Wednesday, 30 Sep 2026 | 08:59 PM

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हिमाचल में UP के टूरिस्ट व्हीकल का ₹3500 का चालान:ओवरटेक करने पर मनाली पुलिस का एक्शन, अटल टनल के भीतर ट्रैफिक रूल्स तोड़े

हिमाचल में UP के टूरिस्ट व्हीकल का ₹3500 का चालान:ओवरटेक करने पर मनाली पुलिस का एक्शन, अटल टनल के भीतर ट्रैफिक रूल्स तोड़े

हिमाचल प्रदेश में एक टूरिस्ट को यातायात नियमों की अनदेखी महंगी पड़ी है। मनाली पुलिस ने अटल टनल के भीतर ओवर-स्पीडिंग का 3500 रुपए का चालान काटा है। उत्तर प्रदेश नंबर की एक कार रोंग साइड से ओवर टेक कर रही थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चालान काटा है। अटल टनल के भीतर ओवर टेकिंग अलाउड नहीं है। फिर भी उतर प्रदेश के पर्यटक ने दूसरी लेन से ओवर टेक किया। जिस गाड़ी का चालान हुआ है, वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी अक्षय कुमार के नाम पर पंजीकृत है। गाड़ी का नंबर UP-81-DZ-6835 है। टनल के भीतर ओवरटेक करना प्रतिबंधित: DSP डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि टनल के अंदर वाहन रोकना, ओवरटेक करना, सनरूफ से बाहर निकलना और तय गति सीमा से तेज गाड़ी चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। टनल के भीतर सीसीटीवी कैमरे और साइन बोर्ड: शर्मा केडी शर्मा ने बताया कि अटल टनल के साउथ पोर्टल पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार पर्यटकों को नियमों की जानकारी देते हैं। उन्होंने कहा कि टनल में सीसीटीवी कैमरे और गति सीमा दर्शाने वाले साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं, इसके बावजूद कुछ पर्यटक नियमों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी यातायात नियमों की अवहेलना करेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

चुनाव चिह्न 'रोड-रोलर' को ही बनाया प्रचार वाहन,VIDEO:सोनीपत में सड़कों पर घुमाया, चलाने के लिए ड्राइवर रखेंगे; खट्टर-केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ चुके

चुनाव चिह्न 'रोड-रोलर' को ही बनाया प्रचार वाहन,VIDEO:सोनीपत में सड़कों पर घुमाया, चलाने के लिए ड्राइवर रखेंगे; खट्टर-केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ चुके

हरियाणा के सोनीपत में मेयर चुनाव में एक ऐसा भी प्रत्याशी है, जिसने चुनाव चिह्न को ही अपनी सवारी बना लिया। निर्दलीय प्रत्याशी रमेश खत्री को ‘रोड रोलर’ चुनाव चिह्न मिला है, जिसके बाद उन्होंने एक रोड रोलर ही किराए पर ले लिया। चुनाव प्रचार थमने तक रमेश इस रोड रोलर को अपने प्रचार में इस्तेमाल करेंगे, वहीं इसे चलाने के लिए एक ड्राइवर भी हायर किया जाएगा। चुनाव प्रचार के दौरान रमेश ने खुद सड़कों पर इस रोड रोलर को दौड़ाया। रमेश इससे पहले करीब 10-12 चुनाव लड़ चुके हैं। करनाल विधानसभा से तत्कालीन सीएम मनोहर लाल खट्टर, नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी रमेश ने चुनाव लड़ा है। पहले जानिए रमेश के मेयर चुनाव लड़ने की कहानी…. अब 2 पॉइंट में जानिए…कौन है मेयर प्रत्याशी रमेश ग्राफिक्स में जानिए, रमेश कितने चुनाव लड़ चुके….

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं रसोई गैस के लिए भी सरकार पर ₹80,000 करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ने से कच्चा तेल $120 के पार मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है। जो कच्चा तेल कुछ समय पहले 70-72 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, उसकी कीमत अब 120-125 डॉलर के पार पहुंच गई है। तेल कंपनियों के लिए मुसीबत यह है कि वे महंगा तेल खरीदकर पुरानी कीमतों पर ही बेच रही हैं, जिससे उनका मुनाफा खत्म हो गया है। 61 दिन में इंडियन बास्केट 42 डॉलर महंगा होर्मुज रूट पर तनाव का असर दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस (LNG) का व्यापार ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते से होता है। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इस रास्ते में बाधा आ रही है। इससे केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खाद और केमिकल बनाने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ गई है। रसोई गैस और खाद भी महंगी हुई इस संकट का असर आपकी रसोई और खेतों तक भी पहुंच रहा है: सरल भाषा में कहें तो जब कंपनियों को कोई चीज बनाने या खरीदने में ₹100 खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार या बाजार के दबाव में उसे ₹80 में ही बेचना पड़ता है, तो बचे हुए ₹20 के नुकसान को ‘अंडर-रिकवरी’ कहते हैं। पेट्रोल, डीजल और गैस के मामले में अभी यही हो रहा है। CNG और उद्योगों पर भी बुरा साया शहरों में गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG के मार्जिन में भी कमी आने की आशंका है, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इक्रा ने केमिकल, प्लास्टिक और खाद सेक्टर का भविष्य ‘नेगेटिव’ बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव कम नहीं होते, तब तक इन सेक्टरों पर दबाव बना रहेगा।

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं रसोई गैस के लिए भी सरकार पर ₹80,000 करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ने से कच्चा तेल $120 के पार मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है। जो कच्चा तेल कुछ समय पहले 70-72 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, उसकी कीमत अब 120-125 डॉलर के पार पहुंच गई है। तेल कंपनियों के लिए मुसीबत यह है कि वे महंगा तेल खरीदकर पुरानी कीमतों पर ही बेच रही हैं, जिससे उनका मुनाफा खत्म हो गया है। 61 दिन में इंडियन बास्केट 42 डॉलर महंगा होर्मुज रूट पर तनाव का असर दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस (LNG) का व्यापार ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते से होता है। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इस रास्ते में बाधा आ रही है। इससे केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खाद और केमिकल बनाने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ गई है। रसोई गैस और खाद भी महंगी हुई इस संकट का असर आपकी रसोई और खेतों तक भी पहुंच रहा है: सरल भाषा में कहें तो जब कंपनियों को कोई चीज बनाने या खरीदने में ₹100 खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार या बाजार के दबाव में उसे ₹80 में ही बेचना पड़ता है, तो बचे हुए ₹20 के नुकसान को ‘अंडर-रिकवरी’ कहते हैं। पेट्रोल, डीजल और गैस के मामले में अभी यही हो रहा है। CNG और उद्योगों पर भी बुरा साया शहरों में गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG के मार्जिन में भी कमी आने की आशंका है, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इक्रा ने केमिकल, प्लास्टिक और खाद सेक्टर का भविष्य ‘नेगेटिव’ बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव कम नहीं होते, तब तक इन सेक्टरों पर दबाव बना रहेगा।

युवती का आरोप- इस्लाम धर्म अपनाने दबाव बनाया, रेप किया:क्लर्क पर FIR, इधर, युवक बोला- हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई, अब फंसा रहे

युवती का आरोप- इस्लाम धर्म अपनाने दबाव बनाया, रेप किया:क्लर्क पर FIR, इधर, युवक बोला- हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई, अब फंसा रहे

बड़वानी में धर्मांतरण और दुष्कर्म के आरोपों को लेकर एक पेचीदा मामला सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि एक युवती ने अमन खान नाम के युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि सितंबर 2023 से अमन ने उसे शादी का झांसा देकर दोस्ती की और शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने एक छोटा वैवाहिक कार्यक्रम कर उसे भरोसे में लिया, लेकिन बाद में शादी से मुकर गया। युवती का आरोप है कि अमन के परिवार (मां, बुआ और चाचा) ने उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। पुलिस ने इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अमन खान आगर मालवा कलेक्टर ऑफिस में क्लर्क है। अमन खान का पक्ष: “साजिश के तहत फंसाया गया” दूसरी ओर, आरोपी अमन खान ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है कि युवती के परिवार ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन हिंदू धर्म अपनाने पर मजबूर किया। उनसे हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई और अब “लव जिहाद” के नाम पर फंसाने की धमकी दी जा रही है। अमन का दावा है कि उन्होंने इस बारे में 8-9 दिन पहले पुलिस को आवेदन दिया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हिंदू संगठनों की चेतावनी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता कृष्णा गोले ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल बड़वानी पुलिस दोनों तरफ के दावों और सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि सच सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दमोह में 11 साल की बच्ची से दो बार गैंगरेप:हटा के दो युवकों पर पॉक्सो एक्ट में केस, आरोपियों की तलाश जारी

दमोह में 11 साल की बच्ची से दो बार गैंगरेप:हटा के दो युवकों पर पॉक्सो एक्ट में केस, आरोपियों की तलाश जारी

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में 11 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बुधवार रात परिजन साथ थाने पहुंचकर दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मामले की जांच कर रही महिला एसआई प्रीति पांडे ने बताया कि आरोपियों ने मासूम के साथ यह दरिंदगी पहली बार नहीं की है। करीब 10-12 दिन पहले भी उन्होंने बच्ची के साथ गलत काम किया था। उस वक्त बच्ची इतनी डरी हुई थी कि उसने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया और मंगलवार रात दोबारा उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों की तलाश जारी हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी के मुताबिक, शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गैंगरेप की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में दो नाम सामने आए हैं- दानिश कुरैशी (20 साल) वारिक (19 साल) ये दोनों आरोपी हटा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें इनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं। डॉक्टरी जांच के लिए भेजा गया अस्पताल पुलिस ने बच्ची के बयान दर्ज कर उसे मेडिकल चेकअप के लिए जिला अस्पताल भेजा है। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।

तस्वीरों में धार हादसा, एक एंबुलेंस में 4-4 लोग:कोई पिकअप के नीचे दबा, कोई सड़क पर पड़ा रहा, अस्पताल में शव ढूंढते रहे परिजन

तस्वीरों में धार हादसा, एक एंबुलेंस में 4-4 लोग:कोई पिकअप के नीचे दबा, कोई सड़क पर पड़ा रहा, अस्पताल में शव ढूंढते रहे परिजन

मध्य प्रदेश के धार में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सामने आई तस्वीरें घटनास्थल की भयावहता बयां कर रही हैं। मजदूरों से भरा पिकअप वाहन स्कॉर्पियो को टक्कर मारने के बाद पलट गया, जिसमें अब तक दो बच्चों समेत 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुआ। तस्वीरों में मौके पर मची अफरा-तफरी, क्षतिग्रस्त वाहन और घायलों को अस्पताल ले जाते दृश्य साफ नजर आ रहे हैं। हादसे की 12 तस्वीरें

कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में बुधवार को अमाही बाघिन (T-141) और उसके आखिरी बचे शावक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले 9 दिनों के भीतर इस बाघ परिवार के सभी 5 सदस्य (बाघिन और उसके 4 शावक) खत्म हो गए हैं। बाघिन और उसके इकलौते बचे शावक को बचाने के लिए मुक्की के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी देखरेख कर रही थी, लेकिन बुधवार सुबह पहले बाघिन ने दम तोड़ा और फिर शाम को करीब 5:30 बजे शावक की भी मौत हो गई। कैसे उजड़ा बाघिन का कुनबा? बाघिन के बच्चों की मौत का सिलसिला 21 अप्रैल से शुरू हुआ था- 21 अप्रैल को पहले शावक की मौत। 24 अप्रैल को दूसरा शावक मृत मिला। 25 अप्रैल को तीसरे शावक ने दम तोड़ा। 29 अप्रैल को सुबह बाघिन और शाम को चौथे शावक की मौत। संक्रमण बनी मौत की वजह! कान्हा पार्क प्रबंधन ने बताया कि मृत बाघिन की उम्र करीब 8 से 10 साल और शावक की उम्र 15 से 18 महीने के बीच थी। डॉक्टरों की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम कर लिया है, जबकि शावक का पोस्टमार्टम और दोनों का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया जाएगा। शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण होना बताया जा रहा है। उठ रहे हैं गंभीर सवाल महज 9 दिनों के अंदर पूरा कुनबा खत्म हो जाने से पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतना घातक संक्रमण कैसे फैला और प्रबंधन इसे रोकने में नाकाम क्यों रहा, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन और शावक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं, आगे की जांच के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं।

2026 ने तोड़ा रिकॉर्ड! बंगाल में भारी मतदान क्या दर्शाता है? यह किसका पक्ष लेता है? निगाहें 4 मई पर | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 22:27 IST बंगाल चुनाव 2026: दोनों चरणों में 92.47% के संयुक्त मतदान के साथ – आजादी के बाद से सबसे अधिक – राज्य ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बंगाल चुनाव 2026: मतदान का प्रतिशत बताता है कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। बंगाल ने अपना लोकतांत्रिक इतिहास फिर से लिखा है। दोनों चरणों में 92.47% के संयुक्त मतदान के साथ – आज़ादी के बाद से सबसे अधिक – राज्य ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन बूथ पर इस असाधारण उत्साह का वास्तव में क्या मतलब है? 2026 के विधानसभा चुनावों के दोनों चरणों में मतदान 2011 के ऐतिहासिक चुनावों के दौरान निर्धारित 84.72% के पिछले उच्च स्तर को पार कर गया। 23 अप्रैल को आयोजित चरण 1 में 93.19% दर्ज किया गया, जबकि चरण 2 – दक्षिण बंगाल और कोलकाता में 142 सीटों को कवर करते हुए – शाम 7:45 बजे तक लगभग 91.66% पर बंद हुआ। सीधे शब्दों में कहें तो बंगाल में पहले कभी इस तरह वोटिंग नहीं हुई. वास्तव में क्या टूटा था? 2011 के चुनाव बंगाल की राजनीतिक स्मृति में अंकित हैं – यही वह वर्ष था जब ममता बनर्जी ने भूकंपीय “पोरीबोर्टन” (परिवर्तन) लहर में वाम मोर्चे के 34 वर्षों के शासन को समाप्त कर दिया था। उस चुनाव में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था, जिसे लंबे समय तक राज्य में मतदाता उत्साह का स्वर्ण मानक माना जाता था। 2026 में, बंगाल ने चरण 2 में मतदान समाप्त होने से पहले ही उस आंकड़े को पार कर लिया था। संख्याएं, संक्षेप में, आपको बताती हैं कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए उतना ही परिणामी लगता है। किन जिलों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ? चरण 2 में दक्षिण बंगाल के जिलों में उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई: • पूर्व बर्धमान — 92.46% • हुगली — 90.34% • नादिया — 90.28% • दक्षिण 24 परगना — ~89.7% • हावड़ा — 89.44% दोनों चरणों को मिलाकर, पश्चिम बंगाल में कुल 6,82,51,008 मतदाता वोट डालने के पात्र थे। शहरी और ग्रामीण दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में भागीदारी का व्यापक स्तर यह संकेत देता है कि यह कोई स्थानीय उछाल नहीं है – यह राज्यव्यापी है। क्या अधिक मतदान से टीएमसी या बीजेपी को मदद मिलती है? यह वह सवाल है जिससे हर विश्लेषक जूझ रहा है। ऐतिहासिक रूप से बंगाल में, उच्च मतदान ने सत्तारूढ़ पार्टी का पक्ष लिया है – टीएमसी ने मजबूत लामबंदी के साथ 2021 में 294 में से 215 सीटें जीत लीं। लेकिन 2026 एक महत्वपूर्ण तरीके से अलग है: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ने लगभग 9 मिलियन मतदाताओं को हटा दिया – लगभग 12% मतदाता – एक गहन रूप से विवादित अभ्यास जिसे टीएमसी ने मताधिकार से वंचित करना कहा और भाजपा ने फर्जी प्रविष्टियों को साफ करने के रूप में बचाव किया। सिकुड़ी हुई मतदाता सूची के साथ, 92% मतदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है – इसका मतलब है कि लगभग हर शेष पंजीकृत मतदाता उपस्थित हुआ। • यदि हटाए गए नामों पर गुस्सा लोगों को बूथों पर ले जाता है – तो इससे टीएमसी को नुकसान हो सकता है • यदि टीएमसी की कल्याण मशीनरी ने प्रभावी ढंग से अपना आधार जुटाया – तो संख्याएं ममता के पक्ष में हैं • चार एग्जिट पोल ने बीजेपी को बढ़त दी है, जबकि केवल एक – पीपुल्स पल्स – ने टीएमसी की वापसी की भविष्यवाणी की है मतदाता वास्तव में किसके लिए मतदान कर रहे थे? मतदान के नाटक से परे, चुनाव को रोजगार और औद्योगिक विकास संबंधी चिंताओं, भर्ती घोटाले, महिला सुरक्षा, पहचान की राजनीति और 15 साल के टीएमसी शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर ने आकार दिया था। भाजपा ने नौकरियों और शासन की विफलताओं को सामने रखा; टीएमसी ने कल्याण वितरण और बंगाली पहचान पर अभियान चलाया। भागीदारी के विशाल पैमाने से पता चलता है कि दोनों खेमों के मतदाताओं को लगा कि बाहर बैठने के लिए दांव बहुत बड़ा है। हमें कब पता चलेगा? परिणाम घोषित किये जायेंगे 4 मईअसम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में परिणामों के साथ। बंगाल का फैसला – अपने रिकॉर्ड मतदान, हाई-वोल्टेज प्रतियोगिता और गहराई से विभाजित एग्ज़िट पोल अनुमानों के साथ – उन सभी में सबसे अधिक बारीकी से देखे जाने का वादा करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 22:27 IST समाचार चुनाव 2026 ने तोड़ा रिकॉर्ड! बंगाल में भारी मतदान क्या दर्शाता है? यह किसका पक्ष लेता है? निगाहें 4 मई पर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)मतदान परिणाम(टी)मतगणना

गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार

गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार

छतरपुर: जिले के चंदला थाना क्षेत्र के बलकौरा गांव में बुधवार सुबह पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में हैं। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार बलकौरा निवासी रामवरन उर्फ पप्पू अहिरवार शराब का आदी था और अपनी पत्नी पिंकी अहिरवार के चरित्र पर अक्सर शक करता था। इसी बात को लेकर वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। परेशान होकर पिंकी करीब तीन महीने से मायके में रह रही थी। वह चार माह की गर्भवती थी। करीब एक सप्ताह पहले ही आरोपी उसे वापस घर लेकर आया था। रातभर बनाता रहा योजना बताया जा रहा है कि मंगलवार रात शराब के नशे में आरोपी ने पत्नी की हत्या की योजना बनाई। बुधवार सुबह उसने धारदार हथियार से पिंकी का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गर्भ में पल रहे चार माह के बच्चे की भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी अपनी पत्नी के मोबाइल पर रील बनाने को लेकर भी नाराज रहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता था, जो इस खौफनाक वारदात का कारण बना। आरोपी के दो बच्चे मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—को छोड़ गई है। इस घटना से बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। हत्या के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी लवकुशनगर नवीन दुबे ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। चार माह में तीसरी हत्या ग्रामीणों के मुताबिक बलकौरा गांव में चार महीने के भीतर यह तीसरी हत्या है। लगातार हो रही वारदातों से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।