शिक्षकों को मंत्री की सलाह, धरना नहीं सुप्रीम कोर्ट जाएं:सीएम अनुरोध यात्रा से पहले सरकार में अलग-अलग सुर, SC के फैसले पर टिकी नजर

18 अप्रैल को प्रस्तावित शिक्षकों की “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा” से पहले प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आने से मामला और गरमा गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में लगी पुनर्विचार याचिका के फैसले का इंतजार कर रही है, इसके बाद फैसला लिया जाएगा। किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से इस फैसले में बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षक एक दिन धरना दें या 100 दिन तक आंदोलन करें, इससे कुछ नहीं होने वाला। अगर उन्हें राहत चाहिए तो उन्हें सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। सरकार कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अवमानना (कंटेम्प्ट) में नहीं फंसना चाहती। सिंह ने यह भी कहा कि विधि विभाग से परामर्श लिया जा चुका है और सरकार अपनी सीमाओं के भीतर रहकर ही निर्णय ले सकती है। उन्होंने शिक्षक संगठनों से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा धरना-प्रदर्शन में खर्च करने के बजाय पुनर्विचार याचिका के माध्यम से न्यायालय में प्रयास करें। वहीं दूसरी ओर, शाजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बयान अपेक्षाकृत अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि पात्रता परीक्षा को लेकर स्थिति क्लियर करने की जरूरत है। इसको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश के सभी शिक्षक प्रभावित नहीं हैं, बल्कि केवल 2005 के पहले नियुक्त लगभग 70 हजार शिक्षक ही इसके दायरे में आते हैं। इसमें जनजाति कार्य विभाग के शिक्षक भी शामिल हैं। परमार ने स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा (टेट) को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों ने यह परीक्षा दी है, इसलिए उन पर यह नियम लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह मामला पश्चिम बंगाल के केस के आधार पर बना है। पश्चिम बंगाल के लोग सुप्रीम कोर्ट गए हैं उस पर पुनर्विचार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
केमिकल छोड़िए-देसी अपनाइए! मच्छरों पर भारी बघेलखंड का देसी जुगाड़, ‘प्याज का दीया’ दिलाएगा राहत

Last Updated:April 13, 2026, 05:46 IST Satna News: इस दीये को घर के उन कोनों में रखा जाता है, जहां ज्यादा मच्छर होते हैं. जैसे ही इस दीये को जलाते हैं, उसमें से निकलने वाली गंध और धुएं से मच्छर भागने लगते हैं. सतना. गर्मियों के मौसम में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे मच्छरों का प्रकोप भी लोगों की परेशानी का बड़ा कारण बन जाता है. बाजार में उपलब्ध केमिकल युक्त मॉस्किटो किलर भले ही तुरंत असर दिखाते हों लेकिन इनके दुष्प्रभाव खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. ऐसे में बघेलखंड के पारंपरिक देसी नुस्खे बेहद कारगर साबित होते हैं. ये उपाय न सिर्फ पूरी तरह प्राकृतिक हैं बल्कि सस्ते, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध भी हैं, जिससे ग्रामीण ही नहीं शहरी लोग भी जरूरत पड़ने पर घर में ही इस नुस्खे को झटपट तैयार कर सकते हैं. लोकल 18 से बातचीत में सतना निवासी उर्मिला मिश्रा ने बताया कि मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए घर में मौजूद सामान्य चीजों का उपयोग करके बेहद कारगर उपाय तैयार किए जा सकते हैं. इनकी खासियत यह है कि इनमें किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता. इसके लिए सबसे पहले एक प्याज लिया जाता है, जिसे छीलकर उसके ऊपरी हिस्से में छोटा सा छेद किया जाता है. इस छेद में सरसों का तेल डाला जाता है, फिर उसमें पिसा हुआ तेजपत्ता और कपूर मिलाया जाता है. मच्छरों का सफाया करेगा प्याज का दीयाउन्होंने कहा कि इस तैयार मिश्रण के ऊपर एक बाती लगाकर उसे जला दिया जाता है, जिससे यह एक देसी प्याज का दीया बन जाता है. इस दीये को घर के उन कोनों में रखा जाता है, जहां मच्छरों की अधिकता होती है. जैसे ही यह दीया जलता है, उसमें से निकलने वाली गंध और धुआं मच्छरों को दूर भगाने में मदद करता है. कुछ ही देर में इसका असर दिखाई देने लगता है और मच्छर या तो भाग जाते हैं या खत्म हो जाते हैं. बाजार के उत्पादों से बेहतर और सुरक्षित विकल्पएक्सपर्ट की मानें तो बाजार में मिलने वाले कई मच्छर भगाने वाले उत्पादों में हानिकारक केमिकल होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. खासकर छोटे बच्चों में एलर्जी, सांस संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं. इसके विपरीत देसी उपाय पूरी तरह सुरक्षित होते हैं और इनके इस्तेमाल से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं होता. परंपरा और विश्वास का मजबूत आधारबघेलखंड में वर्षों से इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल होता आ रहा है और लोगों का इनपर गहरा विश्वास भी है. आधुनिकता के दौर में भले ही लोग नई तकनीकों और उत्पादों की ओर बढ़े हों लेकिन जब बात स्वास्थ्य और सुरक्षा की आती है, तो पुराने देसी तरीके आज भी भरोसेमंद साबित हो रहे हैं. यही कारण है कि अब शहरों में भी लोग इन पारंपरिक उपायों को अपनाने लगे हैं. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Satna,Madhya Pradesh First Published : April 13, 2026, 05:46 IST
72 फीट लंबे पीतल पर 193 देशों के प्रतीक चिन्ह:आंबेडकर जयंती के पहले होगा तैयार, काटने में लगा 3 घंटे से ज्यादा का समय

14 अप्रैल को डॉ.भीमराव आंबेडकर की जयंती है। इसके पहले इंदौर में एक अनूठा काम किया जा रहा है। 72 फीट लंबे पीतल पट्ट पर 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को प्रिंट किया जाएगा। रविवार को इस पीतल पट्ट को काटने का काम किया गया। दरअसल, संविधान से देश पुस्तक के माध्यम से डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती पर 72 फिट लंबे पीतल पट्ट को जारी करने की तैयारी की जा रही है। इसकी चौड़ाई 5 इंच होगी। सर्वेभवन्तु: सुखिन: के उद्घोष के साथ 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को इसमें समाहित किया जाएगा, ताकि विश्व में शांति स्थापित हो सके। 72 फीट के पीतल पट्ट का वजन 1 किलो इस 72 फीट लंबे पीतल पट्ट का वजन करीब 1 किलो है। रविवार को इस पीतल पट्ट को काटने का काम किया गया, जिसमें करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगा। सोमवार को इस पीतल पट्ट पर प्रिंटिंग का काम किया जाएगा। ये काम एडवोकेट लोकेश मंगल द्वारा किया जा रहा है। बता दे कि इसके पहले भी कई चीजें पीतल पर उकेर चुके हैं। उन्होंने बताया कि थावरचंद गेहलोत, राज्यपाल, कर्नाटक की प्रेरणा से वे ये काम कर रहे है। संविधान से देश पुस्तक के माध्यम से 72 फीट लंबा और 5 इंच चौड़ा पीतल पट्ट जारी किया जाएगा। इसमें 193 देशों के प्रतीक चिन्हों को शामिल है। इसकी छपाई सोमवार को की जाएगी और मंगलवार को इसे जारी किया जाएगा। सर्वेभवन्तु: सुखिन: के भाव को समझे उन्होंने बताया कि सर्वेभवन्तु: सुखिन: के उद्घोष के साथ ये किया जाएगा। हम विश्व में भी सर्वेभवन्तु: सुखिन: का संदेश दे। रविवार को 72 फीट लंबा पीतल पट्ट काटने के साथ ही इसकी सफाई की गई है। हम सर्वेभवन्तु: सुखिन: के भाव को हम सभी समझे, माने और जीवन में आत्मसात करें। विश्व कल्याण के लिए 80 एडवोकेट्स के सहयोग से ये काम किया जा रहा है। फोल्ड करके रख सकेंगे उन्होंने बताया कि इस पीतल पट्ट का वजन करीब 1 किलो है। खासबात यह है कि इस पर 193 देशों के प्रतीक चिह्न उकेरने के बाद इसे फोल्ड करके रखा जा सकेगा। इससे इसे कही भी ले जाना आसान होगा। सोमवार को तैयार होने के बाद मंगलवार को इसे जारी किया जाएगा, जिसे सभी देख सकेंगे।
ग्वालियर में टीआई ने किया महिला से रेप:बुटीक संचालक महिला से फेसबुक पर दोस्ती, प्यार फिर किया दुष्कर्म, खुद को बताया था कुंआरा

ग्वालियर में एक इंस्पेक्टर (टीआई, पीटीएस तिघरा) के खिलाफ झांसी रोड थाना में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत 38 वर्षीय विधवा महिला ने दर्ज कराई है। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने फेसबुक के जरिए महिला से दोस्ती की, खुद को अविवाहित बताया और शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए, जबकि वह पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है। मामला झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकरपुरम इलाके का है। महिला शहर की एक पॉश कॉलोनी में बुटीक संचालित करती है। उसके पति का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है और उसका एक बच्चा भी है। कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर उसकी पहचान टीआई रूपेश शर्मा से हुई। बातचीत बढ़ने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने अपनी शादी छिपाकर महिला को भरोसे में लिया और उससे शादी करने का वादा किया। महिला के अनुसार, इसी दौरान इंस्पेक्टर उसके घर आया और शादी के नाम पर उसके साथ संबंध बनाए। जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने शादी का आश्वासन देकर उसे शांत किया। बाद में जब महिला ने शादी के लिए दबाव बनाया तो इंस्पेक्टर टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर महिला ने जानकारी जुटाई, जिसमें पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। सच्चाई सामने आने के बाद महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे धमकाया। इसके बाद महिला ने झांसी रोड थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। थाना प्रभारी ने मामले की जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। जांच के बाद रविवार देर रात करीब 12 बजे आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
ग्वालियर में पकड़ा भिंड का बदमाश:कैंसर हिल्स पर वारदात के इंतजार में था, पिस्टल व कारतूस बरामद

ग्वालियर क्राइम ब्रांच, कंपू थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भिंड के एक शातिर बदमाश को ग्वालियर से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया बदमाश कैंसर हिल्स पर किसी वारदात के इंतजार में खड़ा था। पुलिस को देखते ही वह जंगल की ओर भागा, लेकिन पुलिस ने उसे पीछा कर गिरफ्तार कर लिया है। बदमाश की तलाशी लेने पर एक पिस्टल व कारतूस मिले हैं। पुलिस भिंड से बदमाश का आपराधिक रिकॉर्ड मंगा रही है। साथ ही पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। डीएसपी क्राइम ब्रांच नागेन्द्र सिंह सिकरवार ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से कैंसर हिल्स पर आया है। इसका पता चलते ही थाना प्रभारी क्राइम ब्रांच अमित शर्मा, कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिस पर पुलिस ने सर्चिग कर एक शख्स को कैंसर हिल्स के सूनसान रास्ते पर खड़ा देखा। पुलिस को देखते ही उसने जंगल की ओर दौड़ लगा दी, लेकिन पुलिस ने पीछा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आपराधिक रिकॉर्ड मंगा रही पुलिस पुलिस को पता लगा है कि पकड़ा गया आरोपी अंकुश भिंड के लहार में पुलिस का निगरानीशुदा बदमाश है। अभी पुलिस इस बात की पुष्टि कर रही है। साथ ही कंपू थाना पुलिस ने भिंड पुलिस से अंकुश का आपराधिक रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही उससे पूछताछ शुरू कर दी है कि वह कि मंशा से कैंसर हिल्स पर खड़ा था। पुलिस का कहना इस मामले में डीएसपी क्राइम नागेन्द्र सिंह सिकरवार ने बताया कि एक बदमाश को पिस्टल के साथ पकड़ा है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वह किस मंशा से पिस्टल लेकर वहां खड़ा था। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी चेक कराया जा रहा है।
इंदौर में कंपनी के कर्मचारियों ने पार्सल में की हेराफेरी:कंपनी के सीनियर एक्जीकेटिव की शिकायत पर एफआईआर

चंदन नगर थाना पुलिस ने एक कंपनी की शिकायत पर उसके ही दो कर्मचारियों के खिलाफ माल में हेराफेरी (गबन) का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों कर्मचारी लंबे समय से कंपनी को नुकसान पहुंचा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, नीरज जायसवाल, एनटेक्स ट्रांसपोर्टेशन कंपनी में लायजनिंग सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी Amazon के लिए अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर का काम करती है। कंपनी में सुपरवाइजर रहे दीपक मोहरे (निवासी पालदा) और डिलीवरी बॉय प्रवीण सिंह (निवासी जालोर, राजस्थान) सितंबर 2024 से जनवरी 2026 तक कार्यरत थे। आरोप है कि ग्राहक द्वारा पार्सल न लेने पर जो सामान वापस भेजा जाता था, उसमें दोनों कर्मचारियों ने हेराफेरी की। जब कंपनी ने पार्सल चेक किए तो उनमें मूल (ओरिजिनल) सामान नहीं मिला। इस तरह करीब 10 लाख 90 हजार रुपए का माल कंपनी को वापस नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डिलीवरी के दौरान सामान बदल देते थे और बाद में उसे ग्राहक द्वारा लौटाया गया बताकर कंपनी को धोखा देते थे। कंपनी द्वारा नोटिस देने के बाद दोनों से पूछताछ की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
बुरहानपुर पहुंचे बोहरा धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन:हजारों अनुयायियों ने किया स्वागत; मंगलवार को दरगाह-ए-हकीमी में उर्स पर देंगे प्रवचन

दुनिया भर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार रात 8:30 बजे मुंबई से बुरहानपुर पहुंचे। स्टेशन पर हजारों समुदाय के सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत किया। दाऊदी बोहरा जमात PRO कमेटी कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि सैयदना सैफुद्दीन अपने पूर्वज, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब की पुण्यतिथि (उर्स) मनाने के लिए बुरहानपुर आए हैं। वे मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में प्रवचन देंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों से हजारों बोहरा समुदाय के सदस्य शहर में मौजूद रहेंगे। साहित्य प्रेमी और लेखक भी थे धर्मगुरु सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जन्म 1665 में 34वें धर्मगुरु सैयदना बदरुद्दीन बिन मुल्ला राज के कार्यकाल में हुआ था। वे साहित्य प्रेमी और एक महान लेखक थे, जिन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी में कई पुस्तकें लिखी थीं। अपनी धर्मपरायणता, विनम्रता और विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जीवन और विरासत आज भी दुनिया भर के हजारों दाऊदी बोहरा सदस्यों को प्रेरित करती है।
इंदौर में चलती कार में अचानक भभक उठी आग:शहर के व्यस्ततम चौराहे पर पुलिस ने रोकी कार, टला बड़ा हादसा

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तत्परता रविवार को काम आई। इसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। पलासिया चौराहे पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार के चालक को पता ही नहीं चला कि कार में आग लगी है, पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार को रुकवाया और पानी डालकर आग पर काबू पाया। रविवार रात को एक कार साकेत नगर से पलासिया होते हुए घंटाघर की ओर जा रही थी। पलासिया चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक जवान मनोज शर्मा की नजर कार पर पड़ी तो उन्होंने देखा कि कार के इंजन के नीचले हिस्से से आग की लपटे उठ रही है। उन्होंने तुरंत ही कार चालक को गाड़ी रोकने के लिए कहा और पलासिया चौराहे से घंटाघर की ओर जाने वाली रोड पर ही कार रुकवा दी और कार चालक को तुरंत बाहर आने को कहा। जैसे ही कार चालक बाहर आया तो वह भी कार में आग देख हैरान रह गया और घबरा गया, जिसके तुरंत ट्रैफिक पुलिस जवानों ने शांत करवाया। पानी डालकर पाया आग पर काबू इस दौरान वहां पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सुबेदार ब्रजराज अजनार, आरक्षक मनोज शर्मा, आरक्षक पवन और सैनिक सूरज ने तुरंत ही तत्परता दिखाते हुए पहले पानी की बोतल से फिर पानी की 20 लीटर की पानी की कुप्पी भरकर लाए और पानी डालकर आग पर काबू पाया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कार की फोग लैंप की लाइट कराई थी चेंज ट्रैफिक सुबेदार ब्रजराज अजनार ने बताया कि कार में एक ही व्यक्ति सवार था। कार के नीचले हिस्से में आग लगी थी। जिसके कारण चालक को पता ही नहीं चला। कार चलाने के दौरान हवा से आग बढ़ने लगी। समय रहते उसे देख लिया नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। ट्रैफिक सुबेदार ने बताया कि चालक से जब चर्चा कि तो उसने बताया कि कुछ टाइम पहले ही उसने फोग लाइट चेंज करवाई थी और हाई पॉवर की लगवाई थी। फोग लाइट के वहीं आग लगी थी, जिसकी वजह से चालक को आग का पता नहीं चला। लाइट गर्म होने की वजह से प्लास्टिक चिपक गया। कुछ ही देर में प्लास्टिक जमीन पर गिरने लग गया था। करीब 2 मिनट में आग पर काबू पाया। तस्वीरों में देखिए-
निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का शिकंजा:कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म में एकाधिकार खत्म, कलेक्टर का सख्त आदेश; उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीद को लेकर की जा रही अनिवार्यता और एकाधिकार पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय संचालक/प्राचार्य को प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले अपनी स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी और विद्यालय परिसर के सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करना होगा। प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के दौरान अभिभावकों को पुस्तकों की सूची की प्रति उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा। साथ ही सत्र प्रारंभ होने से दो माह पूर्व कम से कम तीन पुस्तक/यूनिफॉर्म विक्रेताओं के नाम वेबसाइट पर अपलोड करना सुनिश्चित करना होगा। किसी एक दुकान से खरीद की बाध्यता नहीं विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों औरअभिभावकों को किसी एक दुकान, विक्रेता या संस्था विशेष से कॉपी-किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। अभिभावक 15 जून 2026 तक अपनी सुविधा अनुसार पुस्तकों की खरीद कर सकेंगे। एनसीईआरटी और अधिकृत पुस्तकों के अलावा अन्य पर रोक विद्यालय जिस बोर्ड सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड या अन्य से संबद्ध है, उसी के निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी। नियामक संस्था या विधिक रूप से अधिकृत एजेंसी (जैसे एनसीईआरटी, मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम आदि) द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के अतिरिक्त निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर आदि विषयों की निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए भी विद्यार्थियों को बाध्य नहीं किया जाएगा। पीटीएम में प्रचार-प्रसार पर रोक यूनिफॉर्म में भी सख्त प्रावधान कोई भी विद्यालय दो से अधिक प्रकार की यूनिफॉर्म निर्धारित नहीं करेगा (ब्लेजर और स्वेटर अलग रहेंगे)। यूनिफॉर्म में कम से कम तीन वर्ष तक कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। 12 अप्रैल से 11 जून तक रहेगा प्रभावी यह प्रतिबंधात्मक आदेश 12 अप्रैल 2026 से 11 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों को आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मोबाइल चोरी के आरोप से आहत वृद्धा ने जहर खाया:छतरपुर में गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश; बाद में पेड़ पर मिला मोबाइल

छतरपुर जिले के बारीगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को मोबाइल चोरी के आरोप से आहत एक 65 वर्षीय महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। महिला की पहचान संपत अहिरवार (65), निवासी बारीगढ़ के रूप में हुई। घटना के बाद परिजन उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप- गाली-गलौज, मारपीट की कोशिश हुई परिजनों के अनुसार, घटना के समय महिला का पति खेत पर काम करने गया था। इसी दौरान गांव के ही एक दंपती घर पहुंचे और मोबाइल चोरी का आरोप लगाने लगे। आरोप है कि उन्होंने महिला के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की कोशिश भी की। बताया गया कि आरोप लगाने वालों ने घर का सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया और मोबाइल की तलाश में कपड़े, बिस्तर और अनाज तक बिखेर दिया। महिला ने खुद को निर्दोष बताते हुए मंदिर में कसम खाने तक की बात कही, लेकिन आरोप लगाने वाले नहीं माने। बाद में मोबाइल घर के पास एक पेड़ की खोह में मिला, जहां महिला आम तोड़ने गई थी और वहीं उसे रख दिया था। मोबाइल मिलने के बावजूद हुए अपमान और मानसिक दबाव से आहत होकर महिला ने जहर खा लिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है। स्वस्थ्य होने परल महिला के बयान लेंगे : थाना प्रभारी जुझारनागर थाना प्रभारी राजकुमार यादव के अनुसार, अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। महिला के स्वस्थ होने पर उसके बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





