Friday, 05 Jun 2026 | 10:09 AM

Trending :

EXCLUSIVE

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

अनूपपुर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह पुल वर्तमान में बेहद जर्जर स्थिति में है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस पर लाखों भारी वाहनों का दबाव है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दो राज्यों की ‘आर्थिक जीवनरेखा’ खतरे में यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल के माध्यम से मध्यप्रदेश और कटनी की ओर पहुंचता है। भारी मालवाहक वाहनों के निरंतर आवागमन ने 1980 में बने इस पुल की कमर तोड़ दी है। पुल की सतह से दिखने लगे लोहे के सरिए पुल की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है और कंक्रीट के बीच से लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। रेलिंग और साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्का पेंचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो भारी वाहनों के दबाव में कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। 1982 में हुआ उद्घाटन, अब मरम्मत का इंतजार इस पुल की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने रखी थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। अधिकारी बोले- जल्द शुरू होगा काम मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को मौके पर पुल और सड़क की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Monalisa POCSO Act on Farman Khan; Director Sanoj Says Truth Won

April 10, 2026/
3:06 pm

46 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने महाकुंभ की वायरल गर्ल ‘मोनालिसा’ की शादी मामले में राष्ट्रीय...

टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

April 6, 2026/
8:37 am

तमिलगा वेत्र्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के प्रमुख अधव अर्जुन ने रविवार को तमिल के मुख्यमंत्री एम.के. स्टाल पर...

कॉमेडियन को पुलिस ने प्रयागराज से उठाया:पवन कल्याण की 3 शादियों का मजाक उड़ाया, भतीजी के तलाक पर भी कमेंट किया

April 15, 2026/
7:57 pm

साउथ के स्टैंडअप कॉमेडियन अनुदीप कटिकला को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। आंध प्रदेश की पुलिस मंगलवार को प्रयागराज...

तस्वीर का विवरण

April 30, 2026/
4:13 pm

अब इस पेस्ट को एक बड़े स्थान पर रखा गया है। इसके अलावा इसमें जीरा, काला नमक, सामान्य नमक और...

राजनीति

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना तिपान पुल जर्जर:44 साल पुराने पुल पर भारी वाहनों का दबाव, सरिए बाहर आए; मरम्मत का इंतजार

अनूपपुर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह पुल वर्तमान में बेहद जर्जर स्थिति में है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस पर लाखों भारी वाहनों का दबाव है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दो राज्यों की ‘आर्थिक जीवनरेखा’ खतरे में यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल के माध्यम से मध्यप्रदेश और कटनी की ओर पहुंचता है। भारी मालवाहक वाहनों के निरंतर आवागमन ने 1980 में बने इस पुल की कमर तोड़ दी है। पुल की सतह से दिखने लगे लोहे के सरिए पुल की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है और कंक्रीट के बीच से लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। रेलिंग और साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्का पेंचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो भारी वाहनों के दबाव में कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। 1982 में हुआ उद्घाटन, अब मरम्मत का इंतजार इस पुल की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने रखी थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। अधिकारी बोले- जल्द शुरू होगा काम मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को मौके पर पुल और सड़क की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.