बैतूल में सरकारी खरीदी में देरी पर कांग्रेस का प्रदर्शन:9 अप्रैल को शिवाजी ऑडिटोरियम में किसान देंगे धरना; बोले- खाद की भी कमी

बैतूल में सरकारी गेहूं खरीदी में देरी, ओलावृष्टि से फसल बर्बादी और अन्य समस्याओं से परेशान किसानों के समर्थन में कांग्रेस 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय स्थित शिवाजी ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर हो रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। वर्तमान में खरीदी शुरू न होने से किसान अपनी उपज मंडियों में 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं और 31 मार्च की समय सीमा बीतने के बाद जिले के लगभग आधे किसान सहकारी ऋण में डिफाल्टर हो गए हैं। 15 अप्रैल तक बढ़ी खरीदी की तारीख, राजस्थान में खरीदी शुरू कांग्रेस का आरोप है कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे वे पहले से ही आर्थिक संकट में हैं। गेहूं खरीदी की तारीखों में बार-बार बदलाव ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पहले 23 मार्च, फिर 1 अप्रैल, 10 अप्रैल और अब 15 अप्रैल तक तारीख बढ़ने से किसानों में भारी असंतोष है। कांग्रेस ने इस बात पर भी जोर दिया कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में खरीदी पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि मध्य प्रदेश में देरी हो रही है। कुप्रबंधन का आरोप- डिफाल्टर हुए किसान, खाद की भी कमी कांग्रेस ने सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि सहकारी ऋण की अंतिम तिथि 31 मार्च होने से लगभग आधे किसान डिफाल्टर हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, खाद की कमी, मनमाने बिजली बिल, बिजली चोरी के कथित झूठे मामले और नरवाई जलाने पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई जैसे मुद्दों ने भी किसानों की समस्याओं को बढ़ाया है। संगठन महामंत्री ने की ज्यादा से ज्यादा लोगों के शामिल होने की अपील जिला संगठन महामंत्री बृजभूषण पांडे ने बताया कि यह धरना-प्रदर्शन प्रदेश स्तर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक किसानों को इस आंदोलन में शामिल करें, ताकि उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
केरल चुनाव 2026: कांग्रेस दक्षिण में बढ़त के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर क्यों भरोसा कर रही है | हैदराबाद-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 12:09 IST राजनीतिक विश्लेषक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखते हैं। नेताओं का मानना है कि रेड्डी कैडर को सक्रिय करने में मदद कर सकते हैं तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे पार्टी की बढ़ती राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का संकेत माना जा रहा है। (पीटीआई फाइल फोटो) तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केरल में अपना अभियान शुरू कर दिया है, जो राज्य में कांग्रेस के चुनावी अभियान में एक महत्वपूर्ण क्षण है। वह पूरे दिन तीन निर्वाचन क्षेत्रों – कोवलम, मवेलिककारा और पथनापुरम में रोड शो करेंगे। अभियान सुबह 8.30 बजे कोवलम में शुरू हुआ, उसके बाद सुबह 10.30 बजे मावेलिककारा में शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे पथानापुरम में समाप्त होगा। अपनी ऊर्जावान और भीड़ खींचने वाली प्रचार शैली के लिए जाने जाने वाले रेवंत रेड्डी की यात्रा ने केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा किया है। प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में हाई-स्टेक रोड शो अपने समुद्र तटों के लिए मशहूर पर्यटन केंद्र कोवलम में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है क्योंकि लोग तेलंगाना के मुख्यमंत्री को देखने के लिए इकट्ठा होंगे। रोड शो के दौरान, रेवंत रेड्डी द्वारा स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने और विकास प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार करने की संभावना है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए समर्थन बढ़ाना है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र मावेलिककारा में भी उत्साह बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि रेवंत रेड्डी की प्रचार शैली, तेलंगाना में उनके शासन रिकॉर्ड के साथ मिलकर, मतदाताओं को पसंद आ सकती है। अभियान के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं के उनके साथ शामिल होने की उम्मीद है। दौरे के अंतिम चरण में पथानापुरम में भी भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, केरल कांग्रेस के नेता भव्य स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा चुनाव अभियान में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है। कांग्रेस की निगाहें दक्षिणी मोर्चे पर राजनीतिक पर्यवेक्षक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखते हैं। नेताओं का मानना है कि रेवंत रेड्डी जैसे हाई-प्रोफाइल प्रचारक कैडर को सक्रिय करने और मतदाता भावना को प्रभावित करने में मदद कर सकते हैं। केरल में एक कांग्रेस नेता ने कहा, “इस यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। लोगों से जुड़ने की उनकी क्षमता चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।” यह यात्रा केरल से परे भी ध्यान खींच रही है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कदम का स्वागत किया है, इसे पार्टी की बढ़ती राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का संकेत माना जा रहा है। रेवंत रेड्डी की पहुंच के प्रभाव को लेकर हैदराबाद में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह अभियान दक्षिणी राज्यों में राजनीतिक संबंधों को मजबूत कर सकता है और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी की स्थिति को बढ़ा सकता है। प्रमुख मुद्दों पर ध्यान दें अपने अभियान के दौरान, रेड्डी से विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों को उजागर करने की उम्मीद है, जो केरल में मतदाताओं के बीच गूंजने की संभावना है। इस यात्रा को आगामी चुनावों के लिए शुरुआती जमीनी कार्य के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कांग्रेस का लक्ष्य क्षेत्र में गति बनाना है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि अब मजबूत प्रचार अभियान आने वाले महीनों में चुनावी नतीजों को आकार दे सकता है। कुल मिलाकर, रेवंत रेड्डी का केरल अभियान कांग्रेस की दक्षिणी रणनीति में एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि वह अपने पदचिह्न का विस्तार करना और राजनीतिक जमीन हासिल करना चाहती है। पहले प्रकाशित: 07 अप्रैल, 2026, 12:09 IST समाचार शहर हैदराबाद-समाचार केरल चुनाव 2026: दक्षिणी बढ़त के लिए कांग्रेस तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर क्यों भरोसा कर रही है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। अभियान सुबह 8.30 बजे कोवलम में शुरू हुआ, उसके बाद सुबह 10.30 बजे मावेलिककारा में शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे पथानापुरम में समाप्त होगा। अपनी ऊर्जावान और भीड़ खींचने वाली प्रचार शैली के लिए जाने जाने वाले रेवंत रेड्डी की यात्रा ने केरल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह पैदा किया है। प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में हाई-स्टेक रोड शो अपने समुद्र तटों के लिए मशहूर पर्यटन केंद्र कोवलम में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है क्योंकि लोग तेलंगाना के मुख्यमंत्री को देखने के लिए इकट्ठा होंगे। रोड शो के दौरान, रेवंत रेड्डी द्वारा स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने और विकास प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार करने की संभावना है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए समर्थन बढ़ाना है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र मावेलिककारा में भी उत्साह बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि रेवंत रेड्डी की प्रचार शैली, तेलंगाना में उनके शासन रिकॉर्ड के साथ मिलकर, मतदाताओं को पसंद आ सकती है। अभियान के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं के उनके साथ शामिल होने की उम्मीद है। दौरे के अंतिम चरण में पथानापुरम में भी भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, केरल कांग्रेस के नेता भव्य स्वागत की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा चुनाव अभियान में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है। कांग्रेस की निगाहें दक्षिणी मोर्चे पर राजनीतिक पर्यवेक्षक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस की व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखते हैं। नेताओं का मानना है कि रेवंत रेड्डी जैसे हाई-प्रोफाइल प्रचारक कैडर को सक्रिय करने और मतदाता भावना को प्रभावित करने में मदद कर सकते हैं। केरल में एक कांग्रेस नेता ने कहा, “इस यात्रा से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। लोगों से जुड़ने की उनकी क्षमता चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।” यह यात्रा केरल से परे भी ध्यान खींच रही है। तेलंगाना और आंध्र
वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर पर हेल्थकेयर फ्रॉड का आरोप, 130 करोड़ रुपए में समझौता

अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टर जितेंद्र पटेल और उनकी अटलांटा स्थित क्लिनिक ने हेल्थकेयर फ्रॉड के आरोपों को लेकर 14 मिलियन डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपए) में सिविल समझौता किया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच में सामने आया कि क्लिनिक ने मरीजों पर जरूरत से ज्यादा और कॉम्पलेक्स मेडिकल प्रोसीजर किए। साथ ही कई मामलों में ऐसे टेस्ट और सर्जरी के बिल भी बनाए गए जो या तो जरूरी नहीं थे या किए ही नहीं गए। इन दावों के आधार पर मेडिकेयर, मेडिकेड और अन्य सरकारी हेल्थ प्रोग्राम से भुगतान लिया गया। मामले की शिकायत क्लिनिक के ही पूर्व कर्मचारी और एक डॉक्टर ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लिनिक का फोकस मरीजों के इलाज के बजाय रेवेन्यू बढ़ाने पर था। समझौते के तहत क्लिनिक और डॉक्टर ने किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन 130 करोड़ रुपए देकर मामला सुलझा लिया गया है। वहीं शिकायत करने वाले दोनों को इस राशि में से करीब 27 करोड़ रुपए मिलेंगे।
सट्टेबाजी का दबाव खिलाड़ियों को तोड़ रहा:टारगेट पूरे करने के लिए एथलीट्स को परिजनों की हत्या की धमकी; अपशब्दों की बौछार

एक कॉलेज बास्केटबॉल खिलाड़ी मैच शुरू होने से पहले अपना मोबाइल खोलता है। स्क्रीन पर अजनबी का संदेश दिखता है,‘सुनो, यह मजाक नहीं है। अगर तुमने आज 22 पॉइंट्स व 12 बाउंड्स नहीं बनाए, तो तुम्हारे सभी करीबी मार दिए जाएंगे।’ यह डरावना संदेश किसी फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि 2024 के एनसीएए (नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक एसोसिएशन) की स्टडी का हिस्सा है। उस खिलाड़ी ने अभी कोर्ट पर कदम भी नहीं रखा था, न ही कोई शॉट मिस किया था। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि सट्टेबाजी की दुनिया में उसकी काबिलियत पर ‘दांव’ लगा था। हालांकि वह मैदान में उतरा और स्वाभाविक खेलने की कोशिश भी की। एक्सपर्ट कहते हैं,हम इस समय ‘मार्च मैडनेस’ के बीच में हैं- जो अमेरिकी खेलों में सबसे अधिक सट्टेबाजी वाला आयोजन है। अनुमान है कि अकेले इस साल के टूर्नामेंट पर 25 हजार करोड़ रुपए दांव पर लगे हैं। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की प्रोफेसर और मनोवैज्ञानिक एमी कडी कहती हैं,‘आज के एथलीट सिर्फ शारीरिक थकान से नहीं, बल्कि नए मनोवैज्ञानिक खतरे से जूझ रहे हैं, जिसे ‘सोशल-इवैल्यूएटिव थ्रेट’ (सामाजिक परख का खतरा) कहते हैं। यह वह तनाव है जो दूसरों द्वारा नकारात्मक निर्णय लिए जाने या अपमानित होने के डर से पैदा होता है। 1995 में एक खिलाड़ी को सिर्फ स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की हूटिंग सुनाई देती थी। लेकिन आज, एक खिलाड़ी नाश्ते से पहले ही सोशल मीडिया पर सैकड़ों नफरत भरे संदेश पढ़ चुका होता है। 2025 की स्टडी के अनुसार, 51% बास्केटबॉल खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर और 46% को सीधे तौर पर सट्टेबाजों से धमकी भरे संदेश मिलते हैं। ख्यात मनोवैज्ञानिक एमी कहती हैं,‘खेल जगत अब तक नींद, पोषण व रिकवरी पर ध्यान देता आया है, लेकिन अब इसे ‘जजमेंट रिकवरी’ की जरूरत है। इसे ‘लोड मैनेजमेंट’ की तरह देखना होगा। जिस तरह खिलाड़ी मैच के बाद मांसपेशियों को आराम देते हैं, वैसी ही ‘रिकवरी’ उन्हें सोशल मीडिया और बाहरी आलोचनाओं से भी करनी जरूरी है।’ तनाव इतना ज्यादा कि जान का जोखिम तक हो सकता है मनोवैज्ञानिक सैली डिकरसन कहती हैं, ‘यह खतरा शरीर में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर इतना बढ़ा देता है कि शरीर इसे ‘जान के जोखिम’ की तरह लेने लगता है। सामान्य तनाव समय के साथ कम हो जाता है, पर ‘दूसरों के जजमेंट’ का डर हर बार शरीर पर ऐसा प्रभाव डालता है, जैसे पहली बार मिला हो। टेनिस स्टार इगा स्विएतेक और जेसिका पेगुला जैसे खिलाड़ी इसे ‘मानसिक स्वास्थ्य’ की नहीं, बल्कि ‘प्रदर्शन’ की समस्या मान रहे हैं। जब अरमांडो बैकॉट जैसे खिलाड़ी जीत दिलाकर लौटते हैं, तब भी उनके इनबॉक्स में अपशब्द होते हैं क्योंकि उन्होंने सट्टेबाजों का निजी लक्ष्य पूरा नहीं किया होता।
वृंदावन में मोहन भागवत ने संत के पैर छुए:संत मलूक दास के जयंती उत्सव में शामिल हुए, रामदेव ने समाधि के दर्शन किए

संत मलूक दास की आज 452वीं जयंती है। वृंदावन के मलूक पीठ में उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे हैं। मंच पर संत रसिक माधव दास ने मोहन भागवत को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। भागवत ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और पैर छूकर आशीर्वाद लिया। योग गुरु बाबा रामदेव भी संत मलूक दास की जयंती में पहुंचे। उन्होंने संत की समाधि के दर्शन-पूजन किए। सीएम योगी दोपहर ढाई बजे पहुंचेंगे। हालांकि, उनकी मोहन भागवत से मुलाकात नहीं होगी, क्योंकि तब तक संघ प्रमुख कार्यक्रम से जा चुके होंगे। कृष्ण भक्त संत मलूक दास का जन्म कौशांबी में खत्री परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी साधना स्थली वृंदावन को बनाया। यहां उन्होंने यमुना किनारे वंशीवट पर अपनी कुटिया बनाई, जिसे मलूक पीठ के नाम से जाना जाता है। संत का गोलोक गमन (मृत्यु) वृंदावन में हुआ, जहां उनकी समाधि बनी हुई है। संत मलूक दास का अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम, दास मलूका कह गए, सबके दाता राम दोहा सबसे मशहूर हुआ। इसका अर्थ है कि अजगर किसी की नौकरी नहीं करता, पक्षी काम नहीं करता, लेकिन भगवान पर विश्वास हो तो राम जी सबका भला करते हैं। तस्वीरें देखिए- संत मलूक दास की जयंती पर कार्यक्रम से जुड़े अपडेट के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
हाथठेला पर पोहा-जलेबी बेचने पहुंची पूर्व CM उमा भारती:अपने बंगले के सामने लगाई दुकान, प्रशासन से बोलीं- गरीबों की रोजी-रोटी मत छीनों

टीकमगढ़ में मंगलवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची। उन्होंने एक दिन पहले नगर पालिका द्वारा हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस ठेले लगाने के लिए बुलाया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीबों की रोजी-रोटी नहीं छीनी जाए। दरअसल, सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान जेसीबी मशीन से कई छोटी दुकानें और हाथठेले हटा दिए गए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और छोटे दुकानदारों को हटाने को गलत बताया था। इसी के मद्देनजर, मंगलवार सुबह वह अपने सिविल लाइन रोड स्थित बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और खुद पोहा-जलेबी बेचकर दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने हाथठेला वालों से दोबारा सड़क किनारे अपने ठेले लगाने कहा। पहले जगह उपलब्ध कराए प्रशासन उमा भारती का कहना था कि पार्षदों ने इसके लिए पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था। तीन चार स्थान भी बताए थे। प्रशासन पहले इन्हें दुकानों लगाने के स्थान दे, बाद में हटाया जाए। उमा भारती ने हटाए गए दुकानदारों से अपील की है कि वह वापस आए और यही पर अपनी दुकानें लगाए, मैं उनके साथ हूं। उनके ठेलो को यहां से नहीं हटने दिया जाएगा। उमा भारती से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मामले में प्रशासन से बात की है तो उनका कहना था कि मुझे अभी इसकी जानकारी हुई है। मै अभी प्रशासन से बात करूंगी, सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे।
तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव उनके चेन्नई स्थित अपार्टमेंट में मिला है। 36 साल की एक्ट्रेस डिप्रेशन में थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौत से कुछ समय पहले ही उनका पति से वीडियो कॉल पर झगड़ा हुआ था। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, सुभाषिनी, चेन्नई के इयप्पंथंगल इलाके में किराए के फ्लैट में रह रही थीं, जहां उनका शव मिला है। उन्होंने 2 साल पहले 2024 में बिपिन चंद्रन से शादी की थी। कुछ समय से दोनों अलग रह रहे थे। 6 अप्रैल को मौत होने से पहले उन्होंने पित बिपिन को वीडियो कॉल किया था, जिसमें दोनों का झगड़ा हुआ था। पुलिस जांच के अनुसार, झगड़े के बाद ही सुभाषिनी ने आत्महत्या की है, हालांकि अब तक मौत का सटीक कारण और वजह सामने नहीं आ सकी ही। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुभाषिनी सुब्रमण्यम श्रीलंका की रहनेवाली थीं। वो तमिल टीवी इंडस्ट्री में काम मिलने के बाद चेन्नई आकर बस गई थीं। साल 2012 में फिल्म इनी अवन से करियर की शुरुआत करने के बाद वह कई टीवी शोज और फिल्मों में नजर आ चुकी थीं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान टीवी शो कायल में दीपिका का किरदार निभाने पर मिली थी। इसके अलावा वो इल्लाम मेला इरुकुरवन पाथुप्पन और वेब जैसी कई फिल्मों का हिस्सा रही हैं। एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम में करीब साढ़े 4 लाख फॉलोअर्स हैं। उन्होंने 2 दिन पहले आखिरी पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने जिंदगी के सार का जिक्र किया था। वो अक्सर सोशल मीडिया पर पति बिबिन के साथ तस्वीरें भी पोस्ट किया करती थीं।
तमिल एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव मिला:मौत से पहले कॉल पर हुआ था पति से झगड़ा, दो साल पहले हुई थी शादी

साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस सुभाषिनी सुब्रमण्यम का शव उनके चेन्नई स्थित अपार्टमेंट में मिला है। 36 साल की एक्ट्रेस डिप्रेशन में थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मौत से कुछ समय पहले ही उनका पति से वीडियो कॉल पर झगड़ा हुआ था। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, सुभाषिनी, चेन्नई के इयप्पंथंगल इलाके में किराए के फ्लैट में रह रही थीं, जहां उनका शव मिला है। उन्होंने 2 साल पहले 2024 में बिपिन चंद्रन से शादी की थी। कुछ समय से दोनों अलग रह रहे थे। 6 अप्रैल को मौत होने से पहले उन्होंने पित बिपिन को वीडियो कॉल किया था, जिसमें दोनों का झगड़ा हुआ था। पुलिस जांच के अनुसार, झगड़े के बाद ही सुभाषिनी ने आत्महत्या की है, हालांकि अब तक मौत का सटीक कारण और वजह सामने नहीं आ सकी ही। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुभाषिनी सुब्रमण्यम श्रीलंका की रहनेवाली थीं। वो तमिल टीवी इंडस्ट्री में काम मिलने के बाद चेन्नई आकर बस गई थीं। साल 2012 में फिल्म इनी अवन से करियर की शुरुआत करने के बाद वह कई टीवी शोज और फिल्मों में नजर आ चुकी थीं। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान टीवी शो कायल में दीपिका का किरदार निभाने पर मिली थी। इसके अलावा वो इल्लाम मेला इरुकुरवन पाथुप्पन और वेब जैसी कई फिल्मों का हिस्सा रही हैं। एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम में करीब साढ़े 4 लाख फॉलोअर्स हैं। उन्होंने 2 दिन पहले आखिरी पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने जिंदगी के सार का जिक्र किया था। वो अक्सर सोशल मीडिया पर पति बिबिन के साथ तस्वीरें भी पोस्ट किया करती थीं।
IPL में आज MI-RR के बीच मुकालबा मैच:30 सिक्स पूरे करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन को भी पीछे छोड़ा

IPL में आज का मुकाबला इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। आज मैच में सभी की निगाहें वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी, जो IPL में अपने 30 सिक्स पूरे करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने गेंद के मामलों में ईशान किशन को भी पिछे छोड़ दिया है। CSK के खिलाफ मात्र 15 गेंदों में 50 रन ठोक दिए थे। हालांकि, गुजरात टाइटंस के खिलाफ पिछले मैच में वो 18 गेंद पर 31 रन ही बना सके। वैभव के IPL में 30 सिक्स पूरे वैभव सूर्यवंशी ने IPL में अपने 30 सिक्स पूरे कर लिए हैं। वे 19 साल या उससे कम उम्र में सबसे तेजी से इस आंकड़े तक पहुंचने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने सिर्फ 157 गेंदों में यह मुकाम हासिल किया। ऋषभ पंत और ईशान किशन ने भी 30-30 सिक्स लगाए थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए काफी ज्यादा गेंदें खेलें। वैभव ने सिक्स लगाकर फिफ्टी पूरी की थी चेन्नई के खिलाफ मैच खेलने आए वैभव का पहली ही गेंद पर कैच छूट गया था। वैभव सूर्यवंशी अपनी पहली बॉल पर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद हवा में थी। कार्तिक शर्मा गेंद के नीचे आए, लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। अगली गेंद पर सूर्यवंशी ने छक्का भी लगा दिया था। वैभव ने पावरप्ले के आखिरी ओवर में छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। उन्होंने 17 गेंदों पर 52 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह राजस्थान के लिए वैभव की दूसरी सबसे तेज फिफ्टी है। टॉप पर यशस्वी जायसवाल हैं, जिन्होंने 2023 में कोलकाता के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था वहीं, GT के खिलाफ वैभव ने अपनी पहली गेंद पर चौका लगाकर खाता खोला था। वहीं, सिराज के चौथे गेंद पर भी वैभव ने चौका जड़ा, पहले ओवर में 2 चौके जड़े। जोस बटलर से वैभव सूर्यवंशी का कैच छूट गया था। उनके हाथ से छूटी कैच चौके के लिए निकल गई। इस जीवनदान का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अगली ही गेंद पर पॉइंट की दिशा में छक्का लगाकर टीम की फिफ्टी पूरी कर दी। वैभव ने 18 गेंद पर 31 रन बनाए। IPL में सबसे कम उम्र के शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव पिछले सीजन के आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा था। उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इस साल टीम ने उन्हें रिटेन किया है। वे पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केवल 35 गेंदों में तूफानी शतक जड़ा था। इसी के साथ वो क्रिस गेल के बाद दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। यह किसी भी भारतीय की ओर से आईपीएल में सबसे तेज शतक था। वैभव सूर्यवंशी ने अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा था।
क्या मोटे लोगों को ज्यादा पसीना आता है? पतले लोगों को क्यों होती है यह समस्या, इस पर क्या कहता है साइंस

Body Fat Increase Heat Sensitivity: गर्मी की शुरुआत हो चुकी है और यह मौसम कई लोगों के लिए मुश्किल भरा होता है. तेज धूप और बढ़ती तपिश से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. लोग जैसे ही बाहर निकलते हैं, वैसे ही उनका शरीर पसीने से भीग जाता है. पसीना स्किन से जुड़ी कई इंफेक्शन का खतरा बढ़ा देता है. आपने कई बार महसूस किया होगा कि कुछ लोगों को ज्यादा पसीना आता है और कुछ लोगों को कम पसीना आता है. अक्सर माना जाता है कि मोटे लोगों को ज्यादा गर्मी लगती है और उन्हें ज्यादा पसीना आता है. जबकि पतले लोगों को यह परेशानी कम होती है. अब सवाल है कि क्या वाकई मोटे लोगों को ज्यादा गर्मी और पसीने की समस्या रहती है? चलिए इस बारे में हकीकत जानने की कोशिश करते हैं. अमेरिका के क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक जब शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा होने लगता है, तब हमारी ग्रंथियां पसीना बनाती हैं. यह शरीर को ठंडा करने का नेचुरल सिस्टम होता है. पसीना मुख्य रूप से पानी से बना होता है, जिसमें थोड़ा नमक और अन्य तत्व होते हैं. जब शरीर का तापमान बढ़ता है, तो पसीना निकलता है और स्किन पर आकर सूखने लगता है, जिससे शरीर ठंडा हो जाता है. यह प्रक्रिया शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करती है, जो लगभग 98.6°F होता है. लोग अक्सर मानते हैं कि पसीने से शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, लेकिन असल में यह काम लिवर और किडनी करते हैं. पसीने का मुख्य काम सिर्फ शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाना है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. क्या मोटे लोगों को ज्यादा पसीना आता है? कुछ रिसर्च बताती हैं कि शरीर में जमा अतिरिक्त फैट एक इंसुलेटर की तरह काम करता है. इसका मतलब है कि यह शरीर के अंदर पैदा होने वाली गर्मी को बाहर निकलने से रोकता है. जब शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, तो व्यक्ति को ज्यादा गर्मी महसूस होती है. यही वजह है कि अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त लोगों को सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में ज्यादा गर्मी लग सकती है. मोटे लोगों के शरीर को ठंडा रखने के लिए बॉडी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए उनमें पसीना ज्यादा आता है. शरीर का आकार बड़ा होने के कारण एनर्जी की खपत भी ज्यादा होती है, जिससे अतिरिक्त गर्मी पैदा होती है और शरीर को उसे संतुलित करने के लिए ज्यादा पसीना बहाना पड़ता है. हालांकि हर मोटे व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होता है. मेटाबॉलिज्म का भी इसमें अहम रोल एक्सपर्ट्स की मानें तो मेटाबॉलिज्म भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, उनका बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) अक्सर अधिक होता है, यानी उनका शरीर आराम की स्थिति में भी ज्यादा एनर्जी खर्च करता है. इस प्रक्रिया में गर्मी उत्पन्न होती है, जो उन्हें ज्यादा गर्म महसूस करा सकती है. हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर अधिक वजन वाले व्यक्ति को एक समान गर्मी लगे, क्योंकि उम्र, हार्मोन, फिटनेस और वातावरण जैसे अन्य कारक भी इसे प्रभावित करते हैं. ज्यादा पसीना आने के अन्य कारण ज्यादा पसीना आना सिर्फ गर्मी या एक्सरसाइज की वजह से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे कई मेडिकल कारण भी हो सकते हैं. इसमें सबसे कॉमन हाइपरहाइड्रोसिस है, जिसमें शरीर जरूरत से ज्यादा पसीना बनाता है. इसके अलावा थायराइड की समस्या मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर पसीना बढ़ा सकती है. डायबिटीज, हॉर्मोनल बदलाव जैसे मेनोपॉज या पीसीओएस, संक्रमण और बुखार, हार्ट या लंग्स की बीमारियां और मानसिक तनाव या एंजायटी भी ज्यादा पसीने का कारण बन सकते हैं. अगर लगातार बिना किसी स्पष्ट वजह के पसीना आता है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.







