रेडमी का बजट स्मार्टफोन A7 प्रो भारत में लॉन्च:जेमिनी और सर्कल टू सर्च जैसे AI फीचर्स, 6.9 इंच डिस्प्ले के साथ शुरुआती कीमत ₹12,499

शाओमी के सब-ब्रांड रेडमी ने सोमवार को भारत में अपना नया 5G स्मार्टफोन रेडमी A7 प्रो लॉन्च किया है। बजट सेगमेंट का यह फोन बड़ी बैटरी और लेटेस्ट गूगल जेमिनी और सर्कल टू सर्च AI फीचर्स के साथ पेश किया गया है। इसमें 6.9 इंच डिस्प्ले, 6300mAh बैटरी और 13MP कैमरा मिलेगा। फोन को दो वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 12,499 रुपए है। कंपनी शुरुआती सेल में ₹1,000 का डिस्काउंट दे रही है। फोन की सेल 15 अप्रैल से शुरू होगी। डिजाइन: आर्मर जैसी मजबूती और वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले रेडमी का यह फोन मॉडर्न डिजाइन के साथ आता है। इसमें तीन कलर- ब्लैक, मिस्ट ब्लू और सनसेट ऑरेंज का ऑप्शन मिलते हैं। स्पेसिफिकेशंस: बड़ी स्क्रीन और लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम डिस्प्ले: इसमें 6.9 इंच की HD+ LCD स्क्रीन है। स्मूथ विजुअल्स के लिए 120Hz का रिफ्रेश रेट और तेज धूप में स्क्रीन साफ देखने के लिए 800 निट्स की पीक ब्राइटनेस दी गई है। यह आंखों की सुरक्षा के लिए ब्लू लाइट सर्टिफाइड है। परफॉर्मेंस: बेहतर स्पीड के लिए इसमें यूनिसोक T8300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर लगा है। ग्राफिक्स के लिए माली G57 GPU दिया गया है। इसमें 4GB फिजिकल रैम के साथ 4GB वर्चुअल रैम का सपोर्ट है, जिससे कुल रैम 8GB तक हो जाती है। सॉफ्टवेयर: यह फोन एंड्रॉयड 16 पर आधारित लेटेस्ट हाइपर OS 3 पर काम करता है। कंपनी ने 4 साल के OS अपग्रेड और 6 साल के सुरक्षा अपडेट का वादा किया है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 13 मेगापिक्सल का मेन AI कैमरा और LED फ्लैश दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलता है। बैटरी और चार्जिंग: इसमें 6300mAh की बड़ी बैटरी है जो 15W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसमें 7.5W की रिवर्स चार्जिंग तकनीक भी है, जिससे आप अपना दूसरा फोन या ईयरबड्स भी चार्ज कर सकते हैं।
राजगढ़ के उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्थाएं उजागर:कलेक्टर के औचक निरीक्षण में खुली पोल; चाठा केंद्र पर लापरवाही पर नोटिस

राजगढ़ उपार्जन केंद्रों पर सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच सोमवार को हकीकत तब सामने आई, जब कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। कालीपीठ, चाठा और बेलास केंद्रों के दौरे में व्यवस्थाओं की असल तस्वीर दिखी- जहां कुछ जगह काम ठीक मिला, वहीं चाठा केंद्र पर लापरवाही ने अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। चाठा उपार्जन केंद्र पर अव्यवस्थाएं देखकर कलेक्टर का रुख सख्त हो गया। मौके पर ही नाराजगी जताते हुए उन्होंने नोडल अधिकारी नरेश मीणा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साफ कहा कि अगर किसानों को परेशानी हुई तो सीधे जिम्मेदारी तय होगी। कलेक्टर बोले- किसानों को सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित नहीं थीं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों को पानी, छांव और बैठने जैसी जरूरी सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए। रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा खरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था और रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और खरीदी समय पर पूरी होनी चाहिए, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि अब उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। प्रशासन की नजर अब सीधे जमीनी कामकाज पर है, जहां किसान ही असली कसौटी बन रहे हैं।
लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर:5 विभागों को अल्टीमेटम; राजगढ़ की समय-सीमा बैठक में रिकॉर्ड डिजिटलीकरण के निर्देश

राजगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को हुई समय-सीमा बैठक में प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले ने की, जबकि कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में अधिकारियों को पुराने और महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही न बरतने का सख्त संदेश दिया गया। निर्देश दिए गए कि सभी दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर उन्हें ई-ऑफिस या किसी अन्य सुरक्षित माध्यम में संरक्षित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत उपलब्ध हो सकें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण को लेकर भी सख्ती बरती गई। विशेष रूप से बॉटम-5 में शामिल विभागों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए एक सप्ताह की समय-सीमा तय की गई। लंबित आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मौके पर ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल को आयोजित होने वाली डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हितग्राहियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवागमन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। इस बैठक में अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
बीच सड़क पर स्कूटी सवार दो बहनों से मारपीट:मां की दवाइयां लेकर लौट रही थी, मकरोनिया चौराहे पर रोका और मारपीट कर भागे युवक

सागर के मकरोनिया चौराहे के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने मां की दवाइयां लेकर लौट रही दो बहनों के साथ मारपीट की। सोमवार को मारपीट का वीडियो सामने आया है। जिसमें स्कूटी सवार युवक बीच सड़क पर युवतियों के साथ मारपीट करते हुए नजर आ रहा है। मामले में युवती की शिकायत पर मकरोनिया पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। स्कूटी से आए थे दो युवक पुलिस के अनुसार, पैराडाइज होटल के पास किराए से रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि वह रविवार रात करीब 8 बजे अपनी छोटी बहन के साथ स्कूटी से मां की दवाई लेने फौजी मेडीकल स्टोर मकरोनिया गई थी। जहां दवाइयां लेकर वापस अपने घर लौट रही थी। तभी महावीर मेडिकल स्टोर मकरोनिया के पास पीछे से बगैर नंबर की स्कूटी पर सवार दो युवक आए। उनके नाम आकाश वर्मा और उसका दोस्त अभिषेक थे। उन्होंने गालीगलौज शुरू कर दी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस स्कूटी में लात मारी तो हम लोगों ने अपनी स्कूटी खड़ी कर ली। गालियां देने से मना किया तो आकाश ने स्कूटी की चाबी से मारपीट की। छोटी बहन के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट में मामूली चोटे आई हैं। घटनाक्रम के दौरान राहगीर ने मारपीट का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर सामने आया है। मामले की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
मुस्लिम प्रेमी के घर मिली हिंदू लड़की की लाश:दरभंगा में पिता बोले- बेटी को भगाकर ले गया था, इस्लाम कबूल नहीं करने पर मार डाला

‘’मेरी बेटी ने इस्लाम कबूल नहीं किया, इसलिए लड़के ने मेरी बेटी की हत्या कर दी। आरोपी मेरे घर के पड़ोस का है और वो 13 जनवरी को मेरी बेटी को भगाकर ले गया था। हम लोगों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तीन महीने बाद ही मेरी बेटी की लाश मिली है।’’ दरभंगा नगर पंचायत क्षेत्र के सम्राट चौक के रहने वाले पेशे से किसान 45 साल के शख्स ने ये बातें कही। शख्स ने अपनी बेटी की हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम लड़के पर लगाया है। मृतका की पहचान 14 साल, जबकि आरोपी की उम्र 16 साल के नाबालिग के रूप में की गई है। उधर, पुलिस की ओर से कार्रवाई न किए जाने के मामले पर मौके पर मौजूद एसडीपीओ ने जांच पड़ताल कर कार्रवाई की बात कही है। घटना कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र की है। घटनास्थल की 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृतका के पिता ने बताया कि तीन महीने पहले यानी 13 जनवरी को पड़ोस का रहने वाला नाबालिग मेरी बेटी को घर से भगाकर ले गया था। मेरी बेटी चार बेटियों में तीसरे नंबर पर थी। बेटी को भगाए जाने की शिकायत कुशेश्वरस्थान थाना में की थी। उन्होंने बताया कि आज सुबह आरोपी लड़का मेरी बेटी को ठेला पर लेकर सीएचसी गया था, जहां डॉक्टर ने इलाज से पहले ही मेरी बेटी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लड़का मेरी बेटी की लाश लेकर अपने घर आ गया। इस बात की जानकारी किसी ने हम लोगों को दी। जब हम लोग लड़के के घर गए तो देखा कि मेरी बेटी की लाश पड़ी है। मृतका के पिता के मुताबिक, 13 जनवरी को जब मेरी बेटी को आरोपी भागकर ले गया था, तब हम लोग लड़के के घर पहुंचे थे। उनके परिजन से कहा था कि हमारी बेटी को वापस कर दो। नाबालिग आरोपी के घरवालों ने मुझसे कहा था कि मेरा बेटा आपकी लड़की को कहां लेकर गया है, इसकी जानकारी मुझे भी नहीं है, वो जैसे आएगा, आपकी लड़की आपको सौंप देंगे, लेकिन दो महीने पहले जब आरोपी मेरी बेटी को लेकर आया, तो मेरी बेटी को मेरे हवाले नहीं किया गया। ‘बेटी ने कॉन्टैक्ट नहीं किया सोचा कि खुश होगी’ मृतका के पिता ने कहा कि जब दो महीने पहले आरोपी मेरी बेटी को घर लेकर आया तो इसकी जानकारी हम लोगों को हुई। लेकिन जब बेटी ने हम लोगों से संपर्क नहीं किया तो हम लोगों ने सोचा कि बेटी खुश होगी, इसलिए हम लोगों ने तय किया कि बेटी ने अगर अपनी मर्जी से लड़के से शादी की है, तो हम लोगों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से बेटी को परेशान किए जाने की जानकारी हम लोगों को मिल रही थी। पता चला था कि इस्लाम कबूल करने के लिए मेरी बेटी के साथ मारपीट की जाती है, जब मेरी बेटी को इसके लिए कहा जाता है, तो वो इनकार कर देती है। ‘मृतका के मौसा पर आरोपी नाबालिग ने चाकू से किया हमला’ मृतका के मौसा ने बताया कि सुबह मैं खेत में काम कर रहा था। इस दौरान मुझे जानकारी मिली कि भतीजी की हत्या हो गई है। मैं घर न जाकर सीधा आरोपी के घर पहुंचा, वहां देखा कि मेरी भतीजी की लाश पड़ी है। मेरे साढ़ू और उनकी पत्नी मौके पर ही थे। मैंने आरोपी नाबालिग को देखा और उसे पकड़ने के लिए दौड़ा, तभी आरोपी ने मेरे कमर पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गया। वहीं, मृतका की चाची ने बताया कि भतीजी जब घर से गई थी तो हम लोगों ने सोचा था कि अपनी मर्जी से गई है, वापस लौट आएगी। इसलिए पुलिस को आवेदन देने के बाद दोबारा थाना नहीं गए। उन्होंने कहा कि अब मेरी भतीजी को मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं करने पर मार डाला गया है। एसडीपीओ बोले- मामले की पड़ताल की जा रही है घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नाबालिग की लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आरोपी नाबालिग को भी पकड़ लिया है और उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में लड़के ने बताया कि है कि उसकी पत्नी को बुखार था, बुखार की वजह से ही उसकी मौत हुई है। मौके पर मौजूद प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नाबालिग लड़की की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। मौत के कारणों के संबंध में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा। उन्होंने बताया कि लड़की के परिजन की ओर से आवेदन दिए जाने और कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप भी लगा है। इस संबंध में कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के तत्कालीन एसएचओ अंकित चौधरी से बात की है, उन्होंने कहा है कि आवेदन ही नहीं मिला था। जब एसडीपीओ से कहा गया कि लड़की के पिता की ओर से थाना में दिए गए आवेदन की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल है, इसके जवाब में प्रभाकर तिवारी ने कहा कि इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है, अगर मामला सही होता है, तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर्ड डीएसपी पर दर्ज केस निरस्त करने की मांग:मंदसौर में सौंपा ज्ञापन; पन्ना में सीट बेल्ट विवाद को गंभीर अपराध बनाने का आरोप

मध्य प्रदेश पुलिस पेंशनर्स संघ के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह परिहार (सेवानिवृत्त टीआई) के नेतृत्व में मंदसौर में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय भोपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मंदसौर कंट्रोल रूम में सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर को दिया गया। ज्ञापन में जिला पन्ना के मडला थाना क्षेत्र में 80 वर्षीय सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) भारत सिंह चौहान और उनकी 76 वर्षीय पत्नी राजश्री चौहान के साथ कथित अभद्र व्यवहार और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण को निरस्त करने की मांग की गई है। यह है पूरा मामला संघ के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को भारत सिंह चौहान अपनी पत्नी के साथ कार से पन्ना-छतरपुर नेशनल हाईवे-39 से गुजर रहे थे। इसी दौरान मंडला थाने के सामने वाहन चेकिंग की जा रही थी। पेंशनर्स संघ का आरोप है कि आरक्षक को वाहन चेकिंग का वैधानिक अधिकार नहीं था, इसके बावजूद वाहन रोका गया और चौहान दंपती के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। संघ का दावा है कि इस घटना का वीडियो फुटेज भी मौजूद है, जिसमें दंपती द्वारा समझाइश दी जाती दिखाई दे रही है। आर्म्स एक्ट में केस दर्ज करने पर सवाल ज्ञापन में कहा गया है कि चौहान की पत्नी के पास मौजूद लाइसेंसी बंदूक को लेकर पुलिस ने गलत आरोप लगाते हुए यह दर्शाया कि आरक्षक पर बंदूक तानकर धमकी दी गई, जबकि वीडियो में ऐसा कोई तथ्य नहीं दिखता। इसके बावजूद थाना प्रभारी उप निरीक्षक रचना पटेल द्वारा एक आरक्षक की रिपोर्ट के आधार पर गंभीर प्रकरण बना दिया गया। संघ ने इसे “असत्य एवं मनगढ़ंत कहानी” बताते हुए कहा कि केवल सीट बेल्ट न पहनने जैसे सामान्य मोटर व्हीकल एक्ट के मामले को अनावश्यक रूप से गंभीर अपराध में बदल दिया गया। “80 साल के पेंशनर से बाधा संभव नहीं” ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 35-40 वर्षों तक पुलिस सेवा देने वाले 80 वर्षीय अधिकारी और उनकी 76 वर्षीय पत्नी द्वारा 8-10 पुलिसकर्मियों के शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना तर्कसंगत नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि मामला तथ्यों के विपरीत दर्ज किया गया है। पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें पुलिस पेंशनर्स संघ ने दावा किया कि प्रदेशभर में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के साथ थानों व अन्य संस्थानों में अभद्र व्यवहार की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे पेंशनर्स में आक्रोश बढ़ रहा है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से निम्न मांगें रखीं भारत सिंह चौहान एवं उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज प्रकरण को खारिज किया जाए। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। मप्र पुलिस मैन्युअल के नियम 64(11) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। निष्पक्ष जांच के लिए मामले की जांच पन्ना जिले के बाहर के किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए। वीडियो फुटेज को जांच का आधार बनाया जाए।
माएं-बुआएं सही या गलत…. पीरियड्स में खट्टा खाना सच में नुकसान करता है? डॉक्टर ने बताया पूरा सच

Last Updated:April 13, 2026, 15:00 IST Diet During Periods: पीरियड्स हर महिला के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आते हैं. किसी के लिए यह केवल सामान्य थकान होती है, तो किसी के लिए पेट में असहनीय मरोड़ यानी क्रैम्प्स (Cramps), कमर दर्द और मूड स्विंग्स (Mood Swings) जैसी बड़ी परेशानी. अक्सर इन दिनों सिर्फ मीठा या जंक फूड खाने का मन करता है. अक्सर महिलाएं पूछती हैं कि पीरियड्स में क्या खाना चाहिए ताकि दर्द कम हो और शरीर में कमजोरी न आए. पीरियड्स को लेकर हमारे यहां अब भी कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं. खासकर खान-पान को लेकर अक्सर माएं-बुआएं सलाह देती हैं कि इन दिनों खट्टा या ठंडा नहीं खाना चाहिए. कई लड़कियां बिना किसी ठोस कारण को जाने अपनी पसंदीदा चीजें छोड़ देती हैं. असल में क्या पीरियड्स में खट्टा खाने से कोई नुकसान होता है या ये सिर्फ सुनी-सुनाई बातें हैं? सही जानकारी ज्यादा जरूरी है, वरना लोग बेवजह परेशान रहते हैं. आइए डॉक्टर से जानते हैं पूरी सच्चाई. लोकल18 को सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद की गाइनॉकॉलोजिस्ट डॉ. रैना चावला ने बताया कि पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो हर महिला के जीवन का हिस्सा होती है और आमतौर पर 12 से 50 साल की उम्र तक रहती है. इसके बावजूद समाज में इसे लेकर कई गलतफहमियां फैली हुई हैं. खासकर खट्टा या ठंडा खाने से जुड़ी बातें इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. न इससे पीरियड्स का फ्लो बदलता है और न ही दर्द पर कोई असर पड़ता है. यानी ये सिर्फ एक बाद झूठ हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. रैना बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान सबसे जरूरी है पोषक और संतुलित आहार लेना. इस समय शरीर में खून की कमी होना आम बात है, खासकर जब ब्लीडिंग ज्यादा हो रही हो. ऐसे में आयरन और प्रोटीन से भरपूर चीजें खाना फायदेमंद होता है, जैसे पालक, मेथी, गुड़, चना, दाल, सेब और केला। ये शरीर को जरूरी ताकत देते हैं. साथ ही, पानी और जूस का भरपूर सेवन करना चाहिए, ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो. वह आगे बताती हैं कि इन दिनों कमजोरी और दर्द लगभग हर लड़की और महिला को होता है. दर्द कम करने में काजू, बादाम, पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स, जिनमें मैग्नीशियम होता है, मददगार हो सकते हैं. हालांकि ऐसा कोई एक फूड नहीं है, जिससे दर्द पूरी तरह खत्म हो जाए, लेकिन सही खान-पान से काफी फर्क पड़ता है. जिन महिलाओं को ज्यादा दर्द या ब्लीडिंग होती है, उन्हें अपनी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए. वह बताती हैं कि पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और बाहर का खाना कम ही खाना चाहिए. इस समय घर का हल्का-फुल्का और हेल्दी भोजन सबसे बेहतर होता है. साथ ही, थोड़ा-बहुत योग या हल्की एक्सरसाइज भी फायदेमंद रहती है. शरीर थोड़ा एक्टिव रहता है तो आराम भी मिलता है. असल में पीरियड्स के दौरान खट्टा खाने से कुछ भी नुकसान नहीं होता. बस सही जानकारी रखें और अपनी डाइट व व्यवहार को संतुलित रखें, यही सबसे बेहतर है. यानी पीरियड्स में खट्टा खाया जा सकता है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है. First Published : April 13, 2026, 15:00 IST
बड़ा तालाब किनारे कब्जे पर चली JCB:भोपाल के सेवनिया, गौरागांव में कार्रवाई; बाउंड्रीवॉल समेत पक्के निर्माण तोड़े

भोपाल के बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सोमवार को फिर से कार्रवाई की। टीटी नगर एसडीएम वृत्त की टीम सेवनिया और गौरा गांव पहुंची। यहां पर बड़ा तालाब के दायरे में ही बाउंड्रीवॉल समेत कई पक्के निर्माण थे। जिन्हें जेसीबी की मदद से हटा दिया गया। एसडीएम अर्चना शर्मा, तहसीलदार कुणाल रावत के निर्देशन में टीमों ने यह कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। ताकि, हंगामा होने पर निपटा जा सके। दोपहर तक कार्रवाई चली। इस दौरान आधा दर्जन से ज्यादा अतिक्रमण हटा दिए गए। बता दें कि प्रशासन ने तालाब के चारों ओर कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं, जिन्हें अगले 15 दिन में हटाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भोज वेटलैंड रूल्स लागू होने (16 मार्च 2022) के बाद बने सभी निर्माण हटाए जाएंगे। बड़ा तालाब के FTL (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर तक के अतिक्रमण पर कार्रवाई की जा रही है। इसके चलते सोमवार को यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई की देखिए तस्वीरें… दो महीने में लिस्टेड किए कब्जे पिछले दो महीने से जिला प्रशासन अतिक्रमण को चिह्निंत कर रहा था। टीटी नगर एसडीएम वृत्त के गौरा गांव, बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा कब्जे सामने आए थे। वहीं, बैरागढ़, बहेटा में भी लोगों ने तालाब की सीमा पर निर्माण कर लिए हैं। किस दिन, कहां होगी कार्रवाई? गांवों में सबसे ज्यादा कब्जे टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण सामने आए हैं। इसके अलावा बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर निर्माण किए गए हैं। वन विहार नेशनल पार्क क्षेत्र में भी सीमांकन के दौरान करीब 2.5 किमी में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्माण वेटलैंड नियमों के खिलाफ हो सकता है। बैरागढ़ सर्कल में भी बड़ी संख्या में अतिक्रमण सामने आया है। मामला NGT तक पहुंचने की तैयारी पर्यावरणविद् राशिद नूर के मुताबिक, मामला गंभीर है और इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाया जाएगा।
बंगाल चुनाव 2026: ‘बर्दाश्त नहीं होंगे अगर मुसलमान…’, बंगाल चुनाव को लेकर ये क्या बोले बोल ओसामी, पढ़ें पूरा बयान

बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव के प्रचार के लिए इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओसामी ने सोमवार को रानीगंज में मीरा गोशे बंगले पर पहुंच कर करिश्मा चौधरी से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नटखट बिल को लेकर सवाल और मीडिया के कई सवालों के जवाब दिए गए। महिला नटखट बिल ने मोदी को सबसे समर्थन मांग और इसे लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताया। इस पर जब इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘विधायक क्या है? इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई है। ‘कम से कम कम्यूनिकेशन की एक प्रति तो भेजी जानी चाहिए।’ हमारा लक्ष्य बंगाल में आदिवासियों के लिए राजनीतिक अस्थिरता सुनिश्चित करना है हुमायूँ कबीर ने स्टेडियम और एआईएमआईएम पर समझौता करने का आरोप लगाया है। इस पर इमाम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘कभी-कभी तो कभी हुमायूं हमें बीजेपी की ‘बी टीम’ कहते हैं, लेकिन हम सिर्फ जनता की आवाज हैं और बंगाल में प्रतिष्ठा की गरिमा पर सवाल उठाने वाले किसी को भी नहीं देखेंगे। ओवैसी ने इस बार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और बिग बॉस के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई। बंगाल में बचपन की घटना इतनी ख़राब क्यों-सोसी इससे पहले रविवार को दुर्गापुर में ओसामी ने कहा था कि ममता बनर्जी को सबसे पहले यह बताना चाहिए कि बंगाल में उनकी स्थिति इतनी खराब क्यों है और उन्हें राजनीतिक नेतृत्व क्यों नहीं दिया गया। पिछले 50-60 वर्षों से बंगाल में सेक सरकारी सत्ता में रह रहे हैं, लेकिन मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक स्थिति अभी भी बहुत खराब है। अल्पसंख्यकों को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व करना चाहिए। (टैग्सटूट्रांसलेट)असदुद्दीन ओवेसी(टी)बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)असदुद्दीन सिद्दीकी(टी)बंगाल(टी)ममता(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)टीएमसी
शाजापुर में महिला ने कार में की तोड़फोड़:राधे-राधे चौराहे पर देर रात की घटना, CCTV फुटेज में दिखी वारदात

शाजापुर के ज्योतिनगर स्थित राधे-राधे चौराहे पर रविवार-सोमवार की रात एक महिला ने खड़ी कार में तोड़फोड़ की। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें महिला पत्थर से कार के शीशे तोड़ती दिख रही है। यह घटना रात करीब 1:57 बजे हुई। फुटेज के अनुसार, महिला ने पहले कार के सामने वाले हिस्से को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। सफल न होने पर उसने साइड के शीशे को तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद, महिला ने कार के पिछले शीशे पर पत्थर मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। बाइक चालक से हुआ था विवाद कार मालिक नीरज कुमार मालवीय, निवासी ज्योति नगर, ने लालघाटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल की रात वे शादी से लौटकर कार पार्क कर रहे थे, तभी एक नशे में धुत व्यक्ति ने उनकी कार को नुकसान पहुंचाया और गाली-गलौज की। नीरज कुमार के अनुसार, उसी व्यक्ति की पत्नी ने रात में आकर उनकी कार में तोड़फोड़ की। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जांच कर रही है।






