सतना के अस्पताल में मरीज ने की फायरिंग:बेड पर शराब पीने से डॉक्टर ने रोका; गाली-गलौज कर कट्टे से चलाई गोली

सतना जिले के उचेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार देर रात करीब 12:30 बजे भर्ती मरीज 23 वर्षीय शिवम द्विवेदी ने बेड पर शराब पीने से रोकने पर डॉक्टर से गाली-गलौज की और अस्पताल के बाहर कट्टे से फायर कर दिया। घटना में ड्यूटी डॉक्टर बाल-बाल बच गए और आरोपी मरीज अपनी बाइक से फरार हो गया। वर्तमान में अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश कर रही है। कमजोरी के कारण भर्ती था मरीज, बेड पर पीने लगा शराब जानकारी के अनुसार, कोठी रमपुरवा (थाना उचेहरा) निवासी 23 वर्षीय शिवम द्विवेदी पिछले दो दिनों से कमजोरी के चलते डॉक्टर की सलाह पर अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती था। शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे वार्ड स्टाफ ने शिवम को बिस्तर पर शराब पीते देखा। स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना ड्यूटी डॉक्टर दीपक पांडेय को दी। डॉक्टर ने रोका तो किया विवाद, बाहर जाकर चलाई गोली सूचना मिलने पर डॉक्टर पांडेय मौके पर पहुंचे और मरीज शिवम को अस्पताल परिसर में शराब पीने से मना किया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। डॉक्टर की चेतावनी से नाराज शिवम ने डॉक्टर और वार्ड बॉय के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब डॉक्टर वहां से जाने लगे, तो शिवम भी अस्पताल के बाहर पहुंचा। उसने अपनी बाइक स्टार्ट की, कट्टे से फायर किया और मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस फायरिंग में डॉक्टर दीपक पांडेय बाल-बाल बच गए। डायल 112 पर दी सूचना, BMO ने की पुलिस से शिकायत घटना के बाद डॉक्टर ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुका था। रात में ही घटनाक्रम से बीएमओ को भी अवगत कराया गया। गोली चलने से अस्पताल में भर्ती मरीजों में दहशत का माहौल है। बीएमओ डॉक्टर ए के राय ने बताया, “शिवम को दो दिन पहले भर्ती किया गया था। लेकिन वह बोतल चढ़वाने के बाद घर चला जाता था। शुक्रवार को भी शिवम रात अस्पताल आया और वार्ड में बोतल चढ़वाने के बाद बेड पर बैठ कर शराब पीने लगा।” अस्पताल स्टाफ से घटना की जानकारी होने पर शनिवार को टीआई उचेहरा सतीश मिश्रा को अस्पताल प्रबंधन की ओर से शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर आरोपी की धरपकड़ के प्रयास कर रही है।
श्रीनगर की सड़कों पर फिर दौड़ लगा रहा तांगा:बुजुर्गों को याद आए बीते दिन, जेन-जी ले रहे सेल्फी और बना रहे रील्स

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की सड़कों पर एक पुरानी याद फिर से ‘दौड़ती’ नजर आने लगी है। आसपास के इलाकों में कुछ लोगों ने आजीविका के लिए फिर तांगा चलाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक 70 साल के बुजुर्ग शख्स गुलाम रसूल कुमार भी 40 साल बाद फिर से श्रीनगर के पुराने इलाकों की सड़कों पर तांगा (घोड़ा-गाड़ी) दौड़ाते नजर आ रहे हैं। गुलाम रसूल 1967 से 1985 के बीच अपना गुजारा चलाने के लिए तांगा चलाते थे। हालांकि, 1985 के बाद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें यह काम छोड़ना पड़ा और बाद में उन्होंने मजदूरी का काम शुरू कर दिया। पेट्रोल डीजल संकट के बीच उन्होंने हाल ही में एक घोड़ा खरीदा और उसे घोड़ा गाड़ी में बदल दिया। श्रीनगर की सड़कों पर तांगा शान से दौड़ रहा है, कुमार कहते हैं कि यह प्रदूषणमुक्त है, हादसे का डर भी नहीं और घोड़े का रखरखाव भी ज्यादा महंगा नहीं।’ तांगे में एक साथ 6 लोग बैठ सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुमार ने कोई रेट फिक्स नहीं किया है। सवारी अपनी इच्छा से 20 या 30 रुपए अधिक ही दे देती है। वे रोजाना 700 से 1000 रुपए तक कमा लेते हैं। ’ सड़क पर तांगा दौड़ते देख शहर के बुजुर्गों को आज भी वो समय याद आता है, जब तांगा सिर्फ सवारी नहीं बल्कि शान की पहचान होता था। मंत्री, बड़े अफसर और अमीर लोग तांगे में ही सफर करते थे। 30 साल के तांगा चालक मोहम्मद अशरफ के अनुसार, युवा इसे एक अनोखे अनुभव की तरह देखते हैं। वे इसके साथ सेल्फी खिंचवाते हैं और वीडियो बनाते हैं। तांगे की सवारी से विरासत और संस्कृति के दर्शन वर्तमान में आगरा में ताजमहल के आसपास और कर्नाटक में मैसूर की विरासत और संस्कृति के दर्शन के लिए इस शहर के कुछ इलाकों में तांगा प्रचलन में है। राजस्थान में उदयपुर में पर्यटकों को तांगे से शहर का भ्रमण कराया जाता है। वहीं, बीकानेर के पुराने शहरी इलाकों में हवेलियों व ऐतिहासिक स्थलों की सैर तांगे से कराई जाती है। चार दशक पहले सजा-धजा तांगा मालिक का रसूख दिखाता था 1985 से पहले शहरों में तांगा आम और खास दोनों की पसंद था। सजा-धजा तांगा और ताकतवर घोड़ा मालिक का रसूख दिखाता था। हालांकि नियम भी सख्त हुआ करते थे। ज्यादा सवारी बैठाने पर या घोड़े के साथ सख्त व्यवहार करने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती थी। लेकिन वक्त बदला। कारों और ऑटो-रिक्शा का दबदबा बढ़ गया। ऐसे समय में दूसरे चंद तांगा चालकों के साथ ही बुजुर्ग गुलाम रसूल का तांगा पुरानी यादों को फिर जीवंत कर रहा है।
श्रीनगर की सड़कों पर फिर दौड़ लगा रहा तांगा:बुजुर्गों को याद आए बीते दिन, जेन-जी ले रहे सेल्फी और बना रहे रील्स

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की सड़कों पर एक पुरानी याद फिर से ‘दौड़ती’ नजर आने लगी है। आसपास के इलाकों में कुछ लोगों ने आजीविका के लिए फिर तांगा चलाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक 70 साल के बुजुर्ग शख्स गुलाम रसूल कुमार भी 40 साल बाद फिर से श्रीनगर के पुराने इलाकों की सड़कों पर तांगा (घोड़ा-गाड़ी) दौड़ाते नजर आ रहे हैं। गुलाम रसूल 1967 से 1985 के बीच अपना गुजारा चलाने के लिए तांगा चलाते थे। हालांकि, 1985 के बाद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें यह काम छोड़ना पड़ा और बाद में उन्होंने मजदूरी का काम शुरू कर दिया। पेट्रोल डीजल संकट के बीच उन्होंने हाल ही में एक घोड़ा खरीदा और उसे घोड़ा गाड़ी में बदल दिया। श्रीनगर की सड़कों पर तांगा शान से दौड़ रहा है, कुमार कहते हैं कि यह प्रदूषणमुक्त है, हादसे का डर भी नहीं और घोड़े का रखरखाव भी ज्यादा महंगा नहीं।’ तांगे में एक साथ 6 लोग बैठ सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुमार ने कोई रेट फिक्स नहीं किया है। सवारी अपनी इच्छा से 20 या 30 रुपए अधिक ही दे देती है। वे रोजाना 700 से 1000 रुपए तक कमा लेते हैं। ’ सड़क पर तांगा दौड़ते देख शहर के बुजुर्गों को आज भी वो समय याद आता है, जब तांगा सिर्फ सवारी नहीं बल्कि शान की पहचान होता था। मंत्री, बड़े अफसर और अमीर लोग तांगे में ही सफर करते थे। 30 साल के तांगा चालक मोहम्मद अशरफ के अनुसार, युवा इसे एक अनोखे अनुभव की तरह देखते हैं। वे इसके साथ सेल्फी खिंचवाते हैं और वीडियो बनाते हैं। तांगे की सवारी से विरासत और संस्कृति के दर्शन वर्तमान में आगरा में ताजमहल के आसपास और कर्नाटक में मैसूर की विरासत और संस्कृति के दर्शन के लिए इस शहर के कुछ इलाकों में तांगा प्रचलन में है। राजस्थान में उदयपुर में पर्यटकों को तांगे से शहर का भ्रमण कराया जाता है। वहीं, बीकानेर के पुराने शहरी इलाकों में हवेलियों व ऐतिहासिक स्थलों की सैर तांगे से कराई जाती है। चार दशक पहले सजा-धजा तांगा मालिक का रसूख दिखाता था 1985 से पहले शहरों में तांगा आम और खास दोनों की पसंद था। सजा-धजा तांगा और ताकतवर घोड़ा मालिक का रसूख दिखाता था। हालांकि नियम भी सख्त हुआ करते थे। ज्यादा सवारी बैठाने पर या घोड़े के साथ सख्त व्यवहार करने पर पुलिस तुरंत कार्रवाई करती थी। लेकिन वक्त बदला। कारों और ऑटो-रिक्शा का दबदबा बढ़ गया। ऐसे समय में दूसरे चंद तांगा चालकों के साथ ही बुजुर्ग गुलाम रसूल का तांगा पुरानी यादों को फिर जीवंत कर रहा है।
दतिया दौरे पर मंत्री सारंग, पुलिस और लोगों में नोकझोंक:पण्डोखर महोत्सव में वीआईपी मूवमेंट के बीच लगा था जाम

प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग शुक्रवार रात सड़क मार्ग से दतिया पहुंचे। इस दौरान धार्मिक स्थलों के दर्शन और पण्डोखर धाम महोत्सव में शामिल होने के बाद भारी भीड़ के कारण जाम लग गया और पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। महोत्सव के बाद लगा भारी जाम कार्यक्रम समाप्त होने के बाद धाम के मुख्य मार्ग पर भारी जाम लग गया। भीड़ अधिक होने और वीआईपी मूवमेंट के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। जाम हटाने के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप लगाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने कहा, हल्का बल प्रयोग किया भांडेर एसडीओपी पीसी यादव ने बताया कि भीड़ और वीआईपी मूवमेंट के कारण यातायात सुचारू करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। महोत्सव में उमड़ी भारी भीड़ और वीआईपी दौरे के बीच व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। मंत्री ने पीताम्बरा पीठ में किए विशेष दर्शन दतिया पहुंचने के बाद मंत्री सीधे विश्व प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्री पीताम्बरा पीठ पहुंचे। यहां उन्होंने मां बगुलामुखी के विशेष दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान धार्मिक माहौल देखने को मिला। पीताम्बरा पीठ परिसर में स्थित प्राचीन वनखण्डेश्वर महादेव मंदिर में भी मंत्री ने पूजा-अर्चना की और विधि-विधान से जलाभिषेक किया। उन्होंने भगवान से प्रदेश के विकास और खुशहाली की प्रार्थना की। कार्यकर्ताओं से की संगठनात्मक चर्चा धार्मिक कार्यक्रमों के बाद मंत्री ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान संगठन को लेकर चर्चा की गई और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी बातचीत हुई। इसके बाद मंत्री सारंग पण्डोखर धाम पहुंचे, जहां 30वें श्रीराम महायज्ञ, पण्डोखर महोत्सव और भोजपुरी नाइट कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे। कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां महोत्सव के दौरान अभिनेत्री आम्रपाली दुबे, रक्षा गुप्ता और आर्यन बाबू एंड ग्रुप की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम में करीब 20 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी रही। पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने मंत्री विश्वास सारंग का सम्मान किया। उन्हें धाम की तस्वीर और वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
अभिनेता आशीष विद्यार्थी बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचे:सड़क पर खड़े होकर टमाटर चाट खाई…वीडियो बनाया, बोले- जीवंत शहर है काशी

बॉलीवुड एक्टर आशीष विद्यार्थी शनिवार सुबह काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और बाबा के दर्शन किए। वह यहां किसी सेलिब्रिटी की तरह नहीं, बल्कि एक सामान्य श्रद्धालु के रूप में पहुंचे। इसके बाद मंदिर परिसर में घूमे। अचानक अपने बीच अभिनेता को देखकर मौजूद भक्तों ने उनके साथ सेल्फी और फोटो खिंचवाई। उन्होंने मंदिर की भव्यता और दिव्यता की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा-काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास बेहद आकर्षक है और यहां की व्यवस्थाएं भी अत्यंत सुव्यवस्थित हैं। इसके बाद काशी के गलियों में घूमे। इस दौरान मशहूर दीना चाट भंडार पहुंचे। जहां उन्होंने बनारसी चाट का स्वाद चखा और वीडियो भी बनाई। पहले देखें 2 तस्वीर काशी एक जीवंत शहर है आशीष विद्यार्थी कहा- जब रक्तांचल -2 की शूटिंग चल रही थी तब हम रामनगर में लस्सी पीने के लिए गए थे। इस दौरान हमने वाराणसी की खूबसूरती को देखा था। उन्होंने कहा कि यह शहर काफी जीवंत है। उन्होंने कहा- आने के बाद मन को काफी सुकून मिल रहा है। इस शहर में आध्यात्मिक लोगों की कमी नहीं हर किसी से सीखने को मिलता है। अब जानिए कैसा रहा आशीष विद्यार्थी का सफर आशीष विद्यार्थी हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं, जिन्होंने 11 भाषाओं हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगू, बंगाली, अंग्रेजी, ओड़िया और मराठी में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्म सरदार से की, जबकि उनकी पहली रिलीज़ द्रोहकाल रही, जिसके लिए उन्हें 1995 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 1942: ए लव स्टोरी और इस रात की सुबह नहीं जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को भी काफी सराहा गया। टेलीविजन पर भी उन्होंने ‘हम पंछी एक चाल के’ में काम किया है। दूसरी शादी की और अब एक यूट्यूब चैनल भी चला रहे आशीष विद्यार्थी की पहली शादी पीलू राजोशी से हुई थी, जिससे उनका एक बेटा है। साल 2022 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद 2023 में उन्होंने रूपाली बरुआ से दूसरी शादी की। अभिनय के अलावा वे ‘AVID Miner Conversations’ के सह-संस्थापक और क्यूरेटर भी हैं, जो संगठनों के लिए इंटरैक्टिव लर्निंग मॉड्यूल तैयार करता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी वे काफी सक्रिय हैं। उनका एक यूट्यूब चैनल है, जहां वे अक्सर भोजन और यात्रा से जुड़े वीडियो साझा करते हैं और अपनी खास अंदाज में खाने को लेकर उत्साह व्यक्त करते हैं। ——————— ये खबर भी पढ़ें…
छुट्टी के दिन खुला हरियाणा महिला आयोग का ऑफिस:मासूम शर्मा के आने का इंतजार, गालियां देने पर हो चुकी FIR, हरियाणवी सिंगर बोले-अभी बिजी हूं

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कार्यक्रम के दौरान गालियां देने के मामले में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की आज हरियाणा महिला आयोग में पेशी है। इसको देखते हुए आयोग का छुट्टी के दिन भी ऑफिस खुला हुआ है। दोपहर ढाई बजे तक आयोग मासूम शर्मा का इंतजार करेगा। हालांकि, हरियाणवी सिंगर एक दिन पहले चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कह चुके हैं, वह राज्य महिला आयोग के सामने पेश नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अभी बिजी चल रहा हूं। इसे लेकर आयोग को ईमेल के जरिए सूचना दे दी है। देहरादून में स्टेज पर गाली देने के मामले में माफी मांग चुका हूं। मामले में हरियाणवी सिंगर पर देहरादून में FIR दर्ज की जा चुकी है। सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी कॉलेज) के छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। कॉलेज प्रोग्राम में स्टेज से गालियां दीं मासूम शर्मा ने बीते शनिवार देहरादून में DAV कॉलेज में शो करने पहुंचे थे। इस दौरान, मासूम ने मंच से कहा- कोई गुंडा मुझे मारने के लिए आया था। मैंने उसे कहा कि मैं देहरादून में प्रोग्राम कर रहा हूं, अगर तेरे में दम है तो यहां आ। होटल छोड़कर यहां आ, टाइम रख ले।” इस दौरान मासूम ने मंच से ही कॉलेज स्टूडेंट के सामने गालियां दीं। इस लाइव प्रोग्राम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। उनके जाने के बाद मासूम शर्मा मंच पर भड़क गए। इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड के खानपुर से विधायक उमेश शर्मा भी मौजूद थे। पढ़िए मासूम ने विवाद पर क्या कहा… विवाद पर मांग चुके माफी उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए स्टेज विवाद पर मासूम शर्मा चंडीगढ़ में माफी मांग चुके हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि अब तक मेरे दिमाग में टेंशन है। इसके बाद माफी भी मांग ली। मेरी तरफ बिना मतलब का तीर आ गया। उस दिन बदमाश ने भाई को कॉल कर कहा था कि मासूम का 20-25 करोड़ रुपए का बीमा करवा लो, उसके बच्चे पल जाएंगे। 5 दिन पहले देहरादून में हो चुकी FIR देहरादून में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के खिलाफ 5 दिन पहले ही पुलिस ने मामला दर्ज कर चुकी है। डालनवाला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 296 (अश्लील कृत्य और गाने), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द या कृत्य) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ये मामला सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी कॉलेज) के छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस ने सिंगर को नोटिस जारी कर दिया था। उनसे 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा था।
आम खाते ही चेहरे पर क्यों हो जाते हैं मुँहासे? जानें शरीर की गर्मी शांत करने का सही तरीका, चेहरे और पीठ पर नहीं होंगे दाने

Mango and acne connection : गर्मियों का मौसम आते ही जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा होती है, वह है ‘फलों का राजा’ आम. अपनी मिठास और स्वाद के कारण यह हर उम्र के व्यक्ति की पहली पसंद है. लेकिन, कई लोगों के लिए आम का स्वाद सजा बन जाता है, क्योंकि इसे खाते ही उनके चेहरे पर छोटे-छोटे दाने या बड़े-बड़े पिंपल्स (मुँहासे) निकलने लगते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि सेहत के लिए इतने फायदेमंद फल को खाते ही त्वचा पर ऐसी प्रतिक्रिया क्यों होती है? दरअसल, इसके पीछे की वजह आम की मिठास और इसकी तासीर में छिपी है. जानते हैं आम और पिंपल्स का क्या कनेक्शन है और आप कैसे बिना किसी डर के आम का लुत्फ उठा सकते हैं. आइए जानते हैं आम और पिंपल्स का क्या कनेक्शन है और आप कैसे बिना किसी डर के आम का लुत्फ उठा सकते हैं. आखिर क्यों होते हैं आम खाने से पिंपल्स? 1. हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (High Glycemic Index):आम में नेचुरल शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होने के कारण, जैसे ही आप आम खाते हैं, आपके ब्लड में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ता है. इससे शरीर में इंसुलिन का स्राव बढ़ जाता है, जो त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स (Sebaceous glands) को ट्रिगर करता है. नतीजा यह होता है कि चेहरा ज्यादा तेल छोड़ने लगता है और पिंपल्स निकल आते हैं. अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी (AAD) और कई शोध भी बताते हैं कि ‘High Glycemic’ फूड्स (जैसे आम) शरीर में इंसुलिन स्पाइक पैदा करते हैं, जो सीधे तौर पर एक्ने (Acne) से जुड़े होते हैं. 2. शरीर की गर्मी (Thermic Effect):आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि आम खाने से शरीर में गर्मी पैदा होती है. हेल्थलाइन के मुताबिक, आम में मौजूद ‘फाइटिक एसिड’ शरीर के तापमान को बढ़ा सकता है. जब शरीर के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी जमा हो जाती है, तो वह त्वचा के छिद्रों के जरिए बाहर निकलने की कोशिश करती है, जिससे चेहरे और पीठ पर दाने उभर आते हैं. बस करें ये ‘छोटा सा काम’, नहीं निकलेंगे पिंपल्स(How to prevent pimples after eating mango):अगर आप भी आम खाने के शौकीन हैं लेकिन पिंपल्स के डर से दूर रहते हैं, तो सेलिब्रिटी एक्सपर्ट्स और आयुर्वेद का यह नुस्खा आपके बहुत काम आएगा. आम को पानी में भिगोना है जरूरी: पुराने समय में हमारी दादी-नानी हमेशा आम को खाने से पहले एक बाल्टी पानी में भिगोकर रखती थीं. इसके पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण है. आम को कम से कम 1 से 2 घंटे तक पानी में भिगोकर रखने से उसकी अतिरिक्त गर्मी यानी ‘फाइटिक एसिड’ निकल जाता है. इससे आम की तासीर ठंडी हो जाती है और यह आपके शरीर में गर्मी पैदा नहीं करता. भारत की प्रसिद्ध सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर (Rujuta Diwekar) भी अक्सर अपने सोशल मीडिया और किताबों में आम को पानी में भिगोकर खाने के पारंपरिक तरीकों पर जोर देती हैं. उन्होंने कई बार बताया है कि कैसे यह सरल तरीका आम से होने वाले पिंपल्स और पाचन की समस्याओं को रोकता है. स्किन को सुरक्षित रखने के अन्य तरीके- स्वाद के चक्कर में एक साथ 3-4 आम न खाएं. एक दिन में एक मध्यम आकार का आम पर्याप्त है. आम खाने के बाद दिनभर खूब पानी पिएं. यह शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और सिस्टम को ठंडा रखने में मदद करेगा. अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो आम खाने के कुछ समय बाद अपना चेहरा ठंडे पानी से धोएं ताकि अतिरिक्त तेल जमा न हो. आम न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि यह विटामिन A और C का भी बेहतरीन स्रोत है जो आपकी इम्युनिटी बढ़ाते हैं. बस ऊपर बताए गए तरीके को अपनाएं और इस सीजन में बेझिझक आम का आनंद लें. याद रखें, सही तरीके से खाया गया फल कभी नुकसान नहीं पहुँचाता. तो अगली बार आम लाने पर उसे सीधे फ्रिज में रखने के बजाय, पहले ठंडे पानी की बाल्टी में जरूर डालें. आपकी स्किन और आपका पेट, दोनों आपको शुक्रिया कहेंगे!
नर्मदापुरम में वकीलों के 2 गुटों में मारपीट:अध्यक्ष के बेटों ने कोषाध्यक्ष को पीटा; वॉट्सऐप पर हिसाब मांगने पर विवाद

नर्मदापुरम में शुक्रवार रात मीनाक्षी चौक के पास अधिवक्ता संघ के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई। संघ के अध्यक्ष दीपक जैन के बेटों और अन्य युवकों ने कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा के साथ उनके ऑफिस के पास मारपीट की, जिसमें एक अधिवक्ता के कपड़े फट गए और शर्मा का कान जख्मी हो गया। विवाद की शुरुआत वकीलों के एक वॉट्सऐप ग्रुप पर संघ के आय-व्यय का हिसाब मांगने को लेकर हुई थी। कोतवाली थाने में देर रात तक चले हंगामे के बाद शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर (क्रॉस) केस दर्ज कर लिया है और वर्तमान में मामले की जांच की जा रही है। वॉट्सऐप ग्रुप पर ‘जाली’ का हिसाब मांगने से भड़का था अध्यक्ष का बेटा जानकारी के अनुसार, विवाद की जड़ सोशल मीडिया (वॉट्सऐप) पर हुई बहस है। कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और सचिव ने 17 अप्रैल को एक सूचना जारी की थी, जिसमें 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में संघ के 2 साल के आय-व्यय का हिसाब देने की बात कही गई थी। शर्मा के मुताबिक, उन्होंने वॉट्सऐप ग्रुप पर लिखा कि अध्यक्ष दीपक जैन को 2 साल में बेची गई ‘जाली’ का हिसाब भी देना चाहिए। इस बात पर अध्यक्ष के बेटे रोहन जैन ने ग्रुप पर अपशब्द कहे और कुछ देर बाद अपने साथियों के साथ ऑफिस आकर मारपीट शुरू कर दी। वहीं, रोहन का आरोप है कि कोषाध्यक्ष उनके पिता (संघ अध्यक्ष) के खिलाफ वॉट्सऐप ग्रुप पर लगातार अनर्गल टिप्पणी करते थे। दोनों पक्षों की शिकायत पर 7 लोगों के खिलाफ नामजद FIR मीनाक्षी चौक के पास कोषाध्यक्ष के ऑफिस पर हुए इस झगड़े में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा की शिकायत पर संघ अध्यक्ष दीपक जैन, उनके दोनों पुत्रों रोहन जैन, मुन्नू जैन और अन्य 2 युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से अधिवक्ता रोहन जैन की शिकायत पर कोषाध्यक्ष राकेश शर्मा, अधिवक्ता केशव चौहान और दुर्गेश सल्लाम के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। थाने में रातभर गहमागहमी, जल्द होने हैं संघ के चुनाव शुक्रवार रात हुई घटना के बाद बड़ी संख्या में वकील कोतवाली थाने पहुंच गए और घंटों तक गहमागहमी चलती रही। कोतवाली थाना क्षेत्र में माहौल गरमा गया। एसआई विशाल नागवे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों पर तड़के मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि अधिवक्ता संघ का मौजूदा कार्यकाल पूरा होने वाला है और जल्द ही दोबारा चुनाव होने हैं। चुनाव से ठीक पहले हुई इस घटना को लेकर बार एसोसिएशन के भीतर काफी चर्चा और गुटबाजी का माहौल बन गया है।
विराट कोहली के लाइक पर जर्मन मॉडल ने तोड़ी चुप्पी:कहा- मुझे उनके लिए बुरा लगा, इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया

जर्मन मॉडल लिजलाज की फोटो को कथित तौर पर लाइक करने को लेकर विराट कोहली चर्चा में आ गए। शुक्रवार को लिजलाज ने इस पर रिएक्ट करते हुए बताया कि उन्हें इस बारे में खबरों से पता चला। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए लिजलाज ने कहा, ‘मैं सुबह उठी तो देखा कि मैं खबरों में हूं। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने (विराट) कब फोटो लाइक की। लोगों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म की खबरें मुझे भेजीं। मुझे बहुत सारे मैसेज मिले और लोग काफी उत्साहित थे।’ उन्होंने बताया कि भारत यात्रा के दौरान उन्हें क्रिकेट के बारे में पता चला, जब वह पहली बार भारत आई थीं और यहां कई महीनों तक रहीं। इस दौरान उन्होंने साउथ इंडिया, गोवा, मैसूर, कूर्ग, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद समेत कई जगहों की यात्रा की। लिजलाज ने कहा कि आईपीएल के दौरान उन्होंने अपने बेंगलुरु के दोस्तों के साथ मैच देखना शुरू किया और वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की फैन बन गईं। इसी दौरान उन्होंने विराट कोहली को खेलते देखा और उन्हें पसंद किया। बाद में विराट द्वारा फोटो अनलाइक किए जाने पर लिजलाज ने कहा, ‘मुझे उनके लिए थोड़ा बुरा लगा। मुझे खुशी थी कि उन्होंने लाइक किया, लेकिन यह इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया। शायद उनका ऐसा इरादा नहीं था, फिर भी मैं उनके सपोर्ट की सराहना करती हूं।’ वायरल होने के बाद बढ़े ऑफर्स लिजलाज ने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें कई काम के ऑफर्स मिले हैं, लेकिन वह फिलहाल सोच-समझकर फैसला लेना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह म्यूजिक और व्लॉगिंग को लेकर सीरियस हैं और भारत में मौके मिलने पर फिर से आने पर विचार कर सकती हैं। फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए थे बता दें कि लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’ विराट लिजलाज के पसंदीदा क्रिकेटर हैं लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। विराट ने अवनीत की फोटो लाइक की थी गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट कोहली ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक फोटो को लाइक किया था। जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’
विराट कोहली के लाइक पर जर्मन मॉडल ने तोड़ी चुप्पी:कहा- मुझे उनके लिए बुरा लगा, इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया

जर्मन मॉडल लिजलाज की फोटो को कथित तौर पर लाइक करने को लेकर विराट कोहली चर्चा में आ गए। शुक्रवार को लिजलाज ने इस पर रिएक्ट करते हुए बताया कि उन्हें इस बारे में खबरों से पता चला। हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए लिजलाज ने कहा, ‘मैं सुबह उठी तो देखा कि मैं खबरों में हूं। मुझे नहीं पता था कि उन्होंने (विराट) कब फोटो लाइक की। लोगों ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म की खबरें मुझे भेजीं। मुझे बहुत सारे मैसेज मिले और लोग काफी उत्साहित थे।’ उन्होंने बताया कि भारत यात्रा के दौरान उन्हें क्रिकेट के बारे में पता चला, जब वह पहली बार भारत आई थीं और यहां कई महीनों तक रहीं। इस दौरान उन्होंने साउथ इंडिया, गोवा, मैसूर, कूर्ग, मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद समेत कई जगहों की यात्रा की। लिजलाज ने कहा कि आईपीएल के दौरान उन्होंने अपने बेंगलुरु के दोस्तों के साथ मैच देखना शुरू किया और वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की फैन बन गईं। इसी दौरान उन्होंने विराट कोहली को खेलते देखा और उन्हें पसंद किया। बाद में विराट द्वारा फोटो अनलाइक किए जाने पर लिजलाज ने कहा, ‘मुझे उनके लिए थोड़ा बुरा लगा। मुझे खुशी थी कि उन्होंने लाइक किया, लेकिन यह इतना बड़ा मुद्दा कैसे बन गया, समझ नहीं आया। शायद उनका ऐसा इरादा नहीं था, फिर भी मैं उनके सपोर्ट की सराहना करती हूं।’ लिजलाज का दावा- वायरल होने के बाद बढ़े ऑफर्स लिजलाज ने दावा किया कि इस घटना के बाद उन्हें कई काम के ऑफर्स मिले हैं, लेकिन वह फिलहाल सोच-समझकर फैसला लेना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वह म्यूजिक और व्लॉगिंग को लेकर सीरियस हैं और भारत में मौके मिलने पर फिर से आने पर विचार कर सकती हैं। फोटोग्राफर ने स्क्रीनशॉट शेयर किए थे बता दें कि लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि विराट के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की एक पुरानी फोटो को लाइक किया गया। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रहे हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’ विराट लिजलाज के पसंदीदा क्रिकेटर हैं लिजलाज एक जर्मन-दक्षिण अफ्रीकी मॉडल, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर हैं, जो भारत में अपने ट्रैवल कंटेंट (जैसे “समोसा समोसा” वीडियो) के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में बताया था कि विराट कोहली उनके पसंदीदा क्रिकेटर हैं। सोशल मीडिया पर जैसे ही विराट कोहली के लाइक वाला स्क्रीनशॉट वायरल हुआ, तो कई यूजर्स ने इस पर रिएक्शन दिए। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कोहली ने सच में इसे लाइक किया था या फिर यह किसी एल्गोरिदम की गलती है। विराट ने अवनीत की फोटो लाइक की थी गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में विराट कोहली ने एक्ट्रेस अवनीत कौर की एक फोटो को लाइक किया था। जिसको लेकर कोहली ने सफाई देते हुए कहा था, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि फीड क्लियर करते समय ऐसा लगता है कि एल्गोरिदम ने गलती से कोई इंटरैक्शन रजिस्टर कर लिया है। इसके पीछे मेरा कोई इरादा नहीं था। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया बेवजह कोई भी बातें नहीं बनाएं। समझने के लिए धन्यवाद।’







