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शराब नीति घोटाला केस,CBI मामले में अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- पूरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं

शराब नीति घोटाला केस,CBI मामले में अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- पूरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं

शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को AAP नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को CBI केस में सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा- बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होता है। अरविंद केजरीवाल शराब घोटाला केस में जमानत पर थे। वे 13 जुलाई, 2024 को जेल से बाहर आए थे। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इसी मामले से जुड़े CBI केस में जमानत दी थी। शराब घोटाला मामले में केजरीवाल के खिलाफ ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था। ED ने उन्हें 21 मार्च, 2024 को अरेस्ट किया था। इसके बाद 26 जून को CBI ने जेल से ही उन्हें हिरासत में ले लिया था। ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को जमानत मिली थी। CAG की रिपोर्ट में दावा- शराब नीति में गड़बड़ियां थीं पिछले साल दिल्ली शराब नीति को लेकर CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट लीक हुई थी। इसमें सरकार को 2026 करोड़ रुपए का रेवेन्यू लॉस होने की बात कही गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब नीति में काफी गड़बड़ियां थीं, जिनमें लाइसेंस देने में खामी भी शामिल है। इसके साथ ही AAP लीडर्स को कथित तौर पर घूस के जरिए फायदा पहुंचाया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि डिप्टी चीफ मिनिस्टर जिस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अगुआई कर रहे थे, उसने एक्सपर्ट पैनल के सुझावों को खारिज कर दिया था। कैबिनेट ने नीति को मंजूरी दे दी थी और कई अहम फैसलों पर तब के उपराज्यपाल की मंजूरी भी नहीं ली गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतों के बावजूद सभी को नीलामी की बोली लगाने की मंजूरी दे दी गई थी। जिन्हें घाटा हुआ था, उन्हें भी लाइसेंस दे दिए गए या रीन्यू कर दिए गए थे।

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शराब नीति घोटाला केस,CBI मामले में अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- पूरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं

शराब नीति घोटाला केस,CBI मामले में अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया बरी:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- पूरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं

शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को AAP नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को CBI केस में सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा- बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होता है। अरविंद केजरीवाल शराब घोटाला केस में जमानत पर थे। वे 13 जुलाई, 2024 को जेल से बाहर आए थे। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इसी मामले से जुड़े CBI केस में जमानत दी थी। शराब घोटाला मामले में केजरीवाल के खिलाफ ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किया था। ED ने उन्हें 21 मार्च, 2024 को अरेस्ट किया था। इसके बाद 26 जून को CBI ने जेल से ही उन्हें हिरासत में ले लिया था। ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को जमानत मिली थी। CAG की रिपोर्ट में दावा- शराब नीति में गड़बड़ियां थीं पिछले साल दिल्ली शराब नीति को लेकर CAG (कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट लीक हुई थी। इसमें सरकार को 2026 करोड़ रुपए का रेवेन्यू लॉस होने की बात कही गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब नीति में काफी गड़बड़ियां थीं, जिनमें लाइसेंस देने में खामी भी शामिल है। इसके साथ ही AAP लीडर्स को कथित तौर पर घूस के जरिए फायदा पहुंचाया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि डिप्टी चीफ मिनिस्टर जिस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अगुआई कर रहे थे, उसने एक्सपर्ट पैनल के सुझावों को खारिज कर दिया था। कैबिनेट ने नीति को मंजूरी दे दी थी और कई अहम फैसलों पर तब के उपराज्यपाल की मंजूरी भी नहीं ली गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतों के बावजूद सभी को नीलामी की बोली लगाने की मंजूरी दे दी गई थी। जिन्हें घाटा हुआ था, उन्हें भी लाइसेंस दे दिए गए या रीन्यू कर दिए गए थे।

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