Saturday, 10 Oct 2026 | 08:44 AM

Trending :

EXCLUSIVE

आइसक्रीम से वैश्विक कंपनियों का मोहभंग:नेस्ले ने भी समेटा कारोबार, शुरू किया ऑपरेशन क्लीनअप; फोकस- मुनाफे वाले मुख्य सेगमेंट पर

आइसक्रीम से वैश्विक कंपनियों का मोहभंग:नेस्ले ने भी समेटा कारोबार, शुरू किया ऑपरेशन क्लीनअप; फोकस- मुनाफे वाले मुख्य सेगमेंट पर

दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य और पेय कंपनी नेस्ले आइसक्रीम के कारोबार को ‘ठंडे बस्ते’ में डालने जा रही है। दरअसल वैश्विक एफएमसीजी सेक्टर में कुछ समय से एक ट्रेंड देखा जा रहा है। दिग्गज कंपनियों का आइसक्रीम बिजनेस से मोहभंग हो रहा है। नेस्ले ने पुष्टि की है कि वह अपने शेष आइसक्रीम पोर्टफोलियो को संयुक्त उद्यम साझेदार ‘फ्रोनेरी’ को बेचने के लिए बातचीत कर रही है। इस सौदे में हागेन-डाज और ड्रमस्टिक जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड शामिल हैं, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 1.3 बिलियन डॉलर (करीब 11,800 करोड़ रुपए) आंकी गई है। नेस्ले के नए सीईओ फिलिप नवरतिल ने पद संभालते ही कंपनी के बिखरे हुए साम्राज्य को समेटने का फैसला किया है। नवरतिल के मुताबिक, आइसक्रीम ब्रांड कंपनी के मुख्य बिजनेस के लिए एक भटकाव बन गए थे। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान उन 4 सेगमेंट पर लगाएगी, जहां उसका दबदबा सबसे ज्यादा है- कॉफी, पेट केयर, न्यूट्रिशन और स्नैक्स। नवरतिल ने स्पष्ट किया, ‘हम इन ब्रांड्स को उस गति से आगे नहीं बढ़ा सकते, जिस तरह फ्रोनेरी जैसी विशेषज्ञ कंपनियां बढ़ा सकती हैं।’ नेस्ले जैसा दिग्गज अब लागत कम करने के लिए एआई और ऑटोमेशन का सहारा ले रहा है और दुनियाभर में 16,000 नौकरियां घटाने की योजना बना रहा है। ऐसे में कंपनी उन सेक्टर में पूंजी लगाना चाहती है जहां मार्जिन अधिक और स्थिर है। ये कंपनियां भी पीछे हटीं नेस्ले अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो जमी हुई मिठास से दूरी बना रही है। यह पूरी दुनिया में एफएमसीजी और डेयरी दिग्गजों के बीच एक ‘स्ट्रक्चरल शिफ्ट’ है। यूनिलीवर ने बीते दिसंबर में प्रसिद्ध आइसक्रीम डिवीजन मैग्नम को अलग कर दिया। अमेरिकी दिग्गज कंपनी जनरल मिल्स अपनी आइसक्रीम यूनिट को पहले ही लैक्टालिस को बेच चुकी है। दुनिया की सबसे बड़ी डेयरी निर्यातक कंपनी फोंटेरा भी अपने ग्लोबल कंज्यूमर और आइसक्रीम बिजनेस को बेचने की प्रक्रिया में है। इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी लैक्टालिस ने 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की भारी-भरकम बोली लगाई है। आखिर आइसक्रीम बिजनेस से किनारा क्यों बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जटिल कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स, बिजली की भारी खपत और सीजन पर निर्भरता ने आइसक्रीम को एक ‘मुश्किल बिजनेस’ बना दिया है। शुगर टैक्स और अनहेल्डी प्रोडक्ट पर सख्ती लोग अब चीनी और कैलोरी के सेवन को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं। कई देशों में बढ़ते ‘शुगर टैक्स’ और ‘अनहेल्दी’ उत्पादों के प्रति सख्त नियमों के कारण कंपनियां अब प्लांट-बेस्ड और पोषण-आधारित उत्पादों की ओर रुख कर रही हैं। कम मार्जिन आइसक्रीम की बिक्री मौसम पर निर्भर है; गर्मी में मांग चरम पर होती है। सर्दियों और मानसून में बिक्री सुस्त रहती है। वास्तविक मुनाफा कम बचता है। ब्यूटी और पर्सनल केयर के 20-25% मार्जिन की तुलना में आइसक्रीम का 10-14% मार्जिन निवेशकों के लिए कम आकर्षक है। कॉर्बन उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य बड़ी चुनौती उत्पादन से लेकर ग्राहक तक पहुंचने तक आइसक्रीम माइनस 18°सी या उससे कम तापमान की जरूरत होती है। विशेष फ्रीजर ट्रकों, गोदामों के रखरखाव की लागत अन्य प्रोडक्ट्स से अधिक है। बढ़ते बिजली खर्च और कार्बन उत्सर्जन कम करने के वैश्विक दबाव ने इस सप्लाई चेन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

इंसानों को नौकरी पर रख रहा एआई:‘रेंट-ए-ह्यूमन’ पर 5 लाख से ज्यादा लोग जुड़े; एक्सपर्ट की चिंता- जोखिम वाले काम करवा लिए तो जवाबदेही किसकी

इंसानों को नौकरी पर रख रहा एआई:‘रेंट-ए-ह्यूमन’ पर 5 लाख से ज्यादा लोग जुड़े; एक्सपर्ट की चिंता- जोखिम वाले काम करवा लिए तो जवाबदेही किसकी

वर्षों से लोगों के मन में यह डर था कि एआई और रोबोट उनकी नौकरियां छीन लेंगे। पर हाल में यह सोच बदल गई। अब एआई इंसानों को काम पर रख रहे हैं। एक नए ऑनलाइन मार्केटप्लेस रेंट-ए-ह्यूमन पर 5 लाख से भी ज्यादा लोग सेवाएं देने के लिए जुड़ चुके हैं। यहां मालिक एआई प्रोग्राम हैं। ये एआई बॉट्स उन कामों के लिए इंसानों को पैसे दे रहे हैं जो वे खुद नहीं कर सकते, जैसे- बाजार से सामान लाना, फोटो खींचना या किसी इवेंट में शामिल होना। यह इनोवेशन 26 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर एलेक्जेंडर लिटेप्लो के दिमाग की उपज है। लिप्टेलो ने देखा कि दुनिया में करोड़ों ‘एआई एजेंट’ (जैसे क्लाउड) मौजूद हैं, जिनके पास दिमाग तो है, लेकिन हाथ-पैर नहीं थे। वे कोडिंग कर सकते हैं, शेयर बाजार संभाल सकते हैं, पर भौतिक दुनिया में जाकर काम नहीं कर सकते। इसी कमी को भरने के लिए रेंट-ए-ह्यूमन का जन्म हुआ। इसकी टैगलाइन भी आकर्षक है… ‘एआई कान्ट टच ग्रास, यू कैन’। ऐसा बाजार जहां एआई बॉट्स इंसानों को किराए पर लेते हैं। लिप्टेलो ने प्लेटफॉर्म बनाने के लिए खुद कोडिंग नहीं की। उन्होंने एआई एजेंटों को काम सौंपा और पोलो खेलने अर्जेंटीना निकल गए। जब वे घुड़सवारी कर रहे थे, उनके डिजिटल एजेंट प्लेटफॉर्म बना रहे थे। रजिस्ट्रेशन को लेकर उत्साह देखकर पता चलता है कि लिप्टेलो का निशाना सही बैठा है। प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले काम भी बेहद दिलचस्प हैं। वॉशिंगटन में एक एआई ने 2700 रु. प्रति घंटे पर इंसान को कबूतर गिनने के लिए रखा। वहीं, खेल रणनीति सीख रहे एआई ने 9 हजार रु. प्रति घंटे पर बैडमिंटन पार्टनर किराए पर लिया। टोरंटो के मिन्जे कांग दुनिया के पहले व्यक्ति बने जिन्हें एआई ने काम दिया। उन्हें एक बोर्ड पकड़कर खड़े होना था। जिस पर लिखा था- ‘एआई ने मुझे बोर्ड पकड़ने के पैसे दिए हैं।’ कैसे काम करता है सिस्टम प्लेटफॉर्म पर इंसानी मैनेजर नहीं है। एआई बॉट विज्ञापन डालता है, इंटरव्यू लेता है और काम सौंपता है। इंसान काम पूरा करने के बाद फोटो या वीडियो से सबूत देता है। पुष्टि होते ही क्रिप्टोकरेंसी या ऑनलाइन वॉलेट से पेमेंट होता है। पैसा सुरक्षित एस्क्रो फंड में रखा जाता है ताकि रोबोट पैसा न मार सके। भुगतान और हादसों जैसे मुद्दों पर विवाद को लेकर स्पष्टता नहीं रिसर्चर एडम डॉर कहते हैं- एआई के जरिए इंसानों से काम करवाने में नियम और कानून बहुत पीछे हैं। अगर किसी एआई का इरादा गलत हो तो वह बड़े खतरनाक काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर इंसानों से करवा सकता है। यानी लोग बिना समझे किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते हैं जो नुकसान पहुंचाए। डॉर मानते हैं कि हमें जल्द कड़े नियम और सुरक्षा उपाय बनाने होंगे, ताकि एआई का इस्तेमाल जिम्मेदारी से हो। गुड टेक एडवायजरी की सीईओ केफिर्थ बटरफील्ड कहती हैं कि कई देशों में एआई से इंसानों की सुरक्षा के लिए कानून नहीं हैं, इसलिए पेमेंट कौन देगा और हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा, यह तय करना जरूरी है।

मुंबई में ‘सुबेदार’ ट्रेलर लॉन्च इवेंट:अनिल कपूर बोले- घर में कोई मेरा फैन नहीं, ‘धमाल 4’ से बाहर रहने पर भी कसा तंज

मुंबई में ‘सुबेदार’ ट्रेलर लॉन्च इवेंट:अनिल कपूर बोले- घर में कोई मेरा फैन नहीं, ‘धमाल 4’ से बाहर रहने पर भी कसा तंज

मुंबई में सोमवार को आयोजित फिल्म सुबेदार के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अनिल कपूर ने शूटिंग अनुभव शेयर किए और साथ ही मजाक में कहा कि उनके घर में कोई भी उनका फैन नहीं है। ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अनिल कपूर ने बताया कि जब वह घर से इवेंट के लिए निकल रहे थे, तो उनकी पत्नी सुनीता कपूर ने उनसे पूछा कि वे कहां जा रहे हैं। जब उन्होंने ट्रेलर लॉन्च की बात कही तो सुनीता ने दोबारा पूछा कि कौन सी फिल्म और कहां इवेंट है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी शूटिंग पर जाने से पहले उन्हें पत्नी से 10 से 15 हजार रुपए पॉकेट मनी लेनी पड़ती है। देखें ट्रेलर लॉन्च इवेंट की तस्वीरे मेरे सभी फिल्म मेकर्स के साथ अच्छा रिश्ता: अनिल इवेंट के दौरान अनिल कपूर ने यह भी कहा, “मेरे सभी फिल्म मेकर्स के साथ मेरा बहुत अच्छा रिश्ता है। ऐसा कोई डायरेक्टर नहीं है जिसके साथ मैंने काम किया हो और वह मेरा दोस्त न हो। चाहे सुभाष घई हों, एन. चंद्रा हों या विधु विनोद चोपड़ा। वे मुझसे कहते हैं, ‘क्या चल रहा है? चलो, एक फिल्म करते हैं!’ मैंने इंद्र कुमार को फोन किया और मजाक में कहा, ‘क्या इंदु, तुमने धमााल 4 में मुझे नहीं लिया। कोई बात नहीं, क्या अजय देवगन ने मना कर दिया था?’” एक्ट्रेसेस के साथ रिश्तों पर क्या बोले अनिल कपूर ट्रेलर लॉन्च के दौरान अनिल कपूर से पूछा गया कि उनकी पुरानी हीरोइनों के साथ अब कैसा रिश्ता है। इस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि आजकल कोई भी हीरोइन उनके साथ काम करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने मजाक में कहा कि सबको अब यंग एक्टर्स के साथ काम करना है। यहां तक कि सीनियर एक्ट्रेसेस भी उनके साथ फिल्म करने को तैयार नहीं हैं। आखिर में उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि आप लोग ही उनकी सिफारिश कर दीजिए। बता दें कि फिल्म सुबेदार में अनिल कपूर लीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ राधिका मदान, मोना सिंह, सौरभ शुक्ला, आदित्य रावल, फैसल मलिक और खुशबू सुंदर अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 5 मार्च 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। कहानी गैरकानूनी रेत खनन और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष पर आधारित है। अनिल कपूर फिल्म में रिटायर्ड फौजी सुबेदार अर्जुन मौर्य की भूमिका निभा रहे हैं। इवेंट के दौरान अनिल कपूर ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग लोकेशन्स पर इंटेंस सीन शूट किए। फिल्म को अबुंदंतिया एंटरटेनमेंट, ओपनिंग इमेज फिल्म्स और अनिल कपूर फिल्म एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में उपलब्ध होगी।

चांदी दो दिन में ₹16 हजार महंगी:₹2.67 लाख किलो पर पहुंची, सोना ₹5 हजार बढ़कर ₹1.60 लाख का 10 ग्राम हुआ

चांदी दो दिन में ₹16 हजार महंगी:₹2.67 लाख किलो पर पहुंची, सोना ₹5 हजार बढ़कर ₹1.60 लाख का 10 ग्राम हुआ

सोने-चांदी के दाम में आज यानी 23 फरवरी को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,283 रुपए बढ़कर 1,59,503 रुपए पहुंच गया है। इससे पहले यह 1,58,220 रुपए पर था। सोना 2 कारोबारी दिनों में 5 हजार महंगा हुआ है। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 2,460 रुपए बढ़कर 2,66,535 रुपए पर आ गई है। कल इसकी कीमत 2,64,075 रुपए किलो थी। इससे पहले कल ये 13 हजार रुपए महंगी हुई थी। यानी दो दिन में ये 16 हजार से ज्यादा बढ़ चुकी है। कैरेट के हिसाब से सोने की कीमत देश के बड़े शहरों में सोने की कीमत सोर्स: goodreturns 24 फरवरी, 2026) इस साल सोना 26,000 रुपए और चांदी 36,000 रुपए महंगी हुई इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 26,000 रुपए और चांदी 36,000 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। इस साल अब तक सोने-चांदी की चाल नोट:- सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत किलो में | सोर्स:- IBJA 2025 में सोना ₹57 हजार महंगा हुआ 1.80 लाख तक जा सकता है सोना इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS के अनुसार सोने की मांग में तेजी बनी हुई है। 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था। अब अनुमान है कि 2026 में यह खरीदारी बढ़कर 950 टन तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही, गोल्ड ईटीएफ (ETF) में निवेश भी बढ़कर 825 टन होने की उम्मीद है। UBS को पूरा भरोसा है कि 2026 में सोने की कीमतें और ऊपर जाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार, साल के बीच तक सोना 6,200 डॉलर प्रति औंस के ऊंचे स्तर को छू सकता है। अगर रुपए के हिसाब से बात करें तो सोने का भाव 1.80 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध प्रदर्शन पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार | भारत समाचार

CTET Answer Key 2026 soon at ctet.nic.in. (Representative/Getty Images)

आखरी अपडेट:24 फरवरी, 2026, 11:01 IST दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया। युवा कांग्रेस प्रमुख उदय भानु चिब को शर्टलेस एआई शिखर सम्मेलन के विरोध में गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रीय राजधानी में भारत के एआई शिखर सम्मेलन में बड़े पैमाने पर नाटक देखने के कुछ दिनों बाद, दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने यूथ कांग्रेस प्रमुख को विरोध प्रदर्शन का मास्टरमाइंड बताया है. चिब को दिल्ली पुलिस ने सोमवार को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता को कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है. पुलिस के अनुसार, उदय भानु चिब के पास विरोध प्रदर्शन के संबंध में सारी जानकारी थी और उन्होंने विरोध की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूछताछ के दौरान उदय भानु ने पुलिस को सहयोग नहीं किया. वह ज्यादातर सवालों से या तो बचते रहे या फिर उनसे बचने की कोशिश करते रहे। कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल के मुताबिक, चिब को दिल्ली पुलिस ने सुबह करीब 4:30 बजे उठाया था और वह करीब 20 घंटे से पुलिस हिरासत में हैं। बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना इस बीच, भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की और भारत विरोधी और विकास विरोधी प्रचार के लिए कांग्रेस की आलोचना की। एक्स को लेते हुए, भंडारी ने लिखा, “राहुल गांधी का बब्बर भारत विरोधी “शेर” गिरफ्तार! विश्व एआई शिखर सम्मेलन में नग्न भारत विरोधी प्रदर्शन में 15 घंटे की पूछताछ के बाद युवा कांग्रेस प्रमुख उदय भानु को गिरफ्तार किया गया!” “भारत के युवा ‘नंगी’ कांग्रेस से नफरत करते हैं! बब्बर शेर को जेल में “बब्बर” इलाज मिलेगा! कांग्रेस भारत विरोधी, विकास विरोधी है!” उन्होंने जोड़ा. राहुल गांधी का बब्बर भारत विरोधी “शेर” गिरफ्तार! विश्व एआई शिखर सम्मेलन में नग्न भारत विरोधी प्रदर्शन में युवा कांग्रेस प्रमुख उदय भानु को 15 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया! भारत के युवाओं को ‘नंगी’ कांग्रेस से नफरत! बब्बर शेर को जेल में मिलेगा “बब्बर” इलाज!… pic.twitter.com/C3iwYLeuiJ — प्रदीप भंडारी(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) 24 फ़रवरी 2026 एआई शिखर सम्मेलन में आईवाईसी का ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों ने असहमति के प्रतीक के रूप में, राष्ट्रीय राजधानी में अल इम्पैक्ट इंडिया समिट के भारत मंडपम स्थल पर “समझौता करने वाले प्रधानमंत्री” के नारे लिखी अपनी शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। एक बयान में, भारतीय युवा कांग्रेस ने कहा कि उसके कार्यकर्ता “समझौता करने वाले प्रधान मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे जिन्होंने एआई शिखर सम्मेलन में देश की पहचान का व्यापार किया है।” इस बीच, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया क्योंकि पार्टी ने मांग की कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 24 फरवरी, 2026, 09:45 IST न्यूज़ इंडिया एआई शिखर सम्मेलन में शर्टलेस विरोध पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस(टी)उदय भानु चिब(टी)युवा कांग्रेस(टी)एआई शिखर सम्मेलन(टी)नई दिल्ली(टी)भारत मंडपम

अपने पिता को मार लाश के टुकड़े करने वाला ‘बेटा’ कैसे फंसा जाल में? पुलिस को कैसे हुआ उसपर शक, जानिए लखनऊ मर्डर केस की पूरी कहानी

authorimg

Lucknow Murder Case News: नवाबों के शहर लखनऊ का पॉश इलाका ‘आशियाना’ उस वक्त थर्रा उठा, जब एक घर के बंद कमरे से बदबू आने लगी. ये बदबू किसी कूड़े की नहीं, बल्कि उस पिता की लाश की थी, जिसे उसके अपने ही इकलौते बेटे ने बेरहमी से काटकर टुकड़े टुकड़े कर दिया था. पुलिस जब मौके पर पहुंची और घर के अंदर का नजारा देखकर दंग रह गई. दरअसल, मशहूर पैथोलॉजी और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की लाश ‘नीले ड्रम’ के अंदर कटी-फटी हालत में थी. सबसे ज्यादा खौफनाक बात यह थी कि इस कत्ल को किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उनके अपने 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अंजाम दिया था. 21 साल के बीकॉम छात्र ने ‘श्रद्धा’ और मेरठ के ‘सौरभ हत्याकांड’ की तर्ज पर अपने पिता के शरीर को आरी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिता चाहता था कि बेटा डॉक्टर बने, लेकिन बेटे ने उसी आरी से पिता के जिस्म को चीर डाला जिससे कभी वह एनाटॉमी पढ़ने वाला था. आइए जानते हैं आखिर पुलिस ने इस शातिर कातिल को कैसे दबोचा और कैसे एक ‘नीला ड्रम’ इस खौफनाक राज का गवाह बना. नीट का दबाव और वो खूनी सुबहवारदात की शुरुआत 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे हुई. आशियाना के सेक्टर-एल स्थित मकान नंबर 91 में मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत (21) पर नीट परीक्षा की तैयारी करने और पढ़ाई पर ध्यान देने का दबाव बना रहे थे. क्योंकि, अक्षत पहले भी दो बार परीक्षा दे चुका था, लेकिन सफल नहीं हुआ था. बाप-बेटे के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मानवेंद्र ने गुस्से में अपनी लाइसेंसी राइफल तान दी. तभी अक्षत ने राइफल छीनी और सीधे पिता के सिर में गोली दाग दी. मौके पर ही मानवेंद्र की मौत हो गई. बहन के सामने हुआ कत्ल, 4 दिन तक घर में कैद रही मासूमजिस वक्त अक्षत ने पिता को गोली मारी, उसकी 11वीं में पढ़ने वाली छोटी बहन कृति जाग गई थी. उसने खून से लथपथ पिता को देखा तो चीख पड़ी. लेकिन अक्षत के सिर पर उस वक्त खून सवार था. उसने अपनी सगी बहन को धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो उसे भी मार डालेगा. डरी-सहमी मासूम 4 दिन तक उसी घर में कैद रही जहां उसके पिता की लाश के टुकड़े किए जा रहे थे. आरी से किए टुकड़े, नीले ड्रम में भरा धड़हत्या के बाद अक्षत ने सबूत मिटाने के लिए बाजार से एक इलेक्ट्रॉनिक आरी और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा. उसने अपने पिता की लाश को घसीटकर तीसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में लाया. वहां उसने लाश के हाथ और पैर काटकर अलग कर दिए. उसने हाथ-पैर को कार में लादकर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिया, जबकि धड़ को नीले ड्रम में भरकर केमिकल (एसिड) से गलाने की कोशिश की. खून से सने बिस्तर और चादर को उसने अमौसी ले जाकर जला दिया. क्या इस हैवानियत में कोई और भी शामिल था?पुलिस अब इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या 21 साल का लड़का अकेले इतनी बड़ी लाश को काटकर ठिकाने लगा सकता था? हालांकि, अभी तक अक्षत ने अकेले ही जुर्म कुबूल किया है. पुलिस के जाल में कैसे फंसा ‘शातिर’ बेटा? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अक्षत ने खुद को बचाने के लिए पूरी प्लानिंग की थी. उसने खुद थाने जाकर पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी. उसने कहानी बुनी कि ‘पापा दिल्ली गए हैं और फोन बंद आ रहा है.’ अक्षत ने पुलिस और पड़ोसियों को भी यही कहानी सुनाई थी. लेकिन पुलिस को शक तब हुआ जब मानवेंद्र के मोबाइल की आखिरी लोकेशन उनके अपने ही लैब के पास मिली, जबकि बेटा उन्हें दिल्ली में बता रहा था. इतना ही नहीं, पुलिस की पूछताछ में अक्षत बार-बार बयान बदल रहा था. कभी कहता पिता ने सुसाइड किया, तो कभी कहता वो कहीं चले गए हैं. पुलिस को कैसे हुआ शक? वो 3 गलतियां जो भारी पड़ींअक्षत खुद को बहुत शातिर समझ रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से नहीं बच सका. शक की सुई इन वजहों से घूमी: मानवेंद्र के तीनों मोबाइल बंद थे, लेकिन उनकी अंतिम लोकेशन काकोरी स्थित उनके अपने लैब में मिली. जब पुलिस ने अक्षत से पूछा कि पिता दिल्ली गए तो लोकेशन यहाँ कैसे? वह हकलाने लगा. अक्षत बार-बार कार धो रहा था. उसकी चाची ने जब कार साफ करने में मदद की पेशकश की, तो उसने सख्ती से मना कर दिया. कार की डिक्की में खून के निशान रह गए थे. पड़ोसियों ने जब अपने कैमरों की फुटेज देखी, तो 19 फरवरी की रात मानवेंद्र घर के अंदर जाते दिखे, लेकिन बाहर निकलते कभी नहीं दिखे. वहीं अक्षत रात के अंधेरे में कार लेकर बार-बार बाहर जा रहा था. करीबी दोस्त के सामने टूटा अक्षतजब पुलिस और पड़ोसियों का दबाव बढ़ा, तो सोमवार दोपहर अक्षत ने अपने पिता के करीबी दोस्त सोनू को फोन किया और कहा, ‘अंकल पापा ने सुसाइड कर लिया है.’ जब सोनू घर पहुंचे और कड़ाई से पूछा, तो अक्षत फूट-फूट कर रोने लगा और सारा सच उगल दिया. पुलिस ने जब घर की तलाशी ली, तो नीले ड्रम से मानवेंद्र का धड़ बरामद हुआ. नीला ड्रम और ‘मेरठ’ कनेक्शनपुलिस को घर के ग्राउंड फ्लोर के कमरे से वही नीला ड्रम मिला, जिसमें मानवेंद्र का धड़ भरा हुआ था. जांच में पता चला कि अक्षत ने मेरठ के ‘सौरभ हत्याकांड’ से प्रेरित होकर लाश को ड्रम में भरकर एसिड से गलाने या सीमेंट से भरने की योजना बनाई थी. बिखर गया हंसता-खेलता परिवारमानवेंद्र सिंह मूल रूप से जालौन के थे. उनके पिता रिटायर्ड दरोगा हैं. 9 साल पहले मानवेंद्र की पत्नी की मौत हो गई थी. वह अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति (पैथोलॉजी और शराब की दुकानें) छोड़ गए हैं. अब पिता की मौत हो चुकी है, बेटा जेल में है और मासूम बेटी गहरे सदमे में. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के मुताबिक, आरोपी अक्षत को गिरफ्तार कर लिया गया है. हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी राइफल, आरी और कार बरामद कर ली गई है. पुलिस अब शव के उन हिस्सों की तलाश कर

कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने का मुद्दा विधानसभा पहुंचा:उच्च शिक्षा मंत्री बोले-कॉलेजों का परीक्षण किया, जगह होने पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्वीकृत करेंगे

कॉलेजों में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने का मुद्दा विधानसभा पहुंचा:उच्च शिक्षा मंत्री बोले-कॉलेजों का परीक्षण किया, जगह होने पर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्वीकृत करेंगे

सागर की खुरई विधानसभा क्षेत्र के खुरई, बांदरी और मालथौन कॉलेज में नए पाठ्यक्रम शुरू कराने, स्टाफ बढ़ाने और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का मुद्दा सोमवार को विधानसभा में गूंजा। खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से खुरई, मालथौन और बांदरी शासकीय महाविद्यालयों में संकाय व विषय बढ़ाने, स्टाफ बढ़ाने, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने की मांग की। उन्होंने खुरई शासकीय महाविद्यालय में विधि संकाय और बीएड शुरू करने की मांग भी की। जिस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने अपने उत्तर में ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति प्रदान करते हुए अगले सत्र से पाठ्यक्रम शुरू करने और जगह की उपलब्धता होने पर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है। खुरई विधायक ने यह मांगें रखी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए पूर्व गृहमंत्री व खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि खुरई महाविद्यालय में स्नातक में 1714 और स्नातकोत्तर में 363 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। खुरई कालेज में स्टेडियम नहीं है। भवन में भी कठिनाई हैं। यहां विज्ञान संकाय में वनस्पतिशास्त्र, रसायनशास्त्र, प्राणी शास्त्र, भौतिक शास्त्र और कला संकाय के अंग्रेजी साहित्य विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम और वाणिज्य संकाय में स्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने की आवश्यकता है। कुछ कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम शुरू करने की मांग इसके अलावा विधि संकाय में नवीन पाठ्यक्रम व बीएड भी शुरू किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 1700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें नवीन पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने मालथौन शासकीय महाविद्यालय में हिंदी, ज्योग्राफी, राजनीति विज्ञान, इतिहास और विज्ञान संकाय में वनस्पति विज्ञान, दूदाजी में पोस्ट ग्रेजुएशन कक्षाओं की आवश्यकता है। बांदरी शासकीय महाविद्यालय की स्थिति बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां कुल 900 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिन्हें वाणिज्य संकाय में स्नातक और कला संकाय में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने की आवश्यकता है। कॉलेज में स्वीकृत पद हैं खाली विधायक भूपेंद्र सिंह ने ध्यानाकर्षण में कहा कि मालथौन शासकीय महाविद्यालय में 15 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 10 पद रिक्त हैं और बांदरी महाविद्यालय में 19 स्वीकृत पदों में से 14 पद रिक्त हैं। जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। जिससे उन पर आर्थिक बोझ आता है। महाविद्यालयों में नए विषय प्रोग्राम भी स्वीकृत उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने उक्त बिंदुओं पर जवाब देते हुए कहा कि स्ववित्तीय योजना में सरकार या विभाग से अनुमति की जरूरत नहीं है। 2023 में इस आशय का संशोधन कर दिया गया है। प्राचार्य ही संकाय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ कर सकते हैं। इन महाविद्यालयों में नवीन विषय, संकाय प्रारंभ करने के लिए प्राचार्य ही सक्षम है। इसके लिए प्राचार्यों को उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा रहा है। शासकीय महाविद्यालयों खुरई, मालथौन व बांदरी में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में शासकीय महाविद्यालय खुरई में 1 सहायक प्राध्यापक, बांदरी में 1 सहायक प्राध्यापक और मालथौन में 2 सहायक प्राध्यापकों को पदस्थ किया गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से प्राप्त वर्ष 2022 की 2053 अभ्यर्थियों, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी की चयन सूचियों के आधार पर नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इन महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास, नए विषय और संकाय शुरू करने और रिक्त पदों की पूर्ति के लिए नियमानुसार वित्तीय संसाधनों के अनुसार कार्रवाई और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मंत्री परमार ने बताया कि इन तीनों महाविद्यालयों का हमने परीक्षण करा लिया है जो कुछ विषय यहां से शुरू कराना होगा, वह यहां से कराने की तैयारी कर रहे हैं। शेष कुछ हम स्ववित्तीय योजना से संचालित कर सकते हैं।

भोपाल में आज कई इलाकों में गुल रहेगी बिजली:SET के एडमिट कार्ड वेबसाइट पर उपलब्ध; जानिए शहर में कहां-क्या खास

भोपाल में आज कई इलाकों में गुल रहेगी बिजली:SET के एडमिट कार्ड वेबसाइट पर उपलब्ध; जानिए शहर में कहां-क्या खास

आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन

खबर हटके- ठंड में खुलेआम नंगे होकर नहाने की परंपरा:कबाड़ में पड़े ट्रैक्टर ने बनाया करोड़पति; शादी में जूता छिपाने पर रोक

खबर हटके- ठंड में खुलेआम नंगे होकर नहाने की परंपरा:कबाड़ में पड़े ट्रैक्टर ने बनाया करोड़पति; शादी में जूता छिपाने पर रोक

जापान में ठंड के मौसम में खुलेआम नंगे होकर नहाने की एक अनोखी परंपरा है। वहीं कबाड़ में पड़े 105 साल पुराने ट्रैक्टर ने शख्स को करोड़पति बना दिया। उधर छत्तीसगढ़ में एक समाज ने शादी में जूता छिपाने की रस्म पर बैन लगा दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच होगी आसान:IIT इंदौर ने डेवलप की हाई-एक्युरेसी तकनीक; ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर इलाज की उम्मीद

ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की जांच होगी आसान:IIT इंदौर ने डेवलप की हाई-एक्युरेसी तकनीक; ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर इलाज की उम्मीद

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में मृत्यु के दो प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल इमेजिंग के जरिए इन कैंसरों की समय पर पहचान हजारों जानें बचा सकती है। हालांकि, देश में प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसका असर खासतौर पर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलता है। इसी चुनौती का समाधान निकालते हुए आईआईटी इंदौर के शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एल्गोरिदम [डेवपल किए हैं। ये मेडिकल इमेज में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की बेहद सटीक पहचान और लोकेशन तय करने में सक्षम हैं। यह तकनीक न केवल कैंसर की जल्दी पहचान करती है, बल्कि अनावश्यक बायोप्सी की जरूरत को भी कम कर सकती है। आईआईटी इंदौर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की MODSS लैब में प्रोफेसर कपिल आहूजा के नेतृत्व में यह रिसर्च किया गया है। टीम में पीएचडी छात्र सौरभ सैनी, पूर्व पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता डॉ. दीप्ति ताम्रकार और पूर्व पीएचडी छात्र डॉ. आदित्य ए. शास्त्री शामिल रहे। मैमोग्राम से ब्रेस्ट कैंसर की सटीक पहचान ब्रेस्ट कैंसर की जांच में उपयोग होने वाले मैमोग्राम में बारीक टेक्सचर पैटर्न होते हैं, जो कैंसर की स्थिति में अनियमित हो जाते हैं। आईआईटी इंदौर की टीम ने ‘हिस्टोग्राम ऑफ ओरिएंटेड टेक्सचर (HOT)’ डिस्क्रिप्टर एल्गोरिदम के जरिए इन पैटर्न का गहराई से विश्लेषण किया, जिससे घने ब्रेस्ट टिशू की स्थिति में भी स्वस्थ और कैंसरग्रस्त ऊतकों के बीच स्पष्ट अंतर संभव हो सका। सर्वाइकल कैंसर के लिए डीप लर्निंग समाधान सर्वाइकल कैंसर की पहचान में उपयोग होने वाली कोल्पोस्कोपी इमेज के लिए शोधकर्ताओं ने ‘ब्लॉक-फ्यूज्ड अटेंशन-ड्रिवन एडाप्टिवली-पूल्ड रेसनेट’ नामक डीप लर्निंग एल्गोरिदम डेवलप किया है। यह तकनीक रंग, किनारे, आकार और संरचना जैसी सूक्ष्म व अमूर्त विशेषताओं को एक साथ पहचानने में सक्षम है। पारदर्शिता और भरोसे पर जोर आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी ने कहा कि यह शोध राष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि डेवलप AI सिस्टम यह भी स्पष्ट करता है कि वह किसी निष्कर्ष पर कैसे पहुंचा, जिससे डॉक्टरों का भरोसा और पारदर्शिता दोनों बढ़ती हैं। भारतीय मरीजों पर होगा ट्रायल प्रोफेसर कपिल आहूजा ने बताया कि अब तक एल्गोरिदम को वैश्विक डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन अब भारतीय मरीजों के लिए विशेष प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए टीम ने एचसीजी कैंसर अस्पताल की सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रेणु दुबे शर्मा के साथ सहयोग किया है। इस ‘लैब-टू-मार्केट’ पहल को दृष्टि साइबर फिजिकल सिस्टम्स फाउंडेशन का समर्थन मिला है। शोधकर्ताओं का लक्ष्य भविष्य में इसी AI तकनीक को थायरॉयड, फेफड़े, ओरल, कोलोरेक्टल और इसोफेगल कैंसर जैसे अन्य प्रमुख कैंसरों तक विस्तार देने का है, जो भारत में कैंसर से होने वाली मौतों के शीर्ष कारणों में शामिल हैं।