सोहेल खान बेटे का नाम 'राम खान' रखना चाहते थे:जन्म के बाद फिर क्यों बेटे का नाम 'निर्वाण' रखा गया? एक्टर ने सुनाया किस्सा

एक्टर सोहेल खान ने हाल ही में बताया कि वह अपने बड़े बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे, लेकिन बेटे के जन्म के बाद सीमा सजदेह ने उसका नाम ‘निर्वाण’ रख दिया था। उन्होंने यह बात रियलिटी शो ‘अलायंस’ में बातचीत के दौरान शेयर की। शो में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर आए अली गोनी ने सोहेल और सीमा की परवरिश की तारीफ करते हुए कहा कि उनके बच्चे बहुत अच्छे संस्कार वाले हैं। इस पर सोहेल ने बताया कि पहली संतान के जन्म से पहले उन्होंने और सीमा ने मजाक में तय किया था कि बेटा हुआ तो नाम वह रखेंगे और बेटी हुई तो नाम सीमा रखेंगी। सोहेल ने कहा कि वह बेटे का नाम ‘राम खान’ रखना चाहते थे और इसे उन्होंने अपने परिवार की सेक्युलर सोच का उदाहरण बताया। हालांकि, बेटे के जन्म के बाद जब सीमा को होश आया तो उन्होंने सबसे पहले बच्चे का नाम ‘निर्वाण’ लिया। सोहेल ने कहा कि उस पल के बाद वह नाम बदलना नहीं चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाण का स्वभाव भी उसके नाम की तरह शांत और संतुलित है। शो में दिख रही सोहेल और सीमा की अच्छी बॉन्डिंग शो में सीमा की एंट्री के बाद दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग देखने को मिल रही है। सीमा का स्वागत करते हुए सोहेल ने कहा था कि उन्होंने 25 साल इस खूबसूरत महिला के साथ बिताए हैं और अगर रिश्ते में कोई गलती हुई तो उसकी जिम्मेदारी वह लेते हैं। सीमा ने भी सोहेल के प्रति अपनापन जताया। जब होस्ट कुणाल खेमू ने उनसे गेम में उनके सहयोगी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि फिलहाल सोहेल ही उनके इकलौते सहयोगी हैं। बाद में सोहेल ने कहा कि परिवार के किसी सदस्य को देखकर उन्हें अंदर से खुशी हुई। शादी टूटने पर भी की बात एक अन्य एपिसोड में सोहेल ने अपनी शादी टूटने पर भी बात की। निखिल चिनप्पा के सवाल पर उन्होंने कहा था कि उस समय उनका काम ठीक नहीं चल रहा था और वह सही मानसिक स्थिति में नहीं थे। अपने व्यवहार की वजह से उन्होंने उस इंसान को खो दिया, जिससे वह बहुत प्यार करते थे। उन्होंने कहा था कि सीमा उनके दोनों बच्चों की मां हैं और प्यार से भी ज्यादा वह उनका सम्मान करते हैं। उनके मुताबिक, इस शो ने दोनों को फिर से बातचीत करने और एक-दूसरे से खुलकर बात करने का मौका दिया। सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो ‘अलायंस’ को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।
दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 14 जुलाई को 17वां दिन है। NEET पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता
दीपिका ने क्या सोनम वांगचुक के सपोर्ट में किया पोस्ट:सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल; दावा- एक्ट्रेस ने कुछ ही मिनटों में डिलीट किया

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच सोशल मीडिया पर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण को लेकर एक दावा वायरल हो रहा है। इंटरनेट पर दीपिका की कथित इंस्टाग्राम स्टोरी का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक का समर्थन किया और देश के नेतृत्व पर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना है कि उन्होंने इसे पोस्ट करने के कुछ ही मिनटों बाद डिलीट कर दिया। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह झूठा पाया गया है। दीपिका के ऑफिशियल अकाउंट पर ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई थी। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया गया बुधवार से सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से फैल रहा है। इसमें दिख रहा है कि दीपिका ने सोनम वांगचुक से जुड़ी एक पोस्ट को री-शेयर किया है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक, पोस्ट पर लिखा है, “वे उपवास कर रहे हैं और हम स्क्रॉल कर रहे हैं।” इसके साथ ही कथित तौर पर दीपिका का कैप्शन भी लिखा है, जिसमें लिखा है, “इस बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? हम लोकतंत्र के सबसे काले दौर से गुजर रहे हैं। किसी फेल लीडर की तारीफ में कितनी भी फिल्में बना ली जाएं, हकीकत नहीं बदलती।” जांच में फेक निकला वायरल स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर चल रही इस बहस के बीच जब हकीकत का पता लगाया गया, तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका पादुकोण के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट और उनके सोशल मीडिया आर्काइव रिकॉर्ड्स की जांच की गई। इसमें ऐसी किसी भी पोस्ट या स्टोरी का कोई सबूत नहीं मिला। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से डिजिटल तरीके से एडिट किया गया है। दीपिका की ओर से ऐसा कोई बयान या पोस्ट जारी नहीं किया गया था। इंटरनेट पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। वांगचुक के सपोर्ट में आए कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे इस आंदोलन को अब बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान, शबाना आजमी और रूबीना दिलैक जैसी एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है। उनका कहना है कि देश को सोनम जैसे सच्चे लोगों की बहुत जरूरत है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं स्वरा भास्कर मंगलवार को अभिनेत्री स्वरा भास्कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने वहां पहुंचकर सोनम वांगचुक और अभिजीत से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर की गईं। इसके कैप्शन में लिखा गया कि बेबाक और निडर अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। स्वरा ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर भी शेयर किया। उन्होंने अभिजीत का आभार जताते हुए लिखा कि हमारे बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने के लिए आपका धन्यवाद। सोनम वांगचुक के लिए उन्होंने लिखा कि वे अथक रूप से बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, मेरी पूरी एकजुटता उनके साथ है। सोनी राजदान ने की भावुक अपील सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को अभिनेत्री सोनी राजदान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर उनसे अनशन खत्म करने की अपील की। सोनी राजदान ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, हम सब आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं। कृपया हमें इस तरह छोड़कर न जाएं। आगे की लड़ाई लड़ने के लिए आपका जीवित रहना जरूरी है, इसलिए आज ही अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा कि हमें आपकी जरूरत है, हमें छोड़कर मत जाइए। लड़ाई लंबी, सेहतमंद रहना जरूरी दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक के समर्थन में एक संदेश लिखा। शबाना ने लिखा कि प्रिय सोनम वांगचुक, आपके जैसे व्यक्ति की हमारे देश को बहुत जरूरत है। आप नाइंसाफी के खिलाफ और सच के लिए खड़े हैं, हमें आप पर गर्व है। हम आपसे विनती करते हैं कि आप अपना अनशन तोड़ दें, क्योंकि हमारे छात्रों के लिए आपका मार्गदर्शन उनका हौसला बढ़ाता है। उन्होंने आगे लिखा कि यह लड़ाई आगे तक लड़नी है, इसलिए आपका सेहतमंद रहना बहुत जरूरी है, हम आपके साथ हैं। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की कई तस्वीरें शेयर कीं और इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट लिखा। अनुराग ने लिखा, एक समय था जब भूख हड़ताल का बहुत मतलब होता था। कोई भी यूं ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठता। यह बहुत दुख की बात है कि व्यवस्था लोगों की जिंदगी के प्रति इतनी बेपरवाह हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, सिर्फ वही इंसान ऐसा कदम उठा सकता है, जिसके अंदर दूसरों के लिए संवेदना हो और जो सच और न्याय पर भरोसा रखता हो। मुझमें वह हिम्मत नहीं है, जो सोनम वांगचुक दिखा रहे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इतनी गूंजती हुई है कि वह उनकी गलती और लोगों की जान की परवाह न करने वाली सोच को दिखाती है। मैं सोनम वांगचुक जैसे बहादुर इंसान के साथ खड़ा हूं। नसीरुद्दीन, अरुंधति और रूबीना का भी मिला समर्थन टेलीविजन अभिनेत्री रूबीना दिलैक ने भी इंस्टाग्राम पर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि वे एक असली हीरो हैं, उन्हें देश की भलाई के लिए लड़ते हुए इस तरह मत मरने दीजिए। रूबीना ने अभिनेत्री जीनत अमान के एक पोस्ट को भी शेयर किया, जिसमें सरकार से पर्यावरण कार्यकर्ता के साथ शांतिपूर्ण बातचीत करने का अनुरोध किया गया था। इनके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय ने भी सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस लेने का आग्रह किया है। ये खबर भी पढ़ें 3 इडियट्स के ‘चतुर’ बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 14 जुलाई को 17वां दिन है। NEET पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता
कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भीषण जंगल की आग के बीच कैनेडियन नेशनल रेलवे के कर्मचारी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। धुएं के कारण विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक में आग लग गई और वह ट्रेन से टकरा गया। हालांकि, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंजन के चारों ओर धधकती आग, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर वायरल वीडियो में ट्रेन के इंजन की खिड़कियों के बाहर चारों ओर जंगल में आग की ऊंची लपटें दिखाई देती हैं। आसमान नारंगी रंग का नजर आता है और कर्मचारी तत्काल निकासी की मांग करते सुनाई देते हैं। वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ट्रक में लगी आग, ट्रेन से टकराया CN रेलवे के अनुसार, घने धुएं के बीच एक ट्रक आग की चपेट में आ गया और ट्रेन से टकरा गया। इसके बाद सभी कर्मचारी पैदल ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। रेल संचालन रोका, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को निकाला घटना के बाद CN रेलवे ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में सभी रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कंपनी ने आर्मस्ट्रॉन्ग कस्बे के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह इलाका उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में जंगल की आग से प्रभावित है। विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल ओंटारियो की NDP के विधायक सोल ममाक्वा ने कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कर्मचारी को कंपनी की कार्रवाई का डर है, क्योंकि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना कंपनी की नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी की प्राथमिकता अपनी जान बचाना थी और कंपनी को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। तीन ट्रेनें जंगल की आग वाले इलाके में खड़ीं ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि कॉलिन्स फर्स्ट नेशन के पास ज्वलनशील सामग्री ले जा रही तीन ट्रेनें जंगल की आग के कारण रोक दी गई हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए तत्काल खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन रेलवे और आपातकालीन एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में 150 जगहों में जंगल की आग प्रदेश में करीब 150 जगहों पर जंगल की आग जल रही हैं। कई समुदायों में अनिवार्य निकासी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधित अग्नि क्षेत्र (Restricted Fire Zone) लागू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातकालीन जरूरत का सामान तैयार रखने की अपील की है।
कनाडा में जंगल की आग के बीच फंसी ट्रेन:ट्रक से भिड़ंत, कर्मचारियों ने पैदल भागकर जान बचाई; घटना का वीडियो वायरल

कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भीषण जंगल की आग के बीच कैनेडियन नेशनल रेलवे के कर्मचारी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। धुएं के कारण विजिबिलिटी लगभग खत्म हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक में आग लग गई और वह ट्रेन से टकरा गया। हालांकि, सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंजन के चारों ओर धधकती आग, वीडियो में कैद हुआ खौफनाक मंजर वायरल वीडियो में ट्रेन के इंजन की खिड़कियों के बाहर चारों ओर जंगल में आग की ऊंची लपटें दिखाई देती हैं। आसमान नारंगी रंग का नजर आता है और कर्मचारी तत्काल निकासी की मांग करते सुनाई देते हैं। वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। ट्रक में लगी आग, ट्रेन से टकराया CN रेलवे के अनुसार, घने धुएं के बीच एक ट्रक आग की चपेट में आ गया और ट्रेन से टकरा गया। इसके बाद सभी कर्मचारी पैदल ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हालांकि, किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई। रेल संचालन रोका, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को निकाला घटना के बाद CN रेलवे ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाके में सभी रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दीं। कंपनी ने आर्मस्ट्रॉन्ग कस्बे के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। यह इलाका उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में जंगल की आग से प्रभावित है। विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल ओंटारियो की NDP के विधायक सोल ममाक्वा ने कहा कि वीडियो रिकॉर्ड करने वाले कर्मचारी को कंपनी की कार्रवाई का डर है, क्योंकि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना कंपनी की नीति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि उस समय कर्मचारी की प्राथमिकता अपनी जान बचाना थी और कंपनी को दंडात्मक कार्रवाई के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। तीन ट्रेनें जंगल की आग वाले इलाके में खड़ीं ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (OPP) ने बताया कि कॉलिन्स फर्स्ट नेशन के पास ज्वलनशील सामग्री ले जा रही तीन ट्रेनें जंगल की आग के कारण रोक दी गई हैं। फिलहाल आम लोगों के लिए तत्काल खतरा नहीं बताया गया है, लेकिन रेलवे और आपातकालीन एजेंसियां लगातार हालात की निगरानी कर रही हैं। उत्तर-पश्चिमी ओंटारियो में 150 जगहों में जंगल की आग प्रदेश में करीब 150 जगहों पर जंगल की आग जल रही हैं। कई समुदायों में अनिवार्य निकासी के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधित अग्नि क्षेत्र (Restricted Fire Zone) लागू कर दिया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा आपातकालीन जरूरत का सामान तैयार रखने की अपील की है।
अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की:जवाब में तेहरान का बहरीन-कुवैत में मिसाइल हमला, जॉर्डन ने 3 मिसाइलें गिराईं

अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकाने और सिस्तान-बलूचिस्तान में 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी। इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस का निर्यात भी रोका जा सकता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में जहाज नहीं भेज रहीं कंपनियां: ईरानी हमलों के बाद कई शिपिंग कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए अमेरिका की सुरक्षा लेने से भी बच रही हैं। 2. अमेरिकी हमलों में 35 ईरानी लोगों की मौत: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि हाल के दिनों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 3. ईरान जंग के बाद पहली बार अमेरिका जाएंगे नेतन्याहू: इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू शनिवार को अमेरिका जाएंगे। वे दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं। 4. अचानक कतर पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री: अब्बास अराघची अचानक कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। वह कतर के पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेंगे। 5. लापता भारतीय नाविक के मौत की पुष्टि: ओमान के तट के पास कारोबारी जहाज GFS गैलेक्सी पर 12 जुलाई को हुए हमले के बाद लापता हुए एक भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हो गई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
बफेट-गेट्स की 20 साल पुरानी दोस्ती में दरार:3.5 लाख करोड़ देने वाले बफेट ने एपस्टीन जांच पूरी होने तक रोका दान

दुनिया के सबसे बड़े और सफल निवेशकों में शुमार वॉरेन बफे और माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स की दोस्ती दशकों पुरानी है। दोनों ने मिलकर ‘द गिविंग प्लेज’ शुरू किया था। यह अरबपतियों को संपत्ति दान करने के लिए प्रेरित करने वाला अभियान है। बफे खुद गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक ट्रस्टी रह चुके हैं और 2022 तक उसे 3.46 लाख करोड़ दान में दे चुके थे। लेकिन इस साल कहानी बदल गई। बफे ने गेट्स फाउंडेशन को कुछ नहीं दिया। इसकी बजाय, 95 साल के बफे ने बर्कशायर हैथवे के करीब 6 अरब डॉलर (57,600 करोड़) के शेयर अपने परिवार से जुड़े चार फाउंडेशन को सौंप दिए। इसकी एक खास वजह है। गेट्स फाउंडेशन ने बाहरी वकीलों को बुलाकर एक जांच शुरू करवाई है। पता लगाया जा रहा है कि दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ फाउंडेशन के क्या संबंध थे। बफे इसी जांच का नतीजा आने का इंतजार कर रहे हैं। इसीलिए उन्होंने फाउंडेशन को दान रोक दिया। असल कहानी यहीं से दिलचस्प मोड़ लेती है। बफे ने इस साल मार्च में सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में साफ कह दिया था कि वे अब गेट्स से बात नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘हमने साथ बहुत अच्छा वक्त बिताया, लेकिन जब तक यह मामला साफ नहीं होता, मुझे नहीं लगता कि ज्यादा बातचीत करना ठीक है।’ गेट्स ने पिछले महीने अमेरिकी संसद की एक समिति के सामने गवाही दी कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी। बफे ने भी साफ किया कि उनकी एपस्टीन से कभी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने गेट्स से इस विवाद पर कभी बात नहीं की क्योंकि वे नहीं चाहते कि उन्हें गेट्स-एपस्टीन संबंधों पर गवाही देने के लिए बुलाया जाए। हालांकि उम्र और इस विवाद के बावजूद बफे की दानशीलता कम नहीं हुई है। बफे ने कहा है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके तीनों बच्चे 31 2034 तक बर्कशायर हैथवे में उनकी पूरी हिस्सेदारी बांट देंगे। फाउंडेशन के बोर्ड से हट चुके हैं 31 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक बफे बर्कशायर हैथवे की कुल वैल्यू करीब 1.1 ट्रिलियन डॉलर (105.7 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। इसमें बफे की हिस्सेदारी लगभग 30% है। यानी अकेले उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू 31.7 लाख करोड़ बैठती है। बफे 2021 में गेट्स फाउंडेशन के बोर्ड से इस्तीफा दे चुके हैं। लेकिन तब से हर साल हजारों करोड़ रुपए का दान जारी रखे हुए थे। लेकिन इस साल उन्होंने यह सिलसिला तोड़ दिया।
वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बुल्गारिया ने यूक्रेन समर्थक गठबंधन से बनाई दूरी: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया।
वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस ने यूक्रेन को मिसाइल निर्माण की मंजूरी दी: यूक्रेन में ही बनेंगी क्रूज मिसाइल, इंटरसेप्टर और ग्लाइड बम

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन को उसकी अपनी जमीन पर मिसाइल और बम बनाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। पेरिस में आयोजित ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस फैसले से यूक्रेन की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और हथियारों का निर्माण तेजी से हो सकेगा। नए लाइसेंसिंग समझौतों के तहत यूक्रेन एस्टर-30 एयर डिफेंस इंटरसेप्टर, एएएसएम ग्लाइड बम और स्कैल्प -ईजी क्रूज मिसाइल का स्थानीय स्तर पर निर्माण करेगा। मैक्रों ने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में फ्रांस और इटली यूक्रेन को अतिरिक्त एयर डिफेंस बैटरियां और इंटरसेप्टर उपलब्ध कराएंगे। वहीं, 16 राफेल लड़ाकू विमान 2028-29 तक यूक्रेन को मिलने की उम्मीद है। ‘कोएलिशन ऑफ द विलिंग’ फ्रांस और ब्रिटेन की अगुआई वाला देशों का समूह है, जो यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर काम कर रहा है। रूस ने इस पहल का विरोध किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इसे “युद्ध को आगे बढ़ाने वाले देशों का गठबंधन” बताया। वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने आरोप लगाया कि नाटो सदस्य देश यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य तकनीकों के परीक्षण केंद्र में बदल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बुल्गारिया ने यूक्रेन समर्थक गठबंधन से बनाई दूरी: PM बोले- युद्ध नहीं, कूटनीति से निकलेगा हल बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव ने कहा है कि उनका देश यूक्रेन को लगातार सैन्य सहायता देने वाले पश्चिमी देशों के गठबंधन का हिस्सा नहीं है। फ्रांस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूक्रेन संघर्ष का समाधान हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि मजबूत कूटनीतिक प्रयासों से निकाला जाना चाहिए। रादेव ने कहा कि बुल्गारिया यूक्रेन को इस तरह की अतिरिक्त सैन्य सहायता नहीं देता क्योंकि इससे संघर्ष लंबा खिंच सकता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता तनाव कम करने और बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि बुल्गारिया यूक्रेन को अब तक 13 सैन्य सहायता पैकेज दे चुका है और उसके पास आगे भेजने के लिए अतिरिक्त सैन्य सामग्री नहीं बची है। रिपोर्ट के अनुसार, हालिया नाटो शिखर सम्मेलन में स्लोवाकिया, हंगरी और चेक गणराज्य सहित कुछ देशों ने अमेरिका के नेतृत्व वाले लगभग 70 अरब यूरो (करीब 80 अरब डॉलर) के नए सैन्य सहायता पैकेज में शामिल होने से इनकार कर दिया। चुनाव में वोटरों को लाखों डॉलर के चेक देना मस्क को पड़ सकता है भारी; आपराधिक जांच की सिफारिश अमेरिका के विस्कॉन्सिन इलेक्शंस कमीशन ने प्रारंभिक तौर पर माना है कि अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने 2025 के राज्य सुप्रीम कोर्ट चुनाव से पहले मतदाताओं को 10 लाख डॉलर के चेक देकर चुनावी रिश्वत संबंधी कानून का उल्लंघन किया हो सकता है। आयोग ने मामले को ब्राउन काउंटी के जिला अटॉर्नी के पास आपराधिक जांच के लिए भेज दिया है। अभियोजन पक्ष को अब 40 दिनों के भीतर तय करना होगा कि मस्क के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए या नहीं। आयोग ने पिछले सप्ताह मिली दो शिकायतों को 5-1 के बहुमत से आगे बढ़ाने का फैसला किया। प्रस्ताव में कहा गया कि मस्क ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मतदान करने वाले लोगों को 10 लाख डॉलर देने की पेशकश की, जिससे मतदाताओं को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जा सके। 2025 के विस्कॉन्सिन सुप्रीम कोर्ट चुनाव में मस्क ने रिपब्लिकन समर्थित उम्मीदवार ब्रैड शिमेल के समर्थन में कम से कम 2 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। हालांकि शिमेल को डेमोक्रेट समर्थित सुसान क्रॉफर्ड से 10 प्रतिशत अंकों के अंतर से हार मिली। यह चुनाव 10 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च के साथ अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा न्यायिक चुनाव माना गया। मस्क के खिलाफ पहले से एक अलग दीवानी मुकदमा भी लंबित है, जिसमें उन पर वोट खरीदने, अवैध लॉटरी चलाने और चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने रिपब्लिकन सीनेटर ने ट्रम्प के समर्थन में बिल पेश किया अमेरिका में रिपब्लिकन सीनेटर जिम बैंक्स ने जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के लिए नया विधेयक पेश किया है। प्रस्ताव में अवैध प्रवासियों को “आक्रमणकारी” बताते हुए उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों को स्वत: नागरिकता देने की व्यवस्था खत्म करने की मांग की गई है। यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त आव्रजन नीति को कानूनी आधार देने की दिशा में नया प्रयास मानी जा रही है। राष्ट्रपति पद पर लौटने के बाद ट्रम्प ने कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों की स्वत: नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, जून के अंत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को असंवैधानिक करार दिया था। जिम बैंक्स ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमेरिकी संप्रभुता पर अभूतपूर्व हमला है और देश की सुरक्षा के लिए अवैध प्रवासियों द्वारा आव्रजन व्यवस्था के कथित दुरुपयोग को रोकना जरूरी है। इस मुद्दे पर अन्य रिपब्लिकन सांसद भी सक्रिय हैं। टेनेसी के प्रतिनिधि एंडी ओगल्स जन्मसिद्ध नागरिकता सीमित करने के लिए अलग विधेयक पेश कर चुके हैं। वहीं, साउथ कैरोलिना के सीनेटर टिम स्कॉट ने “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाने के लिए प्रस्ताव रखा है, ताकि विदेशी नागरिक केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका न आ सकें।
अमेरिका ने लगातार चौथे दिन ईरान पर एयरस्ट्राइक की:ट्रम्प बोले- अगले हफ्ते बिजलीघर और पुल उड़ाएंगे, समझौता नहीं किया तो कुछ नहीं बचेगा

अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम मंगलवार रात भी हमला करेंगे, उसके अगले दिन भी करेंगे। अगले हफ्ते ईरान के बिजलीघर और पुल भी निशाने पर होंगे। अगर समझौता नहीं किया, तो वहां कुछ नहीं बचेगा।” ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान भी चलाया जा सकता है, हालांकि इसके लिए सहयोगी देशों की मदद ली जा सकती है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स IRGC का व्यापारिक जहाजों पर हमला: ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इसमें 1 भारतीय शख्स की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया: भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समंदर में भारत से जुड़े 11 जहाज फंसे: विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रम्प ने होर्मुज में 20% टैक्स का फैसला वापस लिया: ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सबसे कम: होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…







