शहद में भीगा आंवला: लंबी उम्र और फौलादी इम्यूनिटी पाने का रामबाण नुस्खा, जानें 5 बेमिसाल फायदे और बनाने का तरीका

भारतीय रसोई और आयुर्वेद में आंवले को ‘धरा का अमृत’ माना गया है. विटामिन C के इस पावरहाउस को जब शहद के बेहतरीन गुणों के साथ मिलाया जाता है, तो यह एक ऐसा मैजिकल मिश्रण(Honey soaked amla) बन जाता है जो शरीर को बीमारियों से लड़ने की जबरदस्त ताकत देता है. अक्सर हम महंगे सप्लीमेंट्स के पीछे भागते हैं, लेकिन लंबी उम्र और जवां सेहत का राज आपके घर के एक छोटे से कांच के जार में छिपा हो सकता है. शारदाकेयर हेल्थ सिटी (नोएडा) के जनरल मेडिसिन कंसल्टेंट और फिजिशियन डॉ. भूमेश त्यागी के अनुसार, शहद में भीगा आंवला(Ayurvedic benefits of Indian Gooseberry) न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि यह वेलनेस का पावरहाउस भी है. तो आइए जानते हैं कैसे! क्यों खास है यह मिश्रण?आंवला विटामिन C का सबसे बड़ा स्रोत है, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है. जब इसे शहद के साथ मिलाया जाता है, तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं. शहद एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है जो आंवले के पोषक तत्वों को शरीर में सोखने (Absorption) में मदद करता है. आंवला शहद खाने के 5 बेमिसाल फायदे:इम्यूनिटी का सुरक्षा कवच: बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल बुखार से बचना चुनौतीपूर्ण होता है. शहद और आंवले का मिश्रण व्हाइट ब्लड सेल्स को सक्रिय करता है, जिससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता फौलादी बन जाती है. पाचन तंत्र के लिए वरदान: अगर आप गैस, कब्ज या एसिडिटी से परेशान हैं, तो यह नुस्खा आपके लिए ही है. शहद एक नेचुरल प्रीबायोटिक है जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जबकि आंवला लिवर को डिटॉक्स कर पाचन सुधारता है. चेहरे पर आएगा कुदरती निखार:महंगे कॉस्मेटिक्स की जगह इस ‘गोल्डन मिश्रण’ को आजमाएं. यह खून को साफ करता है और कोलाजन के उत्पादन को बढ़ाता है. नतीजा? बिना दाग-धब्बे वाली चमकती त्वचा और मजबूत, काले बाल. आंखों की रोशनी और मानसिक स्वास्थ्य: विटामिन A और C की मौजूदगी के कारण यह आंखों की रोशनी बढ़ाता है. साथ ही, यह तनाव को कम करने और याददाश्त को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है. ब्लड शुगर और मेटाबॉलिज्म:यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है. हालांकि, मधुमेह के मरीजों को शहद के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. कैसे तैयार करें(How to make honey soaked amla at home)-इसे बनाना बहुत आसान है. ताजे आंवलों को धोकर सुखा लें और उनमें कांटे (fork) से छोटे छेद कर दें. अब एक कांच के जार में आंवले डालें और ऊपर से शुद्ध शहद डाल दें. जार को एक हफ्ते के लिए किसी ठंडी जगह पर रखें. धीरे-धीरे आंवले शहद को सोख लेंगे और नरम हो जाएंगे. अब आप रोज सुबह खाली पेट एक शहद में भीगा आंवला खाएं. यह आपको दिनभर ऊर्जावान रखेगा और बीमारियों को कोसों दूर भी.
काशी में जम्मू-तवी एक्सप्रेस में यात्री की हत्या:बाथरूम से निकलते ही सिर में गोली मारी; ट्रेन में हत्या की दो दिन में दूसरी वारदात

वाराणसी में जम्मू-तवी एक्सप्रेस ट्रेन के एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रविवार रात 2 बजे बाथरूम से निकलते ही बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी। इसी बीच ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई और हमलावर ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। घटना मुगलसराय रेलवे स्टेशन से करीब 3 किमी पहले ब्लॉक हट-बी के पास हुई। मृतक दिनेश शाह (42) बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। वह परिवार के साथ सीतापुर के नैमिषारण्य जा रहे थे। ट्रेन में दो दिन में हत्या की यह दूसरी वारदात है। इससे पहले रविवार को पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर के रहने वाले एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जानिए पूरा मामला यात्री के पास 15 हजार रुपए मिले, पत्नी के जेवर सुरक्षित पुलिस ने बताया कि दिनेश शाह के पास करीब 15 हजार रुपये नकद मिले हैं। उनकी पत्नी के जेवर सुरक्षित हैं। घटना के बाद रेलवे पुलिस की एक टीम ट्रेन के साथ आगे गई है, ताकि यात्रियों से पूछताछ कर हमलावरों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। वहीं दूसरी टीम दिनेश शाह के गांव भेजी गई है, जहां परिजनों से पूछताछ की जाएगी। रविवार को पैसेंजर ट्रेन में हुई थी हत्या सकलडीहा के सीओ कृष्णमुरारी शर्मा ने बताया कि गाजीपुर के रहने वाले मंगरू 26 अप्रैल को कर्नाटक गए थे। वहां से 8 मई को वह ट्रेन से घर जमानियां के लिए निकले थे। वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से दिलदारनगर होते हुए ताड़ीघाट जा रही पैसेंजर ट्रेन में सवार थे। रविवार सुबह बदमाशों ने उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या के बाद आरोपी बैग लेकर सकलडीहा रेलवे स्टेशन से पहले ट्रेन से उतरकर फरार हो गए। ……………… ये खबर भी पढ़िए- थार ने मां-5 साल की बेटी को कुचला, मौत:काशी में 200 मीटर घसीटा, गुस्साए लोगों ने पथराव किया; रिंग सेरमनी से लौट रही थीं वाराणसी में रविवार रात साढ़े 11 बजे थार सवारों ने बाइक सवार मां- मासूम बेटी और देवर को कुचल दिया। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि देवर गंभीर घायल हो गया। महिला मौसी की बेटी की रिंग सेरेमनी से लौट रही थी। हादसा शहर के मंडुवाडीह क्षेत्र में प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर हुआ। टक्कर के बाद मां, बेटी और देवर बाइक समेत थार के बोनट में फंस गए। तीनों चीखते रहे, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी, बल्कि रफ्तार बढ़ा दी। 200 मीटर तक तीनों को घसीट ले गया। इसी दौरान बाइक फंसने के कारण थार के पहिए जाम हो गए। इसके बाद आरोपी थार छोड़कर फरार हो गए। पढ़ें पूरी खबर
न पानी दें, न कपड़ों में लपेटें…तपती गर्मी में न्यूबॉर्न बेबी का ऐसे रखें ध्यान, ब्रेस्ट फीडिंग सबसे जरूरी

पलामू. पलामू जिले में गर्मी हर साल लोगों की परेशानी बढ़ा देती है. राज्य के सबसे गर्म जिलों में शामिल पलामू में तापमान ज्यादा रहता है. ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा खतरा नवजात शिशुओं को होता है, क्योंकि उनका शरीर तेजी से बढ़ते तापमान को नहीं झेल पाता. डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के दिनों में नवजात की देखभाल में जरा सी लापरवाही भी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है. इसलिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है. कपड़ों की लेयरिंग न करेंशिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वीकृति ने लोकल18 को बताया कि पलामू में गर्मी के दौरान अक्सर ऐसे मामले आते हैं, जिनमें नवजात को तेज बुखार हो जाता है. ऐसे में नवजात शिशु को हमेशा आरामदायक कमरे के तापमान में रखना चाहिए. अक्सर लोग गर्मी में भी बच्चों को कंबल में लपेट देते हैं या कई लेयर वाले कपड़े पहना देते हैं, लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है. गर्मी में बच्चों को केवल हल्के और मुलायम कॉटन के कपड़े पहनाने चाहिए. कोशिश करें कि बच्चे का शरीर ढका रहे, लेकिन कपड़े ज्यादा भारी न हों. जिस कमरे में बच्चा हो, वहां पंखा, कूलर या अच्छी हवा की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कई बार गर्मी में भी नवजात शिशुओं का शरीर अचानक ठंडा पड़ने लगता है. ऐसे में समय-समय पर बच्चे के पैर और हाथ चेक करते रहना चाहिए. पैर गर्म या सामान्य और हल्के गुलाबी यानी पिंक दिखने चाहिए. अगर शरीर ज्यादा ठंडा या सुस्त लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. पैर के तलवे सफेद नहीं दिखने चाहिए. हर दो घंटे पर कराएं ब्रेस्ट फीडिंगनवजात के लिए मां का दूध सबसे ज्यादा जरूरी और फायदेमंद माना जाता है. आजकल कई माताएं जन्म के तुरंत बाद बच्चों को डिब्बे वाला दूध देने लगती हैं, लेकिन डॉक्टर इसके खिलाफ हैं. मां का पहला दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उसे कई तरह के संक्रमण से बचाता है. शुरुआती छह महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए. गर्मी के मौसम में हर दो घंटे पर ब्रेस्ट फीडिंग कराने से बच्चे के शरीर में पानी और पोषण दोनों की कमी नहीं होती. इसके बाद फीडिंग ऑन डिमांड होनी चाहिए. कई बार महिलाओं को खासकर गांव की महिलाओं को लगता है कि गर्मी बहुत है तो बच्चे को पानी देना चाहिए लेकिन इसकी जरूरत नहीं होती. मां का दूध, पानी, पोषण, सब पहुंचाता है. कितनी भी गर्मी हो बच्चे को 6 महीने तक केवल मां का दूध ही देना चाहिए. 6 महीने बाद दें लिक्विड डाइटउन्होंने बताया कि टॉप फीडिंग यानी बाहर का दूध देने से बच्चों में इन्फेक्शन, पेट की समस्या और बुखार जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं. वहीं, छह महीने के बाद धीरे-धीरे लिक्विड और हल्का घरेलू आहार शुरू किया जा सकता है. वहीं बड़े बच्चों को पर्याप्त पानी, दही, छाछ और लिक्विड बेस्ड खाना देना चाहिए. ज्यादा मसालेदार, ऑयली और बाहर का खाना देने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में बच्चों को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है. पलामू में हर साल हीट स्ट्रोक और तेज बुखार से पीड़ित बच्चों के मामले सामने आते हैं. ऐसे में सावधानी और सही देखभाल ही नवजात और थोड़े बड़े बच्चों को सुरक्षित रख सकती है.
हिमाचल में तूफान का कहर:कुल्लू में 5 घरों और 8 गौशालाओं की छत्ते उखड़ी, रामपुर में टिप्पर पर पेड़ गिरा; 4 जिलों में अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में दो दिन की राहत के बाद फिर से मौसम बदला है। बीती रात (10 मई) को कई भागों में तेज बारिश के साथ कई क्षेत्रों में तूफान ने कहर बरपाया है। कुल्लू के बंजार क्षेत्र में 5 रिहायशी घरों के साथ 7 से अधिक गौशालाओं की छत्ते उड़ गई। कांगड़ा और शिमला में भी कई जगह तूफान से पेड़ व बिजली के खंबे गिर गए। मौसम विभाग के अनुसार- बीती रात में गुलेड़ में 41.2 मिलीमीटर, पंडोह में 41 मिमी और कांगड़ा में 32.4 मिमी बारिश हुई। कांगड़ा में तूफान से कई जगह पेड़ गिरने के कारण 5 घंटे तक बिजली गुल रही। शिमला, मंडी, हमीरपुर, सोलन और कुल्लू जिले में भी रात में बारिश हुई है। शिमला के रामपुर की गानवी खड्ड का तेज बारिश के बाद अचानक वाटर लेवल बढ़ा गया। इससे बौलेरो कैंपर गाड़ी इसमें फंस गई और सड़क टूट गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने रेस्क्यू चलाया और गाड़ी व ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला। रामपुर के पाटबंगला में NH पर खड़े टिप्पर पर बड़ा पेड़ गिर गया। इससे गाड़ी को नुकसान पहुंचा है। राज्य में कई जगह तूफान से पेड़ गिरने की घटनाएं पेश आई। अगले पांच दिन बरसेंगे बादल मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में पांच दिन तक मौसम खराब रहेगा। इस दौरान तेज बारिश, ओलावृष्टि के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने आज के लिए चार जिलों- चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में यलो अलर्ट जारी कर रखा है। राज्य के अधिकांश भागों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। कल भारी ओलावष्टि-तूफान का ऑरेंज अलर्ट आज रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस ज्यादा स्ट्रॉन्ग होगा। इसे देखते हुए कल के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी है। 13 मई को 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट परसों यानी 13 मई को कुल्लू, शिमला और मंडी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा और चंबा में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। 14 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 16 मई तक जारी रहेगी बारिश 16 मई को भी अधिक ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। इससे अगले पांच दिनों के दौरान तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। अभी भी अधिकांश शहरों का तापमान सामान्य से कम चल रहा है। चंबा का पारा सामान्य से 6.7 डिग्री नीचे गिरा चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 29.6 डिग्री तक गिर गया है। नाहन का पारा भी 5.1 डिग्री की गिरावट के साथ 28 डिग्री, शिमला का 2.7 डिग्री की गिरावट के साथ 21.5 डिग्री और सोलन का सामान्य से 2.8 डिग्री की गिरावट के साथ 28 डिग्री सेल्सियस रह गया है।
फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगी। इस बार शो की थीम ‘डर का नया दौर’ रखी गई है, जिसमें पुराने कंटेस्टेंट्स और नए चेहरों का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फरहाना ने अपने डर, संघर्ष और लोगों के तानों पर बात की। फरहाना ने यह भी कहा कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली मुकाबला दूसरे कंटेस्टेंट्स से नहीं, बल्कि अपने डर से होता है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का हिस्सा बनने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब: बहुत अलग फीलिंग है। एक्साइटमेंट भी है और डर भी। यह लाइफटाइम एक्सपीरियंस है, क्योंकि असल जिंदगी में आप ऐसे स्टंट नहीं कर सकते। रोहित शेट्टी जैसे लीजेंड के साथ और पूरी सेफ्टी के बीच यह सब करना बहुत बड़ी बात है। मैं इस शो के जरिए अपनी पर्सनैलिटी का एक नया हिस्सा एक्सप्लोर करना चाहती हूं। सवाल: क्या बिग बॉस के दौरान ही आपने इस शो के लिए खुद को मानसिक तौर पर तैयार करना शुरू कर दिया था? जवाब: सच कहूं तो हां, लेकिन बिग बॉस से बाहर आने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। काफी समय तक मैंने शो के बारे में सोचा ही नहीं, लेकिन जब इस सीजन के बारे में पता चला कि पुराने कंटेस्टेंट्स भी लौट रहे हैं और नए लोग भी होंगे, तब मुझे लगा कि यह बहुत दिलचस्प सीजन होने वाला है। इसलिए मैंने हां कह दिया। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या रहा है? जवाब: मैं आज भी बहुत सारी चीजों से डरती हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब शायद मुझे उन डरों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जिंदगी इतनी तेज भागती है कि इंसान अपने डर के सामने रुककर खड़ा ही नहीं हो पाता, लेकिन अब शायद वो मौका मिलेगा कि डर को इतना करीब से देखूं कि डर खत्म हो जाए। सवाल: क्या आपको हाइट, पानी और कीड़े-मकोड़ों वाले डर लगते हैं? जवाब: हर इंसान का अपना एक फियर पॉइंट होता है। मैंने जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे डर नहीं लगता। मुझे पानी से डर लगता है, ऊंचाई से डर लगता है। कीड़े-मकोड़ों और रेप्टाइल्स के बीच मैं कभी रही नहीं हूं, इसलिए पता नहीं वहां क्या हालत होगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरी जर्नी बहुत मजेदार होगी। सवाल: बिग बॉस में आपने मेंटल गेम, प्लानिंग और स्ट्रैटजी देखी। क्या उससे यहां मदद मिलेगी? जवाब: मुझे लगता है कि फिजिकल प्रिपरेशन से ज्यादा मुश्किल मेंटल प्रिपरेशन होती है क्योंकि आपको नहीं पता वहां क्या होने वाला है। आपको सिर्फ इतना पता है कि पानी होगा, हाइट होगी, इलेक्ट्रिक शॉक होंगे या कीड़े होंगे। लेकिन किस तरह से होगा, कितना डरावना होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए यह बहुत मिक्स फीलिंग है। सवाल: इस सीजन में कई मजबूत फीमेल कंटेस्टेंट्स हैं। किसके साथ बॉन्डिंग और किसके साथ मुकाबला देखने का मन है? जवाब: जब तक मैं सबके साथ वक्त नहीं बिताऊंगी, तब तक कुछ नहीं कह सकती। मैं जिंदगी में कभी फेक नहीं हो सकती। अगर किसी के साथ दोस्ती होगी तो दिल से होगी, लेकिन अगर गेम के हिसाब से टीम बनानी पड़े या किसी के खिलाफ जाना पड़े, तो वो सिचुएशन पर निर्भर करेगा। सवाल: बिग बॉस के आपके साथी गौरव भी शो में होंगे, उनके साथ बॉन्ड कैसा है? जवाब: बिग बॉस में हमारा बहुत अच्छा बॉन्ड था। फिर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम एक-दूसरे की पर्सनैलिटी को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस शो में दूसरा कंटेस्टेंट आपका असली कॉम्पिटिशन नहीं होता। आपका सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन आपका खुद का डर होता है। सवाल: कश्मीर जैसी जगह से आकर इंडस्ट्री में पहचान बनाना कितना बड़ा चैलेंज था? जवाब: लोग कहते थे कि तुम बहुत इमोशनल हो, कोई भी तुम्हारा फायदा उठा लेगा। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां कोई मेल बैकअप नहीं था। मेरी मां भी कई बार हार मानने लगी थीं, क्योंकि मैं बहुत स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि एक दिन कुछ अच्छा जरूर होगा। सवाल: आपके अंदर इतना कॉन्फिडेंस और स्ट्रॉन्ग ओपिनियन कहां से आया? जवाब: शायद मेरे अंदर बहुत स्ट्रॉन्ग माइंड है। अगर कोई मुझसे कहता था कि ‘तुम नहीं कर पाओगी’, तो मेरा ईगो मुझे और ज्यादा मोटिवेट करता था। मैं सोचती थी कि तुम कौन होते हो यह तय करने वाले कि मैं क्या कर सकती हूं और क्या नहीं। सवाल: क्या स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली लड़कियों को ज्यादा जज किया जाता है? जवाब: बिल्कुल। जब लोगों को लगता है कि वो आपको कंट्रोल या मैनिपुलेट नहीं कर सकते, तब आप उनके दुश्मन बन जाते हैं। हर इंसान चाहता है कि सामने वाला उसकी बात माने, लेकिन हर किसी की अपनी सोच और अपनी जिंदगी होती है। अब मैं उस फेज में पहुंच चुकी हूं जहां इन बातों से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: आज की फरहाना अपने पुराने स्ट्रगल वाले दौर की फरहाना से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हार न मानने के लिए खुद का शुक्रिया। दुनिया ने तुम्हें नीचे गिराने, हिम्मत तोड़ने और खुद पर शक कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन अच्छा हुआ कि तुमने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया। सवाल: सलमान खान के बाद अब रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितनी एक्साइटमेंट है? जवाब: मैं रोहित सर को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। बिग बॉस में भी उन्होंने मुझे बहुत पॉजिटिव तरीके से गाइड किया था। मैंने पिछले सीजन्स में देखा है कि जब कोई कंटेस्टेंट हार मानने लगता है तो वह खुद आकर मोटिवेट करते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं किसी स्टंट में डर गई, तो रोहित सर मुझे उस डर से बाहर निकालेंगे। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: अगर मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने फैंस की वजह से हूं। उन्होंने ही मुझे दोबारा टीवी पर देखने की इच्छा जताई। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं अपना 100% दूंगी और कोशिश
फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगी। इस बार शो की थीम ‘डर का नया दौर’ रखी गई है, जिसमें पुराने कंटेस्टेंट्स और नए चेहरों का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फरहाना ने अपने डर, संघर्ष और लोगों के तानों पर बात की। फरहाना ने यह भी कहा कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली मुकाबला दूसरे कंटेस्टेंट्स से नहीं, बल्कि अपने डर से होता है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का हिस्सा बनने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब: बहुत अलग फीलिंग है। एक्साइटमेंट भी है और डर भी। यह लाइफटाइम एक्सपीरियंस है, क्योंकि असल जिंदगी में आप ऐसे स्टंट नहीं कर सकते। रोहित शेट्टी जैसे लीजेंड के साथ और पूरी सेफ्टी के बीच यह सब करना बहुत बड़ी बात है। मैं इस शो के जरिए अपनी पर्सनैलिटी का एक नया हिस्सा एक्सप्लोर करना चाहती हूं। सवाल: क्या बिग बॉस के दौरान ही आपने इस शो के लिए खुद को मानसिक तौर पर तैयार करना शुरू कर दिया था? जवाब: सच कहूं तो हां, लेकिन बिग बॉस से बाहर आने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। काफी समय तक मैंने शो के बारे में सोचा ही नहीं, लेकिन जब इस सीजन के बारे में पता चला कि पुराने कंटेस्टेंट्स भी लौट रहे हैं और नए लोग भी होंगे, तब मुझे लगा कि यह बहुत दिलचस्प सीजन होने वाला है। इसलिए मैंने हां कह दिया। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या रहा है? जवाब: मैं आज भी बहुत सारी चीजों से डरती हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब शायद मुझे उन डरों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जिंदगी इतनी तेज भागती है कि इंसान अपने डर के सामने रुककर खड़ा ही नहीं हो पाता, लेकिन अब शायद वो मौका मिलेगा कि डर को इतना करीब से देखूं कि डर खत्म हो जाए। सवाल: क्या आपको हाइट, पानी और कीड़े-मकोड़ों वाले डर लगते हैं? जवाब: हर इंसान का अपना एक फियर पॉइंट होता है। मैंने जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे डर नहीं लगता। मुझे पानी से डर लगता है, ऊंचाई से डर लगता है। कीड़े-मकोड़ों और रेप्टाइल्स के बीच मैं कभी रही नहीं हूं, इसलिए पता नहीं वहां क्या हालत होगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरी जर्नी बहुत मजेदार होगी। सवाल: बिग बॉस में आपने मेंटल गेम, प्लानिंग और स्ट्रैटजी देखी। क्या उससे यहां मदद मिलेगी? जवाब: मुझे लगता है कि फिजिकल प्रिपरेशन से ज्यादा मुश्किल मेंटल प्रिपरेशन होती है क्योंकि आपको नहीं पता वहां क्या होने वाला है। आपको सिर्फ इतना पता है कि पानी होगा, हाइट होगी, इलेक्ट्रिक शॉक होंगे या कीड़े होंगे। लेकिन किस तरह से होगा, कितना डरावना होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए यह बहुत मिक्स फीलिंग है। सवाल: इस सीजन में कई मजबूत फीमेल कंटेस्टेंट्स हैं। किसके साथ बॉन्डिंग और किसके साथ मुकाबला देखने का मन है? जवाब: जब तक मैं सबके साथ वक्त नहीं बिताऊंगी, तब तक कुछ नहीं कह सकती। मैं जिंदगी में कभी फेक नहीं हो सकती। अगर किसी के साथ दोस्ती होगी तो दिल से होगी, लेकिन अगर गेम के हिसाब से टीम बनानी पड़े या किसी के खिलाफ जाना पड़े, तो वो सिचुएशन पर निर्भर करेगा। सवाल: बिग बॉस के आपके साथी गौरव भी शो में होंगे, उनके साथ बॉन्ड कैसा है? जवाब: बिग बॉस में हमारा बहुत अच्छा बॉन्ड था। फिर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम एक-दूसरे की पर्सनैलिटी को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस शो में दूसरा कंटेस्टेंट आपका असली कॉम्पिटिशन नहीं होता। आपका सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन आपका खुद का डर होता है। सवाल: कश्मीर जैसी जगह से आकर इंडस्ट्री में पहचान बनाना कितना बड़ा चैलेंज था? जवाब: लोग कहते थे कि तुम बहुत इमोशनल हो, कोई भी तुम्हारा फायदा उठा लेगा। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां कोई मेल बैकअप नहीं था। मेरी मां भी कई बार हार मानने लगी थीं, क्योंकि मैं बहुत स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि एक दिन कुछ अच्छा जरूर होगा। सवाल: आपके अंदर इतना कॉन्फिडेंस और स्ट्रॉन्ग ओपिनियन कहां से आया? जवाब: शायद मेरे अंदर बहुत स्ट्रॉन्ग माइंड है। अगर कोई मुझसे कहता था कि ‘तुम नहीं कर पाओगी’, तो मेरा ईगो मुझे और ज्यादा मोटिवेट करता था। मैं सोचती थी कि तुम कौन होते हो यह तय करने वाले कि मैं क्या कर सकती हूं और क्या नहीं। सवाल: क्या स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली लड़कियों को ज्यादा जज किया जाता है? जवाब: बिल्कुल। जब लोगों को लगता है कि वो आपको कंट्रोल या मैनिपुलेट नहीं कर सकते, तब आप उनके दुश्मन बन जाते हैं। हर इंसान चाहता है कि सामने वाला उसकी बात माने, लेकिन हर किसी की अपनी सोच और अपनी जिंदगी होती है। अब मैं उस फेज में पहुंच चुकी हूं जहां इन बातों से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: आज की फरहाना अपने पुराने स्ट्रगल वाले दौर की फरहाना से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हार न मानने के लिए खुद का शुक्रिया। दुनिया ने तुम्हें नीचे गिराने, हिम्मत तोड़ने और खुद पर शक कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन अच्छा हुआ कि तुमने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया। सवाल: सलमान खान के बाद अब रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितनी एक्साइटमेंट है? जवाब: मैं रोहित सर को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। बिग बॉस में भी उन्होंने मुझे बहुत पॉजिटिव तरीके से गाइड किया था। मैंने पिछले सीजन्स में देखा है कि जब कोई कंटेस्टेंट हार मानने लगता है तो वह खुद आकर मोटिवेट करते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं किसी स्टंट में डर गई, तो रोहित सर मुझे उस डर से बाहर निकालेंगे। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: अगर मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने फैंस की वजह से हूं। उन्होंने ही मुझे दोबारा टीवी पर देखने की इच्छा जताई। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं अपना 100% दूंगी और कोशिश
MP-राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट:बाड़मेर समेत 3 शहरों में पारा 46°C पार; UP में 2 दिन में 5°C बढ़ा तापमान

राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी लौट आई है। रविवार को राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी में तापमान 46°C के पार पहुंच गया है। बाड़मेर सबसे गर्म शहर रहा, यहां 46.7°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आज हीट वेग का अलर्ट है। रतलाम में दिन का तापमान 44°C पर पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 2 से 4°C तक पारा बढ़ेगा। यूपी में पिछले दो दिन में 5°C तक तापमान बढ़ा। राज्य में झांसी सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 40.5°C रिकॉर्ड किया गाय। दो दिन पहले पारा 34.8°C रिकॉर्ड किया गया था। छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में तेज बारिश हुई। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने बढ़ती गर्मी और मानसून से पहले बाढ़ के खतरे को देखते रविवार को अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की। देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए अगले दो दिन मौसम का हाल 12 मई: 13 मई: देशभर से मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें
MP-राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट:बाड़मेर समेत 3 शहरों में पारा 46°C पार; UP में 2 दिन में 5°C बढ़ा तापमान

राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में एक बार फिर गर्मी लौट आई है। रविवार को राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी में तापमान 46°C के पार पहुंच गया है। बाड़मेर सबसे गर्म शहर रहा, यहां 46.7°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आज हीट वेग का अलर्ट है। रतलाम में दिन का तापमान 44°C पर पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 2 से 4°C तक पारा बढ़ेगा। यूपी में पिछले दो दिन में 5°C तक तापमान बढ़ा। राज्य में झांसी सबसे गर्म रहा, यहां तापमान 40.5°C रिकॉर्ड किया गाय। दो दिन पहले पारा 34.8°C रिकॉर्ड किया गया था। छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। रविवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में तेज बारिश हुई। इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने बढ़ती गर्मी और मानसून से पहले बाढ़ के खतरे को देखते रविवार को अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की। देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए अगले दो दिन मौसम का हाल 12 मई: 13 मई: देशभर से मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें
जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन टीवी इंडस्ट्री का वो चेहरा हैं, जिन्होंने अपने ‘अनफिल्टर्ड’ अंदाज से हर घर में अपनी जगह बनाई है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के पिछले सीजन में उनके रोने और डरने के बावजूद स्टंट पूरे करने के जज्बे को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब जैस्मीन एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ में कदम रखने जा रही हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में जैस्मीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जहां कभी वह सड़क पार करने से भी घबराती थीं। उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोटेक्टिव माहौल से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई और आज उन्हें किस बात का सबसे बड़ा खौफ सताता है। साथ ही, अली गोनी के उस ‘गुरु मंत्र’ का भी जिक्र किया जो इस बार उनकी ढाल बनेगा। सवाल: जैस्मीन, आप एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ के लिए तैयार हैं। एक्साइटमेंट ज्यादा है या एंग्जायटी? जवाब: सच कहूंतो दोनों ही चरम पर हैं। मैं एक्साइटेड तो हूं, पर उतनी ही डरी हुई भी हूं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ कोई छोटा खेल नहीं है। यहाँ हर बार खतरे नए होते हैं और चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन। मेरे पिछले सीजन में सबने देखा था कि मुझे डर बहुत ज्यादा लगता है, इसलिए अब जैसे-जैसे शो करीब आ रहा है, एंग्जायटी बढ़ती जा रही है। सवाल: जब आप पहली बार इस शो का हिस्सा बनी थीं, तब आपके फोबिया क्या थे? और इस बार क्या कुछ बदला है? जवाब: ऑनेस्टली कहूंतो जब मैं पहली बार गई थी, तब मैं सड़क पार करने तक से डरती थी। मैं बहुत ही प्रोटेक्टिव एनवायरमेंट में पली-बढ़ी हूं, जहाँ हर चीज के लिए कोई न कोई साथ होता था। उस समय हर चीज नई और डरावनी थी। आज भी हाइट और पानी के अंदर बिना ऑक्सीजन के रहने से डर लगता है। फोबिया खत्म नहीं हुए हैं, बस मैं उम्मीद कर रही हूं कि इस बार मैं उनसे बेहतर तरीके से निपट पाऊँगी। सवाल: डर वही है, लेकिन आप फिर से जा रही हैं। क्या आप खुद को मेंटली ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस कर रही हैं? जवाब: बिल्कुल। यह शो आपको एक अलग इंसान बना देता है। जब आप अपने डर का सामना करते हैं, तो आप अंदर से ज्यादा कॉन्फिडेंट होकर बाहर निकलते हैं। मुझे लगता है कि इस बार भी मुझे उस कॉन्फिडेंस की जरूरत है। मैं एक बार फिर खुद को परखना चाहती हूं। सवाल: फैंस जानना चाहते हैं कि अली गोनी ने आपको इस बार क्या खास टिप्स दिए हैं? जवाब: ली ने बस एक ही बात कही है कि अपने आप पर भरोसा रखना। उन्होंने कहा, “तुम जितनी खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो।” बस यही एक टिप मेरे लिए काफी है। सवाल: आपकी एक ‘अनफिल्टर्ड’ इमेज है, आप जो सोचती हैं बोल देती हैं। क्या इस बार कोई फिल्टर लगाने की कोशिश करेंगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी। मैं अपनी राय रखने और अपनी भावनाओं को जाहिर करने में कभी पीछे नहीं रहती। जो लोग मुझे जानते हैं और जो शो देख रहे हैं, वो मुझे मेरे असली रूप के लिए ही पसंद करते हैं। अब किसी और की तरह दिखने या बनने का कोई शौक नहीं है। ‘आई लव द वे आई एम’। सवाल: इस बार आपके साथ कई पुराने खिलाड़ी और वेटरन्स भी जा रहे हैं। कॉम्पिटिशन कितना कड़ा होने वाला है? जवाब: कॉम्पिटिशन बहुत जबरदस्त होने वाला है क्योंकि सब पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। सब बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। लेकिन मेरी कोशिश यही रहेगी कि माहौल को थोड़ा हल्का रखा जाए। जब आप स्टंट करते हैं, तो दिमाग पर बहुत प्रेशर होता है, ऐसे में बाकी समय हँसते-खेलते और प्यार-मोहब्बत से बीत जाए तो अच्छा है। सवाल: संघर्ष के दिनों की बात करें, तो जब आप घर छोड़कर इस इंडस्ट्री में आईं, तब मन में सबसे बड़ा खौफ क्या था? जवाब: उस वक्त सबसे बड़ा खौफ ‘फेलियर’ का था। मैंने घर छोड़ा, बहुत रिस्क लिए और स्ट्रगल किया। मन में हमेशा यह बात रहती थी कि अगर मैं कुछ नहीं अचीव कर पाई, तो मेरे उन सैक्रिफाइसेज का क्या होगा? मुझे खुद से ज्यादा बुरा अपने पेरेंट्स के लिए लगता था क्योंकि उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा किया था। मैं उन्हें नीचा नहीं दिखाना चाहती थी। सवाल: आज जब आप सफल हैं, तो क्या आज भी कोई डर बाकी है? जवाब: आज डर बदल गया है। आज खौफ है उस पहचान और इज्जत को खो देने का, जिसे कमाने में सालों लग गए। आज के दौर में सोशल मीडिया जिस तरह काम करता है, डर लगता है कि कोई छोटी सी गलती आपका सब कुछ छीन न ले। अपनी स्किल्स और मेहनत से जो मुकाम पाया है, उसे बरकरार रखना आज का सबसे बड़ा चैलेंज है। सवाल: जब आपने घर पर बताया कि आप दोबारा खतरों से खेलने जा रही हैं, तो मम्मी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मम्मी तो घबरा गई थीं। जब मैंने कहा कि मैं फिर जा रही हूं, तो वो चिंता में पड़ गईं। दोस्तों को यह सब बहुत कूल और ‘वाओ’ लगता है, लेकिन जो जाता है, असल में वही जानता है कि वहाँ क्या हालत होती है। सवाल: इस सीजन में आप खुद में क्या बदलाव देखना चाहती हैं? जवाब: मैं नहीं चाहती कि इस बार भी लोग मुझे ‘कमजोर’ समझें। अक्सर मुझे बहुत वल्नरेबल समझा जाता है। इस बार मैं एक स्ट्रॉन्गर वर्जन के रूप में बाहर आना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि लोग देखें कि जैस्मीन अंदर से बहुत मजबूत है।
जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन टीवी इंडस्ट्री का वो चेहरा हैं, जिन्होंने अपने ‘अनफिल्टर्ड’ अंदाज से हर घर में अपनी जगह बनाई है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के पिछले सीजन में उनके रोने और डरने के बावजूद स्टंट पूरे करने के जज्बे को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब जैस्मीन एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ में कदम रखने जा रही हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में जैस्मीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जहां कभी वह सड़क पार करने से भी घबराती थीं। उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोटेक्टिव माहौल से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई और आज उन्हें किस बात का सबसे बड़ा खौफ सताता है। साथ ही, अली गोनी के उस ‘गुरु मंत्र’ का भी जिक्र किया जो इस बार उनकी ढाल बनेगा। सवाल: जैस्मीन, आप एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ के लिए तैयार हैं। एक्साइटमेंट ज्यादा है या एंग्जायटी? जवाब: सच कहूंतो दोनों ही चरम पर हैं। मैं एक्साइटेड तो हूं, पर उतनी ही डरी हुई भी हूं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ कोई छोटा खेल नहीं है। यहाँ हर बार खतरे नए होते हैं और चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन। मेरे पिछले सीजन में सबने देखा था कि मुझे डर बहुत ज्यादा लगता है, इसलिए अब जैसे-जैसे शो करीब आ रहा है, एंग्जायटी बढ़ती जा रही है। सवाल: जब आप पहली बार इस शो का हिस्सा बनी थीं, तब आपके फोबिया क्या थे? और इस बार क्या कुछ बदला है? जवाब: ऑनेस्टली कहूंतो जब मैं पहली बार गई थी, तब मैं सड़क पार करने तक से डरती थी। मैं बहुत ही प्रोटेक्टिव एनवायरमेंट में पली-बढ़ी हूं, जहाँ हर चीज के लिए कोई न कोई साथ होता था। उस समय हर चीज नई और डरावनी थी। आज भी हाइट और पानी के अंदर बिना ऑक्सीजन के रहने से डर लगता है। फोबिया खत्म नहीं हुए हैं, बस मैं उम्मीद कर रही हूं कि इस बार मैं उनसे बेहतर तरीके से निपट पाऊँगी। सवाल: डर वही है, लेकिन आप फिर से जा रही हैं। क्या आप खुद को मेंटली ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस कर रही हैं? जवाब: बिल्कुल। यह शो आपको एक अलग इंसान बना देता है। जब आप अपने डर का सामना करते हैं, तो आप अंदर से ज्यादा कॉन्फिडेंट होकर बाहर निकलते हैं। मुझे लगता है कि इस बार भी मुझे उस कॉन्फिडेंस की जरूरत है। मैं एक बार फिर खुद को परखना चाहती हूं। सवाल: फैंस जानना चाहते हैं कि अली गोनी ने आपको इस बार क्या खास टिप्स दिए हैं? जवाब: ली ने बस एक ही बात कही है कि अपने आप पर भरोसा रखना। उन्होंने कहा, “तुम जितनी खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो।” बस यही एक टिप मेरे लिए काफी है। सवाल: आपकी एक ‘अनफिल्टर्ड’ इमेज है, आप जो सोचती हैं बोल देती हैं। क्या इस बार कोई फिल्टर लगाने की कोशिश करेंगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी। मैं अपनी राय रखने और अपनी भावनाओं को जाहिर करने में कभी पीछे नहीं रहती। जो लोग मुझे जानते हैं और जो शो देख रहे हैं, वो मुझे मेरे असली रूप के लिए ही पसंद करते हैं। अब किसी और की तरह दिखने या बनने का कोई शौक नहीं है। ‘आई लव द वे आई एम’। सवाल: इस बार आपके साथ कई पुराने खिलाड़ी और वेटरन्स भी जा रहे हैं। कॉम्पिटिशन कितना कड़ा होने वाला है? जवाब: कॉम्पिटिशन बहुत जबरदस्त होने वाला है क्योंकि सब पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। सब बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। लेकिन मेरी कोशिश यही रहेगी कि माहौल को थोड़ा हल्का रखा जाए। जब आप स्टंट करते हैं, तो दिमाग पर बहुत प्रेशर होता है, ऐसे में बाकी समय हँसते-खेलते और प्यार-मोहब्बत से बीत जाए तो अच्छा है। सवाल: संघर्ष के दिनों की बात करें, तो जब आप घर छोड़कर इस इंडस्ट्री में आईं, तब मन में सबसे बड़ा खौफ क्या था? जवाब: उस वक्त सबसे बड़ा खौफ ‘फेलियर’ का था। मैंने घर छोड़ा, बहुत रिस्क लिए और स्ट्रगल किया। मन में हमेशा यह बात रहती थी कि अगर मैं कुछ नहीं अचीव कर पाई, तो मेरे उन सैक्रिफाइसेज का क्या होगा? मुझे खुद से ज्यादा बुरा अपने पेरेंट्स के लिए लगता था क्योंकि उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा किया था। मैं उन्हें नीचा नहीं दिखाना चाहती थी। सवाल: आज जब आप सफल हैं, तो क्या आज भी कोई डर बाकी है? जवाब: आज डर बदल गया है। आज खौफ है उस पहचान और इज्जत को खो देने का, जिसे कमाने में सालों लग गए। आज के दौर में सोशल मीडिया जिस तरह काम करता है, डर लगता है कि कोई छोटी सी गलती आपका सब कुछ छीन न ले। अपनी स्किल्स और मेहनत से जो मुकाम पाया है, उसे बरकरार रखना आज का सबसे बड़ा चैलेंज है। सवाल: जब आपने घर पर बताया कि आप दोबारा खतरों से खेलने जा रही हैं, तो मम्मी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मम्मी तो घबरा गई थीं। जब मैंने कहा कि मैं फिर जा रही हूं, तो वो चिंता में पड़ गईं। दोस्तों को यह सब बहुत कूल और ‘वाओ’ लगता है, लेकिन जो जाता है, असल में वही जानता है कि वहाँ क्या हालत होती है। सवाल: इस सीजन में आप खुद में क्या बदलाव देखना चाहती हैं? जवाब: मैं नहीं चाहती कि इस बार भी लोग मुझे ‘कमजोर’ समझें। अक्सर मुझे बहुत वल्नरेबल समझा जाता है। इस बार मैं एक स्ट्रॉन्गर वर्जन के रूप में बाहर आना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि लोग देखें कि जैस्मीन अंदर से बहुत मजबूत है।








