सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई दिनदहाड़े डकैती के बाद अब पूरे प्रदेश में बैंकों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बरती जा रही है। बुधवार को बालाघाट पुलिस के अधिकारियों ने बैंक प्रबंधकों और प्रतिनिधियों के साथ एक बड़ी बैठक की, ताकि सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता किया जा सके। एडीएसपी निहित उपाध्याय और सीएसपी मयंक तिवारी ने बैठक में साफ कहा कि अब बैंकों और पुलिस के बीच तालमेल पहले से बेहतर होना चाहिए। हर बैंक शाखा को अपने इलाके के थाने और बीट ऑफिसर के संपर्क में रहना होगा। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। इसके लिए हर बैंक के लिए एक पुलिस नोडल अधिकारी भी तय किया जाएगा। सीसीटीवी और लाइट पर खास जोर अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बैंक के अंदर और बाहर एक भी कोना ऐसा नहीं होना चाहिए जो सीसीटीवी की नजर से बचा हो। साथ ही, रात के समय बैंक के आसपास पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) रखने को कहा गया है ताकि कैमरों में सब कुछ साफ नजर आए। तैनात होंगे हथियारबंद गार्ड सुरक्षा को और कड़ा करने के लिए बैंकों को कुछ जरूरी निर्देश दिए गए हैं। बैंक में ट्रेंड और हथियारबंद गार्डों की तैनाती करनी होगी। पैनिक बटन और अलार्म हमेशा चालू रहने चाहिए। नकदी ले जाते समय पुलिस को जानकारी देना और तालमेल बनाना जरूरी होगा। समय-समय पर होगी मॉक ड्रिल सिर्फ आदेश ही नहीं, बल्कि जमीन पर तैयारी कैसी है, इसे परखने के लिए पुलिस और बैंक कर्मचारी मिलकर ‘मॉक ड्रिल’ (अभ्यास) भी करेंगे। साथ ही बैंक कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड और सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। एडीएसपी ने भरोसा दिलाया कि इन कदमों से जिले के बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत हो जाएगी कि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।














































