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घूरकर देखने पर दोस्तों के सामने चाकू मारकर हत्या:सीने में किए कई वार, शव के पास रोती रही मां; 3 महीने पहले हुई थी शादी

घूरकर देखने पर दोस्तों के सामने चाकू मारकर हत्या:सीने में किए कई वार, शव के पास रोती रही मां; 3 महीने पहले हुई थी शादी

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में घूरकर देखने पर चाय पी रहे युवक की हत्या कर दी गई। आरोपी ने युवक पर चाकू से कई वार किए। सीने में गहरे घाव हुए और अधिक खून बहने से मौके पर मौत हो गई। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के शुक्ला चौक का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 21 वर्षीय साहिल पिता अय्यूब शाह, निवासी मदारपुरा के रूप में हुई है। हमले में रहीम (पिता मुन्ना शाह) भी घायल हुआ। आरोपी ने उसके हाथ और अन्य जगहों पर वार किए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। ये तस्वीरें देखिए… साढ़े 6 बजे घर से निकला, 8 बजे तक हत्या की खबर परिजन के मुताबिक, साहिल शाम करीब 6:30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा। कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर घर पहुंच गई। साहिल की शादी तीन महीने पहले हुई थी। वारदात के बाद परिवार में मातम है। मां शव को पकड़कर रोती रही। रात करीब 8 बजे विवाद के बाद हमला घायल दोस्त रहीम ने बताया, रात करीब 8 बजे शुक्ला चौक के पास साहिल और साथी चाय की दुकान पर बैठे थे, तभी अमन शाह नाम का युवक बाइक से पहुंचा। उसने साहिल पर घूरकर देखने का आरोप लगाया। बिना बहस के चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि साहिल संभल नहीं पाया। आरोपी ने सीधे सीने पर वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने आए रहीम भी हमले में घायल हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने साहिल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर्स के अनुसार, सीने पर गहरे घाव हैं। ज्यादा खून बह जाने की वजह से मौत हो गई। वहीं रहीम का इलाज जारी है। हालत स्थिर है। आरोपी फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश कोतवाली पुलिस ने बताया- वारदात के बाद आरोपी अमन शाह पिता आमीन शाह फरार हो गया। रहीम के बयान दर्ज कर लिए हैं। आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि विवाद केवल घूरकर देखने को लेकर था या कोई पुरानी रंजिश थी। …………………………………… निवाड़ी में मछली काटने वाली छुरी से लड़की का गला काटा मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर निवाड़ी जिले में युवती की गला काटकर हत्या की गई है। उसकी कुछ दिन में शादी होने वाली थी। मर्डर स्पॉट से 100 मीटर दूर UP के युवक की फांसी पर लटकी डेडबॉडी मिली। मामला सेंदरी थाना क्षेत्र के पूछा की पहाड़ी ढिमरपुरा का है। पढ़ें पूरी खबर…

राजगढ़ में स्विमिंग पूल उद्घाटन पर शुल्क विवाद:कांग्रेस ने कहा- पहले मुफ्त था, अब 200 रुपए रोज; विभाग बोला- ₹50 प्रति घंटा ही वास्तविक चार्ज

राजगढ़ में स्विमिंग पूल उद्घाटन पर शुल्क विवाद:कांग्रेस ने कहा- पहले मुफ्त था, अब 200 रुपए रोज; विभाग बोला- ₹50 प्रति घंटा ही वास्तविक चार्ज

राजगढ़ में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल ने रविवार को जिला मुख्यालय स्थित शासकीय स्विमिंग पूल का विधिवत शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के बाद मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के बाद पूल के शुल्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह स्विमिंग पूल नया नहीं है, बल्कि लगभग 10 साल पुराना है और इसे हर साल गर्मियों में चालू किया जाता रहा है। इस बार प्रशासन ने औपचारिक रूप से मंत्री से इसका उद्घाटन करवाया। मंत्री टेटवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है, जिससे उन्हें तैराकी जैसी गतिविधियों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। शुल्क बढ़ने पर मंत्री से हस्तक्षेप की मांग हालांकि, मंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस नेता एहेतेशाम सिद्धीकी ने शुल्क वृद्धि पर सवाल उठाए। उन्होंने टिप्पणी की कि यह पूल पहले निःशुल्क था, फिर 10 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाने लगा और अब इसे बढ़ाकर 200 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। सिद्धीकी के अनुसार, इस हिसाब से मासिक खर्च लगभग 6,000 रुपए होता है, जो आम जनता की पहुंच से बाहर है। उन्होंने मंत्री से हस्तक्षेप कर छात्रों और आम लोगों को राहत प्रदान करने की मांग की। वास्तविक शुल्क 50 रुपए प्रति घंटा : विभाग इस संबंध में, खेल एवं युवक कल्याण विभाग की जिला संयोजक शर्मिला डाबर ने स्पष्ट किया कि वास्तविक शुल्क 50 रुपए प्रति घंटा है। उन्होंने बताया कि मासिक शुल्क लगभग 1,500 रुपए है और एक घंटे से अधिक समय तक रुकने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है। उद्घाटन कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी सहित अन्य अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

High BP Tips: पूरी गर्मी कंट्रोल रहेगा हाई ब्लड प्रेशर, बस घर पर रोज करें ये आसान प्राणायाम

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Last Updated:April 12, 2026, 21:36 IST Manage High BP Naturally: हाई बीपी हार्ट डिजीज के रिस्क को काफी ज्यादा बढ़ाती है, ऐसे में इसे कंट्रोल करना बहुत जरूरी होता जाता है. अच्छी बात ये है कि दवाओं के साथ-साथ योग और सही जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. शीतकारी प्राणायाम हाई बीपी को कंट्रोल करने वाला ऐसा ही नेचुरल तरीका है. ख़बरें फटाफट Manage High BP Naturally: आजकल बदलती जीवनशैली अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान के कारण हाई ब्लड प्रेशर एक आम समस्या बन गया है. दुनियाभर में करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं और भारत में यह हार्ट डिजीज व स्ट्रोक का बड़ा कारण माना जाता है. अच्छी बात यह है कि दवाओं के साथ-साथ योग और सही जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. इन्हीं योग तकनीकों में से एक है शीतकारी प्राणायाम, जो एक आसान और प्रभावी श्वास अभ्यास है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ मन को शांत करता है और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है. क्या होता है शीतकारी प्राणायामशीतकारी प्राणायाम में मुंह के जरिए धीरे-धीरे सांस अंदर ली जाती है. इससे शरीर में ठंडक महसूस होती है, जो खासतौर पर गर्मियों में बहुत फायदेमंद होती है. यह अभ्यास तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे ब्लड प्रेशर पर सकारात्मक असर पड़ता है. साथ ही यह शरीर के नर्वस सिस्टम को संतुलित करने में भी मदद करता है. नियमित अभ्यास से कई फायदे मिलते हैंयह दिल की धड़कन को सामान्य रखने में मदद करता है, शरीर को ठंडा रखता है और पाचन से जुड़ी गर्मी की समस्याओं को कम करता है. इसके अलावा यह सांस लेने की गति को धीमा करता है, जिससे शरीर को ऑक्सीजन बेहतर तरीके से मिलती है और फेफड़े मजबूत होते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता, इसलिए इसे दवाओं के साथ सुरक्षित रूप से किया जा सकता है. साइंस ने भी माना फायदेमंदकुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि शीतकारी और शीतली प्राणायाम हल्के और मध्यम हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं. इसका मुख्य कारण तनाव में कमी और शरीर के रिलैक्स होने की प्रक्रिया है. कैसे करें शीतकारी प्राणायामइसे करने का तरीका भी बहुत आसान है. आराम से किसी शांत जगह पर बैठ जाएं, पीठ सीधी रखें और आंखें बंद कर लें. अब दांतों को हल्का सा मिलाएं और होंठ थोड़े खुले रखें. दांतों के बीच से धीरे-धीरे सांस अंदर लें. फिर मुंह बंद करके नाक से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें. रोजाना 10 मिनट तक इसका अभ्यास करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 12, 2026, 21:36 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

राजगढ़ अस्पताल में हाईटेक ओटी शुरू, मंत्री ने शुभारंभ किया:बुलाए नहीं जाने पर विधायक अमरसिंह बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं, CM से शिकायत करूंगा

राजगढ़ अस्पताल में हाईटेक ओटी शुरू, मंत्री ने शुभारंभ किया:बुलाए नहीं जाने पर विधायक अमरसिंह बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं, CM से शिकायत करूंगा

राजगढ़ जिला अस्पताल में तैयार चार हाईटेक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का रविवार को राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने विधिवत फीता काटकर शुभारंभ किया। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से यह बड़ी सौगात मानी जा रही है, लेकिन कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किए जाने से सियासी विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में राजगढ़ विधायक अमरसिंह यादव और नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू को नहीं बुलाया गया। इसे लेकर दोनों जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। विधायक ने इसे जनप्रतिनिधि का अपमान बताते हुए सीधे उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी दी। विधायक बोले- प्रशासन की तानाशाही मामले को लेकर विधायक अमरसिंह यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आज राजगढ़ जिला मुख्यालय पर एक मॉड्यूलर ओ.टी. का लोकार्पण मध्य प्रदेश शासन के लोकप्रिय मंत्री गौतम टेटवाल द्वारा किया गया है। उसमें क्षेत्रीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को सूचना नहीं दी गई। प्रशासन द्वारा यहां तानाशाही की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और मैं उसी पार्टी का विधायक हूं, फिर भी मुझे कानों-कान खबर नहीं हुई। मंत्री जी और मैं एक ही कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी मुझे नहीं बताया और वहां चुपचाप चले गए। मैं प्रशासन की घोर निंदा करता हूं और इस मामले को लेकर संगठन में तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिकायत भी करूंगा। इस प्रकार एक जनप्रतिनिधि का अपमान यहां कराया जा रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में इतने बड़े कार्यक्रम की जानकारी तक न देना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सीएमएचओ और सिविल सर्जन के खिलाफ शिकायत की जाएगी। नपाध्यक्ष बोले- अस्पताल प्रबंधन की मनमानी, शिकायत करेंगे नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय स्तर का कार्यक्रम था, इसके बावजूद न विधायक को बुलाया गया, न उन्हें और न ही मंडल अध्यक्ष को सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन मनमानी कर रहा है और जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से शिकायत करने की बात कही। मंत्री बोले- अब गंभीर सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना होगा राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि नए मॉड्यूलर ओटी शुरू होने से अब जिले के मरीजों को इंदौर या भोपाल जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां मेजर, माइनर, ऑर्थोपेडिक और अन्य जटिल सर्जरी की सुविधा मिलेगी। उन्होंने ओटी का निरीक्षण कर मशीनों और व्यवस्थाओं की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं ओटी इन मॉड्यूलर ओटी में आधुनिक एयर फिल्टर सिस्टम और एंटी-बैक्टीरियल कोटिंग की सुविधा है, जिससे सर्जरी के दौरान संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इन ओटी के माध्यम से गंभीर बीमारियों की सर्जरी और अधिक सुरक्षित व सुलभ हो सकेगी। कार्यक्रम में एसपी अमित कुमार तलोनी, सीएमएचओ डॉ. शोभा पटेल, सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा सहित चिकित्सा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

रायसेन सहित 4 जिलों का कृषि रोडमैप जारी:सही फसल और टिकाऊ खेती पर जोर; प्रत्येक ब्लॉक में 'बीज ग्राम' विकसित किए जाएंगे

रायसेन सहित 4 जिलों का कृषि रोडमैप जारी:सही फसल और टिकाऊ खेती पर जोर; प्रत्येक ब्लॉक में 'बीज ग्राम' विकसित किए जाएंगे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव के दौरान रविवार शाम को सीहोर, विदिशा, देवास और रायसेन जिले के लिए एक समग्र कृषि रोडमैप जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का अवलोकन किया और किसानों से संवाद करते हुए कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण, नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाना आवश्यक है। गेहूं-धान पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य मंत्री चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय मिट्टी, जलवायु और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सही फसल का चयन करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस रोडमैप में जल प्रबंधन, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन), बाजार से जुड़ाव और जलवायु-सहिष्णु खेती पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। रोडमैप में गेहूं और धान पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बजाय, टमाटर, प्याज, लहसुन, अनार जैसी सब्जियों और फलों के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी नई फसलों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। किसानों के लिए ‘सॉइल मोबाइल ऐप’ लॉन्च वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सॉइल मोबाइल ऐप’ लॉन्च किया गया है। यह ऐप किसानों को खेत पर ही खाद की सही मात्रा जानने में मदद करेगा। इसके अतिरिक्त, सॉइल हेल्थ कार्ड के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। चौहान ने घोषणा की कि प्रत्येक ब्लॉक में ‘बीज ग्राम’ विकसित किए जाएंगे, जहां किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे कृषि उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है। किसानों को रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराने के लिए क्लीन प्लांट सेंटर, तथा कृषि मशीनों की सुविधा के लिए मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और प्रोसेसिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया। साथ ही, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करके किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे खेती को टिकाऊ और अधिक लाभकारी बनाया जा सके। कार्यक्रम के बाद, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से भी चर्चा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह रोडमैप चारों जिलों के किसानों के लिए अत्यधिक फायदेमंद साबित होगा। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा भी उपस्थित थे।

कई मसालों पर भारी है यह अकेला पत्ता, खाने के बाद नहीं होती गर्मी और एसिडिटी

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Last Updated:April 12, 2026, 20:10 IST आज के दौर में जहां लोग मिलावटी मसालों और प्रोसेस्ड फूड के कारण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, वहां ऑल स्पाइस जैसे प्राकृतिक विकल्प की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. यह पौधा न केवल गृहिणियों के लिए रसोई के बजट को संतुलित करने में सहायक है, बल्कि यह शरीर को भारी मसालों की गर्मी और एसिडिटी से भी बचाता है. सीतामढ़ी: ऑल स्पाइस एक ऐसा मसाला पौधा है जो अपनी बहुमुखी सुगंध और औषधीय गुणों के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस पौधे की सबसे बड़ी विशेषता इसके नाम में ही है. इसमें लौंग, दालचीनी और जायफल जैसे कई मसालों की मिली-जुली खुशबू आती है. रसोई में सब्जी बनाते समय यदि केवल इसके पत्तों का छौंक लगा दिया जाए तो किसी अन्य मसाले की जरूरत नहीं रहती. यह भोजन की महक और स्वाद बढ़ाने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है. यह उन लोगों के लिए भी बेहतरीन है जिन्हें खाने में ज्यादा मसाला पसंद नहीं होता. उनके लिए ऑल स्पाइस बेहतरीन मसाला साबित हो रहा है. हमने इस मसाले के बारे में उनसे जानकारी ली जो लंबे समय से इसका सेवन कर रहे हैं. सीतामढ़ी के भाग्यनारायण सिंह करीब 10 वर्षों से लगातार ऑल स्पाइस का सेवन कर रहे हैं. वह इसे अपने दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं. उनके अनुसार, इस पौधे के इस्तेमाल से न केवल पाचन तंत्र बेहतर रहता है, बल्कि यह मसालों से होने वाले नुकसान से भी बचाता है. यह एक ही मसाला कई मसालों का स्वाद और महक दे देता है. भाग्यनारायण सिंह बताते हैं कि इसके नियमित उपयोग से सब्जी का स्वाद इतना बढ़िया हो जाता है कि बाजार के मिलावटी पिसे मसालों की कभी कमी महसूस ही नहीं होती. 10 साल का यह लंबा अनुभव बताता है कि यह पौधा टिकाऊ और स्वास्थ्यवर्धक है. तेजपत्ते की तरह करें इस्तेमालदेखने में यह पौधा काफी आकर्षक होता है और लगभग 7-8 फीट ऊंचा जाता है. इसकी पत्तियों का उपयोग ठीक उसी तरह किया जाता है जैसे भारतीय रसोई में तेजपत्ते का इस्तेमाल होता है. भाग्यनारायण सिंह ने बताया कि इसके पत्तों को सुखाकर या सीधे तोड़कर छौंक में डाला जा सकता है. दालचीनी के पौधे की तरह दिखने वाला यह पौधा घर के बगीचे में आसानी से लगाया जा सकता है. रिपोर्टर से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसकी महक इतनी तेज और बेहतरीन है कि यह पूरे घर को अपनी खुशबू से भर देता है और भोजन को पौष्टिक बनाता है. स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का नया विकल्पआज के दौर में जहां लोग मिलावटी मसालों और प्रोसेस्ड फूड के कारण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, वहां ऑल स्पाइस जैसे प्राकृतिक विकल्प की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है. यह पौधा न केवल गृहिणियों के लिए रसोई के बजट को संतुलित करने में सहायक है, बल्कि यह शरीर को भारी मसालों की गर्मी और एसिडिटी से भी बचाता है. यदि आप भी अपनी रसोई में स्वाद के साथ-साथ सेहत का तड़का लगाना चाहते हैं, तो आप भी भाग्यनारायण सिंह की तरह ऑल स्पाइस के पौधे को अपने बगीचे का हिस्सा बना सकते हैं. यह भविष्य की स्मार्ट कुकिंग की ओर एक बड़ा कदम है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar First Published : April 12, 2026, 20:10 IST

खेलते-खेलते पानी के टैंक में गिरी मासूम की मौत:राजगढ़ में घर पर अकेली थी 4.5 साल की बच्ची; परिजन शादी में गए थे

खेलते-खेलते पानी के टैंक में गिरी मासूम की मौत:राजगढ़ में घर पर अकेली थी 4.5 साल की बच्ची; परिजन शादी में गए थे

राजगढ़ के देवझिरी गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में साढ़े चार साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची खेलते-खेलते घर के अंदर बने पानी के टैंक में गिर गई, जिससे उसकी जान चली गई। मृतक बच्ची की पहचान माहीरा (4.5 वर्ष) के रूप में हुई, जो अपने मामा बद्रीलाल गुर्जर के घर रह रही थी। पुलिस के अनुसार, घटना के समय परिजन एक शादी समारोह में गए हुए थे और बच्ची घर में अकेली खेल रही थी। इसी दौरान वह अनजाने में टैंक में गिर गई। परिजनों को घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत बच्ची को बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

देवास में उपमुख्यमंत्री, अंबेडकर जयंती पर दिया समानता का संदेश:वंदे मातरम विवाद और ब्लैकमेलिंग-भ्रूण हत्या मामले पर बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

देवास में उपमुख्यमंत्री, अंबेडकर जयंती पर दिया समानता का संदेश:वंदे मातरम विवाद और ब्लैकमेलिंग-भ्रूण हत्या मामले पर बोले- दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा रविवार को देवास पहुंचे। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हितग्राही सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि बाबा साहब का जन्म मध्यप्रदेश की धरती पर हुआ। उन्होंने बाबा साहब के योगदान को याद करते हुए समाज में समानता और न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम के सदन में वंदे मातरम गायन को लेकर हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने इस घटना को गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। देवास में सामने आए ब्लैकमेलिंग और कन्या भ्रूण हत्या से जुड़े वायरल वीडियो मामले पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून अपना काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने न्याय का आश्वासन देते हुए कहा कि गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा।

अद्भुत है पेड़ों पर फलने वाली ‘जंगल जलेबी’, खाने से हड्डियां रहती हैं बुढ़ापे तक मजबूत, ये बड़े फायदे भी जान लें

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Last Updated:April 12, 2026, 18:38 IST jungle jalebi ke fayde: आप चीनी की चाशनी में डूबी जलेबी तो खूब खाते होंगे, लेकिन क्या जंगलों में पेड़ों पर फलने वाली जंगल जलेबी का स्वाद कभी चखा है? वैसे तो ये आसानी से नहीं मिलती है, लेकिन कहीं दिख जाए तो जरूर खरीद कर खाएं. स्वाद के साथ ही ये सेहत के लिए बेहद ही फायदेमंद होती है. इसके सेवन से इम्यूनिटी बूस्ट होती है. हड्डियां मजबूत होती हैं. जानिए, जंगल जलेबी में मौजूद पोषक तत्वों और इसके फायदों के बारे में यहां… जंगल जलेबी के फायदे. Jungle jalebi ke fayde: मीठी-मीठी मिठाई जलेबी तो आपने खूब खाई होगी. लेकिन पौष्टिक तत्वों से भरपूर पेड़ों पर फलने वाली जंगल जलेबी के बारे में शायद ही सुना हो. इस अनोखे फल का आयुर्वेद में खासा स्थान है. इसका स्वाद मीठे-खट्टे का मिश्रण है, जो सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है. आयरन, कैल्शियम, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह फल इम्युनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और हड्डियों को मजबूत बनाने में खासा मददगार है. जंगल जलेबी का वैज्ञानिक नाम पीथेसेलोबियम डल्स है. इसे मनीला तमरिंद या मद्रास थॉर्न के नाम से भी जाना जाता है. यह एक मध्यम आकार का सदाबहार पेड़ है, जिसकी फलियां मुड़ी हुई और जलेबी की तरह दिखती हैं. पकने पर ये फलियां लाल या गुलाबी रंग की हो जाती हैं. अंदर सफेद गूदेदार पल्प होता है, जिसमें मीठा-खट्टा स्वाद होता है. एक फली में करीब 10 बीज होते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. यह फल पौष्टिक तत्वों का खजाना है. इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो एनीमिया से बचाता है और एनर्जी बढ़ाता है. कैल्शियम और फॉस्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं. विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह इम्युनिटी बूस्ट करता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. एंटीऑक्सीडेंट्स (फ्लेवोनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्स) शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करते हैं, सूजन घटाते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. पाचन की दृष्टि से भी यह फल बेहद उपयोगी है. इसमें डाइटरी फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो कब्ज दूर करता है, आंतों को स्वस्थ रखता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है. कई अध्ययनों में इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और ब्लड डायबिटीज नियंत्रित करने वाले गुण भी पाए गए हैं. पारंपरिक चिकित्सा में इसका इस्तेमाल पेट की समस्याओं, बुखार और त्वचा संबंधी परेशानियों में किया जाता है. इसके अलावा, कांटेदार होने के कारण यह पेड़ फेंसिंग और बाड़ के रूप में भी उपयोगी है. यह तेजी से बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी मदद करता है. गर्मियों में सड़क किनारे या बाजार में आसानी से उपलब्ध यह फल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद है. खास बात है कि इसे कच्चा खाया जा सकता है या जूस बनाकर पिया जा सकता है. हालांकि, ज्यादा मात्रा में सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 18:38 IST

बहरी तहसील में भृत्य पर रिश्वतखोरी का आरोप:दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश दिए

बहरी तहसील में भृत्य पर रिश्वतखोरी का आरोप:दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल; कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश दिए

सीधी जिले की बहरी तहसील में पदस्थ एक भृत्य पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। मझरेती खुर्द निवासी आशीष कुमार मिश्रा ने कलेक्टर विकास मिश्रा से शिकायत की है कि फाइल क्लियर करने के नाम पर उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया है कि लोकेश श्रीवास, जो वर्ष 2016 में भृत्य (चतुर्थ श्रेणी) पद पर नियुक्त हुए थे, वर्तमान में लिपिक का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बहरी तहसील में वर्ष 2018 से बाबू और लिपिक के पद रिक्त पड़े हैं, जिसका फायदा उठाकर श्रीवास काश्तकारों से मनमाने तरीके से पैसे वसूल रहे हैं। आशीष मिश्रा के अनुसार, उनके पिता और उनके नाम से संबंधित एक फाइल तहसील में लंबित थी। इसे क्लियर करने के लिए उनसे 7000 रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो उनकी फाइल को जानबूझकर लंबे समय तक रोका गया और उन्हें परेशान किया गया। दो हजार नहीं देने पर रोकी फाइल मिश्रा ने बताया कि अंततः उन्होंने मजबूरी में फोन के माध्यम से 5000 रुपए दिए, लेकिन इसके बावजूद उनका काम नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शेष 2000 रुपए न देने पर लोकेश श्रीवास ने बार-बार कहा कि 5000 रुपए तहसीलदार को देने पड़ते हैं और 2000 रुपए वह स्वयं लेते हैं। पैसे न देने की स्थिति में काम न करने की धमकी दी गई और उनकी फाइल को आगे बढ़ाने के बजाय रोक दिया गया, जबकि उसी दिन उसका निराकरण संभव था। रविवार को शिकायत सामने आने के बाद यह मामला गरमा गया है। आरोपों पर सफाई देते हुए लोकेश श्रीवास ने कहा कि वह भृत्य पद पर हैं, लेकिन कंप्यूटर ज्ञान होने के कारण उनसे लिपिकीय कार्य लिया जाता है। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवैध वसूली से इनकार करते हुए कहा कि वे शासन के नियमों के अनुसार ही कार्य करते हैं। दोषी पर सख्त कार्रवाई करेंगे कलेक्टर विकास मिश्रा ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जल्द ही मामले की जांच कराई जाएगी और यदि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से पैसे मांगता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं दो माह के लिए प्रभार में था तहसीलदार बहरी इंद्रभान सिंह ने बताया कि ऐसी कोई भी जानकारी मुझे नहीं है। पूर्व नायब तहसीलदार जे पी पांडे का ट्रांसफर सिहावल हो गया है इसलिए मैं 2 महीने के लिए प्रभार में था। मैं इस पूरे मामले की जांच करवाता हूं।