सतना में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव:पुलिस ने दागे अश्रुगैस, हवाई फायरिंग भी की; कोर्ट के आदेश पर अवैध कब्जा ढहाया

सतना के डालीबाबा इलाके में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अश्रुगैस के गोले दागने पड़े और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई, जहां एक निजी भूमि पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन की टीम पहुंची थी। कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर मौजूद थी। मकानों की आड़ लेकर किया पथराव जैसे ही टीम ने एक भवन को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की, आसपास के मकानों की आड़ लेकर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। इस घटना में एसडीएम राहुल सिलाड़िया और थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी बाल-बाल बच गए। स्थिति बिगड़ते देख तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। भारी संख्या में पुलिस बल ने पूरे इलाके को घेर लिया। पुलिस ने अश्रुगैस के गोले दागे हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने अश्रुगैस के गोले दागे और दो हवाई फायर भी किए। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति नियंत्रण में आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पथराव में शामिल दो पुरुषों और एक महिला को हिरासत में लिया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। घटना के बाद प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की और अवैध कब्जे को हटाया। क्षेत्र में फिलहाल पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
‘बीजेपी सत्ता में ऐ तो हमलावर…’, ममता सरकार ने भड़के तंज, कहा- हिंसा करने वालों पर मोदी करेंगे एक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में मतुआ और नामशूद्र दल के सहयोगियों पर भाजपा का रुख स्पष्ट करते हुए अपना वादा निभाया है। पूर्व बर्धमान जिले के कटवा में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने नागरिकता के लिए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) लागू किया है। उन्होंने कहा, ”मैं मतुआ और नामशूद्र समुदाय से चाहता हूं कि वे देश के संविधान की रक्षा करें. उन्होंने कहा कि मोदी ने वोटुआ, नामशूद्र और सभी नामशूद्र आदिवासियों को शांति मिल सके, इसके लिए वहां का गणतंत्र कानून बनाया.” पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों का आरोप प्रधानमंत्री ने कहा, ”भाजपा सरकार बनी हुई है तो सभी पात्र यात्रियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।” दक्षिण बंगाल के कई सजावटी में विस्तारित मतुआ समुदाय के मुसलमानों को एक प्रभावशाली वर्ग माना जाता है और नागरिकता का समुदाय लंबे समय से राजनीतिक रूप से प्रेरित है। मोदी ने अवैध घुसपैठियों के मुद्दे पर तेज हमला करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता में है तो घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में ले जाना चाहती है। उन्होंने कहा, “अब जाने का समय आ गया है और घुसपैठियों को अपना सामान बांधना शुरू कर देना चाहिए। जो लोग घुसपैठियों की मदद कर रहे हैं, उन्हें भी नहीं बचाया जाएगा।” बंगाल में भय का माहौल-मोदी बंगाल सरकार पर पीएम मोदी ने कहा कि 15 साल के शासन में सीएम ममता बनर्जी का जन्म हुआ है. यह इलेक्शन डेमोक्रेसी डार को ख़त्म करने के लिए है। मोदी ने परमाणु के भय से मुक्ति और भाजपा के विश्वास से अभिन्न पश्चिम बंगाल का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा बदलाव एक विकसित पश्चिम बंगाल के निर्माण की दिशा में पहला कदम होगा। आलू किसानों को लेकर क्या कहा प्रधानमंत्री ने कहा, ”भाजपा, वैष्णव कांग्रेस की ‘निर्मम सरकार’ के श्वेतपत्र जारी करने वाली है। उन्होंने कहा, ”हम पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”पश्चिम बंगाल में अगर भाजपा की सरकार बनी तो पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना लागू की जाएगी।” बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 रांची विधानसभा के चरण 2 चरण 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। तीसरी 4 मई को की जाएगी. ये भी पढ़ें ‘बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार’, अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?
सिंगरौली में पत्रकार विकास दुबे छेड़छाड़ मामले में गिरफ्तार:गिरफ्तारी से पहले मारपीट का आरोप, अज्ञात पर केस दर्ज

सिंगरौली जिले में भाजपा की एक महिला पदाधिकारी से छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के मामले में नया मोड़ आया है। विंध्यनगर थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपी पत्रकार विकास दुबे को बीती रात गिरफ्तार कर लिया। महिला पदाधिकारी की शिकायत पर विकास दुबे के खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। गिरफ्तारी से पहले पत्रकार विकास दुबे ने खुद को पीड़ित बताया। उन्होंने दावा किया कि तीन अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट की है। दुबे ने अपने शरीर पर चोट के निशान भी दिखाए और आरोप लगाया कि यह हमला महिला नेत्री की साजिश का हिस्सा था। मारपीट मामले की जांच शुरू विंध्यनगर थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि महिला नेत्री द्वारा दर्ज कराए गए प्रकरण में गंभीर धाराएं लागू होने के कारण आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि विकास दुबे की मारपीट की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप महिला पदाधिकारी ने आरोप लगाया था कि विकास दुबे पिछले एक महीने से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट कर मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक दिन दुबे ने कथित तौर पर अश्लील हरकत की थी। फिलहाल, पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। एक तरफ छेड़छाड़ और प्रताड़ना के आरोपों की पड़ताल की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ पत्रकार विकास दुबे के साथ हुई मारपीट के मामले में भी सच्चाई सामने लाने के प्रयास जारी हैं। अपनी चोट दिखाता घायल विकास
सड़क पर तिरंगा फेंकने वाले तीन लोग हिरासत में:सीहोर- राष्ट्रीय ध्वज बिछाकर कुचलने का आरोप, जानबूझकर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाई

सीहोर जिले के दोराहा थाना क्षेत्र के ग्राम सिराड़ी में राष्ट्रध्वज के अपमान का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों ने राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगे’ को बीच सड़क पर बिछा दिया। उन्होंने तिरंगे के चारों कोनों पर पत्थर रखे और कथित तौर पर उसे पैरों से कुचला। ग्राम निवासी राहुल दांगी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने जानबूझकर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से यह कृत्य किया। इस घटना को देखकर ग्रामीणों में रोष फैल गया और तत्काल डायल 112 पर सूचना दी गई। दो तस्वीरें देखिए तीन लोग पुलिस हिरासत में सूचना मिलते ही दोराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तिरंगे को सम्मानपूर्वक हटाया। दोराहा थाना प्रभारी राजेश सिन्हा ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सलीम खान, जलील खान उर्फ गुड्डू और समीर खान नामक तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ की धारा 2 एवं 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मंडला में अंजनिया बाईपास पर पेपर लोड ट्रक पलटा:NH-30 पर हादसे में ड्राइवर मामूली घायल

मंडला जिले के अंजनिया बाईपास स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर एक ट्रक पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आई हैं। रायपुर से जबलपुर की ओर जा रहा यह ट्रक (नंबर एमपी 20 जी आर 9323) फोटो कॉपी पेपर से लदा था और अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। चालक ने बताया कि सामने अचानक एक मोटरसाइकिल सवार के आ जाने से उसे बचाने की कोशिश में ट्रक अनियंत्रित हो गया। इसी कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे के बाद ट्रक में लदे पेपर के बंडल सड़क पर बिखर गए। स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक के नशे में होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ट्रक के भीतर शराब की खाली बोतलें भी मिली हैं। स्थानीय निवासियों ने अंजनिया बाईपास पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही अंजनिया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चालक को ट्रक से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया और वाहन मालिक को सूचित किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीनियर सिटीजंस स्कीम से हर महीने ₹20,500 तक की कमाई:इसमें सालाना 8.2% ब्याज मिल रहा, समझें इससे इनकम का पूरा गणित

सरकार ने अप्रैल-जून (Q1FY27) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है। यानी आपको पहले जितना ही ब्याज मिलता रहेगा। अगर आप सीनियर सिटीजन हैं और अपने लिए हर महीने इनकम का इंतजाम करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम अकाउंट (SCSS) आपके लिए सही रहेगा। इस स्कीम में एक मुश्त पैसा लगाकर आप अपने लिए रिटायमेंट के बाद भी रेगुलर इनकम का इंतजाम कर सकते हैं। इस पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इस स्कीम में हर 3 महीने में ब्याज दिया जाता है। यानी 3 महीने में अधिकतम 61,500 रुपए तक का ब्याज आप हासिल कर सकते हैं, जो मंथली बेसिस पर 20,500 रुपए होगा। अधिकतम 30 लाख रुपए कर सकते हैं निवेश पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम में सिर्फ 1000 रुपए में अकाउंट खोला जा सकता है। इस स्कीम में ज्यादा से ज्यादा 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। अगर आप इसमें 30 लाख रुपए तक निवेश करते हैं तो आपको 8.2% के हिसाब से सालाना 2,46,000 रुपए ब्याज मिलेगा। चूंकि इस योजना के तहत ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है, तो अगर हम इसे 3-3 महीनों में बांटे तो ये 61,500 रुपए होगा। यानी हर 3 महीने में आपके अकाउंट में 61,500 रुपए आ जाएंगे। 5 साल का रहता है मैच्योरिटी पीरियड इस स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का रहता है। यानी इस स्कीम में आपको 5 साल के लिए निवेश करना होता। हालांकि आप 5 साल से पहले भी अकाउंट बंद कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने पर आपको पेनल्टी देनी होती है। इसके अलावा आप 3-3 साल के लिए अकाउंट को जब तक चाहे आगे बढ़ा सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करना चाहें तो आपके 30 लाख आपस ले सकते हैं। आपके अकाउंट में आ जाएगा ब्याज का पैसा ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है। जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी को आपके अकाउंट में आ जाएगा। ब्याज की रकम उसी डाकघर में स्थित आपके बचत खाते में आ जाएगी। यदि खाताधारक ब्याज की रकम नहीं निकालता है, तो ऐसे ब्याज पर अतिरिक्त ब्याज यानी कम्पाउंड इंटरेस्ट नहीं मिलेगा। इनकम टैक्स छूट का मिलता है लाभ इस योजना में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत आप अपनी कुल आय से 1.5 लाख रुपए की कटौती का दावा कर सकते हैं। आसान भाषा में इसे ऐसे समझें, आप सेक्शन 80C के माध्यम से अपनी कुल कर योग्य आय से 1.5 लाख तक कम कर सकते हैं। हर तीन महीने में ब्याज नहीं निकालते हैं तो 30 लाख के मिलेंगे 42 लाख अगर आप इस योजना में आप 30 लाख रुपए निवेश करते हैं और हर 3 महीने में ब्याज नहीं निकालते हैं तो 5 साल बाद ये 42 लाख रुपए हो जाएंगे। यहां देखें कितना पैसा निवेश करने पर 5 साल बाद आपको कितना पैसा मिलेगा… कोई भी वरिष्ठ नागरिक खोल सकता है अकाउंट 60 साल या उससे अधिक उम्र के बाद अकाउंट पोस्ट ऑफिस जाकर खुलवाया जा सकता है। हालांकि VRS लेने वाला व्यक्ति जो 55 वर्ष से अधिक लेकिन 60 वर्ष से कम है वो भी इस अकाउंट को खोल सकता है। इसके अलावा डिफेंस (रक्षा विभाग) से रिटायर्ड हुए हो वो 50 साल से अधिक और 60 वर्ष से कम उम्र के लोग भी इस योजना में निवेश कर सकते हैं। हालांकि इस स्थिति में रिटायर होने के 1 महीने के भीतर निवेश करना होता है। डिस्क्लेमर: यह स्टोरी केवल जानकारी के लिए है। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले एक्सपर्ट्स से सलाह लें।
बजट फ्रेंडली कपल ट्रिप: 10,000 रुपये में भारत की इन जगहों पर कर सकते हैं एक्सप्लोर, गोपालगंज के लिए आदर्श यात्रा

कम बजट में भारत में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहें: यदि आप और महानगर कहीं घूमने का मन बना रहे हैं, लेकिन बजट कम है, तो चिंता न लें। भारत में ऐसी कई खूबसूरत जगहें हैं जहां आप 10,000 रुपये के अंदर एक शानदार और रोमांटिक ट्रिप प्लान कर सकते हैं। कम बजट का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप कम बजट का मजा लें। यहां कुछ ऐसी जगहों की लिस्ट है जो कपल्स के लिए बेस्ट हैं। तो जानिए कौन सी हैं वो शानदार जगहें? ऋषिकेष, उत्तराखंड (ऋषिकेश) गंगा किनारे बसा यह शहरी शांति और रोमांच का प्रभाव मेल है। अगर आप दोनों को एडवेंचर पसंद है, तो यह जगह आपके लिए ही है। कैसे घूमें: दिल्ली से बस का बिजनेस कम है। आप वहां यूनिवर्सल स्कूटर किराए पर ले सकते हैं। क्या करें: गंगा आरती देखें, राम झूला और लक्ष्मण झूला पर टहलें, और कैफे में मठों का आनंद लें। बजट टिप: यहां कई खूबसूरत होमस्टे और आश्रम हैं जो काफी संपत्ति और साफ-सुथरे पाए जाते हैं। जयपुर, राजस्थान (जयपुर) ‘पिंक सिटी’ अपने शाही मेहमानवाजी और किलो के लिए मशहूर है। यहां कपल्स के लिए शामें बेहद रोमांटिक होती हैं। कैसे घूमें: ट्रेन या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है। क्या करें: अमेरिका का किला, हवा महल और नाहरगढ़ किले से शहर का सूर्यास्त देखें। बस्तु बाजार में सामूहिक सामान के साथ। बजट टिप: यहां स्ट्रीट फूड जैसे प्याज कचौरी और घेवर का स्वाद चखें, जो सस्ता भी है और सस्ता भी। लैंसडाउन, उत्तराखंड (लैंसडाउन) यदि आप भीड़भाड़ वाली जगह से किसी शांत स्थान पर दूरी तय करना चाहते हैं, तो लैंसडाउन से बेहतर कुछ नहीं। यह एक छोटा सा हिल स्टेशन है जो बहुत ही साफ और शांत है। कैसे घूमें: अपनी कार या बस से यहां पहुंच सकते हैं। क्या करें: भल्ला ताल झील में बोटिंग और टिप-इन-टॉप पॉइंट से हिमालय की चोटियों का दीदार करें। बजट टिप: यहां बहुत ज्यादा होटल नहीं हैं, इसलिए पहले से किफायती दाम पर सलाह देना। कसोल, हिमाचल प्रदेश (कसोल) कसोल उन कपल्स के लिए बेस्ट है जो प्रकृति के करीब चाहते हैं। यहां नदी, पहाड़ और हरियाली आपको देखने को मिलेगी। कैसे घूमें: दिल्ली से रात की बस रिश्ता संबंध या भुंतर पहुंचें। क्या करें: मणिकर्ण साहिब के दर्शन और पार्वती नदी के तट से जुड़ी हजारों बातें। बजट टिप: यहां इजरायली कैफे में खाना थोड़ा सस्ता और बहुत टेस्टी होता है। साथ ही यहां होटल में रहने का अनुभव भी होता है। ओरछा, मध्य प्रदेश (ओरछा) इतिहास प्रेमियों के लिए यह किसी जन्नत से कम नहीं है। बेतवा नदी के किनारे बसे इस छोटे से शहर में पुराने महलों और चित्रों की सुंदरता आपको देखने को मिलेगी। कैसे घूमें: रसोईघर से यात्री तक और वहां से ऑटो या टैक्सी ले लें। क्या करें: बेतवा नदी के तट पर भगवान के दर्शन और शाम को लाइट एंड साउंड शो देखें। बजट टिप: ओरघा काफी छोटा है, इसलिए आप पूरे शहर में पैदल ही घूम सकते हैं, जिससे आपका पैसा बच जाएगा। बजट यात्रा के लिए कुछ जरूरी जरूरी बातें काम ऑफ-सीजन में…: जब भीड़ कम होती है, तो होटलों के दाम खत्म हो जाते हैं। लोकल डाउनलोड: किराये पर लें या पैदल यात्रा करें। खाना: रेस्तरां में मशहूर स्थानीय ढाकों और स्ट्रीट फूड की सजावट करें। यह अवश्य पढ़ें: बजट फ्रेंडली कपल ट्रिप: कम बजट में यादगार बनाना चाहते हैं हनीमून? भारत के इन स्थानों को जानें; कपल्स के लिए बिल्कुल सही जगह है
सलमान खान व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खूंटी से मिले:टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया, रणवीर सिंह ने भी मुलाकात की

जामनगर में अनंत अंबानी के 31वें जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद एक्टर सलमान खान ने इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खूंटी से मुलाकात की और उनकी टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया। बता दें कि भीमा खूंटी एक अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेटर हैं और गुजरात व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। वह पोरबंदर, गुजरात के रहने वाले हैं और एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी पहचान रखते हैं। भीमा खूंटी ने अपने इंस्टाग्राम पर जो वीडियो पोस्ट किया है, उसमें देखा जा सकता है कि सलमान जामनगर से निकलते समय कड़ी सुरक्षा के बीच भीमा खूंटी से मिलने के लिए रुके। उन्होंने भीमा खूंटी की टी-शर्ट पर ऑटोग्राफ दिया और कुछ समय बातचीत भी की। सलमान से मिलने के बाद भीमा ने लिखा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती, वे सिर्फ हिम्मत देखते हैं। क्रिकेट के मैदान से लेकर सलमान खान से मुलाकात तक का सफर उनके लिए गर्व का पल रहा। रणवीर सिंह ने भी मुलाकात की वहीं, रणवीर सिंह भी जामनगर एयरपोर्ट पर भीमा खूंटी से मिले। वीडियो में रणवीर उनके सामने घुटनों पर बैठकर बातचीत करते, ऑटोग्राफ देते और हाथ मिलाते नजर आए। रणवीर सिंह से मुलाकात को लेकर भीमा ने इमोशनल पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि जिंदगी में कुछ पल ऐसे होते हैं जो कभी नहीं भूलते और आज का दिन उन्हीं में से एक था। भीमा ने रणवीर सिंह की सादगी, विनम्रता और सम्मान की भावना की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सुपरस्टार होना अलग बात है, लेकिन एक अच्छा इंसान होना ही असली स्टार बनाता है। बता दें कि सलमान खान और रणवीर सिंह जामनगर में आयोजित अनंत अंबानी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।
पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…






