Saturday, 10 Oct 2026 | 09:12 PM

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वॉशरूम जाती महिलाओं का वीडियो किया था अपलोड, गिरफ्तार:राजगढ़ पुलिस ने स्वतः संज्ञान ले युवक को पकड़ा, कान पकड़कर मांगी माफी

वॉशरूम जाती महिलाओं का वीडियो किया था अपलोड, गिरफ्तार:राजगढ़ पुलिस ने स्वतः संज्ञान ले युवक को पकड़ा, कान पकड़कर मांगी माफी

राजगढ़ जिले के एक मेले में महिलाओं के वॉशरूम जाने का आपत्तिजनक वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाले युवक को पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए रविवार (22 मार्च) को पकड़ लिया है। कालीपीठ थाना पुलिस ने पाटरी गांव के रहने वाले आरोपी बबलू तंवर को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ के दौरान कान पकड़कर अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी है। आरोपी ने डरकर वीडियो और आईडी डिलीट कर दी थी, फिर भी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस (BNSS) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था आपत्तिजनक वीडियो 22 मार्च को इंस्टाग्राम आईडी “बबलू तंवर” से सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया गया था। इस वीडियो में मेले के दौरान कुछ महिलाएं वॉशरूम जाते हुए दिखाई दे रही थीं। यह वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में महिलाओं की गरिमा और निजता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। बिना शिकायत पुलिस ने लिया स्वतः संज्ञान महिलाओं की निजता से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी। इसके बावजूद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान थाना कालीपीठ क्षेत्र के ग्राम पाटरी निवासी बबलू तंवर के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे अभिरक्षा में ले लिया। कान पकड़कर मांगी माफी, वीडियो-आईडी की डिलीट पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पुलिस के सामने दोनों कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगी। उसने पुलिस से कहा कि भविष्य में वह ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगा। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े जाने के डर से आरोपी ने संबंधित आपत्तिजनक वीडियो और अपनी इंस्टाग्राम आईडी डिलीट कर दी थी। धारा 170 BNSS के तहत कार्रवाई, पुलिस की अपील वीडियो डिलीट करने और माफी मांगने के बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कालीपीठ पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि महिलाओं की निजता और गरिमा का सम्मान करें। इस प्रकार के वीडियो न बनाएं और न ही सोशल मीडिया पर साझा करें, नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।

‘मेरी मां ने मुझे यह घर कहा था…’, ममता बनर्जी के लिए क्यों है इतना खास भवानीपुर, जानें क्या है इस सीट का इतिहास

'मेरी मां ने मुझे यह घर कहा था...', ममता बनर्जी के लिए क्यों है इतना खास भवानीपुर, जानें क्या है इस सीट का इतिहास

पश्चिम बंगाल की राजनीति में कुछ ऐसे ही इलेक्ट्रोनिक क्षेत्र हैं, ऐतिहासिक महत्व के भवानीपुर के बारे में बताया गया है। इस सीट का नामांकन यात्रा राज्य में कांग्रेस के प्रभुत्व से लेकर उद्यम के उदय तक के बदलावों को शामिल किया गया है। ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाने वाला भवानीपुर से हमेशा के लिए समाजवादी मजबूत गढ़ नहीं था। भवानीपुर को लेकर क्या बोलीं ममतासुप्रीमो और सीएम ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्टी की बैठक में नेताओं से वोट बनाए रखने को कहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे हाथ में कुछ नहीं है. 3 दिन में 50 लोगों को निकाला गया भुगतान। इसके अलावा उन्होंने कई मूर्तिकारों की भूमिका भी निभाई। अपने क्षेत्र टेलीकॉम भवानीपुर के बारे में बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ”भवानीपुर में हर कोई मुझे बताता है. भवानीपुर विधानसभा सीट का इतिहासपीटीआई का कहना है कि देश की आजादी के बाद दशकों तक दक्षिण कोलकाता की ये सीट कांग्रेस का गढ़ और राज्य की कुछ सबसे प्रभावशाली राजनीतिक समाप्ति का गृह क्षेत्र रही। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में इस सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। मीरा गुट गुप्ता और रथिन तालुकदार जैसे अन्य कांग्रेसी दिग्गजों ने भी इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, जिससे भवानीपुर की प्रतिष्ठा पार्टी के प्रमुख शहरी गढ़ों में एक के रूप में मजबूत हुई। भवानीपुर तक कई प्राचीन कांग्रेस के प्रभाव में जगह बनाई जा रही है। केवल 1969 में ही इस सीट पर कब्ज़ा कर लिया गया था। जब इस सीट का नाम मोती कालीघाट इलेक्ट्रोरेटर क्षेत्र रखा गया। सी क्रूज़ (एम) नेता साधन गुप्ता 1953 में इसी सीट से भारत के पहले दृष्टिबाधित न्यूनतम बने। भवानीपुर की राजनीतिक यात्रा ने 1972 में एक क्रांतिकारी मोड़ लिया, जब परिसीमन के बाद यह इलेक्ट्रोलाइट क्षेत्र रेखाचित्र से गायब हो गया। लगभग 4 दशकों तक यह सीट केवल राजनीतिक स्मृति में ही विद्यमान रही। 2011 के परिसीमन में इसे फिर से जीवित किया गया। उस दौरान बंगाल की राजनीति में नाटकीय उतार-चढ़ाव मची थी। उसी वर्ष वाममोर्चा के 34 वर्ष के शासन का अंत हुआ और ममता बनर्जी युग की शुरुआत हुई। ये भी पढ़ें अमेरिका ईरान युद्ध: भारत में 95 तो पाकिस्तान में कितने रुपए प्रति लीटर बिका पेट्रोल, डीजल कितने का? (टैग्सटूट्रांसलेट)भवानीपुर(टी)ममता बनर्जी(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)भवानीपुर(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव

अल्कराज मियामी ओपन से बाहर:सेबेस्टियन कोर्डा ने हराया; हार के बीच हताश दिखे, बोले- अब और बर्दाश्त नहीं होता, मैं घर जा रहा हूं

अल्कराज मियामी ओपन से बाहर:सेबेस्टियन कोर्डा ने हराया; हार के बीच हताश दिखे, बोले- अब और बर्दाश्त नहीं होता, मैं घर जा रहा हूं

मियामी ओपन में रविवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मौजूदा ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन कार्लोस अल्कराज टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में हारकर बाहर हो गए हैं। उन्हें अमेरिका के सेबेस्टियन कोर्डा ने तीन सेटों के कड़े मुकाबले में 6-3, 5-7, 6-4 से मात दी। मैच 2 घंटे 19 मिनट चला। कार्लोस अल्काराज, जिन्होंने जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया, इस सीजन में अब तक 19 मैच खेल चुके हैं, जिनमें उन्होंने 17 जीत और 2 हार दर्ज की हैं। इंडियन वेल्स में भी उनका सफर सेमीफाइनल में समाप्त हुआ, जहां उन्हें डेनियल मेदवेदेव के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह लगातार दूसरा साल है जब अल्कराज को मियामी में शुरुआती दौर में ही बाहर होना पड़ा है। पिछले साल भी उन्हें दूसरे दौर में डेविड गोफिन ने हराकर चौंकाया था। मैच के दौरान अल्कराज का दिखा अलग रूप हार्ड रॉक स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अल्कराज अपनी लय में नजर नहीं आए। मानसिक मजबूती के लिए पहचाने जाने वाले अल्कराज मैच के दौरान काफी हताश दिखे। पहले सेट में 3-6 से पिछड़ने और दूसरे सेट की शुरुआत में सर्विस टूटने के बाद उन्होंने अपने बॉक्स (कोचिंग टीम) की तरफ चिल्लाते हुए कहा,’अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता। मैं घर जा रहा हूं… मैं अब और नहीं झेल सकता।’ उनके इस व्यवहार ने फैंस को हैरान कर दिया, क्योंकि वे आमतौर पर मैदान पर शांत और मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। कोर्डा ने निर्णायक सेट में दिखाया दम दूसरे सेट में एक समय कोर्डा 5-4 से आगे थे और मैच के लिए सर्व कर रहे थे। यहाँ अल्कराज ने वापसी की कोशिश की और लगातार पांच गेम जीतकर स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि, इस दौरान भी उनके चेहरे पर वह चिर-परिचित चमक और जीत का जश्न गायब था। निर्णायक सेट (तीसरे सेट) में 25 साल के कोर्डा ने अपना संयम बनाए रखा और 2 घंटे 19 मिनट तक चले इस मुकाबले को 6-4 से अपने नाम कर लिया। रैंकिंग में 36वें नंबर के खिलाड़ी से हारे सेबेस्टियन कोर्डा फिलहाल एटीपी रैंकिंग में 36वें स्थान पर हैं। पिछले साल डेविड गोफिन (तब 55वीं रैंक) के बाद कोर्डा सबसे कम रैंकिंग वाले खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने अल्कराज को इस टूर्नामेंट में हराया है। इस हार के साथ ही मियामी ओपन में अल्कराज का खराब रिकॉर्ड जारी रहा। अल्कराज बोले- अहम मौकों पर कोर्डा बेहतर रहे मैच के बाद अपनी हार स्वीकार करते हुए अल्कराज ने कहा,’जाहिर तौर पर यह एक कठिन मैच था। मुझे लगता है कि आज कोर्डा ने बेहतरीन खेल दिखाया। मैच में कई ऐसे मौके आए जहां स्कोर काफी करीबी था, लेकिन मैं उन मौकों का फायदा नहीं उठा सका। उन परिस्थितियों में कोर्डा मुझसे बेहतर साबित हुए। ————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… आकाशदीप की जगह सौरभ दुबे KKR में शामिल हुए:अब तक IPL डेब्यू नहीं किया; हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट पर फैसला बाकी IPL का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू हो रहा है। पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। पूरी खबर

धुरंधर 2 में रणवीर का घोस्ट लुक वायरल:मेकअप आर्टिस्ट ने शेयर किया ट्रांसफॉर्मेशन वीडियो; फैंस बोले- हमें लगा AI है

धुरंधर 2 में रणवीर का घोस्ट लुक वायरल:मेकअप आर्टिस्ट ने शेयर किया ट्रांसफॉर्मेशन वीडियो; फैंस बोले- हमें लगा AI है

आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। अब फिल्म के कलेक्शन के साथ-साथ अब रणवीर सिंह के ‘घोस्ट’ लुक की भी खूब चर्चा हो रही है। सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट प्रीतिशील सिंह ने सोशल मीडिया पर एक बिहाइंड-द-सीन (BTS) वीडियो शेयर किया है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे रणवीर सिंह को फिल्म के डरावने ‘घोस्ट बॉर्न ऑफ शैडोज’ लुक में बदला गया। इस वीडियो को देख फैंस हैरान हैं, क्योंकि अब तक लोग इसे कंप्यूटर ग्राफिक्स (VFX) का कमाल मान रहे थे। घंटों चली मेकअप प्रोसेस मेकअप आर्टिस्ट प्रीतिशील सिंह ने इंस्टाग्राम पर जो वीडियो शेयर किया है, उसमें रणवीर सिंह बहुत ही शांति से बैठे नजर आ रहे हैं। आर्टिस्ट्स की एक पूरी टीम बड़ी बारीकी से उनके चेहरे पर पेंट कर रही है और एक-एक लेयर जोड़कर उन्हें डरावना रूप दे रही है। प्रीतिशील ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, “जब आपका दिमाग थक जाता है, तो भ्रम अपनी झूठ को उन रंगों में रंग देता है जिन पर आप यकीन करना चाहते हैं। रणवीर सिंह को ‘घोस्ट बॉर्न ऑफ शैडोज’ में बदलते हुए।” फैंस बोले- हमें लगा AI का काम है वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने माना कि उन्हें लगा था कि फिल्म में रणवीर का यह चेहरा पूरी तरह से VFX या AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। एक यूजर ने कमेंट किया, “ओह! मुझे लगा था यह VFX था।” वहीं दूसरे ने लिखा, “मुझे लगा यह CGI है।” कंगना ने की आदित्य धर की तारीफ फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों ने भी फिल्म और डायरेक्टर आदित्य धर की सराहना की है। कंगना रनौत ने आदित्य को ‘सुपरस्टार फिल्ममेकर’ बताते हुए कहा कि वे फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव लेकर आए हैं। कंगना ने उनकी तुलना स्टीवन स्पीलबर्ग और क्रिस्टोफर नोलन जैसे दिग्गजों से की। वहीं ‘बाहुबली’ फेम डायरेक्टर एसएस राजामौली ने कहा कि आदित्य धर ने इस फिल्म के साथ कमाल कर दिया है। राकेश रोशन ने तो इसे ‘फिल्म मेकिंग के नए युग’ की शुरुआत बताया है।

लापरवाही बरतने पर उदयनगर टीआई लाइन अटैच:देवास में दुष्कर्म पीड़िता के बेटे के सुसाइड का मामला; ग्रामीणों ने किया था चक्काजाम

लापरवाही बरतने पर उदयनगर टीआई लाइन अटैच:देवास में दुष्कर्म पीड़िता के बेटे के सुसाइड का मामला; ग्रामीणों ने किया था चक्काजाम

देवास जिले के उदयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम भीकूपुरा में एक दुष्कर्म मामले में त्वरित कार्रवाई न करने और इसके चलते कानून व्यवस्था बिगड़ने पर एसपी पुनीत गेहलोद ने थाना प्रभारी चुन्नीलाल रायकवार को लाइन अटैच कर दिया है। आरोपी पर कार्रवाई न होने से आहत होकर पीड़िता के बेटे ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद शनिवार (21 मार्च) को आक्रोशित ग्रामीणों ने पुंजापुरा-उदयनगर मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया था। एसपी ने टीआई को पदीय कर्तव्यों में लापरवाही बरतने का जिम्मेदार माना है। महिला से खेत में हुआ था दुष्कर्म, कार्रवाई न होने पर बेटे ने दी जान यह मामला उदयनगर थाना क्षेत्र के गांव भीकूपुरा का है, जहां एक महिला के साथ खेत में दुष्कर्म की घटना हुई थी। आरोप है कि पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की लापरवाही और आरोपी पर कार्रवाई न होने से व्यथित होकर पीड़िता के बेटे ने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए बागली ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। शनिवार को सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया था चक्काजाम दुष्कर्म पीड़िता के बेटे की मौत के बाद गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को पुंजापुरा-उदयनगर मार्ग पर भीकूपुरा में मृतक का शव सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन और चक्काजाम से क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। एसपी के आदेश में उल्लेख- टीआई की लापरवाही से बिगड़े हालात मामले की गंभीरता और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने उदयनगर थाना प्रभारी चुन्नीलाल रायकवार पर यह कार्रवाई की है। एसपी पुनीत गेहलोद ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि थाना प्रभारी द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती गई। इसी लापरवाही के कारण 21 मार्च को ग्राम भीकूपुरा क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बनी।

हिमाचल में दादा ने पोते पर गोली चलाई:गंभीर रूप से घायल, PGI चंडीगढ़ रेफर, दाहिनी कलाई और कुल्हे पर लगी, सेना छोड़कर आया आरोपी

हिमाचल में दादा ने पोते पर गोली चलाई:गंभीर रूप से घायल, PGI चंडीगढ़ रेफर, दाहिनी कलाई और कुल्हे पर लगी, सेना छोड़कर आया आरोपी

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में बीती रात एक रिटायर फौजी ने अपने ही पोते को गोली मार दी। मंडी के बल्ह क्षेत्र के लोहारा गांव में गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल पोते को नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे एम्स बिलासपुर रेफर किया गया। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने मनीषा चौधरी की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में आरोपी बहादुर सिंह की बहू मनीषा चौधरी (30) ने बताया कि उनके ससुर बहादुर सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। वह अक्सर शराब पीकर उनके साथ गाली-गलौज और लड़ाई-झगड़ा करते रहते हैं। रविवार रात को भी नशे में धुत होकर उन्होंने उनके साथ झगड़ा किया। मनीषा और उनके पति ने अपने ससुर को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह गंदी-गंदी गालियां देते रहे और मनीषा पर बंदूक तान दी। शाम करीब 7:30 बजे लड़ाई और शोर सुनकर मनीषा के जेठ जसबिंदर सिंह का बेटा उमेश चौधरी उन्हें छुड़ाने के लिए मौके पर आया। दाहिनी कलाई और कुल्हे पर लगी गोली इस दौरान बहादुर सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से मनीषा पर फायर किया, लेकिन गोली उमेश चौधरी की दाहिनी कलाई को पार करते हुए दाहिने कुल्हे में जा लगी। इसके बाद मनीषा और उनके पति भूपेंद्र सिंह ने बहादुर सिंह से बंदूक छीनकर एक तरफ फेंक दी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, जिनकी मदद से उमेश चौधरी को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक पहुंचाया गया। फौजी की पिटाई, एम्स बिलासपुर में भर्ती घटना के बाद गुस्साए परिवार के सदस्यों ने फौजी की पिटाई कर दी, जिससे उसे भी गंभीर चोटें आईं। बहादुर सिंह का इलाज भी एम्स बिलासपुर में चल रहा है। अक्सर परिवार से होता था विवाद पुलिस के अनुसार, रिटायर फौजी का परिवार के सदस्यों के साथ अक्सर विवाद होता रहता था। वह शराब पीकर झगड़ा करता था। बीती रात भी इसी तरह विवाद बढ़ने पर उसने गुस्से में आकर गोली चला दी। पुलिस जांच में जुटी रात करीब 8 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। इसके बाद 8:30 बजे तक पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

बंगाल चुनाव में AIMIM की शुरुआत, ओवैसी ने बाबरी मस्जिद वाले हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन की घोषणा की

बंगाल चुनाव में AIMIM की शुरुआत, ओवैसी ने बाबरी मस्जिद वाले हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन की घोषणा की

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक तस्वीरें और जटिलताएं सामने आई हैं। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की आम जनता पार्टी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरेगी। ओसाइ ने कहा कि वह 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूँ कबीर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। एआईएमआईएम की चुनावी लड़ाई पर संक्षिप्त विवरण दारुस्सलाम में ईद मिलाप समारोह में ओसामी ने इस गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि इस गठबंधन में इमाम इमाम के रूप में करीब 8 चुनावी मैदान में हैं। इमाम की ये 8 पवित्र भूमि बीरभूम में 3, मुर्शिदाबाद में 3 और मालदा में 2 शामिल हैं। हुमायूँ कबीर भरतपुर के नेता और वैष्णव कांग्रेस के पूर्व नेता हैं। मुर्शिदाबाद बाबरी मस्जिद की मस्जिद पर एक नई मस्जिद बनाने के बाद उन पर आपत्तिजनक बयान दिया गया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने दिसंबर 2024 में आम जनता पार्टी का गठन किया। 182 पर फाइटगी आम जनता डेमोक्रेटिक पार्टीआम जनता पार्टी अकेले 182 क्वार्टर पर चुनाव लड़ेगी। हुमायूं कबीर खुद रेनगर और नाओडा दोनों से चुनावी लड़ाई लड़ेंगे। कबीर का दावा है कि मुस्लिम आइलैंड का 114 क्षेत्र में ढहने वाला प्रभाव है और वे क्लासिक से गायब हैं। उन्होंने यहां तक ​​कहा कि अगर उनकी पार्टी सरकार में आई तो पहली बार किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री या वेतनमान दिया जाएगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होगा और तीसरे चरण में 4 मई को होगा। राज्य में 294 सीटें हैं और मुख्य प्रतियोगिता पारंपरिक कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की उम्मीद है। एआईएमआईएम और आम जनता पार्टी का यह गठबंधन मुर्शिदाबाद, मालदा और बीरभूम जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में कम्युनिस्ट कांग्रेस और बीजेपी दोनों का गठबंधन बन सकता है। ओसाकी की 25 मार्च को कोलकाता प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीट फ्रेंड का पूरा खुलासा होने की उम्मीद है। ये भी पढ़ें इस राज्य की सरकार ने लिया बड़ा फैसला, 38 हजार फर्मों के नीचे दी गई हैं गार्डनिंग दुकानें (टैग्सटूट्रांसलेट) असदुद्दीन ओवेसी (टी) डब्ल्यूबी चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (टी) असदुद्दीन ओवैसी (टी) हुमायूं कबीर (टी) आम जनता जनता पार्टी (टी) टीएमसी (टी) बीजेपी (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026

नक्सलियों ने किडनैप किया, सच्चाई जानकर खाना खिलाया,पैसे भी दिए:कमर में इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ा, 20 हजार किमी की पैदल यात्रा की

नक्सलियों ने किडनैप किया, सच्चाई जानकर खाना खिलाया,पैसे भी दिए:कमर में इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ा, 20 हजार किमी की पैदल यात्रा की

कमर में हुई इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ दिया। योग की मदद से ठीक हुए तो सभी को जागरूक कपने का संकल्प लिया। इसके लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़े। ये हैं मैसूर (कर्नाटक) के रहने वाले 32 साल के कृष्णा नायक। अपनी यात्रा के दौरान ये जयपुर पहुंचे हैं। कृष्णा नायक ने बताया कि 16 अक्टूबर 2022 को मैसूर से पैदल यात्रा शुरू की थी। तीन साल से ज्यादा समय में करीब 20 हजार किलोमीटर चलकर नेपाल और भूटान समेत भारत के 25 राज्यों तक पहुंच चुका हूं। इस दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने किडनैप भी किया। हकीकत सामने आई तो प्यार से खाना खिलाया, पैसे भी दिए। आगे पढ़िए कृष्णा नायक से पूरी बातचीत… सवाल – योग के प्रति आम जनता को जागरूक करने का यह सफर कहां से और कब शुरू किया? कृष्णा नायक – 16 अक्टूबर साल 2022 को मैं मैसूर से अपनी इस योग यात्रा की शुरुआत की थी। भारत के साथ मैं नेपाल और भूटान में भी आम जनता को योग के प्रति जागरूक करने के लिए यात्रा की है। अब तक मैं 1251 दिनों की यात्रा को पूरा कर चुका हूं। इस दौरान मैं नेपाल और भूटान की यात्रा पूरी कर ली है। फिलहाल में भारत के 25वें राज्य में प्रवेश कर यहां के अलग-अलग शहरों में आम जनता को योग के प्रति जागरूक कर रहा हूं। इस दौरान में अब तक लगभग 20 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा कर चुका हूं। मैं चाहता हूं कि भारत में बच्चा-बच्चा और यूथ यह जाने की योग कितना महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ में देश के स्कूल-कॉलेज में पहुंच उन्हें योग की जानकारी देता हूं। सवाल – तीन देशों की यात्रा करने से पहले आपको बैक इंजरी हुई थी। ऐसे वक्त में यात्रा करने की सोच कैसे आई? कृष्णा नायक – योग पथ पर आने से पहले मैं बतौर क्रिकेटर अपने जीवन को जी रहा था। अचानक मेरी पीठ में इंजरी हो गई। इसकी वजह से मैं ठीक ढंग से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। उस वक्त न मैं क्रिकेट खेल पा रहा था, न ठीक ढंग से उठ और सो पा रहा था। उस वक्त मैं योग के माध्यम से न सिर्फ अपनी इंजरी को ठीक किया, बल्कि खुद को और बेहतर और स्वस्थ भी महसूस किया। इसके बाद मुझे योग ने अपनी ओर बहुत ज्यादा आकर्षित किया। लोग मुझे बोलते थे कि मुझे योग की वजह से नया जीवन मिला है। इसके बाद मैंने अलग-अलग तरह के योग अभ्यास सीखे और यूथ को ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया था। सवाल – 20 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। छत्तीसगढ़ में आपको नक्सलियों ने भी पकड़ लिया था? कृष्णा नायक – मैंने अपनी यात्रा की शुरुआत मैसूर से की थी। इसके बाद केरला, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश को मैंने अच्छे से पार कर लिया था। जैसे ही मैंने छत्तीसगढ़ में एंट्री ली। उसके कुछ दिन बाद मैं वहां नक्सली क्षेत्र में पहुंचा था। वहां इंद्रावती नेशनल पार्क जो आज भी रेड अलर्ट एरिया है। उसके जंगल के बीच से गुजर रहा था। तभी कुछ नक्सलियों ने मुझे किडनैप कर लिया। वह लोग मुझे पकड़ के जंगल के बीच में ले गए। पूछताछ करने लगे। तब मुझे ठीक ढंग से हिंदी बोलना नहीं आता था। उन्हें ठीक ढंग से इंग्लिश समझ नहीं आ रही थी। मैं वहां काफी परेशान हो गया, रोने लगा। उन लोगों ने मुझे कहा सही-सही बताओ, यहां क्यों आए हो वरना तुम्हें जान से मार देंगे। आखिर में उन लोगों ने मेरे बारे में गूगल किया। लगभग 4 घंटे बाद उन्हें मेरी यात्रा की जानकारी मिली। तब उन्हें मुझ पर विश्वास हुआ। इसके बाद उन लोगों को मेरी सोच अच्छी लगी। उन्होंने न सिर्फ मुझे छोड़ा, बल्कि मुझे अच्छा खाना भी दिया। कुछ पैसे भी दिए। ताकि मैं अपने सफर को ठीक ढंग से पूरा कर सकूं। इसके बाद मणिपुर में भी मुझे इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। मैं तिरंगा लेकर अपनी पैदल यात्रा पर था। कुछ लोगों ने मुझे हिरासत में ले लिया। उन्होंने मुझे कहा कि यह भारत का हिस्सा नहीं है। उन लोगों ने मुझे काफी परेशान भी किया। इस तरह समस्याओं का सामना करना पड़ा। फिलहाल मेरी यात्रा भगवान की कृपा से जारी है। मैं देश की 800 से ज्यादा IIT-NIT और स्कूल-कॉलेज में जाकर हजारों बच्चों को योग के प्रति जागरूक कर चुका हूं। सवाल – लंबे वक्त से आप योग यात्रा पर हैं। आखिर आपको मोटिवेट और मदद कौन कर रहा है? जवाब – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी जवागल श्रीनाथ सर ही मुझे सबसे ज्यादा सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने ही मेरी यात्रा को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया था। वो ही मेरी यात्रा के सबसे बड़े मददगार हैं। मेरे सफर के दौरान मेरे खाने और पीने का सारा खर्चा वही उठा रहे हैं। उनके साथ परिवार और दोस्त मुझे सपोर्ट करते हैं। मुझे कर्नाटक गवर्नमेंट ने पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी दे रखा है। इसकी वजह से मैं जहां भी जाता हूं, वहां के स्कूल, कॉलेज, मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरुद्वारे में मुझे रुकने दिया जाता है। मैं जंगल और पुलिस स्टेशन में भी रात बिता चुका हूं। सवाल – आपकी यात्रा कहां तक जाएगी और कब खत्म होगी? जवाब – नेपाल, भूटान के साथ ही भारत के 25 राज्यों की यात्रा को अब तक पूरा कर चुका हूं। फिलहाल मैं राजस्थान के बाद गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आखिर में चेन्नई पहुंचूंगा। लगभग 6 महीने का वक्त मुझे अभी अपनी यात्रा को पूरा करने में लगेगा। इसके बाद मैं चेन्नई में अपनी यात्रा का समापन करूंगा। सवाल – 3 साल से ज्यादा वक्त बीत गया है। क्या परिवार वालों से मुलाकात हुई। इस दौरान क्या कभी कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया? जवाब – मैं 100% पैदल यात्रा पर हूं। मेरे पास खुद का जीपीएस ट्रैकर है। फैमिली मेंबर्स से मेरी बात होती है। बीच में एक बार वह लोग मुझसे मिलने भी आए थे। मैं भी सब लोगों को मिस करता हूं। लेकिन पूरा देश मेरी फैमिली है। मैं चाहता हूं कि सभी

असम चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल ने छोड़ा थामा का ‘हाथ’

असम चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका! इस दिग्गज नेता ने कमल ने छोड़ा थामा का 'हाथ'

असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. हिमंत सरकार में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गरलोसा रविवार (22 मार्च) को मुख्यमंत्री पद से कांग्रेस में शामिल हो गईं। बीजेपी द्वारा टिकटें न जाने के दिए गए निर्देश के अनुसार उन्होंने यह निर्णय लिया है। अब वो कांग्रेस के टिकटों पर अपनी सीलबंद सीट हाफलोंग से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस ने असम कंपनी पर लगाया आरोप असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के महासचिव निर्मल लंगथासा की उपस्थिति में नंदिता गरलोसा कांग्रेस में शामिल हुईं। प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि हमें यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि नंदिता गरलोसा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गई हैं। पिछले 5 वर्षों से वो दिमा हसाओ की आवाज रही हैं और वो हमेशा अपने विश्वासों और सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रही हैं। लंगथासा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने उन्हें इसकी कीमत चुकाई है क्योंकि हिमंता बिस्वा सरमा की जमीन की मजबूती के लिए बड़ी कंपनी ने ही उन्हें नाटक में शामिल किया है। बीजेपी ने अनकित गरलोसा के टिकट निकालेनिर्मल लंगथासा ने आगे कहा कि कांग्रेस कल उन्हें हाफलोंग सीट से अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। इस संबंध में सभी प्रभावकारी जल्द ही पूरी कर ली मांग हैं। बता दें कि गरलोसा असम सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री वेला और वोलांग विधानसभा क्षेत्र में हाफलोंग सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इस बार बीजेपी ने अपनी जगह नए चेहरे रूपाली लांगथासा को टिकट दिया, उसके बाद गरलोसा ने बीजेपी छोड़ दी। पिछले रविवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आधी लंबी प्रिय नंदिता गरलोसा से अपने घर पर मुलाकात की थी लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही। सीएम सरमा से मुलाकात के कुछ ही घंटे बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया. बता दें कि असम की 126 रांची विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि असम की गिनती 4 मई को होगी. ये भी पढ़ें मौसम पूर्वानुमान: बिहार, राजस्थान समेत 6 राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी, दिल्ली-यूपी में कैसा रहेगा मौसम, जानें (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)असम चुनाव 2026(टी)नंदिता गरलोसा(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी(टी)नंदिता गरलोसा(टी)कांग्रेस(टी)चुनाव

जरूरत की खबर- इंडक्शन यूज के 10 सेफ्टी टिप्स:ये 12 गलतियां न करें, एक्सपर्ट से जानें इस्तेमाल और क्लीनिंग का सही तरीका

जरूरत की खबर- इंडक्शन यूज के 10 सेफ्टी टिप्स:ये 12 गलतियां न करें, एक्सपर्ट से जानें इस्तेमाल और क्लीनिंग का सही तरीका

मिडिल ईस्ट में पिछले करीब 25 दिनों से तनाव का माहौल बना हुआ है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग जारी है। इसका असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है। देश में इन दिनों LPG गैस के लिए लोगों को लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं। इससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। ऐसे में अब इंडक्शन का इस्तेमाल बढ़ गया है। लोग तेजी से इंडक्शन कुकटॉप खरीद रहे हैं। यह बिजली से चलने वाला एक सुविधाजनक कुकिंग अप्लायंस है। लेकिन इसके इस्तेमाल के दौरान थोड़ी सी लापरवाही से ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिकल शॉक और बेस डैमेज का रिस्क होता है। हालांकि सही कुकवेयर का चुनाव और समय-समय पर सफाई जैसे छोटे कदम इन खतरों से बचा सकते हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात इंडक्शन यूज के बेसिक सेफ्टी टिप्स की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: अभिषेक मिश्र, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, नागपुर, महाराष्ट्र सवाल- इंडक्शन कुकटॉप क्या है और यह कैसे काम करता है? जवाब- इंडक्शन एक कुकिंग अप्लायंस है, जो बिजली से चलता है। इसमें गैस या डायरेक्ट हीट की जगह मैग्नेटिक फील्ड का इस्तेमाल होता है। इंडक्शन पर बर्तन रखते ही इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा पैदा होती है। यह ऊर्जा सतह को गर्म करने की बजाय सीधे बर्तन के तले को गर्म करती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है। बर्तन हटाते ही हीटिंग तुरंत बंद हो जाती है, जिससे यह पर्याप्त सुरक्षित भी माना जाता है। इसे ‘इंडक्शन कुकटॉप’ भी कहते हैं। सवाल- क्या गैस, हीटर, स्टोव में यूज होने वाले सामान्य बर्तन इंडक्शन में भी यूज किए जा सकते हैं? जवाब- हां, आजकल बाजार में मिलने वाले इंडक्शन पर लगभग सभी बर्तन काम करते हैं। हालांकि मैग्नेटिक कुकवेयर जैसे कास्ट आयरन और स्टेनलेस स्टील इसके लिए बेहतर होते हैं। आप एक मैग्नेट की मदद से इसे चेक कर सकते हैं। अगर मैग्नेट बर्तन के तले से चिपक जाए, तो वह इंडक्शन के लिए सही है। एल्युमीनियम, तांबा, कांच या मिट्टी के बर्तन इस पर काम नहीं करते हैं। सवाल- इंडक्शन पर खाना बनाने का तरीका क्या है? स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस बताएं। जवाब- इंडक्शन पर खाना बनाना बहुत आसान है। सही बर्तन, सही सेटिंग और थोड़ी सावधानी से सुरक्षित तरीके से इंडक्शन पर कुकिंग कर सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से स्टेप-बाय-स्टेप इसका पूरा प्रोसेस समझिए- सवाल- इंडक्शन का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करना चाहिए? जवाब- इंडक्शन का इस्तेमाल आमतौर पर सुरक्षित होता है। लेकिन कुछ गलतियां ओवरहीटिंग, इलेक्ट्रिक शॉक या नुकसान का कारण बन सकती हैं। इसलिए इसे यूज करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- इंडक्शन पर खाना पकाते हुए क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- इंडक्शन पर कुकिंग आसान है, लेकिन कुछ कॉमन गलतियां नुकसान या खतरे का कारण बन सकती हैं। इसलिए इन्हें अवॉइड करना जरूरी है- सवाल- इंडक्शन की सफाई का सही तरीका क्या है? जवाब- डेली सही तरीके से इंडक्शन की सफाई करना जरूरी है, ताकि उसकी परफॉर्मेंस और लाइफ बनी रहे। नीचे दिए ग्राफिक से इसका सही तरीका समझिए- सवाल- किन गलतियों-लापरवाहियों के कारण इंडक्शन जल्दी खराब होता है? इसे कैसे मेंटेन करें कि वह लंबे समय तक चले? जवाब- इंडक्शन की लाइफ इस्तेमाल और रेगुलर मेंटेनेंस पर निर्भर करती है। छोटी-छोटी गलतियां इसे जल्दी खराब कर सकती हैं, जबकि सही देखभाल से यह लंबे समय तक सुरक्षित और बेहतर चलता है। जैसेकि- इंडक्शन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे से ज्यादा सुरक्षित है? अगर हां, तो कैसे? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा गैस चूल्हे के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसमें खुली आग नहीं होती, इसलिए आग लगने का खतरा कम रहता है। यह सिर्फ बर्तन के संपर्क में आने पर ही गर्म होता है, जिससे जलने का रिस्क कम होता है। सवाल- क्या इंडक्शन गैस चूल्हे के मुकाबले सस्ता पड़ता है? जवाब- हां, इंडक्शन चूल्हा कई मामलों में गैस के मुकाबले सस्ता पड़ सकता है। यह बिजली पर चलता है और ऊर्जा का उपयोग तेजी से करता है, जिससे हीट लॉस कम होता है। हालांकि कुल खर्च आपके बिजली दर और LPG कीमत पर निर्भर करता है, इसलिए हर घर में फर्क हो सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन को देर तक चलाना सुरक्षित है? जवाब- हां, ओवरहीट होने से इंडक्शन ऑटो कट हो जाते हैं। इसे सावधानी के साथ देर तक इस्तेमाल किया जा सकता है। सवाल- क्या इंडक्शन पर खाना बनाने के दौरान वेंटिलेशन जरूरी है? जवाब- हां, इंडक्शन पर खाना बनाते समय भी वेंटिलेशन जरूरी होता है। हालांकि इसमें धुआं या गैस नहीं बनती, लेकिन खाना पकाते समय भाप, स्मेल और तेल के धुएं निकलते हैं, जिन्हें बाहर निकलने के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में खतरनाक केमिकल्स: खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स महाराष्ट्र सरकार ने ‘मच्छर अगरबत्तियों’ की जांच में पाया कि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ये सांस के जरिए शरीर में जाकर हमारे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। पूरी खबर पढ़िए…