Friday, 02 Oct 2026 | 02:56 AM

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दमोह में फर्जी दूल्हा समेत 3 आरोपी पकड़ाए:बारात न आने पर परिजन की शिकायत; रेलवे कर्मचारी बताकर-जाति छिपाकर रिश्ता तय किया था

दमोह में फर्जी दूल्हा समेत 3 आरोपी पकड़ाए:बारात न आने पर परिजन की शिकायत; रेलवे कर्मचारी बताकर-जाति छिपाकर रिश्ता तय किया था

दमोह के लोको इलाके में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने खुद को रेलवे का सरकारी कर्मचारी बताकर लड़की वालों को धोखे में रखा, लेकिन ऐन मौके पर बारात न आने से उसकी पोल खुल गई। पुलिस ने फर्जी दूल्हे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आगर मालवा के रहने वाले मोहनलाल केवट की पहचान दमोह की एक युवती से शादी वाले ऐप के जरिए हुई थी। युवक ने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताया और अपनी जाति भी छिपाकर रिश्ता तय कर लिया। 20 अप्रैल को लोको के रेलवे इंस्टीट्यूट हॉल में शादी होनी थी। कार्ड छप चुके थे, खाना तैयार था और मेहमान भी आ चुके थे। बारात का इंतजार और बढ़ता शक दूल्हा अपने दो-तीन दोस्तों के साथ 19 अप्रैल को ही दमोह पहुंच गया था, लेकिन 20 अप्रैल की रात तक जब बारात नहीं आई, तो लड़की वालों को शक हुआ। दूल्हा बार-बार बहाने बनाता रहा कि बारात रास्ते में है, बस आने ही वाली है। जब रात बीत गई और कोई नहीं आया, तब परिजनों ने सीधे कोतवाली थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। फर्जी आईडी कार्ड और बदलती कहानियां पुलिस की जांच में पता चला कि युवक ने जो रेलवे का आईकार्ड दिखाया था, वह पूरी तरह फर्जी था। यही नहीं, पकड़े जाने पर युवक ने अपनी कहानी बदलते हुए दावा किया कि वह रेलवे में एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए सुपरवाइजर है। उसने यह भी आरोप लगाया कि लड़की वालों के कहने पर ही वह बारात लेकर नहीं आया था, लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को झूठ पाया। पुलिस की कार्रवाई कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में मोहनलाल केवट और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस घटना के बाद से लड़की का परिवार सदमे में है।

श्योपुर भाजपा कार्यालय पर पोस्टर चिपकाए:लिखा- बीजेपी ने बीफ कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी, तीन लोगों पर FIR

श्योपुर भाजपा कार्यालय पर पोस्टर चिपकाए:लिखा- बीजेपी ने बीफ कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी, तीन लोगों पर FIR

श्योपुर के शिवपुरी रोड पर स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। तीन युवकों ने कार्यालय परिसर में घुसकर न केवल आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाए, बल्कि नारेबाजी भी की। देर शाम भाजपा के जिला उपाध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना सुबह करीब 11 बजे की है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह जाट ने कोतवाली थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि परितोष उर्फ बंजी राठौड़, अमित सोनी और आशीष सेन बिना अनुमति भाजपा कार्यालय में घुस आए। इन लोगों ने वहां लगी शिलापट्टिका पर पार्टी के खिलाफ लिखा- गोभक्ति की नौटंकी करने वाली बीजेपी ने बीफ, कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी है, ये गौ प्रेम है या चंदा प्रेम? इन बातों को लिखकर पोस्टर चिपकाए गए हैं। जब भाजपा पदाधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और पोस्टर हटाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। “हिंदुओं को भड़काने की राजनीति” इस घटना पर पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे कांग्रेस की ‘ओछी मानसिकता’ करार देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्रमाण है, तो वे कानूनी रास्ता अपनाएं। उन्होंने आगे कहा कि “बीफ” जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चंदा लेने के झूठे आरोप लगाना और ऐसी राजनीति करना सीधे तौर पर हिंदुओं को भड़काने का काम है। पुलिस की कार्रवाई भाजपा कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सहायक उप निरीक्षक संजय यादव को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

सिंगरौली में डकैती, बालाघाट में बैंकों की सुरक्षा पर चर्चा:पुलिस बोली- पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहें और हथियारबंद गार्ड तैनात करें

सिंगरौली में डकैती, बालाघाट में बैंकों की सुरक्षा पर चर्चा:पुलिस बोली- पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहें और हथियारबंद गार्ड तैनात करें

सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई दिनदहाड़े डकैती के बाद अब पूरे प्रदेश में बैंकों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जा रही है। बुधवार को बालाघाट पुलिस के अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों और प्रतिनिधियों के साथ एक बड़ी बैठक की, ताकि सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता किया जा सके। एडीएसपी निहित उपाध्याय और सीएसपी मयंक तिवारी ने बैठक में साफ कहा कि अब बैंकों और पुलिस के बीच तालमेल पहले से बेहतर होना चाहिए। हर बैंक शाखा को अपने इलाके के थाने और बीट ऑफिसर के संपर्क में रहना होगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। इसके लिए हर बैंक के लिए एक पुलिस नोडल अधिकारी भी तय किया जाएगा। सीसीटीवी और लाइट पर खास जोर अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बैंक के अंदर और बाहर एक भी कोना ऐसा नहीं होना चाहिए जो सीसीटीवी की नजर से बचा हो। साथ ही, रात के समय बैंक के आसपास पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) रखने को कहा गया है ताकि कैमरों में सब कुछ साफ नजर आए। तैनात होंगे हथियारबंद गार्ड सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए बैंकों को कुछ जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बैंक में ट्रेंड और हथियारबंद गार्डों की तैनाती करनी होगी। पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहने चाहिए। नकदी ले जाते समय पुलिस को जानकारी देना और तालमेल बनाना जरूरी होगा। समय-समय पर होगी मॉक ड्रिल सिर्फ आदेश ही नहीं, बल्कि जमीन पर तैयारी कैसी है, इसे परखने के लिए पुलिस और बैंक कर्मचारी मिलकर ‘मॉक ड्रिल’ (अभ्यास) भी करेंगे। साथ ही बैंक कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड और सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। एडीएसपी ने भरोसा दिलाया कि इन कदमों से जिले के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो जाएगी कि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

बैतूल में 7 नाबालिग निकले युवक की हत्या के आरोपी:मां से बात करने पर बेटों ने रची साजिश, चाकुओं से गोदा, लाश सड़क किनारे फेंकी

बैतूल में 7 नाबालिग निकले युवक की हत्या के आरोपी:मां से बात करने पर बेटों ने रची साजिश, चाकुओं से गोदा, लाश सड़क किनारे फेंकी

बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के ग्राम धामोरी में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में पहले 21 अप्रैल की रात उमेश सोमनाथ उर्फ गोलू की लाश सावंगी रोड पर संदिग्ध हालत में मिली थी, अब उसी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ा राज सामने लाया है—हत्या की वजह सिर्फ “मां से बात करना” बनी, और इस वारदात को 7 नाबालिगों ने अंजाम दिया। गौरतलब है कि शुरुआती खबर में सामने आया था कि उमेश रात में खाना खाने के बाद घर से निकला था और कुछ लोगों द्वारा उसे बुलाकर ले जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद वह सड़क किनारे गंभीर हालत में मिला था, जहां उसके पेट और गले पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बेटों ने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की अब पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह और भी हैरान करने वाला है। मुख्य आरोपी और उसका सगा भाई मृतक के उनकी मां से बातचीत करने से नाराज थे। उन्होंने पहले भी उमेश को घर आने-जाने और बातचीत बंद करने की चेतावनी दी थी, लेकिन जब बात नहीं मानी गई तो उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। योजना के तहत मुख्य आरोपी उमेश को घर से बहाने से बुलाकर सावंगी रोड पर सुनसान जगह ले गया, जहां पहले से 5 अन्य नाबालिग साथी मौजूद थे। वहां दोबारा विवाद हुआ और गुस्से में आकर मुख्य आरोपी ने चाकू से उमेश के पेट और गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जबकि बाकी आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया। वारदात के बाद सभी आरोपी उसे मौके पर ही घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए, जिससे उसकी मौत हो गई। 7 नाबालिग हिरासत में लिए गए गठित टीम ने सीसीटीवी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर महज 24 घंटे में सभी 7 नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त चाकू और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।

नीमच में अतिक्रमण हटाने के बाद बुजुर्ग की मौत:झोपड़ी में लगी आग. परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप

नीमच में अतिक्रमण हटाने के बाद बुजुर्ग की मौत:झोपड़ी में लगी आग. परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप

नीमच तहसील के जयसिंहपुरा गांव में बुधवार को प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बाद विवाद उत्पन्न हो गया। कार्रवाई के कुछ देर बाद 60 वर्षीय नानूराम जाटव की मौत हो गई। इस घटना के बाद जिला अस्पताल में परिजनों ने हंगामा किया और पुलिस प्रशासन पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि प्रशासनिक अमला और पुलिस बल बिना किसी पूर्व सूचना के जयसिंहपुरा के नई आबादी क्षेत्र में पहुंचा था। उनका दावा है कि संबंधित जमीन का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। मृतक की नातिन ममता जाटव के अनुसार, जब उनके नाना ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कोर्ट केस का हवाला दिया, तो पुलिस ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच के पुत्र और पुलिस ने उनकी झोपड़ी में आग लगा दी। इसके अतिरिक्त, साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पुलिस पर वीडियो बना रहे परिजनों के मोबाइल छीनकर डेटा डिलीट करने का भी आरोप है। परिजनों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई और कथित मानसिक दबाव के कारण नानूराम को दिल का दौरा पड़ा, जिससे अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से उस स्थान पर रह रहे हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के दामाद गोपाल जाटव को पहले 15 दिन के लिए जेल भेजा गया था। बुजुर्ग की मौत के बाद प्रशासन ने उनकी पुत्री से हस्ताक्षर कराकर गोपाल को मात्र 4 दिन में ही रिहा कर दिया। दूसरी ओर, एसडीएम संजीव साहू ने परिजनों के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से की गई थी और आगजनी की घटना स्वयं परिजनों द्वारा की गई थी। प्रशासन के अनुसार, यह जमीन डोम निर्माण के लिए चिन्हित है और नियमानुसार नोटिस जारी करने के बाद ही कार्रवाई की गई थी। ममता जाटव ने बताया कि उनके घर पर तहसीलदार सरपंच पटवारी सहित पुलिस का अमला कार्रवाई करने पहुंचा था। ममता ने बताया कि जब उसके नाना जी कार्रवाई का कारण पूछा तो अतिक्रमण हटाने की बात कहकर कार्रवाई करने लगे। जब उसके नाना ने बताया कि यहां सभी का अतिक्रमण है और सभी का हटाओ। और उक्त जमीन का केस कोर्ट में चल रहा है। इसी दौरान पुलिस ने उसके नाना जी से हाथापाई की और उनके साथ मारपीट की। उसके बाद उसके नाना जी वहां से चले गए थे और कुछ ही देर बाद उन्हें झंझारवाड़ा में दोनों का फैक्ट्री के यहां पड़े होने की सूचना मिली। ममता का कहना है कि उनकी मौत पुलिस एवं प्रशासन की प्रताड़ना के चलते हुए। ममता ने मांग की है कि उसको न्याय दिलाए जाए। और उनकी झोपड़ी में आग सरपंच के लड़के रमेश सुथार ओर पुलिस ने लगाई। और कार्रवाई के दौरान पेड़ भी गिराए गए हैं इस दौरान जब वीडियो बनाया जा रहे थे तो पुलिस प्रशासन ने दबाव बनाकर मोबाइल छीनकर वीडियो भी डिलीट करवाए हैं। ममता का कहना है वह 40 सालों से रह रहे हैं। कि 2024 से उन्हें परेशान कर रहे हैं। करीब 5 वि बार ये कार्रवाई करने पहुंचे।

नकली मूंछ विवाद पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; 4 साल बाद दी सफाई

नकली मूंछ विवाद पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; 4 साल बाद दी सफाई

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।

नकली मूंछ पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; फैंस को बुरा लगा तो सॉरी

नकली मूंछ पर अक्षय कुमार ने मांगी माफी:बोले- फिल्म 'पृथ्वीराज' में वैसी मूंछें उगना मुमकिन नहीं था; फैंस को बुरा लगा तो सॉरी

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ (2022) में नकली मूंछों के इस्तेमाल को लेकर हुई आलोचना पर अब सफाई दी है। एक पॉडकास्ट के दौरान एक्टर ने पहली बार इस विवाद पर खुलकर बात की और फैंस से माफी भी मांगी। अक्षय ने स्पष्ट किया कि मूंछें न बढ़ाना आलस नहीं, बल्कि फिल्म की जरूरत और उनके चेहरे की बनावट से जुड़ा फैसला था। दरअसल, मूवी रिलीज के वक्त अक्षय को अपनी नकली मूछ के लिए ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। आलोचकों का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं। ‘पृथ्वीराज’ के लिए वैसी मूंछें नहीं उग सकती थीं शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में जब अक्षय से पूछा गया कि क्या उन्हें फिल्म के लिए ज्यादा वक्त नहीं देना चाहिए था, तो उन्होंने कहा, मैं अभी कई फिल्मों और लुक्स पर काम कर रहा हूं। जैसे अभी मेरी यह दाढ़ी है, जिसे बढ़ाने के लिए मैंने करीब 6 हफ्ते तक काम नहीं किया। सम्राट पृथ्वीराज की कहानी के हिसाब से एक खास तरह की मूंछ की जरूरत थी, जो मेरे चेहरे पर कुदरती तौर पर नहीं उग सकती थी। अक्षय ने आगे कहा कि शायद वह मूंछ अच्छी नहीं लगी, इसलिए अगर लोगों को बुरा लगा तो वे माफी मांगते हैं। क्या था पूरा मामला? दरअसल ‘सम्राट पृथ्वीराज’ जैसी ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर एक्टर्स अपने किरदारों के लिए महीनों पहले से तैयारी करते हैं और असली मूंछें-दाढ़ी बढ़ाते हैं, लेकिन अक्षय कुमार ने इस फिल्म के लिए नकली मूंछ का इस्तेमाल किया था। जब फिल्म का ट्रेलर और पोस्टर रिलीज हुआ, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। आलोचकों और फैंस का कहना था कि अक्षय एक महान सम्राट का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लिए अपनी मूंछें तक नहीं बढ़ाईं और महज 40-45 दिनों में शूटिंग खत्म कर दी। लोगों ने इसकी तुलना ‘पद्मावत’ में रणवीर सिंह की मेहनत से की, जिससे यह बहस छिड़ गई कि क्या अक्षय अपने प्रोजेक्ट्स को पर्याप्त समय और गंभीरता नहीं दे रहे हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रही थी फ्लॉप बता दें कि डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यशराज फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का बजट करीब 175 करोड़ रुपये था, लेकिन यह वर्ल्डवाइड सिर्फ 90 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। फिल्म में अक्षय के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त और सोनू सूद मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे अक्षय के ‘नकली मूंछ’ वाले लुक को भी एक बड़ी वजह माना गया था। अक्षय के आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स अक्षय के पाइपलाइन में अभी कई बड़ी फिल्में हैं। वे जल्द ही अहमद खान की ‘वेलकम टू द जंगल’ (वेलकम 3) में दिखेंगे। इस फिल्म में रवीना टंडन, दिशा पाटनी, अरशद वारसी और जैकलीन फर्नांडिस समेत कई बड़े एक्टर्स है। इसके अलावा वे सैफ अली खान के साथ फिल्म ‘हैवान’ में भी नजर आएंगे, जिसका निर्देशन प्रियदर्शन ही कर रहे हैं।

तड़का छाछ रेसिपी: गर्मियों में घर पर जरूर बनाएं तड़का वाला छाछ, बाजार से नहीं चाहिए तड़का छाछ; नोट करें आसान उपाय

तस्वीर का विवरण

तड़का छाछ सिर्फ प्यास ही नहीं दबती, बल्कि पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। डाले जाने वाले प्रोटोटाइप जैसे जीरा, कैरी पत्ता और हींग पेट को ठंडक देते हैं और गैस-अपच से राहत दिलाते हैं। छवि: फ्रीपिक आवश्यक सामग्री: 1 कप छोटा दही, 2 कप ठंडा पानी, 1/2 छोटा बड़ा काला नमक, स्वादानुसार नमक, 1/2 छोटा मसाला जीरा पाउडर, थोड़ा सा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक धन्यवाद के लिए: 1 छोटा चम्मच तेल या घी, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1/2 छोटा चम्मच तेल, 1 हरी मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1 हरी मिर्च छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दही को एक बाउल में लें और उसे अच्छे से फेंट लें। अब इसमें ठंडा पानी के टुकड़े तैयार करें। इसमें नमक, काला नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर कैथेड्रल बढ़िया से भी शामिल है। छवि: फ्रीपिक अब छोड़ा तड़का: एक छोटी चटनी में तेल या घी गर्म करें। इसमें राई, जब ये चटकने लगे तो करी पत्ते, हींग और हरी मिर्च दाल शामिल है। गैस बंद करें और इस मॉडल को तैयार करें छाछ डाल में। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया मिक्स करें और अनंत-ठंडी सर्व करें। छाछ को ठंडा करके पीने से सबसे ज्यादा मज़ा आता है। आप इसमें पुदीना पत्ते भी डाल सकते हैं, इससे और ताज़ा स्वाद मिलेगा। छवि: फ्रीपिक पाउडर की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं। यह शरीर को ठंडा रखता है और पाचन में मदद करता है। साथ ही, डिजिटलीकरण से सीख है। प्रभाव और लो-कैलोरी पेय है। छवि: एआई

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…