Monday, 21 Sep 2026 | 11:18 PM

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काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ पर रोक लगाने की सलमान खान की याचिका पर प्रोड्यूसर से जवाब मांगा है। जस्टिस ज्योति सिंह ने प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सलमान खान ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। 10 सितंबर को हुई सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर्स की तरफ से आए वकील से पूछा कि ये फिल्म कब रिलीज होगी, हालांकि इसके जवाब में वकील ने कहा है कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। इसके कंटेंट को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलना बाकी है। सलमान की ओर से पेश सीनियर वकील रवि प्रकाश ने इस पर कहा, “वे खुद कह रहे हैं कि यह सितंबर में रिलीज होने वाली है।” इस पर कोर्ट ने कहा कि वह 2 हफ्तों के अंदर फिल्म रिलीज की डेट बताएं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। सलमान के वकील ने OTT रिलीज पर भी आपत्ति जताई सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील ने कहा कि फिल्म को OTT पर रिलीज करने के लिए मेकर्स को किसी सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने इस बात को भी रिकॉर्ड पर लिया। सलमान के वकील ने कहा, “मान लीजिए कि फिल्म रिलीज हो जाती है, तो इससे बहुत नुकसान होगा।” सलमान ने पहले भी दायर किया था केस सलमान खान ने पहले कई अनजान लोगों यानी जॉन डो के खिलाफ ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का केस दायर किया था। याचिका में उन्होंने कहा कि फिल्म काला हिरण में दिखाए गए शख्स का हुलिया उनसे प्रेरित रखा गया है, जो उनके पर्सनालिटी राइट्स के विरुद्ध है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। पिछले साल हाईकोर्ट ने सलमान के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ केस की सुनवाई की थी। कोर्ट ने उनकी तस्वीर और शक्ल का इस्तेमाल करके बिना अनुमति बनाए गए सामान यानी मर्चेंडाइज पर रोक लगा दी थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने मेकर्स को फिल्म के टीजर से जुड़े कई लिंक हटाने का आदेश दिया था। जानिए क्या है फिल्म से जुड़ा पूरा विवाद? 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए गए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचे फिल्म काला हिरण के मेकर्स फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।

मस्क पर डॉक्यूमेंट्री, पूर्व पत्नी-करीबियों के आरोप:सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं; महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन मानते हैं

मस्क पर डॉक्यूमेंट्री, पूर्व पत्नी-करीबियों के आरोप:सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं; महिलाओं को बच्चे पैदा करने की मशीन मानते हैं

वेनिस फिल्म फेस्टिवल में ऑस्कर विजेता निर्देशक एलेक्स गिब्नी की करीब चार घंटे लंबी डॉक्यूमेंट्री ने इलॉन मस्क की कहानी को अलग नजरिए से पेश किया है। फिल्म में मस्क की पूर्व पत्नी, पूर्व गर्लफ्रेंड और पुराने सहयोगियों ने उनके व्यवहार, सोच और सत्ता के प्रति रवैये को लेकर कई दावे किए हैं। डॉक्यूमेंट्री की कहानी 1990 के दशक से शुरू होती है, जब मस्क महत्वाकांक्षी कारोबारी के तौर पर आगे बढ़ रहे थे। उस समय उनके लक्ष्य जलवायु संकट से लड़ना और अंतरिक्ष यात्रा को सस्ता बनाना जैसे विचारों से जुड़े थे। हालांकि, गिब्नी का दावा है कि समय के साथ मस्क की महत्वाकांक्षा ऐसी स्थिति में पहुंच गई, जहां उन्होंने अपने लक्ष्यों को नैतिकता और कानून से ऊपर रखना शुरू कर दिया। फिल्म में मंगल पर बस्ती बसाने और ऑटोनॉमस कारों जैसे मस्क के वादों पर भी सवाल उठाए गए हैं। गिब्नी का दावा है कि ये वादे निवेशकों को आकर्षित करने और मस्क की छवि मजबूत करने का जरिया बन गए। ‘इतनी शक्ति किसी एक व्यक्ति के पास होना खतरनाक’ गिब्नी कहते हैं, “लोग मान लेते हैं कि बेहद अमीर व्यक्ति सनकी नहीं हो सकता। लेकिन असल चिंता तब होती है, जब कोई शख्स बेहद अमीर और ताकतवर होने के साथ असामान्य सोच भी रखता हो।” मस्क के करीबी रहे न्यूरोसाइंटिस्ट सैम हैरिस कहते हैं, “बिना जनता के चुने गए व्यक्ति के पास इतनी शक्ति होना खतरनाक है, क्योंकि इसका असर राजनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक समीकरणों तक पड़ता है।” इंसानों को पेट्स की तरह कंट्रोल करेंगी मशीनें डॉक्यूमेंट्री में मस्क की पहली पत्नी जस्टिन विल्सन का दावा है कि मस्क महिलाओं को बच्चे पैदा करने वाली मशीन के तौर पर देखते हैं। उनके मुताबिक, मस्क मानते हैं कि एक महिला की जगह दूसरी महिला आसानी से ले सकती है। फिल्म में मस्क के AI और भविष्य को लेकर विचारों का भी जिक्र है। उनके मुताबिक, इंसान किसी कृत्रिम सिमुलेशन में रह रहे हो सकते हैं और भविष्य में मशीनें इंसानों को पालतू जानवरों की तरह नियंत्रित कर सकती हैं। डॉक्यूमेंट्री के अनुसार, मस्क ने कंप्यूटर वैज्ञानिक जेफ्री हिंटन के साथ भी ऐसे विचार साझा किए थे।

कन्नड़ एक्टर किरण राज पर शेर ने नहीं किया हमला:वायरल वीडियो अपकमिंग प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग का है

कन्नड़ एक्टर किरण राज पर शेर ने नहीं किया हमला:वायरल वीडियो अपकमिंग प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग का है

कन्नड़ एक्टर किरण राज ने बताया कि वायरल वीडियो में शेर ने उन पर हमला नहीं किया था। वह घायल भी नहीं हुए हैं। किरण ने बताया कि वायरल वीडियो एक अपकमिंग प्रोजेक्ट के लिए चल रहे नियंत्रित ट्रेनिंग सेशन का है और इस दौरान सभी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। किरण ने वीडियो मैसेज में कहा कि वीडियो के कैप्शन और बैकग्राउंड म्यूजिक से लोगों में डर और गलत जानकारी फैली। उन्होंने कहा, “मैं साफ करना चाहता हूं कि कैप्शन और बैकग्राउंड म्यूजिक से घबराहट और गलत जानकारी फैल रही है।” किरण ने बताया कि वह प्रोजेक्ट के लिए रॉकी नाम के शेर के साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसका मकसद शेर के आसपास सहज होना और उसके साथ काम करने की आदत डालना है। उन्होंने कहा, “फैक्ट यह है कि मैं प्रोजेक्ट के लिए रॉकी के साथ ट्रेनिंग कर रहा हूं। यहां माहौल बहुत सेफ है।” एक्टर के मुताबिक, ट्रेनिंग सेशन सुरक्षित माहौल में और जरूरी सावधानियों के साथ हो रहे हैं। इस दौरान रॉकी के साथ उनका रिश्ता भी बन गया है। किरण ने बताया कि रॉकी के साथ बने इस जुड़ाव से उन्हें शेर के करीब काम करते समय ज्यादा सहज महसूस करने में मदद मिली। पहले दिन रिकॉर्ड हुआ था वीडियो वायरल वीडियो किरण के ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन रिकॉर्ड किया गया था। उस दिन वह रोजर और रॉकी नाम के शेरों के साथ बातचीत करना सीख रहे थे। किरण ने इंस्टाग्राम पर इस अनुभव की जानकारी शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें शेरों के आसपास व्यवहार करने और उनकी हरकतों व प्रतिक्रियाओं को समझने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। मूल वीडियो में किरण एक शेर के बहुत करीब खड़े दिखाई दे रहे थे। शेर उनकी ओर झपटता हुआ नजर आया, इसलिए सोशल मीडिया पर कई लोगों को लगा कि उन पर हमला हुआ और वह घायल हो गए। कौन हैं किरण राज? किरण राज ज्यादातर कन्नड़ टेलीविजन के साथ-साथ कन्नड़ फिल्मों में भी काम करते हैं। 5 जुलाई 1993 को जन्मे किरण राज ने अपने करियर की शुरुआत एक बैकग्राउंड डांसर के तौर पर की थी। वह 2010 से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। छोटे रोल से शुरुआत करके उन्होंने टेलीविजन पर अपनी जगह बनाई। किरण राज को सबसे ज्यादा लोकप्रियता कन्नड़ टेलीविजन शो ‘कन्नड़ती’ से मिली। 2020 से 2023 तक प्रसारित इस धारावाहिक में उन्होंने हर्ष कुमार का किरदार निभाया। उनकी एक्टिंग और पर्दे पर उनकी मौजूदगी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस धारावाहिक ने उन्हें कन्नड़ टेलीविजन के चर्चित कलाकारों में शामिल कर दिया। टेलीविजन के साथ किरण ने फिल्मों में भी लगातार काम किया। उन्होंने ‘मार्च 22’, ‘असतोमा सद्गमय’, ‘जीवनाने नाटका सामी’, ‘बडीज’, ‘भरजरी गंडू’ और ‘मेघा’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2024 में आई ‘रॉनी: द रूलर’ में उनके प्रदर्शन ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा में और ज्यादा चर्चा दिलाई। फिल्म में उन्होंने राघव और रॉनी की भूमिका निभाई। साल 2025 में किरण राज ने ‘कर्ण’ धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभानी शुरू की। इस धारावाहिक में वह एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का किरदार निभा रहे हैं। धारावाहिक को कन्नड़ टेलीविजन पर अच्छी दर्शक प्रतिक्रिया मिली और शुरुआती दौर में इसकी दर्शक संख्या भी मजबूत रही। वहीं, वह जल्द फिल्म ‘जॉकी 42’ में भी नजर आएंगे। साल 2025 में आयोजित जी कुुटुंब पुरस्कार समारोह में उन्हें ‘कर्ण’ के लिए लोकप्रिय अभिनेता और लोकप्रिय जोड़ी के पुरस्कार मिले। किरण राज सड़क हादसे में घायल हुए थे किरण राज आज से ठीक 2 साल पहले यानी 10 सितंबर 2024 को बेंगलुरु के केंगेरी के पास एक भीषण सड़क हादसे में घायल हो गए थे। यह दुर्घटना उस समय हुई, जब वह एक अनाथालय से लौट रहे थे। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ समय के लिए आईसीयू में रखा गया था। जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय कार किरण राज की फिल्म ‘रॉनी: द रूलर’ के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर चला रहे थे और किरण पीछे की सीट पर बैठे थे। रास्ते में अचानक सांप आ जाने पर चालक ने कार को दाईं ओर मोड़ दिया। इससे मर्सिडीज कार असंतुलित होकर डिवाइडर से टकरा गई। घटना में किरण राज को छाती में चोट लगी और कुछ समय के लिए वह बेहोश हो गए थे। अस्पताल में उनकी एमआरआई समेत जरूरी जांच की गई थी। बाद में किरण राज ने सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज जारी कर फैंस को बताया था कि वह ठीक हैं और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।

कन्नड़ एक्टर किरण राज पर शेर ने नहीं किया हमला:वायरल वीडियो अपकमिंग प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग का है

कन्नड़ एक्टर किरण राज पर शेर ने नहीं किया हमला:वायरल वीडियो अपकमिंग प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग का है

कन्नड़ एक्टर किरण राज ने बताया कि वायरल वीडियो में शेर ने उन पर हमला नहीं किया था। वह घायल भी नहीं हुए हैं। किरण ने बताया कि वायरल वीडियो एक अपकमिंग प्रोजेक्ट के लिए चल रहे नियंत्रित ट्रेनिंग सेशन का है और इस दौरान सभी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। किरण ने वीडियो मैसेज में कहा कि वीडियो के कैप्शन और बैकग्राउंड म्यूजिक से लोगों में डर और गलत जानकारी फैली। उन्होंने कहा, “मैं साफ करना चाहता हूं कि कैप्शन और बैकग्राउंड म्यूजिक से घबराहट और गलत जानकारी फैल रही है।” किरण ने बताया कि वह प्रोजेक्ट के लिए रॉकी नाम के शेर के साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसका मकसद शेर के आसपास सहज होना और उसके साथ काम करने की आदत डालना है। उन्होंने कहा, “फैक्ट यह है कि मैं प्रोजेक्ट के लिए रॉकी के साथ ट्रेनिंग कर रहा हूं। यहां माहौल बहुत सेफ है।” एक्टर के मुताबिक, ट्रेनिंग सेशन सुरक्षित माहौल में और जरूरी सावधानियों के साथ हो रहे हैं। इस दौरान रॉकी के साथ उनका रिश्ता भी बन गया है। किरण ने बताया कि रॉकी के साथ बने इस जुड़ाव से उन्हें शेर के करीब काम करते समय ज्यादा सहज महसूस करने में मदद मिली। पहले दिन रिकॉर्ड हुआ था वीडियो वायरल वीडियो किरण के ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन रिकॉर्ड किया गया था। उस दिन वह रोजर और रॉकी नाम के शेरों के साथ बातचीत करना सीख रहे थे। किरण ने इंस्टाग्राम पर इस अनुभव की जानकारी शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें शेरों के आसपास व्यवहार करने और उनकी हरकतों व प्रतिक्रियाओं को समझने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। मूल वीडियो में किरण एक शेर के बहुत करीब खड़े दिखाई दे रहे थे। शेर उनकी ओर झपटता हुआ नजर आया, इसलिए सोशल मीडिया पर कई लोगों को लगा कि उन पर हमला हुआ और वह घायल हो गए। कौन हैं किरण राज? किरण राज ज्यादातर कन्नड़ टेलीविजन के साथ-साथ कन्नड़ फिल्मों में भी काम करते हैं। 5 जुलाई 1993 को जन्मे किरण राज ने अपने करियर की शुरुआत एक बैकग्राउंड डांसर के तौर पर की थी। वह 2010 से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। छोटे रोल से शुरुआत करके उन्होंने टेलीविजन पर अपनी जगह बनाई। किरण राज को सबसे ज्यादा लोकप्रियता कन्नड़ टेलीविजन शो ‘कन्नड़ती’ से मिली। 2020 से 2023 तक प्रसारित इस धारावाहिक में उन्होंने हर्ष कुमार का किरदार निभाया। उनकी एक्टिंग और पर्दे पर उनकी मौजूदगी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस धारावाहिक ने उन्हें कन्नड़ टेलीविजन के चर्चित कलाकारों में शामिल कर दिया। टेलीविजन के साथ किरण ने फिल्मों में भी लगातार काम किया। उन्होंने ‘मार्च 22’, ‘असतोमा सद्गमय’, ‘जीवनाने नाटका सामी’, ‘बडीज’, ‘भरजरी गंडू’ और ‘मेघा’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2024 में आई ‘रॉनी: द रूलर’ में उनके प्रदर्शन ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा में और ज्यादा चर्चा दिलाई। फिल्म में उन्होंने राघव और रॉनी की भूमिका निभाई। साल 2025 में किरण राज ने ‘कर्ण’ धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभानी शुरू की। इस धारावाहिक में वह एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का किरदार निभा रहे हैं। धारावाहिक को कन्नड़ टेलीविजन पर अच्छी दर्शक प्रतिक्रिया मिली और शुरुआती दौर में इसकी दर्शक संख्या भी मजबूत रही। वहीं, वह जल्द फिल्म ‘जॉकी 42’ में भी नजर आएंगे। साल 2025 में आयोजित जी कुुटुंब पुरस्कार समारोह में उन्हें ‘कर्ण’ के लिए लोकप्रिय अभिनेता और लोकप्रिय जोड़ी के पुरस्कार मिले। किरण राज सड़क हादसे में घायल हुए थे किरण राज आज से ठीक 2 साल पहले यानी 10 सितंबर 2024 को बेंगलुरु के केंगेरी के पास एक भीषण सड़क हादसे में घायल हो गए थे। यह दुर्घटना उस समय हुई, जब वह एक अनाथालय से लौट रहे थे। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ समय के लिए आईसीयू में रखा गया था। जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय कार किरण राज की फिल्म ‘रॉनी: द रूलर’ के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर चला रहे थे और किरण पीछे की सीट पर बैठे थे। रास्ते में अचानक सांप आ जाने पर चालक ने कार को दाईं ओर मोड़ दिया। इससे मर्सिडीज कार असंतुलित होकर डिवाइडर से टकरा गई। घटना में किरण राज को छाती में चोट लगी और कुछ समय के लिए वह बेहोश हो गए थे। अस्पताल में उनकी एमआरआई समेत जरूरी जांच की गई थी। बाद में किरण राज ने सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज जारी कर फैंस को बताया था कि वह ठीक हैं और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।

शोभिनव सत्या बोले- डायरेक्टर की जिद पर बनी हनुमान अंश:नीम करौली बाबा का रोल निभाने वाले एक्टर ने कहा- टीम छोड़ने लगी थी

शोभिनव सत्या बोले- डायरेक्टर की जिद पर बनी हनुमान अंश:नीम करौली बाबा का रोल निभाने वाले एक्टर ने कहा- टीम छोड़ने लगी थी

मुंबई से यूपी आने के लिए पूरी टीम को ट्रेन से सफर करना था लेकिन टिकट नहीं मिल रहा था। टीम ने भी उम्मीद छोड़ दी थी। टीम मेंबर भी काम छोड़कर जाने लगे थे। लेकिन डायरेक्टर की जिद थी कि फिल्म हर हाल में पूरी करेंगे। ये बातें फिल्म हनुमान अंश में नीम करौली बाबा का किरदार निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्या ने कही। बुधवार को हनुमान अंश फिल्म की टीम कानपुर में थी। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में टीम ने मीडिया से बातचीत के साथ छात्रों से संवाद भी किया। लोग काम छोड़कर जाने लगे थे अभिनेता शोभिनव सत्या ने कहा- बाबा के आशीर्वाद के बिना इस किरदार को निभाना और एक भी शब्द बोल पाना मुमकिन नहीं था। शोभिनव सत्या ने कहा- बाबा के किरदार को निभाना उनके लिए सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि आस्था और जिम्मेदारी का विषय था। फिल्म में किरदार को जीवंत करने के लिए टीम ने काफी मेहनत की है। केवल डिवोशनल फिल्म नहीं, कई सीन देखने को मिलेंगे फिल्म के निर्देशक, प्रोड्यूसर और लेखक विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि फिल्म को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। यदि फिल्म दर्शकों को पसंद आती है और अच्छा प्रदर्शन करती है तो इसे अलग-अलग जगहों पर ले जाकर दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हनुमान अंश केवल डिवोशनल फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे सीन हैं जो दर्शकों को अलग अनुभव देंगे। कानपुर के कई कलाकार भी फिल्म का हिस्सा विशाल चतुर्वेदी ने बताया- फिल्म में कानपुर और आसपास के कई कलाकारों ने काम किया है। फिल्म की कहानी नीम करौली बाबा यानी महाराज जी से जुड़ी है। इसमें महाराज जी की कहानी के साथ उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों को पर्दे पर दिखाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्म में महाराज जी का मैजिक और पूरी टीम की मेहनत देखने को मिलेगी। फिल्म का दूसरा पार्ट भी आएगा फिल्म के राइटर ने बताया कि वह पिछले करीब 20 साल से महाराज जी के बारे में पढ़ रहे हैं। पिछले पांच-छह वर्षों में उनके साथ कुछ ऐसे वाकिये हुए, जिनसे उन्हें महाराज जी पर फिल्म बनाने में रुचि पैदा हुई। उन्होंने कहा कि अभी कहानी कानपुर तक नहीं पहुंची है और फिल्म में वर्ष 1943 तक की कहानी को दिखाया गया है। उन्होंने कहा- आगे बनने वाली फिल्मों में महाराज जी से जुड़े दूसरे किस्सों और प्रसंगों को भी दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा। नीम करौली बाबा से जुड़े चर्चित किस्से- ट्रेन से उतरे तो आगे नहीं बढ़ी ट्रेनः कहा जाता है कि वे एक बार ट्रेन में बिना टिकट बैठ गए। उन्हें नीचे उतार दिया गया तो ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। बाद में उन्हें वापस बुलाया गया और ट्रेन चल पड़ी। यह एक भक्तिपरक कथा है, जिसका स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण स्पष्ट नहीं है। नीम करोली बाबा से मिलने पहुंचे थे स्टीव जॉब्सः 1974 में 19 साल के स्टीव जॉब्स भारत आए थे। उनका मकसद पर्यटन नहीं बल्कि आध्यात्मिक खोज था। वे अपने दोस्त डैन कोटके के साथ भारत आए और नीम करौली बाबा से मिलने के लिए कैंची धाम पहुंचे। लेकिन यहां उन्हें पता चला कि बाबा का सितंबर 1973 में निधन हो चुका था। जॉब्स फिर भी भारत में करीब सात महीने रहे। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से समझने की कोशिश की। बाद में उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन पर गहरा असर डालने वाला अनुभव माना। मार्क जुकरबर्ग भी मिलने पहुंचे थेः 2015 में फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भारत आए और कैंची धाम गए। उन्होंने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया था कि जब फेसबुक मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब स्टीव जॉब्स ने उन्हें भारत जाकर उस मंदिर/आश्रम को देखने की सलाह दी थी, जहां वे स्वयं कभी गए थे। हॉलीवुड एक्ट्रेस थीं नीम करोली बाबा से प्रेरितः हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स ने भी नीम करौली बाबा से प्रभावित होने की बात कही है। उनके अनुसार, उन्होंने बाबा की एक तस्वीर देखी और उन्हें उनके प्रति एक गहरा आकर्षण महसूस हुआ। अमेरिकी मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्पर्ट ने लिखी बुकः अमेरिकी मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्पर्ट भारत आए और नीम करौली बाबा के शिष्य बने। बाबा ने उन्हें राम दास नाम दिया। इसके बाद राम दास अमेरिका लौटे और उन्होंने पश्चिमी दुनिया में बाबा की शिक्षाओं और भारतीय आध्यात्मिक विचारों को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनकी प्रसिद्ध किताब ‘बी हेयर नाऊ’ ने लाखों लोगों को ध्यान, योग और भारतीय आध्यात्मिक विचारों से परिचित कराया। ————————– यह खबर भी पढ़िए- योगी बोले- हम उनमें से नहीं, जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं, बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जहन्नुम जाओगे सीएम योगी बुधवार को वाराणसी में थे। यहां उन्होंने पहले की सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा- घर से बाहर कैसे निकलें, 9 साल पहले यह सवाल था। कहां तक जाना है, आज यह सवाल है। पहले घर से बाहर निकलने में बेटियां डरती थीं, आज ऐसी कोई चिंता नहीं।हमने कह दिया है कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो दो ही जगह होगी- जेल या जहन्नुम। हम उन लोगों में नहीं हैं कि वोटबैंक के लिए किसी माफिया के सामने गिड़गिड़ाएं। पढ़ें पूरी खबर…

शिवराजकुमार ने हिंदी को कहा राष्ट्रीय भाषा:विवाद होने पर माफी मांगी, कहा- हिंदी उनकी भाषा, हमारे लिए हमारी भाषा कन्नड़ सबसे जरूरी; जानिए पूरा विवाद

शिवराजकुमार ने हिंदी को कहा राष्ट्रीय भाषा:विवाद होने पर माफी मांगी, कहा- हिंदी उनकी भाषा, हमारे लिए हमारी भाषा कन्नड़ सबसे जरूरी; जानिए पूरा विवाद

कन्नड़ स्टार शिवराजकुमार ने हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषा’ कहने वाले अपने पुराने बयान पर माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद उन्होंने सफाई दी कि वह भारतीय भाषाओं को लेकर उलझ गए थे। शिवराजकुमार ने कहा कि उनका मतलब हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषाओं में से एक’ कहना था, लेकिन उन्होंने गलत शब्द का इस्तेमाल कर दिया। उन्होंने यह बात अपनी आने वाली फिल्म ‘ओरिजिनल मॉन्स्टर’ के प्रमोशन के दौरान कही थी। मीडिया से बातचीत में शिवराजकुमार ने कहा, “मैंने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा कहा। यह भाषाओं में से एक है। हमारे लिए हमारी भाषा यानी कन्नड़ हमेशा महत्वपूर्ण है। पता नहीं, मैं भारतीय भाषाओं में से एक को लेकर उलझ गया था। मैं माफी मांगता हूं, मुझे नहीं पता था।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी भाषा हिंदी है और हमारी भाषा कन्नड़ है। उनकी भाषा उनके लिए महत्वपूर्ण है। इसी तरह हमारी भाषा हमारे लिए महत्वपूर्ण है।” कैसे शुरू हुआ विवाद? विवाद शिवराजकुमार के उस पुराने बयान के बाद शुरू हुआ, जब उनसे पैन-इंडिया प्रोजेक्ट के लिए हिंदी डायलॉग बोलने को लेकर सवाल पूछा गया था। तब उन्होंने कहा था, “क्यों? हिंदी मेरी दूसरी भाषा है। मैं हिंदी बोल सकता हूं। आपको क्या लगा? यह आसान भाषा है, राष्ट्रीय भाषा है। हमें यह कैसे नहीं पता होगा? हमें पता है।” उनके इस बयान पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषा’ कहने पर उनकी आलोचना की। वहीं, कुछ फैन्स ने उनका बचाव भी किया। शिवाराजकुमार का बयान इसलिए भी विवादों में आ गया, क्योंकि लंबे समय से साउथ में भाषा पर विवाद और बहस जारी है। कर्नाटक में बड़ी संख्या में लोग हिंदी और अंग्रेजी के बढ़ते चलन का विरोध कर रहे हैं। वह मानते हैं कि कन्नड़ कर्नाटक की प्राथमिक सार्वजनिक भाषा होनी चाहिए, जबकि हिंदी और अंग्रेजी का बढ़ता इस्तेमाल स्थानीय भाषा के लिए जगह कम कर सकता है। कर्नाटक में ये विवाद तब सबसे बड़ा हुआ, जब लोकल संगठनों ने साइन बोर्ड में कन्नड़ लिखना अनिवार्य कर दिया और हिंदी, अंग्रेजी के साइनबोर्ड तोड़े। संजय दत्त भी मराठी बोलने से इनकार कर विवादों में महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने ऐसा करने से मना कर दिया। इस पर भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर निशाना साधते हुए कहा कि ऑटो ड्राइवरों पर तो मराठी बोलने का दबाव बनाया जाता है। बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।”

जयपुर में बॉबी देओल का आलीशान 'आश्रम':वेबसीरीज के सीजन-4 की शूटिंग शुरू, लग्जरी होटल में सेट, दीवारों पर 'बाबा निराला' की PHOTOS

जयपुर में बॉबी देओल का आलीशान 'आश्रम':वेबसीरीज के सीजन-4 की शूटिंग शुरू, लग्जरी होटल में सेट, दीवारों पर 'बाबा निराला' की PHOTOS

बॉबी देओल स्टारर चर्चित वेब सीरीज ‘आश्रम’ के चौथे सीजन की शूटिंग जयपुर में हो रही है। सीरीज का सेट जयपुर के कूकस में लग्जरी होटल शिव विलास में बनाया गया है। डायरेक्टर प्रकाश झा की इस सीरज में इन दिनों त्रिधा चौधरी और चंदन रॉय सान्याल सहित दूसरे कलाकारों के अहम सीन शूट किए जा रहे हैं। जल्द ही बॉबी देओल भी यूनिट को जॉइन करेंगे। सबसे पहले देखिए- लोकेशन की PHOTOS जयपुर के कलाकारों को भी मिला मौका ‘आश्रम 4’ की शूटिंग के लिए जयपुर और आसपास के बड़ी संख्या में स्थानीय कलाकारों के ऑडिशन भी लिए गए। इनमें से कई कलाकारों को बाबा निराला के शिष्यों और अनुयायियों की भूमिका में शामिल किया गया है। स्थानीय कलाकारों के लिए यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि सीरीज की कहानी में आश्रम के अनुयायियों और उसके आसपास के माहौल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एक साथ नजर आएंगे बाबा निराला और भोपा स्वामी ‘आश्रम’ की कहानी में बाबा निराला के सबसे खास सहयोगी भोपा स्वामी का किरदार निभाने वाले चंदन रॉय सान्याल भी चौथे सीजन में नजर आएंगे। त्रिधा चौधरी भी बबीता की भूमिका में नजर आएंगी। दोनों आर्टिस्ट फिलहाल जयपुर में शूट कर रहे हैं। सीरीज में अदिति पोहनकर पम्मी, त्रिधा चौधरी बबीता, दर्शन कुमार उजागर सिंह, अनुप्रिया गोयनका डॉ. नताशा, सचिन श्रॉफ हुकुम सिंह, प्रीति सूद साध्वी माता की भूमिका में है। चौथे सीजन में कुछ नए कलाकारों की एंट्री भी हुई है। इनमें नीतू चंद्रा श्रीवास्तव, पंखुड़ी गिडवानी, अरमान पारिख, ध्रुव चौधरी और अक्षय ओबेरॉय के नाम शामिल हैं।

पिथौरागढ़ में भारत के बनाए पुल पर नेपाल की आपत्ति:कहा- बोर्ड पर नाम बदलें, यह हमारा इलाका; पुल चालू होने से बचेगा 200km का सफर

पिथौरागढ़ में भारत के बनाए पुल पर नेपाल की आपत्ति:कहा- बोर्ड पर नाम बदलें, यह हमारा इलाका; पुल चालू होने से बचेगा 200km का सफर

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में धारचूला के पास काली नदी पर बने भारत-नेपाल मोटर पुल के स्वागत बोर्ड को लेकर दोनों देशों की सीमा पर विवाद खड़ा हो गया है। पुल के नेपाल वाले हिस्से में लगाए गए बोर्ड पर भारतीय क्षेत्र के गांव ‘छारछुम’ का नाम लिखे जाने पर नेपाल ने आपत्ति जताई है। नेपाली पक्ष का कहना है कि नेपाल की जमीन पर लगे बोर्ड में भारतीय पता नहीं, बल्कि नेपाल के संबंधित क्षेत्र का नाम होना चाहिए। 32.98 करोड़ रुपए की लागत से बने इस पुल का पूरा खर्च भारत ने उठाया है, जबकि इसका दूसरा छोर नेपाल में है। आपत्ति के बाद भारत की तरफ से नाम ढक दिया गया है। पिथौरागढ़ से नेपाल जाने के लिए अब तक कोई मोटर पुल नहीं होने के कारण लोगों को करीब 200 किलोमीटर दूर बनबसा जाना पड़ता था। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। छारछुम पुल शुरू होने के बाद धारचूला से नेपाल के सीमावर्ती इलाकों तक सड़क संपर्क आसान होगा और आवाजाही के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विवाद से जुड़ी दो तस्वीरें- 5 पॉइंट में पूरी खबर… 1. उद्घाटन से पहले बोर्ड पर विवाद- पिथौरागढ़ के धारचूला में छारछुम के पास काली नदी पर भारत और नेपाल को जोड़ने वाला मोटर पुल बनकर तैयार है। संचालन शुरू होने से पहले नेपाल की ओर लगाए गए स्वागत बोर्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नेपाली हिस्से में लगे बोर्ड पर भारतीय क्षेत्र के गांव ‘छारछुम’ का नाम लिखे जाने पर स्थानीय स्तर पर आपत्ति जताई गई है। 2. नेपाली हिस्से में भारतीय गांव का नाम लिखने पर आपत्ति- नेपाल की ओर लगे ‘वेलकम टू नेपाल’ बोर्ड पर ‘काली नदी, छारछुम’ लिखा गया है। नेपाल के स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक दलों ने इस पर आपत्ति जताते हुए बोर्ड पर नेपाली क्षेत्र का नाम लिखने की मांग की है। नेपाल की ओर इस स्थान का पता महाकाली नगरपालिका-8, असिगड़ा, दार्चुला बताया गया है। मामले की जानकारी नेपाल के परराष्ट्र मंत्रालय और जिला प्रशासन को भी दी गई है। 3. आपत्ति के बाद भारतीय पक्ष ने सुधार का दिया आश्वासन- स्थानीय स्तर पर आपत्ति के बाद भारतीय पक्ष की ओर से बोर्ड में सुधार का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है। धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी के अनुसार, नेपाल की ओर लगे बोर्ड में भारतीय गांव के नाम को ढक दिया गया है। वहां नेपाल के स्थानीय क्षेत्र का नाम दर्ज करते हुए नया बोर्ड लगाए जाने की तैयारी है। 4. 2022 में शिलान्यास, ₹32.98 करोड़ की लागत- मल्ला छारछुम में काली नदी पर बने इस करीब 110 मीटर लंबे मोटर पुल का शिलान्यास सितंबर 2022 में किया गया था। इसकी निर्माण लागत 32 करोड़ 98 लाख रुपए है। भारत सरकार के अनुसार, फरवरी 2022 में भारत और नेपाल के बीच महाकाली नदी पर मोटरेबल पुल बनाने के लिए समझौता हुआ था। परियोजना का वित्तीय सहयोग भारत सरकार की अनुदान सहायता के तहत किया गया है। 5. 200 KM का चक्कर बचेगा, व्यापार को भी बढ़ावा- पिथौरागढ़ जिले में भारत-नेपाल के बीच मोटर पुल नहीं होने के कारण वाहनों से नेपाल जाने के लिए लोगों को करीब 200 किलोमीटर दूर बनबसा जाना पड़ता था। छारछुम पुल शुरू होने के बाद धारचूला से नेपाल के सीमावर्ती इलाकों तक सड़क संपर्क आसान होगा। इससे यात्रा का समय और खर्च कम होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पिथौरागढ़ की नेपाल से करीब 275 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है और दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए जिले में 10 अंतरराष्ट्रीय झूलापुल भी हैं। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… टनल के अंदर चार मंजिला बिल्डिंग, बिना ऑक्सीजन फंसे मजदूर:माउंट एवरेस्ट विजेता रेस्क्यू में जुटे; कहीं बिना सिर की बॉडी, कहीं सिर्फ पैर मिला ‘मैं टनल में रेस्क्यू के लिए घुसा, तो दलदल में धंसने लगा। जितना हिलता, उतना ही धंसता गया। फिर समझ आया कि यहां जमीन ही निगल रही है। मैं कमर तक धंसा था। निकलने में करीब 1 घंटे लग गए। रसुवा की इस टनल में जो देखा, ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ।’ ये बता रहे माउंटेन गाइड विक्रम कर्के रसुवा की टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा हैं। वे चिलिमे, त्रिशूली-1 और त्रिशूली-3 A टनल के रेस्क्यू में शामिल हैं, जहां 100 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए नेपाल और भारतीय सेना समेत कई देशों की रेस्क्यू टीमें जुटी हैं। टनल के अंदर का हाल बताते हुए विक्रम कहते हैं, ‘मशीनों के बिना यहां फंसे लोगों तक पहुंचना मुश्किल है। विक्रम ने हमें रेस्क्यू की पूरी कहानी बताई…(पढ़ें पूरी खबर)

मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो गया है। इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने आरोप लगाया है कि फिल्म में यह गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट को लीगल नोटिस भेजा है। रैपरिया बालम का कहना है कि वह ‘शूरवीर’ गाने के कॉपीराइट मालिक हैं। यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है। उनका दावा है कि फिल्म में इसे मुन्ना भैया के हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स वाले किरदार के साथ इस्तेमाल किया गया है। रैपरिया बालम ने गाना हटाने, माफी मांगने और महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनाने की मांग की है। लीगल नोटिस में ये तीनों मांगें शामिल हैं। लीगल नोटिस में तीन मांगें गाना कंपोज करने और इसे आवाज देने वाले रैपरिया बालम ने लीगल नोटिस भेजकर तीन मांग की हैं। पहली मांग- मेकर्स को फिल्म से ये गाना हटाना होगा। दूसरी मांग- मेकर्स को हिंसक सीन में महाराणा प्रताप पर बना गाना रखने पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी। तीसरी मांग- गांव में महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनवाना होगा। जानिए क्या है पूरा विवाद? फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को रिलीज हुई, जिसके एक हिंसक सीन में शूरवीर गाना दिखाया गया। फिल्म रिलीज के बाद राजस्थान के मशहूर सिंगर रैपरिया बालम ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि ये गाना बिना उनकी इजाजत के फिल्म में इस्तेमाल हुआ है। ये गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर बनाया गया है, लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स ने इसका इस्तेमाल विलेन का महिमामंडन करने के लिए किया। गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ने मिर्जापुर टीम को दिया कॉपीराइट सिंगर रैपरिया बालम का दावा है कि गाने के कॉपी राइट्स उनके पास हैं, हालांकि ये गाना रिलीज करने वाले ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे का खंडन किया। इतना ही नहीं कंपनी ने विवाद के बीच मिर्जापुर के मेकर्स को इस गाने के राइट्स भी दे दिए हैं। कॉपीराइट को लेकर रैपरिया बालम का दावा रैपरिया बालम के भाई ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताया है, ‘गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर है, लेकिन कॉपीराइट हमारे पास है। अगर इसे फिल्म में इस्तेमाल करना है, तो हमसे अनुमति लेनी होगी। वे इसे लाइसेंस नहीं कर सकते। यह गैरकानूनी है। रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स पहले साथ काम करते थे। दस्तावेजों में रैपरिया बालम पार्टनर नहीं थे, लेकिन वह उनके साथ काम कर रहे थे। समझौते के मुताबिक, कुछ साल बाद वह रिकॉर्ड्स में कानूनी तौर पर 50% पार्टनर बनने वाले थे।’ उन्होंने बताया कि पार्टनरशिप होने से पहले यह गाना रिलीज हो गया था। उनके मुताबिक, रैपरिया बालम को उस चैनल के लिए बनाए गए किसी भी गाने का भुगतान नहीं मिला। बाद में जब पार्टनरशिप को लेकर बात शुरू हुई, तो ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने मामला टालना शुरू कर दिया। इन गानों को लेकर कभी NOC भी साइन नहीं हुआ। रैपरिया बालम के भाई ने कहा कि बाद में उन्होंने अपना चैनल शुरू किया और गानों के कॉपीराइट अपने असली नाम अशोक मंडा से हासिल किए। उन्होंने कहा, “‘शूरवीर’ से जुड़े सभी कॉपीराइट दस्तावेज रैपरिया बालम के असली नाम अशोक मंडा पर हैं। उन्होंने इस गाने का कॉपीराइट अपने नाम कराया था। बाद में हमने ‘शूरवीर’ सीरीज में 9-10 और गाने बनाए। इन सभी के कॉपीराइट सर्टिफिकेट हमारे पास हैं। लेखक की ओर से NOC भी हमारे पास है।” जिन सीन पर गाना रखा, उससे आपत्ति रैपरिया बालम का कहना है कि मामला केवल कॉपीराइट का नहीं है। उनके मुताबिक, ‘शूरवीर’ सीरीज का मकसद बच्चों को भारतीय इतिहास और ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियां संगीत के जरिए समझाना था। ऐसे में शूरवीर की कहानी को किसी फिल्म के हिंसक और गोली चलाने वाले सीन में इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है। उनके भाई ने कहा, “ये गाने कमर्शियल नहीं हैं। हमारा मकसद था कि अगली पीढ़ी हमारे इतिहास से जुड़े। हम चाहते थे कि बच्चे रैप म्यूजिक के जरिए इतिहास सीखें और अपने नेताओं की कहानियां जानें।” उन्होंने कहा कि हर कलाकार का सपना होता है कि उसका गाना किसी अच्छी फिल्म में आए और यह उनका भी सपना था। लेकिन इस सीरीज के साथ उनकी कुछ विचारधाराएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, “मिर्जापुर में मुन्ना भैया गाली दे रहे हैं और ड्रग्स ले रहे हैं। उसके किरदार को दिखाने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक में यह गाना लगाया गया है। यह हमारी राजस्थानी संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान है। अगर कोई बच्चा यह देखेगा, तो वह मुन्ना भैया जैसे किरदार को महाराणा प्रताप से जोड़ सकता है। इससे गलत धारणा बनेगी।” उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि लाइसेंस लेने से पहले उन्हें सही दस्तावेज जांचने चाहिए थे। उनके मुताबिक, एक्सेल एंटरटेनमेंट की गलती यह है कि उसने महाराणा प्रताप को समर्पित गाने को एक गुंडे के किरदार को दिखाने के लिए चुना। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क रैपरिया बालम और उनके परिवार ने ‘मिर्जापुर’ के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क करने की कोशिश की। परिवार के मुताबिक, फरहान अख्तर ने जवाब नहीं दिया। रितेश सिधवानी की टीम ने कहा कि वह उनसे संपर्क करेगी। परिवार का कहना है कि वह टीम से नहीं, बल्कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से सीधे बात करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम समझना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम चाहते हैं कि गाना ‘मिर्जापुर’ से हटा दिया जाए। यह इस फिल्म के लिए नहीं बना है। इसे गलत तरीके से दिखाने से हमारी भावनाओं और विचारधारा को ठेस पहुंच रही है।” परिवार ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस गाने को फिल्म में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। उसने ट्रूपर रिकॉर्ड्स से भी बात करने से इनकार किया है।

मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो गया है। इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने आरोप लगाया है कि फिल्म में यह गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट को लीगल नोटिस भेजा है। रैपरिया बालम का कहना है कि वह ‘शूरवीर’ गाने के कॉपीराइट मालिक हैं। यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है। उनका दावा है कि फिल्म में इसे मुन्ना भैया के हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स वाले किरदार के साथ इस्तेमाल किया गया है। रैपरिया बालम ने गाना हटाने, माफी मांगने और महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनाने की मांग की है। लीगल नोटिस में ये तीनों मांगें शामिल हैं। लीगल नोटिस में तीन मांगें गाना कंपोज करने और इसे आवाज देने वाले रैपरिया बालम ने लीगल नोटिस भेजकर तीन मांग की हैं। पहली मांग- मेकर्स को फिल्म से ये गाना हटाना होगा। दूसरी मांग- मेकर्स को हिंसक सीन में महाराणा प्रताप पर बना गाना रखने पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी। तीसरी मांग- गांव में महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनवाना होगा। जानिए क्या है पूरा विवाद? फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को रिलीज हुई, जिसके एक हिंसक सीन में शूरवीर गाना दिखाया गया। फिल्म रिलीज के बाद राजस्थान के मशहूर सिंगर रैपरिया बालम ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि ये गाना बिना उनकी इजाजत के फिल्म में इस्तेमाल हुआ है। ये गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर बनाया गया है, लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स ने इसका इस्तेमाल विलेन का महिमामंडन करने के लिए किया। गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ने मिर्जापुर टीम को दिया कॉपीराइट सिंगर रैपरिया बालम का दावा है कि गाने के कॉपी राइट्स उनके पास हैं, हालांकि ये गाना रिलीज करने वाले ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे का खंडन किया। इतना ही नहीं कंपनी ने विवाद के बीच मिर्जापुर के मेकर्स को इस गाने के राइट्स भी दे दिए हैं। कॉपीराइट को लेकर रैपरिया बालम का दावा रैपरिया बालम के भाई ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताया है, ‘गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर है, लेकिन कॉपीराइट हमारे पास है। अगर इसे फिल्म में इस्तेमाल करना है, तो हमसे अनुमति लेनी होगी। वे इसे लाइसेंस नहीं कर सकते। यह गैरकानूनी है। रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स पहले साथ काम करते थे। दस्तावेजों में रैपरिया बालम पार्टनर नहीं थे, लेकिन वह उनके साथ काम कर रहे थे। समझौते के मुताबिक, कुछ साल बाद वह रिकॉर्ड्स में कानूनी तौर पर 50% पार्टनर बनने वाले थे।’ उन्होंने बताया कि पार्टनरशिप होने से पहले यह गाना रिलीज हो गया था। उनके मुताबिक, रैपरिया बालम को उस चैनल के लिए बनाए गए किसी भी गाने का भुगतान नहीं मिला। बाद में जब पार्टनरशिप को लेकर बात शुरू हुई, तो ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने मामला टालना शुरू कर दिया। इन गानों को लेकर कभी NOC भी साइन नहीं हुआ। रैपरिया बालम के भाई ने कहा कि बाद में उन्होंने अपना चैनल शुरू किया और गानों के कॉपीराइट अपने असली नाम अशोक मंडा से हासिल किए। उन्होंने कहा, “‘शूरवीर’ से जुड़े सभी कॉपीराइट दस्तावेज रैपरिया बालम के असली नाम अशोक मंडा पर हैं। उन्होंने इस गाने का कॉपीराइट अपने नाम कराया था। बाद में हमने ‘शूरवीर’ सीरीज में 9-10 और गाने बनाए। इन सभी के कॉपीराइट सर्टिफिकेट हमारे पास हैं। लेखक की ओर से NOC भी हमारे पास है।” जिन सीन पर गाना रखा, उससे आपत्ति रैपरिया बालम का कहना है कि मामला केवल कॉपीराइट का नहीं है। उनके मुताबिक, ‘शूरवीर’ सीरीज का मकसद बच्चों को भारतीय इतिहास और ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियां संगीत के जरिए समझाना था। ऐसे में शूरवीर की कहानी को किसी फिल्म के हिंसक और गोली चलाने वाले सीन में इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है। उनके भाई ने कहा, “ये गाने कमर्शियल नहीं हैं। हमारा मकसद था कि अगली पीढ़ी हमारे इतिहास से जुड़े। हम चाहते थे कि बच्चे रैप म्यूजिक के जरिए इतिहास सीखें और अपने नेताओं की कहानियां जानें।” उन्होंने कहा कि हर कलाकार का सपना होता है कि उसका गाना किसी अच्छी फिल्म में आए और यह उनका भी सपना था। लेकिन इस सीरीज के साथ उनकी कुछ विचारधाराएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, “मिर्जापुर में मुन्ना भैया गाली दे रहे हैं और ड्रग्स ले रहे हैं। उसके किरदार को दिखाने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक में यह गाना लगाया गया है। यह हमारी राजस्थानी संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान है। अगर कोई बच्चा यह देखेगा, तो वह मुन्ना भैया जैसे किरदार को महाराणा प्रताप से जोड़ सकता है। इससे गलत धारणा बनेगी।” उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि लाइसेंस लेने से पहले उन्हें सही दस्तावेज जांचने चाहिए थे। उनके मुताबिक, एक्सेल एंटरटेनमेंट की गलती यह है कि उसने महाराणा प्रताप को समर्पित गाने को एक गुंडे के किरदार को दिखाने के लिए चुना। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क रैपरिया बालम और उनके परिवार ने ‘मिर्जापुर’ के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क करने की कोशिश की। परिवार के मुताबिक, फरहान अख्तर ने जवाब नहीं दिया। रितेश सिधवानी की टीम ने कहा कि वह उनसे संपर्क करेगी। परिवार का कहना है कि वह टीम से नहीं, बल्कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से सीधे बात करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम समझना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम चाहते हैं कि गाना ‘मिर्जापुर’ से हटा दिया जाए। यह इस फिल्म के लिए नहीं बना है। इसे गलत तरीके से दिखाने से हमारी भावनाओं और विचारधारा को ठेस पहुंच रही है।” परिवार ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस गाने को फिल्म में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। उसने ट्रूपर रिकॉर्ड्स से भी बात करने से इनकार किया है।