संजय मिश्रा, विक्रम प्रताप ने महाकालेश्वर में किए दर्शन:अभिनेता संजय मिश्रा ने पारिवारिक शादी सकुशल होने पर जताया आभार

अभिनेता संजय मिश्रा और विक्रम प्रताप ने मंगलवार देर शाम उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और पारिवारिक शादी सकुशल संपन्न होने पर आभार व्यक्त किया। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों फिल्मी हस्तियों का आना-जाना लगा रहता है। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा और फिल्म अभिनेता विक्रम प्रताप मंगलवार देर शाम मंदिर पहुंचे। दर्शन के दौरान दोनों कलाकारों ने नंदी हॉल में बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप किया। संजय मिश्रा भगवा धोती और शर्ट पहने हुए थे। संजय मिश्रा ने बताया कि वे पहले भी कई बार महाकाल के दर्शन कर चुके हैं और हर बार उन्हें यहां आकर विशेष शांति मिलती है। विक्रम प्रताप ने भी इस अनुभव को सौभाग्यशाली बताया। अभिनेता संजय मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं पहले भी कई बार यहां आ चुका हूं। घर में शादी थी, सब कुछ सकुशल हुआ, यह बाबा महाकाल की कृपा है। हम धन्यवाद देने आए थे और उन्होंने हमें फिर बुला लिया। भविष्य में भी यहां आने की इच्छा है।” विक्रम प्रताप ने बताया, “कल दीदी की शादी थी, सभी कार्य बहुत अच्छे से संपन्न हो गए। हम बाबा को धन्यवाद देने आए हैं। संजय सर भी इसी कारण यहां आए हैं। मैंने भी कुछ फिल्मों में काम किया है और यह मेरे लिए बेहद खास अनुभव है।”
छतरपुर में दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत:ड्राइवर केबिन में फंसा; डायल 112 टीम ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया

छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में गरेला टोल प्लाजा के पास बुधवार देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक चालक ट्रक के केबिन में बुरी तरह फंस गया था। जानकारी के अनुसार, बरेली निवासी मुमत्याज अहमद (23 वर्ष) अपने ट्रक में माल लादकर चेन्नई जा रहे थे। गरेला टोल के आगे पहुंचते ही सामने से आ रहे एक अन्य ट्रक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरा घायल चालक सागर जिले के शाहगढ़ का निवासी बताया जा रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुमत्याज अहमद ट्रक के क्षतिग्रस्त हिस्से में बुरी तरह फंस गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ीमलहरा पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद मुमत्याज अहमद को केबिन से बाहर निकाला गया। गढ़ीमलहरा टीआई रीता सिंह के मुताबिक घटना की जानकारी लगते ही, पुलिस FRB डायल 112 और लोकल लोगों की मदद से रेस्कयू कर दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में घायल मुमत्याज अहमद का इलाज जारी है।
भोपाल में घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से लूट:आरोपी ने बुजुर्ग के चेहरे पर पत्थर से किए वार, कान से बाली नोची, बेसुध हुई

राजधानी के करोंद इलाके में दिनदहाड़े पुलिसकर्मी के घर में घुसकर बुजुर्ग महिला पर जानलेवा हमला कर लूट की वारदात सामने आई है। आरोपी ने 65 वर्षीय महिला के चेहरे और सिर पर पत्थर से कई बार वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान होकर बेसुध हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया, वहीं गले की चेन भी लूट ली। घर में अकेली थी महिला, मुंह दबाकर अंदर घसीटा घटना सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़िता करोंद स्थित राजीव मेमोरियल स्कूल के पास अपने घर में अकेली थीं। आरोपी अचानक पहुंचा और मुंह दबाकर उन्हें जबरन घर के अंदर ले गया। इसके बाद उसने दरवाजे बंद कर दिए, जिससे महिला मदद के लिए आवाज भी नहीं लगा सकीं। पूजा के कमरे में ले जाकर पत्थर से किया वार आरोपी महिला को खींचते हुए पूजा के कमरे में ले गया, जहां हवन के लिए रखे ब्लॉक से उसने उनके चेहरे और सिर पर लगातार वार किए। महिला ने विरोध किया तो आरोपी और हिंसक हो गया। लगातार हमलों से वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। बेहोशी का फायदा उठाकर लूट, बाली खींचने से कट गया कान महिला के बेसुध होते ही आरोपी ने उनके कान से सोने की बाली खींचकर नोच ली, जिससे कान कट गया। इसके अलावा गले में पहनी सोने की चेन भी लूट ली। अन्य सामान की जानकारी महिला के होश में आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस परिवार को बनाया निशाना, बेटा एसएएफ में आरक्षक निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के अनुसार पीड़िता शैल कुमारी मिश्रा (65) के पति देवेंद्र मिश्रा पुलिस विभाग में एएसआई थे, जिनकी 2014 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बेटे काशीनाथ मिश्रा को अनुकंपा नियुक्ति मिली, जो वर्तमान में एसएएफ में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। गंभीर हालत, सिर की सर्जरी की तैयारी हमले में महिला के सिर, आंख के ऊपर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने सिर की सर्जरी की तैयारी शुरू कर दी है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला का चेहरा खून से सना हुआ है और वह दर्द से कराहती नजर आ रही हैं। आरोपी की तलाश जारी, मजदूर होने की आशंका पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी मजदूर वर्ग से हो सकता है, हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
एमपी के संविदा-आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत:हाईकोर्ट ने कहा- लाभ से वंचित करना तर्कहीन; वर्गीकरण कर वेतन-सेवा संबंधी लाभ दे सरकार

मंगलवार का दिन मध्यप्रदेश के लाखों संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वो संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को वर्गीकरण कर उन्हें वेतन और सेवा संबंधी लाभ दे। कोर्ट ने 10 साल से ज्यादा सेवा वाले संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को राज्य सरकार की साल 2016 की पॉलिसी का लाभ देने का आदेश भी दिया है। हाईकोर्ट ने इस अहम फैसले में कहा है कि लंबे समय से काम कर रहे संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ से वंचित रखना तर्कहीन है। दरअसल इस पॉलिसी का लाभ अब तक सिर्फ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को दिया जा रहा था, जिसमें उन्हें कुशल, अर्धकुशल और अकुशल कैटेगिरी के मुताबिक वेतन लाभ देने का प्रावधान था। संविदा और आउटसोर्स कर्मियों ने जबलपुर हाईकोर्ट में यह कहते हुए याचिका दायर की थी, कि स्थाई कर्मियों के बराबर काम करने के बाद भी उन्हें कम वेतन दिया जाता है, और संविधान से मिले समानता के अधिकार और सम्मान से जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन है। मंगलवार को मामले पर हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट की बैंच ने अपने फैसले में संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को 2016 की पॉलिसी का लाभ देने का आदेश सुनाया है, इसके साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में कई अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ से वंचित रखना तर्कहीन है। कोर्ट ने कहा कि संविदा कर्मियों को आर्थिक न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी 10 साल से ज्यादा समय तक लगातार काम कर रहा है, तो उसे 7 अक्टूबर 2016 के परिपत्र का लाभ मिलना चाहिए, इसके साथ ही चाहे वह संविदा या आउटसोर्स आधार पर ही क्यों न हो। अदालत ने यह भी माना कि यह नीति संविधान के अनुच्छेद 38, 39 और 43 में बताए गए सामाजिक और आर्थिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है। क्या है पूरा मामला यह मामला उन कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्हें 2009 में संविदा आधार पर नियुक्त किया गया था, और करीब 16 साल से लगातार सेवाएं ली जा रही थीं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसे लाभ नहीं दिए गए। मामले की मुख्य बातें सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील देते हुए कहा कि 2016 की नीति के तहत दैनिक वेतनभोगियों को कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल श्रेणियों में वर्गीकृत कर लाभ दिए जाते हैं, लेकिन यह लाभ संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर लागू नहीं होता। हालांकि कोर्ट ने सरकार की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट की अहम टिप्पणी
पीतांबरा पीठ में एटीएस प्रमुख बिट्टा ने किए दर्शन:बगलामुखी जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब, वीआईपी मूवमेंट से सुरक्षा रही हाई अलर्ट

दतिया में मां बगलामुखी देवी की जयंती पर विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक पीठ श्री पीतांबरा पीठ मंदिर में मंगलवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच वीआईपी आगमन भी चर्चा का केंद्र रहा। इसी क्रम में आतंक विरोधी दस्ता (एटीएस) के प्रमुख मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बिट्टा ने मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा की और मां धूमावती की आरती में शामिल होकर ध्यान लगाया। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित स्वामी जी महाराज की समाधि, वनखण्डेश्वर महादेव और ध्यान हॉल में भी पहुंचकर दर्शन किए। इसके साथ ही महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया। करीब डेढ़ घंटे के प्रवास के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। आस्था और सुरक्षा का संगम बना पीठ परिसर बगलामुखी जयंती के मौके पर जहां एक ओर हजारों श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए कतारों में लगे रहे, वहीं वीआईपी मूवमेंट के चलते सुरक्षा व्यवस्था भी हाई अलर्ट पर रही। धार्मिक आस्था और सुरक्षा प्रबंधन का यह संतुलन पूरे आयोजन में देखने को मिला।
सरकारी जमीन कब्जे की शिकायत पर किसान को पीटा:पति-पत्नी ने लात-घूसे मारे, मैहर में घायल ने थाने में की शिकायत

मैहर जिले के अमरपाटन में सरकारी जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। एक किसान ने अपने पड़ोसी पति-पत्नी पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नादन टोला के रहने वाले 50 साल के धीरेन्द्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके घर के सामने की सरकारी जमीन पर पड़ोसी अर्जुन सिंह कब्जा करने की कोशिश कर रहा था। धीरेन्द्र ने इसकी शिकायत तहसील में कर दी थी, जिससे अर्जुन सिंह उनसे नाराज चल रहा था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो गई। बीच सड़क पर हुई मारपीट घटना 21 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे की है। धीरेन्द्र सिंह जब उस जमीन पर मौजूद थे, तभी अर्जुन सिंह अपनी पत्नी कमलेश सिंह के साथ वहां पहुंचा और झगड़ा करने लगा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर धीरेन्द्र को गालियां दीं और लात-घूसों से जमकर पीटा। जान से मारने की धमकी मारपीट के दौरान धीरेन्द्र को जमीन पर पटक दिया गया, जिससे उनके माथे, कंधे और हाथ में चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। पीड़ित का कहना है कि जाते-जाते आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने दर्ज किया केस अमरपाटन पुलिस ने धीरेन्द्र सिंह की शिकायत पर अर्जुन सिंह और उसकी पत्नी के खिलाफ मारपीट और धमकी देने की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा:रछवाई निकालने पर दबंगों ने की मारपीट, दमोह में FIR के बाद बारात रवाना

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में मंगलवार शाम एक दिव्यांग दूल्हे को घोड़े से उतारकर पीटा गया। दलित समाज के दूल्हे की रछवाई के दौरान लोधी समाज के कुछ लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। दूल्हे पक्ष ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गया है। घटना के बाद दलित समाज के लोग दूल्हे को लेकर हटा थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दूल्हे की पहचान गोलू अहिरवार (23) पुत्र भागीरथ अहिरवार के रूप में हुई है। मेडिकल जांच (MLC) कराने के बाद दूल्हा और बाराती बक्सवाहा के लिए रवाना हो गए। बारात छतरपुर जिले के बमोरी बक्सवाहा बूढ़ी सेमरा जानी थी। दूल्हे गोलू ने बताया कि मंगलवार शाम करीब पांच बजे जब उसकी रछवाई दिवाले के सामने से गुजर रही थी, तभी गुड्डू सिंह, कृष्णा, हाकम और पलटू ने उसे घोड़े से नीचे उतारकर मारपीट की। इस दौरान उसकी बहन मनीषा के साथ भी मारपीट की गई। दूल्हे की मां बोली- ग्रामीणों ने रछवाई निकालने से मना किया दूल्हे की मां विद्या अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे की रछवाई घोड़े पर निकल रही थी। तभी गांव के लोधी समाज के लोगों ने उनके बेटे को रछवाई निकालने से मना किया। जब परिवार के लोगों ने कहा कि आज उसकी बरात जानी है। तब आरोपियों ने लड़के को घोड़े से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट की। बहन को भी पीटा उनका बेटा दिव्यांग है, इसके बावजूद भी आरोपियों ने बेटे को मारा। उनकी बेटी मनीषा ने बीच बचाव किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई और उसके सोने के कुछ जेवर भी मारपीट के दौरान गायब हो गए। हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया की बिजोरी पाठक गांव में गोलू अहिरवार की बारात जाने के पहले रछवाई निकाली जा रही थी। इस मामले में पीड़ित गरीबा अहिरवार ने थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि भतीजे गोलू की बारात जाने के पहले गांव में रछवाई निकल रही थी। उनका भतीजा घोड़े पर बैठा था जैसे ही वह लोग दिवाले के पास पहुंचे। तभी वहां विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी, पलटू और अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने लड़के को घोड़े से नीचे उतरने के लिए कहा। जब दूल्हे के परिजन ने ऐसा करने से मना किया तो दूल्हे के साथ मारपीट कर दी और नीचे पटक दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और गांव में पुलिस भेज दी गई है। ताकि विवाह की रस्म शांति से संपन्न हो सके। पहले भी हुआ विवाद बताया गया है कि इसके पहले भी गांव में इसी प्रकार का कुछ विवाद पहले भी हो चुका है। उस समय भीम आर्मी ने थाने में आवेदन देकर दलित समाज के दूल्हे की रक्षवाई के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। हालांकि उस समय कोई विवाद नहीं हुआ था।
राजगढ़ में हत्या-लूट केस में 3 को उम्रकैद:द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला; पैर काटकर ले गए थे चांदी के कड़े

राजगढ़ जिले में हत्या और लूट के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा की अदालत ने कमल, दिनेश और ख्वाजू को दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों आरोपियों को लूट के मामले में 7 वर्ष और साक्ष्य मिटाने के लिए 3 वर्ष का कारावास दिया गया। वहीं ख्वाजू को आर्म्स एक्ट के तहत अतिरिक्त 2 वर्ष की सजा सुनाई गई। सभी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। 2022 में खंती में मिला था महिला का शव यह मामला 25 फरवरी 2022 का है, जब भोजपुर थाना क्षेत्र के मल्हारपुरा–माचलपुर मार्ग पर एक खंती में शैतानबाई उर्फ शांतिबाई का शव मिला था। मृतका के पैर कटे थे और गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मृतका के पुत्र ने पहचान की और बताया कि उसकी मां के पैरों में पहने चांदी के कड़े गायब थे। इससे लूट की पुष्टि हुई। पुलिस ने घटनास्थल से खून सनी मिट्टी, चप्पल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पिकअप वाहन से चांदी का कड़ा, धारदार छुरा और अन्य सामान बरामद किया गया, जिसने केस को मजबूत आधार दिया। डीएनए रिपोर्ट और ‘लास्ट सीन’ बने अहम कड़ी मृतका के शरीर से मिले बालों का डीएनए आरोपियों से मैच हुआ। साथ ही मृतका को आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने की कड़ी ने मामले को और मजबूत किया। इस मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, लेकिन अभियोजन ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला पेश की। कोर्ट में 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। कोर्ट बोली- साक्ष्यों की कड़ी पूरी तरह साबित अदालत ने माना कि सभी साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और कोई कड़ी टूटी नहीं है। इसी आधार पर तीनों को दोषी ठहराया गया। जिले में इस तरह के जघन्य अपराध में यह पहली बार है जब आरोपियों को इतनी सख्त सजा मिली है। फैसले को न्याय व्यवस्था की मजबूत मिसाल माना जा रहा है।
थाईलैंड में भारतीय टूरिस्ट पर नस्लभेदी कमेंट:रेस्टोरेंट स्टाफ बोली- इंडिया वेरी बैड; पुलिस बुलाने पर मैनेजर ने माफी मांगी

थाईलैंड के आओ नांग शहर में एक भारतीय टूरिस्ट और ट्रैवल व्लॉगर सूमो को नस्लभेदी कमेंट का सामना करना पड़ा। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें एक रेस्टोरेंट की महिला स्टाफ उनसे “इंडिया वेरी बैड” कहते नजर आ रही है। व्लॉगर के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब वह नाश्ता करने गए थे। बिल में हल्की गड़बड़ी हुई, जिसके बाद अनुवाद के लिए महिला को बुलाया गया। जैसे ही उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता भारत बताई, माहौल बदल गया और उन पर आरोप लगाए गए कि भारतीय पैसे नहीं देना चाहते। इसके बाद भारतीय टूरिस्ट ने पुलिस बुलाई। पुलिस के आने पर रेस्टोरेंट के मैनेजर ने माफी मांगी। व्लॉगर बोला- थाईलैंड में पहली बार ऐसा व्यवहार हुआ व्लॉगर सूमो ने बताया कि विवाद पैसे को लेकर नहीं था, क्योंकि रकम सिर्फ 120 थाई बात यानी करीब 349 रुपए थी। व्लॉगर ने वीडियो में कहा कि यह पहली बार था जब उन्हें थाईलैंड में ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद व्लॉगर ने संदर्भ देने के लिए एक और वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि कई लोग मान लेते हैं कि ऐसी स्थिति में गलती टूरिस्ट की ही होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। व्लॉगर ने बताया कि उन्हें बहस करने के बजाय टूरिस्ट पुलिस को बुलाना बेहतर लगा। पुलिस ने उनकी बात समझी और रेस्टोरेंट के मैनेजर ने उनसे माफी मांगी। इस घटना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय को लेकर एक जैसी सोच बनाना गलत है। भारत में भी लोगों के मन में कुछ गलत धारणाएं होती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ऐसी सोच सही है। लोगों ने सोशल मीडिया पर व्लॉगर का समर्थन किया सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने व्लॉगर का समर्थन किया। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाए कि इसके पीछे पूरी कहानी क्या है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए व्लॉगर ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि कुछ भारतीय ही कमेंट में अपने लोगों के खिलाफ बोल रहे थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां भी नस्लभेद दिखे, उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। भारतीयों के साथ विदेश में पहले भी हुए हैं ऐसे विवाद भारतीय टूरिस्टों के साथ विदेश में भेदभाव या खराब व्यवहार की घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें या तो नस्लभेदी कमेंट किए गए। 2023 में इंडोनेशिया के बाली में कुछ भारतीय टूरिस्टों पर स्थानीय नियम तोड़ने और सार्वजनिक जगहों पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों को लेकर कई नकारात्मक टिप्पणियां देखने को मिलीं। इसी तरह 2022 में दुबई के एक रेस्टोरेंट में भारतीय ग्राहकों को सर्विस देने से मना करने का मामला सामने आया था। आरोप था कि स्टाफ ने कहा कि “भारतीय ज्यादा मोलभाव करते हैं और टिप नहीं देते।” यह मामला वायरल हुआ तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सफाई देनी पड़ी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प 2.0 में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम 91% बढ़ा:H-1B वीजा पर धमकियां भी मिल रहीं; मंदिरों पर भी हमले बढ़े अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में भारतवंशियों के खिलाफ हेट क्राइम के मामले बढ़े हैं। बाइडेन कार्यकाल में दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत व हिंसा सीमित रही। अक्टूबर 2024 तक 46,000 ट्रोलिंग और 884 धमकियां दर्ज हुईं। लेकिन ट्रम्प के लौटते ही हालात बिगड़ गए। अक्टूबर 2025 तक ट्रोलिंग बढ़कर 88,000 तक पहुंची, यानी इसमें 91% की वृद्धि दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ें…
लखनऊ में LSG का RR से मुकाबला कल:मार्करम बोले- घर में दम दिखाना होगा, जुरैल ने कहा- सचिन ने मेरी विकेट कीपिंग देखी

इकाना में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच मंगलवार को IPL मैच खेला जाएगा। मुकाबले से पहले PC कर दोनों टीमों ने जीत का दावा किया है। LSG के एडम मार्करम ने साफ कहा- घरेलू मैदान पर बेहतर खेल दिखाना ही होगा। वहीं RR के ध्रुव जुरैल ने कहा- होम ग्राउंड पर खेलने को लेकर एक्साइटेड हूं। मार्कम ने कहा- घर पर खेल रहे हैं, तो हमें इसका फायदा उठाना होगा। टीम बैलेंस्ड है। युवा वैभव सूर्यवंशी को ग्रेट टैलेंट बताते हुए कहा कि बॉलर्स उनके खिलाफ प्लान के साथ उतरेंगे। जुरैल ने कहा-जब सचिन तेंदुलकर ने मेरी विकेटकीपिंग देखी, वो मेरे लिए खास पल था। जुरैल बोले- वापसी के लिए तैयार, 3-4 मैच जीतेंगे जुरैल ने कहा- तैयारी अच्छी है। यह मेरा होम ग्राउंड है, एक्साइटमेंट ज्यादा है। हमने जीत से शुरुआत की, दो मैच हारे, लेकिन अब लगातार जीत की कोशिश रहेगी। जुरैल ने रवि विश्नोई को मिडिल ओवर का अहम गेंदबाज बताया और कहा- उन्हें अंडर-19 से जानता हूं, उन्होंने शानदार वापसी की है। साथ ही कुमार संगकारा से सीखने को टीम के लिए बड़ा मौका बताया। सचिन ने देखा, सपना पूरा जुरैल ने कहा- जब सचिन तेंदुलकर ने मेरी विकेटकीपिंग देखी, वो मेरे लिए खास पल था। ऐसा लगा जैसे सपना सच हो गया। मैच डे पर सोशल मीडिया से दूरी रखते हैं ताकि फोकस बना रहे। जुरैल ने कहा-वैभव ने 6 में 4-5 मैचों में शानदार शुरुआत दी है। ओपनर्स के रन बनाने से टीम को क्लैरिटी रहती है कि आगे कैसे खेलना है। टीम की बल्लेबाजी लय में नहीं एडम मार्करम ने माना है कि टीम की बल्लेबाजी इस समय पूरी लय में नहीं है। कहा- कई बार बड़े शॉट खेलने की कोशिश में गेंद सीधे फील्डर के पास चली जाती है। इससे रन नहीं बन पाते और स्ट्राइक रेट पर भी असर पड़ता है। हालांकि, उन्होंने इसे चिंता का विषय नहीं बताया और कहा कि उनका फोकस टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर है। पूरी बल्लेबाजी का एक साथ संघर्ष कम देखने को मिलता मार्करम ने कहा- एक-दो खिलाड़ियों का खराब फॉर्म में होना सामान्य बात है, लेकिन पूरी बल्लेबाजी का एक साथ संघर्ष करना कम ही देखने को मिलता है। पंजाब किंग्स के खिलाफ पिछले मैच का जिक्र करते हुए कहा- उस मुकाबले में टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। होम ग्राउंड को बनाना चाहते हैं मजबूत किला हर टीम चाहती है कि उसका घरेलू मैदान मजबूत किले की तरह बने। यहां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर टीम फैंस को खुशी देना चाहती है। ओपनिंग जोड़ी में बदलाव को लेकर मार्करम ने कहा- मौजूदा समय में खिलाड़ियों को हर परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। पिछले सीजन में टीम को अच्छी शुरुआत मिली थी, लेकिन इस बार वैसा नहीं हो पाया। फिर भी उन्हें खिलाड़ियों की क्षमता पर पूरा भरोसा है और नई ओपनिंग जोड़ी बेहतर शुरुआत दे सकती है। पूरन पर जताया भरोसा वहीं, निकोलस पूरन को लेकर कहा- वह बड़े खिलाड़ी हैं। उनके फॉर्म को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आता है, लेकिन जब पूरन लय में होते हैं तो अकेले दम पर मैच जिताने की क्षमता रखते हैं। …………………………… संबंधित खबर भी पढ़ें राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जॉयंट्स टीम राजधानी पहुंची:कल इकाना में IPL मैच, ब्लू टी-शर्ट और ब्लैक पैंट में दिखे वैभव सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल्स की टीम सोमवार देर शाम लखनऊ पहुंची। एयपरपोर्ट से खिलाड़ी सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेंट्रम होटल पहुंचे। यहां पर उनका जोरदार वेलकम हुआ। यह खबर भी पढ़ें






