Sunday, 04 Oct 2026 | 12:41 AM

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रेत चोरी की शिकायत पर युवक की पिटाई का VIDEO:सोन नदी के पुल पर चाj लोगों ने पीटा, मारे बेल्ट-मक्के और ईंट

रेत चोरी की शिकायत पर युवक की पिटाई का VIDEO:सोन नदी के पुल पर चाj लोगों ने पीटा, मारे बेल्ट-मक्के और ईंट

बालाघाट में रेत चोरी की शिकायत करने पर एक युवक को कथित तौर पर पीटा गया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता नंदकिशोर पांचे की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना मंगलवार देर शाम की बताई जा रही है। नंदकिशोर पांचे ने पुलिस को बताया कि सोन नदी के पुल पर बंटी कालबेले, छोटू कालबेले, राजा कालबेले और नारायण मात्रे ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। नंदकिशोर के अनुसार, बंटी कालबेले ने कमर का बेल्ट निकाला, छोटू ने ईंट के टुकड़ों से और नारायण मात्रे ने हाथ-मुक्कों से उनकी पिटाई की। इस हमले में उनके सिर के पीछे, चेहरे और पीठ पर चोटें आई हैं। आरोपियों ने उन्हें दोबारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। नंदकिशोर पांचे ने सोन नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायत की थी। उनका कहना था कि रेत चोर उनकी कछार की जमीन से ट्रैक्टर भरकर रेत ले जा रहे थे, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा था। पहले उन्होंने रेत चोरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो उन्होंने कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद खनिज और राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुछ ट्रैक्टरों को जब्त किया था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने नंदकिशोर के साथ मारपीट की। लांजी पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर बंटी कालबेले, छोटू कालबेले, राजा कालबेले और नारायण मात्रे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

विधानसभा चुनाव 2026: केरल की 140 और असम की 126 सीटों पर अधिक मतदान के लिए पीएम मोदी का बड़ा जोर

विधानसभा चुनाव 2026: केरल की 140 और असम की 126 सीटों पर अधिक मतदान के लिए पीएम मोदी का बड़ा जोर

असम, केरल और पुडुचेरी में आज होने वाले मतदान के मद्देनजर यह एक बड़ा चुनावी मुकाबला है। n18oc_politicsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube

जिन महिलाओं ने किया चक्काजाम, उनके लड़कों ने की चोरी:सात घरों में हुई थी वारदात; कंधे पर फ्रिज उठाकर ले गए थे आरोपी

जिन महिलाओं ने किया चक्काजाम, उनके लड़कों ने की चोरी:सात घरों में हुई थी वारदात; कंधे पर फ्रिज उठाकर ले गए थे आरोपी

गुना शहर के कैंट थाना इलाके में लगातार दो दिनों में 7 सूने मकानों में चोरी करने वाली गैंग के 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने स्कूलों की छुट्टियों के कारण बंद पड़े घरों का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया था और कंधे पर फ्रिज उठाकर ले गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया सामान (टीवी, कूलर, फ्रिज, बर्तन आदि) बरामद कर लिया है। वर्तमान में पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। खास बात यह है कि ये आरोपी उसी परिवार के हैं, जिनकी महिलाओं ने 30 मार्च को थाने के सामने चक्काजाम किया था। छुट्टियों में गांव गए थे किराएदार, 5 घरों में की तोड़फोड़ भगत सिंह कॉलोनी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात बदमाशों ने कई घरों को निशाना बनाया था। इन घरों के मकान मालिक बाहर रहते हैं और सभी घर किराए पर दिए गए हैं। इन दिनों स्कूलों की छुट्टियों के कारण सभी किराएदार अपने गांव गए हुए थे और घरों में ताले लटके हुए थे। एक ही गली में बदमाशों ने पांच घरों को निशाना बनाते हुए अलमारियों का सामान बिखेर दिया। हालांकि, केवल एक घर से उन्हें 1.50 लाख रुपए नकद और कुछ गहने मिले, जिन्हें वे चुरा ले गए। साले के घर से कूलर-बर्तन और दूसरे घर से लैपटॉप चोरी भगत सिंह कॉलोनी निवासी बृजेंद्र सिंह रघुवंशी ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका साला शिव सिंह रघुवंशी परिवार सहित अयोध्या दर्शन के लिए गया था। रात को अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर उनके घर से स्टील के बर्तन, कूलर, इंडक्शन, गैस सिलेंडर, साइकिल और घड़ी चोरी कर ली। इसी तरह नीलकंठ कॉलोनी निवासी प्रकाश मांडरे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह परिवार के साथ रिश्तेदारी में गए थे। उसी रात चोरों ने मकान का ताला तोड़कर फ्रिज, कूलर, टीवी, लैपटॉप, सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर ली। मुखबिर की सूचना पर 8 आरोपी गिरफ्तार, सामान बरामद एसपी हितिका वासल के निर्देश, एएसपी मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और सीएसपी प्रियंका मिश्रा के नेतृत्व में कैंट थाना प्रभारी टीआई अनूप भार्गव की टीम ने तकनीकी संसाधनों व मुखबिर की सूचना पर 8 संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने चोरी करना स्वीकार किया। पकड़े गए आरोपियों में शानू उर्फ दीपकडी (24), धर्मोद उर्फ धर्मेन्द्र (22), अजय (19), सुमित (20), शिवप्रताप उर्फ सीटी (32), धीरेन्द्र (19), मोहिल (25) सभी निवासी ग्राम बीलाखेड़ी (थाना धरनावदा) और राहुल (18) निवासी होशियारपुर पंजाब (हाल पटेलनगर कैंट) शामिल हैं। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर दोनों प्रकरणों का टीवी, कूलर, फ्रिज, बर्तन, गैस सिलेंडर, पंखा, घड़ी और पानी की मोटर बरामद कर ली है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी टीआई अनूप कुमार भार्गव, एसआई राहुल शर्मा, अरुंधती राजावत, एएसआई ईश्वर टोप्पो, प्रधान आरक्षक शिवदयाल वर्मा, आरक्षक महेन्द्र वर्मा, शुभम रघुवंशी, सूर्यभान जाट, धर्मेन्द्र रघुवंशी, राजू बघेल, अभिनेष रघुवंशी और साइबर सेल से कुलदीप यादव, नीलेश रघुवंशी, राजीव रघुवंशी, संजय जाट, नवदीप अग्रवाल, भानू रघुवंशी, भूपेंद्र खटीक व आदित्य सिंह कौरव की अहम भूमिका रही। आरोपियों के परिवार की महिलाओं ने किया था चक्काजाम पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी उसी परिवार के हैं, जिनकी महिलाओं ने 30 मार्च को कैंट थाने के सामने चक्काजाम किया था। लूट के एक मामले में आरोपी को पकड़ने के कारण ये महिलाएं नाराज थीं। इस दौरान एक महिला ने अपने बच्चे को भी जमीन पर पटकने की कोशिश की थी, जिसे आरक्षकों ने बचा लिया था। इस मामले में पुलिस ने चक्काजाम करने वाली 11 महिलाओं, एक पुरुष और अन्य अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी।

एनर्जी का खजाना है ये काला चना! गर्मी में थकान और सुस्ती भगाएगा दूर, सुबह खाने से पूरे दिन देगा ताकत

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Last Updated:April 09, 2026, 07:46 IST Kaala Chana Superfood: पलामू के आयुर्वेद एक्सपर्ट शिव पाण्डेय के मुताबिक नाश्ते में काला चना और दोपहर में सत्तू का शरबत गर्मी में ऊर्जा का सूपरफूड है. इससे ठंडक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. ख़बरें फटाफट पलामू: गर्मी के मौसम में तेज धूप, उमस और लगातार काम करने के कारण शरीर जल्दी थक जाता है. कई बार दिन में ही सुस्ती और नींद महसूस होने लगती है, जिससे काम करने की क्षमता प्रभावित होती है. ऐसे में दिन की शुरुआत यानी सुबह का नाश्ता बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. यदि नाश्ता पौष्टिक और संतुलित हो, तो पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. इस कड़ी में काला चना एक सस्ता, सुलभ और बेहद फायदेमंद विकल्प बनकर सामने आता है, जिसे ‘पावर बूस्टर’ कहना गलत नहीं होगा. जानें आयुर्वेद के एक्सपर्ट से पलामू के आयुर्वेद के एक्सपर्ट शिव पाण्डेय ने लोकल 18 को बताया कि काला चना प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. जो शरीर को ताकत देने के साथ-साथ पाचन को भी दुरुस्त रखता है. इसे नाश्ते में शामिल करने का सबसे आसान तरीका है. रात में एक कटोरी काला चना भिगोकर रख दें. सुबह इसे छानकर तैयार कर लें और नाश्ते के समय इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ता, काला नमक, धनिया पाउडर और थोड़ा सा सौंफ मिलाकर स्वादिष्ट मिश्रण तैयार करें. यह नाश्ता न केवल स्वाद में लाजवाब होता है. बल्कि शरीर को ठंडक भी देता है और दिनभर तरोताजा बनाए रखता है. रोग प्रतिरोधक बढ़ जाएगी क्षमता  एक्सपर्ट ने आगे कहा कि नियमित रूप से इस तरह तैयार काला चना खाने से शरीर में ऊर्जा की कमी नहीं होती और थकान दूर रहती है. साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है, जिससे आप गर्मी के दुष्प्रभावों से बचे रहते हैं. इस नाश्ते को गर्मी के दिनों अपने डाइट में शामिल कर सकते है. सत्तू का शरबत है बेहतरीन विकल्प वहीं, दोपहर के समय शरीर को ठंडक देने के लिए सत्तू का शरबत भी एक बेहतरीन विकल्प है. जौ और चने से तैयार सत्तू न केवल शरीर को ठंडा रखता है. बल्कि लू से भी बचाव करता है. इसके लिए 200 ग्राम पानी में 50 ग्राम सत्तू मिलाएं और उसमें बारीक कटा प्याज, धनिया पत्ता, नींबू का रस, काला नमक और पुदीना की चटनी मिलाकर पीएं. यह पेय शरीर में तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और अंदर से शीतलता बनाए रखता है. उन्होंने बताया कि आज के समय में जहां लोग कोल्ड ड्रिंक्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं. वहीं, काला चना और सत्तू जैसे पारंपरिक आहार कहीं ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक और असरदार हैं. यदि आप गर्मी में खुद को फिट, एक्टिव और तरोताजा रखना चाहते हैं तो इन देसी उपायों को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 09, 2026, 07:44 IST

सिवनी में अवैध अहातों पर पुलिस की रेड:टपरों में डिस्पोजल में बेची जा रही थी शराब, दो गिरफ्तार

सिवनी में अवैध अहातों पर पुलिस की रेड:टपरों में डिस्पोजल में बेची जा रही थी शराब, दो गिरफ्तार

सिवनी शहर में शराब दुकानों के आसपास संचालित हो रहे अवैध अहातों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर रात अभियान चलाया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दलसागर भट्टी क्षेत्र में दो अलग-अलग टपरों में अवैध रूप से डिस्पोजल में शराब बेची जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। जांच के दौरान संजू गोखले और प्रियांश चौरसिया नामक युवक लोगों को डिस्पोजल में शराब बेचते पाए गए। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से सामग्री जब्त की और विधिवत पंचनामा तैयार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पकड़े गए आरोपियों में प्रियांश चौरसिया (25 वर्ष) निवासी गुरुनानक वार्ड सिवनी तथा संजू गोखले (26 वर्ष) निवासी महाराजबाग भैरोगंज शामिल हैं। कोतवाली पुलिस द्वारा छिंदवाड़ा रोड स्थित शराब भट्टी, दल सागर शराब भट्टी, न्यू लाइफ हॉस्पिटल के पास स्थित भट्टी तथा चर्च क्षेत्र के समीप स्थित शराब भट्टी के आसपास कार्रवाई की गई।पुलिस को आता देख कई लोग मौके से फरार हो गए। इन स्थानों से लंबे समय से अवैध अहातों के संचालन की शिकायतें मिल रही थीं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक दयाराम शरणागत, सहायक उपनिरीक्षक प्रमोद मालवीय, प्रधान आरक्षक कृष्णकुमार वानखेड़े सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब कारोबार और संबंधित गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

ईरान का सऊदी ऑयल पाइपलाइन पर मिसाइल अटैक:इसे होर्मुज बायपास करने के लिए बनाया था; लेबनान पर इजराइली हमले में 254 की मौत

ईरान का सऊदी ऑयल पाइपलाइन पर मिसाइल अटैक:इसे होर्मुज बायपास करने के लिए बनाया था; लेबनान पर इजराइली हमले में 254 की मौत

ईरान ने सऊदी अरब की अहम ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर बुधवार को ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। यह पाइपलाइन होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के लिए बनाई गई थी। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके जरिए देश के पूर्वी हिस्से से हर दिन करीब 70 लाख बैरल तेल यनबू पोर्ट तक पहुंचाया जाता है। इसके साथ ही देश की दूसरी ऑयल फैसिलिटी भी प्रभावित हुई हैं। वहीं लेबनान में इजराइल के हमलों में 254 लोगों की मौत हो गई है और 800 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इन हमलों को लेकर इजराइल ने कहा है कि यह उसका अब तक का सबसे बड़ा जॉइंट अटैक था। उधर ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल ऐसे ही लेबनान पर हमले करता रहा, तो वह सीजफायर तोड़ सकता है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। रिपोर्ट- ईरान होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल टोल लगाया ईरान होर्मजु स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से हर बैरल पर 1 डॉलर टैक्स लेने की योजना बना रहा है और भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में चाहता है। यह खबर फाइनेंशियल टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से दी है। ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज पर नजर रखेगा और कंट्रोल करेगा। जहाजों को पहले अपने माल (कार्गो) की जानकारी देनी होगी, उसके बाद ही आगे जाने की इजाजत मिलेगी। ईरान के अधिकारी हामिद होसैनी ने कहा कि यह इसलिए किया जा रहा है ताकि दो हफ्तों में हथियारों की आवाजाही न हो सके। उन्होंने कहा कि जहाजों को जाने दिया जाएगा, लेकिन प्रोसेस में समय लग सकता है क्योंकि ईरान किसी जल्दी में नहीं है। इस प्लान के तहत जहाजों को ईमेल के जरिए अपने कार्गो की जानकारी देनी होगी। इसके बाद ईरान टैक्स तय करेगा, जो हर बैरल पर 1 डॉलर होगा, और इसे बिटकॉइन जैसी डिजिटल करेंसी में देना होगा। ईरान जंग से जुड़ी तस्वीर… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

‘वंदे मातरम’ पर घमासान:पार्षद ने वंदे मातरम गाने से किया इंकार; आपत्ति ली तो बोलीं-एक्ट दिखाओ

‘वंदे मातरम’ पर घमासान:पार्षद ने वंदे मातरम गाने से किया इंकार; आपत्ति ली तो बोलीं-एक्ट दिखाओ

नगर निगम के बजट सत्र में बुधवार को ‘वंदे मातरम’ पर घमासान हुआ। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के वंदे मातरम गाने से साफ इनकार करने पर सदन ‘गद्दार’ और ‘गुंडागर्दी’ के नारों से गूंज उठा। इसी बवाल के बीच 8,455 करोड़ का बजट बिना किसी सार्थक चर्चा के पास हो गया और बैठक तय समय से ढाई घंटे पहले ही खत्म कर दी गई। भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने फौजिया पर वंदे मातरम से बचने के लिए देर से आने का तंज कसा। इस पर फौजिया ने दो-टूक कहा, मैं नहीं गाऊंगी, वो एक्ट दिखाओ जिसमें यह अनिवार्य है। भाजपा पार्षद महेश बसवाल, मनोज मिश्रा, योगेश गेंदर व रूपा पांडे ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया को सदन से बाहर कर दिया। विवाद बढ़ाते हुए कांग्रेसी पार्षद रुबीना खान ने कहा, कुरान इसकी इजाजत नहीं देता। अमेरिका ने ईरान के खामेनेई को शहीद किया, तो वहां से तेल क्यों ले रहे हैं? सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। संविधान में धर्म पालन की छूट है। इस्लाम में वंदे मातरम नहीं बोल सकते। – फौजिया शेख, कांग्रेसी पार्षद जिस देश का अन्न-जल लेते हैं, उसका सम्मान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ईरान के नेता को श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन भारत माता की जय बोलने में पेट दर्द होता है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर वंदे मातरम नहीं गाना है, वहां तक भी ठीक है, लेकिन ऐसे सदन में सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत का अपमान कैसे कर सकते हैं कि नहीं गाऊंगी। – राजेन्द्र राठौर, एमआईसी सदस्य कांग्रेस की रग-रग में वंदे मातरम है। फौजिया के बयान से पार्टी का सरोकार नहीं। – चिंटू चौकसे, नेता प्रतिपक्ष

धुरंधर मूवी वाले SP असलम की पत्नी डायरेक्टर से नाराज:कहा– न बलूचों से दुश्मनी थी, न रहमान डकैत से डरे; आदित्य धर पर केस करेंगी

धुरंधर मूवी वाले SP असलम की पत्नी डायरेक्टर से नाराज:कहा– न बलूचों से दुश्मनी थी, न रहमान डकैत से डरे; आदित्य धर पर केस करेंगी

पाकिस्तान के ल्यारी पर बनी बॉलीवुड फिल्म धुरंधर में संजय दत्त ने पाकिस्तान के एक पुलिस ऑफिसर का रोल किया है। इस ऑफिसर का नाम चौधरी असलम है, जिन्हें पाकिस्तान का सुपरकॉप भी कहा जाता है। चौधरी असलम पाकिस्तान पुलिस में एसपी के पद पर तैनात थे। सिंध पुलिस में काम करते हुए उन्होंने 2009 में ल्यारी के सबसे खूंखार रहमान डकैत का भी एनकाउंटर किया था। करीब चार साल बाद कराची में विस्फोटकों से भरी एक कार उनके काफिले से टकरा गई थी। इसमें असलम के साथ दो अन्य पुलिस अधिकारियों, बॉडीगार्ड और ड्राइवर की मौत हो गई थी। उनके परिवार को आज भी धमकियां मिलती हैं। दैनिक भास्कर ने असलम चौधरी की पत्नी नौरीन चौधरी से फोन पर बातचीत की। नौरीन ने कहा- फिल्म डायरेक्टर आदित्य धर ने उनके पति के किरदार को फिल्माने से पहले उनकी परमिशन नहीं ली। मेरे पति न तो कभी रहमान डकैत से डरे, न ही बलूच विरोधी थे। उनके किरदार को गलत दिखाया गया है। इसके चलते उनके खिलाफ लीगल एक्शन लूंगी। आगे पढ़िए, नौरीन से हुई बातचीत के मुख्य अंश… फिल्म में पति का किरदार देखकर कैसा लगा? किरदार बहुत अच्छा है। संजय दत्त पर यह काफी फिट बैठता है। उन्होंने मेरे पति असलम चौधरी का किरदार बहुत अच्छी तरह निभाया है, लेकिन कहानी में कुछ बातें सही नहीं दिखाई गई हैं। किन चीजों को अलग तरीके से दिखाया गया है? असलम चौधरी का किरदार बहुत बड़ा है, लेकिन उसे उतना नहीं दिखाया गया है। उनका काम सिर्फ ल्यारी तक सीमित नहीं था। उन्होंने कराची में कई ऑपरेशन किए थे। जिन सभी मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया गया, उन्होंने कभी भी अपनी फील्ड नहीं छोड़ी। ल्यारी असल में वैसा नहीं है, जैसा दिखाया गया है। ल्यारी कराची का एक छोटा सा इलाका है। फिल्म का कौन सा सीन असलम चौधरी की याद दिलाता है? तीन-चार सीन ऐसे थे, जब मुझे लगा कि असलम मेरे सामने हैं। लेकिन फिल्म के एक शॉट में जब बम धमाका हुआ, तो मैं आगे नहीं देख सकी। फिल्म में एक सीन गलत है, जिसमें वह बलूच बच्चों को पीटते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि असलम बलूचों के दुश्मन हैं, लेकिन असलियत में ऐसा नहीं था। वह सिर्फ अपराधियों के खिलाफ थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। उनकी मौत किसी राजनीतिक साजिश का नतीजा थी? नहीं। वे कहते थे कि मैं गोली से नहीं, बम ब्लास्ट से मरूंगा—और वही हुआ। उन्होंने तालिबान के खिलाफ कई ऑपरेशन किए थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने फोन करके कहा था कि चौधरी असलम हमारे रास्ते से हट जाओ। तालिबानियों को कराची में चौधरी से ही खतरा था। लेकिन मेरे पति ने उनकी बात नहीं मानी। उन्होंने फोन पर उन लोगों को 20 मिनट तक खरी-खोटी सुनाई थी। चौधरी असलम अपनी पूरी जिंदगी रहमान डकैत से नहीं डरे। अगर वे डरते तो मैं आज अमेरिका या इंग्लैंड में रह रही होती। मैं फिलहाल पाकिस्तानी में ही रह रही हूं। रहमान डकैत के एनकाउंटर के बाद असलम ने घर आकर क्या कहा? एनकाउंटर से पहले उन्होंने कुछ लोगों का पता लगाया था। अपने प्लान को अंजाम देने वे चार-पांच दिन पहले घर से निकले थे। रहमान ईरान से आ रहा था। असलम ने उसे जंगल में 7 पुलिसकर्मियों के साथ घेर लिया था और उसका एनकाउंटर कर दिया। असलम 6 दिन बाद घर लौटे। वे बहुत खुश थे और मेरे पास आकर बोले- अल्लाह ने मेरी इज्जत बचा ली। चौधरी ने अपना काम पूरा कर लिया है। क्या आपको लगता है कि उनकी दाउद से भी बातचीत हुई थी? मैंने अपने जीवन में चौधरी असलम से दाउद का नाम कभी नहीं सुना। मुझसे पहले भी ऐसे सवाल पूछे गए हैं। उन्होंने मेरे सामने सिर्फ शोएब खान का नाम लिया था। वह कराची का डॉन था। लाहौर जाकर उसे असलम चौधरी ने ही पकड़ा था। वह जेल गया और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। मेरे पति ने कभी पैसे के लालच में किसी के सामने सिर नहीं झुकाया। नवाज शरीफ और परवेज मुशर्रफ भी उनके काम को जानते थे। उन्होंने सिंध के 300 गरीब परिवारों के घरों में कभी राशन की कमी नहीं होने दी। बलूचों के बारे में बोले एक डायलॉग से विवाद खड़ा हो गया था। सच्चाई क्या है? मेरे पति बलूच विरोधी नहीं थे। आज भी ल्यारी में कई लोग उनका सम्मान करते हैं। 200 बलूच महिलाएं उनकी पुण्यतिथि पर हमारे घरआई थीं। वे केवल अपराधियों के खिलाफ थे, उन्होंने कभी आम लोगों को परेशान नहीं किया। भले ही वे बलूच हों या नहीं। असलम चौधरी की मौत के समय का घटनाक्रम? मुझे मेरे चाचा के बेटे का फोन आया था। उसने कहा कि टीवी चालू कीजिए, बड़ी खबर आ रही है। जब मैंने टीवी पर देखा तो पता चला कि असलम को अस्पताल ले जाया गया है। इसलिए मैं तुरंत वहां पहुंची। उस दिन कराची में लगभग बंद जैसी स्थिति थी। पूरे शहर में अफरा-तफरी मची हुई थी। असलम का इंतकाल हो चुका था। एक बार सुबह करीब सात बजे मेरे घर पर भी 350 किलो विस्फोटक से ब्लास्ट किया गया था। उस समय मैं घर पर अकेली थी। मैंने पिछली रात करीब दो बजे चौधरी असलम को फोन किया था और कहा था कि आप समय पर घर आ जाइए। तब उन्होंने बताया था कि उन्हें सूचना मिली है कि अमेरिका या सऊदी की एम्बेसी पर बम ब्लास्ट हो सकता है, इसलिए वे पेट्रोलिंग पर हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि असल में बम तो हमारे ही घर पर फटने वाला है। सुबह 7 बजकर 28 मिनट पर मैं बच्चों के लिए नाश्ता बना रही थी। तभी हमारे घर के पास जोरदार धमाका हुआ था। जमीन में 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया और नीचे से पानी का फव्वारा निकलने लगा था। इस धमाके में हमारे 3-4 गनमैन, एक पड़ोसी और एक टीचर की मौत हो गई थी। हमारे घर के आसपास हमेशा गाड़ियां खड़ी रहती थीं। धमाके के बाद गाड़ियां फिल्मी सीन की तरह हवा में उड़कर गिर गई थीं। यह ब्लास्ट किसने करवाया था? तहरीक-ए-तालिबान ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी। क्या आदित्य

सरकार बोली- जनहित याचिका का कॉन्सेप्ट खत्म करना चाहिए:पुराना दौर गया, अब कोर्ट तक पहुंच आसान; SC बोला- हम PIL मामलों पर खुद सतर्क

सरकार बोली- जनहित याचिका का कॉन्सेप्ट खत्म करना चाहिए:पुराना दौर गया, अब कोर्ट तक पहुंच आसान; SC बोला- हम PIL मामलों पर खुद सतर्क

केरल के सबरीमाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने जनहित याचिकाओं (PIL) की उपयोगिता पर सवाल उठाया। कोर्ट में दायर लिखित दलीलों में सरकार ने कहा- जनहित याचिका को न सिर्फ परिभाषित, बल्कि पूरी तरह से खत्म करने का समय आ गया है। सरकार ने कहा- PIL कॉन्सेप्ट एक ऐसे दौर में बना था, जिसमें एक बड़ी आबादी गरीबी, निरक्षरता, कानूनी मदद जैसे अन्य अभाव में अदालतों तक नहीं पहुंच पाते थे। आज के दौर में टेक्नोलॉजी और ई-फाइलिंग जैसी सुविधाएं हैं जिससे कोर्ट तक पहुंच आसान हुई है। अब तो एक लेटर भी कोर्ट तक सीधे पहुंच जाता है। इस पर भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- अदालतें खुद PIL पर सुनवाई करने में सतर्क रहती हैं। 2006 से लेकर 2026 तक, दो दशकों में स्थिति बदल गई है। नोटिस तभी जारी किए जाते हैं जब उनमें कोई ठोस आधार हो। कोर्ट ने कहा- हमारे पास अंधविश्वास तय करने का अधिकार सबरीमाला सहित अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ भेदभाद मामले में आज लगातार तीसरे दिन सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच सुनवाई करेगी। बुधवार को करीब 5 घंटे चली सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि किसी धर्म में कौन सी प्रथा अंधविश्वास है, यह तय करने का अधिकार उसके पास है। दरअसल, केंद्र ने दलील दी थी कि धर्मनिरपेक्ष अदालत इस मुद्दे का फैसला नहीं कर सकती, क्योंकि जज कानून के विशेषज्ञ होते हैं, धर्म के नहीं। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, यह काम विधायिका का है कि वह कानून बनाए। काला जादू और ऐसी प्रथाओं को रोकने के लिए कानून ऐसे ही बनाए गए हैं।’ जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने पूछा, कोई प्रथा जादू टोना से जुड़ी हो, तो क्या उसे अंधविश्वास नहीं माना जाएगा? विधायिका चुप है तो क्या अदालत सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रोक के निर्देश नहीं दे सकती? केंद्र बोला- व्यभिचार-समलैंगिक संबंधों पर SC के फैसले ठीक नहीं सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा है कि व्यभिचार और सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले फैसले सही कानून नहीं हैं। ये फैसले ‘संवैधानिक नैतिकता’ की व्यक्तिगत व्याख्या पर आधारित थे, इसलिए इन्हें अच्छा कानून नहीं माना जाना चाहिए। मेहता ने कहा- लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर चलने वाले देश में बहुसंख्यक वर्ग का दृष्टिकोण ही प्रभावी होता है। मेहता ने हार्वर्ड लॉ रिव्यू में छपे कैथरीन टी. बार्टलेट के लेख ‘सम फेमिनिस्ट लीगल मेथड्स’ का जिक्र कर कहा, अनुच्छेद 141 के तहत यह एक कानून बन जाता है, जो 140 करोड़ भारतीयों पर लागू होता है।’ कोर्ट ने पूछा- याचिका किसकी, कोई भक्त इसे चुनौती नहीं दे सकता? दिनभर सुनवाई के बाद बेंच उठने वाली थी तो जस्टिस नागरत्ना ने मेहता से जानना चाहा कि सबरीमाला मामले में याचिकाकर्ता कौन हैं। दलीलों से लगता है कि मूल याचिकाकर्ता भक्त नहीं हैं। मेहता ने कहा कि वकीलों के संगठन ‘इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन’ की याचिका है। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा, ‘वे भक्त नहीं हैं। जो भक्त नहीं है और जिसका उस मंदिर से कोई लेना-देना नहीं है, इसे चुनौती देता है, तो क्या अदालत ऐसी रिट याचिका पर सुनवाई कर सकती है?’ सुप्रीम कोर्ट में 50 से ज्यादा रिव्यू पिटीशन धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव का मामला बीते 26 सालों से देश की अदालतों में हैं। 2018 में, 5 जजों की बेंच ने 4:1 के बहुमत से मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान बेंच 7 अप्रैल से 22 अप्रैल तक 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। कोर्ट में रिव्यू पिटीशनरों और उन्हें सपोर्ट करने वाले 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक, जबकि विरोध करने वाले 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक दलीलें दे सकेंगे। सबरीमाला सहित 5 मामले, जिनपर SC फैसला करेगा सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश: सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने का अधिकार दिया था। अब बड़ी पीठ तय करेगी कि यह फैसला सही था या नहीं। दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं का खतना: एडवोकेट सुनीता तिवारी ने 2017 में इसके खिलाफ याचिका दायर की और कहा कि यह प्रथा महिलाओं के साथ भेदभाव करती है और यह नाबालिग बच्चियों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट यह तय करेगा कि क्या यह प्रथा मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है? मस्जिदों में महिलाओं का प्रवेश: यास्मीन जुबैर अहमद पीरजादा नाम की महिला ने 2016 में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट तय करेगा कि क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका जा सकता है। पारसी महिलाओं का अग्निमंदिर में प्रवेश: 2012 में पारसी महिला गुलरुख एम गुप्ता ने हिंदू व्यक्ति से शादी के बाद अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या गैर-पारसी से शादी करने पर पारसी महिला को मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है। मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े लैंगिक भेदभाव के प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या धार्मिक गतिविधियों में जेंडर के आधार पर भेदभाव को क्या मौलिक अधिकार का हनन माना जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने 7 संवैधानिक सवाल तय किए, जिन पर बहस होगी- सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं को एंट्री नहीं, पूरा मामला 5 पॉइंट्स में सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पहले बैन थी। वजह पीरियड्स और भगवान अयप्पा के ब्रह्मचर्य व्रत को माना गया। इसी नियम को लेकर विवाद शुरू हुआ। 1990 में मामला उठा, बाद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 2006 में कोर्ट ने नोटिस जारी किया। 2008 में केस 3 जजों की बेंच को गया। 2016 में सुनवाई शुरू हुई। 2017 में मामला 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा गया। 2018 में 4-1 बहुमत से सभी उम्र की महिलाओं को एंट्री की अनुमति मिली। कोर्ट ने प्रतिबंध को असंवैधानिक बताया। विरोध के बीच बिंदु कनकदुर्गा और बिंदु अम्मिनी ने मंदिर में प्रवेश किया। 2019 में मामला 9 जजों की बड़ी बेंच को

3 राज्यों की 296 सीटों पर वोटिंग:असम, केरलम, पुडुचेरी में सिंगल फेज में मतदान; केरलम CM पिनाराई, एक्टर मोहनलाल ने वोट डाला

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देश के तीन राज्यों असम, केरलम और पुडुचेरी की 296 सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है, जो शाम 5 बजे तक चलेगी। आज सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच सभी पोलिंग स्टेशन पर अधिकारियों ने मॉक पोलिंग की, जिससे पता चल सके कि ईवीएम में कोई खराबी तो नहीं है। केरलम में 70 साल में पहली बार कोई सीएम हैट्रिक के लिए चुनाव लड़ रहा है। असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के सहारे लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दांव खेल रही है। जबकि पुडुचेरी में कांग्रेस से निकले एन. रंगासामी पांचवी बार सत्ता में काबिज होने की कोशिश कर रहे हैं। असम में 126 सीट पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं केरलम में 2.71 करोड़ वोटर 890 उम्मीदवारों में से अपना नेता चुनेंगे। पुडुचेरी में 20 पार्टियां के 294 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। तीनों राज्यों में करीब 10 लाख से ज्यादा वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे। असम, केरलम, पुडुचेरी चुनाव से जुड़े अपडेट्स तीनों राज्यों में जारी वोटिंग की जानकारी के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…