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काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

काला हिरण फिल्म पर सलमान की याचिका पर सुनवाई:दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर से 2 हफ्ते में जवाब मांगा, रिलीज रोकने की मांग, जानिए पूरा विवाद

दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ पर रोक लगाने की सलमान खान की याचिका पर प्रोड्यूसर से जवाब मांगा है। जस्टिस ज्योति सिंह ने प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सलमान खान ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। 10 सितंबर को हुई सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर्स की तरफ से आए वकील से पूछा कि ये फिल्म कब रिलीज होगी, हालांकि इसके जवाब में वकील ने कहा है कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। इसके कंटेंट को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलना बाकी है। सलमान की ओर से पेश सीनियर वकील रवि प्रकाश ने इस पर कहा, “वे खुद कह रहे हैं कि यह सितंबर में रिलीज होने वाली है।” इस पर कोर्ट ने कहा कि वह 2 हफ्तों के अंदर फिल्म रिलीज की डेट बताएं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। सलमान के वकील ने OTT रिलीज पर भी आपत्ति जताई सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील ने कहा कि फिल्म को OTT पर रिलीज करने के लिए मेकर्स को किसी सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने इस बात को भी रिकॉर्ड पर लिया। सलमान के वकील ने कहा, “मान लीजिए कि फिल्म रिलीज हो जाती है, तो इससे बहुत नुकसान होगा।” सलमान ने पहले भी दायर किया था केस सलमान खान ने पहले कई अनजान लोगों यानी जॉन डो के खिलाफ ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का केस दायर किया था। याचिका में उन्होंने कहा कि फिल्म काला हिरण में दिखाए गए शख्स का हुलिया उनसे प्रेरित रखा गया है, जो उनके पर्सनालिटी राइट्स के विरुद्ध है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। पिछले साल हाईकोर्ट ने सलमान के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ केस की सुनवाई की थी। कोर्ट ने उनकी तस्वीर और शक्ल का इस्तेमाल करके बिना अनुमति बनाए गए सामान यानी मर्चेंडाइज पर रोक लगा दी थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने मेकर्स को फिल्म के टीजर से जुड़े कई लिंक हटाने का आदेश दिया था। जानिए क्या है फिल्म से जुड़ा पूरा विवाद? 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए गए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचे फिल्म काला हिरण के मेकर्स फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।

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