मोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान को गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज होने के बावजूद जमानत मिल गई है। अलीराजपुर जनपद पंचायत की महिला सीईओ प्रिया काग को ‘जिंदा गाड़ने’ और ‘दांत तोड़ने’ की धमकी दी थी। मामले में आरोपी चौहान ने कोर्ट में बीमारी और हाई ब्लड प्रेशर का हवाला दिया, जिसके आधार पर उन्हें राहत मिल गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 के तहत केस दर्ज किया था, जो कि एक गैर-जमानती धारा है। महिला सीईओ की सुरक्षा में गनमैन तैनात वहीं वारदात के घटना के बाद सीईओ काग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके लिए गनमैन तैनात किया गया है। उन्होंने 22 अप्रैल को सुरक्षा की मांग की थी। धमकी के बाद उन्होंने फील्ड विजिट बंद कर दी है और अब केवल दफ्तर तक सीमित हैं। एसपी बोले- कोर्ट से मिली जमानत पुलिस ने इंदर सिंह चौहान के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 224, 221, 351(2) और 126(2) के तहत FIR की है। आलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद 24 अप्रैल को चौहान को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें जमानत मिल गई। मंत्री ने कहा- कानून अपना काम करेगा वहीं दूसरी ओर, मंत्री नागरसिंह चौहान ने विवाद से पल्ला झाड़ते हुए कहा था- मैं अपने भाई से बात नहीं करता। वह अपना काम करता है। अलग रहता है। वह किसे, क्या बोल रहा है, वह जाने। कानून अपना काम करेगा। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… 32 साल में मर्डर समेत 25 से ज्यादा केस इंदर सिंह चौहान का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला है। पिछले 32 साल में उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, लूट, डकैती और आगजनी जैसे कुल 25 संगीन मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, इतने लंबे आपराधिक इतिहास के बावजूद उनके रिकॉर्ड में अब तक एक भी मामले में सजा दर्ज नहीं है। 17 मामलों में बरी, 302-307 जैसे गंभीर केस भी शामिल जानकारी के मुताबिक, चौहान 17 मामलों में कोर्ट से बरी हो चुके हैं, जिनमें धारा 302 और 307 जैसे गंभीर केस भी शामिल थे। इसके अलावा, 4 मामलों में राजीनामा या खात्मा हो चुका है। दो पुराने मामलों का रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं है। फिलहाल दो मामलों की जांच जारी है, जिसमें एक 2025 का सरकारी काम में बाधा और दूसरा 2026 का यह ताजा धमकी भरा मामला शामिल है। कन्या विवाह योजना के तहत आवेदन निरस्त करने पर विवाद ताजा मामला 22 अप्रैल का है, जब इंदरसिंह चौहान कन्या विवाह योजना के तहत पहले से विवाहित आवेदकों के नाम निरस्त किए जाने पर भड़क गए थे। चौहान के खिलाफ महिला सीईओ को धमकाने, अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इंदर सिंह चौहान आलीराजपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रिया काग पर भड़क गए थे। वे कन्या विवाह योजना में पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर नाराज थे। आरोप है कि इंदर सिंह, महिला सीईओ को मारने दौड़े। धमकाया, ‘तेरे दांत तोड़ दूंगा। तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा।’ लेखाधिकारी सावन भिंडे ने उन्हें रोका। सीईओ बोलीं- असुरक्षित महसूस कर रही हूं सीईओ काग ने कहा था- मैं 22 अप्रैल को दोपहर 3 बजे ऑफिस पहुंची तो इंदर सिंह चौहान ने कन्या विवाह योजना के आवेदन निरस्त करने पर मुझे धमकाया। मुझे मारने दौड़े। उन्होंने मेरा रास्ता भी रोका। मैं अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित महसूस कर रही हूं। पीसीसी चीफ ने कहा- सत्ता का अहंकार बढ़ा ……………………………………….. ये खबरें भी पढे़ं… 1. मंत्री के भाई ने लेडी CEO को धमकाया, मारने दौड़े पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे का थार कांड और उसके बाद लोधी की आईपीएस अफसर को धमकी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और मंत्री के परिजन का विवाद सामने आ गया है। ताजा मामला कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई इंदर सिंह चौहान से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर… 2. करैरा तेरे डैडी का नहीं SDOP… भाजपा विधायक की चेतावनी पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ को चेतावनी देते वीडियो जारी किया। बेटे दिनेश लोधी के थार एक्सीडेंट मामले में पूछताछ और करैरा में न दिखने की बात पर प्रीतम ने कहा, ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है एसडीओपी।’ रविवार देर शाम जारी वीडियो में प्रीतम लोधी एसडीओपी पर भड़के नजर आए। पढे़ं पूरी खबर… 3. पायजामे ढीले हो जाएंगे…कम कपड़ों में लड़कियां अच्छी नहीं लगतीं मध्य प्रदेश में ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं के बीच पिछले 8 महीने में टकराव की घटनाएं बढ़ी हैं। अब तक ये टकराव तू-तू मैं-मैं तक सीमित था, मगर अब हाथापाई तक आ पहुंचा है। भिंड के विधायक नरेंद्र कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच खाद और रेत के अवैध खनन के मसले पर मारपीट होते-होते बची। पढे़ं पूरी खबर…














































