परप्लेक्सिटी के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का गुरुमंत्र:एआई के दौर में आइडिया खोने के डर को फ्यूल बनाएं, शीर्ष पर बने रहेंगे

‘बिलियन डॉलर की कंपनी बनाना मुश्किल है, लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती है दूसरों को अपना आइडिया चुराने से रोकना और उससे बेहतर बनाने से बचाना’… एआई सर्च इंजन ‘परप्लेक्सिटी’ के सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने हाल में एक पॉडकॉस्ट में टेक दिग्गजों से मिली सीख साझा की, पढ़िए… बढ़ती चुनौतियों पर – ‘अगर आपका आइडिया बड़ा है और वह करोड़ों डॉलर कमा सकता है, तो मानकर चलिए कि बड़ी कंपनियां आपकी नकल जरूर करेंगी। आपको इस डर के साथ जीना और इसे गले लगाना सीखना होगा। उस डर के साथ सोना, उसी के साथ उठना, और हर दिन यह उत्साह रखना कि आप क्या बना रहे हैं- यही आगे बढ़ाता है। स्टार्टअप की यात्रा लंबी होती है। थकान आती है। अनिश्चितता रहती है। ऐसे में वही लोग टिकते हैं जो दबाव को ऊर्जा में बदलते हैं। मैं इसे ‘फ्यूल’ की तरह देखता हूं। यानी डर आपको तेज बनाता है। सतर्क रखता है। सुधार के लिए मजबूर करता है। यह बात एआई जैसे क्षेत्र में अहम है, जहां बदलाव तेज है और प्रतिस्पर्धी हर तरफ हैं। इनोवेशन पर – बढ़त तेजी से मूव करने और पहचान बनाने से आती है। फीचर कॉपी हो सकते हैं, पर ब्रांड, भरोसा, आदतें व यूजर एक्सपीरियंस कॉपी करना मुश्किल है। अंत में फर्क यूजर को पड़ता है… कौन बेहतर सर्च अनुभव व उपयोगी जवाब दे रहा है और तेजी से सुधार कर रहा है। इसी सोच से परप्लेक्सिटी ने एआई-पावर्ड सर्च इंजन बनाया, जो गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई, एंथ्रोपिक जैसे प्लेयर्स की इनोवेशन रेस में चर्चा में रहा। भविष्य पर – एआई की यह जंग जितनी डरावनी है, उतनी ही रोमांचक भी। जीत उसी की होगी जो डरकर रुकने के बजाय लगातार दौड़ता रहेगा। सैम ऑल्टमैन और मार्क क्यूबन जैसी दिग्गज भविष्यवाणी कर रहे हैं कि एआई आने वाले समय में नए अरबपतियों और ट्रिलियनेयर्स की बाढ़ ला देगा, ऐसे में स्टार्टअप्स को बढ़ती प्रतियोगिता से डरने के बजाय इसे अपनी ताकत बनाना चाहिए। वर्क-लाइफ बैलेंस पर – दुख की बात है कि मैं काम के अलावा और कुछ नहीं करता। जब भी समय मिलता है, पॉडकास्ट या ऑडियोबुक्स सुन लेता हूं। हालांकि वीकेंड पर परिवार के लिए वक्त निकालता हूं। हफ्ते में तीन दिन जिम भी जाता हूं… कड़ी मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं है। हर सुबह इस रोमांच के साथ उठना जरूरी है कि आप कुछ नया बना रहे हैं दिग्गजों से सीख – शीर्ष पर होते हुए भी सहज कैसे रहा जा सकता है ये मैंने दो टेक दिग्गजों से सीखा। दुनिया की सबसे एडवांस एआई चिप्स बनाने वाले जेंसेन हुआंग हमेशा इस खौफ और मानसिकता के साथ काम करते हैं कि उनकी कंपनी दिवालिया होने से महज 30 दिन दूर है। यही डर उन्हें कभी सुस्त नहीं होने देता। दूसरी तरफ, इलॉन मस्क से सीखा कि काम सिर्फ पैसों के लिए नहीं होना चाहिए। मस्क की दौलत नहीं, बल्कि मंगल ग्रह पर 10 लाख लोगों को बसाने का उनका जुनून मुझे प्रेरित करता है।’
ब्रिटेन में सबसे पुराने भारतीय-रेस्तरां पर बंद होने का खतरा:वीरास्वामी की 100 साल पुरानी लीज खत्म, मालिक कोर्ट पहुंचे

ब्रिटेन में मौजूद सबसे पुराना भारतीय रेस्तरां वीरास्वामी बंद होने का खतरा बढ़ गया है। जिस इमारत में यह रेस्तरां चलता है, उसका मालिक क्राउन एस्टेट है। क्राउन एस्टेट ब्रिटेन की एक बड़ी सरकारी संपत्ति संस्था है, जो राजा या रानी के नाम पर चलती है। अब क्राउन एस्टेट वीरास्वामी की इमारत में कुछ बदलाव और नया निर्माण करना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने रेस्तरां का किराये का समझौता (लीज) आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। वीरास्वामी रेस्तरां की जून 2025 में लीज खत्म हो गई थी। रेस्तरां का कहना है कि अगर लीज नहीं बढ़ाई गई तो उसे 100 साल पुरानी अपनी जगह छोड़नी पड़ेगी। इसलिए उसने इस फैसले को चुनौती देने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। 100 साल से चल रहा रेस्तरां वीरास्वामी की शुरुआत अप्रैल 1926 में हुई थी। यह सिर्फ एक रेस्तरां नहीं बल्कि ब्रिटेन में भारतीय खाने के इतिहास का अहम हिस्सा माना जाता है। पिछले एक सदी में यहां कई मशहूर लोग आ चुके हैं। इनमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल, अभिनेत्री विवियन ली, अभिनेता मार्लन ब्रैंडो, लॉरेंस ओलिवियर, चार्ली चैपलिन और यहां तक कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय भी शामिल हैं। रेस्तरां का मेन्यू भारत में जन्मे एडवर्ड पामर ने तैयार किया था। उन्हें हैदराबाद के शाही महल में बनने वाले व्यंजनों की रेसिपी अपनी दादी से मिली थी और उसी से प्रेरित होकर उन्होंने यहां का खाना तैयार किया। करी के साथ बीयर पीने की परंपरा यहीं से शुरू हुई वीरास्वामी को 2016 में मिशेलिन स्टार मिला था। यह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रेस्तरां सम्मानों में से एक है। रेस्तरां से जुड़ा एक दिलचस्प दावा भी किया जाता है। कहा जाता है कि इंग्लैंड में करी के साथ बीयर पीने की आदत सबसे पहले इसी रेस्तरां से शुरू हुई थी। रेस्तरां के मालिकों के मुताबिक, डेनमार्क के राजा जब भी लंदन आते थे, तो वीरास्वामी में खाना खाने जरूर पहुंचते थे। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी पसंदीदा कार्ल्सबर्ग बीयर का एक पूरा पीपा रेस्तरां में रखवा दिया था ताकि जब भी वे करी खाने आएं, वही बीयर उन्हें परोसी जा सके। यह रेस्तरां दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मन बमबारी (ब्लिट्ज) से भी बच गया। उसने रेस्तरां उद्योग के उतार-चढ़ाव भी देखे, लेकिन अब एक साल से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद उसके अस्तित्व पर सवाल खड़ा हो गया है। 29 जून से 5 दिन चलेगी सुनवाई वीरास्वामी की मूल कंपनी एमडब्ल्यू ईट (MW Eat) 29 जून से शुरू होने वाली पांच दिन की सुनवाई में सेंट्रल लंदन काउंटी कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। क्राउन एस्टेट का कहना है कि वह विक्ट्री हाउस नाम की इमारत के ऊपरी मंजिलों पर मौजूद दफ्तरों में बदलाव करना चाहता है। ये दफ्तर 2023 में आई बाढ़ के बाद बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से खाली पड़े हैं। योजना के तहत रेस्तरां और दफ्तरों की एंट्री पॉइंट के बीच की दीवार हटाकर एक बड़ा रिसेप्शन एरिया बनाया जाएगा। क्राउन एस्टेट का कहना है कि इससे वह ऑफिस का किराया काफी बढ़ा सकेगा। हालांकि, रेस्तरां के मालिक इस तर्क से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि मरम्मत और नवीनीकरण का काम रेस्तरां को हटाए बिना भी किया जा सकता है। क्राउन एस्टेट ने जून 2025 में वीरास्वामी रेस्तरां की सालाना 2.05 लाख पाउंड (करीब 2.6 करोड़ रुपए) की लीज को रेन्यू करने से मना कर दिया था। अगर अदालत में रेस्तरां हार जाता है तो जिस जगह पर वह अभी चल रहा है, उसे दफ्तरों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 50 लाख पाउंड तक पहुंच सकता है खर्च रेस्तरां की मालिक कंपनी एमडब्ल्यू ईट का कहना है कि अगर उसे 100 साल पुरानी इस जगह को छोड़ना पड़ा, तो मामला सिर्फ सामान उठाकर दूसरी जगह जाने का नहीं होगा। कंपनी के मुताबिक, सबसे पहले उसे लंदन के वेस्ट एंड जैसे महंगे इलाके में कोई नई जगह ढूंढनी पड़ेगी। इसके बाद उस जगह को वीरास्वामी जैसे प्रतिष्ठित रेस्तरां के स्तर के अनुरूप तैयार करना होगा। इसमें रसोई, डाइनिंग एरिया, इंटीरियर, फर्नीचर, बिजली-पानी की व्यवस्था और लाइसेंस जैसी कई चीजों पर बड़ा खर्च आएगा। इसके अलावा, स्थानांतरण के दौरान रेस्तरां को कुछ समय के लिए बंद भी करना पड़ सकता है। इस दौरान उसकी आय पूरी तरह रुक जाएगी, जबकि कर्मचारियों का वेतन, प्रशासनिक खर्च और अन्य भुगतान जारी रहेंगे। कंपनी का कहना है कि 100 साल पुरानी पहचान वाली जगह छोड़ने से ग्राहकों का एक हिस्सा भी खो सकता है, जिसका आर्थिक असर अलग होगा। इन्हीं सभी खर्चों को जोड़कर एमडब्ल्यू ईट का अनुमान है कि नई जगह पर जाने की कुल लागत करीब 50 लाख पाउंड (लगभग 57-58 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। कंपनी का आरोप है कि क्राउन एस्टेट ने जो आर्थिक मुआवजा देने की पेशकश की है, वह इस अनुमानित खर्च का केवल एक छोटा हिस्सा ही कवर करेगा। इसलिए उनके लिए दूसरी जगह जाना आर्थिक रूप से बेहद मुश्किल होगा।
ब्रिटेन में सबसे पुराने भारतीय-रेस्तरां पर बंद होने का खतरा:वीरास्वामी की 100 साल पुरानी लीज खत्म, मालिक कोर्ट पहुंचे

ब्रिटेन में मौजूद सबसे पुराना भारतीय रेस्तरां वीरास्वामी बंद होने का खतरा बढ़ गया है। जिस इमारत में यह रेस्तरां चलता है, उसका मालिक क्राउन एस्टेट है। क्राउन एस्टेट ब्रिटेन की एक बड़ी सरकारी संपत्ति संस्था है, जो राजा या रानी के नाम पर चलती है। अब क्राउन एस्टेट वीरास्वामी की इमारत में कुछ बदलाव और नया निर्माण करना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने रेस्तरां का किराये का समझौता (लीज) आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। वीरास्वामी रेस्तरां की जून 2025 में लीज खत्म हो गई थी। रेस्तरां का कहना है कि अगर लीज नहीं बढ़ाई गई तो उसे 100 साल पुरानी अपनी जगह छोड़नी पड़ेगी। इसलिए उसने इस फैसले को चुनौती देने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। 100 साल से चल रहा रेस्तरां वीरास्वामी की शुरुआत अप्रैल 1926 में हुई थी। यह सिर्फ एक रेस्तरां नहीं बल्कि ब्रिटेन में भारतीय खाने के इतिहास का अहम हिस्सा माना जाता है। पिछले एक सदी में यहां कई मशहूर लोग आ चुके हैं। इनमें ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल, अभिनेत्री विवियन ली, अभिनेता मार्लन ब्रैंडो, लॉरेंस ओलिवियर, चार्ली चैपलिन और यहां तक कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय भी शामिल हैं। रेस्तरां का मेन्यू भारत में जन्मे एडवर्ड पामर ने तैयार किया था। उन्हें हैदराबाद के शाही महल में बनने वाले व्यंजनों की रेसिपी अपनी दादी से मिली थी और उसी से प्रेरित होकर उन्होंने यहां का खाना तैयार किया। करी के साथ बीयर पीने की परंपरा यहीं से शुरू हुई वीरास्वामी को 2016 में मिशेलिन स्टार मिला था। यह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रेस्तरां सम्मानों में से एक है। रेस्तरां से जुड़ा एक दिलचस्प दावा भी किया जाता है। कहा जाता है कि इंग्लैंड में करी के साथ बीयर पीने की आदत सबसे पहले इसी रेस्तरां से शुरू हुई थी। रेस्तरां के मालिकों के मुताबिक, डेनमार्क के राजा जब भी लंदन आते थे, तो वीरास्वामी में खाना खाने जरूर पहुंचते थे। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी पसंदीदा कार्ल्सबर्ग बीयर का एक पूरा पीपा रेस्तरां में रखवा दिया था ताकि जब भी वे करी खाने आएं, वही बीयर उन्हें परोसी जा सके। यह रेस्तरां दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मन बमबारी (ब्लिट्ज) से भी बच गया। उसने रेस्तरां उद्योग के उतार-चढ़ाव भी देखे, लेकिन अब एक साल से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद उसके अस्तित्व पर सवाल खड़ा हो गया है। 29 जून से 5 दिन चलेगी सुनवाई वीरास्वामी की मूल कंपनी एमडब्ल्यू ईट (MW Eat) 29 जून से शुरू होने वाली पांच दिन की सुनवाई में सेंट्रल लंदन काउंटी कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। क्राउन एस्टेट का कहना है कि वह विक्ट्री हाउस नाम की इमारत के ऊपरी मंजिलों पर मौजूद दफ्तरों में बदलाव करना चाहता है। ये दफ्तर 2023 में आई बाढ़ के बाद बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से खाली पड़े हैं। योजना के तहत रेस्तरां और दफ्तरों की एंट्री पॉइंट के बीच की दीवार हटाकर एक बड़ा रिसेप्शन एरिया बनाया जाएगा। क्राउन एस्टेट का कहना है कि इससे वह ऑफिस का किराया काफी बढ़ा सकेगा। हालांकि, रेस्तरां के मालिक इस तर्क से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि मरम्मत और नवीनीकरण का काम रेस्तरां को हटाए बिना भी किया जा सकता है। क्राउन एस्टेट ने जून 2025 में वीरास्वामी रेस्तरां की सालाना 2.05 लाख पाउंड (करीब 2.6 करोड़ रुपए) की लीज को रेन्यू करने से मना कर दिया था। अगर अदालत में रेस्तरां हार जाता है तो जिस जगह पर वह अभी चल रहा है, उसे दफ्तरों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 50 लाख पाउंड तक पहुंच सकता है खर्च रेस्तरां की मालिक कंपनी एमडब्ल्यू ईट का कहना है कि अगर उसे 100 साल पुरानी इस जगह को छोड़ना पड़ा, तो मामला सिर्फ सामान उठाकर दूसरी जगह जाने का नहीं होगा। कंपनी के मुताबिक, सबसे पहले उसे लंदन के वेस्ट एंड जैसे महंगे इलाके में कोई नई जगह ढूंढनी पड़ेगी। इसके बाद उस जगह को वीरास्वामी जैसे प्रतिष्ठित रेस्तरां के स्तर के अनुरूप तैयार करना होगा। इसमें रसोई, डाइनिंग एरिया, इंटीरियर, फर्नीचर, बिजली-पानी की व्यवस्था और लाइसेंस जैसी कई चीजों पर बड़ा खर्च आएगा। इसके अलावा, स्थानांतरण के दौरान रेस्तरां को कुछ समय के लिए बंद भी करना पड़ सकता है। इस दौरान उसकी आय पूरी तरह रुक जाएगी, जबकि कर्मचारियों का वेतन, प्रशासनिक खर्च और अन्य भुगतान जारी रहेंगे। कंपनी का कहना है कि 100 साल पुरानी पहचान वाली जगह छोड़ने से ग्राहकों का एक हिस्सा भी खो सकता है, जिसका आर्थिक असर अलग होगा। इन्हीं सभी खर्चों को जोड़कर एमडब्ल्यू ईट का अनुमान है कि नई जगह पर जाने की कुल लागत करीब 50 लाख पाउंड (लगभग 57-58 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। कंपनी का आरोप है कि क्राउन एस्टेट ने जो आर्थिक मुआवजा देने की पेशकश की है, वह इस अनुमानित खर्च का केवल एक छोटा हिस्सा ही कवर करेगा। इसलिए उनके लिए दूसरी जगह जाना आर्थिक रूप से बेहद मुश्किल होगा।
तोड़ना | तृणमूल कांग्रेस की मान्यता पर पत्र के बाद अभिषेक बनर्जी ओम बिड़ला से मिलेंगे

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभिषेक बनर्जी को 19 जून को उनसे मिलने के लिए कहा है, जब बनर्जी ने उनसे किसी अन्य ब्लॉक को तृणमूल कांग्रेस के रूप में मान्यता नहीं देने का आग्रह किया था। n18oc_politics
दिल्ली उड़ान योजना: उन 6 उद्धव सेना सांसदों पर नज़र रखी जा रही है जिन्होंने ताजा दलबदल की चर्चा फैलाई है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:17 जून, 2026, 09:51 IST एकनाथ शिंदे के विद्रोह के चार साल बाद महाराष्ट्र का राजनीतिक नक्शा फिर से तैयार हो गया, अब उद्धव के सामने यह सवाल जाना-पहचाना है: क्या एक और टूटा हुआ गुट आकार ले रहा है? राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि 2022 के विद्रोह के विपरीत, जो विधायकों और राज्य सरकार के नियंत्रण पर केंद्रित था, वर्तमान लड़ाई संसद और राजनीतिक प्रतीकवाद पर केंद्रित है। एक सांसद ने फ्लाइट पकड़ने से पहले हदगांव से हैदराबाद तक घंटों यात्रा की। दिल्ली जाने के लिए चार्टर्ड विमान में चढ़ने से पहले दो अन्य लोग सड़क मार्ग से अलग-अलग नांदेड़ हवाई अड्डे तक गए। एक अन्य ने मुंबई से उड़ान भरी। एक और ने शिरडी से सीधी उड़ान भरी। व्यक्तिगत रूप से, यात्राएँ नियमित प्रतीत हुईं। साथ में, वे उद्धव ठाकरे के लिए चिंता का नवीनतम स्रोत बन गए हैं। जैसे ही छह शिव सेना (यूबीटी) सांसद सड़क यात्राओं, वाणिज्यिक उड़ानों और चार्टर्ड विमानों के माध्यम से चुपचाप राष्ट्रीय राजधानी में एकत्र हुए, महाराष्ट्र में आसन्न विभाजन की अफवाहें तेज हो गईं। कथित तौर पर कई सांसदों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है और एक अलग संसदीय समूह के गठन की अटकलें तेज हो गई हैं, मुंबई में शुरू हुए राजनीतिक संकट का ध्यान अब लगभग 1,400 किलोमीटर दूर दिल्ली पर केंद्रित हो गया है। यह भी पढ़ें | एकनाथ शिंदे से लेकर राज ठाकरे तक, वे नेता जिन्होंने उद्धव ठाकरे की शिवसेना को खुलेआम विभाजित कर दिया एकनाथ शिंदे के विद्रोह के चार साल बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक मानचित्र को फिर से चित्रित किया गया, उद्धव ठाकरे के सामने यह प्रश्न परिचित है: क्या एक और टूटा हुआ गुट आकार ले रहा है? अलग-अलग रास्ते, एक ही मंजिल सीएनएन-न्यूज18 को पता चला है कि बागी सांसदों ने एक साथ यात्रा नहीं की. हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर दिल्ली के लिए एक वाणिज्यिक उड़ान में सवार होने से पहले हदगांव से हैदराबाद गए। यवतमाल के सांसद संजय देशमुख और परभणी के सांसद संजय जाधव ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए चार्टर्ड विमान में चढ़ने से पहले नांदेड़ हवाई अड्डे तक सड़क मार्ग से अलग-अलग यात्रा की। धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर ने मुंबई से उड़ान भरी, जबकि शिरडी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने अपने निर्वाचन क्षेत्र से सीधी उड़ान भरी। मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल भी चार्टर्ड विमान से दिल्ली गए। रिपोर्टों से पता चलता है कि कई सांसदों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है, मुंबई में वरिष्ठ नेताओं को संचार स्थापित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। एनडीटीवी के मुताबिक, कुछ सांसदों द्वारा कथित तौर पर कॉल का जवाब देना बंद करने के बाद उद्धव ठाकरे खेमे के भीतर चिंताएं तेज हो गईं, जिससे पार्टी नेतृत्व को अपना ध्यान दिल्ली में हो रहे घटनाक्रम पर केंद्रित करना पड़ा। ‘ऑपरेशन टाइगर’ की छाया इस घटनाक्रम ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ की यादों को ताजा कर दिया है, यह एक मुहावरा है जो महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में उद्धव ठाकरे खेमे से दलबदल कराने के प्रयासों के लिए शॉर्टहैंड बन गया है। हाल के सप्ताहों में, एक नए ऑपरेशन की अफवाहों ने तब जोर पकड़ लिया जब कई शिव सेना (यूबीटी) नेताओं ने सार्वजनिक रूप से प्रतिद्वंद्वी खेमों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधियों को लुभाने के प्रयासों को स्वीकार किया। मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने एक्स पर दावा किया कि दल-बदल कराने के लिए सांसदों को 15 करोड़ रुपये के अग्रिम भुगतान की पेशकश की जा रही है। “अपना सपना मनी मनी! यह चौंकाने वाला और विद्रोही है कि महाराष्ट्र के प्रत्येक सांसद को आज रात पाला बदलने के लिए कथित तौर पर ₹15 करोड़ की पेशकश की जा रही है।” यह भी पढ़ें | ‘जो लोग जाना चाहते हैं वे जा सकते हैं’: ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे का पार्टी सांसदों को संदेश राउत की टिप्पणी पर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने उनके संदेश को दोबारा पोस्ट किया और व्यंग्यात्मक कटाक्ष के साथ जवाब दिया, और “अल्प” राशि की पेशकश पर सवाल उठाया। “नहीं, नहीं – महुआ जी, न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति सांसद ₹50 करोड़ तय किया गया है। ₹15 करोड़ सिर्फ अग्रिम राशि है। सच कहूँ तो, ये लोग ₹50,000 के लायक भी नहीं हैं। उनकी कीमत केवल शिवसेना और टीएमसी ब्रांड लेबल के कारण बढ़ी है,” राउत ने जवाब दिया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि 2022 के विद्रोह के विपरीत, जो विधायकों और राज्य सरकार के नियंत्रण पर केंद्रित था, वर्तमान लड़ाई संसद और राजनीतिक प्रतीकवाद पर केंद्रित है। दिल्ली क्यों मायने रखती है दिल्ली का महत्व न केवल स्वयं सांसदों में है, बल्कि इस बात में भी है कि उनकी संख्या क्या दर्शाती है। शिवसेना (यूबीटी) 2024 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में सबसे मजबूत विपक्षी प्रदर्शन के साथ उभरी। इसके सांसदों के बीच कोई भी विभाजन उद्धव ठाकरे के लिए राजनीतिक रूप से हानिकारक होगा, जिन्होंने एकनाथ शिंदे गुट के हाथों मूल शिवसेना नाम और प्रतीक खोने के बाद अपने संगठन के पुनर्निर्माण में पिछले चार साल बिताए हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए, यहां तक कि एक छोटा सा अलग समूह भी इस तर्क को मजबूत करेगा कि पार्टी के कई स्तरों पर उद्धव ठाकरे के लिए समर्थन कम होता जा रहा है। यह भी पढ़ें | ऑपरेशन टाइगर एंड द घोस्ट ऑफ 2022: क्यों उद्धव ठाकरे नए दलबदल के डर से जूझ रहे हैं? कई रिपोर्टों से पता चलता है कि एक अलग संसदीय ब्लॉक के गठन के संबंध में चर्चा चल रही है जो अंततः एनडीए के साथ जुड़ सकता है। यह चर्चा बुधवार को तब और मजबूत हो गई जब खबरें आईं कि बागी दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और एकनाथ शिंदे से मिलने की योजना बना रहे हैं। 2022 की गूँज महाराष्ट्र में कई लोगों के लिए ये तस्वीरें परिचित लगती हैं। फिर, निर्वाचित प्रतिनिधि भी जनता की नजरों से गायब हो गए, राज्यों की यात्रा की, होटल बदल लिए और राजनीतिक अफवाहें उड़ने के दौरान उनसे संपर्क करना मुश्किल रहा। इस बार सूरत या गुवाहाटी में कोई रिसॉर्ट नहीं है. इसके बजाय, दिल्ली में चार्टर उड़ानें उतर रही हैं, फोन खामोश
सेंसेक्स में 100 अंक की तेजी:76,900 पर कारोबार कर रहा, IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयर्स में ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 17 जून को बढ़त है। सेंसेक्स करीब 100 अंक की तेजी के साथ 76,900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी 23,950 पर फ्लैट कारोबार कर रहा है। आज IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के शेयर्स में ज्यादा खरीदारी है। वहीं रियल्टी और मेटल शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार कल अमेरिकी बाजार में मिला-जुला कारोबार रहा विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 3,618 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 16 जून को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 544 अंक की तेजी के साथ 76,808 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 135 अंक की बढ़त रही, ये 23,989 पर बंद हुआ था।
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप: श्रीलंका की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत:टूर्नामेंट में पहली बार कीवियों को हराया; इंग्लैंड की लगातार दूसरी जीत, आयरलैंड को हराया

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार को खेले गए मैच में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को रोमांचक मुकाबले में 5 विकेट से हरा दिया। यह पहली बार है जब विमेंस वर्ल्ड कप में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को हराया है। वहीं, इसी ग्राउंड पर खेले गए दूसरे मैच में इंग्लैंड ने आयरलैंड को 4 विकेट से हराकर इस वर्ल्ड कप में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। साउथम्पटन में पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 150/6 का स्कोर बनाया। इसके जवाब में श्रीलंका ने 19.4 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। रनचेज में श्रीलंका ने 55 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद निलाक्षिका सिल्वा (54*) और कौशनी नुथ्यंगना (24*) ने टीम को 19.4 ओवर में जीत दिला दी। निलाक्षिका को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका ने 10 रन के अंदर 4 विकेट गंवाए रनचेज में श्रीलंका को चमारी अटापट्टू (27 रन) ने अच्छी शुरुआत दिलाई। टीम ने 5.4 ओवर में बिना विकेट गंवाए 45 रन बना लिए थे। न्यूजीलैंड की पेसर ब्री इलिंग ने अट्टापटू को आउट कर टीम को पहला झटका दिया। इसके बाद स्पिनर नेंसी पटेल ने 2 विकेट लेकर श्रीलंका का स्कोर 45/0 से 55/4 कर दिया। हसिनी परेरा 2 रन बनाकर रनआउट हुईं। नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने उतरी निलाक्षिका सिल्वा ने कविशा दिलहारी के साथ मिलकर 5वें विकेट लिए 50 रन जोड़े। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर दिलहारी रनआउट हुईं। इसके बाद कौशनी बल्लेबाजी के लिए उतरीं। निलाक्षिका और कौशनी ने छठवें विकेट के लिए नाबाद 48 रन जोड़े और टीम को 2 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। डिवाइन और अमेलिया कर की पारियों से न्यूजीलैंड 150 रन तक पहुंची इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। ओपनर इजी गेज सिर्फ 4 रन बनाकर मिथाली अयोध्या की गेंद पर कैच आउट हुईं। इसके बाद जॉर्जिया प्लिमर और अमेलिया कर ने दूसरे विकेट के लिए 46 गेंद पर 49 रन जोड़े। प्लिमर के आउट होने के बाद सोफी डिवाइन ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने कर के साथ 26 गेंद में 43 रन जोड़कर पारी को गति दी। हालांकि कविशा दिलहारी ने लगातार 2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर ढकेल दिया। डिवाइन और मैडी ग्रीन ने 3 ओवर में 30 रन बटोरे। डिवाइन के आउट होने के बाद आखिरी दो ओवर में सिर्फ 11 रन ही बने और न्यूजीलैंड 150/6 के स्कोर तक ही पहुंच सकी। न्यूजीलैंड के लिए कर और डिवाइन ने 45-45 रन बनाए। वहीं श्रीलंका की ओर से स्पिनर दिलहारी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। टी-20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की लगातार दूसरी जीत विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का विजयी अभियान जारी है। मंगलवार को बारिश से बाधित मैच में इंग्लैंड ने आयरलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर 118 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड ने 17.3 ओवर में 6 विकेट खोकर 119 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। इंग्लैंड की ओर से स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 22 रन देकर 3 विकेट चटकाए, वहीं चार्ली डीन ने महज 11 रन देकर 2 विकेट लिए। बल्लेबाजी में अनुभवी नैट साइवर ब्रंट ने 48 रनों की कप्तानी पारी खेली, जबकि हीथर नाइट ने 26 रनों का योगदान दिया। आयरलैंड ने खेलीं 60 डॉट बॉल्स टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम को ओवरकास्ट कंडीशंस (बादल छाए रहने) का पूरा फायदा मिला। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही आयरलैंड पर दबाव बना दिया। शुरुआती 5 ओवरों के भीतर ही आयरलैंड की दोनों ओपनर्स, एमी हंटर और अलाना डेलजेल पवेलियन लौट गईं। कप्तान गेबी लुईस भी बिना खाता खोले आउट हो गईं। इंग्लैंड की कसी हुई लाइन-लेंथ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरे इनिंग्स में आयरलैंड की बल्लेबाजों ने 60 डॉट बॉल्स खेलीं। इसमें अकेले चार्ली डीन ने 20 डॉट बॉल्स फेंकी। डीन ने 4 ओवर में सिर्फ 11 रन देकर 2 विकेट झटके। ओरला प्रेंडरगास्ट और लुईस लिटिल ने संभाली पारी सिर्फ 25 रन पर 3 विकेट गिर जाने के बाद आयरलैंड के लिए ओरला प्रेंडरगास्ट ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने सोफी एक्लेस्टोन के छठे ओवर में दो चौके लगाकर टीम को संभाला। हालांकि, वह अपनी पारी को ज्यादा लंबा नहीं खींच सकीं और 18 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 26 रन बनाकर आउट हो गईं। आखिरी ओवरों में लुईस लिटिल ने टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। उन्होंने लॉरेन बेल के आखिरी ओवर में चार चौके जड़ते हुए 17 रन बटोरे। यह आयरलैंड की पारी का सबसे महंगा और बेहतरीन ओवर रहा, जिसकी बदौलत टीम 118 के स्कोर तक पहुंच सकी। पावरप्ले में इंग्लिश टीम के 35 रन पर गिरे 3 विकेट 119 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। घरेलू मैदान पर खेल रही इंग्लैंड की टीम को आयरलैंड के गेंदबाजों ने शुरुआती झटका दिया। पावरप्ले के अंदर केवल 10 गेंदों के भीतर इंग्लैंड ने 3 विकेट गंवा दिए और टीम का स्कोर 35/3 हो गया। आयरलैंड की एमी मैगुइरे ने पांचवें ओवर में दो बड़े विकेट लिए। पहले उन्होंने एमी जोन्स को मिड-ऑफ पर कप्तान लुईस के हाथों कैच कराया, फिर दो गेंद बाद ही टूर्नामेंट के पहले मैच की स्टार रहीं डैनी व्याट-हॉज को भी लुईस के हाथों कैच आउट कराया। अगले ओवर में प्रेंडरगास्ट ने एलिस कैप्सि को एक बेहतरीन यॉर्कर पर बोल्ड कर दिया। कप्तान ब्रंट और हीथर नाइट की 64 रनों की मैच जिताऊ पार्टनरशिप तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान नैट साइवर ब्रंट और हीथर नाइट ने मोर्चा संभाला। दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 64 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। उन्होंने सिंगल्स-डबल्स लेकर स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों पर बाउंड्री लगाई। इस साझेदारी को प्रेंडरगास्ट ने नाइट (26 रन) को एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट करके तोड़ा। मैच खत्म होने से ठीक पहले कप्तान साइवर ब्रंट 48 रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हो गईं और फ्रेया केम्प रन आउट हो गईं। हालांकि, टीम जीत के बेहद
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप: श्रीलंका की न्यूजीलैंड पर बड़ी जीत:टूर्नामेंट में पहली बार कीवियों को हराया; 5 विकेट रहते रनचेज किया, निलाक्षिका की फिफ्टी

श्रीलंका ने मंगलवार को विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को रोमांचक मुकाबले में 5 विकेट से हरा दिया। यह पहली बार है जब विमेंस वर्ल्ड कप में श्रीलंका ने न्यूजीलैंड को हराया है। साउथम्पटन में पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 150/6 का स्कोर बनाया। इसके जवाब में श्रीलंका ने 19.4 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर टारगेट हासिल कर लिया। रनचेज में श्रीलंका ने 55 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद निलाक्षिका सिल्वा (54*) और कौशनी नुथ्यंगना (24*) ने टीम को 19.4 ओवर में जीत दिला दी। निलाक्षिका को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका ने 10 रन के अंदर 4 विकेट गंवाए रनचेज में श्रीलंका को चमारी अटापट्टू (27 रन) ने अच्छी शुरुआत दिलाई। टीम ने 5.4 ओवर में बिना विकेट गंवाए 45 रन बना लिए थे। न्यूजीलैंड की पेसर ब्री इलिंग ने अट्टापटू को आउट कर टीम को पहला झटका दिया। इसके बाद स्पिनर नेंसी पटेल ने 2 विकेट लेकर श्रीलंका का स्कोर 45/0 से 55/4 कर दिया। हसिनी परेरा 2 रन बनाकर रनआउट हुईं। नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने उतरी निलाक्षिका सिल्वा ने कविशा दिलहारी के साथ मिलकर 5वें विकेट लिए 50 रन जोड़े। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर दिलहारी रनआउट हुईं। इसके बाद कौशनी बल्लेबाजी के लिए उतरीं। निलाक्षिका और कौशनी ने छठवें विकेट के लिए नाबाद 48 रन जोड़े और टीम को 2 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। डिवाइन और अमेलिया कर की पारियों से न्यूजीलैंड 150 रन तक पहुंची इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। ओपनर इजी गेज सिर्फ 4 रन बनाकर मिथाली अयोध्या की गेंद पर कैच आउट हुईं। इसके बाद जॉर्जिया प्लिमर और अमेलिया कर ने दूसरे विकेट के लिए 46 गेंद पर 49 रन जोड़े। प्लिमर के आउट होने के बाद सोफी डिवाइन ने आक्रामक बल्लेबाजी की। उन्होंने कर के साथ 26 गेंद में 43 रन जोड़कर पारी को गति दी। हालांकि कविशा दिलहारी ने लगातार 2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड को बैकफुट पर ढकेल दिया। डिवाइन और मैडी ग्रीन ने 3 ओवर में 30 रन बटोरे। डिवाइन के आउट होने के बाद आखिरी दो ओवर में सिर्फ 11 रन ही बने और न्यूजीलैंड 150/6 के स्कोर तक ही पहुंच सकी। न्यूजीलैंड के लिए कर और डिवाइन ने 45-45 रन बनाए। वहीं श्रीलंका की ओर से स्पिनर दिलहारी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। ——————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ईरानी फुटबॉल टीम बोली-हमें तुरंत अमेरिका छोड़ने को कहा गया:मैच के तुरंत बाद मेक्सिको जाना पड़ा; ईरानी खिलाड़ी ने गन सेलिब्रेशन किया था अमेरिका में फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान ईरानी प्लेयर के गन सेलीब्रेशन पर विवाद हो गया। इस घटना के बाद ईरानी टीम को मैच के तुरंत बाद अमेरिका से मेक्सिको जाने को कहा गया। ईरान की टीम का बेस कैंप मेक्सिको है। अमेरिका में हर मैच के बाद ईरान को बेस कैंप लौटना होता है। पूरी खबर पढ़ें..
आय से अधिक संपत्ति की जांच में लोकायुक्त ने बेंगलुरु में 35 स्थानों पर छापे मारे | कर्नाटक | न्यूज18

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टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने एनसीपीआई विलय पर उठाए सवाल | भाजपा के समर्थन के आरोप से छिड़ी बहस | न्यूज18

टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने सीमित चुनावी उपस्थिति वाले एक राजनीतिक समूह एनसीपीआई के साथ पार्टी के विलय के विवाद पर जोर दिया है। इस मुद्दे पर बोलते हुए, बनर्जी ने निर्णय को आकार देने में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला और इस कदम के पीछे व्यापक राजनीतिक गतिशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा के कथित समर्थन का भी जिक्र किया, जिससे चल रही बहस में एक नई परत जुड़ गई। इस टिप्पणी ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रणनीति, गठबंधन और क्षेत्रीय राजनीति की भविष्य की दिशा के बारे में चर्चा शुरू कर दी है। मुख्य विवरण और प्रतिक्रियाओं के लिए पूरी रिपोर्ट देखें। n18oc_ Indian18oc_politicsn18oc_breaking-newsNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube आखरी अपडेट: 16 जून, 2026, 23:16 IST (टैग्सटूट्रांसलेट)गठबंधन राजनीति(टी)बीजेपी(टी)बीजेपी नवीनतम समाचार(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)करंट अफेयर्स(टी)चुनाव राजनीति(टी)भारत समाचार(टी)भारतीय राजनीति(टी)कोलकाता समाचार(टी)ताजा राजनीतिक समाचार(टी)ममता बनर्जी(टी)विलय विवाद(टी)एनसीपीआई(टी)समाचार विश्लेषण(टी)समाचार अद्यतन(टी)राजनीतिक विवाद(टी)राजनीतिक बहस(टी)राजनीतिक घटनाक्रम(टी)राजनीतिक समाचार(टी)राजनीतिक रणनीति(टी)रचना बनर्जी(टी)क्षेत्रीय राजनीति(टी)टीएमसी(टी)टीएमसी नवीनतम समाचार(टी)टीएमसी विद्रोही एमपी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति








