अमेरिका ने लगातार चौथे दिन ईरान पर एयरस्ट्राइक की:ट्रम्प बोले- अगले हफ्ते बिजलीघर और पुल उड़ाएंगे, समझौता नहीं किया तो कुछ नहीं बचेगा

अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी भी शुरू कर दी है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए की जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम मंगलवार रात भी हमला करेंगे, उसके अगले दिन भी करेंगे। अगले हफ्ते ईरान के बिजलीघर और पुल भी निशाने पर होंगे। अगर समझौता नहीं किया, तो वहां कुछ नहीं बचेगा।” ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर जमीनी सैन्य अभियान भी चलाया जा सकता है, हालांकि इसके लिए सहयोगी देशों की मदद ली जा सकती है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स IRGC का व्यापारिक जहाजों पर हमला: ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इसमें 1 भारतीय शख्स की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया: भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। समंदर में भारत से जुड़े 11 जहाज फंसे: विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रम्प ने होर्मुज में 20% टैक्स का फैसला वापस लिया: ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सबसे कम: होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
हरियाणा में अश्लील कंटेंट पर विवाद:इन्फ्लुएंसर्स ने कहा- डांसरों पर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों को रोको, सपना चौधरी पर सॉफ्ट पोर्न देने का आरोप

जाट आरक्षण आंदोलन के दंगों से सुर्खियों में आए और फिलहाल अमेरिका में रह रहे भगोड़े धर्मेंद्र हुड्डा की ओर से सोशल मीडिया पर ‘अश्लील, अभद्र और डबल मीनिंग’ कंटेंट के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम अब हरियाणा में बड़ी बहस का विषय बन गई है। हुड्डा का दावा है कि उन्होंने ऐसे कंटेंट बनाने वाले 35 बड़े इन्फ्लुएंसर्स की लिस्ट तैयार कर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से चेतावनी दी है। इसके बाद कई इन्फ्लुएंसर्स ने अपना रुख बदलने का ऐलान किया, जबकि कई ने इस अभियान का समर्थन करते हुए इसे समाज सुधार की पहल बताया। एक इन्फ्लुएंसर ने हरियाणवी डांसर सपना चौधरी पर विवादित टिप्पणियां करते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा को ‘सॉफ्ट पोर्न’ दिया है। वहीं, कुछ ने डांस कार्यक्रमों में मंच के सामने जाकर पैसे उड़ाने वाले बुजुर्गों की मानसिकता पर भी सवाल उठाए। हालांकि, कुछ लोगों ने धर्मेंद्र हुड्डा का समर्थन किया तो कुछ ने उनसे रेप और पेपर लीक जैसे मामलों पर भी कार्रवाई की मांग की। अब जानिए सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर्स ने क्या कहा….. बाबा पेले बोले- डबल मीनिंग कंटेंट नहीं बनाएंगे धर्मेंद्र हुड्डा की चेतावनी के बाद इन्फ्लुएंसर आकाश छांगिया उर्फ बाबा पेले ने वीडियो जारी कर कहा कि अब वह डबल मीनिंग कंटेंट नहीं बनाएंगे। समाज से गंदे गाने और अश्लील कंटेंट खत्म होना चाहिए। भविष्य में वह किसी महिला कलाकार के साथ ऐसा वीडियो नहीं बनाएंगे, जिससे समाज पर गलत असर पड़े। बाबा पेले ने अपने स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि यहां 100 से ज्यादा बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। अगर कोई समाज सेवा करना चाहता है तो स्कूल का सहयोग करे। उन्होंने हरियाणवी फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर को भी आपत्तिजनक बताते हुए इसे हरियाणा में बैन करने की मांग की। नीतू तहलान ने महिला इन्फ्लुएंसर्स पर उठाए सवाल इन्फ्लुएंसर नीतू तहलान ने धर्मेंद्र हुड्डा की मुहिम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विदेश में बैठकर गंदगी हटाने की शुरुआत करना सराहनीय है और इसका असर भी दिख रहा है। हालांकि उन्होंने कुछ महिला इन्फ्लुएंसर्स पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे सोशल मीडिया पर शराब पीने के वीडियो बनाकर गलत संदेश दे रही हैं। उनका कहना था कि ऐसे कंटेंट का बच्चों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कलकल खाप प्रधान की चेतावनी पर विवाद कलकल खाप के प्रधान राजपाल कलकल ने धर्मेंद्र हुड्डा के अभियान का समर्थन किया, लेकिन अपने वीडियो और थंबनेल में विवादित भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, “मैं सालों से हाथ जोड़कर बहू-बेटियों को समझा रहा था, लेकिन कुछ महिलाएं मुझे ही फोन पर अंजाम भुगतने की धमकी देती थीं। अब जो औरतें ऐसे कपड़े पहनती हैं, वे सुधर जाएं। जुबान पर लगाम दें और अंग प्रदर्शन बंद करें, वरना अब जवान लड़के आ गए हैं, वे जुबान भी बंद कर देंगे और तोड़ देंगे।” इन्फ्लुएंसर आजाद ने सपना चौधरी और बुजुर्गों को घेरा इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर आजाद ने इस पूरे मामले में समाज के बुजुर्गों (काका-ताऊ) और हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी पर तीखा निशाना साधा। आजाद ने कहा, “स्टेज डांसरों से पहले उन बुजुर्गों की बात करो, जो इन कार्यक्रमों में जाते हैं। इन बुजुर्गों के दिमाग में हवस भरी है। आजाद ने आरोप लगाया, “मैं सपना चौधरी को टारगेट कर रहा हूं। उसने हरियाणा को कभी कोई अच्छी चीज नहीं दी। हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या और लिंगानुपात में 5-10% की कमी जैसे मुद्दों पर किसी ने कभी आवाज नहीं उठाई। सपना सिर्फ अपने शरीर के अंग मटकाती है। जो लोग कहते हैं कि सपना की वजह से हरियाणा जाना जाता है, वे गलत हैं। सपना ने हरियाणा को सिर्फ ‘सॉफ्ट पोर्न’ दिया है। हरियाणा की असली पहचान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, नीरज चोपड़ा और कल्पना चावला जैसे दिग्गजों से है।” ड्राइवर छोरी’ की बोली- गलत करने वालों का भी हो इलाज जींद की रहने वाली नीशू देशवाल उर्फ ड्राइवर छोरी ने धर्मेंद्र हुड्डा की इस मुहिम को क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा, “मैं उस मां को सलाम करती हूं, जिसने धर्मेंद्र जैसे भाई को जन्म दिया। उसने पांच दिन में सट्टा बंद करवा दिया। अब इस गंदगी को भी साफ किया जा रहा है।” उन्होंने धर्मेंद्र से अपील करते हुए कहा कि जो लोग छोटी बच्चियों और बेटियों के साथ गलत काम करते हैं, उनका भी इसी तरह इलाज किया जाए, ताकि अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो। बिट्टू पंडित का दावा- वीडियो हटाने की मिली धमकी इंस्टाग्राम पर जारी एक वीडियो में बिट्टू पंडित ने दावा किया कि उन्होंने पहले एक वीडियो शेयर कर कहा था कि धर्मेंद्र हुड्डा ने काम तो शुरू किया, लेकिन सही तरीके से नहीं किया। इसके बाद रात में उनके पास फोन आया और वीडियो हटाने की धमकी दी गई। वीडियो में बिट्टू पंडित ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि धमकियों से उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। उन्होंने धर्मेंद्र हुड्डा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में समाज के लिए काम करना है तो हरियाणा में हो रहे रेप के मामलों को रोकें। उन्होंने भिवानी की मनीषा से जुड़े मामले का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की गई और अब लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसे मुद्दे क्यों उठाए जा रहे हैं। यदि सही काम होगा तो वे पूरा साथ देंगे, लेकिन मनीषा को भी न्याय मिलना चाहिए। सस्पेंड हुई टीचर ने भी किया समर्थन कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद सस्पेंड हुई रोहतक निवासी सुलेखा दलाल ने भी धर्मेंद्र हुड्डा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा ने बहुत अच्छी मुहिम शुरू की है। साथ ही उन लोगों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनकी बात मानते हुए इस तरह का कंटेंट बनाने से परहेज किया है। उन्होंने एक बार फिर नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बहुत से लोग टांग खींचने के लिए आएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटना चाहिए। अब अगली बारी पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई की होनी चाहिए। रेप करने वालों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए। दोषियों को सख्त सजा दे दी जाए तो पूरा देश सुधर जाएगा। गीता ढांडा बोली- डांसरों पर ₹500 लुटाते हैं ये बुड्ढे सोशल मीडिया एक्टिविस्ट गीता ढांडा ने पुरुषों
पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

रिश्तों, माता-पिता के सम्मान और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्म ‘गुड़हल’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म के राइटर, डायरेक्टर प्रोड्यूसर और एक्टर युवराज पाराशर, एक्ट्रेस मोना अंबेगांवकर और पूजा सिंह ने दैनिक भास्कर से फिल्म, अपने किरदारों और इंडस्ट्री के बदलते दौर पर बात की। युवराज ने अपने दिवंगत पिता से जुड़ा भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उसी निजी दर्द ने फिल्म के सबसे इमोशनल सीन को जन्म दिया। मोना ने कलाकारों के लिए आलोचना की अहमियत बताई, जबकि पूजा ने फिल्म से जुड़ने का अनुभव साझा किया। सवाल: इस फिल्म की कहानी में क्या खास लगा कि आपको लगा, इसे कहने का यही सही समय है? जवाब/युवराज पाराशर: मेरी शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई थी, जिसमें ऐसी महिला की कहानी थी जिसे मां न बन पाने पर ‘बांझ’ कहा जाता है। तभी मैंने तय किया था कि मैं ऐसी फिल्में बनाऊंगा जो समाज को सोचने पर मजबूर करें। ‘गुड़हल’ लिखने में करीब दो साल लगे। इस पर काफी रिसर्च की, क्योंकि यह माता-पिता और रिश्तों पर आधारित फिल्म है। मेरा मानना है कि आज हम कई बार अपने माता-पिता को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हमारी पहचान उन्हीं की वजह से है। इसी सोच से ‘गुड़हल’ की शुरुआत हुई। सवाल: इस फिल्म में आप राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर भी हैं। इन चारों जिम्मेदारियों में सबसे ज्यादा संतुष्टि किस भूमिका ने दी? जवाब/युवराज पाराशर: सभी जिम्मेदारियां मुश्किल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुकून डायरेक्शन में मिला। जो सीन मैंने लिखे थे, उन्हें कलाकारों की मदद से स्क्रीन पर उसी तरह जीवंत होते देखना सबसे खास अनुभव था। सवाल: मोना, पहली बार ‘गुड़हल’ की कहानी सुनकर किस बात ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मैं शुरुआत से इस फिल्म से जुड़ी हूं। पहले यह वृद्धाश्रम की कहानी थी, फिर समझ आया कि यह सिर्फ एक बुजुर्ग महिला नहीं, बल्कि हर उम्र की महिलाओं की कहानी है। मुझे किरदार की उम्र से कभी फर्क नहीं पड़ा। अच्छा रोल हो तो मैं 70-75 साल की महिला का किरदार भी खुशी से निभाऊंगी। आज भी ऐसे लेखक-निर्देशक हैं जो मुझे मुख्य भूमिका में सोचकर स्क्रिप्ट लिखते हैं। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। सवाल: ‘स्नेहा’ के किरदार तक आपका सफर कैसे पहुंचा? ऑडिशन से सिलेक्शन तक का अनुभव कैसा रहा? जवाब/पूजा सिंह: मैं योग कर रही थी, तभी फिल्म के लिए कॉल आया। पहले मुझे लगा कि यह सामान्य ऑडिशन कॉल है, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ते ही कहानी ने मुझे भीतर तक छू लिया और मैं तुरंत युवराज सर से मिलने पहुंच गई। सर ऐसी लड़की की तलाश में थे, जिसके चेहरे पर मासूमियत हो और जो निगेटिव न लगे। उन्होंने मुझमें ‘स्नेहा’ को देखा और मुझे यह किरदार मिल गया। इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका और सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा। सवाल: फिल्म का कौन-सा सीन आपके लिए सबसे ज्यादा भावुक और चुनौतीपूर्ण था? जवाब/युवराज पाराशर: एक भावुक सीन शूट करते समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसे कैसे फिल्माऊं। तभी मुझे अपने पिता की याद आई। 10 साल पहले मेरे पिता का निधन हुआ था। मैंने उसी दर्द को फिर से महसूस किया और मोना मैम को घर का माहौल व अपनी भावनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने उस दर्द को पूरी तरह अपने अंदर उतार लिया। शॉट खत्म होते ही पूरा सेट खामोश था। मेरी बहन रोते हुए मेरे गले लग गई थी। उस पल हमें लगा कि हमने उस सीन को सचमुच जी लिया। सवाल: मोना, अपने किरदार को निभाने के लिए आपने खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से कैसे तैयार किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मेरा किरदार ऐसी महिला का है जिसकी पूरी दुनिया उसका पति था। पति के जाने के बाद वह बिल्कुल टूट जाती है। निजी जिंदगी में मैं ऐसी नहीं हूं, इसलिए इस किरदार को समझना आसान नहीं था। लेकिन मैं चाहती थी कि आखिर में यह महिला सिर्फ बेबस न दिखे, बल्कि अपनी ताकत भी दिखाए। यही बात मुझे इस किरदार में सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: पूजा, जब आपके परिवार ने फिल्म देखी तो उनका रिएक्शन कैसा था? जवाब/पूजा सिंह: मेरी मां ने पहली बार फिल्म देखी तो रोते हुए मुझे वीडियो कॉल किया। मैंने तुरंत युवराज सर को भी फोन पर जोड़ दिया। मां लगातार रो रही थीं। उनका कहना था कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए, क्योंकि इनमें हमारे आसपास की असली जिंदगी दिखाई देती है। उनके आंसू हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान थे। सवाल: आज सोशल मीडिया के दौर में क्या फॉलोअर्स एक्टिंग टैलेंट पर भारी पड़ रहे हैं? जवाब/मोना अंबेगांवकर: देश में बहुत अच्छे कलाकार घर बैठे हैं। एक्टर को एक्टिंग करने दीजिए और इन्फ्लुएंसर को इन्फ्लुएंसिंग। दोनों की अपनी जगह है। सिर्फ फॉलोअर्स देखकर कास्टिंग नहीं होनी चाहिए। युवराज पाराशर: एक्टर बनने में सालों की मेहनत लगती है। सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आधार पर फैसले होंगे तो कई अच्छे कलाकारों के साथ अन्याय होगा।
पिता की मौत का दर्द कैमरे पर उतरा:युवराज पाराशर ने बताया कैसे निजी दर्द फिल्म का सबसे भावुक दृश्य बना

रिश्तों, माता-पिता के सम्मान और बदलते पारिवारिक मूल्यों पर आधारित फिल्म ‘गुड़हल’ इन दिनों चर्चा में है। फिल्म के राइटर, डायरेक्टर प्रोड्यूसर और एक्टर युवराज पाराशर, एक्ट्रेस मोना अंबेगांवकर और पूजा सिंह ने दैनिक भास्कर से फिल्म, अपने किरदारों और इंडस्ट्री के बदलते दौर पर बात की। युवराज ने अपने दिवंगत पिता से जुड़ा भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उसी निजी दर्द ने फिल्म के सबसे इमोशनल सीन को जन्म दिया। मोना ने कलाकारों के लिए आलोचना की अहमियत बताई, जबकि पूजा ने फिल्म से जुड़ने का अनुभव साझा किया। सवाल: इस फिल्म की कहानी में क्या खास लगा कि आपको लगा, इसे कहने का यही सही समय है? जवाब/युवराज पाराशर: मेरी शुरुआत एक शॉर्ट फिल्म से हुई थी, जिसमें ऐसी महिला की कहानी थी जिसे मां न बन पाने पर ‘बांझ’ कहा जाता है। तभी मैंने तय किया था कि मैं ऐसी फिल्में बनाऊंगा जो समाज को सोचने पर मजबूर करें। ‘गुड़हल’ लिखने में करीब दो साल लगे। इस पर काफी रिसर्च की, क्योंकि यह माता-पिता और रिश्तों पर आधारित फिल्म है। मेरा मानना है कि आज हम कई बार अपने माता-पिता को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि हमारी पहचान उन्हीं की वजह से है। इसी सोच से ‘गुड़हल’ की शुरुआत हुई। सवाल: इस फिल्म में आप राइटर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और एक्टर भी हैं। इन चारों जिम्मेदारियों में सबसे ज्यादा संतुष्टि किस भूमिका ने दी? जवाब/युवराज पाराशर: सभी जिम्मेदारियां मुश्किल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा सुकून डायरेक्शन में मिला। जो सीन मैंने लिखे थे, उन्हें कलाकारों की मदद से स्क्रीन पर उसी तरह जीवंत होते देखना सबसे खास अनुभव था। सवाल: मोना, पहली बार ‘गुड़हल’ की कहानी सुनकर किस बात ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मैं शुरुआत से इस फिल्म से जुड़ी हूं। पहले यह वृद्धाश्रम की कहानी थी, फिर समझ आया कि यह सिर्फ एक बुजुर्ग महिला नहीं, बल्कि हर उम्र की महिलाओं की कहानी है। मुझे किरदार की उम्र से कभी फर्क नहीं पड़ा। अच्छा रोल हो तो मैं 70-75 साल की महिला का किरदार भी खुशी से निभाऊंगी। आज भी ऐसे लेखक-निर्देशक हैं जो मुझे मुख्य भूमिका में सोचकर स्क्रिप्ट लिखते हैं। यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। सवाल: ‘स्नेहा’ के किरदार तक आपका सफर कैसे पहुंचा? ऑडिशन से सिलेक्शन तक का अनुभव कैसा रहा? जवाब/पूजा सिंह: मैं योग कर रही थी, तभी फिल्म के लिए कॉल आया। पहले मुझे लगा कि यह सामान्य ऑडिशन कॉल है, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन स्क्रिप्ट पढ़ते ही कहानी ने मुझे भीतर तक छू लिया और मैं तुरंत युवराज सर से मिलने पहुंच गई। सर ऐसी लड़की की तलाश में थे, जिसके चेहरे पर मासूमियत हो और जो निगेटिव न लगे। उन्होंने मुझमें ‘स्नेहा’ को देखा और मुझे यह किरदार मिल गया। इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का शानदार मौका और सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा। सवाल: फिल्म का कौन-सा सीन आपके लिए सबसे ज्यादा भावुक और चुनौतीपूर्ण था? जवाब/युवराज पाराशर: एक भावुक सीन शूट करते समय मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसे कैसे फिल्माऊं। तभी मुझे अपने पिता की याद आई। 10 साल पहले मेरे पिता का निधन हुआ था। मैंने उसी दर्द को फिर से महसूस किया और मोना मैम को घर का माहौल व अपनी भावनाएं विस्तार से बताईं। उन्होंने उस दर्द को पूरी तरह अपने अंदर उतार लिया। शॉट खत्म होते ही पूरा सेट खामोश था। मेरी बहन रोते हुए मेरे गले लग गई थी। उस पल हमें लगा कि हमने उस सीन को सचमुच जी लिया। सवाल: मोना, अपने किरदार को निभाने के लिए आपने खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से कैसे तैयार किया? जवाब/मोना अंबेगांवकर: मेरा किरदार ऐसी महिला का है जिसकी पूरी दुनिया उसका पति था। पति के जाने के बाद वह बिल्कुल टूट जाती है। निजी जिंदगी में मैं ऐसी नहीं हूं, इसलिए इस किरदार को समझना आसान नहीं था। लेकिन मैं चाहती थी कि आखिर में यह महिला सिर्फ बेबस न दिखे, बल्कि अपनी ताकत भी दिखाए। यही बात मुझे इस किरदार में सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: पूजा, जब आपके परिवार ने फिल्म देखी तो उनका रिएक्शन कैसा था? जवाब/पूजा सिंह: मेरी मां ने पहली बार फिल्म देखी तो रोते हुए मुझे वीडियो कॉल किया। मैंने तुरंत युवराज सर को भी फोन पर जोड़ दिया। मां लगातार रो रही थीं। उनका कहना था कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए, क्योंकि इनमें हमारे आसपास की असली जिंदगी दिखाई देती है। उनके आंसू हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान थे। सवाल: आज सोशल मीडिया के दौर में क्या फॉलोअर्स एक्टिंग टैलेंट पर भारी पड़ रहे हैं? जवाब/मोना अंबेगांवकर: देश में बहुत अच्छे कलाकार घर बैठे हैं। एक्टर को एक्टिंग करने दीजिए और इन्फ्लुएंसर को इन्फ्लुएंसिंग। दोनों की अपनी जगह है। सिर्फ फॉलोअर्स देखकर कास्टिंग नहीं होनी चाहिए। युवराज पाराशर: एक्टर बनने में सालों की मेहनत लगती है। सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आधार पर फैसले होंगे तो कई अच्छे कलाकारों के साथ अन्याय होगा।
शत्रुघ्न सिन्हा ने फोटो खिंचवाते वक्त फैन को टोका:बोले- हाथ नीचे करो, फैन असहज होकर पास से हट गया, पहले भी ऐसा किया था

सीनियर एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने एक फैन को उंगली नीचे करने को कहा। इसके बाद फैन एक्टर के पास से चला गया। दरअसल, यह वीडियो आकांक्षा रंजन कपूर और फिल्ममेकर शरण शर्मा के वेडिंग रिसेप्शन का बताया जा रहा है। इवेंट से बाहर निकलते समय शत्रुघ्न सिन्हा के साथ एक फैन फोटो खिंचवाने पहुंचा। तस्वीर लेते वक्त फैन ने कैमरे की ओर विक्ट्री (V) साइन बनाया। यह देखकर शत्रुघ्न सिन्हा ने तुरंत उसका हाथ नीचे करते हुए कहा, “हाथ नीचे।” इसके बाद हंसते हुए बोले, “मेरे सामने पोज मार रहा है।” एक्टर की इस रिएक्शन से फैन कुछ पल के लिए असहज हो गया और तुरंत पीछे हट गया। इसके बाद पैपराजी तस्वीरें लेते रहे। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शत्रुघ्न सिन्हा की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “गलत बात है सर, बच्चा आपसे मिलकर बहुत खुश था।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “सेलेब्रिटी अपने फैंस की वजह से ही सेलेब्रिटी होते हैं।” एक और यूजर ने फैन का पक्ष लेते हुए कहा, “बेचारा फैन एकदम असहज हो गया, यह ठीक नहीं लगा।” एक्टर के पहले भी फैन को टोका था हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब शत्रुघ्न सिन्हा ने ऐसा किया है। इसी इवेंट के दौरान एक और शख्स को शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा। वहीं, इससे पहले एक यूजर फैसल राइडर को भी शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा था। इसके बाद फैसल का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। इसको लेकर यूजर ने शत्रुघ्न सिन्हा का धन्यवाद किया था। उन्होंने कहा था, “हाथ नीचे करिए, हाथ नीचे। ‘हाथ नीचे, हाथ नीचे’ शत्रुघ्न सिन्हा जी के मुंह से निकला और मेरी किस्मत चमक गई। मैं ट्रेंडिंग में आ गया। शत्रुघ्न सिन्हा जी का मैं जिंदगी भर एहसानमंद रहूंगा। मेरे पापा आपके बहुत बड़े फैन हैं और मैं भी आपका बहुत बड़ा फैन हूं। बचपन से आपकी मूवी देखता आ रहा हूं। जब डीवीडी और सीडी चलती थीं, तब से मैं आपकी मूवी देखता हूं। मैं किस लफ्जों में आपका शुक्रिया अदा करूं, यह नहीं जानता। बस अल्लाह से दुआ करता हूं कि अल्लाह आपको लंबी उम्र दे, सेहत दे और आपके परिवार को खुश रखे।”
शत्रुघ्न सिन्हा ने फोटो खिंचवाते वक्त फैन को टोका:बोले- हाथ नीचे करो, फैन असहज होकर पास से हट गया, पहले भी ऐसा किया था

सीनियर एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने एक फैन को उंगली नीचे करने को कहा। इसके बाद फैन एक्टर के पास से चला गया। दरअसल, यह वीडियो आकांक्षा रंजन कपूर और फिल्ममेकर शरण शर्मा के वेडिंग रिसेप्शन का बताया जा रहा है। इवेंट से बाहर निकलते समय शत्रुघ्न सिन्हा के साथ एक फैन फोटो खिंचवाने पहुंचा। तस्वीर लेते वक्त फैन ने कैमरे की ओर विक्ट्री (V) साइन बनाया। यह देखकर शत्रुघ्न सिन्हा ने तुरंत उसका हाथ नीचे करते हुए कहा, “हाथ नीचे।” इसके बाद हंसते हुए बोले, “मेरे सामने पोज मार रहा है।” एक्टर की इस रिएक्शन से फैन कुछ पल के लिए असहज हो गया और तुरंत पीछे हट गया। इसके बाद पैपराजी तस्वीरें लेते रहे। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शत्रुघ्न सिन्हा की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “गलत बात है सर, बच्चा आपसे मिलकर बहुत खुश था।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “सेलेब्रिटी अपने फैंस की वजह से ही सेलेब्रिटी होते हैं।” एक और यूजर ने फैन का पक्ष लेते हुए कहा, “बेचारा फैन एकदम असहज हो गया, यह ठीक नहीं लगा।” एक्टर के पहले भी फैन को टोका था हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब शत्रुघ्न सिन्हा ने ऐसा किया है। इसी इवेंट के दौरान एक और शख्स को शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा। वहीं, इससे पहले एक इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर फैसल राइडर को भी शत्रुघ्न सिन्हा ने हाथ नीचे करने को कहा था। इसके बाद फैसल का यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। इसको लेकर फैसल ने शत्रुघ्न सिन्हा का धन्यवाद किया था। उन्होंने कहा था, ‘हाथ नीचे करिए, हाथ नीचे। शत्रुघ्न सिन्हा जी के मुंह से निकला और मेरी किस्मत चमक गई। मैं ट्रेंडिंग में आ गया। शत्रुघ्न सिन्हा जी का मैं जिंदगी भर एहसानमंद रहूंगा। मेरे पापा आपके बहुत बड़े फैन हैं और मैं भी आपका बहुत बड़ा फैन हूं। बचपन से आपकी मूवी देखता आ रहा हूं। जब डीवीडी और सीडी चलती थीं, तब से मैं आपकी मूवी देखता हूं। मैं किस लफ्जों में आपका शुक्रिया अदा करूं, यह नहीं जानता। बस अल्लाह से दुआ करता हूं कि अल्लाह आपको लंबी उम्र दे, सेहत दे और आपके परिवार को खुश रखे।’
लिस्टिंग के बाद मस्क ने की लाखों करोड़ की डील:देर से समझ आई रॉकेट-एआई की कहानी; लिस्ट होने के पहले ही महीने 35% गिरे शेयर

12 जून की वो शाम याद कीजिए, जब एलन मस्क की स्पेसएक्स पहली बार शेयर बाजार में उतरी थी। कंपनी ने शेयर का दाम 135 डॉलर तय किया था। लेकिन बाजार खुलते ही भाव 150 डॉलर तक पहुंच गया। दिन भर में यह 176 डॉलर तक चढ़ा और आखिर में 160.95 डॉलर पर बंद हुआ। यह इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन चुका था। अगले हफ्ते तो हद ही हो गई- शेयर 225 डॉलर तक पहुंच गया। इसके साथ ही स्पेसएक्स मार्केट कैप के मामले में अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट को भी पीछे छोड़ चुकी थी। बीबीसी वर्ल्ड की एक रिपोर्ट में निवेश रिसर्च कंपनी सीएफआरए के विश्लेषक कीथ स्नाइडर ने कहा है, ‘मस्क जिस भी कंपनी को छूते हैं, लोग उत्साहित हो जाते हैं। लेकिन यह पहला मौका था जब लोगों को लगा कि वे किसी ऐसी चीज में निवेश कर रहे हैं जिसे एआई प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया जा रहा था।’ दरअसल, इसी साल स्पेसएक्स ने मस्क की ही एआई कंपनी एक्सएआई को खरीदा था, जिसे अब स्पेसएक्स एआई नाम दिया गया है और जो चैटबॉट ग्रोक के लिए जानी जाती है। लेकिन असलियत सामने आते ही तस्वीर बदलने लगी। स्पेसएक्स की असली कमाई तो रॉकेट बनाने, उन्हें लॉन्च करने और स्टारलिंक सैटेलाइट सर्विस से होती है। जैसे ही स्टारलिंक ने अमेरिका के मेम्फिस इलाके में डेटा सेंटर को लेकर स्थानीय विरोध के बीच कीमतें घटाने का ऐलान किया, उस दिन शेयर 8% तक गिर गया। 7 जुलाई को जब स्पेसएक्स को नैस्डैक-100 इंडेक्स में शामिल किया गया, तब भी पूरा इंडेक्स 1.7% गिरा, लेकिन स्पेसएक्स का शेयर 4.4% टूटा। पहले महीने के आखिर तक शेयर का भाव करीब 145 डॉलर रह गया। यानी पहले दिन के उच्चतम स्तर से 18% और अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से 35% नीचे। मतलब जिन रिटेल निवेशकों ने लिस्टिंग के शुरुआती पांच दिनों में शेयर खरीदे, वे अभी भारी घाटे पर बैठे हैं। स्नाइडर तो यहां तक कहते हैं कि यह गेमस्टॉप और वेंडीज जैसे ‘मीम स्टॉक’ की तरह व्यवहार करने लगा था, जहां सिर्फ ऑनलाइन उत्साह से कीमतें उछलती हैं। यह एक हद तक सही भी है। पिछले साल स्पेसएक्स ने 18 अरब डॉलर (1.7 लाख करोड़) की कमाई की थी और अब भी यह घाटे में चल रही है। बिना कैश चुकाए खरीदी 5.7 लाख करोड़ की कोडिंग कंपनी 16 जून को जब स्पेसएक्स का शेयर उछाल पर था, ठीक उसी दिन कंपनी ने कोड लिखने वाले एआई बॉट स्टार्टअप कर्सर को 60 अरब डॉलर (5.7 लाख करोड़) में स्पेसएक्स के शेयर चुकाकर खरीद लिया। चूंकि उस वक्त स्पेसएक्स के शेयर की कीमत आसमान पर थी, मस्क ने असल में बिना नकद खर्च किए ही यह कंपनी हासिल कर ली। विश्लेषक सैमुअल कर इसे बाजार की ऐसी समझ बताते हैं जो शायद ही किसी अन्य कंपनी के पास हो।
राम मंदिर चोरी पर दिया बयान नहीं बदलेंगे अनुपम खेर:कहा था- मुगलों ने मंदिरों में रेप किए, उनकी लूट के सामने चोरी मामूली चीज

अभिनेता अनुपम खेर अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को छोटी घटना बताने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। इस विवाद पर अब उन्होंने वीडियो जारी कर जवाब दिया है। अनुपम खेर ने कहा है कि वे अपने बयान पर कायम हैं और किसी भी ट्रोल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या नेता के शोर से अपना स्टैंड नहीं बदलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सच को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं क्योंकि यह उनके एजेंडे में फिट नहीं बैठता। बयान पर कायम रहने की बात कही अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम और एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि लोग सच से सबसे ज्यादा तब डरते हैं जब वह उनके एजेंडे से मेल नहीं खाता। उन्होंने कुछ दिन पहले राम मंदिर में हुई चोरी को लेकर पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपनी बात रखी थी। अभिनेता ने साफ किया कि वे आज भी अपने हर शब्द पर टिके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को सच से ज्यादा विवाद और शोर की जरूरत होती है, इसलिए इस पूरे मामले को घुमाकर पेश किया गया। एजेंडा चलाने वाले इकोसिस्टम पर साधा निशाना वीडियो में अभिनेता ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने अयोध्या जाकर अपने दिल की बात कही थी, जो कुछ लोगों को पसंद नहीं आई। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग एक खास नरेटिव को आगे बढ़ाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने तय किया कि अनुपम खेर ने कुछ गलत कहा है। इसके बाद एक पूरा इकोसिस्टम उन्हें टारगेट करने, ट्रोल करने और गाली देने के लिए एक साथ आ गया। अनुपम ने कहा कि वे खुद के दम पर आगे बढ़े हैं और किसी भी चीज से डरने वाले नहीं हैं। चोरी का बचाव कर घिरे अनुपम खेर इससे पहले इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने राम मंदिर में 2 से 7 करोड़ रुपए की अनियमितता को मामूली बात बताया।उन्होंने इसका कनेक्शन सीधे मुगलों से जोड़ते हुए कहा कि मुगलों ने जो देश को लूटा और अत्याचार किए, उसके सामने यह चोरी बहुत छोटी चीज है। इस बयान का वीडियो एक्स (पहले ट्विटर) पर वायरल होने के बाद लोग उनकी जमकर आलोचना कर हैं। मुगलों की लूट से की राम मंदिर चोरी की तुलना इंटरव्यू के दौरान अनुपम खेर ने मंदिर में हुई चोरी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लोग इसे बहुत बड़ी बात बना रहे हैं और कह रहे हैं कि मंदिर में लूट मची है। एक्टर ने तर्क दिया कि लूट तब मची थी जब मुगलों ने हमारे मंदिरों को तोड़ा था। उन्होंने आगे कहा कि लूट तब मची थी जब मुगल राजाओं ने ब्राह्मणों को मारकर उनके जनेऊ को इकट्ठा करके तोला था। अनुपम खेर के मुताबिक, इतिहास में महिलाओं के साथ मंदिर रेप हुए, वे बहुत बड़ी समस्याएं थीं। अगर देश उन बड़ी दिक्कतों से उबर सकता है, तो यह चोरी बहुत छोटी चीज है। राम मंदिर पर बन रही फिल्म में कर रहे काम अनुपम खेर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर भी व्यस्त हैं। वे जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ में दिखाई देंगे। इसके अलावा वे अयोध्या मंदिर के इतिहास और निर्माण पर बनने वाली एक फिल्म में भी काम कर रहे हैं। हालांकि, अपनी आगामी फिल्मों की चर्चा के बीच फिलहाल वे अपने इस विवादित बयान और उसके बाद किए गए सोशल मीडिया पोस्ट के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। चोरी मामले में 8 लोग हो चुके गिरफ्तार राम मंदिर में चोरी का मामला सबसे पहले 7 जून 2026 को सामने आया था। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) टीम बनाई थी। इसके बाद 25 जून को मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और इस केस में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
राम मंदिर चोरी पर दिया बयान नहीं बदलेंगे अनुपम खेर:कहा था- मुगलों ने मंदिरों में रेप किए, उनकी लूट के सामने चोरी मामूली चीज

अभिनेता अनुपम खेर अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को छोटी घटना बताने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। इस विवाद पर अब उन्होंने वीडियो जारी कर जवाब दिया है। अनुपम खेर ने कहा है कि वे अपने बयान पर कायम हैं और किसी भी ट्रोल, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या नेता के शोर से अपना स्टैंड नहीं बदलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सच को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं क्योंकि यह उनके एजेंडे में फिट नहीं बैठता। बयान पर कायम रहने की बात कही अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम और एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि लोग सच से सबसे ज्यादा तब डरते हैं जब वह उनके एजेंडे से मेल नहीं खाता। उन्होंने कुछ दिन पहले राम मंदिर में हुई चोरी को लेकर पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपनी बात रखी थी। अभिनेता ने साफ किया कि वे आज भी अपने हर शब्द पर टिके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को सच से ज्यादा विवाद और शोर की जरूरत होती है, इसलिए इस पूरे मामले को घुमाकर पेश किया गया। एजेंडा चलाने वाले इकोसिस्टम पर साधा निशाना वीडियो में अभिनेता ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने अयोध्या जाकर अपने दिल की बात कही थी, जो कुछ लोगों को पसंद नहीं आई। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग एक खास नरेटिव को आगे बढ़ाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने तय किया कि अनुपम खेर ने कुछ गलत कहा है। इसके बाद एक पूरा इकोसिस्टम उन्हें टारगेट करने, ट्रोल करने और गाली देने के लिए एक साथ आ गया। अनुपम ने कहा कि वे खुद के दम पर आगे बढ़े हैं और किसी भी चीज से डरने वाले नहीं हैं। चोरी का बचाव कर घिरे अनुपम खेर इससे पहले इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में अनुपम खेर ने राम मंदिर में 2 से 7 करोड़ रुपए की अनियमितता को मामूली बात बताया।उन्होंने इसका कनेक्शन सीधे मुगलों से जोड़ते हुए कहा कि मुगलों ने जो देश को लूटा और अत्याचार किए, उसके सामने यह चोरी बहुत छोटी चीज है। इस बयान का वीडियो एक्स (पहले ट्विटर) पर वायरल होने के बाद लोग उनकी जमकर आलोचना कर हैं। मुगलों की लूट से की राम मंदिर चोरी की तुलना इंटरव्यू के दौरान अनुपम खेर ने मंदिर में हुई चोरी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लोग इसे बहुत बड़ी बात बना रहे हैं और कह रहे हैं कि मंदिर में लूट मची है। एक्टर ने तर्क दिया कि लूट तब मची थी जब मुगलों ने हमारे मंदिरों को तोड़ा था। उन्होंने आगे कहा कि लूट तब मची थी जब मुगल राजाओं ने ब्राह्मणों को मारकर उनके जनेऊ को इकट्ठा करके तोला था। अनुपम खेर के मुताबिक, इतिहास में महिलाओं के साथ मंदिर रेप हुए, वे बहुत बड़ी समस्याएं थीं। अगर देश उन बड़ी दिक्कतों से उबर सकता है, तो यह चोरी बहुत छोटी चीज है। राम मंदिर पर बन रही फिल्म में कर रहे काम अनुपम खेर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर भी व्यस्त हैं। वे जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ में दिखाई देंगे। इसके अलावा वे अयोध्या मंदिर के इतिहास और निर्माण पर बनने वाली एक फिल्म में भी काम कर रहे हैं। हालांकि, अपनी आगामी फिल्मों की चर्चा के बीच फिलहाल वे अपने इस विवादित बयान और उसके बाद किए गए सोशल मीडिया पोस्ट के कारण लगातार चर्चा में बने हुए हैं। चोरी मामले में 8 लोग हो चुके गिरफ्तार राम मंदिर में चोरी का मामला सबसे पहले 7 जून 2026 को सामने आया था। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) टीम बनाई थी। इसके बाद 25 जून को मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज की गई और इस केस में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
'तारक मेहता' में क्या जेठालाल का किरदार खत्म होगा?:मेकर्स ने अफवाहों का खंडन किया, दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में जेठालाल का किरदार खत्म किए जाने की सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का मेकर्स ने खंडन किया। मेकर्स ने आजतक के साथ बातचीत में मंगलवार को साफ किया कि दिलीप जोशी शो का हिस्सा बने रहेंगे और कहानी अब भी उनके किरदार के इर्द-गिर्द ही आगे बढ़ रही है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि शो में जेठालाल का किरदार खत्म कर दिया जाएगा। इन दावों के बाद दर्शकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या दिलीप जोशी शो छोड़ने वाले हैं। हालांकि, शो के मेकर्स ने इन दावों को गलत बताया। मेकर्स के मुताबिक, शो की कहानी अभी भी जेठालाल के किरदार पर केंद्रित है और उन्हें ऑफ ट्रैक नहीं किया जाएगा। मेकर्स ने बताया कि 28 जुलाई को ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ अपने 18 साल पूरे करेगा। इस मौके पर भी जेठालाल का किरदार पहले की तरह शो का अहम हिस्सा बना रहेगा। जेठालाल के रोल के लिए दिलीप जोशी पहली पसंद नहीं थे शुरुआत में दिलीप जोशी को ‘चंपकलाल’ (बापूजी) का किरदार निभाने का ऑफर मिला था। उन्होंने इसे मना कर दिया और ‘जेठालाल’ का किरदार चुना। दिलीप जोशी शो की शुरुआत से पिछले 18 सालों से इससे जुड़े हुए हैं। जेठालाल का किरदार दर्शकों के बीच सबसे लोकप्रिय किरदारों में गिना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह शो के सबसे अधिक फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं। उन्हें एक एपिसोड के लिए लगभग 1.5 लाख से 2 लाख रुपए की फीस मिलती है। प्रोड्यूसर असित मोदी के साथ उनकी अच्छी प्रोफेशनल और पर्सनल अंडरस्टैंडिंग भी है। गौरतलब है कि शो के कई मुख्य कलाकार पिछले कुछ सालों में शो छोड़ चुके हैं। इनमें शैलेश लोढ़ा (पुराने तारक मेहता), भव्य गांधी और राज अनादकट (पुराने टप्पू), नेहा मेहता (पुरानी अंजलि भाभी) और गुरुचरण सिंह (पुराने सोढ़ी) शामिल हैं। वहीं, शो की मुख्य अभिनेत्री दिशा वकानी (दयाबेन) साल 2017 में मैटरनिटी लीव पर गई थीं। उनके जाने के बाद से आज तक मेकर्स उनका रिप्लेसमेंट नहीं ला पाए हैं।







