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बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया:युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया

बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया:युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया

कर्नाटक के बेंगलुरु में पुलिस ने एक युवती को बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, युवती ने सरप्राइज देने का झांसा देकर युवक की आंखों पर पट्टी बांधी। फिर कुर्सी पर बैठाकर रस्सी से हाथ-पैर बांधकर जिंदा जला दिया। युवती ने बॉयफ्रेंड की मौत का वीडियो भी बनाया। आरोपी प्रेमा और मृतक किरण, दोनों 27 साल के थे। दोनों शहर के राजाजीनगर में एक टेलीकॉम कंपनी में साथ काम करते थे और करीब दो साल से रिलेशनशिप में थे। घटना शहर के ब्यादरहल्ली इलाके में प्रेमा के घर पर दोपहर करीब 2 बजे हुई। प्रेमा के परिवार के लोग घर पर नहीं थे। इसी का फायदा उठाकर उसने किरण को अपने घर बुलाया था। किरण तुमकुरु जिले के चिक्कनायकनहल्ली का रहने वाला था। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस बुलाई नॉर्थ-वेस्ट के डीसीपी नागेश डीएल के अनुसार, प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आरोपी युवती ने रोमांटिक मीटिंग के बहाने युवक को बांधा। कुछ ही मिनट बाद उसपर केरोसिन या पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को छुड़ा न पाने के कारण किरण की मौके पर ही मौत हो गई। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या मान लिया था, लेकिन जांच में कई गड़बड़ियां सामने आने पर मामला हत्या का निकला। प्रेमा ने कहा था- किरण ने खुद ही आग लगाई थी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेमा ने अपने शुरुआती बयान में दावा किया था कि किरण ने खुद को आग लगा ली थी। प्रेमा ने कहा कि घटना के समय वह बाथरूम में थी। चीखें सुनकर बाहर आई तो किरण को आग में जला हुआ पाया। हालांकि जांच के दौरान पता चला कि किरण अपने साथ कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं लाया था। पुलिस के अनुसार, ज्वलनशील पदार्थ पहले से खरीदा गया था, जिससे हत्या की प्री-प्लानिंग का शक मजबूत हुआ है। शादी करने से इनकार करने पर नाराज थी प्रेमा पूछताछ के दौरान प्रेमा बार-बार बयान बदल रही थी लेकिन बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा था। इसके कारण हाल के दिनों में दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। प्रेमा इस बात से भी नाराज थी कि किरण ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने प्रेमा का मोबाइल जब्त किया है, जिसमें घटना का वीडियो मौजूद है। फिलहाल पुलिस पीड़ित के परिवार की औपचारिक शिकायत का इंतजार कर रही है।

रसगुल्ला खाते-खाते 35 साल के शख्स को मार दिया लकवा, पर ऐसा हुआ क्यों? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का खौफनाक सच

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Last Updated:April 22, 2026, 15:34 IST Paralysed After Eating Rasgullas : हैदराबाद में 35 साल के एक शख्स को रसगुल्ला खाते समय अचानक लकवा मार दिया. उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर रसगुल्ला खाने से किसी को लकवा कैसे मार सकता है. यही सवाल हमने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है और इसके कारण होते हैं लेकिन यह सबको नहीं होता. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. डॉ. प्रवीण गुप्ता बता रहे हैं रसगुल्ला और लकवे का कनेक्शन. क्या कोई कल्पना कर सकता है कि रसगुल्ला खाते-खाते किसी को लकवा मार दे. शायद ही कोई इस पर यकीन करे लेकिन एक डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर सच में ऐसे वाकये के बारे में बताया है. उन्होंने बताया है कि 35 साल का एक शख्स पहले की तरह रसगुल्ला खा रहा था. जैसे ही उसने 5-6 रसगुल्ले खाएए उसके बाद अचानक उनके हाथ-पैरों से ताकत गायब होने लगी. पहले तो उसे कुछ समझ में नहीं आया लेकिन कुछ ही समय बाद उसे हाथ और पैरों में पूरी तरह से ताकत लगनी बंद हो गई. इसके बाद अस्पताल जाना पड़ा. डॉक्टर ने लिखा है कि मरीज को कोई फूड प्वाइजनिंग नहीं हुआ क्योंकि रसगुल्ले एकदम ताजे थे. फिर ऐसा क्या हुआ कि उसे लकवा मार दिया. क्यों होता है ऐसा जब यही सवाल मैंने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल संभव है. लेकिन ऐसा नहीं है कि रसगुल्ला खाने से किसी को भी यह बीमारी हो सकती है. यह एक स्थिति है जो कुछ लोगों में हो सकती है. इस बीमारी को मेडिकल भाषा में हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस कहा जाता है. यह एक रेयर जेनेटिक कंडीशन है जो बचपन से लेकर जवानी तक किसी भी उम्र में शुरू हो सकती है. डॉ. प्रवीण गु्प्ता ने बताया कि हाइपोकैलमिया का मतलब है कि खून में पौटाशियम का लेवल बहुत कम हो जाना. वास्तव में जब कोई ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाता है तो उसमें इस कार्बोहाइड्रैट को एनर्जी में बदलने के लिए इंसुलिन हार्मोन तेजी से निकलता है. पर जिस व्यक्ति में हाइपोकैलमिया की स्थिति होती है उसमें इंसुलिन ज्यादा बनने पर पोटैशियम को खून से निकाल देता है और कोशिकाओं के अंदर भर देता है. पोटैशियम हमारी जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है. पोटैशियम हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का काम करता है. यानी यह दिमाग से शरीर में इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजने में मदद करता है. जब पोटैशियम की कमी हो जाती है तो नर्व से मसल्स तक सिग्नल ट्रांसफर नहीं हो पाता है. इससे मसल्स काम करना बंद कर देता है और हाथ-पैर हिलते-डुलते नहीं है. जिस व्यक्ति में यह बीमारी होती है, उसे यह बार बार यह होता है. पोटैशियम की कमी होने पर हार्ट रेट पर कम हो सकता है. इस कारण हार्ट स्लो हो जाता है. अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो इससे कार्डिएक अरेस्ट का भी खतरा बढ़ सकता है. इस बीमारी की पहचान कैसे करें डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि आमतौर पर इस बीमारी में हाथ-पैर बहुत कमजोर होकर काम करना बंद कर देते हैं. यह अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे भी हो सकता है. कभी-कभार लक्षण बहुत कम होते हैं तो लोग ध्यान नहीं देते लेकिन यह बार-बार होता है इसलिए बाद में मरीज को पता चल ही जाता है. इस बीमारी में जब अटैक आता है तो उससे पहले मूड चेंज होने लगता है. हाथ-पैर में ऐसा लगता है कि सूई चुभ रही है. इसके साथ ही थकान होने लगती है. किस स्थिति में अटैक का खतरा जिस व्यक्ति को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस की बीमारी है उनमें कभी-कभी बहुत हार्ड एक्सरसाइज करने के बाद भी अटैक हो सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को हार्ड एक्सरसाइज से बचना चाहिए. इसके अलावा बहुत ज्यादा ओवरइटिंग, ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाने, ज्यादा नमक खाने, शराब पीने आदि से भी अटैक आ सकता है. वहीं ज्यादा सर्दी लग जाए तो भी इस बीमारी का अटैक हो सकता है. जिन लोगों को किडनी की बीमारी रीनल ट्यूबलर एडिसोसिस होती है, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है. इस बीमारी का इलाज क्या है डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि पैरालाइसिस अटैक के बाद मरीज को तुरंत अस्पताल में लाना चाहिए. न्यूरोलॉजिस्ट कुछ टेस्ट लिखते हैं. इसके बाद अगर यह साबित हो जाता है कि मरीज को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस है तो उसे पोटैशियम बढ़ाने वाली दवाई दी जाती है. इससे धीरे-धीरे पैरालाइसिस ठीक हो जाती है. ऐसे मरीजों को हाई पोटैशियम डाइट लेने की सलाह दी जाती है. मसूर की दाल, एवोकाडो, आलू, केला, दूध, पालक, चिकन ब्रेस्ट, मछली, फूलगोभी आदि में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए इन चीजों को मरीज को सेवन करना चाहिए. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 15:34 IST

‘सबसे कठिन लड़ाइयों में से एक लड़ना’: केजरीवाल ने ममता को फोन किया, बंगाल में मतदान से पहले समर्थन बढ़ाया | राजनीति समाचार

UP Board Results 2026 Date And Time Out: UPMSP 10th, 12th Results shortly at upmsp.edu.in. (File/Representative)

आखरी अपडेट:22 अप्रैल, 2026, 14:43 IST 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (फोटो क्रेडिट: AAP) आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फोन किया और राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले अपना समर्थन दिया। 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, केजरीवाल ने ममता बनर्जी को अपना समर्थन देते हुए कहा कि वह “सबसे कठिन लड़ाई में से एक” लड़ रही हैं। अभी ममता दीदी से फोन पर बात हुई. पूरी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया. वह सबसे कठिन लड़ाइयों में से एक लड़ रही है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण लड़ाइयों में से एक है। सीईसी सहित सभी संस्थानों का दुरुपयोग करने के बावजूद मोदी जी हारेंगे- अरविंद केजरीवाल (@ArvindKejriwal) 22 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा, “ममता दीदी से अभी फोन पर बात हुई। पूरी एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया। वह सबसे कठिन लड़ाई लड़ रही हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई भी है। सीईसी समेत सभी संस्थानों का दुरुपयोग करने के बावजूद मोदी जी हारेंगे।” सीईसी ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान का वादा किया चूंकि पश्चिम बंगाल में कल, 23 ​​अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आश्वासन दिया कि भारत का चुनाव आयोग (ईसीआई) यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा कि बंगाल में मतदान स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो। चुनाव अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान, सीईसी कुमार ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में होंगे, और प्रक्रिया भय, हिंसा और धमकी से मुक्त होनी चाहिए। पश्चिम बंगाल लोक भवन ने मंगलवार से 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की, जिसमें लोगों से राज्य में विधानसभा चुनाव से संबंधित शिकायतें दर्ज करने के लिए इस सेवा का उपयोग करने का आग्रह किया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 22 अप्रैल, 2026, 14:43 IST समाचार राजनीति ‘सबसे कठिन लड़ाई में से एक लड़ना’: केजरीवाल ने ममता को फोन किया, बंगाल में मतदान से पहले समर्थन बढ़ाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)अरविंद केजरीवाल समर्थन(टी)ममता बनर्जी चुनाव(टी)आम आदमी पार्टी आप(टी)भारतीय लोकतंत्र की लड़ाई(टी)मोदी ने संस्थानों का दुरुपयोग किया(टी)पश्चिम बंगाल मतदान चरण(टी)मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

करण वाही ने नॉनवेज छोड़ा और पहनी तुलसी की माला:कहा- बीमारी से थे परेशान; प्रेमानंद महाराज के वीडियो देख मुझमें बदलाव आया

करण वाही ने नॉनवेज छोड़ा और पहनी तुलसी की माला:कहा- बीमारी से थे परेशान; प्रेमानंद महाराज के वीडियो देख मुझमें बदलाव आया

टीवी एक्टर करण वाही इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी लाइफस्टाइल में आए बड़े बदलावों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में पहुंचे करण ने अपनी स्पिरिचुअल जर्नी का खुलासा किया। एक्टर ने बताया कि उन्होंने तुलसी की माला धारण कर ली है और पिछले 3 महीनों से नॉनवेज खाना पूरी तरह छोड़ दिया है। करण ने यह भी बताया कि वे एक गंभीर स्किन प्रॉब्लम से जूझ रहे थे, जिससे अब उन्हें राहत मिली है। वृंदावन की तुलसी माला और भक्ति का असर करण ने बताया कि वे कुछ समय के लिए आध्यात्मिकता से दूर हो गए थे, लेकिन पिछले 5 महीने उनके लिए बहुत अच्छे रहे। वे वृंदावन से तुलसी की माला लेकर आए और उसे धारण किया। करण के मुताबिक, नीम करोली बाबा और प्रेमानंद महाराज के वीडियोज ने उनके जीवन पर गहरा असर डाला है। एक्टर ने कहा, मैंने जिंदगी में कभी नहीं सोचा था कि मैं वेजिटेरियन हो जाऊंगा, लेकिन अब कंठी माला पहनने के बाद सब बहुत शांति भरा लगता है। हुई खतरनाक स्किन की बीमारी एक्टर ने अपनी बीमारी के बारे में बताते हुए सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा, मेरा शरीर अंदर से सूखने लगा था, आधा शरीर ड्राई हो जाता था। खुजली करने पर स्किन फट जाती थी और खून निकलने लगता था। सुबह उठकर जब मैं बेडशीट देखता था तो वह खून के धब्बों से लाल होती थी। उसे देखकर मैं डर जाता था। एक्टर के मुताबिक, अब लाइफस्टाइल और खान-पान बदलने के बाद उन्हें इस शारीरिक तकलीफ से काफी आराम मिला है। जेनिफर विंगेट संग सगाई की खबरें गलत अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी करण ने कई अफवाहों पर विराम लगाया। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर करण वाही और एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट की सगाई की खबरें थीं। इस पर एक्टर ने कहा कि ये सारी खबरें गलत हैं और उन्हें नहीं पता कि ये अटकलें कहां से शुरू हुईं। बता दें कि करण और जेनिफर एक दशक से भी ज्यादा समय से पक्के दोस्त हैं। दोनों ने मशहूर शो ‘दिल मिल गए’ में साथ काम किया था। टीवी से ओटीटी तक का सफर करण वाही टेलीविजन इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम हैं। उन्होंने ‘रीमिक्स’, ‘दिल मिल गए’ और ‘बात हमारी पक्की है’ जैसे पॉपुलर शोज से पहचान बनाई। वे एक बेहतरीन होस्ट भी हैं और ‘झलक दिखला जा’ जैसे कई रियलिटी शोज होस्ट कर चुके हैं। टीवी के बाद अब करण ओटीटी (OTT) पर भी काफी एक्टिव हैं और अलग-अलग वेब प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन रहे हैं।

भोपाल में छात्रा ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:परिजन बोले-रिजल्ट बिगड़ने से दुखी थी, पुलिस जांच में जुटी

भोपाल में छात्रा ने फांसी लगाकर किया सुसाइड:परिजन बोले-रिजल्ट बिगड़ने से दुखी थी, पुलिस जांच में जुटी

भोपाल के हबीबगंज इलाके में रहने वाली छात्रा ने मंगलवार रात घर में फांसी लगा ली। परिजनों ने फंदे से उतारकर उसे अस्पताल पहुंचाया था। जहां इलाज के दौरान बुधवार तड़के उसकी मौत हो गई। पुलिस को दिए बयानों में परिजनों ने रिजल्ट बिगड़ने से दुखी होकर सुसाइड करने की बात कही है। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार दोपहर पीएम के बाद बॉडी परिजनों को सौंप दी गई है। पुलिस के मुताबिक मोनिका रायकवार पुत्री रामकृष्ण रायकवार (17) 6 नंबर स्टॉप शिवाजी नगर में रहती थी। पिता सरकरी नौकरी करते हैं, जबकि मां प्राइवेट जॉब करती हैं। काम पर गए थे माता-पिता माता और पिता मंगलवार को अपने-अपने काम पर गए थे। उनके घर लौटने से पहले बेटी ने घर में फांसी लगा ली थी। मां-पिता ने घर पहुंचते ही बेटी को फंदे पर देखा, हालांकि उसके जिस्म में सांसें थीं। तत्काल फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान मोनिका की मौत हो गई। सुसाइड नोट नहीं मिला पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच अधिकारी एएसआई यशवंत सिह ने बताया कि परिजनों ने बयानों में बताया कि दसवीं कक्षा में रिजल्ट बिगड़ने से मोनिका दुखी थी। इसी से डिप्रेशन में आकर उसने सुसाइड किया है। हालांकि पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी जांच कर रही है।

फोर्ब्स लिस्ट- इलॉन मस्क सबसे अमीर लेकिन दान में पीछे:गेट्स और बफेट दान न करते तो दूसरे और तीसरे सबसे अमीर होते

फोर्ब्स लिस्ट- इलॉन मस्क सबसे अमीर लेकिन दान में पीछे:गेट्स और बफेट दान न करते तो दूसरे और तीसरे सबसे अमीर होते

बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने दुनिया के अमीरों की सूची एक नए नजरिये से जारी की है। अरबपतियों की संपत्ति की दोबारा गणना करते हुए उसमें उनके द्वारा किए गए दान को भी जोड़ा गया है। इसमें जानने की कोशिश की गई है कि दुनिया के सबसे उदार अरबपतियों ने कभी दान न किया होता, तो आज उनकी संपत्ति और रैंकिंग कैसी होती? इसका जवाब पाने के लिए फोर्ब्स ने ‘ट्रू नेट वर्थ’ रैंकिंग तैयार की। इसमें माना गया कि अरबपतियों ने जो शेयर दान किए, वे उनके पास ही रहते और नकद दान भी बाजार की दरों के हिसाब से निवेश होता। नई लिस्ट – वॉरेन बफेट तीसरे और मैकिंजी स्कॉट 26वें स्थान पर होतीं इलॉन मस्क फोर्ब्स की दोनों लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी संपत्ति का बेहद छोटा हिस्सा, करीब 0.06% ही वास्तविक दान किया है। बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट के करीब 73.1 करोड़ शेयर दान किए हैं। अगर उन्होंने ये शेयर अपने पास रखे होते, तो उनकी संपत्ति करीब 4 गुना ज्यादा होती और वे 19वें के बजाय दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति होते। इसी तरह, वॉरेन बफेट भी 9वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच जाते। 2006 से उनके द्वारा दान किए गए शेयरों की कीमत करीब 700% बढ़ी है। मैकिंजी स्कॉट 58 स्थान चढ़कर 26वें नंबर पर पहुंच जातीं। उनके पूर्व पति जेफ बेजोस, टॉप 5 से बाहर हो जाते।

देवास में शिकायत के बाद भी कब्जा, छत डाली:जनसुनवाई में महापौर ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश

देवास में शिकायत के बाद भी कब्जा, छत डाली:जनसुनवाई में महापौर ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश

देवास नगर निगम की जनसुनवाई में गंगानगर कॉलोनी के रहवासियों ने शिकायत की कि फरवरी में अवैध अतिक्रमण की सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और कब्जाधारी ने मकान बनाकर उसकी छत भी डाल दी, जिस पर महापौर ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में उठा अतिक्रमण का मामला देवास नगर निगम की जनसुनवाई के दौरान गंगानगर कॉलोनी का एक गंभीर मामला सामने आया। रहवासियों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत के बावजूद अवैध कब्जा लगातार बढ़ता गया और अब पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है। शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई रहवासियों के अनुसार उन्होंने फरवरी माह में ही नगर निगम को लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कब्जाधारी को निर्माण पूरा करने का मौका मिल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में अतिक्रमणकारी ने कच्चा निर्माण किया था। लेकिन कार्रवाई न होने के कारण धीरे-धीरे उस निर्माण को पक्के मकान में बदल दिया गया और आखिर में उसकी छत भी डाल दी गई। गार्डन और सड़क पर कब्जे का आरोप रहवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सार्वजनिक गार्डन और सड़क की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान खड़ा कर लिया है। इससे क्षेत्र की व्यवस्था और आवाजाही दोनों प्रभावित हो रही हैं। जनसुनवाई के दौरान महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने आवेदन देखते ही संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि शिकायत के बावजूद मकान की छत तक कैसे डाल दी गई। मौके पर टीम को मिलती है धमकी रहवासियों ने यह भी बताया कि जब नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर जाती है, तो अतिक्रमणकारी उन्हें डरा-धमकाकर भगा देते हैं। इससे कार्रवाई प्रभावित हो रही है। महापौर ने मौके पर मौजूद संबंधित इंजीनियर से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि फरवरी में शिकायत मिलने के बाद भी अतिक्रमण क्यों नहीं रोका गया और निर्माण कैसे आगे बढ़ता रहा। जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश महापौर ने इंजीनियर को आवेदन पत्र सौंपते हुए निर्देश दिए कि मामले की तत्काल जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अवैध कब्जे को हटाया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रहवासियों को उम्मीद है कि अब प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाएगा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।

बालाघाट में महिला ने खाया कीटनाशक, इलाज के दौरान मौत:शादी में गया था परिवार, बेटा बोला-शरीर दर्द से परेशान रहती थी मां

बालाघाट में महिला ने खाया कीटनाशक, इलाज के दौरान मौत:शादी में गया था परिवार, बेटा बोला-शरीर दर्द से परेशान रहती थी मां

बालाघाट जिला अस्पताल में कीटनाशक खाने के बाद भर्ती एक महिला की बुधवार को मौत हो गई। मृतका की पहचान परसवाड़ा थाना क्षेत्र के चटरीटोला निवासी श्यावती पति धीरसिंह मर्सकोले (55) के रूप में हुई है। डॉक्टर की तहरीर पर अस्पताल चौकी पुलिस ने शव बरामद किया। परिजनों की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में आगे की कार्रवाई परसवाड़ा पुलिस करेगी। अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार, श्यावती मर्सकोले को कीटनाशक खाने के बाद हालत बिगड़ने पर परसवाड़ा अस्पताल से रेफर किया गया था। उन्हें मध्यरात्रि 12:30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई। मृतका के बेटे यशवंत मर्सकोले ने बताया कि घटना के समय उनकी छोटी बहन अरशिका और मां घर पर थीं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य एक विवाह समारोह में गए थे। बहन ने सूचना दी कि मां ने खेत में डालने वाली कीटनाशक खा ली है। यशवंत ने यह भी बताया कि उनकी मां शरीर में दर्द और थकावट की बीमारी से परेशान थीं और उनका इलाज चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि बीमारी से परेशान होकर महिला ने यह कदम उठाया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

रणवीर सिंह ने डॉन 3 का साइनिंग अमाउंट लौटाया:क्रिएटिव डिफरेंस से शुरू हुआ था विवाद, आमिर खान ने भी की थी मामला सुलझाने की कोशिश

रणवीर सिंह ने डॉन 3 का साइनिंग अमाउंट लौटाया:क्रिएटिव डिफरेंस से शुरू हुआ था विवाद, आमिर खान ने भी की थी मामला सुलझाने की कोशिश

लंबे विवाद के बाद अब रणवीर सिंह ने डॉन 3 को आधिकारिक तौर पर छोड़ दिया है। मेकर्स से विवाद बढ़ने के बाद अब एक्टर 10 करोड़ रुपए का साइनिंग अमाउंट भी लौटा चुके हैं। देखना होगा कि अब फरहान अख्तर उन्हें रिप्लेस करते हैं या फिल्म को टालते हैं। हाल ही में आई फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह ने साइनिंग अमाउंट लौटाने के साथ-साथ अपनी अगली फिल्म में फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट को प्रॉफिट में हिस्सेदारी देने का भी आश्वासन दिया है। लेकिन प्रॉफिट पर्सेंट क्या होंगे, ये तय नहीं है। फिलहाल एक्सेल एंटरटेनमेंट और रणवीर सिंह की तरफ से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। क्यों हुआ रणवीर और मेकर्स के बीच विवाद फरहान अख्तर ने तीन साल पहले फिल्म डॉन 3, रणवीर सिंह के साथ शुरू की थी। पहले कियारा आडवाणी फिल्म का हिस्सा थीं, लेकिन मेटरनिटी ब्रेक के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी थी। प्री-प्रोडक्शन के चलते फिल्म टलती गई और फिर रणवीर सिंह धुरंधर और धुरंधर 2 में व्यस्त हो गए। इस साल की शुरुआत में खबर आई कि अनुचित मांगों के चलते एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह को फिल्म से निकाल दिया है। ये मामला फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड तक भी गया था। आमिर खान ने खुद बीच-बचाव कर मामला खत्म करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। दूसरी तरफ दावा किया गया कि प्रोडक्शन ने नहीं बल्कि रणवीर ने खुद फिल्म छोड़ दी है। इसका कारण क्रिएटिव डिफरेंस बताया गया था। अगर ये दावा सच निकला कि रणवीर ने साइनिंग अमाउंट लौटाकर अगली फिल्म में प्रॉफिट देने का आश्वासन दिया है, तो ये भी साफ होगा कि फिल्म एक्टर ने ही छोड़ी है। शाहरुख खान की हो सकती है डॉन फ्रैंचाइजी में वापसी जनवरी में आई टेली चक्कर की रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान, फरहान अख्तर की फिल्म में वापसी कर सकते हैं। उनकी लगातार शाहरुख से बात जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान चाहते हैं कि डॉन 3 का निर्देशन साउथ डायरेक्टर एटली करें, अगर ऐसा होता है तो वो फिल्म से जरूर जुड़ेंगे। बता दें कि शाहरुख और एटली सुपरहटि फिल्म जवान में साथ काम कर चुके हैं।

रणवीर सिंह ने डॉन 3 का साइनिंग अमाउंट लौटाया:क्रिएटिव डिफरेंस से शुरू हुआ था विवाद, आमिर खान ने भी की थी मामला सुलझाने की कोशिश

रणवीर सिंह ने डॉन 3 का साइनिंग अमाउंट लौटाया:क्रिएटिव डिफरेंस से शुरू हुआ था विवाद, आमिर खान ने भी की थी मामला सुलझाने की कोशिश

लंबे विवाद के बाद अब रणवीर सिंह ने डॉन 3 को आधिकारिक तौर पर छोड़ दिया है। मेकर्स से विवाद बढ़ने के बाद अब एक्टर 10 करोड़ रुपए का साइनिंग अमाउंट भी लौटा चुके हैं। देखना होगा कि अब फरहान अख्तर उन्हें रिप्लेस करते हैं या फिल्म को टालते हैं। हाल ही में आई फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, रणवीर सिंह ने साइनिंग अमाउंट लौटाने के साथ-साथ अपनी अगली फिल्म में फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट को प्रॉफिट में हिस्सेदारी देने का भी आश्वासन दिया है। लेकिन प्रॉफिट पर्सेंट क्या होंगे, ये तय नहीं है। फिलहाल एक्सेल एंटरटेनमेंट और रणवीर सिंह की तरफ से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। क्यों हुआ रणवीर और मेकर्स के बीच विवाद फरहान अख्तर ने तीन साल पहले फिल्म डॉन 3, रणवीर सिंह के साथ शुरू की थी। पहले कियारा आडवाणी फिल्म का हिस्सा थीं, लेकिन मेटरनिटी ब्रेक के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी थी। प्री-प्रोडक्शन के चलते फिल्म टलती गई और फिर रणवीर सिंह धुरंधर और धुरंधर 2 में व्यस्त हो गए। इस साल की शुरुआत में खबर आई कि अनुचित मांगों के चलते एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह को फिल्म से निकाल दिया है। ये मामला फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड तक भी गया था। आमिर खान ने खुद बीच-बचाव कर मामला खत्म करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। दूसरी तरफ दावा किया गया कि प्रोडक्शन ने नहीं बल्कि रणवीर ने खुद फिल्म छोड़ दी है। इसका कारण क्रिएटिव डिफरेंस बताया गया था। अगर ये दावा सच निकला कि रणवीर ने साइनिंग अमाउंट लौटाकर अगली फिल्म में प्रॉफिट देने का आश्वासन दिया है, तो ये भी साफ होगा कि फिल्म एक्टर ने ही छोड़ी है। शाहरुख खान की हो सकती है डॉन फ्रैंचाइजी में वापसी जनवरी में आई टेली चक्कर की रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान, फरहान अख्तर की फिल्म में वापसी कर सकते हैं। उनकी लगातार शाहरुख से बात जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान चाहते हैं कि डॉन 3 का निर्देशन साउथ डायरेक्टर एटली करें, अगर ऐसा होता है तो वो फिल्म से जरूर जुड़ेंगे। बता दें कि शाहरुख और एटली सुपरहटि फिल्म जवान में साथ काम कर चुके हैं।