हाईएस्ट रनचेज का रिकॉर्ड पंजाब किंग्स के नाम है। उन्होंने इसी साल दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रनों टारगेट हासिल किया था। 2. IPL 2026 में टूटा 200+ रन चेज का रिकॉर्ड इस सीजन में अब तक 10 बार 200+ का टारगेट चेज हो चुका है, जो एक सीजन में सबसे ज्यादा है। पिछला रिकॉर्ड 2025 में बना था, जब 9 बार 200 से ज्यादा रन का लक्ष्य हासिल किया गया था। 3. रिकेल्टन ने मुंबई के लिए सबसे तेज शतक जड़ा वानखेड़े स्टेडियम में रायन रिकेल्टन ने 44 गेंद पर शतक लगाया। यह मुंबई इंडियंस की ओर से सबसे तेज शतक है। रिकेल्टन ने सनथ जयसूर्या और तिलक वर्मा संयुक्त रिकॉर्ड को तोड़ा। दोनों ने 45-45 गेंदों में अपने शतक पूरे किए थे। जयसूर्या ने 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ, जबकि तिलक ने इसी साल गुजरात के खिलाफ शतक लगाया था। 4. MI ने सबसे ज्यादा 22 खिलाड़ी आजमाए IPL 2026 में मुंबई इंडियंस ने सही कॉम्बिनेशन की तलाश में सबसे ज्यादा प्रयोग किए हैं। टीम अब तक अपने स्क्वॉड के 22 खिलाड़ियों को मैदान पर उतार चुकी है, जो इस सीजन में किसी भी टीम द्वारा सबसे ज्यादा है। इस लिस्ट में 19-19 खिलाड़ियों के साथ चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। 5. रिकेल्टन ने जयसूर्या का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा रिकेल्टन ने हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 123 रन बनाए। वे मुंबई इंडियंस के लिए एक पारी में सबसे ज्याद रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। रिकेल्टन ने सनथ जयसूर्या के 18 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा। जयसूर्या ने 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ नाबाद 114* रन बनाए थे। इस लिस्ट में क्विंटन डिकॉक (112*) तीसरे और रोहित शर्मा (109*) चौथे स्थान पर हैं। 6. मुंबई इंडियंस का IPL में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 243/5 का स्कोर बनाया। जोकि IPL इतिहास में मुंबई का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। दिल्ली के खिलाफ 2024 में बना 247/9 टीम का हाईएस्ट स्कोर है। 2024 में ही हैदराबाद के खिलाफ मुंबई ने 246/5 का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाया था। 7. अभिषेक-हेड ने 6वीं बार शतकीय साझेदारी की हैदराबाद की ओपनर्स अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड ने मुंबई के खिलाफ 123 रन की ओपनिंग साझेदारी की। उन्होंने IPL में छठवीं बार पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। उन्होंने शिखर धवन और डेविड वॉर्नर के रिकॉर्ड की बराबरी की, जिसके नाम 6 शतकीय ओपनिंग साझेदारी का रिकॉर्ड है। यहां से टॉप-7 मोमेंट्स… 1. मुंबई इंडियंस काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरी सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी काली पट्टी बांधकर ग्राउंड पर उतरी। मैच से पहले फ्रेंचाइजी ने बताया कि सपोर्ट स्टाफ के एक सदस्य की बेटी का निधन हो गया है। टीम ने बयान में कहा- ‘टीम इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।’ 2. नीतीश रेड्डी ने पहली ही गेंद पर विकेट लिया सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाज नीतीश रेड्डी ने मैच में अपने स्पेल की शुरुआत विकेट के साथ की। उन्होंने पहली गेंद पर ही विल जैक्स को कैच आउट कराया। रेड्डी की सटीक लाइन और लेंथ ने बल्लेबाज को गलती करने पर मजबूर किया और टीम को सफलता दिलाई। इस विकेट के साथ ही उन्होंने मैच का रुख अपनी टीम की ओर मोड़ दिया। 3. रिकेल्टन ने सेंचुरी को अनोखे अंदाज में सेलिब्रेट किया 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर रिकेल्टन ने सिंगल लेकर IPL का अपना पहला शतक लगाया। इसके बाद उन्होंने अपना हेलमेट निकालकर बैट पर रखा और हवा में लहराया। 4. प्रफुल्ल ने हाथ से स्टंप गिराया, गेंद नीचे रह गई मुंबई की पारी के दौरान हैदराबाद के गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने अपनी गेंद पर ही रनआउट का मौका गंवा दिया। ओवर की चौथी गेंद उन्होंने रॉबिन मिंज को लो फुल टॉस डाली। गेंद बल्ले का अंदरूनी किनार लेकर पैड से टकराई और वहीं रुक गई। बल्लेबाज सिंगल के लिए दौड़े। प्रफुल्ल ने गेंद बिना कलेक्ट किए, हाथ से ही स्टंप बिखेर दी और रायन रिकेल्टन बाल-बाल बच गए। 5. नमन धीर ने ट्रैविस हेड के तीन कैच छोड़े हैदराबाद के ओपनर ट्रैविस हेड को मुंबई के खिलाफ जीवनदान मिले। दोनों ही मौकों पर फील्डर नमन धीर थे। पहला मौका तीसरे ओवर की पहली गेंद पर मिला। ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर नमन से बाउंड्री लाइन पर कैच छूट गया। 5वें ओवर में गजनफर की तीसरी गेंद पर नमन से फिर कैच छूटा और गेंद बाउंड्री लाइन के बाहर चार रन के लिए चली गई। 7वें ओवर में अश्वनी कुमार की तीसरी गेंद पर कैच छूटा। नमन गेंद लेकर बाउंड्री लाइन के बाहर चले गए और हेड को छक्का मिल गया। दो बार नमन बाउंड्री लाइन से काफी अंदर खड़े थे। 6. गजनफर ने लगातार गेंद पर अभिषेक-ईशान को आउट किया हैदराबाद की पारी के 9वें ओवर में मुंबई के गेंदबाज अल्लाह गजनफर ने 2 विकेट चटकाए। चौथी गेंद पर पहले उन्होंने अभिषेक शर्मा को ट्रेंट बोल्ट के हाथों कैच आउट कराया। इसके अगली ही गेंद पर गजनफर ने क्रीज पर आए ईशान किशन को क्लीन बोल्ड कर दिया। 7. सलील ने तीन बाउंड्री लगा हैदराबाद को जिताया दूसरी पारी के 19वें ओवर में हैदराबाद के

विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनेगा:जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 3 गोल्ड जीते, 30 अप्रैल के करेंट अफेयर्स

विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनेगा:जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 3 गोल्ड जीते, 30 अप्रैल के करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इक्वाडोर की गैब्रिएला से मुलाकात की 29 अप्रैल को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इक्वाडोर की रक्षा मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की। गैब्रिएला 3 दिन की यात्रा पर भारत आईं हैं। 2. Google विशाखापत्तनम में देश का पहला AI हब बनाएगा 28 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने विशाखापत्तनम में Google AI हब की आधारशिला रखी। Google AI हब बनाने के लिए गूगल 2026 से 2030 तक 15 अरब डॉलर इंवेस्ट करेगा। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. UAE OPEC ऑर्गेनाइजेशन से अलग हुआ 28 अप्रैल को यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को कच्चे तेल का उत्पादन और निर्यात करने वाले देशों के ऑर्गेनाइजेशन ओपेक (OPEC) और ओपेक प्लस से अलग होने का ऐलान किया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 3 गोल्ड जीते 28 अप्रैल को कॉमनवेल्थ यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग में भारत ने 4 गोल्ड मेडल जीते। ये कॉमनवेल्थ गेम्स समोआ के अपिया में चल रहे हैं। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. विदेश मंत्रालय सचिव सिबी जॉर्ज ने चीन के जेनमिन से मुलाकात की 28 अप्रैल को विदेश मंत्रालय में सचिव (साउथ) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में क्लाइमेट चेंज के लिए चीन के विशेष दूत लियू जेनमिन से मुलाकात की। भारत ने हाल ही में 2031-2035 के लिए अपने नए क्लाइमेट टारगेट (NDCs) तय किए हैं, इसमें भारत ने अपनी विकास की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाते हुए ये लक्ष्य रखे हैं। आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. गंगा एक्सप्रेसवे का आज उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी:चंद्रकांता एक्टर भरत कपूर का निधन, 29 अप्रैल करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं…पूरी खबर पढ़ें

छिंदवाड़ा में मंडप में हाई-वोल्टेज ड्रामा:दुल्हन ने दूल्हे की जगह प्रेमी को पहनाई वरमाला, बारात खाली हाथ लौटी

छिंदवाड़ा में मंडप में हाई-वोल्टेज ड्रामा:दुल्हन ने दूल्हे की जगह प्रेमी को पहनाई वरमाला, बारात खाली हाथ लौटी

छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ में एक शादी समारोह के दौरान दुल्हन ने भरे मंडप में दूल्हे की जगह अपने प्रेमी के गले में वरमाला डाल दी। घटना 27-28 अप्रैल की दरमियानी रात की बताई जा रही है। मंगलवार को इस मामले की शिकायत उमरेठ थाने में दर्ज कराई गई, जिसके बाद बुधवार को मामला सुर्खियों में आया। जानकारी के मुताबिक, परासिया से बारात उमरेठ थाना क्षेत्र के मुजावर गांव पहुंची थी। शादी की सभी रस्में धूमधाम से चल रही थीं। बारात का स्वागत हुआ, आतिशबाजी हुई और मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी शुरू हो गई थी। इसी बीच वरमाला की रस्म के लिए मंच तैयार किया गया और दूल्हा मंच पर पहुंच गया। जैसे ही दुल्हन को मंच पर लाया गया, उसने अचानक पंडाल में मौजूद एक युवक के गले में वरमाला डाल दी और उससे लिपट गई। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। दुल्हन के परिजनों ने युवक की पिटाई कर दी और उसे पंडाल से बाहर भगा दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर विवाद और मारपीट की स्थिति बन गई। दूल्हे ने किया शादी से इनकार इस घटनाक्रम के बाद दूल्हे ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। बारात बिना विवाह के ही वापस लौट गई। दूल्हा पक्ष ने उमरेठ थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि युवती और युवक के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। परिवार के दबाव में युवती शादी के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन शादी के दिन उसने यह कदम उठा लिया। लेन-देन की वस्तुएं लौटाईं घटना के बाद दूल्हा पक्ष द्वारा दिए गए गहने, अंगूठी और मोबाइल भी वापस ले लिए गए। इस पूरे मामले में दूल्हा पक्ष ने आर्थिक नुकसान और सामाजिक मान-सम्मान को ठेस पहुंचने की बात कही है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।