कपिल शर्मा शो में सुनील पाल का आरोप:बोले- समय रैना के सामने मुझे अभिमन्यु की तरह घेरा गया, मेरे जोक्स काटे

कॉमेडियन सुनील पाल ने द ग्रेट इंडियन कपिल शो में अपनी अपीयरेंस के बाद आरोप लगाया है कि शो के दौरान उन्हें ‘टारगेट’ किया गया और उनके कई अच्छे जोक्स को एडिट कर दिया गया। सुनील पाल हाल ही में वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया के साथ कपिल के शो में नजर आए थे। सुनील बोले- मुझे अभिमन्यु की तरह घेरा गया एक हालिया इंटरव्यू में सुनील पाल ने शो के माहौल पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “वहां जो कुछ हुआ वह एकतरफा था। मुझे वहां अभिमन्यु की तरह घेर लिया गया था। कई लोगों ने गौर किया होगा कि लोग जानबूझकर मेरे जोक्स पर नहीं हंस रहे थे, जबकि समय रैना की छोटी-छोटी बातों पर भी बहुत ज्यादा रिएक्ट किया जा रहा था।” सुनील ने नवजोत सिंह सिद्धू के रिएक्शन पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने समय रैना को ‘अगला कपिल शर्मा’ तक कह दिया था। ’15 मिनट का एक्ट तैयार था, पर मौका नहीं मिला’ सुनील पाल ने बताया कि उन्हें शो के लिए क्या ब्रीफ दिया गया था। उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया था कि यह एक स्टैंड-अप सेगमेंट होगा, इंटरव्यू नहीं। मैंने 15 मिनट का एक स्केच तैयार किया था, जिसे डायरेक्टर ने फाइनल भी किया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद पता चला कि मेरे साथ समय और रणवीर भी हैं। मुझे अपना स्टैंड-अप करने का मौका ही नहीं मिला और जो जोक्स मैंने मारे, उन्हें भी काट दिया गया।” सुनील का मानना है कि अर्चना पूरन सिंह का न हंसना भी इसी ‘प्लानिंग’ का हिस्सा था। गाली-गलौज और वल्गर इशारे एडिट करने का आरोप सुनील ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शो के दौरान समय रैना ने कई अपशब्दों और वल्गर इशारों का इस्तेमाल किया था, जिन्हें नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने से पहले एडिट कर दिया गया। सुनील को लगता है कि यह पूरा सेगमेंट पहले से फिक्स था। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ऑफ-कैमरा समय रैना उनके साथ बहुत सम्मान से पेश आते हैं और उनके पैर भी छूते हैं। समय रैना और सुनील पाल का पुराना विवाद सुनील पाल और समय रैना के बीच विवाद पिछले साल ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो के दौरान शुरू हुआ था। उस समय रणवीर अल्लाहबादिया के एक कमेंट पर मचे बवाल के बीच सुनील पाल ने समय रैना की कड़ी निंदा की थी और उन्हें ‘आतंकवादी’ तक कह दिया था। कपिल के शो में जब ये दोनों साथ आए, तो समय रैना ने भी उस पुरानी बात को लेकर नाराजगी जताई थी कि सुनील ने मुश्किल वक्त में उनका साथ नहीं दिया।
Hanta virus India| how hanta virus spreads| भारत में आ गया हंता वायरस? क्या छूने से फैलता है, गंगाराम के डॉक्टर ने बताया नोरो वायरस से कितना अलग है?

होमताजा खबरदेश भारत में आ गया हंता वायरस? क्या छूने से फैलता है, गंगाराम के डॉक्टर ने कहा? Last Updated:May 11, 2026, 13:15 IST Hanta Virus Threat to India or not: अटलांटिक में क्रूज शिप एमवी होंडियस पर हंता वायरस से 3 मौतें होने और डब्ल्यूएचओ की चेतावनी के बाद ज्यादातर लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इस वायरस का भारत में भी खतरा है? इस पर सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. एन के गांगुली ने हंता वायरस के खतरे और बचाव के तरीकों पर विस्तार से बताया है. हंता वायरस भारत में आ चुका है या नहीं, इसे लेकर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने क्या है, जान लें? Hanta Virus threat to India or not: अटलांटिक महासागर में डच’एमबी हडियस’ (MV Hondius) क्रूज शिप पर फैले हंता वायरस के कहर ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है. इससे हुई 3 मौतों के बाद डब्ल्यूएचओ ने भी इसे लेकर चेतावनी जारी की थी. कोरोना से भी ज्यादा गंभीर और खतरनाक बताए जा रहे इस वायरस को लेकर सबसे बड़ा एक ही सवाल पूछा जा रहा है कि क्या हंता वायरस भारत में भी पहुंच चुका है? इस पर अब सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली के सीनियर डॉक्टर एन के गांगुली ने बेहद जरूरी जानकारियां दी हैं, साथ ही हंता वायरस और नोरो वायरस में बीच अंतर के बारे में भी बताया है. डॉ. गांगुली ने कहा कि भारत में फिलहाल हंता वायरस फैलने जैसी कोई स्थिति नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि हंता वायरस और नोरो वायरस दोनों अलग-अलग हैं. उन्होंने कहा कि नोरो वायरस मुख्य रूप से डायरिया और पेट की बीमारी करता है. हंता वायरस दो तरह की गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है.पहला पल्मोनरी सिंड्रोम, जिसमें संक्रमण के बाद मरीज के फेफड़ों में पानी भर जाता है. और इसका दूसरा सबसे खराब असर रीनल सिंड्रोम के रूप में देखने को मिलता है जिसमें किडनी प्रभावित होती है और हाई बीपी की समस्या हो सकती है. क्या हंता वायरस नया वायरस है? डॉक्टर गांगुली कहते हैं कि हंता वायरस कोई नया वायरस नहीं है. इसका नाम कोरिया की “हंटा” नदी के नाम पर रखा गया है. सबसे पहले हंता वायरस के मामले कोरिया में सामने आए थे, बाद में यह कई देशों में फैल गया. क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है? डॉ. गांगुली का कहना है कि हंता वायरस के अलग-अलग प्रकार होते हैं. आमतौर पर हंता वायरस इंसान से इंसान में बहुत कम फैलता है लेकिन अर्जेंटीना और चिली में मिलने वाला “एंडी स्ट्रेन” इंसान से इंसान में फैल सकता है. साल 2018 में अर्जेंटीना में हंता वायरस का ह्यूमन-टू-ह्यूमन ट्रांसमिशन देखा गया था. बचने के लिए क्या करें डॉक्टर कहते हैं कि हंता वायरस संक्रमित चूहों की लार और उनके संपर्क से फैलता है. किसी भी वायरस से बचने के लिए साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जैसे कोरोना के समय बचाव के तरीके अपनाए गए थे, ठीक वैसे ही तरीके हंता वायरस से बचाव के लिए अपनाए जा सकते हैं, हालांकि फिलहाल भारत में इसका खतरा नहीं है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
सुकून बेच रहा ट्रैवल सेक्टर, वेलनेस बना प्रीमियम बिजनेस मॉडल:वेलनेस टूरिज्म मार्केट सालाना 7% बढ़ रहा; 5 साल में करीब दोगुना हो जाएगा

देश में वेलनेस अब सिर्फ लग्जरी या छुट्टियों का हिस्सा नहीं रह गया। लोग इसे सेहत और मानसिक संतुलन में निवेश की तरह देखने लगे हैं। यही वजह है कि वेलनेस रिट्रीट्स और माइंडफुल ट्रैवल की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि होलिस्टिक वेलनेस अनुभव पारंपरिक स्पा कल्चर की जगह ले रहे हैं। इसमें योग, मेडिटेशन, हेल्दी न्यूट्रिशन और माइंडफुल हॉस्पिटैलिटी जैसी सुविधाएं हैं। यात्री अब दिखावे वाली लग्जरी के बजाय मानसिक सुकून वाले अनुभवों को तरजीह दे रहे हैं। वेलनेस का असर अब केवल बड़े होटलों तक सीमित नहीं है। लोग अब भीड़भाड़ से दूर रेंटल विला और शांत होमस्टे को तरजीह दे रहे हैं। स्लीप रिचुअल्स, डिजिटल डिटॉक्स और स्थानीय शुद्ध भोजन ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक, करीब 60% यात्री ट्रिप में कम से कम एक ऐसी गतिविधि जरूर शामिल करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक सुकून मिले। यात्री डिजिटल डिटॉक्स, क्लीन ईटिंग, स्लीप-फोकस्ड स्टे को तवज्जो दे रहे खर्च – घरेलू पर्यटन पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च कम्युनिकेट इंडिया के मुताबिक, 2024 में भारतीयों ने यात्रा पर 15.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि विदेशी पर्यटकों का खर्च महज 3.1 लाख करोड़ रहा। द लीला पैलेस नई दिल्ली के मुताबिक, अब लोग ऊर्जा बढ़ाने वाली पारंपरिक पद्धतियों को तरजीह दे रहे हैं। इसी कारण से व्यक्तिगत थैरेपी को अब दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा रहा है। ट्रेंड – होटल वेलनेस और डाइट चार्ट जैसे ऑफर दे रहे होटलों में अब कस्टमाइज्ड वेलनेस चार्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें होटल पहुंचने से पहले विशेषज्ञों से परामर्श और चेक-इन के बाद व्यक्तिगत डाइट प्लान जैसे फीचर्स हैं। लोग इस पर होने वाले खर्च को स्वास्थ्य के लिए जरूरी निवेश मानते हैं। यात्री डिजिटल डिटॉक्स (मोबाइल-गैजेट्स से दूरी) और स्लीप-फोकस्ड स्टे को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। स्वीकार्यता – भारत अब दुनिया का टॉप डेस्टिनेशन ग्लोबल वेलनेस इंस्टीट्यूट (जीडब्ल्यूआई) के अनुसार, भारत अब दुनिया के टॉप डेस्टिनेशंस में शामिल हो चुका है। इस साल वैश्विक स्तर पर इस सेक्टर का मूल्य करीब 641 लाख करोड़ रुपए आंका गया है। भारत अपनी आयुर्वेद और योग जैसी पद्धतियों के कारण बड़े पैमाने पर विदेशियों को आकर्षित कर रहा है। आउटलुक – 2030 तक एशिया में सबसे तेज ग्रोथ विशेषज्ञों के मुताबिक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत इस सेक्टर का इंजन बनकर उभरेगा। जीडब्ल्यूआई का अंदाजा है कि साल 2030 तक इस क्षेत्र की कुल बढ़त का एक बड़ा हिस्सा भारत और चीन से आएगा। इसका कारण मध्यम वर्ग की बढ़ती आय है। भारत का वेलनेस टूरिज्म बाजार अभी 2.9 लाख करोड़ का है। 2031 तक 4.1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
सोना ₹801 गिरकर ₹1.50 लाख पर आया:चांदी की कीमत में ₹300 की गिरावट, कैरेट के हिसाब से देखें गोल्ड की कीमत

सोना-चांदी के दाम में आज यानी 11 मई को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 801 रुपए गिरकर 1,50,277 पर आ गया है। वहीं 1 किलो चांदी की कीमत 300 रुपए कम होकर 2,55,300 रुपए पर आ गई है। प्रधानमंत्री मोदी बोले- सालभर तक सोना न खरीदें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सालभर तक घर में कोई भी कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। क्योंकि ऐसा करने से विदेशी मुद्रा बचेगी। दरअसल, हमें सोना डॉलर में दूसरे देशों से मंगवाना पड़ता है, डॉलर महंगा होने से इस पर खर्च बढ़ जाता है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
ऑल इंडिया रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में स्केटर्स ने दिखाई रफ्तार:बालिका वर्ग में आर्ना पांडेय ने जीते 4 गोल्ड; क्रिप्टो स्केट्स वर्ल्ड ओवरऑल चैंपियन

खेलो स्पोर्ट्स फाउंडेशन के तत्वावधान में डीपीएस दौलतपुर में आयोजित दो दिवसीय ‘ऑल इंडिया रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का समापन हो गया। 9 और 10 मई को आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर से आए करीब 250 स्केटर्स ने पहियों पर अपनी रफ्तार और संतुलन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। प्रतियोगिता में अपने शानदार खेल और सबसे ज्यादा मेडल जीतने के दम पर ‘क्रिप्टो स्केट्स वर्ल्ड’ ने ओवरऑल चैंपियनशिप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। बालिकाओं का दिखा दबदबा, आर्ना ने जीते सबसे ज्यादा गोल्ड इस चैंपियनशिप में बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने पदकों की झड़ी लगा दी। आर्ना पांडेय ने सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अकेले 4 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इसके अलावा भाग्यश्री, आराध्या कुणियाल, गौरी शर्मा, एकिशा बुटोला, मान्या नेगी, स्टैनजिन डोलकर और मैत्री नेगी ने भी 2-2 स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। बालक वर्ग में अभिजीत और सात्विक चमके बालक वर्ग के मुकाबलों में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली। अभिजीत शर्मा और सात्विक अग्रवाल ने शानदार संतुलन दिखाते हुए 2-2 स्वर्ण पदक झटके। वहीं, आदित्य चावला, सिद्धांत गैरोला, आशुतोष पांडेय, अभयराज सिंह, विराज सिंह परमार और शारविल प्रताप चौहान ने भी 1-1 स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बालक वर्ग के मेडल विनर अभिजीत शर्मा, सात्विक अग्रवाल, आदित्य चावला, सिद्धांत गैरोला, आशुतोष पांडेय, अभयराज सिंह, विराज सिंह परमार स्वर्ण पदक विजेता बने। अगस्त्य गहलावत, पार्थ सिंह बोहरा, वत्सल चौहान, इक्षित भारती, शिवाय सिंह, इवान भारती, पवार सत्यम, समर्थ शर्मा और सुवीर गुलाटी ने रजत व कांस्य पदक जीता। बालिका वर्ग की मेडल विनर आर्ना पांडेय, भाग्यश्री, आराध्या कुणियाल, गौरी शर्मा, एकिशा बुटोला, मान्या नेगी, स्टैनजिन डोलकर, मैत्री नेगी, अंशिका गौर, प्रिशा नेगी, शारविल प्रताप चौहान ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वार्तिका कुणियाल, परिनिका रावत, पाविका शर्मा, मीनल अरोरा, वंशिका सेमवाल, सुशीला खुराना, मान्या शर्मा, आध्या अग्रवाल, श्रव्या भारती, समाया भंडारी, यशस्वी भंडारी, अन्वी गर्ग, रेबेका नेगी, नविका गोयल और श्रेष्ठा ज्याचंद्रा ने रजत व कांस्य पदक जीते।
‘तमिलनाडु के लिए अनुपयुक्त’: विजय के शपथ समारोह में राज्य गीत तीसरे स्थान पर बजने के बाद विवाद | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 10:52 IST दक्षिणी राज्य के रीति-रिवाजों के अनुसार, तमिलनाडु में आधिकारिक समारोहों की शुरुआत में ‘तमिल थाई वाल्थु’ बजाया जाता है, जो “नीरारुम कदलुदुथा…” पंक्ति से शुरू होता है। **ईडीएस: तीसरे पक्ष की छवि** 10 मई, 2026 को पोस्ट किए गए एक वीडियो के इस स्क्रीनग्रैब में, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर राज्य के निर्वाचित मुख्यमंत्री और तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) के प्रमुख सी जोसेफ विजय को उनके शपथ ग्रहण समारोह के दौरान चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शपथ दिलाते हैं। (@TVKVijayHQ-Offl/YT PTI फोटो के माध्यम से)(PTI05_10_2026_000036B) रविवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के शपथ ग्रहण के बाद राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद पैदा हो गया, जब तमिलनाडु का राज्य गीत तमीज़ थाई वज़्थु, वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद तीसरे स्थान पर बजाया गया – राज्य की परंपरा को तोड़ते हुए और सत्तारूढ़ तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) और सीपीआई की ओर से इसकी आलोचना की गई। दक्षिणी राज्य के रीति-रिवाजों के अनुसार, तमिलनाडु में आधिकारिक समारोहों की शुरुआत में ‘तमिल थाई वाल्थु’ बजाया जाता है, जो “नीरारुम कदलुदुथा…” पंक्तियों से शुरू होता है, जबकि अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है। हालाँकि, चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भव्य कार्यक्रम में, क्रम बदल दिया गया था। कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, सबसे पहले ‘वंदे मातरम’ बजाया गया, उसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बजाया गया, जबकि तीसरे स्थान पर ‘तमिल थाई वाज़थु’ बजाया गया। प्रोटोकॉल में बदलाव की विपक्षी आवाजों के साथ-साथ सीएम विजय की टीवीके के सहयोगियों ने भी आलोचना शुरू कर दी। सीपीआई प्रश्न प्रोटोकॉल में बदलाव तमिलनाडु सीपीआई सचिव एम वीरपांडियन ने एक पत्र जारी कर ‘थमिज़थाई वाज़थु’ को तीसरे स्थान पर धकेले जाने पर आपत्ति जताई और इसे “स्थापित परंपरा का उल्लंघन” बताया। “राजभवन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, तमिलनाडु सरकार द्वारा आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के कार्यक्रम कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ गीत को प्राथमिकता देना और तमिल को तीसरे स्थान पर रखना स्थापित परंपरा का उल्लंघन है। तमिलनाडु सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि इस चूक के लिए कौन जिम्मेदार था,” उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा। चेन्नई | टीएन सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम और राष्ट्रगान के बाद गाए गए थमिझथाई वाज़थु के खिलाफ अपने पत्र पर, तमिलनाडु सीपीआई सचिव एम वीरपांडियन कहते हैं, “राष्ट्रगान का सम्मान किया जाना चाहिए। हमारा देश भारत है। इसका राष्ट्रगान ‘जन गण’ है… pic.twitter.com/jVYJQ1WVdb– एएनआई (@ANI) 10 मई 2026 वीरपांडियन ने नवगठित टीवीके सरकार से इस मामले पर प्रतिक्रिया देने को कहा और मुख्यमंत्री और प्रो-टर्म स्पीकर से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि 17वीं तमिलनाडु विधानसभा के पहले सत्र में सबसे पहले ‘थमिजथाई वाजथु’ गाया जाए और सत्र के समापन पर राष्ट्रगान गाया जाए। उन्होंने कहा, “तमिलगा वेट्री कज़गम को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि थमिज़थाई वाज़थु को प्रधानता दी जाए। इस तरह की त्रुटि को जारी रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। टीएन के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और प्रोटेम स्पीकर को यह सुनिश्चित करना है कि विधायकों के शपथ ग्रहण के लिए बुलाए गए कल के विधानसभा सत्र के साथ-साथ सभी सरकारी समारोहों और समारोहों के दौरान पहले थमिज़थाई वाज़थु को गाया जाए और समापन पर राष्ट्रगान बजाया जाए।” टीवीके मंत्री ने केंद्र के परिपत्र को दोषी ठहराया कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि नई व्यवस्था “तमिलनाडु के लिए अनुपयुक्त” थी और कहा कि विजय के नेतृत्व वाली सरकार तमिल मंगलाचरण गीत को तीसरे स्थान पर लाने से सहमत नहीं थी। अर्जुन ने एक बयान में कहा, “तमिल मंगलाचरण गीत एक शताब्दी से अधिक समय से ऐतिहासिक गौरव रखता है। इसे तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्य गान घोषित किया गया था और इसे हमेशा सरकारी कार्यक्रमों में सबसे पहले बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में, राष्ट्रगान बजाया जाता है। यह सामान्य और उचित अभ्यास है।” ‘நீராரும் கடலுடுத்த…’ எனத் தொடங்கும் தமலுக்கு ऋण समाधान के लिए आवेदन पत्र ठीक है. ‘अच्छी तरह से काम करो…’ के बारे में और जानें होम पेज 10, 2020 मेरे पास एक अच्छा विकल्प है. और पढ़ें 10 मई 2026 उन्होंने कहा कि जिम्मेदार प्राधिकारी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के साथ मामला उठाने पर, उन्हें सूचित किया गया कि राज्यपाल ने केवल केंद्र सरकार के परिपत्र के अनुसार कार्य किया, जिससे यह एक “अपरिहार्य स्थिति” बन गई। अर्जुन ने यह भी तर्क दिया कि राज्य भाषा के मंगलाचरण गीतों को पूरे भारत में प्रमुखता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को “इसके लिए उचित कार्रवाई करनी चाहिए”। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस प्रथा को बंद कर दिया जाएगा और पूर्व प्रथा के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत में तमिल मंगलाचरण गीत और अंत में राष्ट्रगान बजाया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब हमने इस मामले पर राज्यपाल का पक्ष पूछा, तो उन्हें बताया गया कि जिम्मेदार प्राधिकारी के रूप में राज्यपाल को केंद्र सरकार के नए परिपत्र के अनुसार कार्य करना चाहिए। तदनुसार, एक अपरिहार्य स्थिति में, तमिल मंगलाचरण गीत को तीसरे गीत के रूप में बजाया गया।” हालाँकि, भविष्य में इस नई प्रथा का पालन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, पहले की प्रथा के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत में तमिल मंगलाचरण गीत और अंत में राष्ट्रगान बजाया जाएगा! सिर्फ तमिलनाडु में ही नहीं, बल्कि भारत के सभी राज्यों में कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य भाषा का मंगलाचरण गीत अवश्य बजाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इसके लिए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। यह पूरे तमिलनाडु के लोगों की भावना और एकीकृत संकल्प है। यही हमारा दृढ़ रुख भी है. सत्य की ही जीत होगी! तमिल लंबे समय तक जीवित रहें!” उन्होंने जोड़ा। इस बीच, अभिनेता से नेता बने और टीवीके के संस्थापक सी जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे राज्य में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत हुई। उनकी जीत लगभग सात दशकों में पहली बार है कि द्रमुक या अन्नाद्रमुक के अलावा किसी अन्य पार्टी ने दक्षिणी राज्य में सरकार बनाई है। विजय तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री बन गए हैं। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘तमिलनाडु के लिए अनुपयुक्त’: विजय के शपथ समारोह में राज्य
CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने अभिनेता-राजनेता विजय ने रविवार को चेन्नई में हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद स्टेज पर रखी टेबल हटाने में स्टाफ की मदद की। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी यह देखकर हैरान हो गए। विजय के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मंच पर रखी टेबल हटाई जा रही थी। स्टाफ और वर्कर्स टेबल उठाने लगे तो विजय भी आगे आए और उन्होंने खुद टेबल उठाने में मदद की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने विजय के इस जेस्चर की तारीफ की। चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह हुआ थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद एक्टर कमल हासन और प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ आर माधवन ने भी दी बधाई एक्टर आर माधवन ने भी विजय को बधाई दी। माधवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विजय की एक फोटो शेयर की और साथ ही लिखा, ‘भगवान आपका भला करे और मुझे आप पर बहुत गर्व है।’ फोटो में लिखा था, मेरे प्यारे भाई, आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री के तौर पर आपका कार्यकाल हमारे राज्य के लिए सबसे फायदेमंद और असरदार हो। भगवान आपको वह सारी ताकत दे जिसकी आपको वह सब अच्छा करने के लिए जरूरत है जो आपको करना है। आप पर बहुत गर्व है भाई। तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं।
CM विजय ने स्टाफ की टेबल उठाने में की मदद:शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर बगल में खड़े राहुल गांधी भी हैरान हुए

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने अभिनेता-राजनेता विजय ने रविवार को चेन्नई में हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद स्टेज पर रखी टेबल हटाने में स्टाफ की मदद की। कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी यह देखकर हैरान हो गए। विजय के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शपथ ग्रहण समारोह के बाद राज्यपाल और अन्य नेताओं के साथ ग्रुप फोटो की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान मंच पर रखी टेबल हटाई जा रही थी। स्टाफ और वर्कर्स टेबल उठाने लगे तो विजय भी आगे आए और उन्होंने खुद टेबल उठाने में मदद की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने विजय के इस जेस्चर की तारीफ की। चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह हुआ थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद एक्टर कमल हासन और प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ आर माधवन ने भी दी बधाई एक्टर आर माधवन ने भी विजय को बधाई दी। माधवन ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विजय की एक फोटो शेयर की और साथ ही लिखा, ‘भगवान आपका भला करे और मुझे आप पर बहुत गर्व है।’ फोटो में लिखा था, मेरे प्यारे भाई, आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री के तौर पर आपका कार्यकाल हमारे राज्य के लिए सबसे फायदेमंद और असरदार हो। भगवान आपको वह सारी ताकत दे जिसकी आपको वह सब अच्छा करने के लिए जरूरत है जो आपको करना है। आप पर बहुत गर्व है भाई। तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं।
जौ या चना… मई-जून में कौन सा सत्तू शरीर को देता ज्यादा ताकत और ठंडक? एक्सपर्ट से समझें

Last Updated:May 11, 2026, 09:48 IST Jau vs chana sattu : गर्मी बढ़ते ही लोग शरीर को ठंडा रखने वाले देसी ड्रिंक्स की तलाश में जुट जाते हैं. ऐसे में सत्तू का शरबत फिर से लोगों की पहली पसंद बन रहा है. लेकिन अब सवाल यह उठने लगा है कि जौ का सत्तू ज्यादा फायदेमंद है या चने का? दोनों ही देसी सुपरफूड माने जाते हैं और गांव से लेकर शहर तक खूब पिए जाते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों सत्तू के फायदे अलग-अलग हैं और जरूरत के हिसाब से इनका चुनाव करना चाहिए. प्रयागराज के हेल्थ एक्सपर्ट डॉ सुबोध ने कंफ्यूजन दूर कर दिया है. आयुर्वेद के सतुआ में फायदे – आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, गर्मी के दिनों में लू से बचने के लिए घर से निकलने से पहले सत्तू या सत्तू का शरबत पी लें तो लू लगने का खतरा बहुत कम हो जाता है. सत्तू प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने में मदद करता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स सुबोध बताते हैं कि चने का सत्तू प्रोटीन और फाइबर से भरपूर माना जाता है. यही वजह है कि इसे पीने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और शरीर को एनर्जी मिलती है. गर्मियों में मजदूर, किसान और जिम जाने वाले लोग इसे खूब पसंद करते हैं. कई लोग इसे “देसी प्रोटीन ड्रिंक” भी कहते हैं. वहीं जौ का सत्तू शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए ज्यादा जाना जाता है. इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक जिन्हें गर्मी ज्यादा लगती है या पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए जौ का सत्तू बेहतर विकल्प माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग सुबह खाली पेट नमक, नींबू और भुना जीरा डालकर सत्तू का घोल पीते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी कम महसूस होती है और लंबे समय तक ताजगी बनी रहती है. कई जगहों पर जौ और चने का सत्तू मिलाकर भी पिया जाता है, ताकि दोनों का फायदा एक साथ मिल सके. फूड एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर वजन घटाना चाहते हैं, तो जौ का सत्तू ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह हल्का होता है. वहीं शरीर को ताकत और प्रोटीन चाहिए, तो चने का सत्तू बेहतर विकल्प हो सकता है. हालांकि दोनों को सही मात्रा में ही पीना चाहिए. जरूरत से ज्यादा सत्तू पीने पर कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने जैसी दिक्कत भी हो सकती है. आजकल बाजार में फ्लेवर्ड और पैकेट वाले सत्तू भी आने लगे हैं, लेकिन गांवों में लोग अब भी देसी तरीके से तैयार सत्तू को ज्यादा पसंद करते हैं. कम खर्च में शरीर को ठंडक, ताकत और भरपूर एनर्जी देने की वजह से सत्तू आज भी गर्मियों का सबसे भरोसेमंद देसी ड्रिंक माना जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
हिमाचल में सड़क हादसा, 6 लोगों की मौत:इनमें 5 गुजरात के, 4 घायल; मनाली से डलहौजी घूमने जा रहे थे, बारिश हो रही थी

हिमाचल प्रदेश के चंबा-नूरपुर नेशनल हाईवे पर आज (सोमवार को) सुबह सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। इनमें 5 लोग गुजरात के रहने वाले हैं, जबकि एक हिमाचल का ड्राइवर था। वहीं, चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त इनोवा क्रिस्टा गाड़ी में गुजरात के टूरिस्ट सवार थे। ये लोग मनाली से चंबा के डलहौजी घूमने जा रहे थे। हादसे के वक्त क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी। गाड़ी में ड्राइवर समेत कुल 10 लोग सवार थे। चंबा के SP विजय कुमार सकलानी ने बताया कि हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 लोगों को हेड-इंजिरी है। पुलिस ने सभी शवों को खाई से निकाल कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। जहां हादसा हुआ है, वहां मिट्टी चिकनी है। बारिश से मिट्टी स्लिपरी हो जाती है। इसलिए, संभावना है कि भारी बारिश के दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर गिरी हो। इन लोगों की जान गई पुलिस के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले 5 लोग गुजरात के हैं। इनमें भावनगर की सिंधी कॉलोनी के रहने वाले ललितभाई पतनानी और उनकी पत्नी ममताबेन ललितभाई पतनानी शामिल हैं। वहीं, अन्य मृतकों में प्रियंक कन्हैयालाल भोपानी, उनकी पत्नी काजल और बेटा दियांश भी शामिल है। वहीं, छठे मृतक का नाम जसवंत कुमार (51) है। वह मंडी जिले में तहसील जोगिंदरनगर के गांव कोहरा के रहने वाले थे। टूरिस्टों के साथ वह गाड़ी के ड्राइवर के रूप में यात्रा कर रहे थे। घायल सभी गुजरात के घायलों में ललितभाई पतनानी के बेटे मयंक ललितभाई पतनानी (31), उनकी पत्नी फोरमबेन मयंक पतनानी (31), इनका 3 साल का बेटा जियांश और प्रियंक कन्हैयालाल भोपानी की बेटी प्रियान्शी भोपानी (3) शामिल हैं। ये सभी गुजरात के रहने वाले हैं और इनका इलाज चल रहा है। चुवाड़ी अस्पताल में पोस्टमार्टम पुलिस ने मृतकों के शवों खाई से निकालकर चंबा के चुवाड़ी अस्पताल भेज दिया है। यहां पर सभी का पोस्टमॉर्मट करवाया जाएगा। पुलिस ने मृतकों व घायलों के परिजनों को भी सूचित कर दिया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा और शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।








