Friday, 02 Oct 2026 | 07:57 AM

Trending :

Ayushmann Khurrana Success Story; RJ MTV VJ Indian Idol Rejection 'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग 'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग 'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग NCERT Class 9 History Syllabus Update जयपुर एयरपोर्ट पर साथ दिखे एक्ट्रेस पलक तिवारी-एक्टर इब्राहिम:एक गाड़ी में रणथंभौर के लिए हुए रवाना; फैन से मिलिंद सोमन बोले- 20 पुशअप करो
EXCLUSIVE

डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है शराब? डॉक्टर ने बताया शुगर लेवल पर कैसे होता है असर

authorimg

Last Updated:April 21, 2026, 11:26 IST Should Diabetics Drink Alcohol: डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को कभी बहुत कम तो कभी बहुत ज्यादा कर सकती है. इससे हाइपोग्लाइसीमिया और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए इसका सेवन सीमित या पूरी तरह से टालना बेहतर होता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब खतरनाक हो सकती है. How Alcohol Impacts Blood Sugar: डायबिटीज की बीमारी महामारी की तरह फैल चुकी है. भारत में डायबिटीज के 10 करोड़ से ज्यादा मरीज हैं. आने वाले कुछ साल में इनकी संख्या 15 करोड़ तक पहुंच सकती है. डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए दवा और इंसुलिन का सहारा लेना पड़ता है. इसके अलावा खानपान और लाइफस्टाइल का सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ता है. डॉक्टर्स की मानें तो डायबिटीज के मरीजों के लिए शराब बेहद खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह शुगर लेवल गड़बड़ा देती है. शुगर के मरीजों को शराब बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए. ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के फिजीशियन डॉ. दिनेश कुमार त्यागी ने News18 को बताया शराब का सबसे बड़ा असर लिवर पर पड़ता है, जो शरीर में ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है. जब कोई व्यक्ति शराब पीता है, तो लिवर का ध्यान शुगर कंट्रोल करने के बजाय शराब को मेटाबोलाइज करने में लग जाता है. इससे ब्लड में ग्लूकोज का स्तर अचानक गिर सकता है, जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है. यह स्थिति डायबिटीज के मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है. खासतौर से जिनका शुगर लेवल फ्लक्चुएट होता है, उनके लिए शराब का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि कुछ अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे बीयर, कॉकटेल या शराब में शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. शराब कभी शुगर को बहुत कम कर सकती है और कभी बहुत ज्यादा बढ़ा सकती है. यह फ्लक्चुएशन ही इसे डायबिटीज मरीजों के लिए खतरनाक बनाता है. कई बार लोग शराब के साथ अनहेल्दी स्नैक्स खाते हैं, जिससे कैलोरी और शुगर का सेवन बढ़ जाता है. इससे शुगर लेवल और ज्यादा गड़बड़ा सकता है. साथ ही शराब दवाइयों के असर को भी कम या ज्यादा कर सकती है, जिससे ट्रीटमेंट बुरी तरह प्रभावित होता है. एक्सपर्ट के मुताबिक लंबे समय तक शराब का सेवन करने से नसों, आंखों और किडनी पर भी बुरा असर पड़ सकता है. शुगर के मरीजों में पहले से ही इन ऑर्गन्स के प्रभावित होने का खतरा रहता है, ऐसे में शराब इस जोखिम को और बढ़ा देती है. इसके अलावा शराब से डिहाइड्रेशन भी होता है, जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है. अगर डायबिटीज के मरीज शराब पिएं, तो बेहद कम मात्रा में लें. खाली पेट शराब भूलकर भी न पिएं और किसी भी असामान्य लक्षण जैसे चक्कर, कमजोरी या पसीना आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. अगर शुगर लेवल बहुत ज्यादा रहता है, तब शराब पीने का रिस्क बिल्कुल न लें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 21, 2026, 11:26 IST

डिंडौरी वार्ड-1 निवासियों ने मुख्य मार्ग किया जाम:स्थानीय समस्याओं पर कलेक्टर को बुलाने की मांग; पुलिस-प्रशासन मौके पर तैनात

डिंडौरी वार्ड-1 निवासियों ने मुख्य मार्ग किया जाम:स्थानीय समस्याओं पर कलेक्टर को बुलाने की मांग; पुलिस-प्रशासन मौके पर तैनात

डिंडोरी में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे वार्ड क्रमांक एक सुबखार के निवासियों ने जबलपुर-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। वे स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। यातायात निरीक्षक सुभाष उईके और नायब तहसीलदार शैलेश गौर सहित पुलिस बल मौके पर तैनात है। पूर्व भाजपा विधायक दुलीचंद उरैती भी प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वार्ड की मुख्य सड़क (इमली कुटी से जबलपुर मार्ग तक), मुक्तिधाम रोड, घाट, पहुंच मार्ग, डैम घाट के पास स्नान घाट का निर्माण और सीवरेज लाइन के उचित निर्माण जैसी समस्याओं से निवासी पिछले दस साल से परेशान हैं। उरैती ने आगे कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए पिछले दो साल से नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ को लगातार आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पहले भी धरना प्रदर्शन किए जा चुके हैं, पर स्थिति जस की तस है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक कलेक्टर स्वयं आकर समस्याओं का जायजा नहीं लेतीं और लिखित आश्वासन नहीं देतीं, तब तक सड़क जाम नहीं खोला जाएगा। नायब तहसीलदार और नगर पालिका के अमले ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। वहीं, भाजपा पार्षद भागीरथ उरैती ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर आ रहे हैं।

आज IPL में DC-SRH का मुकाबला:पिछले मैच में ईशान पहली गेंद पर हुए थे आउट, आज बड़ी पारी की उम्मीद

आज IPL में DC-SRH का मुकाबला:पिछले मैच में ईशान पहली गेंद पर हुए थे आउट, आज बड़ी पारी की उम्मीद

आज IPL में पहला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। SRH की कप्तानी बिहार के ईशान किशन कर रहे हैं। इस मैच में ईशान से बड़ी पारी की उम्मीद है, क्योंकि CSK के खिलाफ पिछले मैच में वो अपना खाता भी नहीं खोल सके थे और 0 पर आउट हो गए थे। हालांकि, उनकी टीम ने ये मैच जरूर जीत लिया था, मगर ईशान खुद इस जीत से संतुष्ट नहीं दिखे थे। उनका मानना था कि टीम के बल्लेबाज बेहतर प्रदर्शन करके और ज्यादा स्कोर बना सकते थे। ईशान ने RR के खिलाफ 30 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था उनकी टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है, जिसमें 6 में से 3 मैच जीते हैं। RR के खिलाफ मैच में ईशान ने शानदार प्रदर्शन किया था और 30 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था। दूसरी ओर बिहार के साकिब हुसैन ने भी अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। साकिब ने IPL के अपने डेब्यू मैच में 4 विकेट लिए थे। वहीं, CSK के खिलाफ मैच में उन्होंने 1 विकेट लिए थे। उन्होंने शिवम दुबे को आउट किया था। ईशान ने तारीफ करते हुए कहा था कि जब लक्ष्य उम्मीद से कम हो, तब गेंदबाजों पर दबाव बढ़ जाता है, लेकिन युवा गेंदबाजों ने अपनी नई योजनाओं और सटीक लाइन-लेंथ से मैच को चेन्नई की मुट्ठी से निकाल लिया। ईशान ने छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया था ईशान किशन ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 44 बॉल पर 91 रन बनाए थे, जिसमें 6 छक्के, 8 चौके शामिल थे। 10वें ओवर में रवि बिश्नोई की चौथी गेंद पर डीप मिडविकेट पर छक्का लगाकर उन्होंने अर्धशतक पूरा किया था। इससे पहले पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ मैच में ईशान 14वें ओवर की आखिरी बॉल पर 27 रन बनाकर आउट हुए थे। मार्को यानसन ने डीप मिडविकेट पर एक हाथ से ईशान का कैच पकड़ा था। अर्शदीप की बॉल पर वह आउट होकर वापस पवेलियन गए। इस दौरान उन्होंने 3 चौका और 1 छक्का मारा था। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन फिलहाल पैट कमिंस की जगह सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी कर रहे हैं। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं। साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में लिए 4 विकेट साकिब हुसैन ने डेब्यू मैच में अपने 4 ओवर में 24 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए। इसमें यशस्वी जायसवाल, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई का विकेट शामिल है। उन्होंने पहला विकेट यशस्वी जयसवाल का लिया था। 15वें ओवर की आखिरी बॉल पर उन्होंने दूसरा विकेट लिया था। साकिब ने डोनोवन फरेरा को क्लीन बोल्ड किया था और जडेजा-फरेरा की शतकीय साझेदारी तोड़ी थी। इसी के साथ उन्होंने 17वें ओवर में बैक टू बैक 2 विकेट लिए थे। उन्होंने 8वां विकेट जोफ्रा आर्चर और 9वा विकेट रवि बिश्नोई का लिया था। साकिब का IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग फिगर हुसैन ने अपनी तेज गति के साथ-साथ स्लोवर वन से प्रभावित किया था। उन्होंने डेथ ओवर्स में भी किफायती गेंदबाजी की थी। साकिब हुसैन IPL डेब्यू में बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस वाले प्लेयर बने। उन्होंने 24 रन देकर 4 विकेट लिए। साकिब ने MI के अश्विनी कुमार का रिकॉर्ड तोड़ा। अश्विनी ने 2025 में KKR के खिलाफ डेब्यू करते हुए 26 रन देकर 4 विकेट लिए थे।

सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई:चार मकान तोड़े, तीन को खाली करने के लिए दो दिन का समय

सिंहस्थ क्षेत्र में अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई:चार मकान तोड़े, तीन को खाली करने के लिए दो दिन का समय

उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए नगर निगम ने प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई की। मंगलवार को निगम ने चार निर्माणाधीन मकानों को तोड़ दिया, जबकि तीन मकान मालिकों को दो दिन में निर्माण हटाने का समय दिया गया है। नगर निगम के जोन क्रमांक-1 के सिंहस्थ क्षेत्र में उन्हेल नाके के पास कई लोगों ने बिना अनुमति निर्माण कर लिया था। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य जारी भी था, जिस पर निगम ने कार्रवाई की। जेसीबी से तोड़े गए निर्माण नगर निगम की रिमूवल गैंग ने पुलिस प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त किए। जिन मकानों में अभी छत नहीं डली थी, ऐसे चार निर्माण गिराए गए। 20 अवैध निर्माण किए गए चिन्हित नगर निगम उपायुक्त संतोष टैगोर के अनुसार सिंहस्थ क्षेत्र में कुल 20 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। तीन मकान मालिकों को मिला समय तीन मकानों में रहने वाले लोगों ने घर खाली करने के लिए समय मांगा। इस पर निगम ने उन्हें दो दिन का समय दिया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि सिंहस्थ मेले के लिए क्षेत्र खाली रखना जरूरी है। सभी लोगों से अपील की गई है कि कोई भी अवैध निर्माण न करें।

‘उन्होंने एक कलाबाज़ी की’: रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस, एसपी पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

CBSE 12th Result 2026 soon at cbseresults.nic.in and cbse.gov.in. (File/Representative Image)

आखरी अपडेट:21 अप्रैल, 2026, 10:27 IST यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के विपक्ष के सुझाव पर विचार करने को तैयार है, रिजिजू ने इसे एक राजनीतिक स्टंट बताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लोकसभा में बोलते हैं (छवि: संसद टीवी/पीटीआई) संवैधानिक संशोधन विधेयक की हार के साथ बजट सत्र की विशेष बैठक समाप्त होने के दो दिन बाद, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने शुरू में सरकार को समर्थन का आश्वासन देने के बाद “कलाबाज़ी” की थी। से विशेष रूप से बात कर रहा हूँ सीएनएन-न्यूज18रिजिजू ने कहा, “किसी ने (सरकार में) सपने में भी नहीं सोचा था कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक को हरा देगा। उन सभी ने 2023 में विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने 2026 में कलाबाज़ी की। विपक्ष के साथ हमारे परामर्श के दौरान (विशेष बैठक से पहले), किसी भी पार्टी ने (बिलों का) विरोध नहीं किया।” यह पूछे जाने पर कि क्या समाजवादी पार्टी (एसपी) जैसे दलों ने परामर्श के दौरान समर्थन का आश्वासन दिया था, रिजिजू ने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रयास किया। सभी से बात की। अचानक एसपी मुस्लिम महिलाओं के लिए कोटा के इस विचार के साथ आई। यह भारतीय संविधान के तहत संभव नहीं है। वे सिर्फ बहाने ढूंढ रहे थे,” उन्होंने कहा। मंत्री ने कहा कि जाति जनगणना के कारण विधेयक लाना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि 2023 विधेयक आरक्षण के कार्यान्वयन के लिए जनगणना और परिसीमन को अनिवार्य बनाता है। उन्होंने कहा, “लेकिन जाति जनगणना में समय लग रहा है, इसलिए, हम यह सुनिश्चित करने के लिए विधेयक लाए हैं कि महिलाओं को 2029 तक आरक्षण मिले।” मंत्री ने विपक्ष की इस कहानी को भी चुनौती दी कि जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के बीच विशेष सत्र बुलाया गया तो सरकार के दिमाग में चुनावी लाभ था। उन्होंने कहा, “चुनाव एक सतत प्रक्रिया है। अक्टूबर में मतदान का एक और दौर शुरू होगा, फिर मार्च में। तो क्या हमें चुनाव के कारण राष्ट्र निर्माण से संबंधित सभी काम रोक देना चाहिए? नरेंद्र मोदी सरकार जल्दबाजी में है। इस देश की महिलाओं ने आरक्षण के लिए 40 साल तक इंतजार किया है। हम इसे पहले अवसर पर लागू करना चाहते थे।” मंत्री ने महिला आरक्षण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन यह पूछे जाने पर कि क्या संवैधानिक संशोधन विधेयक अगले सत्र में वापस लाया जाएगा, उन्होंने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आरक्षण लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस स्तर पर अगले कदम की बारीकियों का खुलासा नहीं किया जा सकता है। विपक्षी लोकसभा सांसदों ने सवाल किया था कि विधेयक में राज्यों में 50 प्रतिशत सीट वृद्धि के प्रस्ताव का उल्लेख क्यों नहीं किया गया। रिजिजू ने कहा, “अंतिम प्रस्ताव परिसीमन आयोग से आएगा। सरकार केवल एक विस्तृत रूपरेखा दे सकती है, जो हमने किया।” उन्होंने कहा, “लेकिन अगर विपक्ष सहमत था तो गृह मंत्री अमित शाह ने एक संशोधित विधेयक का प्रस्ताव भी रखा। हमने संशोधित विधेयक को वापस लाने के लिए सिर्फ एक घंटे का समय मांगा, लेकिन विपक्ष ने उसे भी खारिज कर दिया क्योंकि वे महिला आरक्षण को हराने के लिए कोई बहाना चाहते थे।” यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार 543 सांसदों वाली मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने के विपक्ष के सुझाव पर विचार करने को तैयार है, रिजिजू ने इसे एक राजनीतिक स्टंट बताया। मंत्री ने कहा, “प्रियंका गांधी वाड्रा को एक महिला होने के नाते अपने भाई के भ्रामक रुख के खिलाफ स्टैंड लेना चाहिए था। अब विकल्प सुझाने का क्या मतलब है? कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां जैसे टीएमसी, डीएमके, एसपी कभी भी महिला विरोधी होने का दाग नहीं धो पाएंगी। महिला मतदाता उन्हें बंगाल से शुरुआत करके सबक सिखाएंगी।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 21 अप्रैल, 2026, 10:27 IST समाचार राजनीति ‘उन्होंने कलाबाज़ी खेली’: रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस, एसपी पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)महिला आरक्षण बिल(टी)महिला आरक्षण(टी)संवैधानिक संशोधन बिल(टी)किरेन रिजिजू साक्षात्कार(टी)विपक्ष सोमरस(टी)जाति जनगणना भारत(टी)परिसीमन आयोग(टी)भारतीय संसद बहस

ABV-IIITM सहायक रजिस्ट्रार मामले में बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा- चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म, जॉब जॉइन के बाद जांच पर रोक

ABV-IIITM सहायक रजिस्ट्रार मामले में बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा- चयन प्रक्रिया पूरी तो विवाद खत्म, जॉब जॉइन के बाद जांच पर रोक

ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार की नियुक्ति विवाद पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति को बार-बार जांच के दायरे में लाना उचित नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह बार-बार जांच करना कर्मचारी के अधिकारों के साथ अन्याय होगा। अदालत ने यह भी माना कि एक बार वैधानिक प्रक्रिया पूरी हो जाए तो उसे अनावश्यक रूप से विवादित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी नहीं थी। लिखित परीक्षा केवल क्वालिफाइंग थी, जबकि अंतिम चयन इंटरव्यू के आधार पर किया गया, जो नियमों के अनुरूप था। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया को पहले ही बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से मंजूरी मिल चुकी थी, ऐसे में तकनीकी त्रुटियों के आधार पर इसे चुनौती देना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि न तो किसी असफल अभ्यर्थी ने चयन को चुनौती दी और न ही पक्षपात का कोई ठोस आरोप सामने आया। SBI छोड़कर जॉइन किया था पद मामला संदीप उपाध्याय की नियुक्ति से जुड़ा है, जिन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नौकरी छोड़कर साल 2019 में संस्थान में सहायक रजिस्ट्रार पद पर जॉइन किया था। नियुक्ति के बाद कुछ शिकायतों के आधार पर संस्थान ने कई जांच समितियां गठित कीं। इन समितियों ने चयन प्रक्रिया, पे प्रोटेक्शन और प्रोबेशन अवधि पर सवाल उठाए। यहां तक कि नियुक्ति रद्द करने की सिफारिश भी कर दी गई थी।

लेंसकार्ट शोरूम घेराव, तिलक-कलावा पर बवाल:भोपाल में हिंदू संगठनों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, बोले- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

लेंसकार्ट शोरूम घेराव, तिलक-कलावा पर बवाल:भोपाल में हिंदू संगठनों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, बोले- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने यहां कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कॉरपोरेट कंपनियों को कहा- सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान हुआ, तो आगे भी इसी तरह सख्त विरोध किया जाएगा। भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। अगर हमने कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, तो जरूरत पड़ने पर उसे नीचे लाने का काम भी करेंगे। लेंसकार्ट शोरूम में ड्रेस कोड विवाद से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

सेंसेक्स 400 अंक चढ़कर 78,950 पर पहुंचा:निफ्टी-50 में भी 100 अंक की तेजी; रियल्टी और ऑटो शेयर्स सबसे ज्यादा चढ़े

शेयर बाजार में आज यानी मंगलवार, 21 अप्रैल को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,950 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 100 अंक की बढ़त है, ये 24,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में बढ़त और 5 में गिरावट है। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार अमेरिकी बाजार 20 अप्रैल को गिरकर बंद हुए शेयर बाजार में सोमवार को मामूली बढ़त रही थी शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। आज बैंकिंग, मीडिया और ऑटो शेयर्स में खरीदारी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 में गिरावट और 12 में बढ़त रही।

लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर विवाद:पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कंपनी को नोटिस भेजा; कहा-निर्दोष लोगों को मारा जो भुलाए नहीं जा सकते

लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर विवाद:पंजाब कांग्रेस प्रधान ने कंपनी को नोटिस भेजा; कहा-निर्दोष लोगों को मारा जो भुलाए नहीं जा सकते

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के कथित साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ “लॉरेंस ऑफ पंजाब” को लेकर विवाद तेज हो गया है। इस मामले में अब पंजाब कांग्रेस भी सामने आई है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस फिल्म के खिलाफ प्रोडक्शन कंपनी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि यह न तो सुर्खियों के लिए है और न ही राजनीति के लिए। यह उन हर माताओं के लिए है जो आज भी अपने बेटे का इंतज़ार कर रही हैं, जो कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंजाब अभी भी अपने जख्मों से उबर रहा है, और इन जख्मों को मनोरंजन या कंटेंट में बदलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उन सभी निर्दोष लोगों को भी नहीं भुलाया जा सकता जिन्होंने लॉरेंस बिश्नोई जैसे नेटवर्क से जुड़ी हिंसा में अपनी जान गंवाई। उन्होंने आगे कहा कि कुछ कहानियां महिमामंडन के लिए नहीं होतीं और कुछ दर्द बेचने के लिए नहीं होता। राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने कानूनी रास्ता इसलिए चुना क्योंकि चुप रहना एक तरह का विश्वासघात होता। उनके मुताबिक, पंजाब को गरिमा चाहिए, यह सब नहीं। अब राजा वड़िंग की पोस्ट को तीन प्वाइंटों में जानें – 1. सिद्धू मूसेवाला की मौत हर एक पंजाबी और दुनिया भर में उनके लाखों फैंस के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान थी। आज ZEE5 उसी गैंगस्टर पर “लॉरेंस ऑफ पंजाब” नाम की डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनाने जा रहा है? 2. यह सिर्फ सिद्धू की बात नहीं है। इस अपराध नेटवर्क के कारण सैकड़ों पंजाबी अपनी जान गंवा चुके हैं। अनगिनत परिवार आज भी दर्द और शोक में जी रहे हैं। यह कोई कंटेंट नहीं है, बल्कि हम सबके लिए एक थप्पड़ है। 3. भगत सिंह पंजाब की पहचान हैं। हमारे सैनिक पंजाब की पहचान हैं। हमारे किसान पंजाब की पहचान हैं। कोई गैंगस्टर नहीं, कभी भी नहीं। मैं इसके खिलाफ PIL दायर कर रहा हूं। इस सीरीज पर रोक लगनी चाहिए। अब बहुत हो गया। 27 अप्रैल को रिलीज होनी है ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और पंजाब में अपराध की संस्कृति पर आधारित है। इस सीरीज का निर्देशन राघव डार ने किया है और इसमें लॉरेंस बिश्नोई की छात्र राजनीति से लेकर एक बड़े अपराधी बनने तक की यात्रा को दिखाया गया है। यह सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की जाएगी और इसकी रिलीज तारीख 27 अप्रैल 2026 तय की गई है। ट्रेलर रिलीज के बाद पंजाब में इसे लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस ने इस सीरीज को बैन करने की मांग की है, उनका कहना है कि इससे अपराधी का महिमामंडन हो सकता है। 2.16 मिनट की ट्रेलर को तीन प्वाइंटों जाने – 1. डॉक्यूमेंट्री का जो ट्रेलर रिलीज हुआ है, उसमें बताया गया है कि 1989- 1980 के दौर में पंजाब ने मिलिटेंसी का काला समय देखा। उस समय हालात ऐसे थे कि हर किसी को यह चिंता नहीं थी कि घर में खाने को रोटी है या नहीं, बल्कि हथियार होना ज्यादा जरूरी समझा जाता था। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत दिखाई गई है, जिसमें पत्रकार बताते हैं कि पंजाब के गैंगस्टरों का कोई ठोस मकसद नहीं होता। शो-ऑफ, नाम और फेम ही उन्हें आकर्षित करते हैं। एक सीनियर पत्रकार बताते हैं कि पहले पंजाब का कल्चर ऐसा था जहां भगत सिंह जैसे लोग हीरो माने जाते थे। अब लारेंस बिश्नोई हीरो है। 2. ट्रेलर में दिखाया गया है कि लॉरेंस के शूटर ने सलमान खान के घर पर गोलियां चलाईं। कपिल शर्मा, गिप्पी गरेवाल और रोहित शेट्टी के यहां भी फायरिंग करवाई गई। इसके बाद जेल में बंद लॉरेंस को दिखाया गया है। सिद्धू मूसेवाला की हवेली के दृश्य भी नजर आते हैं, जिसके बाद हत्या से जुड़ी कहानी को दिखाया जाता है। इसमें गोल्डी बराड़ से जुड़ी स्क्रीन शॉट जैसी चीजें भी दिखाई गई हैं। 3. चंडीगढ़ के एक पुलिस अधिकारी का बयान भी इसमें शामिल हैं, जो कहते हैं कि इस तरह की राह में सिर्फ नुकसान होता है। ऐसे लोग या तो पूरी जिंदगी जेल में रहते हैं या मारे जाते हैं। सूफी सिंगर हंसराज का भी इंटरव्यू है, जिसमें वे कहते हैं कि अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा ही मिलता है, लेकिन हम किसी की जिंदगी का किस्सा खत्म कर देते हैं। लॉरेंस का पंजाब और चंडीगढ़ से लिंक जानिए 1. चंडीगढ़ से पढ़ाई और छात्र राजनीति लॉरेंस बिश्नोई ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई चंडीगढ़ में की। कॉलेज के समय से ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। 2012 में सेक्टर-10 के DAV कॉलेज में एक कार्यक्रम के दौरान दो छात्र संगठनों में झगड़ा हुआ, जिसमें उस पर गेट तोड़ने और फायरिंग करने के आरोप लगे। चंडीगढ़ में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और चोरी जैसे कई मामले दर्ज हुए। इसके बाद वह पीछे नहीं मुड़ा। वह कॉलेज टाइम में छात्र राजनीति में सक्रिय था। उसके साथ राजनीति करने वाले उस समय के कई लोग आज पंजाब की राजनीति में सक्रिय हैं। 2. सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड 2022 में पंजाब के मानसा में सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसे मुख्य साजिशकर्ता माना गया। इसके अलावा 2025 में चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में ‘पैरी’ नाम के युवक की हत्या और बुड़ैल में प्रॉपर्टी डीलर सोनू शाह की हत्या में भी उसके गैंग का नाम सामने आया। पैरी कभी लॉरेंस का दोस्त था और ये सभी साथ पढ़ते थे। 3. जेल से टीवी इंटरव्यू 2023 में लॉरेंस ने पंजाब की जेल में रहते हुए एक नेशनल टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया। यह इंटरव्यू दो चरणों में प्रसारित हुआ। मामला सामने आने के बाद पुलिस पर सवाल उठे और केस हाईकोर्ट तक पहुंच गया। जांच के लिए स्पेशल SIT गठित की गई। हाईकोर्ट ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना। यह इंटरव्यू खरड़ CIA स्टाफ में हुआ था। 4. धमकी और रंगदारी लॉरेंस इस समय साबरमती जेल में बंद है, लेकिन दावा है कि उसका गैंग चंडीगढ़ और पंजाब में कारोबारियों से रंगदारी वसूलने में सक्रिय है। कई बार धमकी देने और फायरिंग की घटनाएं सामने आई हैं। कई लोगों को रंगदारी के लिए कॉल्स भी आ रही हैं।