सभी केस हाईकोर्ट लौटे:सुप्रीम कोर्ट ने कहा-MP में OBC आरक्षण पर फैसला हाईकोर्ट करे

मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% करने के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी लंबित मामलों को मप्र हाईकोर्ट को वापस भेज दिया है। जस्टिस पी. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने इस मामले से जुड़ी अपीलें, विशेष अनुमति याचिकाएं (एसएलपी) और हाईकोर्ट से ट्रांसफर हुए सभी केसों पर अब हाईकोर्ट को ही सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा है कि आरक्षण मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष पीठ (स्पेशल बेंच) गठित की जाए। यह पीठ तीन माह के भीतर सभी विवादों का अंतिम निपटारा करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरक्षण नीति की वैधता की जांच संबंधित राज्य की सामाजिक संरचना के आधार पर होनी चाहिए और इसके लिए हाईकोर्ट ही उपयुक्त मंच है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष (मेरिट) पर कोई टिप्पणी नहीं की है। कोर्ट ने यह अधिकार मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की विशेष पीठ को दिया है कि वह विभिन्न पक्षों द्वारा दायर अंतरिम आवेदनों पर सुनवाई कर निर्णय ले। यानी भर्ती प्रक्रियाओं पर लगी रोक हटेगी या नहीं, इसका फैसला अब हाईकोर्ट की नई स्पेशल बेंच करेगी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास लंबित सभी याचिकाओं और कार्यवाहियों का निपटारा कर दिया। राज्य सरकार ने प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने का तर्क देते हुए नियुक्तियों की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने कहा- राज्य की सामाजिक संरचना पर हाईकोर्ट ही करे परीक्षण सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आरक्षण नीति राज्य की सामाजिक और जनसांख्यिकीय परिस्थितियों पर आधारित होती है। इसलिए छत्तीसगढ़ की स्थिति मप्र के लिए बाध्यकारी नहीं हो सकती। बिना हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के सीधे अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में परीक्षण उचित नहीं है। अभी कहां-कितना आरक्षण क्या है मुख्य विवाद
जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद बैठक में हंगामा:ऑनलाइन सेंटर प्रभारी और सदस्य में नोकझोंक, सदस्यों ने वॉकआउट भी किया

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) की कार्यपरिषद बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस दौरान ऑनलाइन सेंटर प्रभारी आरके गुप्ता और कार्यपरिषद सदस्य वेदप्रकाश तिवारी के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद कुछ सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर वॉकआउट कर दिया। बैठक में यूआईसीएसए विभाग की विभागाध्यक्ष ने कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और अन्य संसाधनों की कमी पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे छात्रों और अभिभावकों के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। विरोध के बीच चल रही बैठक में तीखी बहस और आंतरिक असंतोष की स्थिति बन गई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर कुछ कार्यपरिषद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया। कुलगुरु ने सदस्यों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन उनका आक्रोश शांत नहीं हुआ और वे परिसर से बाहर निकल गए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। एबीवीपी के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा ने बताया कि कृषि, बीसीए और एमसीए सहित कई पाठ्यक्रमों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने प्रयोगशालाओं और संसाधनों की कमी को छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय बताया। महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के प्रति असंवेदनशील है और उनकी मांगों पर स्पष्ट जवाब देने में असमर्थ है। इस प्रदर्शन के दौरान माखन शर्मा, आर्यन पुंज, अनमोल सोनकर, ऐश्वर्य सोनकर, शोभित मिश्रा, अक्षत ताम्रकार, भास्कर पटेल, प्रफुल तिवारी, दिव्यांक पचौरी, लखन मांझी, आशुतोष पटेल, आयुष बारी, कृष्ण ग्वालवंश, यश पटेल, आयुष पटेल, अंकित सिंह, पुष्कर शुक्ला, सोम यादव, आदि पावर, प्रक्ष सिसोदिया, अनिकेत श्रीवास्तव, राज नेमा और आभास दुबे सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दमोह पुलिस ने शहर में निकाला फ्लैग मार्च:घंटाघर, पुराना थाना, कसाई मंडी समेत कई इलाकों से गुजरा, कहा- त्योहार शांति से मनाएं

दमोह पुलिस ने शुक्रवार रात शहर के प्रमुख रास्तों पर फ्लैग मार्च निकालकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। आने वाले होली, रमजान और अन्य त्योहारों के दौरान शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह फ्लैग मार्च कोतवाली थाने से शुरू हुआ। पुलिस का यह दल शहर के भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों जैसे घंटाघर, पुराना थाना, कसाई मंडी, बिलवारी मोहल्ला और पठानी मोहल्ला से होते हुए गुजरा। मार्च का समापन वापस कोतवाली थाने पर हुआ। भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से बात की और अपील की कि सभी त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाएं। इस मार्च के जरिए पुलिस ने यह संदेश भी दिया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर है। भारी संख्या में तैनात रहा पुलिस बल सीएसपी एचआर पांडे के नेतृत्व में निकले इस मार्च में कोतवाली टीआई मनीष कुमार, देहात थाना प्रभारी रचना मिश्रा और शहर की विभिन्न चौकियों के प्रभारी शामिल रहे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी ने नागरिकों में सुरक्षा का भाव जगाया।
छतरपुर हाईवे पर हादसा, मां-बच्चे बंदरों की मौत:राहगीरों और इवेंट ग्रुप ने किया विधि-विधान से अंतिम संस्कार

छतरपुर जिले के खजुराहो-पन्ना नेशनल हाईवे पर ग्राम गठेवरा के पास शुक्रवार को एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक मादा बंदर और उसके सीने से चिपके बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि मां और उसके शरीर से लिपटा शिशु वाहन की टक्कर से बच नहीं सके। घटना के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान कानपुर से आए वीर चक्रधारी झांकी ग्रुप और महाकाल इवेंट ग्रुप के सदस्य, जो छतरपुर में एक विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे, उन्होंने यह दृश्य देखा। ग्रुप के सदस्यों- वीर, पिंकी, राहुल, राहुल शुक्ला और राहुल महाकाल- ने अपनी गाड़ी रोकी और तुरंत स्थानीय लोगों से संपर्क किया। उनकी सूचना पर नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की टीम भी मौके पर पहुंची। ग्रुप के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने मिलकर दोनों मृत बंदरों को सम्मानपूर्वक सड़क से हटाया। इसके बाद हाईवे किनारे गड्ढा खोदकर पूजा-पाठ के साथ विधिवत अंतिम संस्कार किया गया, ताकि शवों को आवारा जानवर नुकसान न पहुंचा सकें। यह ग्रुप शादी और धार्मिक आयोजनों में शिव-पार्वती की झांकी प्रस्तुत करता है। राहुल महाकाल और अजय मिश्रा (वीर ग्रुप) ने इस अवसर पर कहा कि सच्ची श्रद्धा केवल मंच पर नहीं, बल्कि कर्मों में भी दिखनी चाहिए। इवेंट ग्रुप और एनएचएआई टीम की इस पहल को मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।
सुमित्रा कासडेकर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष बनीं:बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने किया सम्मान

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पंकजसिंह तेकाम ने बुरहानपुर जिले के नेपानगर से पूर्व विधायक सुमित्रा कासडेकर को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंतखंडेलवाल की सहमति से की गई। शुक्रवार शाम बुरहानपुर विधायक और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने श्रीमती कासडेकर का अंग वस्त्र पहनाकर और मिठाई खिलाकर सम्मान किया। विधायक चिटनिस ने इस अवसर पर कहा कि कासडेकर ऊर्जावान और भाजपा की निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। उन्होंने बताया कि वे पार्टी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहती हैं, और प्रदेश के जनजाति क्षेत्र में उनकी पकड़ से संगठन को मजबूती मिलेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉक्टर मनोज माने ने कहा कि भाजपा संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी के प्रति समर्पित भाव से काम करता है। इस दौरान महामंत्री चिंतामन महाजन, भाजपा कोषाध्यक्ष कैलाश पारीक और पूर्व उपसरपंच सचिन मंडलकर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी से तलाक लिया:बोले- कम उम्र में शादी की, इसके लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ी

क्रिकेटर राहुल चाहर ने फैशन डिजाइनर पत्नी ईशानी जौहर से तलाक ले लिया है। उन्होंने शुक्रवार को अपने X अकाउंट पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी। राहुल ने लिखा कि कम उम्र में शादी होने से वह खुद को और अपने जीवन की दिशा को पूरी तरह समझ नहीं पाए थे। पिछले 15 महीने अदालतों के चक्कर लगाते हुए बीते। उन्होंने लिखा, सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह मामला मेरे फैसले के साथ समाप्त हुआ, लेकिन इसके लिए मुझे बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। राहुल उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं। उन्होंने 22 साल की उम्र में 9 मार्च, 2022 को ईशानी के साथ गोवा में डेस्टिनेशन वेडिंग की थी। अब शादी के करीब 4 साल बाद दोनों ने अलग होने का फैसला लिया है। वहीं, तलाक को लेकर अब तक ईशानी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल ने लिखा- मैं अपने जीवन में आगे बढ़ रहा हूं राहुल चाहर ने ‘X’ पर लिखा- मैंने कम उम्र में शादी की थी। उस समय मैं खुद को, अपनी कीमत को और उस जीवन को पूरी तरह नहीं समझ पाया था, जिसे मैं सच में बनाना चाहता था। इसके बाद मेरे जीवन में ऐसे साल आए, जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। पिछले 15 महीने मैं अदालत के चक्कर लगाता रहा। इस दौरान मैंने धैर्य रखना, सहन करना और सच से मिलने वाली ताकत को समझना सीखा। आज मेरे जीवन का वह अध्याय कानूनी तौर पर खत्म हो गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह मामला मेरे फैसले के साथ समाप्त हुआ, जिसकी मुझे भारी कीमत चुकानी पड़ी। मैं इस अध्याय को गुस्से या पछतावे के साथ नहीं, बल्कि साफ सोच के साथ बंद कर रहा हूं। मैंने सीखा है कि कुछ रिश्ते हमेशा के लिए नहीं होते। वे हमें जगाने, सिखाने और बदलने के लिए आते हैं। अब मैं पहले से ज्यादा समझदार और आत्म-जागरूक हूं। मैं अपने जीवन में आगे बढ़ रहा हूं, उस भविष्य की ओर, जिसे पाने का मुझे विश्वास है कि मैं हकदार हूं। 2022 में दोनों की शादी हुई थी राहुल चाहर और ईशानी की मुलाकात शादी से 4 साल पहले कॉमन दोस्तों के जरिए हुई थी। यहीं से दोनों की जान-पहचान शुरू हुई। धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ीं और दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को कई साल तक डेट किया। फिर 9 मार्च, 2022 को गोवा में राहुल चाहर ने बेंगलुरु की फैशन डिजाइनर ईशानी से शादी की। इस शादी में कई क्रिकेटर, सेलिब्रिटी और दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार शामिल हुए थे। शादी के बाद दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करते थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से दोनों की तलाक की खबरें सामने आ रही थीं। क्रिकेटर राहुल और दीपक चाहर चचेरे भाई राहुल चाहर भारतीय तेज गेंदबाज दीपक चाहर के चचेरे और ममेरे भाई हैं। राहुल और दीपक की उम्र में 7 साल का अंतर है। दीपक बड़े हैं। दीपक चाहर के चाचा और उनकी मौसी ने आपस में शादी की है। इसके चलते उनकी मौसी ही उनकी चाची भी बन गईं। इसी वजह से राहुल उनके मौसी और चाचा के बेटे भी लगते हैं। राजस्थान में राहुल चाहर का जन्म हुआ था राहुल चाहर का जन्म 4 अगस्त 1999 को राजस्थान के भरतपुर में हुआ था। वह दाएं हाथ के लेग स्पिनर हैं। राहुल ने 16 साल की उम्र में 2016-17 रणजी ट्रॉफी में राजस्थान के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया। एक स्पिनर के रूप में उन्होंने जल्दी ही पहचान बना ली। राहुल ने भारत अंडर-19 और इंडिया ए टीम में जगह बनाई। घरेलू लिस्ट ए और टी20 टूर्नामेंट में वह लगातार राजस्थान के प्रमुख विकेट लेने वालों में शामिल रहे। साल 2025 में उन्होंने काउंटी चैम्पियनशिप के लिए खेलते हुए डेब्यू मैच में 8/51 का रिकॉर्ड प्रदर्शन किया, जो किसी भी गेंदबाज का 166 साल में सर्वश्रेष्ठ डेब्यू रिकॉर्ड था। राहुल ने राइजिंग पुणे सुपरजायंट से IPL डेब्यू किया राहुल ने 2017 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट से आईपीएल डेब्यू किया। लेकिन 2018 में मुंबई इंडियंस से जुड़ने के बाद उन्हें खास पहचान मिली। मुंबई के 2019 और 2020 के खिताबी सीजन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। बाद में पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने टी20 क्रिकेट में अपनी पकड़ मजबूत की। आईपीएल में वह करीब 80 मैचों में 75 विकेट ले चुके हैं और उनकी इकॉनमी लगभग 7.7 रही है। CSK ने इस साल राहुल चाहर को अपनी टीम के साथ जोड़ा है। टीम ने राहुल को 5.20 करोड़ रूपए में खरीदा है। अंतरराष्ट्रीय करियर पर नजर राहुल ने 2019 में टी20 इंटरनेशनल और 2021 में वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया। वनडे डेब्यू में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 3/54 का प्रदर्शन किया। अब तक उन्होंने एक वनडे और 6 टी20 मैच खेले हैं। अभी वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। ———- ये खबर भी पढ़ें ‘हम मुसलमान, सैनी से बेटी की शादी कैसे करते’:संभल में पिता बोला- प्रेमी संग रहने की जिद पर अड़ी थी, बेटे ने मार डाला ‘मेरी बेटी शिवम सैनी नाम के लड़के से प्यार करती थी। वह उससे शादी करना चाहती थी। गांववाले मेरा मजाक उड़ा रहे थे। इसके चलते मैं परेशान था। दो दिन पहले वह शिवम के साथ भाग गई। बाद में थाने पहुंची। वहां पंचायत हुई, तो बेटी हमारे साथ आने को राजी नहीं हुई। वह शिवम के साथ अमरोहा रिश्तेदारी में चली गई। पढ़ें पूरी खबर…
‘द्रमुक सत्ता में आएगी’: ईपीएस द्वारा अन्नाद्रमुक में दोबारा प्रवेश के लिए दरवाजे बंद करने के कुछ दिनों बाद ओपीएस ने स्टालिन से मुलाकात की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:20 फरवरी, 2026, 19:13 IST यह टिप्पणी ओपीएस द्वारा सार्वजनिक रूप से अन्नाद्रमुक में लौटने की इच्छा व्यक्त करने के कुछ ही दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि तमिलनाडु के कल्याण के लिए पार्टी की एकता आवश्यक है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से मुलाकात की तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने शुक्रवार को सीएम एमके स्टालिन की प्रशंसा करते हुए कहा कि डीएमके “सरकार के सुशासन” के कारण सत्ता में लौटेगी। स्टालिन से मुलाकात के बाद चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए, पन्नीरसेल्वम ने कहा, “डीएमके अपने सुशासन के कारण सत्ता में आएगी,” एआईएडीएमके के साथ पुनर्मिलन पर उनके हालिया बयानों ने राजनीतिक ध्यान आकर्षित किया है। यह बैठक और टिप्पणियाँ ओपीएस द्वारा सार्वजनिक रूप से अन्नाद्रमुक में लौटने की इच्छा व्यक्त करने के कुछ ही दिनों बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि तमिलनाडु के कल्याण के लिए पार्टी की एकता आवश्यक है। उन्होंने कहा था कि वह महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) के तहत पार्टी में फिर से शामिल होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करता है। ओपीएस ने कहा था, ”मैं ईपीएस के तहत अन्नाद्रमुक में शामिल होने के लिए तैयार हूं। सवाल यह है कि क्या वे मुझे स्वीकार करेंगे,” उन्होंने दोहराया था कि उनका इरादा पार्टी को मजबूत करना है। हालाँकि, ओपीएस द्वारा अपील करने के कुछ घंटों बाद, पलानीस्वामी ने अपनी वापसी की किसी भी संभावना से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। सलेम जिले के ओमलुर में पत्रकारों से बात करते हुए ईपीएस ने कहा कि ओपीएस को निष्कासित करने का निर्णय अन्नाद्रमुक जनरल काउंसिल द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया और अंतिम था। उन्होंने कहा, “निष्कासन मेरा व्यक्तिगत निर्णय नहीं था। यह सामान्य परिषद के सदस्यों का सर्वसम्मत निर्णय था।” उन्होंने कहा कि पार्टी अपने संकल्पों के अनुरूप सख्ती से काम करेगी। ओपीएस और ईपीएस के बीच दरार पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मृत्यु के बाद सत्ता संघर्ष से शुरू हुई, जिसने अंततः पार्टी को विभाजित कर दिया। ईपीएस के नेतृत्व को चुनौती देने वाला अभियान शुरू करने के बाद ओपीएस को 2022 में अन्नाद्रमुक से निष्कासित कर दिया गया था। जबकि ओपीएस ने बार-बार एकता बहाल करने और जिसे उन्होंने ‘अम्मा का शासन’ कहा था, उसे पुनर्जीवित करने के प्रयास के रूप में अपनी पुन: वापसी की वकालत की है, ईपीएस के नेतृत्व वाला नेतृत्व निष्कासित नेताओं की वापसी के खिलाफ दृढ़ रहा है। पलानीस्वामी ने कहा है कि अन्नाद्रमुक अपनी ताकत के दम पर अगली सरकार बनाएगी, उन्होंने कहा कि कुछ दलों के साथ चर्चा चल रही है, हालांकि डीएमडीके के साथ अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 20 फरवरी, 2026, 19:08 IST समाचार राजनीति ‘द्रमुक सत्ता में आएगी’: ईपीएस द्वारा अन्नाद्रमुक में दोबारा प्रवेश के लिए दरवाजे बंद करने के कुछ दिनों बाद ओपीएस ने स्टालिन से मुलाकात की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ईपीएस(टी)ओपीएस(टी)एमके स्टालिन(टी)तमिलनाडु(टी)एआईएडीएमके
शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को बड़ी कानूनी राहत:150 करोड़ रुपए के बिटकॉइन मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली बेल, स्पेशल कोर्ट ने दी जमानत

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को बिटकॉइन स्कैम मामले में न्यायिक जमानत मिल गई है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक मुंबई की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने कुंद्रा को 150 करोड़ रुपए के कथित क्रिप्टो पोंजी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बेल दे दी। यह मामला पिछले साल ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा दर्ज किए गए चार्जशीट के आधार पर शुरू हुआ था, जिसमें बताया गया कि राज कुंद्रा के पास 285 बिटकॉइन थे, जिनकी मूल्यवृद्धि आज के हिसाब से लगभग 150.47 करोड़ रुपए बताई गई। यह बिटकॉइन कथित तौर पर स्कैम के मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज की ओर से प्राप्त हुआ था। ईडी का तर्क है कि यह क्रिप्टो संपत्ति अपराध की कमाई है, जिसे कुंद्रा ने बिटकॉइन माइनिंग के नाम पर यूक्रेन में एक प्रोजेक्ट के लिए प्राप्त किया था, लेकिन वह प्रोजेक्ट कभी शुरू नहीं हो पाया। इसके बावजूद, आरोपियों में शामिल राज कुंद्रा ने इन बिटकॉइन को अपने पास रखा और उनका इस्तेमाल किया। ईडी की चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया कि कुंद्रा ने बिटकॉइन लेन-देने में खुद को केवल मध्यस्थ बताने की कोशिश की, लेकिन उसे समर्थन देने के लिए कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके। चार्जशीट के अनुसार, एक टर्म शीट नामक समझौता असल में उनके और अमित भारद्वाज के बीच हुआ था, जिससे यह साबित होता है कि वह मध्यस्थ नहीं बल्कि लाभार्थी थे। जमानत के दौरान कोर्ट ने कहा कि कुंद्रा ने जांच एजेंसी के साथ सहयोग किया है और चूंकि उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी, इसलिए अब उन्हें कस्टडी में रखने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनमें यह शामिल है कि उन्हें अगली सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश होना होगा। कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय राज कुंद्रा को मीडिया के कैमरों के सामने मुस्कुराते हुए भी देखा गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब मामला आगे की सुनवाई के लिए ड्राफ्ट किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई और सबूतों की समीक्षा होगी।
‘कांग्रेस ने जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की’: अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी सरकार ने असम में घुसपैठ रोकी | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:20 फरवरी, 2026, 14:39 IST अमित शाह ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में असम ने प्रगति की है और राज्य में अब बम धमाके नहीं हो रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का असम दौरा इस साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है। (फ़ाइल छवि: पीटीआई) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी पर असम की जनसांख्यिकी को बदलने का जानबूझकर प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार ने घुसपैठियों के प्रवेश को रोक दिया है, जो लोगों के अधिकारों को हड़प रहे थे। शाह का असम दौरा राज्य विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है, जो इस साल होने वाला है। “इन कांग्रेस सरकारों ने हमारी सीमाओं को घुसपैठियों के लिए खुला छोड़ दिया। घुसपैठिए असम में प्रवेश करते रहे। असम के युवाओं की नौकरियां, गरीबों का अनाज और गांवों की जमीन छीनकर असम की जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास किया गया। असम के लोगों ने दस साल पहले भाजपा सरकार के गठन की पहल की और पहले पांच वर्षों में हमने घुसपैठ को रोकने के लिए काम किया। दूसरे कार्यकाल में, हमारे सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने लाखों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। घुसपैठियों और उन्हें हटाओ,” उन्होंने कहा। शाह ने लोगों से लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार चुनने की अपील की और वादा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम में प्रवेश करने वाले हर एक घुसपैठिये को वापस भेजा जाएगा। मंत्री ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में असम ने प्रगति की है और राज्य में अब बम विस्फोट नहीं हो रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार असम को बाढ़ मुक्त बनाने की योजना बना रही है. सिलचर में एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा से लगे 334 ब्लॉकों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण के तहत विकसित किया जाएगा। “आज एक तरह से वाइब्रेंट विलेज II की शुरुआत हो रही है। वाइब्रेंट विलेज II के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी ने हमारे सीमावर्ती गांवों में भी भारत के सभी गांवों के बराबर सुविधाएं देने का प्रयास शुरू किया है… एक समय था जब सीमावर्ती गांवों को देश का आखिरी गांव कहा जाता था। आखिरी गांव सिर्फ सीमाओं के कारण आखिरी नहीं थे, बल्कि विकास के मामले में भी आखिरी थे। रोजगार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा के मामले में वे पिछड़े थे। पीएम मोदी ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में तय किया कि हर गांव एक होगा।” बॉर्डर आखिरी गांव नहीं है, यह भारत का पहला गांव है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : सिलचर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 20 फरवरी, 2026, 14:35 IST समाचार चुनाव ‘कांग्रेस ने जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की’: अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी सरकार ने असम में घुसपैठ रोकी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव(टी)अमित शाह असम(टी)कांग्रेस असम जनसांख्यिकी(टी)बीजेपी असम विकास(टी)असम घुसपैठिए(टी)वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम असम(टी)असम सीमा सुरक्षा(टी)असम बाढ़-मुक्त योजना
पूर्व सरपंच बोले-पैसे देकर मासूम शर्मा को कहीं नचवा लो:पंच चुनाव जीतकर दिखाए, जींद में महापंचायत की तैयारी; सिंगर ने स्टेज से उतारा था

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच का ‘स्टेज विवाद’ अब तूल पकड़ता जा रहा है। जींद में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने मासूम को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि मासूम ने उनका अपमान किया है। चुने हुए सरपंच, विधायक और मंत्रियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। पूर्व सरपंच ने कहा- पैसे देकर मासूम शर्मा को तो कहीं भी नचवा लो। अगर गांव में आकर माफी नहीं मांगी तो महापंचायत करेंगे । जींद के गांव ब्राह्मणवास निवासी सिंगर मासूम शर्मा की बहन कविता शर्मा की शादी मुआना गांव निवासी धर्मबीर उर्फ धरमू से हुई है। बुधवार को उनकी 25वीं सालगिरह पर हुए प्रोग्राम में सिंगर मासूम शर्मा ने पूर्व सरपंच को स्टेज से नीचे उतार दिया था। इसके बाद पूर्व संरपंच राजेंद्र शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंगर को सीधी चुनौती दी। पहले जानिए क्या है मासूम का स्टेज विवाद… मासूम ने पूर्व सरपंच को कहा था… मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। अब पढ़िए…पूर्व सरपंच ने क्या पलटवार किया ————– यह खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच को धमकाया, VIDEO: मंच से उतारकर बोले- MLA-मंत्री तक को कुछ नहीं समझता, भीड़ से भी धक्का-मुक्की की हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एक लाइव शो के दौरान उन्होंने स्टेज पर खड़े पूर्व सरपंच व समर्थकों पर चिल्लाते हुए नीचे उतरने को कह दिया। सिंगर ने कहा- मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। (पूरी खबर पढ़ें)






