हिमाचल में 4000 फीट ऊंचाई पर उगती ये बूटी, पेट खराब हो या बावासीर…चुटकियों में आराम

Last Updated:April 22, 2026, 18:14 IST Kachnar Benefits Piles Stomach : हिमाचल प्रदेश के मंडी में कई ऐसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां अपने आप उगती हैं जो सेहत के लिए वरदान हैं. कचनार उन्हीं में से एक है. इसे स्थानीय भाषा में करैडे भी कहते हैं. इसे सब्जी बनाकर खाया जाता है, जो कई बीमारियों का अकेला इलाज है. मंडी के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ओम राज शर्मा लोकल 18 से बताते हैं कि कचनार एक ऐसी दवा है, जो प्राकृतिक रूप से हिमालयन जंगलों में उपलब्ध है. इसकी मदद से बवासीर से लेकर खराब पेट और सिर से लेकर दांतों के दर्द को ठीक किया जा सकता है. इसे गर्मियों में खाना ज्यादा लाभकारी है. कचनार की एक चम्मच छाल को एक कप मट्ठा (छाछ) के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से बवासीर में खून गिरना बंद हो जाता है. हिमाचल की एक विशेषता यह भी है कि यहां विभिन्न प्रकार की दिव्य औषधियां प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होती हैं, जिन्हें ऋतु और आवश्यकता के अनुसार उपयोग में लाया जाता है. इस समय कचनार/करैड़े की बहार देखने को मिल रही है, जो विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में 4000 फीट की ऊंचाई तक पाया जाता है. कचनार के फूल सफेद, बैंगनी और गुलाबी रंगों में खिलते हैं, जो न केवल देखने में आकर्षक होते हैं बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ओम राज शर्मा का कहना है कि इसकी छाल (त्वचा) और पुष्प विशेष रूप से उपयोग में लाए जाते हैं. इसके फूलों से तैयार किया गया गुलकंद या सब्जी कब्ज जैसी समस्या में लाभकारी है. इसके फूलों के रस (स्वरस) की मात्रा सामान्यतः 10 से 20 मिली तक उपयोग की जाती है. पहाड़ी क्षेत्रों में कचनार के फूलों के ‘बड़े-भल्ले’ और इसकी कलियों का रायता बड़े चाव से खाया जाता है, जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक है. आयुर्वेदिक दृष्टि से कचनार के प्रयोग से चर्म रोग, कृमि, रक्त संबंधी विकार, रक्तस्त्राव तथा खांसी जैसी समस्याओं से भी निजात मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google कचनार की जड़ को पानी में घिसकर लेप बनाकर और इसे गर्म करके लेप को सूजन पर लगाने से आराम मिलता है. मुंह में छाले होने पर कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर उसमें थोड़ा-सा कत्था मिलाकर लगाने से आराम मिलता है. कचनार की एक चम्मच छाल को एक कप मट्ठा (छाछ) के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से बवासीर में खून गिरना बंद हो जाता है. कचनार की कलियों के पाउडर को मक्खन और शक्कर मिलाकर 11 दिन तक खाने ये बीमारी ठीक हो सकती है. कचनार की फूल की कलियां घी में भूनकर सुबह-शाम खाने से भूख बढ़ती है. गैस होने पर कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर, इसके 20 मिलीलीटर काढ़ा में आधा चम्मच पिसी हुई अजवायन मिलाकर प्रयोग करने से लाभ मिलता है. सुबह-शाम भोजन करने बाद इसका सेवन करने से अफरा (पेट फूलना) और गैस की तकलीफ दूर होती है. दांतों के दर्द से राहत के लिए भी कचनार का उपयोग किया जाता है. इसके पेड़ की छाल को आग में जलाकर उसकी राख को बारीक पीसकर मंजन बना लें. इस मंजन को सुबह और रात में करने से दांतों का दर्द और मसूड़ों से खून निकलना बंद हो जाता है. First Published : April 22, 2026, 18:14 IST
रतलाम में चलती कार में लगी आग, VIDEO:इंदौर से आ रहा था, आलोट-जावरा मार्ग पर हादसा; आगे का हिस्सा जलकर राख

रतलाम के आलोट में एक चलती कार में बुधवार दोपहर 4 बजे अचानक आग लग गई। ड्रायवर ने कार की बोनट से आग की लपटे देख तुरंत कार को रोड की साईड में लेकर खड़ा करते हुए बाहर निकल आया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग के कारण कार का आधा हिस्सा जलकर राख हो गया। कार में आग लगने की घटना आलोट-जावरा सड़क मार्ग पर हुई। कार क्रमांक एमपी 13 सीई 2359 इंदौर की तरफ से आ रही थी। कार में केवल ड्रायवर ही सवार था। अचानक आग देख कार को साइड में कर रोक दिया। दोनों तरफ वाहनों को रोका इसके बाद आग की तेज लपटे शुरू हो गई। आग के कारण सड़क मार्ग से गुजर रहे वाहनों को दोनों तरफ रोकना पड़ा। आग की सूचना पर स्थानीय पुलिस व फायर लॉरी पहुंची। आग पर करीब आधे घंटे में काबू पाया। पुलिस आग के लगने का कारण तलाश रही है।
बंगाल झालमुड़ी स्नैक रेसिपी: घर पर मिनटों में पीएम मोदी वाली बंगाल की झालमुरी, बच्चों से लेकर बड़े तक हो जाएं आपके फैन

झालमुरी पश्चिम बंगाल का एक बहुत ही लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है। इसे मुरमुरे और चिप्स के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसमें कच्चे तेल के मसाले और मसालों का स्वाद बहुत काम आता है। छवि: एआई आवश्यक सामग्री: 2 कप मुरमुरे, 1 प्याज, 1 लाल आलू, 1 टमाटर, 2-3 हरी मिर्च, ½ कप भूरी मूंगफली, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च पाउडर, ½ काली मिर्च का मसाला, ½ काली मिर्च का मसाला, 1 काली मिर्च का तेल, धनिया, 1 मसाले का रस छवि: सोशल मीडिया सबसे पहले एक बड़ा बाउल लेन और इसमें मुरमुरे शामिल थे। अब इसमें टमाटर, टमाटर, आलू और हरी मिर्च डालें। इसके बाद मॉयुअल नोबेल से वॉल्व। छवि: सोशल मीडिया अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और काला नमक डालें। ऊपर से हल्दी का तेल और नींबू का रस डालें। सभी बेकार को अच्छी तरह से करें। फाइनल में हरा धनिया मॉड्यूल तुरंत सर्व करें। छवि: एआई मुरमुरे के बाद तुरंत सर्व करें, अन्यथा ये प्राकृतिक हो जायेंगे। सरसों का तेल जरूर डालें, इससे असली बैलर का स्वाद आता है। आप यात्रा कर सकते हैं तो इसमें सेव या स्टेटस भी मिला सकते हैं। छवि: सोशल मीडिया झालमुरी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि रसायन भी है। इसमें ज्यादा तेल नहीं होता और यह असरदार होता है, जिसे आप भी कभी खा सकते हैं। शाम की चाय के साथ या बच्चों के टिफ़िन में। छवि: सोशल मीडिया अगर आप घर पर कुछ अलग और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो बंगाल की झालमुरी जरूर ट्राई कर सकते हैं। इसे बनाना बहुत ही आसान है, इसका स्वाद ही लाजवाब है। एक बार देखें, हर कोई आपका सितारा है। छवि: सोशल मीडिया छवि: सोशल मीडिया (टैग्सटूट्रांसलेट)बंगाली झालमुरी रेसिपी(टी)पीएम मोदी(टी)झालमुरी रेसिपी(टी)शाम के नाश्ते की रेसिपी(टी)मसालेदार स्नैक(टी)इंस्टेंट स्नैक रेसिपी(टी)हेल्दी स्नैक(टी)बच्चों के लिए झालमुड़ी रेसिपी(टी)बंगाली स्टाइल झालमुरी रेसिपी(टी)झालमुरी नमकीन
खरगोन में 40 पार तापमान, दोपहर में लू जैसे हालात:10 दिन से 40-41 डिग्री पारा, 70 लाख मिर्च पौधों को बचाने कर रहे स्प्रे

खरगोन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे दोपहर 1 बजे के बाद लू जैसे हालात बन रहे हैं। भीषण गर्मी का असर जनजीवन के साथ खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गर्मी से बचाव के लिए किसान खेतों में मिर्च के पौधों पर पानी का स्प्रे कर रहे हैं और स्लाइडिंग नेट का उपयोग कर रहे हैं, ताकि तापमान को नियंत्रित रखा जा सके। बामखल के उन्नत किसान विजय यादव ने बताया कि वे पानी का छिड़काव कर करीब 70 लाख मिर्च के पौधों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। नेट हाउस में सुबह-शाम स्प्रे किया जा रहा है। मिर्च की फसल के लिए 20 से 27 डिग्री तापमान उपयुक्त होता है, जबकि वर्तमान में तापमान इससे कहीं अधिक है। स्लाइडिंग नेट करीब 50% तक गर्मी को रोकने में मदद कर रहे हैं। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मिर्च की रोपाई होती है। यहां की मिर्च निमाड़-मालवा के साथ महाराष्ट्र के कई शहरों में भी भेजी जाती है। इसके लिए पहले से ऑर्डर बुक किए जाते हैं। पिछले 10 दिनों से 40-41 डिग्री तापमान पिछले 10 दिनों से जिले में तापमान 40 से 41 डिग्री के बीच बना हुआ है। पिछले दो दिनों से बादल छाने के कारण रात में भी उमस बढ़ गई है और न्यूनतम तापमान 22-23 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा और गर्मी और बढ़ सकती है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे दोपहर में बिना टोपी या गमछे के धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

सागर जिले की गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने दिल्ली पासिंग कार से अवैध शराब बरामद की है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके तीन साथी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर दिल्ली पासिंग कार (DL 12 CN 6325) क्षतिग्रस्त हालत में सड़क किनारे पड़ी है और उसमें चालक फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब पूछताछ में चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कार और शराब जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। आबकारी एक्ट में मामला दर्ज गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। देखें दो तस्वीरें
बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया:युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया

कर्नाटक के बेंगलुरु में पुलिस ने एक युवती को बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, युवती ने सरप्राइज देने का झांसा देकर युवक की आंखों पर पट्टी बांधी। फिर कुर्सी पर बैठाकर रस्सी से हाथ-पैर बांधकर जिंदा जला दिया। युवती ने बॉयफ्रेंड की मौत का वीडियो भी बनाया। आरोपी प्रेमा और मृतक किरण, दोनों 27 साल के थे। दोनों शहर के राजाजीनगर में एक टेलीकॉम कंपनी में साथ काम करते थे और करीब दो साल से रिलेशनशिप में थे। घटना शहर के ब्यादरहल्ली इलाके में प्रेमा के घर पर दोपहर करीब 2 बजे हुई। प्रेमा के परिवार के लोग घर पर नहीं थे। इसी का फायदा उठाकर उसने किरण को अपने घर बुलाया था। किरण तुमकुरु जिले के चिक्कनायकनहल्ली का रहने वाला था। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस बुलाई नॉर्थ-वेस्ट के डीसीपी नागेश डीएल के अनुसार, प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आरोपी युवती ने रोमांटिक मीटिंग के बहाने युवक को बांधा। कुछ ही मिनट बाद उसपर केरोसिन या पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को छुड़ा न पाने के कारण किरण की मौके पर ही मौत हो गई। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या मान लिया था, लेकिन जांच में कई गड़बड़ियां सामने आने पर मामला हत्या का निकला। प्रेमा ने कहा था- किरण ने खुद ही आग लगाई थी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेमा ने अपने शुरुआती बयान में दावा किया था कि किरण ने खुद को आग लगा ली थी। प्रेमा ने कहा कि घटना के समय वह बाथरूम में थी। चीखें सुनकर बाहर आई तो किरण को आग में जला हुआ पाया। हालांकि जांच के दौरान पता चला कि किरण अपने साथ कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं लाया था। पुलिस के अनुसार, ज्वलनशील पदार्थ पहले से खरीदा गया था, जिससे हत्या की प्री-प्लानिंग का शक मजबूत हुआ है। शादी करने से इनकार करने पर नाराज थी प्रेमा पूछताछ के दौरान प्रेमा बार-बार बयान बदल रही थी लेकिन बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा था। इसके कारण हाल के दिनों में दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। प्रेमा इस बात से भी नाराज थी कि किरण ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने प्रेमा का मोबाइल जब्त किया है, जिसमें घटना का वीडियो मौजूद है। फिलहाल पुलिस पीड़ित के परिवार की औपचारिक शिकायत का इंतजार कर रही है।
जबलपुर की मदन महल स्टेशन पर पेयजल संकट:आधे नल बंद, चालू नलों से भी आ रहा गर्म पानी; यात्री परेशान

जबलपुर की मदन महल रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी के बीच पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में यात्रियों को ठंडे पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2, 3 और 4 पर लगे करीब 12 नलों में से आधे से अधिक बंद पड़े हैं। जो नल चालू स्थिति में हैं, उनसे भी ठंडे पानी के बजाय गर्म पानी निकल रहा है, जिससे यात्रियों को कोई राहत नहीं मिल पा रही है। इसके अतिरिक्त, स्टेशन पर वाटर कूलर भी केवल एक ही तरफ स्थापित हैं, जो अधिकांश यात्रियों की पहुंच से बाहर हैं। कई प्लेटफॉर्म पर वाटर वेंडर भी बंद पाए गए हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। गर्म पानी से चलाना पड़ रहा काम यात्रियों ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में ठंडे पानी की व्यवस्था न होना रेलवे प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। उन्हें लंबे इंतजार के बाद भी गर्म पानी से ही काम चलाना पड़ रहा है। निर्माण कार्य के कारण समस्या हो रही इस संबंध में स्टेशन मैनेजर डॉली सक्सेना ने जानकारी दी कि स्टेशन पर पाइपलाइन और अन्य निर्माण कार्य जारी है, जिसके कारण कुछ नल बंद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण कार्य के चलते धूल की समस्या हो रही है, हालांकि दिन में तीन बार सफाई सुनिश्चित की जाती है।
रसगुल्ला खाते-खाते 35 साल के शख्स को मार दिया लकवा, पर ऐसा हुआ क्यों? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का खौफनाक सच

Last Updated:April 22, 2026, 15:34 IST Paralysed After Eating Rasgullas : हैदराबाद में 35 साल के एक शख्स को रसगुल्ला खाते समय अचानक लकवा मार दिया. उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया लेकिन लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर रसगुल्ला खाने से किसी को लकवा कैसे मार सकता है. यही सवाल हमने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है और इसके कारण होते हैं लेकिन यह सबको नहीं होता. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं. डॉ. प्रवीण गुप्ता बता रहे हैं रसगुल्ला और लकवे का कनेक्शन. क्या कोई कल्पना कर सकता है कि रसगुल्ला खाते-खाते किसी को लकवा मार दे. शायद ही कोई इस पर यकीन करे लेकिन एक डॉक्टर ने इंस्टाग्राम पर सच में ऐसे वाकये के बारे में बताया है. उन्होंने बताया है कि 35 साल का एक शख्स पहले की तरह रसगुल्ला खा रहा था. जैसे ही उसने 5-6 रसगुल्ले खाएए उसके बाद अचानक उनके हाथ-पैरों से ताकत गायब होने लगी. पहले तो उसे कुछ समझ में नहीं आया लेकिन कुछ ही समय बाद उसे हाथ और पैरों में पूरी तरह से ताकत लगनी बंद हो गई. इसके बाद अस्पताल जाना पड़ा. डॉक्टर ने लिखा है कि मरीज को कोई फूड प्वाइजनिंग नहीं हुआ क्योंकि रसगुल्ले एकदम ताजे थे. फिर ऐसा क्या हुआ कि उसे लकवा मार दिया. क्यों होता है ऐसा जब यही सवाल मैंने एशिया मारेंगो अस्पताल गुरुग्राम के चेयरमैन और प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल संभव है. लेकिन ऐसा नहीं है कि रसगुल्ला खाने से किसी को भी यह बीमारी हो सकती है. यह एक स्थिति है जो कुछ लोगों में हो सकती है. इस बीमारी को मेडिकल भाषा में हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस कहा जाता है. यह एक रेयर जेनेटिक कंडीशन है जो बचपन से लेकर जवानी तक किसी भी उम्र में शुरू हो सकती है. डॉ. प्रवीण गु्प्ता ने बताया कि हाइपोकैलमिया का मतलब है कि खून में पौटाशियम का लेवल बहुत कम हो जाना. वास्तव में जब कोई ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाता है तो उसमें इस कार्बोहाइड्रैट को एनर्जी में बदलने के लिए इंसुलिन हार्मोन तेजी से निकलता है. पर जिस व्यक्ति में हाइपोकैलमिया की स्थिति होती है उसमें इंसुलिन ज्यादा बनने पर पोटैशियम को खून से निकाल देता है और कोशिकाओं के अंदर भर देता है. पोटैशियम हमारी जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है. पोटैशियम हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का काम करता है. यानी यह दिमाग से शरीर में इलेक्ट्रिक सिग्नल भेजने में मदद करता है. जब पोटैशियम की कमी हो जाती है तो नर्व से मसल्स तक सिग्नल ट्रांसफर नहीं हो पाता है. इससे मसल्स काम करना बंद कर देता है और हाथ-पैर हिलते-डुलते नहीं है. जिस व्यक्ति में यह बीमारी होती है, उसे यह बार बार यह होता है. पोटैशियम की कमी होने पर हार्ट रेट पर कम हो सकता है. इस कारण हार्ट स्लो हो जाता है. अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो इससे कार्डिएक अरेस्ट का भी खतरा बढ़ सकता है. इस बीमारी की पहचान कैसे करें डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि आमतौर पर इस बीमारी में हाथ-पैर बहुत कमजोर होकर काम करना बंद कर देते हैं. यह अचानक भी हो सकता है और धीरे-धीरे भी हो सकता है. कभी-कभार लक्षण बहुत कम होते हैं तो लोग ध्यान नहीं देते लेकिन यह बार-बार होता है इसलिए बाद में मरीज को पता चल ही जाता है. इस बीमारी में जब अटैक आता है तो उससे पहले मूड चेंज होने लगता है. हाथ-पैर में ऐसा लगता है कि सूई चुभ रही है. इसके साथ ही थकान होने लगती है. किस स्थिति में अटैक का खतरा जिस व्यक्ति को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस की बीमारी है उनमें कभी-कभी बहुत हार्ड एक्सरसाइज करने के बाद भी अटैक हो सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को हार्ड एक्सरसाइज से बचना चाहिए. इसके अलावा बहुत ज्यादा ओवरइटिंग, ज्यादा कार्बोहाइड्रैट वाली चीजें खाने, ज्यादा नमक खाने, शराब पीने आदि से भी अटैक आ सकता है. वहीं ज्यादा सर्दी लग जाए तो भी इस बीमारी का अटैक हो सकता है. जिन लोगों को किडनी की बीमारी रीनल ट्यूबलर एडिसोसिस होती है, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा ज्यादा रहता है. इस बीमारी का इलाज क्या है डॉ. प्रवीण गुप्ता कहते हैं कि पैरालाइसिस अटैक के बाद मरीज को तुरंत अस्पताल में लाना चाहिए. न्यूरोलॉजिस्ट कुछ टेस्ट लिखते हैं. इसके बाद अगर यह साबित हो जाता है कि मरीज को हाइपोकैलमिक पीरियोडिक पैरालाइसिस है तो उसे पोटैशियम बढ़ाने वाली दवाई दी जाती है. इससे धीरे-धीरे पैरालाइसिस ठीक हो जाती है. ऐसे मरीजों को हाई पोटैशियम डाइट लेने की सलाह दी जाती है. मसूर की दाल, एवोकाडो, आलू, केला, दूध, पालक, चिकन ब्रेस्ट, मछली, फूलगोभी आदि में पोटैशियम की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए इन चीजों को मरीज को सेवन करना चाहिए. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 15:34 IST
मामी सुनीता को देखते ही पैरों पर गिरे कृष्णा अभिषेक:देखकर रो पड़ीं पत्नी कश्मीरा शाह, गोविंदा पर दिए बयान से सालों बात बंद रही थी

कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह ने मामा-मामी सुनीता-गोविंदा से सालों पुराना झगड़ा सुलझा लिया है। अब परिवार ने नेशनल टेलीविजन पर मनमुटाव दूर कर एक-दूसरे को गले लगाया है। हाल ही में सुनीता आहूजा ने सेलिब्रिटि कुकिंग शो लाफ्टर शेफ में सरप्राइज एंट्री ली। कृष्णा अभिषेक इससे अंजान थे। जैसे ही सुनीता ने उनका नाम पुकारा वो शॉक हो गए। सुनीता के आते ही कृष्णा उनके पैरों पर गिर गए और आशीर्वाद लिया। ये देखते ही पास खड़ीं कृष्णा की पत्नी कश्मीर शाह बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखें नम हो गईं। लाफ्टर शेफ के सेट में हुई अनबन खत्म 15 अप्रैल को सुनीता आहूजा टीवी शो लाफ्टर शेफ के सेट पर पहुंची थीं। सेट पर उन्होंने पैपराजी के सामने कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं और दोनों को गले लगाया। भांजी की शादी में नहीं पहुंची थीं सुनीता आहूजा बता दें कि सुनीता और कृष्णा अभिषेक में बीते 7 सालों से अनबन चल रही थी। यही वजह रही कि सुनीता 2024 में हुई कृष्णा की बहन आरती की शादी में नहीं पहुंची थीं। अब जब दोनों की सुलह हो गई तो आरती का बयान भी सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि अगर ये विवाद पहले खत्म हो जाता तो सुनीता उनकी शादी में आतीं। क्यों हुआ था विवाद? ये विवाद 2018 में शुरू हुआ था, जब कश्मीरा शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा था कि कुछ एक्टर्स चंद रुपयों के लिए शादियों में नाचते हैं। ये बयान तब सामने आया, जब गोविंदा का एक शादी में डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद सुनीता ने भी कश्मीरा पर पलटवार करते हुए कई बातें कही थीं। उस समय कृष्णा अभिषेक कपिल शर्मा शो का हिस्सा थे, लेकिन जब एक सेगमेंट में गोविंदा-सुनीता को बुलाया गया, तो कृष्णा उस एपिसोड में नहीं आए। हालांकि कृष्णा अभिषेक कई मौकों पर झगड़ा खत्म करने पर बात करते दिखे।
अंडा ताजगी परीक्षण: अंडा ताज़ा है या नहीं? बाकिना तोड़े 1 मिनट की इस आसान ट्रिक से टेस्ट, बाकी पैर हो सकते हैं बीमार

22 अप्रैल 2026 को 14:54 IST पर अपडेट किया गया अंडे की ताज़गी का परीक्षण: समरलैण्ड में फिटनेस और वस्तु को लेकर लोग सावचेतीपूर्ण हो गए हैं। प्रोटीन के लिए अंडे का सेवन बढ़ गया है, लेकिन स्टोर किये हुए अंडे की ताजगी को पहचानना जरूरी है। एक छोटा सा टेस्ट आपको बड़ी परेशानी से बचा सकता है। घर के रेफ़्रिजरेटर में पके हुए अंडे के अवशेष हैं या फिर बासी हैं, कैसे जांचें। आइए जानते हैं कुछ टिप्स… अनुसरण करना : लोग अक्सर एक साथ अंडों की ट्रे खरीदकर रख लेते हैं। ऐसे में यह पता चला है कि अंडा समुद्री डाकू या खराब हो गया है। ख़राब अंडा खाने से पेट से जुड़ी बड़ी ख़राबी हो सकती है। छवि: फ्रीपिक अंडे की ताजगी जांचने का सबसे आसान तरीका फ्लोट टेस्ट है। इसके लिए आपको सिर्फ एक बाउल पानी की जरूरत है। बाउल में पानी भरना, अण्डा सम्मिलित करना। अब अंडे की स्थिति पर ध्यान दें देखें। छवि: फ्रीपिक अगर अंडा सीधे नीचे की ओर जाता है, तो समझ लें कि वह बिल्कुल ताजा है और खाने के लिए सुरक्षित है। छवि: फ्रीपिक अगर बीच में अंडा थोड़ा तिरछा रुक जाए, तो वह कुछ हफ्ते पुराना है लेकिन अभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक अगर आंदा पानी की सतह पर तैरने लगे, तो उसे बुरा चुकाना पड़ेगा। ऐसे अंडे का किसी भी प्रकार से प्रयोग नहीं करना चाहिए। छवि: फ्रीपिक अंडे को सही तरीके से स्टोर करके 3 से 5 तक इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन गर्मियों में इस्तेमाल से पहले जांच जरूर कर लें। छवि: फ्रीपिक आंडा का उपयोग करने से पहले अंडे का गंध, जर्दी का रंग और शैल की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 22 अप्रैल 2026 14:53 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)अंडे की ताजगी का परीक्षण(टी)फ्लोट टेस्ट अंडा(टी)अंडे की ताजगी या खराब की जांच कैसे करें(टी)अंडा भंडारण युक्तियाँ फ्रिज(टी)प्रोटीन आहार अंडे(टी)रसोई युक्तियाँ अंडे(टी)खाद्य सुरक्षा अंडे की जांच(टी)ग्रीष्मकालीन खाद्य सुरक्षा








