Thursday, 01 Oct 2026 | 04:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

लव मैरिज के बाद युवक के साथ मारपीट:युवती के परिजनों ने घर में घुसकर किया हमला, दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज

लव मैरिज के बाद युवक के साथ मारपीट:युवती के परिजनों ने घर में घुसकर किया हमला, दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज

छतरपुर में लव मैरिज के बाद युवती के परिजनों ने युवक को पीट दिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है जहां शनिवार शाम युवक के घर में घुसकर जमकर मारपीट की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित युवक के अनुसार, उसने और युवती ने आपसी सहमति से विवाह किया है और दोनों एक ही समाज से संबंध रखते हैं। बावजूद इसके युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। युवक का आरोप है कि शनिवार शाम करीब 4 बजे युवती के परिवार के लोग अचानक उसके घर पहुंचे और जबरन अंदर घुस गए। इसके बाद उन्होंने युवक समेत परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी। युवती के परिजन बोले- लड़की गहने लेकर गई युवती के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी घर से गहने और नकदी लेकर चली गई थी। इसी बात से नाराज होकर वे युवक के घर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि युवक ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर शादी कर ली। दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज घटना के बाद दोनों पक्षों में तनातनी की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने दोनों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

नेपा मिल में फिर शुरू हुआ उत्पादन:3 दिन में 310 मीट्रिक टन कागज तैयार, 71 साल हुए पूरे

नेपा मिल में फिर शुरू हुआ उत्पादन:3 दिन में 310 मीट्रिक टन कागज तैयार, 71 साल हुए पूरे

बुरहानपुर स्थित एशिया की पहली अखबारी कागज मिल नेपा लिमिटेड ने बिना किसी आर्थिक पैकेज के उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है।मिल ने महज तीन दिनों में 310 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन किया है। 71 साल पुरानी इस मिल का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। आज नेपा डे है और मिल को 71 वर्ष पूरे हो गए हैं। मिल के 71 साल के इतिहास में छह से सात साल ऐसे भी रहे जब कागज उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। 2022 में मिल फिर से शुरू हुई, लेकिन अगले चार वर्षों में कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी। बार-बार बदले सीएमडी 2024 से 2026 के बीच मिल में तीन सीएमडी बदले गए। आरके चोखानी 26 मार्च 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक सीएमडी रहे, जिनके कार्यकाल में 7403 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन हुआ। इसके बाद अरविंद वढ़ेरा 16 अप्रैल 2025 से 23 फरवरी 2026 तक सीएमडी रहे, लेकिन उनके कार्यकाल में उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। अब भेल भोपाल से आए नरेश सिंह ने पदभार संभालते ही अधिकारियों और कर्मचारियों में नई ऊर्जा भरी। इसके परिणामस्वरूप बंद पड़ी मिल की एक मशीन चालू कर तीन दिनों में 310 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन संभव हो पाया। अब दूसरी मशीन को भी चालू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि मिल को अभी भी सरकार से आर्थिक पैकेज का इंतजार है। लगभग एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को एडमिन ऑफिस से मिल में स्थानांतरित कर मशीन संचालन में लगाया गया है, जिससे उत्पादन में सुधार देखने को मिला है। 469 करोड़ से हुआ कायाकल्प वर्ष 2022 में 469 करोड़ रुपये की लागत से मिल का कायाकल्प किया गया था। हालांकि एक साल के भीतर ही संचालन धीमा पड़ गया और अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। अब एक बार फिर उत्पादन प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी भी पैकेज का इंतजार मिल को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए 150 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की गई थी। सांसद सहित कई प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से भी मिले, लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मिल को पैकेज मिल सकता है। यह है नेपा मिल का इतिहास

सिवनी में देर रात डीजे बजाने पर कार्रवाई:कोतवाली पुलिस ने साउंड सिस्टम और पिकअप वाहन जब्त

सिवनी में देर रात डीजे बजाने पर कार्रवाई:कोतवाली पुलिस ने साउंड सिस्टम और पिकअप वाहन जब्त

सिवनी शहर में देर रात तेज आवाज में डीजे बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। 25 अप्रैल की देर रात, पुलिस ने बिना अनुमति डीजे संचालित करते पाए जाने पर एक डीजे साउंड सिस्टम और एक पिकअप वाहन जब्त किया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने अवैध डीजे साउंड सिस्टम के उपयोग और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले संचालकों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सचिन परते के मार्गदर्शन में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में, कोतवाली पुलिस ने शहर में चल रही बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष अभियान चलाया। छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए यह कार्रवाई की गई। 25 अप्रैल को राशी लॉन के सामने निर्धारित समयावधि के बाद बिना अनुमति डीजे संचालित करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने ग्राम खैरीटेक, सिवनी निवासी 23 वर्षीय आयुष डेहरिया के खिलाफ कोलाहल अधिनियम की धारा 7/15 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मौके से सफेद रंग का पिकअप वाहन क्रमांक MP15G4379 और डीजे साउंड सिस्टम जब्त किया गया। जब्त सामग्री में चार बेस, दो टॉप, एक मिक्सर क्रॉसओवर, एक जनरेटर, चार सर्फिंग लाइट, दो फॉग लाइट, एक लाइट मिक्सर और चार वीआरएक्स शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इससे पहले भी बिना अनुमति तेज आवाज में डीजे बजाने वाले संचालकों के विरुद्ध कई प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस कार्रवाई में निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक डालचंद ग्यारसिया, आरक्षक सौरभ ठाकुर और मिथलेश उइके सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।

चार बच्चे पैदा करो, एक RSS को दे दो:बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान पर जाने क्या है पब्लिक की राय

चार बच्चे पैदा करो, एक RSS को दे दो:बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान पर जाने क्या है पब्लिक की राय

“आप चार बच्चे पैदा करो। उनमें से एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को दे दो” बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री का ये बयान तेजी से वायरल हो रहा है। इससे पहले कथावचक प्रदीप मिश्रा, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा भी 3 से 4 बच्चे पैदा करने की अपील कर चुके हैं। लेकिन इसके बीच बड़ा सवाल ये है कि आज के महंगाई भरे दौर में 4 बच्चों की बात करना जमीनी हकीकत से कितना मेल खाता है। आम पब्लिक इसपर क्या सोचती है। जानने के लिए देखिए पूरा वीडियो…

आमिर खान बोले- बच्चों को वक्त नहीं दे पाया:फिल्म ‘एक दिन’ से पूरी हुई कमी, जुनैद की इंडिपेंडेंस पर गर्व, कहानी पर जताया भरोसा

आमिर खान बोले- बच्चों को वक्त नहीं दे पाया:फिल्म ‘एक दिन’ से पूरी हुई कमी, जुनैद की इंडिपेंडेंस पर गर्व, कहानी पर जताया भरोसा

आमिर खान इन दिनों अपनी प्रोड्यूस की गई फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसमें उनके बेटे जुनैद खान और साईं पल्लवी लीड रोल में नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में आमिर ने फिल्म से अपने इमोशनल कनेक्शन और एक पिता के तौर पर भावनाएं साझा कीं। उन्होंने माना कि व्यस्त करियर के चलते वह बच्चों को ज्यादा वक्त नहीं दे पाए, लेकिन इस फिल्म ने बेटे के साथ काम करने और करीब आने का मौका दिया। आमिर ने जुनैद की इंडिपेंडेंट सोच और अपने दम पर पहचान बनाने के जज्बे की तारीफ की। उन्होंने बदलते सिनेमाई ट्रेंड्स, मजबूत कहानियों की अहमियत और रोमांटिक फिल्मों की कमी पर राय रखी। साथ ही अरिजीत सिंह के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। पेश हैं बातचीत के खास अंश। सवाल: ‘एक दिन’ आपके लिए कितनी खास फिल्म है? जवाब: मेरे लिए यह कई वजहों से खास फिल्म है। सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें जुनैद हैं और मुझे प्रोड्यूसर के तौर पर उनके साथ काम करने का मौका मिला। यह सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि मेरे लिए पर्सनल जर्नी भी है। सवाल: एक पिता के तौर पर यह अनुभव कैसा रहा? जवाब: सच कहूं तो मैंने अपनी जिंदगी में काम को ज्यादा समय दिया। जब बच्चे बड़े हो रहे थे, तब मैं उन्हें उतना वक्त नहीं दे पाया, जितना देना चाहिए था। यह बात मेरे अंदर हमेशा रहती है। सवाल: क्या इस फिल्म से आपको वह कमी पूरी करने का मौका मिला? जवाब: हां, बिल्कुल। जुनैद हमेशा से इंडिपेंडेंट रहे हैं। उन्होंने कभी मुझसे कुछ नहीं मांगा, न गाड़ी, न कोई सुविधा। वो हर चीज अपने दम पर करना चाहते हैं। ऐसे में एक पिता के तौर पर जो करने की इच्छा होती है, वह मुझे इस फिल्म के जरिए करने का मौका मिला। यह मेरे लिए इमोशनल अनुभव है। सवाल: कहानी ने आपको कितना प्रभावित किया? जवाब: जब मैंने फिल्म की कहानी सुनी, तो वह सीधे मेरे दिल को छू गई। मैं खुद रोमांटिक इंसान हूं और मुझे ऐसी कहानियां पसंद हैं। इसकी सादगी और भावनाएं मुझे ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘कुछ कुछ होता है’ की याद दिलाती हैं। सवाल: क्या आपको लगता है जुनैद का किरदार उनसे मिलता-जुलता है? जवाब: हां, काफी हद तक। जुनैद बचपन से शाय और रिजर्व नेचर के रहे हैं। वो ज्यादा खुलकर बात नहीं करते थे, और मैं भी स्कूल-कॉलेज के दिनों में ऐसा ही था। सवाल: क्या आपके और जुनैद के स्वभाव में समानता है? जवाब: बिल्कुल। जब मैंने एक्टिंग शुरू करने का फैसला लिया था, तब लोग हैरान हो गए थे कि यह चुप-चाप रहने वाला लड़का एक्टिंग कैसे करेगा। उसी तरह जुनैद भी शांत स्वभाव के हैं। इस लिहाज से हम दोनों में समानता है। सवाल: जुनैद की एक्टिंग में आपको क्या खास लगता है? जवाब: उनकी सबसे बड़ी खूबी है कि वो जिस किरदार को निभाते हैं, उसमें पूरी तरह ढल जाते हैं। ‘महाराज’ में वो वही किरदार लगते हैं। ‘लवयापा’ में उनका अलग शेड दिखता है। वो ईमानदारी और सच्चाई से एक्टिंग करते हैं, जो बड़ी बात है। सवाल: आजकल एक्शन फिल्मों का दौर है, ऐसे में ‘एक दिन’ जैसी सॉफ्ट फिल्म को लेकर डर है? जवाब: हां, डर है। जब ‘कयामत से कयामत तक’ रिलीज हो रही थी, तब भी एक्शन फिल्मों का दौर था। उस समय भी लगता था कि हमारी सॉफ्ट फिल्म लोगों को पसंद आएगी या नहीं। आज 35 साल बाद भी वही डर है। सवाल: फिर भी आपको क्या भरोसा देता है? जवाब: मेरा मानना है कि टेक्नोलॉजी और ट्रेंड बदल सकते हैं, लेकिन कहानी की ताकत नहीं बदलती। अगर कहानी सच्चाई से कही गई है, तो वह दर्शकों तक जरूर पहुंचेगी। सवाल: क्या आपको लगता है दर्शक इस तरह की लव स्टोरी मिस कर रहे हैं? जवाब: हां, मुझे लगता है कि काफी समय से ऐसी मासूम, सच्ची लव स्टोरी नहीं आई है। आजकल ज्यादातर फिल्मों में या तो बड़ा स्केल होता है या ज्यादा ड्रामा। ऐसे में यह फिल्म अलग है। सवाल: ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘एक दिन’ में कोई कनेक्शन देखते हैं? जवाब: कुछ दिलचस्प समानताएं हैं। जैसे दोनों फिल्मों की रिलीज टाइमिंग काफी करीब है। ‘कयामत से कयामत तक’ 29 अप्रैल को आई थी और यह फिल्म भी एक मई को लगभग उसी समय रिलीज हो रही है, करीब 38 साल बाद। सवाल: क्या फिल्म की एंडिंग में बदलाव किया गया? जवाब: हां, शुरुआत में शूट की गई एंडिंग से हम पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। इसलिए आखिरी हिस्से पर दोबारा काम किया और उसे बेहतर बनाने की कोशिश की। सवाल: क्या एंडिंग का इमोशन बदला? जवाब: नहीं, इमोशन वही रखा गया है। बस उसे प्रभावशाली बनाने के लिए ट्रीटमेंट में बदलाव किया गया है। सवाल: अरिजीत सिंह के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: बहुत शानदार रहा। उन्होंने पहले हमारे गाने के लिए हां कर दी थी, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर गाने छोड़ने की घोषणा कर दी। उस समय हम घबरा गए थे। सवाल: फिर क्या हुआ? जवाब: मैंने उन्हें फोन कर पूछा कि क्या हम आएं या नहीं। उन्होंने प्यार से कहा कि वो हमारा गाना जरूर गाएंगे। उनके साथ काम करना घर जैसा अनुभव था। सवाल: अरिजीत के साथ आपकी केमिस्ट्री कैसी रही? जवाब: बहुत अच्छी। वो ब्रिलिएंट और गिफ्टेड आर्टिस्ट हैं। साथ ही सिंपल और अच्छे इंसान हैं। उनके साथ बना कनेक्शन हमेशा रहेगा। सवाल: नए टैलेंट को मौका देने के पीछे आपकी सोच क्या है? जवाब: मुझे लगता है कि अगर किसी में जुनून और मेहनत है, तो उसे मौका मिलना चाहिए। इंडस्ट्री को नए लोगों की जरूरत होती है। सवाल: डायरेक्टर सुनील पांडे में आपको क्या खास लगा? जवाब: वो हार्डवर्किंग और पैशनेट हैं। हर छोटी-बड़ी डिटेल पर उनकी नजर रहती है और वो काम में पूरी तरह डूब जाते हैं। सवाल: क्या उन्होंने आपकी उम्मीदों पर खरा उतरा? जवाब: हां, बिल्कुल। जो हमने कागज पर सोचा था, वो उन्होंने स्क्रीन पर अच्छे से उतारा है। पूरी टीम फिल्म से खुश है। सवाल: आप खुद को पुशी मानते हैं? जवाब: हां, मैं काम को लेकर सख्त हूं। लेकिन जब आप ऐसे लोगों के साथ

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रे​टिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्‌टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अब H-1 B वीजा पर 3 साल रोक की तैयारी:डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के राज में भारतीयों के लिए ‘अमेरिकन ड्रीम’ दु:स्वप्न बनता जा रहा है। अब ट्रम्प की पार्टी के सांसदों ने एच-1 बी वीजा पर 3 साल तक रोक सहित कई अन्य कड़े प्रावधानों वाला बिल संसद में पेश किया है। 7 रिपब्लिकन सांसदों की ओर से कांग्रेस (संसद) में पेश किए गए इस एच-1 बी दुरुपयोग रोकथाम बिल-2026 का उद्देश्य अमेरिकी लोगों के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनाना है। एरिजोना के रिपब्लिकन सांसद एली क्रेन ने बिल को संसद में रखा है। बिल पर हस्ताक्षर करने वाले अन्य सांसदों में ब्रैंडन गिल, पॉल गोसर और एंडी ओगल्स शामिल हैं। अमेरिकी हितों से जुड़े इस बिल पर डेमोक्रे​टिक पार्टी के कुछ सांसदों का भी समर्थन मिलने के आसार हैं। सूत्रों के अनुसार, 100 सांसदों की सीनेट में 60 सांसदों का समर्थन मिलने के बाद साल के अंत तक वोटिंग संभव है। इस बिल से सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। क्योंकि, अमेरिका में हर साल जारी होने वाले लगभग 85 हजार एच-1 बी वीजा में से लगभग 63 हजार वीजा भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलते हैं। दूसरे नंबर पर चीन के प्रोफेशनल्स आते हैं। एच1 बी के विरोध में ‘मागा’, इंटरव्यू नहीं हो रहे, फीस भी 100 गुना बढ़ी ट्रम्प के कट्‌टरपंथी मागा समर्थक (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) एच-1 बी वीजा के विरोधी रहे हैं। उनका मानना है कि विदेशी खासकर भारत से आने वाले प्रोफेशनल्स अमेरिकियों की जॉब को हड़प रहे हैं। ट्रम्प अपने वोटर बेस के चलते इस वीजा को लगातार कठिन बना रहे हैं। वीजा स्टैम्पिंग के लिए भारत आना जरूरी होता है। पर यहां अमेरिकी दूतावासों में रिनुअल इंटरव्यू लगभग नहीं के बराबर ही हो रहे हैं। जनवरी के इंटरव्यू नवंबर-दिसंबर तक रीशेड्यूल हो चुके हैं। कई प्रोफेशनल्स जॉब गंवा चुके हैं। ट्रम्प पिछले साल एच-1 बी वीजा की फीस को लगभग 100 गुना बढ़ाकर 94 लाख रुपए कर चुके हैं। इसके चलते पहले से ही इस वीजा कैटेगरी में अमेरिका में एंट्री कठिन हो चुकी है। नए बिल में कोटा घटाकर 25 हजार, 1.86 करोड़ वेतन जरूरी नए बिल के अनुसार, तीन साल बाद एच-1 बी वीजा फिर शुरू करने पर वर्तमान के 85 हजार प्रोफेशनल्स के कोटा को घटाकर 25 हजार प्रोफेशनल्स प्रति वर्ष किया जाएगा। 1. एच-1 बी उन्हीं को, जिनको अमेरिकी नियोक्ता हर साल न्यूनतम 1 करोड़ 86 लाख रुपए का वेतन देंगे। वर्तमान में वीजा के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं। 2. वीजा में वर्तमान में लागू लॉटरी सिस्टम को खत्म किया जाएगा। कंपनियों का हायरिंग विकल्प खत्म होगा। 3. प्रोफेशनल्स पर पत्नी-बच्चों को साथ लाने पर प्रतिबंध। अभी ये पत्नी-बच्चों को ला सकते हैं। अमेरिका में पैदा होने वाले इनके बच्चों को स्वत: नागरिकता मिल जाती है। 4. मास्टर्स करने वाले एच1 बी प्रोफेशनल्स की ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) को समाप्त किया जाएगा। अभी मास्टर्स करने वाले एच-1 बी प्रोफेशनल्स को दो अतिरिक्त साल तक के लिए अमेरिका में ही रहकर ओपीटी प्रोग्राम के तहत जॉब करने की मंजूरी मिलती है। ग्रीन कार्ड पेंडेंसी बढ़ी… अमेरिका में भारतीयों के स्थायी प्रवास के लिए जारी होने वाले ग्रीन कार्ड की पेंडेंसी भी बढ़कर 15 साल तक की हो गई है। एच-1 बी अधिकतम 6 साल के लिए जारी होता है। इसके बाद अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड जरूरी होता है। टेक कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं भारत हर साल लाखों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के ग्रेजुएट तैयार करता है, जो अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा अपने कर्मचारियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं। कहा जाता है कि भारत अमेरिका को सामान से ज्यादा लोग यानी इंजीनियर, कोडर और छात्र एक्सपोर्ट करता है। अब फीस महंगी होने से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट के देशों की ओर रुख करेगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… US प्रेसिडेंट ट्रम्प का गोल्ड कार्ड वीजा हुआ फ्लॉप:अब तक सिर्फ 1 व्यक्ति ने ही लिया, 1300 आवेदन बेचे जाने का किया था दावा अमेरिका में अब तक केवल एक व्यक्ति ने ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बहुचर्चित ‘गोल्ड कार्ड’ वीजा हासिल किया है। गोल्ड कार्ड वीजा में कोई विदेशी 10 लाख डॉलर (9 करोड़ रुपए से ज्यादा) देकर अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार पा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

CEO को 'जिंदा गाड़ने' की धमकी…मंत्री के भाई को बेल:गैर-जमानती धाराओं पर FIR; चौहान पर मर्डर-किडनैपिंग और डकैती जैसे 25 केस दर्ज हो चुके

CEO को 'जिंदा गाड़ने' की धमकी...मंत्री के भाई को बेल:गैर-जमानती धाराओं पर FIR; चौहान पर मर्डर-किडनैपिंग और डकैती जैसे 25 केस दर्ज हो चुके

मोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान को गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज होने के बावजूद जमानत मिल गई है। अलीराजपुर जनपद पंचायत की महिला सीईओ प्रिया काग को ‘जिंदा गाड़ने’ और ‘दांत तोड़ने’ की धमकी दी थी। मामले में आरोपी चौहान ने कोर्ट में बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर का हवाला दिया, जिसके आधार पर उन्हें राहत मिल गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 के तहत केस दर्ज किया था, जो कि एक गैर-जमानती धारा है। महिला सीईओ की सुरक्षा में गनमैन तैनात वहीं वारदात के घटना के बाद सीईओ काग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके लिए गनमैन तैनात किया गया है। उन्होंने 22 अप्रैल को सुरक्षा की मांग की थी। धमकी के बाद उन्होंने फील्ड विजिट बंद कर दी है और अब केवल दफ्तर तक सीमित हैं। एसपी बोले- कोर्ट से मिली जमानत पुलिस ने इंदर सिंह चौहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 224, 221, 351(2) और 126(2) के तहत FIR की है। आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद 24 अप्रैल को चौहान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। मंत्री ने कहा- कानून अपना काम करेगा वहीं दूसरी ओर, मंत्री नागरसिंह चौहान ने विवाद से पल्ला झाड़ते हुए कहा था- मैं अपने भाई से बात नहीं करता। वह अपना काम करता है। अलग रहता है। वह किसे, क्या बोल रहा है, वह जाने। कानून अपना काम करेगा। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… 32 साल में मर्डर समेत 25 से ज्यादा केस ​इंदर सिंह चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है। पिछले 32 साल में उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट, डकैती और आगजनी जैसे कुल 25 संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, इतने लंबे आपराधिक इतिहास के बावजूद उनके रिकॉर्ड में अब तक एक भी मामले में सजा दर्ज नहीं है। 17 मामलों में बरी, 302-307 जैसे गंभीर केस भी शामिल जानकारी के मुताबिक, चौहान 17 मामलों में कोर्ट से बरी हो चुके हैं, जिनमें धारा 302 और 307 जैसे गंभीर केस भी शामिल थे। इसके अलावा, 4 मामलों में राजीनामा या खात्मा हो चुका है। दो पुराने मामलों का रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं है। फिलहाल दो मामलों की जांच जारी है, जिसमें एक 2025 का सरकारी काम में बाधा और दूसरा 2026 का यह ताजा धमकी भरा मामला शामिल है। कन्या विवाह योजना के तहत आवेदन निरस्त करने पर विवाद ​ताजा मामला 22 अप्रैल का है, जब इंदरसिंह चौहान कन्या विवाह योजना के तहत पहले से विवाहित आवेदकों के नाम निरस्त किए जाने पर भड़क गए थे। चौहान के खिलाफ महिला सीईओ को धमकाने, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इंदर सिंह चौहान आलीराजपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रिया काग पर भड़क गए थे। वे कन्या विवाह योजना में पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर नाराज थे। आरोप है कि इंदर सिंह, महिला सीईओ को मारने दौड़े। धमकाया, ‘तेरे दांत तोड़ दूंगा। तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा।’ लेखाधिकारी सावन भिंडे ने उन्हें रोका। सीईओ बोलीं- असुरक्षित महसूस कर रही हूं सीईओ काग ने कहा था- मैं 22 अप्रैल को दोपहर 3 बजे ऑफिस पहुंची तो इंदर सिंह चौहान ने कन्या विवाह योजना के आवेदन निरस्त करने पर मुझे धमकाया। मुझे मारने दौड़े। उन्होंने मेरा रास्ता भी रोका। मैं अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही हूं। पीसीसी चीफ ने कहा- सत्ता का अहंकार बढ़ा ……………………………………….. ये खबरें भी पढे़ं… 1. मंत्री के भाई ने लेडी CEO को धमकाया, मारने दौड़े पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे का थार कांड और उसके बाद लोधी की आईपीएस अफसर को धमकी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और मंत्री के परिजन का विवाद सामने आ गया है। ताजा मामला कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर… 2. करैरा तेरे डैडी का नहीं SDOP… भाजपा विधायक की चेतावनी पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ को चेतावनी देते वीडियो जारी किया। बेटे दिनेश लोधी के थार एक्सीडेंट मामले में पूछताछ और करैरा में न दिखने की बात पर प्रीतम ने कहा, ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है एसडीओपी।’ रविवार देर शाम जारी वीडियो में प्रीतम लोधी एसडीओपी पर भड़के नजर आए। पढे़ं पूरी खबर… 3. पायजामे ढीले हो जाएंगे…कम कपड़ों में लड़कियां अच्छी नहीं लगतीं मध्य प्रदेश में ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं के बीच पिछले 8 महीने में टकराव की घटनाएं बढ़ी हैं। अब तक ये टकराव तू-तू मैं-मैं तक सीमित था, मगर अब हाथापाई तक आ पहुंचा है। भिंड के विधायक नरेंद्र कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच खाद और रेत के अवैध खनन के मसले पर मारपीट होते-होते बची। पढे़ं पूरी खबर…

‘ममताजी बंगाल में क्या करती हैं, मोदीजी देश में क्या करते हैं’: राहुल गांधी ने ‘अमीर समर्थक’ राजनीति के लिए पीएम और सीएम पर हमला किया | चुनाव समाचार

Jemimah Rodrigues scored a 29-ball 43 against South Africa (Picture credit: X @BCCIWomen)

आखरी अपडेट:26 अप्रैल, 2026, 00:21 IST राहुल ने एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि जहां पीएम मोदी दिल्ली में कॉरपोरेट-अनुकूल एजेंडे को बढ़ावा देते हैं, वहीं ममता ने कोलकाता में इसी तरह के ‘अभिजात वर्ग-केंद्रित’ शासन मॉडल को दोहराया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, शनिवार, 25 अप्रैल, 2026 को हुगली जिले में राज्य विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले पार्टी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष और सेरामपुर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार शुभंकर सरकार के समर्थन में एक सार्वजनिक बैठक के दौरान सभा का अभिवादन करते हैं। तस्वीर/पीटीआई जैसे ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए उच्च-स्तरीय अभियान चरम पर पहुंच गया है, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों के खिलाफ तीखा हमला शुरू कर दिया है। शनिवार को हुगली, कोलकाता और दक्षिण 24 परगना में रैलियों की एक श्रृंखला को संबोधित करते हुए, गांधी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के समान वैचारिक विचारधारा के साथ काम करने का आरोप लगाया, उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता गरीबों के कल्याण के बजाय सत्ता के संचय और अमीरों के हितों को प्राथमिकता देते हैं। ‘मिरर इमेज’ आरोप लोकसभा में विपक्ष के नेता ने राज्य और केंद्रीय प्रशासन के बीच समानताएं खींचते समय शब्दों में कोई कमी नहीं की। सेरामपुर में एक विशाल सभा में बोलते हुए, गांधी ने कहा कि बंगाल में टीएमसी द्वारा अपनाई गई रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की रणनीति के बीच “कोई अंतर नहीं” है। उन्होंने तर्क दिया कि जहां मोदी दिल्ली में कॉर्पोरेट-अनुकूल एजेंडे को बढ़ावा देते हैं, वहीं बनर्जी ने कोलकाता में एक समान “अभिजात वर्ग-केंद्रित” शासन मॉडल को दोहराया है, जिससे राज्य के हाशिए पर रहने वाले समुदायों को पीछे छोड़ दिया गया है। गांधी ने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि उन्होंने मुख्यमंत्री पर केंद्रीय दबाव की कमी बताई। गांधी ने भीड़ से कहा, “मेरे खिलाफ 36 मामले हैं क्योंकि मैं हर दिन भाजपा से लड़ता हूं; ईडी ने मुझसे 55 घंटे तक पूछताछ की और मेरा घर छीन लिया।” “ममताजी के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ? ऐसा इसलिए है क्योंकि वह बंगाल में जो करती हैं, मोदीजी देश में करते हैं। वह प्रभावी रूप से भाजपा के लिए रास्ता साफ कर रही हैं।” ‘अमीर बनाम गरीब’ गतिशीलता पर ध्यान दें गांधीजी की बयानबाजी का केंद्र आर्थिक असमानता का विषय था। उन्होंने दोनों नेताओं पर बाहरी या कॉर्पोरेट हितों द्वारा “नियंत्रित” होने का आरोप लगाया – आरोप लगाया कि प्रधान मंत्री की नीतियां अंतरराष्ट्रीय दबावों से प्रभावित थीं जबकि टीएमसी ने बंगाल में एक दशक तक “औद्योगिक क्षय” की अध्यक्षता की थी। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विकल्प “लोगों के बजट” पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें उनकी पार्टी की पांच गारंटियों पर प्रकाश डाला जाएगा, जिसमें महिलाओं के लिए 2,000 रुपये मासिक भत्ता और जिला अस्पतालों में मुफ्त कैंसर इलाज शामिल है। चरण 2 में रणनीतिक बदलाव इस हमले का समय महत्वपूर्ण है. 23 अप्रैल को पहले चरण में रिकॉर्ड तोड़ 92.72% मतदान के बाद, 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में 142 सीटें शामिल होंगी, जिनमें कोलकाता और उत्तर और दक्षिण 24 परगना के महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र शामिल हैं। कांग्रेस को टीएमसी और बीजेपी दोनों के लिए एक विशिष्ट तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित करके, गांधी उस राज्य में “मध्यम आधार” को फिर से हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसने एक दशक से तीव्र द्विध्रुवीय प्रतियोगिता देखी है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 26 अप्रैल, 2026, 00:21 IST समाचार चुनाव ‘ममताजी बंगाल में क्या करती हैं, मोदीजी देश में क्या करते हैं’: राहुल गांधी ने ‘अमीर समर्थक’ राजनीति के लिए पीएम और सीएम पर हमला किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)राहुल गांधी(टी)नरेंद्र मोदी(टी)कांग्रेस

कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

कमला राजा अस्पताल में महिला गार्ड पर हमला, मारपीट:डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के परिजन को अंदर जाने से रोकने पर पीटा

ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल (केआरएच) के गेट नंबर-2 पर ड्यूटी कर रही महिला गार्ड से एक युवक ने मारपीट कर दी। युवक ने महिला के गालों पर कई थप्पड़ मारे और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह महिला को बचाया। घटना शनिवार शाम की है। महिला गार्ड का कसूर सिर्फ इतना था कि डॉक्टर के राउंड के दौरान उसने टीका लगवाने आई महिला के पति को कुछ देर के लिए अंदर जाने से रोक दिया था। इस पर युवक भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। महिला गार्ड रजिया कुरैशी, जो एजाय कंपनी की ओर से तैनात हैं। शनिवार को वह कमला राजा हॉस्पिटल के गेट नंबर दो पर ड्यूटी कर रही थीं। अस्पताल में आंतरी निवासी जूली किरार कमला राजा हॉस्पिटल में बच्चे को टीका लगवाने आइ थीं। जूली तो अंदर चली गई, इसके बाद उसका पति आकाश किरार भी पीछे से आया। इसी समय वहां डॉक्टर जोशी मैडम का राउंड था, जिस कारण रजिया ने गेट बंद कर अटेंडेंट को अंदर जाने से रोकना शुरू कर दिया। 10 से 15 मिनट के लिए वह अटेंडेंट को रोक रही थीं। इसी समय आकाश किरार ने अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन रजिया ने उसे रुकने के लिए कहा। इस पर आकाश बौखला गया और गालियां देने लगा। जब महिला गार्ड रजिया कुरैशी ने गालियां देने का विरोध किया तो आकाश ने उस पर हमला कर दिया। सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गार्ड का मेडिकल कराकर मामला दर्ज कर लिया। आरोपी की तलाश की जा रही है।