युवा कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी ‘फोर्स डिप्लॉयमेंट इन इलेक्शन्स मैनुअल, 2023’, साहित्य अधिनियम, 1951 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 का उल्लंघन किया गया है।
पत्र में लिखा है कि फेसबुक पर एक वीडियो के आधार पर यह याचिका प्रसारित की गई है। इस वीडियो में कुछ नागरिक दावे सामने आ रहे हैं कि कथित तौर पर अपराधी के संबंध में कथित तौर पर भाजपा के समर्थकों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के समर्थन में थे और जिले को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि इस तरह के डायनासोर की दुकान में डार का जन्म होता है और स्वतंत्र मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जाता है।
सेंट्रल काउंसिल ऑफ स्टाफ अनिवार्य: टीएमसी
जर्नलिस्ट ने यह भी कहा है कि सेंट्रल इलेक्शन ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिस बल के सदस्य को पद से हटा दिया जाना अनिवार्य है और इस तरह का व्यवहार चुनाव आयोग के वोटों के लिए प्रेरित नहीं किया जा सकता है।
मुख्य अधिकारी अधिकारी से टीएमसी की मांग
एसोसिएटेड बिल्डर्स को कारण बताते हुए नोटिस जारी किया जाएगा। उनके अभिलेखों के विरुद्ध निर्देश नीचे दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल में सभी सेनाओं के कार्यकर्ताओं और चुनाव आयोगों के सिद्धांतों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं
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