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ग्वालियर में महिला पुलिसकर्मी को पति ने पीटा:पत्नी ड्यूटी पर जाने के लिए वर्दी पहनकर खड़ी थी; घरेलू विवाद पर की मारपीट

ग्वालियर में महिला पुलिसकर्मी को पति ने पीटा:पत्नी ड्यूटी पर जाने के लिए वर्दी पहनकर खड़ी थी; घरेलू विवाद पर की मारपीट

ग्वालियर में घरेलू विवाद के चलते महिला आरक्षक को उसके पति ने बेरहमी से पीट दिया। घटना उस समय हुई, जब वह ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पति ने विवाद शुरू किया और विरोध करने पर मारपीट कर दी। घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित रणधीर कॉलोनी की है। मारपीट के बाद आरोपी पति जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। पीड़िता 35 वर्षीय प्रतिमा सिंह पत्नी शैलेन्द्र सिंह, जो पीटीएस तिघरा में पदस्थ हैं। उन्होंने ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। गेहूं पिसाने को कहा तो सिर फोड़ा उधर, गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाली 28 वर्षीय सपना कुशवाह, पत्नी मंगल कुशवाह ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह सूरज वैश्य के मकान में अपने पति के साथ रहती है। आटा खत्म होने पर उसने पति से गेहूं पिसाकर लाने को कहा, जिस पर वह विवाद करने लगा और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर पति आपे से बाहर हो गया और लात-घूंसों से मारपीट की। इसके बाद पास पड़ा पत्थर उठाकर उसके सिर पर मार दिया, जिससे उसका सिर फट गया। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

गर्मियों में आंखों पर ठंडा कॉटन पैड रखने से क्या होता है? खुद ही आजमाकर देख लीजिए नतीजा

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Last Updated:April 25, 2026, 23:09 IST Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: धूप में घूमने, प्रदूषण, गर्म हवा, लगातार मोबाइल, लैपटॉप देखने आदि से आंखों में दर्द, स्ट्रेस, जलन आदि समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में इससे छुटकारा पाने के लिए आपको कोई दवाई खाने की जरूरत नहीं, बल्कि ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. जानिए यहां किस तरह से आंखों पर करना है कॉटन पैड का यूज और इसके क्या होते हैं फायदे. आंखों पर कूल कॉटन पैड रखने के फायदे. Benefits of keeping cool cotton pads on eyes: तेज गर्मी, लू, उमस और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना आंखों पर बुरा असर डालता है. इसके कारण आंखों में जलन, थकान, सूजन और लालिमा जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के लगातार उपयोग से आंखें ड्राई हो जाती हैं, जिससे असहजता और बढ़ जाती है. ऐसे में ठंडा कॉटन पैड एक सरल, किफायती और असरदार घरेलू उपाय है. आयुष मंत्रालय की सलाहभारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आंखों की थकान और जलन को कम करने के लिए ठंडे कॉटन पैड का इस्तेमाल सुरक्षित और उपयोगी है. यह तरीका हर उम्र के लोगों, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त है. इसमें कोई खर्च भी नहीं होता. ठंडे कॉटन पैड को यूज करने का सही तरीकाकॉटन पैड को आंखों पर इस्तेमाल करने से पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें. पसीना अच्छी तरह पोंछ लें. इसके बाद मुलायम और साफ कॉटन पैड लें. उन्हें ठंडे पानी में भिगोएं. अतिरिक्त पानी हल्के से निचोड़ लें, ताकि पैड गीले तो रहें, लेकिन पानी टपके नहीं. अब आराम से लेट जाएं. आंखें बंद कर लें और दोनों आंखों पर ये पैड रख लें. कम से कम 10 मिनट तक ऐसे ही आराम करें. इस दौरान गहरी सांस लेते रहें. ठंडा कॉटन पैड आंखों के लिए कैसे है फायदेमंदठंडा कॉटन पैड आंखों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है. सूजन कम करता है. थकान दूर करता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. आंखों को ताजगी महसूस होती है. अगर चाहें तो पानी में कुछ बूंदें गुलाब जल मिलाकर इसका असर और बढ़ा सकते हैं. कब और कितनी बार करें इस्तेमालइसका इस्तेमाल दिन में एक बार करें. आंखों में अधिक जलन, दर्द, थकान महसूस हो तो जरूरत के अनुसार भी यूज कर सकते हैं. खासकर शाम को काम के बाद जरूर इसका इस्तेमाल करें. लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद या धूप और गर्मी से आंखों में जलन होने पर यह काफी फायदेमंद होता है. आयुर्वेदिक दृष्टिकोणआयुर्वेद में आंखों की देखभाल को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. ठंडे पानी का उपयोग आंखों की गर्मी को शांत करता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है. यह उपाय उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो दिनभर डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते हैं. इन बातों का रखें ख्यालअगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या कोई गंभीर समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. रोजमर्रा की थकान और हल्की जलन के लिए यह उपाय काफी उपयोगी है. ध्यान रखें कि हमेशा साफ कॉटन पैड का ही इस्तेमाल करें. पानी बहुत ज्यादा ठंडा या बर्फ जैसा न हो. पैड लगाते समय आंखें बंद रखना जरूरी है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 25, 2026, 23:09 IST

डिजिटल जनगणना प्रशिक्षण से 159 कर्मचारी अनुपस्थित:प्रशासन ने जारी किए कारण बताओ नोटिस, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

डिजिटल जनगणना प्रशिक्षण से 159 कर्मचारी अनुपस्थित:प्रशासन ने जारी किए कारण बताओ नोटिस, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

उज्जैन में देश की पहली डिजिटल जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम में लापरवाही सामने आई है। प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहने वाले 159 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए विभिन्न ज़ोन में लगातार प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके बावजूद कई कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और यह कार्रवाई की गई है। शनिवार को आयोजित एक कार्यशाला में अपर आयुक्त संतोष टैगोर की उपस्थिति में 168 कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस सत्र के दौरान डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, डेटा एंट्री और स्वगणना (Self Enumeration) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि स्वगणना के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, जिससे यह प्रक्रिया सुचारु और तीव्र गति से संपन्न हो सके। इस कार्यक्रम में उपायुक्त मनोज मौर्य, सहायक आयुक्त प्रफुल्ल गठरे और जिला जनगणना प्रभारी तेजिंदर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बिना चीनी की मीठी लस्सी रेसिपी: गर्मी में घर पर बनाएं बिना चीनी वाली मिठाई लस्सी, शुगर भी रहेगा कंट्रोल; नोट बनाने का तरीका

तस्वीर का विवरण

इस लस्सी की विशेषता यह है कि इसमें चीनी मतपत्र शामिल हैं। साथ ही, यह वजन और शुगर नियंत्रण में मददगार साबित होगा। इसके अलावा पेट को ठंडक और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 कप ताजा दही, ½ कप ठंडा पानी या दूध, 1-2 खजूर या थोड़ा सा गुड़ का पाउडर, 4-5 चम्मच, 1 छोटा चम्मच शहद, 2-3 इलायची पाउडर, मोटे बर्फ के टुकड़े छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले खजूर और तेल निकालने के लिए 10 मिनट पहले पानी में डूब जाएं। अब कारीगरों में दही, बड़े-बड़े खजूर और मसाले। इसमें ठंडा पानी या दूध का मिश्रण और अच्छी तरह का मिश्रण बनाएं। छवि: फ्रीपिक अब इसमें इलायची पाउडर और बर्फ के ढांचे को फिर से प्रभावित करके ब्लेंड करें। आपकी बिना चीनी की लस्सी तैयार है। खजूर और पेट्रोलियम उत्पाद, इसलिए अलग से चीनी की जरूरत नहीं होती। छवि: फ्रीपिक अगर और मीठा पसंद है, तो छोटी शहद दाल ले सकते हैं. अधिक ठंड के लिए कुछ लेट फ़र्ज़ी में खोजें। छवि: एआई यह एंटरप्राइज़ को स्थिर रखने में मदद करेगा। पेट ठंडा और खराब हो जाता है। एनर्जी देता है और डाइट से सीखता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप एयरटेल लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, तो यह बिना चीनी की मीठी लस्सी आपके लिए एक आदर्श पेय है। इसे घर पर आसानी से बनाएं और गर्म करके ठंडा और फिट रखें। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी रेसिपी(टी)बिना चीनी वाली लस्सी(टी)लस्सी रेसिपी(टी)शुगर फ्री लस्सी(टी)मीठी लस्सी(टी)बिना चीनी की लस्सी

उज्जैन में पारा 43°C के पार:सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज, सड़कें सूनी

उज्जैन में पारा 43°C के पार:सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज, सड़कें सूनी

उज्जैन में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के कारण दिन में सड़कें और बाजार सूने दिखाई दिए, जबकि शिप्रा के घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। मौसम रिपोर्ट के अनुसार, सुबह की आर्द्रता 41% थी जो शाम को घटकर 17% रह गई। इससे दिन में गर्मी का असर और बढ़ गया। हवा की रफ्तार भी धीमी (लगभग 4 किमी/घंटा) रहने से गर्म हवाओं का प्रभाव अधिक महसूस हुआ। बारिश पूरी तरह शून्य दर्ज की गई। उज्जैन में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था। अब इसके 43°C तक पहुंचने से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। भीषण गर्मी के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। डॉक्टरों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे शरीर को पूरी तरह ढंककर चल रहे हैं। चौराहों पर गन्ने के रस और अन्य ठंडे पेय की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है।

महिला बोली- मैं जिंदा हूं कागज में मार दिया:योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ; सरपंच के बेटे और सचिव पर आरोप

महिला बोली- मैं जिंदा हूं कागज में मार दिया:योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ; सरपंच के बेटे और सचिव पर आरोप

छतरपुर जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां जीवित लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। आरोप है कि गौरिहार विकासखंड की ग्राम पंचायत चंद्रपुरा में चुनावी रंजिश के चलते सरपंच पुत्र और सचिव ने मिलकर कई ग्रामीणों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए हैं। इसके परिणामस्वरूप, पीड़ितों की पेंशन और राशन जैसी सरकारी योजनाएं बंद हो गई हैं। इस धोखाधड़ी का शिकार बनीं गांव की बुजुर्ग गिरजा विश्वकर्मा, जो लंबे समय से पेंशन और राशन का लाभ ले रही थीं, उन्हें अचानक इन सुविधाओं से वंचित कर दिया गया। जांच करने पर पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। गिरजा विश्वकर्मा ने बताया हम जिंदा हैं, लेकिन कागजों में हमें मार दिया गया है। इसी तरह रामबाई रैकवार को भी रिकॉर्ड में मृत दिखाकर योजनाओं से बाहर कर दिया गया है। पंचायत में कार्यरत कल्लू अहिरवार का मामला और भी गंभीर है। उन्हें मृत दर्शाकर उनका वेतन तक रोक दिया गया है। कल्लू अहिरवार ने जिला पंचायत सीईओ को शिकायत देते हुए कहा मैं जिंदा हूं, लेकिन कागजों में मर चुका हूं, अब मुझे न्याय चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब चुनावी दुश्मनी के चलते जानबूझकर किया गया है, ताकि उन्हें सरकारी लाभ से वंचित किया जा सके और राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद सीईओ को इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ित ग्रामीण जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। इन जिंदा लोगों को बताया मृत नाम – रामबाई रैकवार मृत्यु- 11- 04 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 नाम – गिरजा विश्वकर्मा मृत्यु- 25- 02 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 नाम – कल्लू अहिरवार मृत्यु- 14- 06 -2024 जारी- 10- 09 -2025 पंजीयन- 10- 09 -2025 जारी मृत्यु-प्रमाणपत्र वालों को कोई भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

शादी का कार्ड जब्त, बाल विवाह में 13 पर FIR:राजगढ़ में 12-14 साल की दो बेटियों की हो चुकी थी शादी; कार्ड और रिकॉर्ड से खुलासा

शादी का कार्ड जब्त, बाल विवाह में 13 पर FIR:राजगढ़ में 12-14 साल की दो बेटियों की हो चुकी थी शादी; कार्ड और रिकॉर्ड से खुलासा

राजगढ़ जिले में बाल विवाह का मामला सामने आया है। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही दूल्हा-दुल्हन और परिजन मौके से फरार हो गए, जिससे शादी का मंडप खाली मिला। यह मामला गुरुवार को तब उजागर हुआ जब बाल विवाह कंट्रोल रूम और चाइल्डलाइन से सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, वन स्टॉप सेंटर और कोतवाली थाना की संयुक्त टीम गांव पहुंची। टीम को मौके पर सन्नाटा मिला, लेकिन ग्रामीणों से पूछताछ में दो नाबालिग लड़कियों के विवाह की पुष्टि हुई। जांच के दौरान परिजनों की ओर से कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और शादी का कार्ड जब्त किया। शिक्षा विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों लड़कियों की उम्र क्रमशः 12 और 14 वर्ष पाई गई, जो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है। 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह कराने और उसमें सहयोग करने वाले कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में बाल विवाह के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विवाह सीजन के दौरान जहां भी ऐसी सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जारी बाल विवाह की चुनौती को उजागर करती है, जिसमें समाज और प्रशासन दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।

मरने से पहले वीडियो बनाकर पत्नी-ससुराल पर आरोप:भोपाल से पार्टनर समेत तीन गिरफ्तार; एक साल पहले हुई थी शादी

मरने से पहले वीडियो बनाकर पत्नी-ससुराल पर आरोप:भोपाल से पार्टनर समेत तीन गिरफ्तार; एक साल पहले हुई थी शादी

शिवपुरी में आत्महत्या करने वाले 28 वर्षीय युवक ने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी आपबीती रिकॉर्ड की थी। वीडियो में उसने पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाना क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर इलाके में रहने वाले 28 वर्षीय उत्कर्ष शिवहरे ने 19 अप्रैल की शाम सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब नया खुलासा सामने आया है कि उत्कर्ष ने मौत से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उत्कर्ष ने अपनी पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे, साले ध्रुव और साली रियम शिवहरे पर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। परिजनों के मुताबिक, उत्कर्ष को लगातार पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा था और उससे लाखों रुपए लिए जा चुके थे। एक साल पहले हुआ था विवाह बताया गया है कि उत्कर्ष की शादी 2 फरवरी 2025 को भोपाल निवासी रिया से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही विवाद शुरू हो गया था। होली के बाद रिया अपने मायके भोपाल चली गई थी और वहीं रहने लगी थी। इसी दौरान उत्कर्ष को कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना के दिन उत्कर्ष ने घर में सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से इंदौर रेफर किया गया, लेकिन बदरवास के पास रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी, ससुर, साले और साली के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने शनिवार को पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे और साले ध्रुव को भोपाल से गिरफ्तार कर शिवपुरी ले आई है। वहीं एक अन्य आरोपी साली, जो पुणे में रहती है, अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

बघवार के जंगलों में भीषण आग का चौथा दिन:रीवा-सीधी सीमा पर 1 किमी क्षेत्र जलकर राख, काबू पाने की कोशिशें जारी

बघवार के जंगलों में भीषण आग का चौथा दिन:रीवा-सीधी सीमा पर 1 किमी क्षेत्र जलकर राख, काबू पाने की कोशिशें जारी

सीधी जिले के बघवार में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के पास जंगल में लगी भीषण आग चौथे दिन भी धधक रही है। रीवा की सीमा से शुरू हुई यह आग अब सीधी जिले के वन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। करीब एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैली इस आग ने सूखे पत्तों और झाड़ियों को अपना निशाना बनाया है। गर्मी और तेज हवाओं के कारण लपटें तेजी से बढ़ रही हैं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी चपेट में आने से जंगल का एक बड़ा हिस्सा राख हो गया है। दो जिलों की टीमें तैनात आग पर काबू पाने के लिए रीवा और सीधी दोनों जिलों का वन अमला मशक्कत कर रहा है। रीवा से 20 और सीधी जिले से 13 कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं। हालांकि, रात के अंधेरे और संसाधनों की कमी के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लापरवाही के आरोप और विभाग का पक्ष शनिवार शाम को इलाके के समाजसेवी तेज बहादुर सिंह ने वन विभाग पर सुस्त कार्यप्रणाली का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर शुरुआत में ही गंभीरता दिखाई जाती, तो आग इतनी नहीं फैलती। वहीं, चुरहट रेंज के रेंजर नवीन सिंह का कहना है कि विभाग की टीम पूरी ताकत से जुटी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

दमोह-जबलपुर हाईवे पर पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर:चार घायलों में से तीन की हालत गंभीर, बलखंड माता मंदिर के पास हुआ हादसा

दमोह-जबलपुर हाईवे पर पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर:चार घायलों में से तीन की हालत गंभीर, बलखंड माता मंदिर के पास हुआ हादसा

दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर शनिवार शाम करीब 6 बजे एक सड़क हादसा हो गया। नोहटा थाना क्षेत्र के बलखंड माता मंदिर के पास एक पिकअप वाहन ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन को गंभीर चोटें आई हैं। टक्कर के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया, जिससे हाईवे पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों की पहचान भन्नू चक्रवर्ती, कीर्ति चक्रवर्ती और रानी चक्रवर्ती के रूप में हुई है। एक अन्य घायल का भी इलाज जारी है, जिसकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार, पिकअप दमोह से जबलपुर की ओर जा रही थी। वहीं, जलहरी ग्राम से चार लोग एक बाइक पर सवार होकर नोहटा साप्ताहिक बाजार जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वे शादी की खरीदारी के लिए निकले थे। बलखंड माता मंदिर के समीप पिकअप चालक ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक बाइक पिकअप के पहियों के नीचे आ गई, जबकि दूसरी बाइक उछलकर सड़क किनारे जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और नोहटा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नोहटा थाना प्रभारी ने तत्परता दिखाते हुए अपने वाहन और निजी साधनों से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और फरार पिकअप चालक की तलाश की जा रही है।