ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ हर हाल में जंग जीतेंगे:वे समझौता करेंगे या तबाह हो जाएंगे; अमेरिका ने युद्ध में $29 अरब डॉलर खर्च किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष में अमेरिका हर हाल में जीतेगा। चीन रवाना होने से पहले ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि ईरान या तो समझौता करेगा या फिर तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास हालात संभालने के लिए हर विकल्प मौजूद है। ट्रम्प ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बातचीत में ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट पर भी चर्चा होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि व्यापार दोनों नेताओं की बैठक का मुख्य मुद्दा रहेगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 74 दिनों की जंग में अब तक कम से कम 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। यह खर्च सिर्फ हथियारों और सैन्य उपकरणों पर हुआ है। इसमें सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का खर्च शामिल नहीं है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ कांग्रेस पहुंचे और अतिरिक्त रक्षा बजट की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे प्रभावी सैन्य ताकत बने रहने के लिए अमेरिका को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका के पास अभी भी कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं, जिनमें संघर्ष बढ़ाना भी शामिल है। इससे पहले ट्रम्प कह चुके हैं कि ईरान के साथ मौजूदा युद्धविराम वेंटिलेटर पर है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
रेगिस्तान का ‘अमृत’ है पीलू: भीषण लू में भी शरीर को रखता है कूल, पीलिया और दांतों के रोगों में है रामबाण औषधि

Last Updated:May 13, 2026, 06:21 IST Pilu Fruit Benefits: राजस्थान के मारवाड़ में 50 डिग्री तापमान के बीच ‘पीलू’ का फल ‘रेगिस्तान के अंगूर’ के रूप में चर्चा में है. ‘जाल’ के पेड़ पर उगने वाला यह फल भीषण गर्मी में और भी मीठा हो जाता है. इसे ‘प्राकृतिक AC’ कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को शीतल रखता है और लू से बचाता है. औषधीय गुणों से भरपूर पीलू दांतों, लीवर और पीलिया के इलाज में सहायक है. यह पेड़ अपने आसपास का तापमान 8 डिग्री तक कम कर सकता है, जिससे इसे घरों के पास लगाना शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है. ख़बरें फटाफट Desert Fruit Pilu: जहाँ सूरज की तपिश पत्थर पिघलाने पर उतारू हो, जहाँ लू के थपेड़े आसमान को झुलसा रहे हों और पारा 50 डिग्री को छूने लगे. ऐसी भीषण परिस्थितियों में भी प्रकृति अपना करिश्मा दिखाना नहीं भूलती. राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र के अंदर इन दिनों ‘जाल’ के पेड़ों पर एक छोटा-सा फल लद गया है, जिसे स्थानीय लोग बड़े चाव से ‘पीलू’ कहते हैं. पीलू को स्थानीय भाषा में ‘रेगिस्तान का अंगूर’ या ‘मावा’ कहा जाता है. यह फल मुख्य रूप से ‘जाल’ के पेड़ पर उगता है. इस फल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रेगिस्तान में गर्मी जितनी प्रचंड होती है, पीलू का स्वाद उतना ही मीठा और रसीला होता जाता है. जब लू के कारण अन्य वनस्पतियां कुम्हलाने लगती हैं, तब पीलू जीवन का रस बनकर खिलता है और तपते मारवाड़ को राहत पहुँचाता है. आयुर्वेद में पीलू को एक अत्यंत शीतल फल माना गया है. इसके औषधीय गुणों के कारण इसे ‘प्रकृति का अपना AC’ भी कहा जाता है. पीलू के फायदों की सूची काफी लंबी है. रेगिस्तान के इस मेवे के बारे में यह प्रसिद्ध है कि यह पौष्टिकता से भरपूर होता है और इसे खाने से लू नहीं लगती. साथ ही इसमें कई प्रकार के औषधीय गुण भी होते हैं. इसी कारण मारवाड़ की महिलाएं पीलू को एकत्र कर सुखा लेती हैं और इसे प्रिजर्व (Preserve) कर लेती हैं, ताकि ऑफ-सीजन में भी जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके. यह फल न केवल स्वाद में मीठा होता है, बल्कि यह शरीर को भीतर से इतना ठंडा रखता है कि इसे ‘रेगिस्तान का अमृत’ भी कहा जाता है. सेहत के लिए रामबाण और पानी की कमी का समाधानपीलू (जिसे कई जगह डूंगर भी कहा जाता है) एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है. इसका वनस्पतिक नाम ‘डाइओरपाइरोस कांडीफोलिया’ है. यह फल शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के साथ-साथ पीलिया जैसे गंभीर रोगों में रामबाण का काम करता है. इसकी छाल का काढ़ा लीवर से संबंधित विकारों में भी बेहद फायदेमंद पाया गया है. इसके पत्ते खट्टे-मीठे होते हैं और यह एक शुद्ध कुदरती पौधा है जो बिना किसी विशेष देखभाल के रेगिस्तान की आग में पनपता है. न केवल इंसान, बल्कि पक्षी भी इस फल को काफी पसंद करते हैं और भीषण गर्मी में इससे अपनी प्यास और भूख मिटाते हैं. हैरान कर देने वाले औषधीय और प्राकृतिक गुणपीलू के फल की कई ऐसी विशेषताएं हैं जो आधुनिक तकनीक को भी पीछे छोड़ देती हैं: दातुन (Miswak): पीलू की टहनियों का उपयोग ‘मिसवाक’ के रूप में किया जाता है. यह दांतों के रोगों से बचाव करने और मुंह की दुर्गंध को जड़ से खत्म करने में बहुत असरदार है. रेगिस्तानी संजीवनी: यह तपती गर्मी में अपने नीचे के तापमान को सामान्य से 5-8 डिग्री तक कम करने की क्षमता रखता है. सर्दी-खांसी में राहत: इसके पत्तों का काढ़ा श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे सर्दी और खांसी में औषधि की तरह काम करता है. पशु-पक्षियों का आधार: अकाल और भीषण सूखे के समय भी यह पेड़ हरा-भरा रहकर रेगिस्तान के पशु-पक्षियों के लिए जीवन का एकमात्र सहारा बनता है. सुख-समृद्धि और कुदरती ठंडक का प्रतीकस्थानीय अनुभवों के आधार पर यह माना जाता है कि जेठ की तपती दोपहर में यदि कोई व्यक्ति पीलू के फल का सेवन कर ले, तो उसे भयंकर लू के थपेड़े भी बीमार नहीं कर सकती. यही कारण है कि अब लोग इन पौधों को अपने घरों के आंगन या बगीचों में लगाने के प्रति उत्साहित रहते हैं, ताकि बिना बिजली के कुदरती ठंडक का आनंद लिया जा सके. इन पेड़ों का घर के पास होना मारवाड़ में सुख-समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. यह पेड़ जलते आसमान के नीचे भी जीवन की मिठास को बरकरार रखने की अद्भुत शक्ति रखता है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Pali,Pali,Rajasthan
पंजाब के टूरिस्टों ने हिमाचल में तलवारें चलाईं:एक लोकल का हाथ, दूसरे का गाल काटा; लोग बोले- चिट्टे के नशे में थे

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के बंजार में पंजाब से आए टूरिस्टों ने कथित तौर पर तलवारें लहराईं और स्थानीय लोगों पर हमला किया। इस घटना में एक व्यक्ति के हाथ में गंभीर चोटें आई, जबकि दूसरे का तलवार से गाल कट गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। वारदात के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। लोगों ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद स्थानीय लोगों का पुलिस के साथ भी विवाद हो गया। लोगों का आरोप था कि पुलिस रिश्वत लेकर आरोपियों को छोड़ रही है। आरोपियों ने पुलिस को 5 लाख रुपए की पेशकश की थी। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल भी नहीं करवाया, जबकि सभी आरोपी चिट्टे के नशे में थे। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और उनका मेडिकल भी करवाया गया। इसके बाद उन्हें जमानती बॉन्ड के बाद छोड़ा गया है। लुधियाना के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक पंजाब के लुधियाना जिले के खन्ना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी पहचान मंदीप सिंह, प्रदीप सिंह, जश्नप्रीत और प्रीतपाल के रूप में हुई है। चारों युवक घूमने के लिए हिमाचल आए थे। बंजार में 10 मई की शाम को इनकी गाड़ी से एक व्यक्ति को टक्कर लगी। इसके बाद स्थानीय लोगों और टूरिस्टों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते पंजाब के 2 टूरिस्ट ने गाड़ी से तलवार निकाली और दो स्थानीय लोगों को घायल किया दिया। तब मौके पर लोकल लोग जुटे और पुलिस भी पहुंची। बंजार में तनावपूर्ण माहौल बना घटना के बाद बंजार क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। देर रात को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कुल्लू के सैंज थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। आरोपियों ने 2 लोकल्स को हथियार से हमला कर घायल किया है, फिर भी पुलिस उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है। आरोपियों को थाने लाया गया, लेकिन उनके मोबाइल तक उनसे नहीं लिए गए, जिनसे वे लगातार बात करते रहे। सुबह 4 बजे तक थाने में डटे रहे लोग बताया जा रहा है कि लोग 11 मई की अलसुबह 4 बजे तक थाने में डटे रहे और उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ बहस चलती रही। यह मामला 3 दिन पहले का है, लेकिन इसके विवाद से जुड़े वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में भी एक व्यक्ति तलवार के साथ नजर आ रहा है। इनकी गाड़ी के भीतर भी हथियार नजर आ रहे हैं। तलवारों के साथ हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। पुलिस बोली- हमने तलवारें बरामद कीं कुल्लू के सैंज थाना में जांच अधिकारी किशोरी लाल ने बताया कि पुलिस ने विवाद के तुरंत बाद चारों युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने घायलों का मेडिकल करवाने के बाद आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 281, 125(A), 115(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तलवारें भी बरामद कर दी है। पुलिस ने चारों आरोपियों को जमानती बांड के बाद छोड़ा है। ॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… मनाली में पंजाब के टूरिस्ट ने सड़क पर फेंका कूड़ा,VIDEO:SDM ने लगाई फटकार, स्वच्छता का महत्व समझाया, पर्यटक ने खुद उठाया हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल मनाली के एसडीएम ने नेशनल हाईवे पर कूड़ा फेंकने वाले पंजाब के एक टूरिस्ट को स्वच्छता का ऐसा पाठ पढ़ाया, जिसके बाद पर्यटक ने खुद ही सड़क पर फेंका हुआ कूड़ा उठाया और माफी मांगी। अब इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान के बाड़मेर में तापमान 48°C पार:MP-हरियाणा में ओले, यूपी के बरेली में आंधी से चलती गाड़ियों पर पेड़-खंभे गिरे; बिहार-महाराष्ट्र में 10 मौतें

राजस्थान में मंगलवार को रिकॉर्ड गर्मी रही। इस सीजन में पहली बार तापमान 48°C के पार पहुंच गया। बाड़मेर देश में सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 48.3°C दर्ज हुआ। फलोदी में 46.4°C, जैसलमेर में 45.8°C, चित्तौड़गढ़ में 45.6°C और बीकानेर में 45°C तापमान रहा। मध्य प्रदेश में दो तरह का मौसम देखने को मिला। एक तरफ रतलाम लगातार तीसरे दिन राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। यहां पारा 46.5°C रहा। इसके बाद धार 44.5°C के साथ MP का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। निवाड़ी जिले के बीजौर में तेज आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। हरियाणा के पिनगवा में जमकर ओले गिरे। पंचकूला, यमुनानगर, करनाल और गुरुग्राम में तेज बारिश हुई। उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली। इससे सड़क किनारे लगे खंभे उखड़ गए। चलती गाड़ियों पर पेड़ की टहनियां टूटकर गिर गईं। बिहार के जमुई और बांका में बिजली गिरने से एक महिला 4 लोगों की मौत हो गई। महाराष्ट्र के सांगली में तेज आंधी के कारण एक मंदिर की दीवार गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। केरल के मलप्पुरम में बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए अगले दो दिन मौसम का हाल 14 मई: 15 मई: इस हफ्ते अंडमान-निकोबार पहुंच सकता है मानसून भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि इस हफ्ते के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अभी उसी इलाके में सक्रिय है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 4.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। विभाग ने कहा कि अगले 48 घंटों में यह सिस्टम और मजबूत हो सकता है। आमतौर पर मानसून 20 मई के आसपास अंडमान-निकोबार पहुंचता है। मानसून 1 जून को केरल में दस्तक देता है। इसके साथ ही देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन की शुरुआत मानी जाती है, जो सितंबर तक चलता है। देशभर से मौसम से जुड़ी 5 तस्वीरें
पंजाब- UP एनकाउंटर में ढेर साइको किलर की कहानी:2020 में आर्मी से रिटायर, सिक्योरिटी गार्ड लगा, मां के निधन के बाद डिप्रेशन में गया

26 घंटे में 3 हत्यााएं करने वाला पंजाब के तरनतारन का साइको किलर गुरप्रीत सिंह उत्तर प्रदेश (UP) में मारा गया। UP पुलिस के मुताबिक, टीम आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे सिर और सीने में गोली लग गई। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (45) मूल रूप से तरनतारन जिले के गांव तख्तू चक का रहने वाला था। वह भारतीय सेना से साल 2020 में रिटायर हुआ था। इसके बाद उसने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की। गुरप्रीत कौन है, इसे लेकर दैनिक भास्कर की टीम उसके गांव पहुंची। परिवार का कहना है कि गुरप्रीत पिछले कुछ समय से डिप्रेशन का शिकार था। मां की मौत के बाद वह काफी बदल गया था। पहले की तुलना में वह ज्यादा चुप रहने लगा था और अक्सर अकेले बैठकर सोच में डूबा रहता था। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गुरप्रीत का स्वभाव अच्छा था। वह शांत रहता था। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उधर, गांव के सरपंच और परिवार के सदस्य बॉडी लेने के लिए UP रवाना हो गए हैं। गुरप्रीत के पिता की अहम बातें… नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीण क्या बोले… 2 बच्चों का पिता था, पिता से अलग रहता था गुरप्रीत सिंह के परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी है। बेटे की उम्र करीब 14 साल और बेटी की उम्र लगभग 16 साल बताई जा रही है। गुरप्रीत के पिता भी गांव में ही रहते हैं। गुरप्रीत ने अपना अलग मकान बनाया हुआ है, जहां वह पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। वहीं, उसके घर से दो मकान छोड़कर उसकी जॉइंट फैमिली रहती है, जिसमें पिता, ताया-ताई और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। 29 अप्रैल को घर से निकला था परिवार के अनुसार गुरप्रीत सिंह 29 अप्रैल को घर से ड्यूटी के लिए निकला था। फौज की नौकरी के बाद वह अलग-अलग राज्यों में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता था। गुरप्रीत के दो भाई भी हैं, जो अलग-अलग राज्यों में ट्रक ड्राइवरी का काम करते हैं। UP पुलिस ने कैसे किया ढेर गार्ड की नौकरी करने के लिए बिहार आया था पीडीडीयू नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- गार्ड की नौकरी करने के लिए गुरप्रीत बिहार के आरा शहर गया था। वहां कुछ दिनों तक काम करने के दौरान उसकी शराब पीकर हंगामा करने की आदत सामने आई। उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद वह दिमागीतौर पर परेशान रहने लगा। वह 9 मई से अलग-अलग ट्रेनों से प्रयागराज, चंदौली समेत कई स्थानों पर घूमता रहा। कैसे पुलिस साइको किलर तक पहुंची, 4 पॉइंट में जानिए अब सिलसिलेवार तीनों वारदातें जानिए… 1- अस्पताल में घुसकर महिला को गोली मारी जगह- चंदौली का जीवक अस्पताल, समय- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे…। चंदौली जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अलीनगर थाना क्षेत्र में जीवक अस्पताल है। बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना के बहोवना गांव की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) का पैर टूट गया था। उन्हें पिछले माह 5 अप्रैल को जीवक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक रिश्तेदार भी उसके साथ था। हमलावर वीरेंद्र सोमवार सुबह मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह बेड पर लेटी महिला के पास गया। सीधे कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उससे पिस्टल छीन ली। इसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। ऑटो ड्राइवर बोला- फायरिंग करते हुए हमलावर भागा एडीजी पीयूष मोर्डिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऑटो चालक विनोद दुबे ने बताया कि महिला की हत्या के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग रहा था। उस समय वह अस्पताल के बाहर एक मरीज को उतार रहा था। भीड़ के चिल्लाने पर उसने बदमाश को पकड़ लिया। आरोपी ने उस पर असलहा तान दिया, लेकिन उसने उसके हाथ मरोड़ दिए। असलहा जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। तभी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसे घेर लिया। उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए गए। कुछ लोगों ने आरोपी को ईंट-पत्थरों से भी मारा। इससे वह घायल हो गया। हालांकि, समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। 2- ट्रेन में बाथरूम से निकलते ही मारी गोली जगह- वाराणसी, रविवार, समय- रात 2 बजे…। बिहार के गया जिले में पिपरिया गांव के रहने वाले दिनेश साहू (42) कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वह पत्नी के साथ कोच S-2 में सवार थे, जबकि उनकी बहन, उनके दो बच्चे और सास जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास ट्रेन पहुंची थी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी वीरेंद्र ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे। पत्नी भी दौड़कर पहुंची और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। ब्लॉक हट-बी के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर वीरेंद्र ट्रेन से उतर गया। यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां शव को नीचे उतारा गया। 3. पैसेंजर ट्रेन में मारी गोली, रफ्तार कम होते ही भागा जगह- चंदौली, रविवार, समय सुबह 7 बजे…। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का रहने वाला मंगरू (34) 15 दिन पहले काम की तलाश में कर्नाटक गया था। वहां पर मछली पकड़ने का काम करने लगा। काम पसंद नहीं आया। इसके बाद मंगरू वापस अपने घर लौट रहा था। वह कर्नाटक से सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर प्रयागराज (डीडीयू) जंक्शन पहुंचा था। यहां से घर जाने के लिए डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हुआ था। ट्रेन सुबह 6:30 बजे डीडीयू जंक्शन से रवाना हुई थी। यात्रियों ने बताया- ट्रेन
गुजरात की IPL में सबसे बड़ी जीत:हैदराबाद ने अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया, सुदर्शन के लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे; रिकॉर्ड्स

गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के 56वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हरा दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात ने 168 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद की टीम 14.5 ओवर में सिर्फ 86 रन पर सिमट गई। यह गुजरात की IPL इतिहास में रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत रही, वहीं हैदराबाद ने सबसे छोटा स्कोर बनाया। गुजरात के साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली और लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया। गुजरात-हैदराबाद मैच टॉप-11 रिकॉर्ड्स… 1. गुजरात ने रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की हैदराबाद को 82 रन से हराकर गुजरात ने IPL इतिहास में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम की सबसे बड़ी जीत 77 रन की थी, जो उसने राजस्थान के खिलाफ इसी सीजन जयपुर में हासिल की थी। 2. हैदराबाद ने IPL में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया हैदराबाद की टीम गुजरात के खिलाफ 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL इतिहास में हैदराबाद का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले टीम का सबसे छोटा टोटल 2019 में मुंबई के खिलाफ 96 रन था। 86 रन गुजरात के खिलाफ किसी टीम का दूसरा सबसे कम ऑलआउट स्कोर भी है। इससे पहले 2022 में लखनऊ 82 रन पर सिमटी थी। 3. हैदराबाद की रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार हैदराबाद को गुजरात के खिलाफ 82 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह IPL इतिहास में रन के लिहाज से टीम की सबसे बड़ी हार रही। इससे पहले हैदराबाद की सबसे बड़ी हार 2025 में कोलकाता के खिलाफ 80 रन की थी। 4. गुजरात ने लगातार पांचवीं जीत दर्ज की गुजरात ने IPL 2026 में लगातार पांचवीं जीत हासिल की। टीम इस सीजन लगातार 5 मैच जीतने वाली दूसरी टीम बनी। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद भी लगातार 5 मुकाबले जीत चुकी है। यह गुजरात की IPL इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबी विनिंग स्ट्रीक भी है। इससे पहले टीम ने 2022 सीजन में भी लगातार 5 मैच जीते थे। 5. गुजरात इस सीजन पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली टीम गुजरात ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। गुजरात के खिलाफ शुरुआती झटकों के बाद गुजरात के पावरप्ले विकेट की संख्या 25 पहुंच गई। 6. रबाडा ने इस सीजन पावरप्ले में 16 विकेट चटकाए कगिसो रबाडा IPL 2026 में पावरप्ले के सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 3 विकेट लेते ही उनके शुरुआती 6 ओवरों में विकेटों की संख्या 16 पहुंच गई। वह अब IPL इतिहास में एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में मोहम्मद शमी की बराबरी से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। 7. सुदर्शन ने लगातार तीसरे सीजन 500 रन बनाए साई सुदर्शन ने IPL में लगातार तीसरे सीजन 500+ रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया।। सुदर्शन 2024 से लगातार हर सीजन में 500 से ज्यादा रन बना रहे हैं। वह अब विराट कोहली, शिखर धवन और क्रिस गेल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। IPL इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा 500+ रन बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर के नाम है, जिन्होंने 2014 से 2020 तक लगातार 6 सीजन में यह कारनामा किया था। क्रिस गेल और साई सुदर्शन IPL इतिहास के इकलौते बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लगातार 500+ रन वाले हर सीजन में 140 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। डेविड वॉर्नर ने भी लगातार 500+ रन बनाए, लेकिन 2020 सीजन में उनका स्ट्राइक रेट 140 से कम रहा था। सुदर्शन के अलावा हैदराबाद के हेनरिक क्लासन ने भी इस सीजन अपने 500 रन पूरे किए। 508 रन बनाकर वे इस साल के टॉप स्कोरर हैं। 8. सुदर्शन ने लगातार तीसरी फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL 2026 में लगातार तीसरी फिफ्टी जमाई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 61 रन की पारी के साथ उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए लगातार सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल भी लगातार तीन 50+ स्कोर बना चुके हैं। 9. गुजरात का इस सीजन सबसे धीमा पावरप्ले, SRH की सबसे किफायती गेंदबाजी गुजरात ने IPL 2026 में अपना सबसे कम पावरप्ले स्कोर बनाया। टीम ने शुरुआती 6 ओवर में 2 विकेट पर सिर्फ 34 रन बनाए। वहीं हैदराबाद ने भी इस सीजन पावरप्ले में पहली बार इतने कम रन दिए। 10. सिराज ने पहले ओवर में विकेट लेने के मामले में शमी की बराबरी की मोहम्मद सिराज ने IPL 2026 में पहले ओवर में चौथा विकेट हासिल किया। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ ट्रैविस हेड को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। सिराज अब इस सीजन पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में मोहम्मद शमी के बराबर पहुंच गए हैं। इस लिस्ट में राजस्थान के जोफ्रा आर्चर टॉप पर हैं। 11. गुजरात के पेसर्स ने झटके 9 विकेट यह IPL में दूसरा मौका रहा, जब गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों ने एक पारी में 9 विकेट लिए। इससे पहले गुजरात के पेसर्स ने 2023 में भी हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में 9 विकेट झटके थे।
हंसी का मजेदार तड़का है ‘पति पत्नी और वो 2:रिश्तों में गलतफहमियों और ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ से मनोरंजन करती है फिल्म

शादीशुदा जिंदगी में अगर दोस्ती, शक और पुराने रिश्तों की एंट्री हो जाए, तो जिंदगी कितनी उलझ सकती है, यही दिखाने की कोशिश करती है फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’। फिल्म की कहानी क्या है? फिल्म की कहानी प्रयागराज में रहने वाले फॉरेस्ट ऑफिसर प्रजापति पांडे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने काम में माहिर हैं और विभाग में उनकी अच्छी साख है। उनकी पत्नी अपर्णा एक स्थानीय टीवी रिपोर्टर है, जबकि उनकी सहकर्मी और दोस्त नीलोफर उनके साथ वन विभाग में काम करती हैं। कहानी में मोड़ तब आता है, जब उनकी कॉलेज की पुरानी दोस्त चंचल अचानक उनकी जिंदगी में वापस लौटती है। चंचल अपने प्रेमी से शादी करना चाहती है और उसकी मदद करते-करते प्रजापति की अपनी शादीशुदा जिंदगी में उथल-पुथल मच जाती है। गलतफहमियों का ऐसा जाल बुनता है कि अपर्णा को प्रजापति और नीलोफर के बीच अफेयर का शक होने लगता है, वहीं चंचल के प्रेमी को लगता है कि प्रजापति और चंचल के बीच कुछ चल रहा है। इन रिश्तों के उलझे धागों के बीच कॉमेडी और कन्फ्यूजन का तड़का फिल्म को आगे बढ़ाता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? अभिनय की बात करें, तो आयुष्मान खुराना ने प्रजापति पांडे के किरदार को बेहद सहज तरीके से निभाया है और उनका प्रदर्शन कहानी को मजबूती देता है। वामिका गब्बी अपने किरदार में ठीक लगती हैं, जबकि सारा अली खान का काम औसत कहा जा सकता है। हालांकि, रकुल प्रीत सिंह सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं; उन्होंने अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से फिल्म में जान डालने का काम किया है। वहीं आयशा रजा, तिग्मांशु धूलिया और विजय राज ने अपनी शानदार कॉमिक मौजूदगी और स्थानीय बोली पर अपनी पकड़ से कई दृश्यों को बेहद मजेदार बना दिया है। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? निर्देशक मुदस्सर अजीज ने एक सामान्य सी कहानी को ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म में कई जगह अनीस बज्मी और प्रियदर्शन की फिल्मों जैसी हलचल और भ्रम वाली कॉमेडी की झलक मिलती है। कहानी में बहुत कुछ नया या खास नहीं है, लेकिन कुछ अच्छे मोड़, कलाकारों का सधा हुआ अभिनय और रिश्तों का उलझा खेल दर्शकों को बांधे रखता है। हालांकि, कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कई कॉमेडी पंच उतना असर नहीं छोड़ पाते, जितनी उनसे उम्मीद की गई थी। फिल्म का म्यूजिक कैसा है? संगीत की बात करें, तो फिल्म में पंजाबी रंग थोड़ा ज्यादा महसूस होता है, जो उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि वाली कहानी में थोड़ा खटकता है। हालांकि, फिल्म ‘तेरे नाम’ का गाना ‘क्यों किसी को वफा के बदले’ और फिल्म ‘तेजाब’ के ‘कह दो कि तुम’ जैसे गानों का इस्तेमाल कहानी की परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर तरीके से किया गया है। लेकिन कई जगह गानों की अधिक लंबाई फिल्म की रफ्तार को धीमा कर देती है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? कुल मिलाकर ‘पति पत्नी और वो 2’ ऐसी फिल्म है, जो दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं डालती, लेकिन रिश्तों की गलतफहमी और हल्के-फुल्के हास्य के सहारे मनोरंजन करने में काफी हद तक सफल रहती है। अगर आपको उलझनों वाली पारिवारिक कॉमेडी फिल्में पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।
गुजरात की IPL में सबसे बड़ी जीत:हैदराबाद ने अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया, सुदर्शन के लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे; रिकॉर्ड्स

गुजरात टाइटंस ने IPL 2026 के 56वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हरा दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात ने 168 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद की टीम 14.5 ओवर में सिर्फ 86 रन पर सिमट गई। यह गुजरात की IPL इतिहास में रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत रही, वहीं हैदराबाद ने सबसे छोटा स्कोर बनाया। गुजरात के साई सुदर्शन ने 61 रन की पारी खेली और लगातार तीसरे सीजन 500 रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया। गुजरात-हैदराबाद मैच टॉप-11 रिकॉर्ड्स… 1. गुजरात ने रन के लिहाज से सबसे बड़ी जीत दर्ज की हैदराबाद को 82 रन से हराकर गुजरात ने IPL इतिहास में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले टीम की सबसे बड़ी जीत 77 रन की थी, जो उसने राजस्थान के खिलाफ इसी सीजन जयपुर में हासिल की थी। 2. हैदराबाद ने IPL में अपना सबसे छोटा स्कोर बनाया हैदराबाद की टीम गुजरात के खिलाफ 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह IPL इतिहास में हैदराबाद का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले टीम का सबसे छोटा टोटल 2019 में मुंबई के खिलाफ 96 रन था। 86 रन गुजरात के खिलाफ किसी टीम का दूसरा सबसे कम ऑलआउट स्कोर भी है। इससे पहले 2022 में लखनऊ 82 रन पर सिमटी थी। 3. हैदराबाद की रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार हैदराबाद को गुजरात के खिलाफ 82 रन से हार का सामना करना पड़ा। यह IPL इतिहास में रन के लिहाज से टीम की सबसे बड़ी हार रही। इससे पहले हैदराबाद की सबसे बड़ी हार 2025 में कोलकाता के खिलाफ 80 रन की थी। 4. गुजरात ने लगातार पांचवीं जीत दर्ज की गुजरात ने IPL 2026 में लगातार पांचवीं जीत हासिल की। टीम इस सीजन लगातार 5 मैच जीतने वाली दूसरी टीम बनी। इससे पहले सनराइजर्स हैदराबाद भी लगातार 5 मुकाबले जीत चुकी है। यह गुजरात की IPL इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे लंबी विनिंग स्ट्रीक भी है। इससे पहले टीम ने 2022 सीजन में भी लगातार 5 मैच जीते थे। 5. गुजरात इस सीजन पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली टीम गुजरात ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। गुजरात के खिलाफ शुरुआती झटकों के बाद गुजरात के पावरप्ले विकेट की संख्या 25 पहुंच गई। 6. रबाडा ने इस सीजन पावरप्ले में 16 विकेट चटकाए कगिसो रबाडा IPL 2026 में पावरप्ले के सबसे सफल गेंदबाज बन गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 3 विकेट लेते ही उनके शुरुआती 6 ओवरों में विकेटों की संख्या 16 पहुंच गई। वह अब IPL इतिहास में एक सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में मोहम्मद शमी की बराबरी से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। 7. सुदर्शन ने लगातार तीसरे सीजन 500 रन बनाए साई सुदर्शन ने IPL में लगातार तीसरे सीजन 500+ रन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया।। सुदर्शन 2024 से लगातार हर सीजन में 500 से ज्यादा रन बना रहे हैं। वह अब विराट कोहली, शिखर धवन और क्रिस गेल जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं। IPL इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा 500+ रन बनाने का रिकॉर्ड डेविड वॉर्नर के नाम है, जिन्होंने 2014 से 2020 तक लगातार 6 सीजन में यह कारनामा किया था। क्रिस गेल और साई सुदर्शन IPL इतिहास के इकलौते बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लगातार 500+ रन वाले हर सीजन में 140 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। डेविड वॉर्नर ने भी लगातार 500+ रन बनाए, लेकिन 2020 सीजन में उनका स्ट्राइक रेट 140 से कम रहा था। सुदर्शन के अलावा हैदराबाद के हेनरिक क्लासन ने भी इस सीजन अपने 500 रन पूरे किए। 508 रन बनाकर वे इस साल के टॉप स्कोरर हैं। 8. सुदर्शन ने लगातार तीसरी फिफ्टी लगाई साई सुदर्शन ने IPL 2026 में लगातार तीसरी फिफ्टी जमाई। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 61 रन की पारी के साथ उन्होंने गुजरात टाइटंस के लिए लगातार सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इससे पहले हार्दिक पंड्या और शुभमन गिल भी लगातार तीन 50+ स्कोर बना चुके हैं। 9. गुजरात का इस सीजन सबसे धीमा पावरप्ले, SRH की सबसे किफायती गेंदबाजी गुजरात ने IPL 2026 में अपना सबसे कम पावरप्ले स्कोर बनाया। टीम ने शुरुआती 6 ओवर में 2 विकेट पर सिर्फ 34 रन बनाए। वहीं हैदराबाद ने भी इस सीजन पावरप्ले में पहली बार इतने कम रन दिए। 10. सिराज ने पहले ओवर में विकेट लेने के मामले में शमी की बराबरी की मोहम्मद सिराज ने IPL 2026 में पहले ओवर में चौथा विकेट हासिल किया। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ ट्रैविस हेड को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। सिराज अब इस सीजन पहले ओवर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में मोहम्मद शमी के बराबर पहुंच गए हैं। इस लिस्ट में राजस्थान के जोफ्रा आर्चर टॉप पर हैं। 11. गुजरात के पेसर्स ने झटके 9 विकेट यह IPL में दूसरा मौका रहा, जब गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों ने एक पारी में 9 विकेट लिए। इससे पहले गुजरात के पेसर्स ने 2023 में भी हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में 9 विकेट झटके थे।
हंसी का मजेदार तड़का है ‘पति पत्नी और वो 2:रिश्तों में गलतफहमियों और ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ से मनोरंजन करती है फिल्म

शादीशुदा जिंदगी में अगर दोस्ती, शक और पुराने रिश्तों की एंट्री हो जाए, तो जिंदगी कितनी उलझ सकती है, यही दिखाने की कोशिश करती है फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’। फिल्म की कहानी क्या है? फिल्म की कहानी प्रयागराज में रहने वाले फॉरेस्ट ऑफिसर प्रजापति पांडे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने काम में माहिर हैं और विभाग में उनकी अच्छी साख है। उनकी पत्नी अपर्णा एक स्थानीय टीवी रिपोर्टर है, जबकि उनकी सहकर्मी और दोस्त नीलोफर उनके साथ वन विभाग में काम करती हैं। कहानी में मोड़ तब आता है, जब उनकी कॉलेज की पुरानी दोस्त चंचल अचानक उनकी जिंदगी में वापस लौटती है। चंचल अपने प्रेमी से शादी करना चाहती है और उसकी मदद करते-करते प्रजापति की अपनी शादीशुदा जिंदगी में उथल-पुथल मच जाती है। गलतफहमियों का ऐसा जाल बुनता है कि अपर्णा को प्रजापति और नीलोफर के बीच अफेयर का शक होने लगता है, वहीं चंचल के प्रेमी को लगता है कि प्रजापति और चंचल के बीच कुछ चल रहा है। इन रिश्तों के उलझे धागों के बीच कॉमेडी और कन्फ्यूजन का तड़का फिल्म को आगे बढ़ाता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? अभिनय की बात करें, तो आयुष्मान खुराना ने प्रजापति पांडे के किरदार को बेहद सहज तरीके से निभाया है और उनका प्रदर्शन कहानी को मजबूती देता है। वामिका गब्बी अपने किरदार में ठीक लगती हैं, जबकि सारा अली खान का काम औसत कहा जा सकता है। हालांकि, रकुल प्रीत सिंह सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं; उन्होंने अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से फिल्म में जान डालने का काम किया है। वहीं आयशा रजा, तिग्मांशु धूलिया और विजय राज ने अपनी शानदार कॉमिक मौजूदगी और स्थानीय बोली पर अपनी पकड़ से कई दृश्यों को बेहद मजेदार बना दिया है। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? निर्देशक मुदस्सर अजीज ने एक सामान्य सी कहानी को ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म में कई जगह अनीस बज्मी और प्रियदर्शन की फिल्मों जैसी हलचल और भ्रम वाली कॉमेडी की झलक मिलती है। कहानी में बहुत कुछ नया या खास नहीं है, लेकिन कुछ अच्छे मोड़, कलाकारों का सधा हुआ अभिनय और रिश्तों का उलझा खेल दर्शकों को बांधे रखता है। हालांकि, कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कई कॉमेडी पंच उतना असर नहीं छोड़ पाते, जितनी उनसे उम्मीद की गई थी। फिल्म का म्यूजिक कैसा है? संगीत की बात करें, तो फिल्म में पंजाबी रंग थोड़ा ज्यादा महसूस होता है, जो उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि वाली कहानी में थोड़ा खटकता है। हालांकि, फिल्म ‘तेरे नाम’ का गाना ‘क्यों किसी को वफा के बदले’ और फिल्म ‘तेजाब’ के ‘कह दो कि तुम’ जैसे गानों का इस्तेमाल कहानी की परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर तरीके से किया गया है। लेकिन कई जगह गानों की अधिक लंबाई फिल्म की रफ्तार को धीमा कर देती है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? कुल मिलाकर ‘पति पत्नी और वो 2’ ऐसी फिल्म है, जो दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं डालती, लेकिन रिश्तों की गलतफहमी और हल्के-फुल्के हास्य के सहारे मनोरंजन करने में काफी हद तक सफल रहती है। अगर आपको उलझनों वाली पारिवारिक कॉमेडी फिल्में पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।
पीएम की बचत की अपील,दिल्ली में मंत्री ई-रिक्शा से चले:MP- जज साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचे, CM का काफिला घटा; यूपी में वर्क फ्रॉम होम

पीएम मोदी की बचत की अपील का असर चार राज्यों में दिख रहा है। दिल्ली में मंत्री आशीष सूद ने कार्यक्रम में जाने के लिए पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा की सवारी की। मध्यप्रदेश में जस्टिस डीडी बंसल साइकिल चलाकर हाईकोर्ट पहुंचे। यही नहीं सीएम मोहन यादव ने अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। उधर उत्तर प्रदेश में सांसद-विधायकों को एक दिन बस-मेट्रो से चलने का आदेश दिया गया। वहीं राज्य में जितनी भी बड़े कॉरपोरेट ऑफिस हैं वहां हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र में मंत्री आशीष सेलार ने विदेश यात्रा टालने का ऐलान किया। उन्होंने सोमवार को कहा कि वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। 1. मध्य प्रदेश: VIP काफिलों पर ब्रेक, CM घटाएंगे गाड़ियां मध्यप्रदेश में अब मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में गाड़ियों की संख्या सीमित की जाएगी। साथ ही सरकारी दौरों और भ्रमण के दौरान रैलियों पर भी रोक रहेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव को Z+ सुरक्षा श्रेणी प्राप्त है। इसी वजह से उनके काफिले में अब तक कुल 13 वाहन शामिल रहते थे। नए आदेश के बाद भोपाल में स्थानीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ 8 वाहन शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 2. उत्तर प्रदेश: सांसद-विधायक एक दिन बस-मेट्रो से चलेंगे; 2 दिन वर्क फ्रॉम होम देश में ऊर्जा संकट को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद यूपी में योगी सरकार ने मंगलवार को 7 बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों का काफिला 50% घटेगा। हफ्ते में एक दिन इन्हें पब्लिक ट्रांसपोर्ट या बस-मेट्रो से चलना होगा। सभी सरकारी बैठकें, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप वर्चुअल होंगी। राज्य सचिवालय की भी 50% बैठकें वर्चुअल होंगी। सीएम ने कहा, जिन कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए। सीएम योगी ने लोगों से 10 अपील भी की है। उन्होंने कहा कि हफ्ते में एक दिन नो व्हीकल डे मनाया जाए। पेट्रोल-डीजल और बिजली बचाएं। सजावटी लाइटें कम जलाई जाएं। पूरी खबर पढ़ें… 3. दिल्ली: मंत्री आशीष सूद पहले मेट्रो, फिर ई-रिक्शा से कार्यक्रम में पहुंचे दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली मेट्रो में INA से कड़कड़डूमा कोर्ट तक सफर कियाञ फिर मेट्रो स्टेशन से सूरजमल विहार में स्थित ‘CM श्री स्कूल’ तक जाने के लिए ई-रिक्शा लिया। वहां उन्होंने जोन 1 और 2 के स्कूलों के प्रमुखों के साथ एक सेशन में हिस्सा लिया। 4. महाराष्ट्र: मंत्री फ्रांस नहीं जाएंगे, विभाग के खर्च कम किए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने कहा वे इस साल फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में शामिल नहीं होंगे। शेलार ने कहा- चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखते हुए विभागीय खर्च में संयम बरतने का फैसला लिया गया है। राज्य के सांस्कृतिक मामलों, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री ने कहा कि वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए मीटिंग की जाएंगी। हालांकि, शेलार ने कहा कि सरकारी तंत्र कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा ले रही मराठी फिल्मों के लिए जरूरी तालमेल जारी रखेगा। मराठी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए जहां भी ज़रूरी होगा, वे ऑनलाइन हिस्सा लेंगे। दो दिन, दो जगह, पीएम ने अपील दोहराई 11 मई: वडोदरा में मोदी बोले- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें 10 मई: हैदराबाद में पीएम बोले- विदेश यात्रा को टाल दें








