Thursday, 30 Apr 2026 | 06:57 AM

Trending :

गुरुवार को महाकाल के भस्म आरती दर्शन:बाबा के मस्तक पर रजत चंद्र भांग चन्दन और रुद्राक्ष की माला अर्पित कर किया श्रृंगार अमेरिका ने ईरान युद्ध पर 25 अरब डॉलर खर्च किए:ईरान बोला- जंग किसी समस्या का समाधान नहीं, बातचीत ही एकमात्र रास्ता 500 रुपये किलो बिक रहा झारखंड का ये फूल, जोड़ों के दर्द और डायबिटीज का है रामबाण, यहां साग बनाकर खा रहे हैं लोग कटनी में जनऔषधि केंद्र प्लेटफार्म से दूर:साइन बोर्ड नहीं रहने से यात्रियों को नहीं मिल पा रहा सस्ती दवाओं का लाभ गाय-बछड़ा चुराने वाले तीन गिरफ्तार परमवीर ने ‘मर्दानी3’ और ‘धुरंधर’ का ऑफर ठुकरा दिया था:बोले- सही वक्त नहीं था, सीरीज की स्टारकास्ट बोली- सपना टूटना मरने जैसा है
EXCLUSIVE

चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल प्लेयर का यौन उत्पीड़न:भरे स्टेडियम में नामी कोच ने पीछे से अंगुली डाली; अफसर जांच करने हथियार लेकर एकेडमी में घुसा

चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल प्लेयर का यौन उत्पीड़न:भरे स्टेडियम में नामी कोच ने पीछे से अंगुली डाली; अफसर जांच करने हथियार लेकर एकेडमी में घुसा

चंडीगढ़ में एक नाबालिग फुटबॉल प्लेयर से भरे स्टेडियम में यौन उत्पीड़न हुआ। यौन उत्पीड़न करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक नामी फुटबॉल कोच है। प्लेयर का कहना है कि टूर्नामेंट के दौरान 2 टीमों में झगड़ा हुआ। इसी दौरान कोच ने उसके पीछे अंगुली डाल दी। इस मामले में पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद केस दर्ज किया लेकिन आरोपी कोच को अभी तक अरेस्ट नहीं किया। फुटबॉल प्लेयर की तरफ से इस बारे में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और चीफ सेक्रेटरी को शिकायत भेजी गई है। जिसमें उन्होंने कहा कहा कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय गवाहों और शिकायत करने वालों को धमका रही है। उन पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें FIR की कॉपी तक नहीं दी जा रही। यही नहीं, बार-बार नोटिस भेज परेशान किया जा रहा। पुलिस की टीमें सीधे एकेडमी के अंदर आकर दहशत का माहौल बना रही हैं। एक अफसर तो हथियार लेकर ही घुस आया। जिससे बच्चे सहम गए। जानिए, कैसे हुई पूरी घटना
गवर्नर को भेजी शिकायत में करीब 15 साल के प्लेयर के वकील ने बताया- इसी साल जनवरी के आखिरी हफ्ते में चंडीगढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में फुटबॉल का टूर्नामेंट था। जहां कई टीमें अलग-अलग स्कूल और एकेडमी से हिस्सा लेने आई हुई थीं। इस दौरान एक मैच में 2 टीमों के बीच विवाद हो गया था। दोनों टीमें आपस में उलझ गईं। इस दौरान नाबालिग खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि उसके पीछे में अंगुली डाली गई। उससे वह काफी डर गया। इसके बावजूद उसने यह बात अपने सीनियर व कोच को बताई कि ग्राउंड में लड़ाई के दौरान उसके साथ यह घटना हुई। इसके बाद उसने पहले 28 जनवरी को POCSO ई-बॉक्स और ई-बाल निदान पोर्टल पर शिकायत की गई। इसके अगले दिन 29 जनवरी को चंडीगढ़ पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया। इसके बावजूद FIR दर्ज होने में लगभग डेढ़ महीने लग गए और आखिरकार 12 मार्च 2026 को केस दर्ज किया गया। चाइल्ड वेलफेयर में दर्ज हुए बयान
पुलिस ने बच्चे को बयान देने के लिए थाने बुलाया, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। उनका कहना था कि इतने छोटे बच्चों को थाने ले जाना ठीक नहीं है, खासकर ऐसे मामले में तो यह बिल्कुल उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के बयान किसी सुरक्षित और आरामदायक जगह पर लिए जाने चाहिए। इसके बाद 9 मार्च को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में बच्चों के बयान लिए गए और उनका मेडिकल भी हुआ। लेकिन यहां भी काम देरी से हुआ और कुछ चीजें सही तरीके से नहीं हो पाईं, जिससे शिकायत करने वाले लोग संतुष्ट नहीं थे। बार-बार नोटिस और दबाव के आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी बार-बार नोटिस भेजते रहे, लेकिन कई बार पहले से सही जानकारी या पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्हें बहुत कम समय में थाने या तय जगह पर आने के लिए कहा जाता था, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। यही नहीं, जब गवाहों के बयान लिए जा रहे थे, तब उनके कहे हुए शब्दों को बदलने या प्रभावित करने की कोशिश की गई। गवाहों को ऐसा महसूस हुआ कि उनके बयान को सही तरीके से नहीं लिखा जा रहा। इसी वजह से कुछ गवाहों ने अपने बयान देने से ही मना कर दिया। एकेडमी परिसर में प्रवेश पर विवाद
परिवार में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस टीम बिना परमिशन के परिसर में अंदर आ गई। वहां दबाव बनाने की कोशिश की। शिकायतकर्तां के अनुसार, इस तरह बिना इजाजत आना और सख्त तरीके से पेश आना सही नहीं था, खासकर जहां बच्चे मौजूद हों। उन्होंने 11 मार्च की एक घटना को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि एक पुलिस अफसर हथियार के साथ एकेडमी परिसर में दाखिल हुआ, जहां उस समय नाबालिग बच्चे भी मौजूद थे। इस पर सवाल उठाए गए हैं कि ऐसे संवेदनशील माहौल में इस तरह का व्यवहार बच्चों को डराने वाला हो सकता है। FIR की कॉपी अब तक नहीं मिली
15 अप्रैल और 28 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और अन्य बड़े अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी। इसमें उन्होंने बताया कि केस की FIR की कॉपी उन्हें अभी तक नहीं दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने कई बार पुलिस से FIR की कॉपी मांगी। लिखित रूप में भी और मौखिक रूप से भी, लेकिन हर बार उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि FIR की कॉपी लेना उनका कानूनी अधिकार है, और इसे न देना नियमों के खिलाफ है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि FIR की कॉपी ही नहीं दी जा रही, तो इससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह की देरी और जानकारी न देना सही प्रक्रिया का पालन नहीं है। POCSO नियमों के उल्लंघन का आरोप
उनका ये आरोप है कि जांच के दौरान POCSO एक्ट में जो नियम बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए गए हैं, उनका ठीक से पालन नहीं किया गया। इस कानून के तहत यह जरूरी होता है कि नाबालिग बच्चों से बहुत ही संवेदनशील और सुरक्षित माहौल में बात की जाए, ताकि उन्हें डर या दबाव महसूस न हो। मगर, बच्चों को बार-बार अलग-अलग जगहों पर बुलाया गया, उनसे कई बार बयान लेने की कोशिश की गई। यह पूरी प्रक्रिया उनके लिए आसान या आरामदायक नहीं थी। इससे बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा और वे तनाव में आ गए। अकादमी का कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की मानसिक स्थिति का खास ध्यान रखना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ, जिसकी वजह से पीड़ित बच्चों को बार-बार परेशानी और तनाव झेलना पड़ा। शिकायतकर्ता पीछे हटा, एकेडमी मालिक ने मोर्चा संभाला
इस बीच मामले में एक बड़ा बदलाव सामने आया। शुरुआत में जो व्यक्ति इस केस में शिकायतकर्ता थे, उन्होंने 23 अप्रैल को खुद को इस मामले से अलग कर लिया। उन्होंने बताया कि लगातार यात्रा, समय की कमी और बार-बार पुलिस की ओर से संपर्क किए जाने के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी, इसलिए अब वे इस केस में आगे नहीं जुड़ पाएंगे। इसके बाद एकेडमी के मालिक ने खुद आगे आकर जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि अब वे ही इस मामले में एकेडमी की ओर से प्रतिनिधित्व करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे घटना के समय मौजूद थे और मामले की पूरी जानकारी रखते हैं, इसलिए जांच में पूरा सहयोग करेंगे। चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में क्या कहा
चंडीगढ़ के पुलिस थाना-39 के SHO इंस्पेक्टर शादीलाल ने बताया कि मामले में POCSO के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, पेरेंटस को कॉपी प्रोवाइड करवा दी गई है। उन्होंने माना कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Air India Flights Costlier From April 8, 2026

April 7, 2026/
1:33 pm

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अपने फ्यूल सरचार्ज को बढ़ा...

शराबी पिता ने 4 वर्षीय बेटे के पीटा, मौत:छतरपुर में लाठी से किया था वार; भोपाल में 5 दिन इलाज के बाद मौत; आरोपी गिरफ्तार

April 5, 2026/
9:38 pm

छतरपुर जिले के बड़ा मलहरा अनुभाग के ग्राम ढाड़ोरा में घरेलू विवाद के दौरान पिता की मारपीट में 4 वर्षीय...

पश्चिम बंगाल चुनाव: पीएम मोदी से मिथुन मित्र और हेमा मालिनी तक...बीजेपी ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट

April 5, 2026/
8:58 pm

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर विशेष सरकारें तेजी से उभरी हैं। राजनीतिक ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी...

थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ ऑनलाइन लीक:पूजा हेगड़े ने पाइरेसी के खिलाफ सख्त संदेश दिया, बोलीं- फिल्म हजारों लोगों मेहनत नतीजा, बड़े पर्दे पर देखें

April 11, 2026/
6:12 pm

तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ ऑनलाइन लीक होने के बाद इंडस्ट्री में चिंता बढ़ी है। फिल्म...

Tigress P-142 & Cubs Playful Moments

April 13, 2026/
11:43 am

पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता परिक्षेत्र में सोमवार को पर्यटकों को बाघिन P-142 अपने दो शावकों के साथ दिखी। जंगल...

सोने ₹56 रुपए घटा, 10 ग्राम की कीमत ₹1.39 लाख:चांदी में ₹1 हजार रुपए की तेजी, दाम 2.20 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंचे

March 24, 2026/
12:34 pm

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को मामूली उतार-चढ़ाव है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक,...

खमीरी रोटी रेसिपी: घर पर असली मुगलई मिर्ची रोटी, स्वाद ऐसा कि भूल जाएंगे तंदूरी रोटी, नोट करें रेसिपी

March 26, 2026/
9:47 pm

खमीरी रोटी रेसिपी: मुगलई कैसली रोटी खाक सब्सट्रेट पर पाई जाती है। इसे अब आप आसानी से घर पर भी...

जोमैटो से खाना मंगवाना ₹2.40 महंगा हुआ:प्लेटफॉर्म फीस 19% बढ़ाई, अब ₹14.90; कच्चे तेल के दाम बढ़ने का असर

March 20, 2026/
3:59 pm

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना ऑर्डर करने पर अब आपको ₹2.40 ज्यादा देनें होंगे। कंपनी ने शुक्रवार सेऑर्डर पर...

राजनीति

चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल प्लेयर का यौन उत्पीड़न:भरे स्टेडियम में नामी कोच ने पीछे से अंगुली डाली; अफसर जांच करने हथियार लेकर एकेडमी में घुसा

चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल प्लेयर का यौन उत्पीड़न:भरे स्टेडियम में नामी कोच ने पीछे से अंगुली डाली; अफसर जांच करने हथियार लेकर एकेडमी में घुसा

चंडीगढ़ में एक नाबालिग फुटबॉल प्लेयर से भरे स्टेडियम में यौन उत्पीड़न हुआ। यौन उत्पीड़न करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक नामी फुटबॉल कोच है। प्लेयर का कहना है कि टूर्नामेंट के दौरान 2 टीमों में झगड़ा हुआ। इसी दौरान कोच ने उसके पीछे अंगुली डाल दी। इस मामले में पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद केस दर्ज किया लेकिन आरोपी कोच को अभी तक अरेस्ट नहीं किया। फुटबॉल प्लेयर की तरफ से इस बारे में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और चीफ सेक्रेटरी को शिकायत भेजी गई है। जिसमें उन्होंने कहा कहा कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय गवाहों और शिकायत करने वालों को धमका रही है। उन पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें FIR की कॉपी तक नहीं दी जा रही। यही नहीं, बार-बार नोटिस भेज परेशान किया जा रहा। पुलिस की टीमें सीधे एकेडमी के अंदर आकर दहशत का माहौल बना रही हैं। एक अफसर तो हथियार लेकर ही घुस आया। जिससे बच्चे सहम गए। जानिए, कैसे हुई पूरी घटना
गवर्नर को भेजी शिकायत में करीब 15 साल के प्लेयर के वकील ने बताया- इसी साल जनवरी के आखिरी हफ्ते में चंडीगढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में फुटबॉल का टूर्नामेंट था। जहां कई टीमें अलग-अलग स्कूल और एकेडमी से हिस्सा लेने आई हुई थीं। इस दौरान एक मैच में 2 टीमों के बीच विवाद हो गया था। दोनों टीमें आपस में उलझ गईं। इस दौरान नाबालिग खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि उसके पीछे में अंगुली डाली गई। उससे वह काफी डर गया। इसके बावजूद उसने यह बात अपने सीनियर व कोच को बताई कि ग्राउंड में लड़ाई के दौरान उसके साथ यह घटना हुई। इसके बाद उसने पहले 28 जनवरी को POCSO ई-बॉक्स और ई-बाल निदान पोर्टल पर शिकायत की गई। इसके अगले दिन 29 जनवरी को चंडीगढ़ पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया। इसके बावजूद FIR दर्ज होने में लगभग डेढ़ महीने लग गए और आखिरकार 12 मार्च 2026 को केस दर्ज किया गया। चाइल्ड वेलफेयर में दर्ज हुए बयान
पुलिस ने बच्चे को बयान देने के लिए थाने बुलाया, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। उनका कहना था कि इतने छोटे बच्चों को थाने ले जाना ठीक नहीं है, खासकर ऐसे मामले में तो यह बिल्कुल उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के बयान किसी सुरक्षित और आरामदायक जगह पर लिए जाने चाहिए। इसके बाद 9 मार्च को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में बच्चों के बयान लिए गए और उनका मेडिकल भी हुआ। लेकिन यहां भी काम देरी से हुआ और कुछ चीजें सही तरीके से नहीं हो पाईं, जिससे शिकायत करने वाले लोग संतुष्ट नहीं थे। बार-बार नोटिस और दबाव के आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी बार-बार नोटिस भेजते रहे, लेकिन कई बार पहले से सही जानकारी या पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्हें बहुत कम समय में थाने या तय जगह पर आने के लिए कहा जाता था, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। यही नहीं, जब गवाहों के बयान लिए जा रहे थे, तब उनके कहे हुए शब्दों को बदलने या प्रभावित करने की कोशिश की गई। गवाहों को ऐसा महसूस हुआ कि उनके बयान को सही तरीके से नहीं लिखा जा रहा। इसी वजह से कुछ गवाहों ने अपने बयान देने से ही मना कर दिया। एकेडमी परिसर में प्रवेश पर विवाद
परिवार में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस टीम बिना परमिशन के परिसर में अंदर आ गई। वहां दबाव बनाने की कोशिश की। शिकायतकर्तां के अनुसार, इस तरह बिना इजाजत आना और सख्त तरीके से पेश आना सही नहीं था, खासकर जहां बच्चे मौजूद हों। उन्होंने 11 मार्च की एक घटना को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि एक पुलिस अफसर हथियार के साथ एकेडमी परिसर में दाखिल हुआ, जहां उस समय नाबालिग बच्चे भी मौजूद थे। इस पर सवाल उठाए गए हैं कि ऐसे संवेदनशील माहौल में इस तरह का व्यवहार बच्चों को डराने वाला हो सकता है। FIR की कॉपी अब तक नहीं मिली
15 अप्रैल और 28 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और अन्य बड़े अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी। इसमें उन्होंने बताया कि केस की FIR की कॉपी उन्हें अभी तक नहीं दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने कई बार पुलिस से FIR की कॉपी मांगी। लिखित रूप में भी और मौखिक रूप से भी, लेकिन हर बार उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि FIR की कॉपी लेना उनका कानूनी अधिकार है, और इसे न देना नियमों के खिलाफ है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि FIR की कॉपी ही नहीं दी जा रही, तो इससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह की देरी और जानकारी न देना सही प्रक्रिया का पालन नहीं है। POCSO नियमों के उल्लंघन का आरोप
उनका ये आरोप है कि जांच के दौरान POCSO एक्ट में जो नियम बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए गए हैं, उनका ठीक से पालन नहीं किया गया। इस कानून के तहत यह जरूरी होता है कि नाबालिग बच्चों से बहुत ही संवेदनशील और सुरक्षित माहौल में बात की जाए, ताकि उन्हें डर या दबाव महसूस न हो। मगर, बच्चों को बार-बार अलग-अलग जगहों पर बुलाया गया, उनसे कई बार बयान लेने की कोशिश की गई। यह पूरी प्रक्रिया उनके लिए आसान या आरामदायक नहीं थी। इससे बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा और वे तनाव में आ गए। अकादमी का कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की मानसिक स्थिति का खास ध्यान रखना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ, जिसकी वजह से पीड़ित बच्चों को बार-बार परेशानी और तनाव झेलना पड़ा। शिकायतकर्ता पीछे हटा, एकेडमी मालिक ने मोर्चा संभाला
इस बीच मामले में एक बड़ा बदलाव सामने आया। शुरुआत में जो व्यक्ति इस केस में शिकायतकर्ता थे, उन्होंने 23 अप्रैल को खुद को इस मामले से अलग कर लिया। उन्होंने बताया कि लगातार यात्रा, समय की कमी और बार-बार पुलिस की ओर से संपर्क किए जाने के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी, इसलिए अब वे इस केस में आगे नहीं जुड़ पाएंगे। इसके बाद एकेडमी के मालिक ने खुद आगे आकर जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि अब वे ही इस मामले में एकेडमी की ओर से प्रतिनिधित्व करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे घटना के समय मौजूद थे और मामले की पूरी जानकारी रखते हैं, इसलिए जांच में पूरा सहयोग करेंगे। चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में क्या कहा
चंडीगढ़ के पुलिस थाना-39 के SHO इंस्पेक्टर शादीलाल ने बताया कि मामले में POCSO के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, पेरेंटस को कॉपी प्रोवाइड करवा दी गई है। उन्होंने माना कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.