Saturday, 20 Jun 2026 | 01:50 PM

Trending :

EXCLUSIVE

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं रसोई गैस के लिए भी सरकार पर ₹80,000 करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ने से कच्चा तेल $120 के पार मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है। जो कच्चा तेल कुछ समय पहले 70-72 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, उसकी कीमत अब 120-125 डॉलर के पार पहुंच गई है। तेल कंपनियों के लिए मुसीबत यह है कि वे महंगा तेल खरीदकर पुरानी कीमतों पर ही बेच रही हैं, जिससे उनका मुनाफा खत्म हो गया है। 61 दिन में इंडियन बास्केट 42 डॉलर महंगा होर्मुज रूट पर तनाव का असर दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस (LNG) का व्यापार ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते से होता है। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इस रास्ते में बाधा आ रही है। इससे केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खाद और केमिकल बनाने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ गई है। रसोई गैस और खाद भी महंगी हुई इस संकट का असर आपकी रसोई और खेतों तक भी पहुंच रहा है: सरल भाषा में कहें तो जब कंपनियों को कोई चीज बनाने या खरीदने में ₹100 खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार या बाजार के दबाव में उसे ₹80 में ही बेचना पड़ता है, तो बचे हुए ₹20 के नुकसान को ‘अंडर-रिकवरी’ कहते हैं। पेट्रोल, डीजल और गैस के मामले में अभी यही हो रहा है। CNG और उद्योगों पर भी बुरा साया शहरों में गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG के मार्जिन में भी कमी आने की आशंका है, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इक्रा ने केमिकल, प्लास्टिक और खाद सेक्टर का भविष्य ‘नेगेटिव’ बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव कम नहीं होते, तब तक इन सेक्टरों पर दबाव बना रहेगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी - Jhansi News

April 12, 2026/
5:02 pm

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी में चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकनी पड़ी। उमा भारती प्लेटफॉर्म...

जंग के बीच ट्रम्प सरकार में उथल-पुथल:24 घंटे में निकाले गए आर्मी चीफ और अटॉर्नी जनरल; काश पटेल-तुलसी गबार्ड को भी हटाने की चर्चा

April 3, 2026/
12:46 pm

अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी को हटाए जाने के बाद अब ट्रम्प सरकार में कुछ और बड़े अफसरों को...

India Gold Silver Import Duty Hiked

May 13, 2026/
7:05 am

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार ने 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC)...

2 लैब में क्रायोनिक्स तकनीक से शवों का संरक्षण:मौत के बाद जीवन की चाह; 2 करोड़ खर्च कर जमा रहे शरीर, उम्मीद- विज्ञान जिंदा कर देगा

March 29, 2026/
7:22 pm

मौत को भौतिक रूप से शरीर का अंत मानते हैं। लेकिन दुनिया के कुछ लोग इसे ‘रुकावट’ मानकर भविष्य में...

टीकमगढ़ में अवैध मुरम खनन पर खनिज विभाग का छापा:कांटी खास गांव में सड़क पर मुरम फैलाकर भागे चालक; एक जेसीबी जब्त

April 16, 2026/
9:54 pm

टीकमगढ़ जिले के कांटी खास गांव में गुरुवार शाम खनिज विभाग ने अवैध मुरम खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।...

UAE, Singapore Top Choice; India Score 56.5

June 18, 2026/
3:58 am

मुंबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक हेनली प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, ब्रिटेन में भी पलायन बढ़ रहा। हेनली...

People show their identity cards as they wait in a queue at a polling station to cast their votes during the Municipal Corporation elections, in Amritsar. (Source: PTI)

May 29, 2026/
10:42 am

आखरी अपडेट:29 मई, 2026, 10:42 IST कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद सहित 34 कैबिनेट पद हैं। दो इस्तीफों और एक मंत्री...

पाकिस्तान में आतंकी हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या:पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था, 2022 में UAPA के तहत आतंकी घोषित हुआ

May 21, 2026/
3:07 pm

पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

पेट्रोल ₹14 नुकसान में बेच रहीं तेल कंपनियां:डीजल पर ₹18 का घाटा, कच्चा तेल महंगा होने से रसोई गैस पर भी ₹80,000 करोड़ का बोझ

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद रिटेल रेट न बढ़ने से कंपनियों को हर एक लीटर पेट्रोल और डीजल पर घाटा हो रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक, तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹14 और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे तेल कंपनियों पर बोझ बढ़ रहा है। यही नहीं रसोई गैस के लिए भी सरकार पर ₹80,000 करोड़ का बोझ बढ़ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ने से कच्चा तेल $120 के पार मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव फिर बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है। जो कच्चा तेल कुछ समय पहले 70-72 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, उसकी कीमत अब 120-125 डॉलर के पार पहुंच गई है। तेल कंपनियों के लिए मुसीबत यह है कि वे महंगा तेल खरीदकर पुरानी कीमतों पर ही बेच रही हैं, जिससे उनका मुनाफा खत्म हो गया है। 61 दिन में इंडियन बास्केट 42 डॉलर महंगा होर्मुज रूट पर तनाव का असर दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस (LNG) का व्यापार ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री रास्ते से होता है। मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इस रास्ते में बाधा आ रही है। इससे केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि खाद और केमिकल बनाने वाली कंपनियों की लागत भी बढ़ गई है। रसोई गैस और खाद भी महंगी हुई इस संकट का असर आपकी रसोई और खेतों तक भी पहुंच रहा है: सरल भाषा में कहें तो जब कंपनियों को कोई चीज बनाने या खरीदने में ₹100 खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार या बाजार के दबाव में उसे ₹80 में ही बेचना पड़ता है, तो बचे हुए ₹20 के नुकसान को ‘अंडर-रिकवरी’ कहते हैं। पेट्रोल, डीजल और गैस के मामले में अभी यही हो रहा है। CNG और उद्योगों पर भी बुरा साया शहरों में गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG के मार्जिन में भी कमी आने की आशंका है, क्योंकि कंपनियां बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। इक्रा ने केमिकल, प्लास्टिक और खाद सेक्टर का भविष्य ‘नेगेटिव’ बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव कम नहीं होते, तब तक इन सेक्टरों पर दबाव बना रहेगा।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.