Monday, 27 Jul 2026 | 08:51 AM

Trending :

EXCLUSIVE

नेपा मिल में फिर शुरू हुआ उत्पादन:3 दिन में 310 मीट्रिक टन कागज तैयार, 71 साल हुए पूरे

नेपा मिल में फिर शुरू हुआ उत्पादन:3 दिन में 310 मीट्रिक टन कागज तैयार, 71 साल हुए पूरे

बुरहानपुर स्थित एशिया की पहली अखबारी कागज मिल नेपा लिमिटेड ने बिना किसी आर्थिक पैकेज के उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है।मिल ने महज तीन दिनों में 310 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन किया है। 71 साल पुरानी इस मिल का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। आज नेपा डे है और मिल को 71 वर्ष पूरे हो गए हैं। मिल के 71 साल के इतिहास में छह से सात साल ऐसे भी रहे जब कागज उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। 2022 में मिल फिर से शुरू हुई, लेकिन अगले चार वर्षों में कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी। बार-बार बदले सीएमडी 2024 से 2026 के बीच मिल में तीन सीएमडी बदले गए। आरके चोखानी 26 मार्च 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक सीएमडी रहे, जिनके कार्यकाल में 7403 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन हुआ। इसके बाद अरविंद वढ़ेरा 16 अप्रैल 2025 से 23 फरवरी 2026 तक सीएमडी रहे, लेकिन उनके कार्यकाल में उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। अब भेल भोपाल से आए नरेश सिंह ने पदभार संभालते ही अधिकारियों और कर्मचारियों में नई ऊर्जा भरी। इसके परिणामस्वरूप बंद पड़ी मिल की एक मशीन चालू कर तीन दिनों में 310 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन संभव हो पाया। अब दूसरी मशीन को भी चालू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि मिल को अभी भी सरकार से आर्थिक पैकेज का इंतजार है। लगभग एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को एडमिन ऑफिस से मिल में स्थानांतरित कर मशीन संचालन में लगाया गया है, जिससे उत्पादन में सुधार देखने को मिला है। 469 करोड़ से हुआ कायाकल्प वर्ष 2022 में 469 करोड़ रुपये की लागत से मिल का कायाकल्प किया गया था। हालांकि एक साल के भीतर ही संचालन धीमा पड़ गया और अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। अब एक बार फिर उत्पादन प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी भी पैकेज का इंतजार मिल को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए 150 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की गई थी। सांसद सहित कई प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से भी मिले, लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मिल को पैकेज मिल सकता है। यह है नेपा मिल का इतिहास

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

March 21, 2026/
2:45 pm

kathal health benefits: कई तरह की मार्केट में सब्जियां मिलती हैं, जिनमें कुछ ऐसी सब्जी होती है, जिसका सेवन लोग...

Bangladesh vs Pakistan Live Score: Follow latest updates from Day 4 of the 2nd Test. (AFP Photo)

May 19, 2026/
3:41 pm

आखरी अपडेट:19 मई, 2026, 15:41 IST टीएमसी ने आरोप लगाया कि हाल के चुनावों में भाजपा के सत्ता में आने...

वर्ल्ड अपडेट्स:कराची तट से लापता कार्गो विमान का मलबा मिला: 5 क्रू मेंबर अब भी लापता

July 9, 2026/
10:55 am

पाकिस्तान की K2 Airways का बोइंग 737-400 कार्गो विमान कराची के पास अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के...

ब्रिटेन में सबसे पुराने भारतीय-रेस्तरां पर बंद होने का खतरा:वीरास्वामी की 100 साल पुरानी लीज खत्म, मालिक कोर्ट पहुंचे

June 17, 2026/
3:18 pm

ब्रिटेन में मौजूद सबसे पुराना भारतीय रेस्तरां वीरास्वामी बंद होने का खतरा बढ़ गया है। जिस इमारत में यह रेस्तरां...

चुनाव तारीखें 2026: दो चरण, 824 पायदान और 17.4 करोड़ की कमाई, जानें 5 राज्यों में होने वाले चुनाव से जुड़ी सभी बड़ी बातें

March 15, 2026/
6:53 pm

पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की मुनादी जारी है। रविवार (15...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

नेपा मिल में फिर शुरू हुआ उत्पादन:3 दिन में 310 मीट्रिक टन कागज तैयार, 71 साल हुए पूरे

नेपा मिल में फिर शुरू हुआ उत्पादन:3 दिन में 310 मीट्रिक टन कागज तैयार, 71 साल हुए पूरे

बुरहानपुर स्थित एशिया की पहली अखबारी कागज मिल नेपा लिमिटेड ने बिना किसी आर्थिक पैकेज के उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है।मिल ने महज तीन दिनों में 310 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन किया है। 71 साल पुरानी इस मिल का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है। आज नेपा डे है और मिल को 71 वर्ष पूरे हो गए हैं। मिल के 71 साल के इतिहास में छह से सात साल ऐसे भी रहे जब कागज उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। 2022 में मिल फिर से शुरू हुई, लेकिन अगले चार वर्षों में कोई खास उपलब्धि हासिल नहीं हो सकी। बार-बार बदले सीएमडी 2024 से 2026 के बीच मिल में तीन सीएमडी बदले गए। आरके चोखानी 26 मार्च 2024 से 15 अप्रैल 2025 तक सीएमडी रहे, जिनके कार्यकाल में 7403 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन हुआ। इसके बाद अरविंद वढ़ेरा 16 अप्रैल 2025 से 23 फरवरी 2026 तक सीएमडी रहे, लेकिन उनके कार्यकाल में उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। अब भेल भोपाल से आए नरेश सिंह ने पदभार संभालते ही अधिकारियों और कर्मचारियों में नई ऊर्जा भरी। इसके परिणामस्वरूप बंद पड़ी मिल की एक मशीन चालू कर तीन दिनों में 310 मीट्रिक टन कागज का उत्पादन संभव हो पाया। अब दूसरी मशीन को भी चालू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि मिल को अभी भी सरकार से आर्थिक पैकेज का इंतजार है। लगभग एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को एडमिन ऑफिस से मिल में स्थानांतरित कर मशीन संचालन में लगाया गया है, जिससे उत्पादन में सुधार देखने को मिला है। 469 करोड़ से हुआ कायाकल्प वर्ष 2022 में 469 करोड़ रुपये की लागत से मिल का कायाकल्प किया गया था। हालांकि एक साल के भीतर ही संचालन धीमा पड़ गया और अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक उत्पादन पूरी तरह बंद रहा। अब एक बार फिर उत्पादन प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी भी पैकेज का इंतजार मिल को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए 150 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग की गई थी। सांसद सहित कई प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से भी मिले, लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही मिल को पैकेज मिल सकता है। यह है नेपा मिल का इतिहास

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.