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उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी – Jhansi News

उमा भारती के लिए चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकी: झांसी में 5 मिनट खड़ी रही; रेलवे बोला- ट्रेन समय पर थी, पूर्व CM ने कहा- पहले छूटी - Jhansi News

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी में चेन पुलिंग कर पंजाब मेल रोकनी पड़ी। उमा भारती प्लेटफॉर्म पर पहुंचीं तो नई दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल रवाना हो चुकी थी। . ट्रेन आधा प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी। उमा के समर्थकों ने तत्काल ट्रेन को रुकवाया। उन्हें ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच A-1 में सवार होना था। लेकिन जब तक ट्रेन रुकी, कोच A-1 यार्ड में पहुंच चुका था। इस कारण वह B-1 कोच में सवार हुईं। उन्होंने ट्रेन के गेट पर ही खड़ी होकर मीडिया से बात भी की। चेन पुलिंग के चलते ट्रेन के ब्रेक की एयर रिलीज हो चुकी थी। ट्रेन 5 मिनट तक आधी प्लेटफॉर्म और आधी यार्ड में खड़ी रही। उमा भारती के ट्रेन में सवार होने के बाद गाड़ी को आगे रवाना किया गया। उमा भारती ने कहा- ट्रेन समय से पहले रवाना हो गई थी। यह पूरी घटना रेलवे की अव्यवस्था का नतीजा है। आज जो मेरे साथ हुआ है, वो आए दिन यात्रियों के साथ हो रहा है। मथुरा, झांसी और ललितपुर जैसे स्टेशनों पर अक्सर ऐसी दिक्कतें आती हैं। महिलाएं सामान और बच्चों के साथ प्लेटफार्म पर दौड़ती भागती हैं। बुजुर्गों और दिव्यांगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उमा भारती को थर्ड एसी में चढ़ना पड़ा। अब जानिए पूरा मामला… उमा भारती का दावा- 2 बजकर 18 मिनट पर स्टेशन पर पहुंच गई थी पूर्व सीएम उमा भारती ने दावा किया कि वे रविवार दोपहर 2:18 बजे झांसी रेलवे स्टेशन आ गई थीं। ट्रेन 2:23 बजे की थी। उमा भारती ने कहा- मैं एस्केलेटर से जा रही थी, लेकिन अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। कुछ दूरी चलने पर ई-कार्ट के सामने से एक ट्रेन निकली, इसलिए पांच मिनट तक वहीं खड़े रहना पड़ा। फिर हाथ ठेला निकला। इसके चलते ट्रेन छूट गई। रेल मंत्री को X पर लेटर लिखा- स्टेशन पर संवेदनशीलता का अभाव उमा भारती ने घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया X पर एक लेटर लिखा है। उमा भारती ने कहा, मैंने पूर्व में मथुरा रेलवे स्टेशन की यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। मेरे साथ आज फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई जिसमें कोई अपराधी नहीं है, बल्कि स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाओं के निर्माण में व्यावहारिक संवेदनशीलता का अभाव कारण बना है। अफसरों ने ई-कार्ट से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद उमा भारती प्लेटफॉर्म तक ई-कार्ट से गईं। सीसीटीवी निकलवाए जाएं उमा भारती ने लिखा- झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी निकलवाए जाएं। मैं झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थी और यह ट्रेन निर्धारित समय से पूर्व टाइम पर आ गई और निर्धारित समय से पूर्व प्रस्थान हो गई। मुझे बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 नंबर की तरफ ले जाया जा रहा था। इतने में उसी ट्रैक से एक गाड़ी लंबे समय तक गुजरी और हम खड़े रहे। फिर जब थोड़ा आगे बढ़े तो एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ था। उसको निकालने में मेरे सुरक्षाकर्मियों ने सहयोग किया फिर जब मैं 4 नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची तथा जिस ट्रेन पंजाब मेल में मुझे बैठना था, वह चलती जा रही थी। किसने चेन खींची, जिसका मुझे अंदाज नहीं है और मुझे ट्रेन में बैठा दिया गया। मिलकर मथुरा और झांसी की घटनाएं बताऊंगी उमा ने आगे लिखा- सब कुछ समय के अनुसार था, किसी से कोई भूल नहीं थी। ट्रेन के तीन-चार मिनट मेरे लिए खराब हुए। इसमें पहला कारण था ट्रेन का समय से पहले पहुंचना तथा समय से 2 मिनट पहले निकल जाना। रेल के अंदर संचालित करने वाले अधिकारियों की गलती उमा भारती ने कहा, मेरा तो छोड़ दीजिए लेकिन आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री पुरुष बहुत सारा सामान एवं गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होते हैं। मैं झांसी रेलवे के अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों के द्वारा हुई। मैं आपसे फिर कहूंगी कि आप इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दीजिए। रेलवे का दावा- अपने समय पर छूटी थी ट्रेन नेशनल ट्रेन इन्क्वारी सिस्टम के मुताबिक, ट्रेन अपने निर्धारित समय दोपहर 2.15 की जगह 6 मिनट पहले 2.09 बजे प्लेटफॉर्म 4 पर आ गई थी। इसके बाद उसे 8 मिनट के स्टॉप के बाद 2.23 पर रवाना होना था और ट्रेन अपने निर्धारित टाइम पर ही छूटी थी। बाद में उसे चेन पुलिंग कर रोका गया तो फिर 2.28 बजे रवाना हुई। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया- मुंबई-फिरोजपुर पंजाब मेल की चेन पुलिंग उमा भारती ने नहीं कराई थी। कुछ यात्री, जो खाना और पानी लेने के लिए झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर उतरे थे, उन्होंने जब देखा कि ट्रेन चलने लगी है तो उन्हीं यात्रियों के साथियों ने चेन पुलिंग कर दी थी। रेलवे के सिस्टम में ऐसा नहीं होता कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म छोड़ दे। हां, ये बात जरूर है कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले स्टेशन पर पहुंच जाती है। फिर भी हम मामले की जांच करा रहे हैं कि समय से पहले ट्रेन चलाई गई थी या नहीं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- मिर्जापुर में वकील की हत्या करने वाले का एनकाउंटर:दोनों पैर में गोली लगी, पुलिसवाले टांगकर ले गए; मॉर्निंग वॉक पर मारी थी गोली मिर्जापुर में सीनियर वकील राजीव सिंह की हत्या करने वाले 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर को पुलिस ने शनिवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिसकर्मी उसे कंधे पर टांगकर गाड़ी तक ले गए, फिर मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…

सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:12 अप्रैल, 2026, 16:43 IST सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा में घटना से एक दिन पहले, आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी ने एक बैठक की और लोगों से विरोध में शामिल होने का आग्रह किया। एनआईए ने कहा कि आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। (छवि: न्यूज18) एनआईए ने रविवार को एसआईआर घेराव मामले में आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया, जिसमें पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया था। न्यायिक अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था। जानकारी के मुताबिक रब्बानी इस इलाके में आईएसएफ नेता हैं. सूत्रों ने एक्सक्लूसिव तौर पर बताया न्यूज18 कि मोथाबारी में घटना से एक दिन पहले उन्होंने वहां एक बैठक की थी और लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था. एनआईए ने कहा कि वह इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसने उस बैठक के दौरान न्यायिक अधिकारियों पर हमला करने की पहले से योजना बनाई थी। इसमें कहा गया कि उसे एक-एक घंटे में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 12 अप्रैल, 2026, 16:36 IST समाचार चुनाव सर घेराव मामला: आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी गिरफ्तार, एनआईए जांच कर रही है कि क्या उन्होंने न्यायिक अधिकारियों पर हमले की ‘योजना’ बनाई थी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एनआईए ने आईएसएफ नेता गुलाम रब्बानी को हिरासत में लिया(टी)एनआईए जांच(टी)आईएसएफ नेता की गिरफ्तारी(टी)एसआईआर घेराव मामला(टी)मालदा पश्चिम बंगाल(टी)न्यायिक अधिकारियों पर हमला(टी)चुनावी सूची संशोधन(टी)मोथाबारी विरोध

युंगाडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइनंस पर भी रोक लगा देंगे

युंगाडा आर्मी चीफ ने तुर्किये से सबसे खूबसूरत महिला मांगी:कहा- शादी करूंगा, नहीं मिली तो डिप्लोमेटिक रिश्ते तोड़ेंगे, तुर्किश एयरलाइनंस पर भी रोक लगा देंगे

युगांडा के आर्मी चीफ मुहूजी काइनरुगाबा ने तुर्किये से 1 अरब डॉलर और ‘सबसे खूबसूरत महिला’ को अपनी पत्नी बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं हुई तो तुर्किये के साथ कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए जाएंगे और तुर्किश एयरलाइन पर भी रोक लगाई जा सकती है। काइनरुगाबा ने X पर लिखा कि अगर तुर्किये ने हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 30 दिन के भीतर संबंध तोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि या तो वे हमें भुगतान करें या हम उनका दूतावास बंद कर देंगे। उन्होंने युगांडावासियों को तुर्किये यात्रा से बचने की सलाह दी और साथ ही इजराइल के समर्थन में 1 लाख सैनिक भेजने की पेशकश भी की। हालांकि, इस पर तुर्किये या सोमालिया की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह बयान सरकारी नीति है या उनकी निजी राय। सोमालिया मिशन का हवाला देकर 1 अरब डॉलर मांगे कैनेरुगाबा ने पोस्ट में तुर्किये पर आरोप लगाया कि उसने सोमालिया में इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स से फायदा उठाया, जबकि युगांडा ने अल-शबाब जैसे आतंकी संगठनों से लड़ने का बोझ उठाया। इसी आधार पर उन्होंने 1 अरब डॉलर की मांग की। हाल ही में भी काइनरुगाबा ने सोशल मीडिया पर कई विवादित पोस्ट किए हैं। उन्होंने विपक्षी नेता बॉबी वाइन को लेकर सिर काटने जैसी धमकी दी, जिस पर काफी विवाद हुआ। हालांकि बाद में उन्होंने इसे मजाक बताया और माफी मांग ली। इसी बीच, काइनरुगाबा ने कुछ दिन पहले X से हटने के बाद फिर वापसी की है। उन्होंने ‘आई एम बैक’ लिखकर वापसी की घोषणा की और कहा कि वे दुनिया को हिला देंगे। उन्होंने 7 दिन पहले कहा था कि वे X छोड़ रहे हैं ताकि अपनी सैन्य जिम्मेदारियों पर ज्यादा ध्यान दे सकें। वापसी के बाद उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया कि जो भी व्यक्ति सेना जैसी वर्दी में दिखे, उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने एक अमेरिकी राजनयिक को भी गिरफ्तार करने की धमकी दी, अगर वह उन्हें सलाम नहीं करता। काइनरुगाबा, जो 50 साल के हैं, युगांडा की सेना में अहम भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपने पिता का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है। हालांकि राष्ट्रपति मुसेवेनी ने इससे इनकार किया है। हालांकि कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे धीरे-धीरे खुद को राजनीति में स्थापित कर रहे हैं और भविष्य में राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक युगांडा में मुसेवेनी 1986 से सत्ता में हैं, ऐसे में अगर बेटे को उत्तराधिकारी माना जाए तो यह संदेश जाता है कि सत्ता एक ही परिवार में ट्रांसफर हो रही है। मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने इस तरह की मांग की हो। 2022 में उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से शादी के बदले 100 गाय देने की पेशकश की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि अगर इटली ने प्रस्ताव ठुकराया, तो रोम पर कब्जा करना पड़ेगा। इस बयान के बाद उनके पिता और युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को माफी मांगनी पड़ी थी। 2022 में उन्होंने केन्या पर हमला करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि नैरोबी पर कब्जा करने में दो हफ्ते भी नहीं लगेंगे। इसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से पद से हटा दिया गया था और सरकार को माफी मांगनी करनी पड़ी थी। रूस-येक्रेन युद्ध में रूस का किया समर्थन इससे पहले उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन का समर्थन किया था और केन्या के तुर्काना समुदाय को लेकर भी विवादित बयान दिए थे। फरवरी 2022 में उन्होंने ट्वीट कर कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सही हैं और दुनिया के कई अश्वेत लोग रूस के साथ हैं। इसके बाद मार्च 2023 में उन्होंने यह भी कहा कि अगर मॉस्को पर कोई खतरा आया, तो युगांडा अपनी सेना भेजेगा। वहीं अक्टूबर 2022 में उनके एक और बयान से केन्या के साथ रिश्ते बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि उनकी सेना दो हफ्ते से भी कम समय में नैरोबी पर कब्जा कर सकती है। इस बयान के बाद उनके पिता और राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को केन्या से माफी मांगनी पड़ी। —————————–

वरिष्ठ वकील और बेटे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज:शाजापुर में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने की कार्रवाई

वरिष्ठ वकील और बेटे पर धोखाधड़ी का केस दर्ज:शाजापुर में हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने की कार्रवाई

शाजापुर कोतवाली पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देश पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे और उनके बेटे अखिलेश पांडे के खिलाफ कूट रचना,अमानत में खनायत और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। शिकायत कर्ता महेश पांडे अभिभाषक नारायण प्रसाद पांडे के छोटे भाई है। शिकायत कर्ता के नाम पर दो बैंकों से चार करोड़ का लोन ले लिया। माता-पिता की वसीयत के अनुसार संपत्ति में दोनों भाईयों का बराबरी का हिस्सा था लेकिन अभिभाषक पांडे और उनके बेटे अखिलेश ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार महेश पांडे के फर्जी हस्ताक्षरों और शपथ पत्र के माध्यम से बंधन और आईसीआईसीआई बैंक में संपत्ति बंधक रखकर चार करोड़ का लोन ले लिया। महेश पांडे नौकरी में थे और उनकी संपत्ति की देखभाल बड़े भाई करते थे।रिटायर्ड होने के बाद जब शाजापुर आएं और सिविल चेक की तो पता चला बैंकों से लोन है। उन्होंने कोई लोन नहीं लिया और बैंक से जानकारी निकाली तो पता चला बड़े भाई और भतीजे ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी कर ली। धोखाधड़ी की जानकारी लगने के बाद शिकायत कर्ता ने दस्तावेज इकट्ठा करने शुरू किए। बैंकों में दस्तावेज के लिए गए तो उन्हें देने से इंकार कर दिया। राजस्व विभाग और पंजीयन विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर कोतवाली पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने अभिभाषक पांडे के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत कर्ता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। अभिभाषक पांडे ने निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को सही ठहराते हुए पुलिस को तत्काल प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार कों कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष सिंह वाघेला ने रविवार दोपहर 1 बजे करीब बताया की पुलिस ने उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में आवेदक महेश कुमार पाण्डे निवासी नई सड़क शाजापुर की शिकायत पर वरिष्ठ अभिभाषक नारायण प्रसाद पाण्डे और अखिलेश पाण्डे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आवेदक ने आरोप लगाया कि आरोपियों द्वारा उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न स्थानों पर उपयोग किए गए। साथ ही बिना अनुमति उनके नाम पर बैंकों से करोड़ों रुपये का ऋण भी लिया गया। आवेदक के अनुसार, उन्हें अप्रैल 2023 में इस मामले की जानकारी मिली, जब उन्होंने अपने नाम पर बंधन बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में लिए गए ऋण की जानकारी प्राप्त की, जबकि उन्होंने स्वयं कोई ऋण नहीं लिया था। आवेदक ने बताया कि आरोपियों ने संयुक्त पारिवारिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किए और फर्जी हस्ताक्षर कर बंटवारे के आवेदन लगाएं। बाद में आपत्ति के बाद ये आवेदन वापस ले लिए गए। हस्तलिपि विशेषज्ञ की जांच में भी दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए हैं। इस मामले में आवेदक ने पहले पुलिस और प्रशासन को शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 156(3) के तहत जांच के आदेश दिए गए, जिसे बाद में सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय ने भी यथावत रखा। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत पाया गया है। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

खाड़ी संकट: रईस ग्राहक टाल रहे महंगी कारों की खरीदारी:देश में बिकीं रिकॉर्ड 47 लाख कारें, पर लग्जरी सेगमेंट की हिस्सेदारी महज 1%

देश में वित्त वर्ष 2025-26 में कारों की बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 47 लाख रही, लेकिन लग्जरी कारों की हिस्सेदारी 1% ही है। बीएमडब्ल्यू इंडिया के प्रेसिडेंट हरदीप सिंह बरार के मुताबिक पश्चिम एशिया तनाव ने खरीदारों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है, जिससे वे बड़ी खरीदारी टाल रहे हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी व सीईओ संतोष अय्यर ने भी माना कि वैश्विक हालात के कारण इस साल लग्जरी मार्केट फ्लैट रह सकता है। हालांकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 19,363 यूनिट्स की बिक्री की, जो किसी एक वित्त वर्ष का सबसे शानदार प्रदर्शन है। इससे पिछले साल 18,928 यूनिट्स बेची थी। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा। लग्जरी कारों में ईवी की मांग 83% बढ़ी ईंधन की कीमतें बढ़ने के डर से ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की ओर बढ़ रहे हैं। जनवरी-मार्च में बीएमडब्ल्यू की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 83% उछाल के साथ 1,185 तक पहुंच गई। अब कंपनी की कुल बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 26% है। मर्सिडीज की 1.4 करोड़ रुपए से महंगी इलेक्ट्रिक कारों की मांग भी 85% बढ़ी है। मर्सिडीज की इस कामयाबी के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘टॉप-एंड लग्जरी’ सेगमेंट का रहा। अमीर ग्राहकों की बढ़ती पसंद के चलते इस सेगमेंट में वित्त वर्ष 2025-26 में 16% की वृद्धि देखी गई, जबकि साल मार्च तिमाही में यह उछाल 25% तक जा पहुंचा।

छोड़िए चाय-कॉफी! घर पर बनाएं सफेद फूलों की हर्बल टी, सेहत सुधरेगी और तेजी से घटेगा वजन

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Last Updated:April 12, 2026, 13:35 IST Health News: पारिजात की चाय बनाना बहुत आसान है. इसके लिए 5-6 ताजे गिरे हुए फूल लें और उन्हें धोकर हल्के गर्म पानी में 9 से 10 मिनट तक उबाल लें. जब पानी का रंग बदल जाए, तो इसे छानकर कप में निकाल लें. सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की वादियों में पाया जाने वाला पारिजात, जिसे हरसिंगार, सेहरुआ या रातरानी के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों अपनी औषधीय खूबियों के चलते चर्चा में है. अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर यह फूल अब सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा. खासकर इसकी चाय को प्राकृतिक इलाज के रूप में अपनाया जा रहा है. आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में पारिजात को औषधीय गुणों का खजाना बताया गया है. आज जब लोग छोटी-छोटी बीमारियों के लिए दवाइयों पर निर्भर हो गए हैं, ऐसे में पारिजात की चाय एक सस्ता, सरल और असरदार विकल्प बनकर सामने आई है. यह फूल सफेद रंग का होता है, जिसकी डंडी नारंगी होती है. इसकी खासियत यह है कि यह रात में खिलता है और सुबह जमीन पर गिर जाता है, जिसे ग्रामीण लोग एकत्र कर उपयोग में लाते हैं. सीधी के आयुष अधिकारी डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि पारिजात के फूलों से बनी चाय में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. रोज सुबह खाली पेट इस चाय का सेवन करने से शरीर डिटॉक्स होता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है. खास बात यह है कि इसमें दूध की जरूरत नहीं होती, जिससे यह लैक्टोज इन्टॉलरेंट लोगों के लिए भी बेहतर विकल्प बन जाती है. माइग्रेन से मिलेगी राहतपारिजात के फूलों की चाय कई सामान्य बीमारियों में भी कारगर मानी जा रही है. एसिडिटी, सर्दी-जुकाम, जोड़ों का दर्द, सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्याओं में इससे राहत मिलती है. साथ ही यह मानसिक तनाव को कम करने और नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में भी सहायक है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसे प्राकृतिक टॉनिक के रूप में देखा जा रहा है और लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं. पारिजात की चाय बनाना आसानपारिजात की चाय बनाना भी बेहद आसान है. इसके लिए 5-6 ताजे गिरे हुए फूल लें और उन्हें हल्के गर्म पानी में 9 से 10 मिनट तक उबालें. जब पानी का रंग बदल जाए, तो इसे छानकर कप में निकाल लें. स्वाद के लिए इसमें शहद या नींबू की कुछ बूंदें मिलाई जा सकती हैं लेकिन दूध और चीनी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ताकि इसके औषधीय गुण बरकरार रहें. डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाहडॉ नरेंद्र पटेल ने कहा कि इस चाय का सेवन सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक फायदेमंद होता है. हालांकि किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज या गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लेनी चाहिए. बदलती जीवनशैली के बीच पारिजात की चाय एक प्राकृतिक, सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकती है. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : April 12, 2026, 13:35 IST

उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा

उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा

उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र के पनपथा गांव में मधुमक्खियों के हमले से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। वे खेत में गेहूं कटाई का काम कर रहा था। मृतक की पहचान गोविंद जायसवाल (65) के रूप में हुई है। वे अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित सोसायटी के पास खेत में गेहूं कटाई के बाद बोझा बांध रहे थे। मधुमक्खियों के हमले से किसान की हुई मौत इसी दौरान खेत के पास एक बरगद के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से अचानक झुंड बाहर निकला और गोविंद जायसवाल पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने उनके पूरे शरीर को घेर लिया। मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। ग्राम पंचायत पनपथा के सरपंच मूलचंद ने बताया कि यह हादसा गेहूं कटाई के बाद बोझा बांधते समय हुआ।

एफ-1 टीम मर्सिडीज के बॉस का फलसफा:प्यार करने के लिए कोई अपना हो, कोई सार्थक काम हो और पूरा करने के लिए सपना हो

एफ-1 टीम मर्सिडीज के बॉस का फलसफा:प्यार करने के लिए कोई अपना हो, कोई सार्थक काम हो और पूरा करने के लिए सपना हो

फॉर्मूला-1 की दुनिया में मर्सिडीज टीम के बॉस और सीईओ टोटो वोल्फ की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। 2014 से 2020 तक लगातार सात ड्राइवर्स चैम्पियनशिप जीतने वाली उनकी टीम 2026 में फिर टॉप पर है। सफलता के शिखर पर बैठे वोल्फ मानते हैं कि एक खुशहाल और संतुष्ट जीवन के लिए तीन चीजें सबसे ज्यादा जरूरी हैं- प्यार करने के लिए कोई अपना हो, करने के लिए कोई सार्थक काम हो और पूरा करने के लिए कोई सपना हो। खाली बैठना इंसान को नकारात्मकता की ओर ले जाता है और बिना सपनों के इंसान कितनी भी बड़ी कामयाबी हासिल कर ले, वह डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। छह बिलियन डॉलर (लगभग 55 हजार करोड़ रुपए) का साम्राज्य चलाने वाले वोल्फ का मानना है कि फॉर्मूला वन सिर्फ मशीनों और डेटा का खेल नहीं है, बल्कि यह इंसानी जज्बातों से गहराई से जुड़ा है। उनका तर्क है कि फैसले डेटा नहीं, बल्कि इंसान लेते हैं। उनकी इस गहरी मानवीय सोच और मजबूत लीडरशिप के पीछे बचपन का कड़ा संघर्ष है। पिता की गंभीर बीमारी के बाद 8-9 साल की उम्र में ही उन पर छोटी बहन की जिम्मेदारी आ गई। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने उन्हें एक प्राइवेट स्कूल में भेजा था, लेकिन फीस न भर पाने के कारण अक्सर उन्हें और बहन को क्लास से बाहर कर दिया जाता था। उस दर्दनाक अपमान ने उनके अंदर खुद को साबित करने की एक जिद पैदा की। इसी संघर्ष ने उन्हें सिखाया कि अपने कर्मचारियों व परिवार को एक सुरक्षित माहौल कैसे देना है। वोल्फ खुद को माइक्रोमैनेजर कहते हैं, लेकिन उनका तरीका कर्मचारियों पर दबाव बनाने का नहीं है। माइक्रोमैनेजमेंट का मतलब हर काम खुद करना नहीं, बल्कि यह जानना है कि कंपनी के हर हिस्से में क्या चल रहा है। वे टीम को फैसले लेने की पूरी आजादी और गलतियों से सीखने का मौका देते हैं। वे उम्मीदवारों को उनकी तकनीकी काबलियत से ज्यादा ईमानदारी और विनम्रता के आधार पर चुनते हैं। हालांकि, वे ऑफिस पॉलिटिक्स बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते। टीम के ड्राइवर्स को संभालने में भी वोल्फ काफी व्यावहारिक हैं। वे मानते हैं कि ड्राइवर्स पर बचपन से ही रेस जीतने का भारी दबाव होता है। जब अन्य टीमें युवा ड्राइवर्स को कुछ गलतियां करने पर ही बाहर का रास्ता दिखा देती हैं, तब वोल्फ ने 18 साल के किमी एंटोनेली पर भरोसा जताया। किमी इस साल नंबर-1 पर हैं। वोल्फ सख्त फैसले लेने से भी नहीं हिचकिचाते। वे कहते हैं कि ट्रैक पर जी-जान से रेस करो, लेकिन अपनी ही टीम के साथी की कार से मत टकराओ। 2016 में जब मर्सिडीज के लुईस हैमिल्टन और निको रोसबर्ग आपस में टकरा गए थे, तो वोल्फ ने उन्हें सस्पेंड करने का ईमेल भेज दिया था। उन्होंने दोनों को फटकार लगाते हुए कहा कि फैक्ट्री में काम करने वाले 2500 कर्मचारी का भविष्य तुम्हारे प्रदर्शन पर टिका है। ड्राइवर्स की आपसी दुश्मनी का खामियाजा कर्मचारी नहीं भुगत सकते। इस सख्त चेतावनी ने टीम का माहौल हमेशा के लिए बदल दिया।

क्या आप प्लास्टिक वाली अरहर दाल खा रहे हैं? घर पर 2 मिनट में करें वॉटर टेस्ट, तुरंत पकड़ी जाएगी मिलावट

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Last Updated:April 12, 2026, 12:02 IST Is Your Arhar Dal Safe: बाजार में मिलने वाली अरहर दाल में खतरनाक मिलावट हो रही है. दाल का रंग चटक करने के लिए इसमें मेटानिल येलो नामक केमिकल मिलाया जाता है, जो सेहत के लिए खतरनाक होता है. हालांकि घर पर पानी टेस्ट के जरिए मिलावट को आसानी से पहचान सकते हैं. इससे आपको पता लग जाएगा कि दाल में रंग मिलाया गया है या नहीं. अरहर दाल की मिलावट वॉटर टेस्ट से चेक की जा सकती है. How to Identify Fake Arhar Dal At Home: आजकल बाजार में मिलने वाली अधिकतर चीजों में भयंकर मिलावट हो रही है. दूध, दही, पनीर, फल, सब्जी से लेकर दालों में खतरनाक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं, जो सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है. दालों में खतरनाक केमिकल्स और रंगों की मिलावट पाई जाती है. कई जगह आपने प्लास्टिक जैसी चमकदार अरहर दाल बिकते हुए देखी होगी, जो नेचुरल से काफी ज्यादा पीली होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जिस केमिकल से यह दाल पीली की जाती है, वह खाने लायक नहीं होता है और उसका इस्तेमाल कपड़ों और चमड़े की चीजों में किया जाता है. ऐसी दाल को खाने से पहले एक बार वॉटर टेस्ट जरूर करना चाहिए, ताकि पता चल सके कि दाल में मिलावट है या नहीं. अरहर दाल में कौन सा रंग मिलाया जाता है? एक्सपर्ट्स की मानें तो अरहर दाल को प्लास्टिक जैसा चमकदार बनाने के लिए इसमें मेटानिल येलो (Metanil Yellow) नामक सिंथेटिक केमिकल मिलाया जाता है. इसका उपयोग आमतौर पर कपड़ा और चमड़ा इंडस्ट्री में किया जाता है. यह केमिकल खाने लायक नहीं होता है, लेकिन फिर भी इसे दाल, हल्दी और अन्य खाद्य पदार्थों में चमक बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है. यह शरीर के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है और लंबे समय तक सेवन करने पर लिवर, किडनी और पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकता है. इसका ज्यादा सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा सकता है. दाल में रंग की मिलावट कैसे पहचानें? दाल में मिलावट पहचानने का सबसे आसान तरीका वॉटर टेस्ट है. आप घर पर इस आसान तरीके से दाल में रंग की मिलावट पहचान सकते हैं. इसके लिए एक गिलास पानी लें और उसमें कुछ मिनट के लिए अरहर दाल डालें. अगर दाल में कोई कृत्रिम रंग मिला होगा, तो पानी का रंग पीला या हल्का बदरंग हो जाएगा. असली और बिना मिलावट वाली दाल पानी में सामान्य रहेगी और उसका रंग नहीं छोड़ेगी. यह आसान टेस्ट घर पर ही 2 मिनट में मिलावट पकड़ने में मदद कर सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. मिलावटी दाल खाने से क्या नुकसान हैं? मिलावटी दाल का नियमित सेवन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे पेट दर्द, उल्टी, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक मेटानिल येलो जैसे केमिकल्स का सेवन लवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है. यह मिलावट आम लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है. दाल खरीदते वक्त जरूर बरतें ये सावधानी दाल खरीदते समय हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें. बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रूप से पीली दाल से बचें. पैकेज्ड दाल पर FSSAI मार्क जरूर देखें. साथ ही, घर पर पानी परीक्षण जैसे सरल तरीकों से समय-समय पर मिलावट की जांच करते रहें. थोड़ी सावधानी आपकी सेहत को बड़े खतरे से बचा सकती है. खाने-पीने की चीजों में मिलावट एक गंभीर समस्या है, जो हमारी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है. चमकदार दाल दिखने में भले ही अच्छी लगे, लेकिन इसके पीछे छिपे खतरनाक केमिकल्स शरीर के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इसलिए जागरुक रहें और सतर्क रहें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 12:02 IST

15 किसानों को 40 लाख की चपत लगाकर व्यापारी फरार:MSP से ज्यादा दाम का लालच; 1 महीने की उधारी पर गेहूं-चना खरीदकर परिवार समेत भागा

15 किसानों को 40 लाख की चपत लगाकर व्यापारी फरार:MSP से ज्यादा दाम का लालच; 1 महीने की उधारी पर गेहूं-चना खरीदकर परिवार समेत भागा

पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम जलकुआं (सिंगोट) में 15 किसानों को सरकारी खरीदी से ज्यादा भाव का लालच देकर 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गांव का ही व्यापारी एक महीने की उधारी में किसानों से गेहूं और चना खरीदकर अपने परिवार समेत फरार हो गया है। वर्तमान में किसान दौलतसिंह राजपूत सहित अन्य किसानों की शिकायत पर पिपलोद पुलिस ने आरोपी व्यापारी शंकर बलाही के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और पिछले 21 दिनों से गायब आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। 40 लाख की उपज खरीदी, पिकअप-गाड़ियां लेकर फरार जलकुआं निवासी किसान दौलतसिंह ने बताया कि उन्होंने 80 क्विंटल चना और 90 क्विंटल गेहूं मंडी में बेचने की बजाय व्यापारी शंकर को बेचा था। शंकर ने सरकारी खरीदी से भी ज्यादा भाव लगाते हुए गेहूं 2700 रुपए और चना 6500 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा था। उपज का पैसा एक महीने के भीतर देने की बात तय हुई थी। दौलतसिंह के अलावा गांव के 15 अन्य किसानों ने भी शंकर को ही अपनी उपज बेची थी। सभी किसानों का कुल हिसाब-किताब करीब 40 लाख रुपए का है। उपज खरीदने के बाद आरोपी अपनी पिकअप गाड़ियां और परिवार लेकर गांव से गायब हो गया है। 3 साल से कर रहा था खरीदी, भरोसा जीतकर दिया धोखा किसानों ने बताया कि शंकर गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उन्होंने उस पर भरोसा किया। गांव में शंकर की किराना व साड़ी की दुकान है और उसके पास पिकअप गाड़ियां हैं। वह पिछले 3 सालों से अनाज खरीदी का काम करता आ रहा था। पहले वह किसानों से एक महीने का वक्त लेता था और तय समय पर पूरा पैसा चुकता कर देता था, जिससे उस पर किसानों का भरोसा बढ़ गया था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने इस बार धोखा दिया। पिछले 21 दिनों से किसान शंकर की तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर अब उन्होंने पुलिस की शरण ली है।