Wednesday, 07 Oct 2026 | 11:29 PM

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सड़क किनारे खेल रही बच्ची को ट्रैक्टर ने कुचला, मौत:ड्राइव कर रहा नाबालिग भागा; शिवपुरी पुलिस ने वाहन जब्त किया

सड़क किनारे खेल रही बच्ची को ट्रैक्टर ने कुचला, मौत:ड्राइव कर रहा नाबालिग भागा; शिवपुरी पुलिस ने वाहन जब्त किया

शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक सड़क हादसे में 7 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची सड़क किनारे खेल रही थी, तभी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चला रहा नाबालिग चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना बड़ेरा गांव के पुलिया धार मजरा में हुई। हरगोविंद प्रजापति ने बताया कि मुकेश प्रजापति की 7 वर्षीय बेटी माधवी उर्फ कल्ली प्रजापति सड़क किनारे खेल रही थी। इसी दौरान एक ट्रैक्टर सड़क से नीचे उतरकर बच्ची से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। 14-15 साल का नाबालिग ड्राइव कर रहा था बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर को करीब 14 से 15 साल का एक नाबालिग चला रहा था। घटना के तुरंत बाद वह ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर केस दर्ज कर लिया गया है। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस अब फरार नाबालिग ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।

सांसद अमृतपाल को पंजाब लाने से बिगड़ेंगे हालात:राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, 23 अप्रैल को खत्म हो रही NSA अवधि

सांसद अमृतपाल को पंजाब लाने से बिगड़ेंगे हालात:राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, 23 अप्रैल को खत्म हो रही NSA अवधि

पंजाब सरकार ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी हिरासत अवधि खत्म होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में ही रखा जाए। पंजाब में अमृतपाल को लाने से हालत बिगड़ सकते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया सरकार ने अपने पत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव से अनुरोध किया है कि असम सरकार की सहमति लेकर ट्रांसफर ऑफ प्रिजनर्स एक्ट, 1952 तथा पंजाब संशोधन अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल में रखने की अनुमति दी जाए। इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने की भी अपील की गई है। पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने रिहाई से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई सूत्रों के मुताबिक, पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि उनकी रिहाई से राज्य में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अमृतसर (देहात) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की रिपोर्ट पर गृह विभाग ने यह सिफारिश की है। 24 फरवरी 2023 को किया था अमृतपाल को गिरफ्तार गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ 24 फरवरी 2023 को अमृतसर के अजनाला थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पुलिस स्टेशन पर धावा बोलकर एक सहयोगी को छुड़ा लिया था। इसके बाद वे करीब एक महीने तक फरार रहे और 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल को एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में रखा गया है। उनकी हिरासत अवधि को अप्रैल 2024 और अप्रैल 2025 में बढ़ाया जा चुका है। वर्तमान में यह अवधि 22 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाली है। सुरक्षा के मद्देनजर अमृतपाल बाहर रखना उपयुक्त रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद 23 अप्रैल को अमृतपाल को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है, हालांकि राज्य की सुरक्षा के मद्देनजर उन्हें पंजाब से बाहर ही रखना अधिक उपयुक्त माना गया है। उल्लेखनीय है कि डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल के नौ सहयोगियों को एनएसए की अवधि समाप्त होने के बाद पंजाब वापस लाया जा चुका है, लेकिन उनके मामले को अलग मानते हुए सरकार ने विशेष व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत जताई है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और असम सरकार की सहमति के बाद लिया जाएगा। 1.97 लाख वोटों से जीता था अमृतपाल अमृतपाल सिंह अजनाला थाने पर हमला करने समेत 12 एफआईआर में भी आरोपी हैं। जेल में रहते हुए अमृतपाल सिंह ने पंजाब के खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 का लोकसभा चुनाव जीता है। अमृतपाल सिंह ने कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों के अंतर से हराया था। खडूर साहिब से जीत के बाद अमृतपाल को शपथ ग्रहण के लिए पैरोल मिली थी।

घर में आग लगी, बुजुर्ग महिला को बचाया:सिंगरौली में पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर पाया काबू

घर में आग लगी, बुजुर्ग महिला को बचाया:सिंगरौली में पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर पाया काबू

सिंगरौली के सरई नगर परिषद के नौडिया गांव (वार्ड नंबर 12) में भैया लाल जायसवाल के घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे इलाके में खलबली मच गई। गांव वालों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें काबू में नहीं आ रही थीं। उसी वक्त सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया वहां से गुजर रहे थे। आग देख वह तुरंत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना वक्त गंवाए ग्रामीणों के साथ मिलकर खुद मोर्चा संभाला और आग बुझाना शुरू किया। बुजुर्ग महिला को सुरक्षित निकाला सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि घर के अंदर एक बुजुर्ग महिला फंसी हुई थी। थाना प्रभारी ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे उनकी जान बच गई। उनकी इस तत्परता की वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया। अब हालात काबू में थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से अब आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर आग लगी कैसे। प्रशासन अब नुकसान का जायजा लेने में जुटा है।

मर्दो में भी होता है ब्रेस्ट कैंसर, मर्दानगी के चक्कर में न करें नजरअंदाज, 5 संकेत दिखें तो तुरंत कराएं इलाज

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Last Updated:April 14, 2026, 18:20 IST Male Breast Cancer: अधिकांश लोगों को लगता है मर्दों में ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता है. अगर आपकी भी सोच ऐसी है तो तुरंत इसे दुरुस्त कीजिए. जिस तरह से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होता है, उसी तरह से पुरुषों में भी स्तन कैंसर हो सकता है. यह बात सही है कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले कम हैं लेकिन मर्द इससे अछूता नहीं हो सकता. इसलिए मर्दानगी के चक्कर में कभी यह न सोचें कि पुरुषों को ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता. अगर शरीर में कुछ लक्षण दिखें तो तुरंत सचेत हो जाना चाहिए. पुरुष में ब्रेस्ट कैंसर. Male Breast Cancer: जन्म के समय हर व्यक्ति में ब्रेस्ट टिश्यू यानी स्तन के टिशू होते हैं. ब्रेस्ट टिश्यू में हजारों मिल्क डक्ट, निप्प और फैट होता है. इसी में दूध बनता है. जब प्यूबर्टी की शुरुआत होती है तो लड़कियों में इसका विकास हो जाता है जबकि लड़के का जब यौवन आरंभ होता है तो ब्रेस्ट टिश्यू डेवलप नहीं करता. लेकिन चूंकि जन्म के समय ब्रेस्ट टिश्यू महिला और पुरुष दोनों लिंग में होते हैं, इसलिए ब्रेस्ट कैंसर दोनों को हो सकता है. इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों में रेयर ही होता है. अमेरिका जैसे देशों में हर साल करीब 2800 मामले ब्रेस्ट कैंसर के आ जाते हैं. ऐसे में पहले यह जानिए कि ब्रेस्ट कैंसर होता क्यों है. ब्रेस्ट कैंसर के कारणमायो क्लिनिक के मुताबिक अब तक सटीक रूप से यह नहीं पता कि इसका कारण क्या है लेकिन जब कोशिकाओं की संरचना में डीएनए लेवल पर बदलाव होता है तो यही कोशिकाएं कैंसर कोशिका में बदल जाता है. पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर तब शुरू होता है जब ब्रेस्ट टिश्यू की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव आ जाते हैं. कोशिका का डीएनए यह तय करता है कि उसे क्या करना है. सामान्य कोशिकाओं में डीएनए उन्हें एक निश्चित गति से बढ़ने और विभाजित होने के निर्देश देता है और एक तय समय पर मरने के लिए भी कहता है. लेकिन कैंसर कोशिकाओं में डीएनए के ये निर्देश बदल जाते हैं. ये बदलाव कोशिकाओं को बहुत तेजी से अधिक संख्या में बनने के लिए प्रेरित करते हैं. साथ ही ये कोशिकाएं तब भी जीवित रहती हैं जब सामान्य कोशिकाएं मर जाती हैं. इससे शरीर में असामान्य रूप से अधिक कोशिकाएं जमा हो जाती हैं. ये कैंसर कोशिकाएं मिलकर एक गांठ यानी ट्यूमर बना सकती हैं. यह ट्यूमर बढ़कर आसपास के हेल्दी टिशू को नुकसान पहुंचा सकता है. समय के साथ, कैंसर कोशिकाएं टूटकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं. जब कैंसर फैलता है, तो उसे मेटास्टेटिक कैंसर कहा जाता है. ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण निप्पल के पास दर्द-अगर निप्पल के पास दर्द हो और लगातार होने लगे, उसके आसपास की त्वचा में खिंचाव जैसे महसूस हो तो इसे गंभीरता से लें. खासकर अगर दवा से भी आराम न मिले तो तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचना चाहिए. निप्पल के पास गांठ-किसी भी जगह गांठ होना खतरे की घंटी है. अगर निप्पल के पास बहुत ज्यादा हार्डनेस हो गया है, बहुत स्किन तन गया है, स्किन की परत मोटी हो गई है, वहां मस्सा जैसा निकल गया है तो यह ब्रेस्ट कैंसर के संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. ब्रेस्ट के पास स्किन में बदलाव-अगर ब्रेस्ट के पास स्किन में बदलाव हो गया है, अगर वहां गड्ढे पड़ने लगे,डिंपलिंग हो, सिकुड़न या पकरिंग हो, पपड़ी की तरह बनने लगे तो ये सब भी स्तन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. इसे तुरंत दिखाएं. ब्रेस्ट के पास स्किन के रंग में बदलाव-अगर ब्रेस्ट के पास स्किन के रंग में किसी तरह का बदलाव हो, यानी पहले जो स्किन का रंग था उसमें मटमैला हो गया या लाल हो गया या काला हो गया या किसी भी अन्य रंग में बदल गया तो यह ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकता है. अगर ऐसा दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. निप्पल से डिस्चार्ज होना-अगर पुरुषों के निप्पल से डिस्चार्ज होने लगे या खून निकलने लगे, चिपचिपा पदार्थ निकलने लगे तो देर नहीं करना चाहिए. ये सारे संकेत ब्रेस्ट कैंसर के संकेत होते हैं. ऐसे मामलों में डॉक्टरों से तुरंत दिखाएं. पुरुषों में किन लोगों को ब्रेस्ट कैंसर का खतरापुरुषों में उम्र के साथ ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ता है. यह बीमारी ज्यादातर 60 साल के आसपास के पुरुषों में होने की आशंका होती है. वहीं जो पुरुष प्रोस्टेट कैंसर के लिए हार्मोन थेरेपी या एस्ट्रोजन वाली दवाएं ले रहे हैं उन्हें भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. अगर किसी के परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास है, तो ऐसे लोगों को भी ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम हो सकता है. कुछ लोगों में यह जेनेटिक होता है. ये जीन माता-पिता से बच्चों में जाते हैं और इससे ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. जिन लोगों को लिवर सिरोसिस बीमारी होती है, उनमें हार्मोन संतुलन बदल जाता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है. मोटापे से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जो ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाता है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 14, 2026, 18:20 IST

नीतीश कुमार ने विदाई नोट लिखकर बिहार में नई भाजपा सरकार का समर्थन किया | राजनीति समाचार

Chennai Super Kings vs Kolkata Knight Riders Live Score: IPL 2026 Match Today Updates From MA Chidambaram Stadium. (Picture Credit: PTI)

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 18:18 IST जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार ने कहा कि नई भाजपा सरकार बिहार की देखभाल के लिए तैयार है, जो समृद्ध होता रहेगा क्योंकि आने वाले दिनों में बहुत सारे अच्छे काम किए जाएंगे। इससे पहले नीतीश कुमार ने राज्य विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था. (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) बिहार में नई भाजपा सरकार को बागडोर सौंपते हुए, जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद अपने सोशल मीडिया पर एक विदाई नोट लिखा। नीतीश कुमार ने कहा कि नई सरकार बिहार की देखभाल के लिए तैयार है, लेकिन उनका समर्थन और मार्गदर्शन रहेगा और राज्य समृद्ध होता रहेगा। नीतीश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अब नई सरकार यहां का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। आगे भी बहुत अच्छे काम होंगे और बिहार काफी आगे बढ़ेगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 15:38 IST समाचार राजनीति ‘नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग, मार्गदर्शन मिलेगा’: नीतीश कुमार ने अपने विदाई पोस्ट में कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नीतीश कुमार का इस्तीफा(टी)नीतीश कुमार बिहार(टी)बिहार की नई सरकार(टी)बीजेपी सरकार बिहार(टी)जेडी(यू) मुख्यमंत्री(टी)बिहार की राजनीति(टी)सत्ता परिवर्तन बिहार(टी)नीतीश विदाई नोट

UK में भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

UK में भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

यूके में एक भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट साई कीर्तना श्रीपेरंबुदुरु को अंग्रेजी ठीक से न समझ पाने और आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया। कारण यह रहा कि वह मरीजों और सहकर्मियों की बात ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। यह मामला जून 2024 का हो, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। र्कीतना ने अक्टूबर 2023 में यॉर्क एंड स्कारबरो टीचिंग हॉस्पिटल्स NHS ट्रस्ट जॉइन किया था। जॉइनिंग के कुछ ही समय बाद सहकर्मियों को पता चला कि वह मरीजों और स्टाफ की अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। स्पीच थेरेपिस्ट होने के बावजूद उन्हें उच्चारण, व्याकरण और बातचीत समझने में समस्या थी। अंततः जून 2024 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अंग्रेजी फर्स्ट लैंग्वेज का दावा गलत निकला आवेदन में कीर्तना ने अंग्रेजी को अपनी पहली भाषा बताया था, लेकिन बाद में रिव्यू मीटिंग में स्वीकार किया कि उनकी मातृभाषा तेलुगु है। बाद में दिसंबर में उन्होंने बताया कि वह नौकरी के साथ-साथ अंग्रेजी सुधारने के लिए क्लास भी ले रही थीं। इस मामले में एक और अहम बात सामने आई कि नौकरी के आवेदन में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ बताया था। जबकि फॉर्म के नियमों के अनुसार, ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ वही मानी जाती है जो व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता हो। केवल अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करना इसे पहली भाषा नहीं बनाता। आमने-सामने की बातचीत से बचना चाहती थी कीर्तना कीर्तना के मैनेजर ने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उसने चैट बॉक्स के जरिए सवाल पूछने का अनुरोध किया था, यानी आमने-सामने बातचीत से बचना चाहती थीं। इसे असामान्य माना गया, खासकर इसलिए क्योंकि वह उस समय यूके में ही रह रही थीं। अस्पताल ट्रस्ट के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि साई कीर्तना अक्टूबर 2023 से जून 2024 तक काम पर थीं और जून में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कीर्तना ने इस फैसले को चुनौती दी और कहा कि उनकी पढ़ाई अंग्रेजी में हुई है, इसलिए इसे उनकी पहली भाषा माना जाना चाहिए। लेकिन पैनल ने इस तर्क को नहीं माना। पैनल का कहना था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी दी और यह धोखा देने की कोशिश थी। इसके बाद उन्हें रजिस्टर से हटा दिया गया। ट्रिब्यूनल ने क्या कहा आवेदन फॉर्म में साफ लिखा होता है कि “क्या अंग्रेजी आपकी पहली भाषा है?” इसका जवाब ‘हां’ तभी देना चाहिए, जब अंग्रेजी आपकी रोजमर्रा की मुख्य भाषा हो। सिर्फ अंग्रेजी में पढ़ाई करने से यह पहली भाषा नहीं मानी जाती। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, साई कीर्तना का कहना था कि उन्हें सच में लगता था कि उनकी शिक्षा और पेशेवर काम के संदर्भ में अंग्रेजी को उनकी पहली भाषा माना जा सकता है। उन्होंने पैनल को लिखित में बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यूके के नियमों के अनुसार “पहली भाषा” का मतलब रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली मुख्य भाषा होता है। सुनवाई के बाद पैनल ने कहा कि यह उनकी अंग्रेजी क्षमता की कमी छिपाने की कोशिश थी और इसे बेईमानी माना गया।

UK में भारतीय मूल की थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

UK में भारतीय मूल की थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

यूके में एक भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट साई कीर्तना श्रीपेरंबुदुरु को अंग्रेजी ठीक से न समझ पाने और आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया। कारण यह रहा कि वह मरीजों और सहकर्मियों की बात ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। यह मामला जून 2024 का हो, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। र्कीतना ने अक्टूबर 2023 में यॉर्क एंड स्कारबरो टीचिंग हॉस्पिटल्स NHS ट्रस्ट जॉइन किया था। जॉइनिंग के कुछ ही समय बाद सहकर्मियों को पता चला कि वह मरीजों और स्टाफ की अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। स्पीच थेरेपिस्ट होने के बावजूद उन्हें उच्चारण, व्याकरण और बातचीत समझने में समस्या थी। अंततः जून 2024 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अंग्रेजी फर्स्ट लैंग्वेज का दावा गलत निकला आवेदन में कीर्तना ने अंग्रेजी को अपनी पहली भाषा बताया था, लेकिन बाद में रिव्यू मीटिंग में स्वीकार किया कि उनकी मातृभाषा तेलुगु है। बाद में दिसंबर में उन्होंने बताया कि वह नौकरी के साथ-साथ अंग्रेजी सुधारने के लिए क्लास भी ले रही थीं। इस मामले में एक और अहम बात सामने आई कि नौकरी के आवेदन में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ बताया था। जबकि फॉर्म के नियमों के अनुसार, ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ वही मानी जाती है जो व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता हो। केवल अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करना इसे पहली भाषा नहीं बनाता। आमने-सामने की बातचीत से बचना चाहती थी कीर्तना कीर्तना के मैनेजर ने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उसने चैट बॉक्स के जरिए सवाल पूछने का अनुरोध किया था, यानी आमने-सामने बातचीत से बचना चाहती थीं। इसे असामान्य माना गया, खासकर इसलिए क्योंकि वह उस समय यूके में ही रह रही थीं। अस्पताल ट्रस्ट के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि साई कीर्तना अक्टूबर 2023 से जून 2024 तक काम पर थीं और जून में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कीर्तना ने इस फैसले को चुनौती दी और कहा कि उनकी पढ़ाई अंग्रेजी में हुई है, इसलिए इसे उनकी पहली भाषा माना जाना चाहिए। लेकिन पैनल ने इस तर्क को नहीं माना। पैनल का कहना था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी दी और यह धोखा देने की कोशिश थी। इसके बाद उन्हें रजिस्टर से हटा दिया गया। ट्रिब्यूनल ने क्या कहा आवेदन फॉर्म में साफ लिखा होता है कि “क्या अंग्रेजी आपकी पहली भाषा है?” इसका जवाब ‘हां’ तभी देना चाहिए, जब अंग्रेजी आपकी रोजमर्रा की मुख्य भाषा हो। सिर्फ अंग्रेजी में पढ़ाई करने से यह पहली भाषा नहीं मानी जाती। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, साई कीर्तना का कहना था कि उन्हें सच में लगता था कि उनकी शिक्षा और पेशेवर काम के संदर्भ में अंग्रेजी को उनकी पहली भाषा माना जा सकता है। उन्होंने पैनल को लिखित में बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यूके के नियमों के अनुसार “पहली भाषा” का मतलब रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली मुख्य भाषा होता है। सुनवाई के बाद पैनल ने कहा कि यह उनकी अंग्रेजी क्षमता की कमी छिपाने की कोशिश थी और इसे बेईमानी माना गया।

बड़े डायरेक्टर्स को लगा था धुरंधर-2 सोमवार को बैठ जाएगी:फिल्म मेकर कुणाल कोहली का दावा, कहा- इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया

बड़े डायरेक्टर्स को लगा था धुरंधर-2 सोमवार को बैठ जाएगी:फिल्म मेकर कुणाल कोहली का दावा, कहा- इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया

आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना रही है। इसी बीच फिल्म मेकर कुणाल कोहली ने धुरंधर 2 पर एक बड़ा खुलासा किया है। कुणाल ने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले इंडस्ट्री के कई बड़े निर्देशकों का मानना था कि यह फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। कुणाल कोहली ने स्क्रीन से बातचीत में कहा कि जब फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब उन्होंने कई बड़े निर्देशकों से बात की थी। कुणाल के मुताबिक, इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया था। मैंने जिन बड़े डायरेक्टर्स से बात की, उनका कहना था कि फिल्म सोमवार को बैठ जाएगी। लेकिन सोमवार को फिल्म बैठने के बजाय और ज्यादा चलने लगी। कुणाल ने आगे कहा कि किसी फिल्म की सफलता के लिए इंडस्ट्री का सपोर्ट होना जरूरी नहीं है, दर्शक खुद तय करते हैं कि फिल्म कैसी है। ‘फेक कलेक्शन’ पर कुणाल का तंज कुणाल ने फिल्म के ‘जेनुइन कलेक्शन’ की तारीफ करते हुए उन फिल्मों पर निशाना साधा जो आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ करती हैं। उन्होंने कहा, कुछ फिल्में फेक कलेक्शन दिखाती हैं, फिर भी अपने पूरे लाइफटाइम में 100 करोड़ नहीं जुटा पातीं। वहीं, धुरंधर 2 ने बिना किसी दिखावे के एक दिन में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। उन्होंने आदित्य धर, रणवीर सिंह और जियो स्टूडियोज को भारतीय सिनेमा की असली क्षमता दिखाने के लिए बधाई दी। हीरो को ‘मर्द’ होना चाहिए कुणाल कोहली ने फिल्म में रणवीर सिंह के किरदार की तारीफ करते हुए कहा कि हिंदी फिल्मों के हीरो को ‘मर्द’ दिखना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें विदेशी विषयों से प्रभावित होने के बजाय देसी कहानियां बनानी चाहिए। हमारे हीरो को खोया हुआ या कंफ्यूज लड़का नहीं होना चाहिए। जैसा ‘सैयारा’ और ‘धुरंधर’ में दिखाया गया, हीरो वैसा ही होना चाहिए। कुणाल ने ‘बॉर्डर 2’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह फिल्म 300 करोड़ पार कर गई थी, तब भी लोगों ने उसकी आलोचना की थी, जबकि वह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म थी।

‘सेवा करने का पवित्र अवसर’: सम्राट चौधरी की ‘प्रतिज्ञा’ क्योंकि बीजेपी ने उन्हें बिहार का नेतृत्व करने के लिए चुना | राजनीति समाचार

AP Inter Results 2026 Date And Time Live Updates: Check steps to download BIEAP 11th, 12th results.

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 16:40 IST न्यूज18 ‘सेवा करने का पवित्र अवसर’: सम्राट चौधरी की ‘प्रतिज्ञा’, बीजेपी ने उन्हें बिहार का नेतृत्व करने के लिए चुना चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 16:40 IST समाचार राजनीति ‘सेवा करने का पवित्र अवसर’: सम्राट चौधरी की ‘प्रतिज्ञा’, बीजेपी ने उन्हें बिहार का नेतृत्व करने के लिए चुना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

हॉलीवुड एक्टर जॉन सीना ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी:मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम बोले- संगीत जगत का बड़ा नुकसान हुआ

हॉलीवुड एक्टर जॉन सीना ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी:मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम बोले- संगीत जगत का बड़ा नुकसान हुआ

हॉलीवुड एक्टर और पूर्व रेसलर जॉन सीना ने सिंगर आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी है। सीना ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम पर आशा भोसले की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह स्टेज पर परफॉर्म करती नजर आ रही हैं। जॉन सीना की फिल्म हेड्स ऑफ स्टेट की को-स्टार प्रियंका चोपड़ा ने पोस्ट पर कमेंट करते हुए आशा भोसले को ‘क्वीन’ बताया। मलेशिया के प्रधानमंत्री ने भी दुख जताया वहीं, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने महान सिंगर आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने इसे संगीत और संस्कृति की दुनिया के लिए बहुत बड़ा नुकसान बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आशा भोसले की आवाज ने कई पीढ़ियों को जोड़ा। उन्होंने हजारों गानों के जरिए भावनाएं, परंपराएं और कहानियां दुनिया तक पहुंचाईं। उनकी आवाज में खास जादू था, जिसने दुनियाभर के लोगों के दिलों को छुआ। उन्होंने यह भी कहा कि लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के बावजूद आशा भोसले ने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने हमेशा कुछ नया करने की कोशिश की और अपनी खास स्टाइल से लोगों के बीच बनी रहीं। अनवर इब्राहिम ने यह भी कहा कि मलेशिया की ओर से उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आशा भोसले की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।