Tuesday, 13 Oct 2026 | 10:26 PM

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मृणाल ठाकुर ने अल्लू अर्जुन को भेजा फूलों का बुके:‘पुष्पा 2’ के लिए अवॉर्ड मिलने पर दी बधाई; एक्टर बोले- कभी साथ काम करेंगे

मृणाल ठाकुर ने अल्लू अर्जुन को भेजा फूलों का बुके:‘पुष्पा 2’ के लिए अवॉर्ड मिलने पर दी बधाई; एक्टर बोले- कभी साथ काम करेंगे

70वें फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड्स में एक्टर अल्लू अर्जुन को फिल्म ‘पुष्पा 2’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने अल्लू अर्जुन को फूलों का बुके भेजा और एक नोट भी लिखा। उन्होंने लिखा, “सर, फिल्मफेयर में बेस्ट एक्टर अवॉर्ड जीतने पर दिल से बधाई। यह सम्मान आपके लिए पूरी तरह सही है। आपकी मेहनत, गहराई और हर परफॉर्मेंस में दिखने वाली एनर्जी प्रेरित करती है।” अल्लू अर्जुन ने इस बुके की तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। उन्होंने जवाब में लिखा, “बहुत-बहुत धन्यवाद मृणाल। आपका मैसेज बहुत प्यारा है। उम्मीद है किसी दिन आपके साथ काम करने का मौका मिलेगा।” इससे पहले उन्होंने अवॉर्ड सेरेमनी की भी झलक सोशल मीडिया पर शेयर की थी। उन्होंने लिखा, “फिल्मफेयर का धन्यवाद इस सम्मान के लिए। यह मेरे लिए खास है। मैं यह अवॉर्ड अपने फैंस को समर्पित करता हूं, जिनका प्यार हमेशा मेरे साथ है।” फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में ‘पुष्पा 2’ ने कई अवॉर्ड जीते बता दें कि फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ 2026 में ‘पुष्पा 2’ ने 5 अवॉर्ड जीते। सुकुमार को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला। नवीन यरनेनी और वाई रवि शंकर को बेस्ट फिल्म का सम्मान मिला। देवी श्री प्रसाद को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर और रामकृष्ण और मोनिका को बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन का अवॉर्ड मिला। बता दें कि यह फिल्म 2024 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। यह 2021 की फिल्म ‘पुष्पा: द राइज’ का सीक्वल है। फिल्म में अल्लू अर्जुन के साथ रश्मिका मंदाना, फहाद फासिल, जगपति बाबू, सुनील और राव रमेश नजर आए थे। टीम अब ‘पुष्पा’ के तीसरे पार्ट की तैयारी में है।

शराब नीति घोटाला केस,CBI मामले में अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- पूरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं

शराब नीति घोटाला केस,CBI मामले में अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- पूरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं

शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को AAP नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को CBI केस में सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा- बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होता है। अरविंद केजरीवाल शराब घोटाला केस में जमानत पर थे। वे 13 जुलाई, 2024 को जेल से बाहर आए थे। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इसी मामले से जुड़े CBI केस में जमानत दी थी। शराब घोटाला मामले में केजरीवाल के खिलाफ ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था। ED ने उन्हें 21 मार्च, 2024 को अरेस्ट किया था। इसके बाद 26 जून को CBI ने जेल से ही उन्हें हिरासत में ले लिया था। ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को जमानत मिली थी। CAG की रिपोर्ट में दावा- शराब नीति में गड़बड़ियां थीं पिछले साल दिल्ली शराब नीति को लेकर CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट लीक हुई थी। इसमें सरकार को 2026 करोड़ रुपए का रेवेन्यू लॉस होने की बात कही गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब नीति में काफी गड़बड़ियां थीं, जिनमें लाइसेंस देने में खामी भी शामिल है। इसके साथ ही AAP लीडर्स को कथित तौर पर घूस के जरिए फायदा पहुंचाया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि डिप्टी चीफ मिनिस्टर जिस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अगुआई कर रहे थे, उसने एक्सपर्ट पैनल के सुझावों को खारिज कर दिया था। कैबिनेट ने नीति को मंजूरी दे दी थी और कई अहम फैसलों पर तब के उपराज्यपाल की मंजूरी भी नहीं ली गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतों के बावजूद सभी को नीलामी की बोली लगाने की मंजूरी दे दी गई थी। जिन्हें घाटा हुआ था, उन्हें भी लाइसेंस दे दिए गए या रीन्यू कर दिए गए थे।

विजय-रश्मिका को सेलेब्स ने दी शादी की बधाई:करण जौहर बोले- आने वाले साल खुशियों से भरे हों; कृति सेनन-अनुपम खेर ने भी दी शुभकामनाएं

विजय-रश्मिका को सेलेब्स ने दी शादी की बधाई:करण जौहर बोले- आने वाले साल खुशियों से भरे हों; कृति सेनन-अनुपम खेर ने भी दी शुभकामनाएं

उदयपुर में गुरुवार को एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना और एक्टर विजय देवरकोंडा शादी के बंधन में बंध गए। शादी की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस के साथ कई बॉलीवुड और साउथ सितारों ने दोनों को शुभकामनाएं दीं। एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर कपल की फोटो शेयर कर शुभकामनाएं दीं। कृति सेनन ने भी तस्वीर पोस्ट की और लिखा कि फोटो में प्यार और खुशी साफ नजर आ रही है। उन्होंने दोनों के लिए खूबसूरत यादों और साथ भरी जिंदगी की कामना की। करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “करण जौहर ने लिखा, “आप दोनों को बधाई। आने वाले साल खुशियों और प्यार से भरे हों।” साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश नेलिखा, “आप दोनों को शादी की बधाई। जिंदगी भर प्यार और खुशियां मिलें।” कृति ने रश्मिका के लिए लिखा कि उनकी मुस्कान और आंखों के आंसू ने उन्हें भावुक कर दिया। कृति और रश्मिका जल्द फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में साथ नजर आएंगी। अनुपम खेर ने रश्मिका की पोस्ट में कमेंट करते हुए लिखा, “बधाई हो! प्यार और प्रार्थना हमेशा।” कल्याणी ने शादी को दोस्ती पर आधारित बताया एक्ट्रेस कल्याणी प्रियदर्शन ने रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी पर खास पोस्ट शेयर किया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शादी की तस्वीर लगाते हुए लिखा कि आज उन्होंने एक दयालु लड़की को अपने सबसे अच्छे दोस्त से शादी करते देखा। उन्होंने बताया कि जब रश्मिका उनकी ओर बढ़ रही थीं और विजय पीछे मुड़कर इंतजार कर रहे थे, तब हर कदम में भावनाएं साफ नजर आ रही थीं। कल्याणी ने लिखा कि उनकी धीमी सांसें और आंखों में आए आंसू सब कुछ बयां कर रहे थे। उन्होंने इस रिश्ते को प्यार, सम्मान और गहरी दोस्ती पर बना बताया। आखिर में उन्होंने दोनों को शादी की बधाई देते हुए लिखा कि यह उनकी जिंदगी की सबसे खूबसूरत शुरुआत हो। श्रीलीला ने स्टोरी पर फोटो शेयर कर दोनों को शादी की बधाई दी। पुलकित सम्राट ने तस्वीर शेयर कर लिखा, “आप दोनों खूबसूरत लोगों को शादी की बधाई।” एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी ने भी शादी की तस्वीर शेयर कर बधाई दी। भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने लिखा, “दो खूबसूरत आत्माएं, हमेशा के लिए एक कहानी।” एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने दुआ दी कि दोनों के दिल हमेशा जुड़े रहें और उनका घर शांति और खुशी से भरा रहे। रश्मिका ने पति विजय के लिए स्पेशल पोस्ट लिखा शादी के बाद रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फोटो शेयर की। रश्मिका ने लिखा कि मेरे प्रिय लोगों, आपको अपने पति से मिलवाती हूं। रश्मिका ने फोटो के साथ विजय के लिए एक मैसेज लिखा, वो आदमी जिसने मुझे, सिखाया कि सच्चा प्यार कैसा होता है, वो आदमी जिसने मुझे, दिखाया कि शांति में रहना कैसा होता है,वो आदमी जिसने मुझे, हर दिन कहा कि बड़े सपने देखना बिल्कुल ठीक है और लगातार मुझसे कहा कि मैं उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकती हूं, जितना मैं सोच भी नहीं सकती।वो आदमी जिसने, मुझे कभी ऐसे नाचने से नहीं रोका जैसे कोई देख नहीं रहा हो..वो आदमी जिसने मुझे, दिखाया कि दोस्तों के साथ घूमना सबसे अच्छी चीज है और यकीन मानिए मैं इस आदमी पर एक किताब लिख सकती हूं!मैं वो औरत बन गई हूं, जिसका मैंने हमेशा सपना देखा था, क्योंकि तुमने उसे वो बनाया जो वो आज है।मैं सच में धन्य हूं।विज्जू, तुम्हारे लिए मेरी भावनाओं को बताने के लिए मेरे पास हमेशा शब्द कम पड़ जाते हैं। मैंने हमेशा तुमसे यही कहा है।लेकिन तुम्हें पता है, अचानक मेरी सारी उपलब्धियां, संघर्ष, खुशी, दुख, आनंद, जिंदगी – सब कुछ अब बहुत ज्यादा समझ में आने लगा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मेरे पास तुम होमैं बहुत उत्साहित हूं, आपकी पत्नी कहलाने के लिए। अब पूरी पार्टी का समय हैचलो साथ में सबसे अच्छी जिंदगी बिताते हैं।आई लव यू वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा, उसे इस तरह मिस किया कि अगर वह आस-पास होती तो मेरा दिन बेहतर होता। अगर वह मेरे सामने बैठी होती तो मेरा खाना ज्यादा हेल्दी लगता। अगर वह मेरे साथ वर्कआउट करती तो मेरा वर्कआउट ज्यादा मजेदार और कम सजा वाला होता। जैसे मुझे उसकी जरूरत थी- बस घर जैसा और शांति महसूस करने के लिए, चाहे मैं कहीं भी रहूं। देखिए शादी की 11 फोटोज… विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- उदयपुर में पुष्पा फिल्म की हीरोइन की शादी, PHOTOS:रश्मिका ने साउथ स्टार विजय संग फेरे लिए; तेलुगु-कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं पुष्पा फिल्म की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा ने गुरुवार को उदयपुर में शादी की। रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा और विजय देवरकोंडा तेलुगु के हिंदू परिवार से आते हैं। इस वजह से सुबह तेलुगु और शाम को कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं। (पढ़िए पूरी खबर) विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच, दूल्हा-दुल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में 24 फरवरी से शुरू हो गई थीं। दूल्हा और दुल्हन ने होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला था। (पूरी खबर पढ़ें) शादी के लिए रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर पहुंचे, 26 फरवरी को ITC मोमेंटोज होटल में फेरे लेंगे साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 23 फरवरी को उदयपुर पहुंच गए थे। यहां से सीधे होटल के लिए रवाना हुए थे। (पढ़िए पूरी खबर)

गौहर खान ने छोटे बेटे फरवान की पहली झलक दिखाई:मक्का यात्रा की तस्वीरें शेयर कीं, पति जैद दरबार और दोनों बच्चे साथ नजर आए

गौहर खान ने छोटे बेटे फरवान की पहली झलक दिखाई:मक्का यात्रा की तस्वीरें शेयर कीं, पति जैद दरबार और दोनों बच्चे साथ नजर आए

टीवी एक्ट्रेस गौहर खान ने गुरुवार को अपने छोटे बेटे की पहली झलक शेयर की है। उन्होंने यह तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कीं। यह फोटो उनके परिवार की मक्का यात्रा की हैं। वह अपने पति जैद दरबार और दोनों बच्चों के साथ वहां गई थीं। गौहर खान ने सितंबर 2025 में अपने दूसरे बेटे फरवान को जन्म दिया था। अब उन्होंने रमजान के महीने में मक्का से परिवार की तस्वीरें शेयर की हैं। फोटो में पूरा परिवार साथ नजर आ रहा है। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “बड़े को काबा से पहला सलाम करवाया था, तो छोटे का सलाम भी बनता है। अस्सलामो अलैकुम खूबसूरत दुनिया, फरवान की तरफ से। हमारे बच्चों को अपनी दुआओं में रखना, जैसे हम पवित्र जगह से दुनिया के लिए दुआ कर रहे हैं।” जैद दरबार ने भी पोस्ट पर कमेंट किया। उन्होंने लिखा, “मेरी सबसे बड़ी नेमत, जेहान और फरवान। हमें अपनी दुआओं में याद रखना। आमीन।” फैंस और सेलेब्स ने दी बधाई तस्वीरें सामने आते ही फैंस ने परिवार को बधाई दी। नकुल मेहता, भारती सिंह, दिव्या अग्रवाल और मुक्ति मोहन ने भी पोस्ट पर रिएक्ट किया। फरवान का जन्म 1 सितंबर को हुआ था सितंबर 2025 में कपल ने अपने छोटे बेटे के जन्म की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि बच्चे का जन्म 1 सितंबर को हुआ। नोट में लिखा था, “जेहान अपने छोटे भाई के साथ अपना किंगडम शेयर करने को खुश है। परिवार के लिए प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।” गौहर खान और जैद दरबार ने दिसंबर 2020 में शादी की थी। दोनों ने कुछ समय डेट करने के बाद निकाह किया। मई 2023 में उनके पहले बेटे जेहान का जन्म हुआ था।

‘पार्टी मेरा परिवार है, अजित दादा का सपना पूरा करेगी’: सुनेत्रा पवार ने NCP प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला | राजनीति समाचार

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आखरी अपडेट:27 फरवरी, 2026, 09:27 IST अपने पति और राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार की मृत्यु के एक महीने बाद सुनेत्रा पवार को एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। सुनेत्रा पवार ने शहरी क्षेत्रों में पार्टी का आधार बढ़ाने और संगठनात्मक प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया। (एक्स/@सुनेत्राअजितपवार) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अपने पति अजीत पवार की मृत्यु के लगभग एक महीने बाद पार्टी प्रमुख के रूप में चुनी गईं सुनेत्रा पवार ने कहा कि पार्टी उनका परिवार है और नई भूमिका संभालना उनके लिए एक दर्दनाक क्षण था लेकिन इसमें एक बड़ी जिम्मेदारी भी थी। अपने चुनाव के बाद पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों से जुड़ेगी. उन्होंने कहा, “सिर्फ पार्थ और जय ही नहीं, पूरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी मेरा परिवार है।” इस पर पार्टी सदस्यों ने जोरदार तालियां बजाईं। आज राष्ट्रीय कांग्रेस पक्ष ‘राष्ट्रीय मानक 2026’ यशश्वीरिया पारले। या ताकतात मला पक्षाच्या राष्ट्रीय अध्यक्ष पदाची जबाबदारी सर्वानुमते सोपवून सर्वानि माझ्यावर विश्वास जो व्यक्ति केला, तबादल मी पक्षातिल सर्व ज्येष्ठ नेते, रूबाब, कार्यकर्ते भगिनी-बंधु और… pic.twitter.com/HbbJosXvxb– सुनेत्रा अजित पवार (@SunetraA_Pawar) 26 फ़रवरी 2026 शिव, शाहू, फुले और अंबेडकर की विचारधारा का आह्वान करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि समाज के किसी भी वर्ग की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं समाज के किसी भी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ूंगी। हम सभी को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।” उन्होंने कहा कि वह पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने और पूरे राज्य और उसके बाहर अपने संगठन को मजबूत करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करेंगी। इस अवसर को दर्दनाक और बड़ी जिम्मेदारी का क्षण बताते हुए, पवार ने कहा कि पार्टी अभी भी अपने प्रिय नेता अजीत पवार के असामयिक निधन से उबर नहीं पाई है। उन्होंने कहा कि उनके निधन से एक खालीपन पैदा हो गया है जिसे कभी नहीं भरा जा सकेगा और वह पीछे छूट गई उम्मीदों और जिम्मेदारियों के प्रति गहराई से सचेत हैं। उन्होंने कहा, “वह सह्याद्रि जो दृढ़ता से खड़ी रही और हर संकट को अपने ऊपर ले लिया, अब हमारे साथ नहीं है। मैंने अजितदादा को महाराष्ट्र के विकास के लिए जीवन भर प्रयास करते देखा है। हम उनके सपने को अधूरा नहीं रहने देंगे… हम एक साथ मिलकर इसे पूरा करेंगे,” उनके योगदान को याद करते हुए उनकी आवाज भावनाओं से भर गई। उन्होंने दिग्गज नेता शरद पवार की मां शारदाबाई पवार की वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाने की भी बात की और कहा कि अब से उनका ध्यान महाराष्ट्र के कल्याण और उसके लोगों की भलाई पर होगा। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पार्टी का आधार बढ़ाने और संगठनात्मक प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा फिर से हासिल करने और अपना आधार मजबूत करने की दिशा में काम करेगी। सुनेत्रा पवार का शीर्ष पद पर निर्वाचन यह निर्णय हाथ उठाकर लिया गया, जिसमें उपस्थित सभी सदस्यों ने अपना समर्थन दिया। यह घोषणा राकांपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल द्वारा की गई, जिससे पूर्व अध्यक्ष अजीत पवार के आकस्मिक निधन के लगभग एक महीने बाद पार्टी के नेतृत्व में स्पष्टता आई, जो 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में मारे गए थे। उन्होंने कहा, “पार्टी को कैसे काम करना चाहिए, इस पर बाहर से दावे और सलाह हो सकती है। लेकिन राकांपा सुनेत्रा पवार के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगी।” अजीत पवार ने 30 जून, 2023 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था। अपने ढाई साल के कार्यकाल में, पार्टी ने कई चुनाव लड़े, जिनमें लोकसभा चुनाव, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव, नागरिक निकाय चुनाव और अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर और बिहार जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव शामिल हैं। चुनौतियों के बावजूद, पार्टी उनके नेतृत्व में अपनी पकड़ बनाने में कामयाब रही। पार्थ पवार राज्यसभा जाएंगे पटेल ने यह भी घोषणा की कि पार्थ पवार राज्यसभा सीट के चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार होंगे, जो उनकी मां सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। लोकसभा चुनाव में हार के बाद जून 2024 में सुनेत्रा पवार को एनसीपी से राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्विरोध चुना गया। पटेल ने कहा कि जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत है और पार्टी के पास 40 विधायकों का समर्थन है, उन्होंने विश्वास जताया कि वे सभी सर्वसम्मति से पार्थ पवार को वोट देंगे। पहले प्रकाशित: 27 फरवरी, 2026, 09:27 IST समाचार राजनीति ‘पार्टी मेरा परिवार है, अजित दादा के सपने को पूरा करेगी’: सुनेत्रा पवार ने NCP प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुनेत्रा पवार एनसीपी अध्यक्ष(टी)सुनेत्रा पवार चुनाव(टी)राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेतृत्व(टी)अजित पवार की मृत्यु(टी)महाराष्ट्र की राजनीति(टी)एनसीपी राष्ट्रीय सम्मेलन(टी)पार्थ पवार राज्यसभा(टी)एनसीपी पार्टी विचारधारा

आरोप- बांग्लादेश सरकार ने डिफाल्टर को सेंट्रल बैंक गवर्नर बनाया:विपक्ष बोला- ये बर्दाश्त नहीं कर सकते, देश में भीड़तंत्र चल रहा

आरोप- बांग्लादेश सरकार ने डिफाल्टर को सेंट्रल बैंक गवर्नर बनाया:विपक्ष बोला- ये बर्दाश्त नहीं कर सकते, देश में भीड़तंत्र चल रहा

बांग्लादेश में सेंट्रल बैंक के नए गवर्नर की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष का आरोप है कि तारिक रहमान की सरकार ने एक डिफाल्टर को कारोबारी को सेंट्रल बैंक गवर्नर बना दिया है, जो देश में भीड़तंत्र की शुरुआत जैसा है। बांग्लादेश बैंक के नए गवर्नर के रूप में मोस्ताकुर रहमान की नियुक्ति के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया। जमात ए इस्लामी के प्रमुख और विपक्ष के नेता शफीकुर रहमान ने कहा कि यह फैसला पीएम की शह पर लिया गया है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले सरकार ने अहसान हबीब मंसूर का कार्यकाल अचानक खत्म कर दिया था, जिन्हें मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने नियुक्त किया था। मंसूर ने कहा कि उन्होंने न इस्तीफा दिया और न ही उन्हें हटाए जाने की कोई आधिकारिक सूचना मिली। उन्हें यह खबर मीडिया के जरिए पता चली। गारमेंट कारोबारी रहे हैं मोस्ताकुर रहमान मोस्ताकुर रहमान की नियुक्ति इसलिए अलग मानी जा रही है क्योंकि अब तक बांग्लादेश में केंद्रीय बैंक का गवर्नर आमतौर पर अनुभवी बैंकर, अर्थशास्त्री या वरिष्ठ सिविल सेवक होते रहे हैं। मोस्ताकुर एक कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट और गारमेंट कारोबारी हैं। वे हेरा स्वेटर्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और हालिया चुनाव में तारिक रहमान की BNP पार्टी की केंद्रीय चुनाव संचालन समिति से भी जुड़े रहे थे। उनकी नियुक्ति को लेकर कर्ज चुकाने से जुड़े पुराने मामलों पर भी सवाल उठ रहे हैं। बीडी न्यूज24 की रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी कंपनी 86 करोड़ टका का कर्ज समय पर नहीं चुका पाई थी। एक बैंक अधिकारी ने कहा कि जो इंसान अपनी ही कंपनी के लिए स्पेशल कंडीशन पर कर्ज का पुनर्गठन कराता है, वह देश के बैंकिंग सिस्टम के हितों की रक्षा कैसे करेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ ढाका के पूर्व प्रोफेसर दीन इस्लाम ने भी कहा कि किसी एक्टिव कारोबारी को केंद्रीय बैंक का गवर्नर बनाना गलत संदेश देता है और इससे हितों के टकराव की आशंका बढ़ती है। विपक्ष ने मोस्तकुर को गवर्नर बनाने पर विरोध जताया मोस्ताकुर की नियुक्ति के बाद विपक्षी नेता शफीकुर रहमान ने फेसबुक पर लिखा कि बांग्लादेश बैंक में जो हो रहा है वह दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी को भी गवर्नर और उनके सलाहकारों जैसे सम्मानित लोगों को इस तरह अपमानित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब देश की अर्थव्यवस्था पहले से कई समस्याओं से जूझ रही है, तब बांग्लादेश बैंक जैसी महत्वपूर्ण संस्था में इस तरह की कार्रवाई बची हुई अर्थव्यवस्था को भी बर्बाद कर देगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और समाज के सभी वर्गों से विरोध करने की अपील की और कहा कि अगर सरकार सच में लोकतांत्रिक और भेदभाव-रहित बांग्लादेश बनाना चाहती है तो ऐसी गतिविधियां तुरंत बंद होनी चाहिए। जरूरी पदों पर नियुक्तियां योग्यता के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक निष्ठा के आधार पर। अहसान हबीब को गवर्नर पद से हटाने का विरोध विवाद की दूसरी बड़ी वजह उनकी नियुक्ति की परिस्थितियां हैं। अहसान हबीब मंसूर 2024 में चार साल के लिए गवर्नर बनाया गया था और उनका कार्यकाल अगस्त 2028 तक था, लेकिन 18 महीने से भी कम समय में ही उनका कार्यकाल खत्म कर दिया गया। मंसूर को हटाए जाने से पहले कुछ अधिकारियों ने उनके खिलाफ तानाशाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि, मंसूर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों को साजिश बताया था। अहसान हबीब मंसूर की बर्खास्तगी से देश में कई लोग हैरान हैं। उन्हें 27 साल का अनुभव है। वे IMF जैसी संस्थाओं में काम कर चुके हैं। 2024 में शेख हसीना और उनकी अवामी लीग सरकार के हटने के बाद जब देश में आर्थिक अस्थिरता थी, तब उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी। जब उन्होंने पद संभाला था तब फॉरेंन करेंसी रिजर्व 26 अरब डॉलर था। उनके पद छोड़ने तक यह बढ़कर 35 अरब डॉलर हो गया। उन्होंने टका को 122.20 प्रति डॉलर पर स्थिर किया और महंगाई दर को 2024 के 10.49% से घटाकर जनवरी 2026 में 8.58% तक लाने के लिए पॉलिसी अपनाईं। ढाका स्थित HSBC के डायरेक्टर शाहीर चौधरी ने लिखा कि मंसूर ने बहुत कठिन समय में जिम्मेदारी संभाली, जब बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा कमजोर था और 18 महीनों में हालात में सुधार आया। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव और रिकॉर्ड वाले इंसान को कार्यकाल पूरा करने का मौका न देना निराशाजनक है। वहीं NCP नेता नाहिद इस्लाम ने भी फेसबुक पर लिखा कि मंसूर को हटाकर सरकार ने फाइनेंशियल सेक्टर में लूट का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने कहा कि मंसूर ने पद संभालने के बाद फाइनेंशियल सेक्टर में अनुशासन बहाल करने में काफी सफलता हासिल की थी और मोस्ताकुर जैसे कारोबारी के हाथों में देश की सर्वोच्च बैंकिंग संस्था सुरक्षित नहीं रह सकती।

‘अनुराग कश्यप ने ट्रेलर कहा बकवास:सुमित गहलावत बोले- सबकी अपनी सोच है, द केरला स्टोरी 2 का बीफ सीन हर कोई देखें

‘अनुराग कश्यप ने ट्रेलर कहा बकवास:सुमित गहलावत बोले- सबकी अपनी सोच है, द केरला स्टोरी 2 का बीफ सीन हर कोई देखें

‘द केरल स्टोरी’ के पहले भाग ने देशभर में तीखी बहस को जन्म दिया था। फिल्म को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अब इसका दूसरा भाग एक नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों के सामने आने वाला है। फिल्म के इस भाग में अभिनेता सुमित गहलावत सलीम नामक एक अहम और परतदार किरदार निभा रहे हैं। लगभग 12 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय सुमित का कहना है कि यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म, विवाद, संघर्ष और अपने सफर पर खुलकर बात की हैं। आपकी फिल्में, जैसे द केरल स्टोरी और बस्तर: द नक्सल स्टोरी, अक्सर राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म देती हैं। एक कलाकार के रूप में आप इन प्रतिक्रियाओं और विवादों को किस नजरिए से देखते हैं? मैं व्यक्तिगत रूप से हर फिल्म को सिर्फ सिनेमा के रूप में देखता हूं। एक अभिनेता के तौर पर मेरा काम है अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना। विषय राजनीतिक है, सामाजिक है या विवादित है यह लेखक और निर्देशक का दृष्टिकोण होता है। मैं स्क्रिप्ट पढ़ते समय यही देखता हूं कि मेरे किरदार में कितनी गहराई है, कितनी चुनौती है और मैं उसमें कितना सच्चापन ला सकता हूं। मैं इस इंडस्ट्री में इसलिए आया हूं ताकि अलग-अलग तरह के रोल निभा सकूं। इसलिए मेरा चयन हमेशा भूमिका और स्क्रिप्ट के आधार पर होता है, किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं। ऐसी फिल्मों में ‘प्रोपेगेंडा बनाम सच्चाई’ की बहस शुरू हो जाती है। क्या यह आपको प्रभावित करती है? बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन कभी-कभी दुख इस बात का होता है कि अभिनय की चर्चा पीछे रह जाती है। हम कलाकार महीनों तैयारी करते हैं, मानसिक रूप से किरदार में उतरते हैं, कई सालों के संघर्ष के बाद ऐसे मौके मिलते हैं। जब फिल्म रिलीज होती है तो चर्चा कहानी से ज्यादा राजनीतिक एंगल पर होने लगती है। मैं राजनीति में नहीं पड़ता। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग यह भी देखें कि कलाकार ने अपना काम कितनी ईमानदारी से किया है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर अनुराग कश्यप और प्रकाश राज जैसे फिल्मी हस्तियों ने आलोचना की। इस पर आपका क्या कहना है? मैं इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा। हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। जरूरी नहीं कि हर फिल्म या ट्रेलर सबको पसंद आए। कई बार हमें भी कोई ट्रेलर पसंद नहीं आता और हम आपस में खुलकर बोल देते हैं। अगर किसी को अच्छा नहीं लगा तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। बहुत से लोग तारीफ भी कर रहे हैं। जो अच्छा कह रहे हैं, उनका भी सम्मान है और जो आलोचना कर रहे हैं, उनका भी। हमारा काम है मेहनत करना और आगे और बेहतर करने की कोशिश करना। ट्रेलर में दिखाए गए एक ‘बीफ’ से जुड़े दृश्य को लेकर विवाद हुआ। क्या उस सीन को हटाने या बदलने पर कोई चर्चा हुई? ऐसे फैसले पूरी तरह निर्देशक और निर्माता के होते हैं। एक अभिनेता के रूप में हमारा काम है कि जो सीन हमें दिया गया है, उसे पूरी सच्चाई और प्रभाव के साथ निभाएं। वह दृश्य भावनात्मक रूप से कठिन था। लेकिन अगर दर्शक मेरे किरदार सलीम से नफरत महसूस करते हैं, तो एक अभिनेता के रूप में मैं समझूंगा कि मैंने अपना काम सही तरीके से किया। नेगेटिव किरदार को इस तरह निभाना कि वह वास्तविक लगे यही अभिनय की सफलता है। द केरला स्टोरी पार्ट 2 में आपका किरदार कितना अलग है? इस बार कहानी पूरी तरह नई है। मैं सलीम का किरदार निभा रहा हूं। यह एक लेयर्ड रोल है। शुरुआत में वह पढ़ा-लिखा, समझदार और सभ्य व्यक्ति दिखाई देता है, लेकिन परिस्थितियों के साथ उसका दूसरा रूप सामने आता है। यह किरदार केवल पूरी तरह नकारात्मक या सकारात्मक नहीं है। उसकी एक यात्रा है एक बदलाव है। उस जर्नी को निभाना मेरे लिए बेहद रोचक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। नेगेटिव रोल करने से क्या इमेज या फैन बेस पर असर पड़ सकता है? बिल्कुल नहीं। एक अभिनेता का काम हर तरह के भाव निभाना है। अगर आप उदाहरण देखें तो मनोज बाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों ने सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाएं की हैं। आज दर्शक समझदार हैं। वे जानते हैं कि अभिनेता और उसका किरदार अलग होते हैं। नेगेटिव रोल में अक्सर ज्यादा चैलेंज होता है और अभिनेता को अपने अभिनय की रेंज दिखाने का मौका मिलता है। एक आउटसाइडर के तौर पर इंडस्ट्री में आपका संघर्ष कैसा रहा? जब मैं मुंबई आया तो मुझे शहर की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। ऑडिशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। कई बार ‘फिट नहीं’ कहकर मना कर दिया जाता था। मैंने शुरू से तय कर लिया था कि कम से कम 10 साल इस इंडस्ट्री को देने होंगे। यहां कोई गारंटी नहीं है। एक फिल्म मिलने का मतलब यह नहीं कि दूसरी भी मिल जाएगी। हर स्तर पर खुद को साबित करना पड़ता है। धैर्य सबसे जरूरी है। अगर धैर्य नहीं है, तो इस क्षेत्र में टिक पाना मुश्किल है। दर्शकों के लिए द केरला स्टोरी पार्ट 2 खास क्यों है और उन्हें यह फिल्म देखने के लिए क्या संदेश या अनुभव मिलेगा? यह फिल्म बहुत मेहनत से बनी है। निर्देशक से लेकर तकनीकी टीम और कलाकारों तक, सभी ने पूरी लगन से काम किया है। हम नए कलाकार हैं और हमारे लिए दर्शकों का भरोसा बहुत मायने रखता है। हम बस यही चाहते हैं कि दर्शक एक मौका दें। अगर उन्हें हमारा काम पसंद आए, तो वही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी।

‘अनुराग कश्यप ने ट्रेलर कहा बकवास:सुमित गहलावत बोले- सबकी अपनी सोच है, द केरला स्टोरी 2 का बीफ सीन हर कोई देखें

‘अनुराग कश्यप ने ट्रेलर कहा बकवास:सुमित गहलावत बोले- सबकी अपनी सोच है, द केरला स्टोरी 2 का बीफ सीन हर कोई देखें

‘द केरल स्टोरी’ के पहले भाग ने देशभर में तीखी बहस को जन्म दिया था। फिल्म को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अब इसका दूसरा भाग एक नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों के सामने आने वाला है। फिल्म के इस भाग में अभिनेता सुमित गहलावत सलीम नामक एक अहम और परतदार किरदार निभा रहे हैं। लगभग 12 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय सुमित का कहना है कि यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म, विवाद, संघर्ष और अपने सफर पर खुलकर बात की हैं। आपकी फिल्में, जैसे द केरल स्टोरी और बस्तर: द नक्सल स्टोरी, अक्सर राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म देती हैं। एक कलाकार के रूप में आप इन प्रतिक्रियाओं और विवादों को किस नजरिए से देखते हैं? मैं व्यक्तिगत रूप से हर फिल्म को सिर्फ सिनेमा के रूप में देखता हूं। एक अभिनेता के तौर पर मेरा काम है अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना। विषय राजनीतिक है, सामाजिक है या विवादित है यह लेखक और निर्देशक का दृष्टिकोण होता है। मैं स्क्रिप्ट पढ़ते समय यही देखता हूं कि मेरे किरदार में कितनी गहराई है, कितनी चुनौती है और मैं उसमें कितना सच्चापन ला सकता हूं। मैं इस इंडस्ट्री में इसलिए आया हूं ताकि अलग-अलग तरह के रोल निभा सकूं। इसलिए मेरा चयन हमेशा भूमिका और स्क्रिप्ट के आधार पर होता है, किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं। ऐसी फिल्मों में ‘प्रोपेगेंडा बनाम सच्चाई’ की बहस शुरू हो जाती है। क्या यह आपको प्रभावित करती है? बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन कभी-कभी दुख इस बात का होता है कि अभिनय की चर्चा पीछे रह जाती है। हम कलाकार महीनों तैयारी करते हैं, मानसिक रूप से किरदार में उतरते हैं, कई सालों के संघर्ष के बाद ऐसे मौके मिलते हैं। जब फिल्म रिलीज होती है तो चर्चा कहानी से ज्यादा राजनीतिक एंगल पर होने लगती है। मैं राजनीति में नहीं पड़ता। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग यह भी देखें कि कलाकार ने अपना काम कितनी ईमानदारी से किया है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर अनुराग कश्यप और प्रकाश राज जैसे फिल्मी हस्तियों ने आलोचना की। इस पर आपका क्या कहना है? मैं इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा। हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। जरूरी नहीं कि हर फिल्म या ट्रेलर सबको पसंद आए। कई बार हमें भी कोई ट्रेलर पसंद नहीं आता और हम आपस में खुलकर बोल देते हैं। अगर किसी को अच्छा नहीं लगा तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। बहुत से लोग तारीफ भी कर रहे हैं। जो अच्छा कह रहे हैं, उनका भी सम्मान है और जो आलोचना कर रहे हैं, उनका भी। हमारा काम है मेहनत करना और आगे और बेहतर करने की कोशिश करना। ट्रेलर में दिखाए गए एक ‘बीफ’ से जुड़े दृश्य को लेकर विवाद हुआ। क्या उस सीन को हटाने या बदलने पर कोई चर्चा हुई? ऐसे फैसले पूरी तरह निर्देशक और निर्माता के होते हैं। एक अभिनेता के रूप में हमारा काम है कि जो सीन हमें दिया गया है, उसे पूरी सच्चाई और प्रभाव के साथ निभाएं। वह दृश्य भावनात्मक रूप से कठिन था। लेकिन अगर दर्शक मेरे किरदार सलीम से नफरत महसूस करते हैं, तो एक अभिनेता के रूप में मैं समझूंगा कि मैंने अपना काम सही तरीके से किया। नेगेटिव किरदार को इस तरह निभाना कि वह वास्तविक लगे यही अभिनय की सफलता है। द केरला स्टोरी पार्ट 2 में आपका किरदार कितना अलग है? इस बार कहानी पूरी तरह नई है। मैं सलीम का किरदार निभा रहा हूं। यह एक लेयर्ड रोल है। शुरुआत में वह पढ़ा-लिखा, समझदार और सभ्य व्यक्ति दिखाई देता है, लेकिन परिस्थितियों के साथ उसका दूसरा रूप सामने आता है। यह किरदार केवल पूरी तरह नकारात्मक या सकारात्मक नहीं है। उसकी एक यात्रा है एक बदलाव है। उस जर्नी को निभाना मेरे लिए बेहद रोचक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। नेगेटिव रोल करने से क्या इमेज या फैन बेस पर असर पड़ सकता है? बिल्कुल नहीं। एक अभिनेता का काम हर तरह के भाव निभाना है। अगर आप उदाहरण देखें तो मनोज बाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों ने सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाएं की हैं। आज दर्शक समझदार हैं। वे जानते हैं कि अभिनेता और उसका किरदार अलग होते हैं। नेगेटिव रोल में अक्सर ज्यादा चैलेंज होता है और अभिनेता को अपने अभिनय की रेंज दिखाने का मौका मिलता है। एक आउटसाइडर के तौर पर इंडस्ट्री में आपका संघर्ष कैसा रहा? जब मैं मुंबई आया तो मुझे शहर की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। ऑडिशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। कई बार ‘फिट नहीं’ कहकर मना कर दिया जाता था। मैंने शुरू से तय कर लिया था कि कम से कम 10 साल इस इंडस्ट्री को देने होंगे। यहां कोई गारंटी नहीं है। एक फिल्म मिलने का मतलब यह नहीं कि दूसरी भी मिल जाएगी। हर स्तर पर खुद को साबित करना पड़ता है। धैर्य सबसे जरूरी है। अगर धैर्य नहीं है, तो इस क्षेत्र में टिक पाना मुश्किल है। दर्शकों के लिए द केरला स्टोरी पार्ट 2 खास क्यों है और उन्हें यह फिल्म देखने के लिए क्या संदेश या अनुभव मिलेगा? यह फिल्म बहुत मेहनत से बनी है। निर्देशक से लेकर तकनीकी टीम और कलाकारों तक, सभी ने पूरी लगन से काम किया है। हम नए कलाकार हैं और हमारे लिए दर्शकों का भरोसा बहुत मायने रखता है। हम बस यही चाहते हैं कि दर्शक एक मौका दें। अगर उन्हें हमारा काम पसंद आए, तो वही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी।

कंप्यूटर लैब में सिस्टम बंद, फिर भी छात्रों का प्रैक्टिकल:RDVV के छात्र बोले- सालों से ऐसा हो रहा; कांग्रेस विधायक ने विधासभा में उठाया मुद्दा

कंप्यूटर लैब में सिस्टम बंद, फिर भी छात्रों का प्रैक्टिकल:RDVV के छात्र बोले- सालों से ऐसा हो रहा; कांग्रेस विधायक ने विधासभा में उठाया मुद्दा

जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन विभाग में गुरुवार को डिजिटल फॉरेंसिक थर्ड सेमेस्टर का फाइनल वाइवा और प्रैक्टिकल आयोजित हुआ, जिसके लिए कंप्यूटर आवश्यक थे। लेकिन छात्रों का आरोप है कि एक घंटे की लिखित परीक्षा के बाद जब उन्होंने प्रैक्टिकल के लिए कंप्यूटर मांगे तो शिक्षकों ने कह दिया कि उनका प्रैक्टिकल पूरा हो चुका है। इस पर छात्र कक्षा से बाहर निकल आए और नाराजगी जताई। उनका कहना है कि तीन सेमेस्टर में एक बार भी कंप्यूटर ठीक से चालू नहीं हुए, जबकि हर साल हजारों रुपये फीस ली जाती है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पढ़ाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। बिना लैब के तकनीकी पढ़ाई पर सवाल यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड एप्लिकेशन (UICSA), जहां BCA और MCA जैसे अहम तकनीकी कोर्स संचालित होते हैं, वहां की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। AICTE से मान्यता प्राप्त इन पाठ्यक्रमों में करीब 150 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन आरोप है कि उन्हें बुनियादी लैब सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि प्रैक्टिकल के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं और वास्तविक प्रयोगशाला अभ्यास के बिना ही उन्हें डिग्री लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप दैनिक भास्कर की टीम को सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर देखा गया कि 23 छात्र-छात्राएं कक्षा में वाइवा परीक्षा दे रहे थे। करीब एक घंटे बाद उन्हें यह कहकर बाहर कर दिया गया कि प्रैक्टिकल पूरा हो चुका है और अंक परिणाम में जोड़ दिए जाएंगे। एमसीए थर्ड सेमेस्टर की छात्रा रिषिका नामदेव ने बताया कि डिजिटल फॉरेंसिक का फाइनल एग्जाम था, जिसमें वाइवा और प्रैक्टिकल दोनों होना था, लेकिन किसी भी छात्र को कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध नहीं कराया गया। कक्षा में लैब मौजूद है और लगभग 30 सिस्टम रखे हैं, पर छात्रों का कहना है कि एक भी कंप्यूटर चालू हालत में नहीं है। रिषिका के मुताबिक प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए कंप्यूटर संचालन का ज्ञान जरूरी होता है, लेकिन तीन सेमेस्टर गुजरने के बाद भी छात्रों को लैब में काम करने का मौका नहीं मिला। उनका कहना है कि एचओडी से लेकर वीसी और रजिस्ट्रार तक से कई बार सिस्टम उपलब्ध कराने की मांग की गई, मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि शिक्षकों ने अपनी ओर से कुछ मदद करते हुए लैपटॉप पर सीमित जानकारी दी, लेकिन छात्रों के अनुसार वह पर्याप्त नहीं थी। 17 हजार फीस, पर पढ़ाई शून्य अखिलेश मिश्रा ने दैनिक भास्कर को बताया कि हर छात्र से प्रति सेमेस्टर करीब 17 हजार रुपए फीस ली जाती है और तीन साल में लगभग 54 हजार रुपए जमा कर चुके हैं, लेकिन पढ़ाई की स्थिति बेहद खराब है। उनका कहना है कि छात्र हर साल पास तो हो जाते हैं, मगर वास्तविक ज्ञान नहीं मिल रहा, जो उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है। छात्रों के अनुसार फाइनल परीक्षा के दिन भी किसी को लैब में नहीं ले जाया गया। उनका दावा है कि विभाग शुरू होने के बाद से ही सिस्टम बंद पड़े हैं और इसी तरह औपचारिक रूप से प्रैक्टिकल कराकर छात्रों को पास कर दिया जाता है, जबकि कंप्यूटर का व्यावहारिक अनुभव उन्हें नहीं मिल पाता। नियामक मानकों पर उठे सवाल AICTE के नियमों के मुताबिक तकनीकी पाठ्यक्रम चलाने वाले संस्थानों में पर्याप्त आधुनिक कंप्यूटर, लाइसेंस प्राप्त सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ होना अनिवार्य है। निर्धारित मानक के अनुसार स्नातक स्तर पर 10 छात्रों पर एक कंप्यूटर और स्नातकोत्तर स्तर पर 4 छात्रों पर एक कंप्यूटर उपलब्ध होना चाहिए। डिजिटल युग में विडंबना एक ओर देश डिजिटल इंडिया और आईटी क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं विश्वविद्यालय में डिजिटल फॉरेंसिक जैसे विषय का प्रैक्टिकल बिना कंप्यूटर सम्पन्न होना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विडंबना को उजागर करता है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के नियमानुसार लेकिन, विश्वविद्यालय प्रशासन इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है। NAAC की पीयर टीम द्वारा बार-बार आधुनिक लैब्स और अपडेटेड कंप्यूटरों की जरूरत जताने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया! क्या यह प्रशासन की लापरवाही नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से धोखाधड़ी नहीं है ?। टैंडर जारी कर दिया है बिना सिस्टम के छात्रों ने वाइवा के साथ प्रैक्टिकल दे दिया। मामले पर कुलसचिव डा सुरेंद्र सिंह का कहा कि सिस्टम को और अधिक बेहतर करने के लिए पीएम उषा योजना के तहत 200 से अधिक कंप्यूटर खरीदे जा रहे है, जिसका टैंडर भी जारी कर दिया है। अब किसी भी छात्र को सिस्टम के चलते परेशानी नहीं होगी। विधानसभा में उठा मुद्दा पूरे मामले की गूंज विधानसभा तक पहुंच चुकी है। जबलपुर पूर्व के कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने सदन में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के UICSA विभाग में उपलब्ध कंप्यूटर और तकनीकी संसाधनों की स्थिति को लेकर प्रश्न उठाया था। उन्होंने सरकार से विभाग में संचालित बीसीए और एमसीए पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध लैब, कंप्यूटर एवं अन्य तकनीकी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी मांगी थी। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री ने BCA MCA के लिए 25 कंप्यूटर एवं संसाधनों की उपलब्धता और खरीद प्रक्रिया जारी होने की बात कही, लेकिन जमीनी हकीकत और छात्रों के आरोपों ने इस जवाब पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारत ने दूसरा सबसे बड़ा टोटल बनाया:एक इनिंग में हाईएस्ट सिक्स भी लगाए; दोनों टीमों ने मिलकर 440 रन बनाए

भारत ने दूसरा सबसे बड़ा टोटल बनाया:एक इनिंग में हाईएस्ट सिक्स भी लगाए; दोनों टीमों ने मिलकर 440 रन बनाए

गुरुवार को टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसी के साथ एक पारी में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 440 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे ने भी दम दिखाया, लेकिन टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। भारत ने मैच 72 रन से अपने नाम किया। पढ़िए IND Vs ZIM मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा टोटल बनाया भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे बड़ा टोटल बना दिया। टीम ने 4 विकेट खोकर 256 रन बना डाले। भारत से आगे सिर्फ श्रीलंका है, जिसने 2007 में केन्या के खिलाफ 260 रन बनाए थे। 2. भारत ने एक टी-20 वर्ल्ड कप इनिंग में हाईएस्ट सिक्स लगाए भारत ने 17 सिक्स लगाए, जो किसी एक वर्ल्ड कप पारी में टीम के सबसे ज्यादा सिक्स हैं। इससे पहले भारत ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 सिक्स लगाए थे। मौजूदा टूर्नामेंट में भारत अब तक 63 छक्के लगा चुका है, जो किसी एक एडिशन में उसका बेस्ट प्रदर्शन भी है। इस मामले में सिर्फ वेस्टइंडीज (66) भारत से आगे है। 3. भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में 5वीं बार 200+ टोटल बनाया भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन बनाकर टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में 5वीं बार 200+ स्कोर का आंकड़ा पार किया। इस सूची में भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका 6 बार 200+ टोटल बनाकर टॉप पर काबिज है। 4. टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा हाईएस्ट एग्रीगेट स्कोर बना भारत और जिम्बाब्वे के बीच कुल 440 रन बने, जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट है। इस लिस्ट में टॉप पर 2016 में वानखेड़े में खेला गया साउथ अफ्रीका बनाम इंग्लैंड मुकाबला है, जिसमें 459 रन बने थे। दिलचस्प बात यह है कि 2007 के पहले वर्ल्ड कप में भी भारत और इंग्लैंड के बीच 418 रन बने थे, जो आज भी टॉप हाई-एग्रीगेट मैचों में शामिल है। 5. हार्दिक नंबर-5 या उससे नीचे सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले प्लेयर मिडिल-ऑर्डर और फिनिशर रोल में भारत के हार्दिक पांड्या का रिकॉर्ड टी-20 वर्ल्ड कप में बेहद शानदार रहा है। नंबर-5 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 4 अर्धशतक लगाए हैं, जो इस पोजिशन पर किसी भी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा हैं। उनसे पहले डेविड मिलर, शोएब मलिक और मार्कस स्टोयनिस ने 3-3 हाफ सेंचुरी लगाई हैं। 6. जिम्बाब्वे के खिलाफ सबसे बड़ा पावरप्ले टोटल बना जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर बन गया है। भारत ने शुरुआती 6 ओवर में 80 रन बना दिए। यह ओवरऑल भारत का वर्ल्ड कप में तीसरा सबसे बड़ा पावरप्ले टोटल भी है। इसी वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ 86/1 रन बनाकर भारत ने बेस्ट पावरप्ले टोटल दर्ज किया था। 7. रजा टी-20 में 3 हजार रन और 100 विकेट लेने वाले दूसरे प्लेयर जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वे 3000 से ज्यादा रन बनाने और 100 से ज्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा मलेशिया के वीरनदीप सिंह कर चुके हैं। 8. नगारवा जिम्बाब्वे के लिए एक स्पेल में सबसे ज्यादा रन देने वाले बॉलर रिचर्ड नगारावा जिम्बाब्वे के लिए टी-20 इंटरनेशनल के सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने अपने 4 ओवर में 62 रन लुटाए। यह किसी भी जिम्बाब्वे गेंदबाज द्वारा एक पारी में दिया गया सबसे ज्यादा रन है। इससे पहले यह अनचाहा रिकॉर्ड क्रिस मपोफू के नाम दर्ज था। 9. मपोसा वर्ल्ड कप के डेब्यू ओवर में दूसरे सबसे महंगे बॉलर जिम्बाब्वे के टिनोटेंडा मपोसा ने अपने टी-20 वर्ल्ड कप का पहला ओवर बेहद महंगा डाला। उन्होंने भारत के खिलाफ 23 रन खर्च किए, जो टूर्नामेंट इतिहास में किसी गेंदबाज के डेब्यू ओवर में दूसरे सबसे ज्यादा रन हैं। इस लिस्ट में उनसे आगे सिर्फ केन्या के स्टीव टिकोलो हैं, जिन्होंने 2007 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ अपने एकमात्र ओवर में 25 रन दिए थे।