जैस्मीन भसीन बोलीं-सड़क पार करने से भी डर लगता था:खतरों के खिलाड़ी में नजर आएंगी; कहा- खुद को कमजोर साबित होने से बचाना है

जैस्मीन भसीन टीवी इंडस्ट्री का वो चेहरा हैं, जिन्होंने अपने ‘अनफिल्टर्ड’ अंदाज से हर घर में अपनी जगह बनाई है। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के पिछले सीजन में उनके रोने और डरने के बावजूद स्टंट पूरे करने के जज्बे को दर्शकों ने खूब सराहा था। अब जैस्मीन एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ में कदम रखने जा रही हैं। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में जैस्मीन ने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा, जहां कभी वह सड़क पार करने से भी घबराती थीं। उन्होंने बताया कि कैसे एक प्रोटेक्टिव माहौल से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई और आज उन्हें किस बात का सबसे बड़ा खौफ सताता है। साथ ही, अली गोनी के उस ‘गुरु मंत्र’ का भी जिक्र किया जो इस बार उनकी ढाल बनेगा। सवाल: जैस्मीन, आप एक बार फिर ‘डर के नए दौर’ के लिए तैयार हैं। एक्साइटमेंट ज्यादा है या एंग्जायटी? जवाब: सच कहूंतो दोनों ही चरम पर हैं। मैं एक्साइटेड तो हूं, पर उतनी ही डरी हुई भी हूं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ कोई छोटा खेल नहीं है। यहाँ हर बार खतरे नए होते हैं और चुनौतियां पहले से कहीं ज्यादा कठिन। मेरे पिछले सीजन में सबने देखा था कि मुझे डर बहुत ज्यादा लगता है, इसलिए अब जैसे-जैसे शो करीब आ रहा है, एंग्जायटी बढ़ती जा रही है। सवाल: जब आप पहली बार इस शो का हिस्सा बनी थीं, तब आपके फोबिया क्या थे? और इस बार क्या कुछ बदला है? जवाब: ऑनेस्टली कहूंतो जब मैं पहली बार गई थी, तब मैं सड़क पार करने तक से डरती थी। मैं बहुत ही प्रोटेक्टिव एनवायरमेंट में पली-बढ़ी हूं, जहाँ हर चीज के लिए कोई न कोई साथ होता था। उस समय हर चीज नई और डरावनी थी। आज भी हाइट और पानी के अंदर बिना ऑक्सीजन के रहने से डर लगता है। फोबिया खत्म नहीं हुए हैं, बस मैं उम्मीद कर रही हूं कि इस बार मैं उनसे बेहतर तरीके से निपट पाऊँगी। सवाल: डर वही है, लेकिन आप फिर से जा रही हैं। क्या आप खुद को मेंटली ज्यादा स्ट्रॉन्ग महसूस कर रही हैं? जवाब: बिल्कुल। यह शो आपको एक अलग इंसान बना देता है। जब आप अपने डर का सामना करते हैं, तो आप अंदर से ज्यादा कॉन्फिडेंट होकर बाहर निकलते हैं। मुझे लगता है कि इस बार भी मुझे उस कॉन्फिडेंस की जरूरत है। मैं एक बार फिर खुद को परखना चाहती हूं। सवाल: फैंस जानना चाहते हैं कि अली गोनी ने आपको इस बार क्या खास टिप्स दिए हैं? जवाब: ली ने बस एक ही बात कही है कि अपने आप पर भरोसा रखना। उन्होंने कहा, “तुम जितनी खुद को समझती हो, उससे कहीं ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो।” बस यही एक टिप मेरे लिए काफी है। सवाल: आपकी एक ‘अनफिल्टर्ड’ इमेज है, आप जो सोचती हैं बोल देती हैं। क्या इस बार कोई फिल्टर लगाने की कोशिश करेंगी? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं जैसी हूं वैसी ही रहूंगी। मैं अपनी राय रखने और अपनी भावनाओं को जाहिर करने में कभी पीछे नहीं रहती। जो लोग मुझे जानते हैं और जो शो देख रहे हैं, वो मुझे मेरे असली रूप के लिए ही पसंद करते हैं। अब किसी और की तरह दिखने या बनने का कोई शौक नहीं है। ‘आई लव द वे आई एम’। सवाल: इस बार आपके साथ कई पुराने खिलाड़ी और वेटरन्स भी जा रहे हैं। कॉम्पिटिशन कितना कड़ा होने वाला है? जवाब: कॉम्पिटिशन बहुत जबरदस्त होने वाला है क्योंकि सब पूरी तैयारी के साथ आ रहे हैं। सब बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। लेकिन मेरी कोशिश यही रहेगी कि माहौल को थोड़ा हल्का रखा जाए। जब आप स्टंट करते हैं, तो दिमाग पर बहुत प्रेशर होता है, ऐसे में बाकी समय हँसते-खेलते और प्यार-मोहब्बत से बीत जाए तो अच्छा है। सवाल: संघर्ष के दिनों की बात करें, तो जब आप घर छोड़कर इस इंडस्ट्री में आईं, तब मन में सबसे बड़ा खौफ क्या था? जवाब: उस वक्त सबसे बड़ा खौफ ‘फेलियर’ का था। मैंने घर छोड़ा, बहुत रिस्क लिए और स्ट्रगल किया। मन में हमेशा यह बात रहती थी कि अगर मैं कुछ नहीं अचीव कर पाई, तो मेरे उन सैक्रिफाइसेज का क्या होगा? मुझे खुद से ज्यादा बुरा अपने पेरेंट्स के लिए लगता था क्योंकि उन्होंने मुझ पर बहुत भरोसा किया था। मैं उन्हें नीचा नहीं दिखाना चाहती थी। सवाल: आज जब आप सफल हैं, तो क्या आज भी कोई डर बाकी है? जवाब: आज डर बदल गया है। आज खौफ है उस पहचान और इज्जत को खो देने का, जिसे कमाने में सालों लग गए। आज के दौर में सोशल मीडिया जिस तरह काम करता है, डर लगता है कि कोई छोटी सी गलती आपका सब कुछ छीन न ले। अपनी स्किल्स और मेहनत से जो मुकाम पाया है, उसे बरकरार रखना आज का सबसे बड़ा चैलेंज है। सवाल: जब आपने घर पर बताया कि आप दोबारा खतरों से खेलने जा रही हैं, तो मम्मी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मम्मी तो घबरा गई थीं। जब मैंने कहा कि मैं फिर जा रही हूं, तो वो चिंता में पड़ गईं। दोस्तों को यह सब बहुत कूल और ‘वाओ’ लगता है, लेकिन जो जाता है, असल में वही जानता है कि वहाँ क्या हालत होती है। सवाल: इस सीजन में आप खुद में क्या बदलाव देखना चाहती हैं? जवाब: मैं नहीं चाहती कि इस बार भी लोग मुझे ‘कमजोर’ समझें। अक्सर मुझे बहुत वल्नरेबल समझा जाता है। इस बार मैं एक स्ट्रॉन्गर वर्जन के रूप में बाहर आना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि लोग देखें कि जैस्मीन अंदर से बहुत मजबूत है।
फेस टैनिंग रिमूवल: चेहरे पर निखार लाने का उपाय! सीएचई का कालापन और टैनिंग झटपट होगी दूर, बेसन में अलग अलग ये चीजें

बेसन स्किन की गंदगी, अतिरिक्त तेल और डेड स्किन को साफ करने में मदद मिलती है। वहीं गुलाब जल त्वचा को फ्रीजक लेप के साथ ताजा और सीलबंद बनाए रखा जाता है। छवि: फ्रीपिक दोनों का गठबंधन सहयोगी की टैनिंग कम करने और गठबंधन को चमकदार बनाने में मदद कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक फेस पैक बनाने के लिए: 2 अमेरिकियों बेसन, 2 मसाले गुलाब जल, 1 चुटकी हल्दी, आधा मोती दही या दूध छवि: फ्रीपिक बेसन में सबसे पहले एक बाउल डाला गया। अब इसमें गुलाब जल, हल्दी और दही का पेस्ट बनाएं। ध्यान रखें कि सबसे ज्यादा नमक न हो। सबसे पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें। छवि: एआई अब पूरे चेहरे और गर्दन पर सामान का पैक तैयार करें। 15 से 20 मिनट तक बंद करें। इसके बाद हाथों से ठंडे पानी से धो लें। सीस की टैनिंग धीरे-धीरे कम हो रही है। छवि: एआई पैक के बाद स्किन साफा और ताज़ा स्कीगी। इससे ऑयली त्वचा की समस्या कम हो सकती है। चेहरे पर दुकान ग्लो फ्लैट आएँ। बेहतर परिणाम के लिए इस फेस पैक को एक सप्ताह में 2 से 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: एआई नियमित रूप से इस्तेमाल किये जाने वाले त्वचा से पहले से अधिक मात्रा में त्वचा का दिखना संभव है। फेस पैक लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर त्वचा बहुत ज्यादा सेंस सेंसिटिव है, तो डॉक्टर की सलाह लें। छवि: एआई धूप में धूप से पहले स्क्रीनसेवर में धूप सेंकना। बिना ज्यादा खर्च के इन आसान फेस पैक को शामिल करके आप अपने चेहरे को ताज़ा और ग्लोइंग बनाने में मदद कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
आंखों में दिखे ये बदलाव तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है लिवर डैमेज का संकेत

Last Updated:May 10, 2026, 23:27 IST Liver Damage Sign: लिवर में प्रॉब्लम का संकेत आंखों में भी नजर आ सकते हैं. इसलिए शरीर में दिखने वाले ऐसे बदलावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर बीमारी का पता शुरुआत में चल जाए, तो इलाज आसान हो जाता है और गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है. ख़बरें फटाफट आजकल की खराब जीवनशैली, गलत खानपान और बढ़ते तनाव की वजह से लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. पहले यह समस्या अधिकतर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब युवा और बच्चे भी इसकी चपेट में आने लगे हैं. लिवर हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने और भोजन को पचाने में मदद करता है. इसलिए इसका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. लिवर की बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती समय में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते. यही कारण है कि डॉक्टर समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने और लिवर फंक्शन टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं. अगर बीमारी का पता शुरुआत में चल जाए, तो इलाज आसान हो जाता है और गंभीर परेशानी से बचा जा सकता है. लिवर डैमेज के शुरुआती संकेत हमारा शरीर लिवर खराब होने के संकेत पहले से देने लगता है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण संकेत आंखों से जुड़ा होता है. अगर आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देने लगे, तो इसे सामान्य कमजोरी या थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह शरीर में बिलीरुबिन नामक पदार्थ बढ़ने का संकेत हो सकता है. बिलीरुबिन तब बनता है जब शरीर में पुरानी लाल रक्त कोशिकाएं टूटती हैं. सामान्य स्थिति में लिवर इस पदार्थ को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकाल देता है. लेकिन जब लिवर सही तरीके से काम नहीं करता, तो बिलीरुबिन शरीर में जमा होने लगता है. इसका असर सबसे पहले आंखों में दिखाई देता है और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगता है. डॉक्टरों के अनुसार, आंखों में पीलापन कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. इनमें पीलिया, हेपेटाइटिस, फैटी लिवर और लिवर इंफेक्शन जैसी समस्याएं शामिल हैं. अगर आंखों के साथ त्वचा भी पीली पड़ने लगे, पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाए और लगातार कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. लिवर को स्वस्थ रखने के लिए सही खानपान और अच्छी जीवनशैली बेहद जरूरी है. रोजाना हरी सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर भोजन खाने से लिवर मजबूत रहता है. वहीं, ज्यादा तला-भुना खाना, मीठी चीजें, पैकेट वाला प्रोसेस्ड फूड और शराब लिवर पर बुरा असर डालते हैं. इससे फैटी लिवर और दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. शरीर का वजन नियंत्रित रखना भी जरूरी है. मोटापा नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का बड़ा कारण माना जाता है. इसलिए नियमित व्यायाम करना और एक्टिव रहना लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद होता है. इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलने में मदद मिलती है. डॉक्टर हेपेटाइटिस ए और बी के टीके लगवाने की भी सलाह देते हैं, ताकि लिवर संक्रमण से बचाव हो सके. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
पीरियड्स में जब हो पेट और कमर में दर्द, ऐंठन, तो दूर करने के लिए पिएं ये हर्बल चाय, रसोई में पड़ी इस 1 चीज से बनाएं तुरंत

Last Updated:May 10, 2026, 23:12 IST periods pain home remedies: पीरियड्स का दर्द हो तो महिलाएं खाना-पीना तक छोड़ देती हैं. मन चिड़चिड़ा सा होता रहता है. आप इस दर्द को सौंफ से बनी चाय को पीकर कम कर सकती हैं. ये सौंफ की चाय प्राकृतिक रूप से पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद गुण गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं. खासकर पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता में सौंफ की चाय पेट को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है. ये हर्बल टी पीरियड्स के दर्द को तुरंत करे कम. पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, गैस, सूजन और भारीपन जैसी समस्याएं महिलाओं में आम होती हैं. ऐसे समय में सौंफ की चाय एक आसान और असरदार घरेलू उपाय साबित हो सकती है. यह चाय न केवल स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि पेट को आराम देने और शरीर को हल्का महसूस कराने में भी मदद करती है. पेट की ऐंठन और ब्लोटिंग में क्यों फायदेमंद है सौंफ? सौंफ को प्राकृतिक रूप से पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद गुण गैस, पेट फूलना और ऐंठन जैसी परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं. खासकर पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता में सौंफ की चाय पेट को शांत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है. सौंफ में मौजूद गुण शरीर को कैसे पहुंचाते हैं फायदा? National Institute of Ayurveda के अनुसार, सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और दर्द कम करने वाले गुण पाए जाते हैं. यह शरीर में सूजन को घटाने, अतिरिक्त पानी बाहर निकालने और पाचन तंत्र को संतुलित रखने में मदद कर सकती है. नियमित रूप से सीमित मात्रा में सेवन करने से गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. सौंफ की चाय के अन्य फायदेशरीर को तरोताजा महसूस कराएहार्मोन संतुलन को सपोर्ट करेवजन नियंत्रण में सहायक हैत्वचा की चमक बनाए रखने में मददगारसांस संबंधी हल्की परेशानियों में दिलाए आराम घर पर ऐसे बनाएं सौंफ की चाय 1 कप पानी लें. उसमें 1 चम्मच सौंफ डालें. 5 से 10 मिनट तक इसे उबालें. फिर छानकर गर्म-गर्म पिएं. आप चाहें तो स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं. इसे भोजन के बाद या पेट में भारीपन महसूस होने पर पीना फायदेमंद माना जाता है. सेवन करते समय रखें ये सावधानियां सौंफ की चाय सामान्य मात्रा में पीना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए. गर्भवती महिलाओं और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
Summer फ़्लोर कूलिंग टिप्स: तापती गर्मी में भट्टी बन गई है घर? पोछे के पानी में देसी नीबे से बनाया ये घना; अधिकतम अवधि बर्फ ठंडा जैसा

पोचे के पानी में ये चीज़ें: 1 बाल्टी ठंडा पानी, 1 बड़ा चम्मच फिटकरी पाउडर, 8-10 चम्मच पुदीना या नींबू का तेल, 2 चम्मच गुलाब जल, थोड़ा सा नमक छवि: फ्रीपिक इन सभी जानवरों को पानी में अच्छी तरह मिला लें। अब इसी तरह पानी से पूरे घर में पोछा क्षेत्र। युनाइटेड युनिवर्सिटी रूम को फ्रेश फील कराती है। साथ ही गर्मी का एहसास भी कम होता है। छवि: एआई फिटकरी की गर्मी कम करने में मदद करती है और बर्बादी भी दूर करती है। सुबह या शाम का समय पोछा वस्त्र। बहुत गर्म पानी का उपयोग बिल्कुल न करें। छवि: फ्रीपिक गुलाब जल से घर में पेड़ और सार्वभौम देने वाली बनी रहती है। इसके अलावा घर में अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक सामान एक साथ नहीं है। छवि: एआई तामचीनी शेल्फ को जल्दी ठीक करने में मदद मिलती है और ठंडक को थोड़ी देर तक बनाए रखा जाता है। यह उपाय सस्ता, आसान और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला बिल्कुल असरदार है। छवि: फ्रीपिक अगर घर में मार्बल या टाइल्स हों तो ठंडे पानी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा असरदार रहता है। फ्लाइट तो पोछा लगाने के बाद कुछ देर से पंखा चला जाता है, इससे ठंडक जल्दी खत्म हो जाती है। छवि: मेटा एआई दिन में ऑर्थोडॉक्स पर मोटोरोला स्कर्ट रहता है। कमरे में पानी से भरे बर्तनों की दुकान से भी गर्मी कम महसूस होती है। रात में खोए हुए कागज़ के टुकड़े ताकि अंदर का पंखा खुला रहे। छवि: एआई भीषण गर्मी में घर को ठंडा रखना हर किसी के लिए जरूरी है। ऐसे में पोचे के पानी में देसी नीबू से बना यह आसान घोल आप बिना एसी के भी घर में काफी हद तक ठंड महसूस कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)फ्लोर कूलिंग टिप्स(टी)गर्मी उपाय में ठंड रखने के टिप्स(टी)फ्लोर क्लीनिंग टिप्स(टी)फ्लोर कूलिंग टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन हैक्स(टी)देसी उपाय
न्यायिक आयोग करेगा जबलपुर क्रूज हादसे की जांच:हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी बने चीफ; 5 बिंदुओं पर 3 महीने में देंगे रिपोर्ट

मध्य प्रदेश सरकार ने जबलपुर क्रूज हादसे की न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह आयोग राज्य शासन जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत काम करेगा। आयोग को विशेष रूप से पांच बिंदुओं पर जांच करके अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इन पांच बिंदुओं पर करनी होगी जांच कारण और जवाबदेही: हादसे के वास्तविक कारणों की जांच करना और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों/अधिकारियों का निर्धारण करना। बचाव कार्य की समीक्षा: दुर्घटना के दौरान और उसके बाद किए गए बचाव उपायों और राहत कार्यों की पर्याप्तता की समीक्षा। सुरक्षा ऑडिट: प्रदेश में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना। इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और एनडीएमए की गाइडलाइंस के अनुरूप प्रमाणन की व्यवस्था देखना। मानक प्रक्रिया (SOP): भविष्य में ऐसी गतिविधियों के सुरक्षित संचालन और रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करना। त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT): जल परिवहन और पर्यटन वाले सभी स्थानों पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ के गठन की व्यवस्था सुनिश्चित करना। तीन महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि न्यायिक जांच आयोग को अपनी जांच पूरी करने के लिए तीन माह का समय दिया गया है। आयोग राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
Kitchen Tips: कचरा नहीं तरबूज का छिलका! जापान में खरीदकर घर ले जा रहे लोग, कारण जान चौंक जाएंगे

तरबूज खाने के बाद ज्यादातर लोग उसके छिलके को फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि तरबूज का सफेद हिस्सा यानी लाल गूदे और हरे छिलके के बीच का भाग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है? हालांकि हमारे देश में ज्यादातार लोग तरबूज के छिलके को कचरा से ज्यादा कुछ नहीं समझते हैं, लेकिन जापान के लोग इसे खरीदकर खाते हैं. दरअसल, वॉटरमेलन राइंड का स्वाद हल्का मीठा होता है और इसकी बनावट खीरे जैसी कुरकुरी लगती है. यही वजह है कि इसे कई तरह की रेसिपीज में इस्तेमाल किया जा सकता है. तरबूज का यह हिस्सा न सिर्फ खाने में ताजगी देता है, बल्कि जिस डिश में इसे मिलाया जाए उसका स्वाद भी आसानी से अपना लेता है. इसके अलावा यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें विटामिन, पोटैशियम, जिंक और कई जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. तरबूज के छिलके का इस्तेमाल स्मूदी में करें इस्तेमालअगर आप हेल्दी स्मूदी पीना पसंद करते हैं, तो अगली बार तरबूज के छिलके को फेंकने की बजाय उसका इस्तेमाल करें. सबसे पहले हरे सख्त हिस्से को छील लें और सफेद भाग को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. फिर इन्हें फ्रीजर में रख दें. बाद में इन्हें अपनी पसंद की स्मूदी में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. यह तरीका न सिर्फ खाने की बर्बादी कम करता है, बल्कि शरीर को कई फायदे भी देता है. तरबूज के छिलके में विटामिन A, C और B6 अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें सिट्रूलिन नाम का अमीनो एसिड और लाइकोपीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. अचार बनाकर खाएंबहुत कम लोग जानते हैं कि तरबूज का सफेद हिस्सा खीरे की तरह ही होता है. इसलिए इसका स्वादिष्ट अचार भी बनाया जा सकता है. तरबूज के छिलके का अचार हल्का खट्टा और थोड़ा मीठा स्वाद देता है, जो खाने में काफी अलग और मजेदार लगता है. इसे सलाद में मिलाया जा सकता है या फिर स्लॉ जैसी डिश में इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा इसे ब्रुशेटा टॉपिंग के रूप में भी खाया जा सकता है. अगर आप चीज प्लेटर तैयार कर रहे हैं, तो यह एक शानदार साइड डिश भी बन सकता है. स्टिर फ्राई में करें ट्राईतरबूज का सफेद हिस्सा सब्जियों की तरह पकाया भी जा सकता है. जब इसे छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है, तो इसे आसानी से पैन में डालकर स्टिर फ्राई किया जा सकता है. इसे ब्रोकली, गाजर और दूसरी सब्जियों के साथ पकाने पर इसका स्वाद काफी अच्छा लगता है. हल्के मसालों और तेज आंच पर पकाने से यह कुरकुरा और स्वादिष्ट बन जाता है. जो लोग नई और हेल्दी रेसिपीज ट्राई करना पसंद करते हैं, उनके लिए तरबूज के छिलके की स्टिर फ्राई एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
गर्मियों में गुलकंद शर्बत रेसिपी: गर्मी में ठंडा-ठंडा गुलकंद शर्बत, लू की छुट्टी; बनाना भी है आसान

गुलकंद शरबत बनाने के लिए आवश्यक सामग्री: 2 बड़ा चम्मच गुलाब जल, 1 छोटा चम्मच ठंडा पानी, 1 छोटा चम्मच चीनी या शहद, 1 छोटा चम्मच चीनी या शहद, कुछ बर्फ के टुकड़े, गुलाब के पंखुड़ी की पत्ती छवि: फ्रीपिक गुलकंद शरबत बनाने की आसान विधि: सबसे पहले एक मिक्सर जार में ठंडा दूध या पानी डाला जाता था। अब गुलकंद, गुलाब जल और स्वाद आपूर्तिकर्ता चीनी या शहद स्टॉक। छवि: एआई इन सभी बच्चों को अच्छी तरह से ब्लेंड कर लें, ताकि गुलकंद पूरी तरह से मिक्स हो जाए। इसके बाद शरबत को बोतल में रखकर ऊपर से बर्फ के टुकड़े तैयार करें। ज्यादा ठंडा पीने से परहेज, खासकर अगर गले की समस्या हो। छवि: फ्रीपिक अब इसे डॉक्युमेंट्स और गुलाबों की सजावट से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें। ज्यादा मीठा पसंद नहीं है तो चीनी न दें। मरीज़ डॉक्टर की सलाह के बाद ही सेवन करें। छवि: एआई गुलकंद की तासीर अनमोल मानी जाती है, इसलिए यह शरीर की गर्मी को कम करने में मदद कर सकती है। तेज धूप और गर्म जहाजों के बीच यह शरबत बॉडी को स्टॉक में रखने में सहायक हो सकता है। छवि: एआई यह शरबत न सिर्फ शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, बल्कि लू और डाइट से बचने में भी मदद करता है। इसे बहुत आसानी से तैयार किया जा सकता है. यह शरीर को अंदर से ठंडक पेंसिल में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक गर्मी में अक्सर पेट में जलन और एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है। गुलकंद पेट को ठंडक की सलाह में मदद कर सकते हैं। गुलाब का रस और इसका स्वाद मन को तरोताजा महसूस कराता है। छवि: फ्रीपिक घर पर कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाला यह शर्बत समर के लिए एक परफेक्ट ड्रिंक साबित हो सकता है। इसका स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। छवि: एआई
बंगाल चुनाव के नतीजे के रूप में ममता बनर्जी की तृणमूल में असंतोष ने आंतरिक दरार को उजागर कर दिया है भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 मई, 2026, 20:04 IST बंगाल में बीजेपी के खिलाफ टीएमसी की भारी हार के बाद पार्टी के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से ममता और अभिषेक बनर्जी के पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बोला है। पार्टी की चुनाव हार के बाद टीएमसी नेताओं ने ममता और अभिषेक बनर्जी की आलोचना की है। (फ़ाइल) हाल ही में संपन्न चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से भारी हार के बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अस्तित्व के संकट का सामना कर रही है, पार्टी के कई नेता शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा द्वारा ऐतिहासिक जनादेश के साथ बंगाल में टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त करने के बाद, ममता बनर्जी की संकटग्रस्त पार्टी के भीतर असंतोष दिखाई दे रहा है, विशेष रूप से उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की “अत्याचार” पर ध्यान केंद्रित किया गया है। मामला तब और बढ़ गया जब टीएमसी ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर तीन प्रवक्ताओं को छह साल के लिए निलंबित कर दिया। टीएमसी प्रवक्ता कोहिनूर मजूमदार, रिजु दत्ता और कार्तिक घोष को पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। कृष्णेंदु चौधरी और पापिया घोष को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसमें 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल की देखरेख करने वाले सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एसआईआर को सुवेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया ‘मैं नेपो किड नहीं हूं’ चुनाव के बाद हिंसा को रोकने के लिए भाजपा के प्रयासों की प्रशंसा करने के बाद कार्रवाई को आकर्षित करने वाले रिजु दत्ता पार्टी से निष्कासन के बाद सोशल मीडिया पर मुखर हैं। “अपनी युवावस्था के 13 साल एआईटीसी को देने के बाद, खुद को साबित करने के लिए लगातार काम करने के बाद, अपने प्रदर्शन के कारण रैंकों में ऊपर उठने के बाद (क्योंकि मैं, नेपो किड नहीं हूं) – मेरी प्यारी पार्टी ने मुझे 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है!” उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा. उन्होंने एक्स पर एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और अन्य भाजपा नेताओं से उनकी पिछली “अपमानजनक” टिप्पणियों के लिए माफी मांगी गई, जिसमें दावा किया गया कि वह पार्टी लाइन का पालन कर रहे थे और जब अधिकारी विपक्ष के नेता थे, तब उन टिप्पणियों को करने के लिए टीएमसी के भीतर से भारी दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा था। मैं, कैथोलिक कांग्रेस के प्रवक्ता के रूप में, अजयपाल शर्मा के बारे में एक वीडियो बनाया था। अब मेरी पार्टी ने मुझे सच बोलने के कारण निलंबित कर दिया है। वह क्लिप वायरल हो चुकी है और भाजपा का पूरा वीडियो व्यक्तिगत रूप से मुझ पर आ रहा है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि… pic.twitter.com/IUO48OG434 — ???????????????? ??????????????????? (@DrRijuDutta_TMC) 10 मई 2026 से बात हो रही है सीएनएन-न्यूज18रिजु दत्ता ने कहा कि वह सुरक्षा के लिए दिल्ली में वरिष्ठ नेतृत्व के पास भी पहुंचे थे और एक स्थानीय भाजपा विधायक उनकी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिकारी ने वास्तव में चुनाव के बाद कम से कम 5,000 टीएमसी कार्यकर्ताओं की जान बचाने में मदद की। आलोचना के केंद्र में अभिषेक बनर्जी इस बीच, कोहिनूर मजूमदार ने पहले संवाददाताओं से कहा कि पार्टी नेताओं को अक्सर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। मालदा से वरिष्ठ टीएमसी नेता कृष्णेंदु नारायण चौधरी, जहां पार्टी ने खराब प्रदर्शन किया, ने पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की कार्यशैली और व्यवहार की आलोचना की। एनडीटीवी. हावड़ा के बगनान से चार बार विधायक रहे अरुणव सेन ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि अगर वह सीएम होते तो ऐसी हार के तुरंत बाद इस्तीफा दे देते। टीएमसी सांसद और अभिनेता देव ने पार्टी नेतृत्व पर झूठे वादे करने का भी आरोप लगाया, जो पार्टी के भीतर संचार में खराबी का संकेत है। कूचबिहार के वरिष्ठ टीएमसी नेता रबींद्रनाथ घोष की बेटी पापिया घोष ने भी सार्वजनिक रूप से अभिषेक बनर्जी की आलोचना की, जिसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। मुर्शिदाबाद से टीएमसी के विधायक नियामोत शेख ने बताया इंडियन एक्सप्रेस कि नेतृत्व ने पार्टी में गुटबाजी की इजाजत दी, जो अंततः हार का कारण बनी। उन्होंने कहा, “मुर्शिदाबाद में ही पार्टी के कई गुट हैं। मैंने बार-बार पार्टी के वरिष्ठों को इस बारे में चेतावनी दी है। मुझे नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने सोचा कि मुझ पर ध्यान न देना ही बेहतर है।” चुनाव नतीजों के कुछ दिनों बाद पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें ममता बनर्जी और खेल मंत्री अरूप विश्वास ने दरकिनार कर दिया। तिवारी ने सरकार बनाने पर भाजपा को बधाई दी और कहा कि टीएमसी के बाहर जाने से उन्हें राहत मिली है। असहमति की ये आवाजें टीएमसी के लिए सबसे बड़ी चुनौती को रेखांकित करती हैं, जो अब विपक्ष के हाशिये पर सिमट गई है, कि क्या वह राजनीतिक भविष्य बनाए रख सकती है। अभिषेक बनर्जी के भविष्य को लेकर भी सवाल हैं, जिन्होंने टीएमसी के 2026 के अभियान को आकार दिया था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया बंगाल चुनाव के नतीजे के रूप में ममता बनर्जी की तृणमूल में असंतोष ने आंतरिक दरार को उजागर कर दिया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)तृणमूल कांग्रेस संकट(टी)ममता बनर्जी की हार(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)बीजेपी की जीत बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी की आलोचना(टी)टीएमसी आंतरिक असंतोष(टी)सुवेंदु अधिकारी सरकार
दही प्याज की सब्जी रेसिपी: गर्मी में किचन से क्या चाहिए छुट्टी? बिना झंझट 5 मिनट में तैयार करें दही-प्याज की सब्जी, खाते ही चाटते रह जाएंगी उगलियां

सामग्री: 2 बड़े प्याज, 1 कप दही, 1 हरी मिर्च, 1/2 काली मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1/2 हल्दी पाउडर, 1/2 बड़ी लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ी काली मिर्च तेल या घी, थोड़ा सा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दही को अच्छे से फेंट लें ताकि गुठलियां न रहें। अब गैस पर पैन के बर्तन और उसमें शामिल तेल या घी गर्म करें। तेल गरम होने पर जीरा और हींग डालो। छवि: फ्रीपिक फिर कटे हुए प्याज और हरी मिर्च की संरचना 2 मिनट तक प्रभाव भून लें। प्याज को ज्यादा ब्राउन नहीं किया जा सकता। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च और नमक डालें। छवि: फ्रीपिक गैस के शेयर कर डेम और फेंटा हुआ दही डेस्टिनेशन स्माल्ट बने रहें ताकि दही फटे नहीं। गैस बंद करने के बाद 2-3 मिनट के लिए खाना बंद करें। ऊपर से हरा धनियां डालें और गर्मागर्म रोटी, पराठा या चावल के साथ परोसें. छवि: एआई जब ज्यादा मेहनत करने का मन न हो, तब ये सब्जी सिर्फ 5 मिनट में बन जाती है। यह सब्जी पेट पर भारी नहीं लगती और खाने में भी बेहद स्वादिष्ट होती है। छवि: एआई दही की तासीर अनमोल होती है, जो गर्मी में शरीर को राहत दिलाने में मदद करती है। घर में मौजूद सामान्य नाखून से ही यह टेस्टी रेसिपी तैयार हो जाती है। छवि: फ्रीपिक फ़्लोरिडा तो इसमें थोड़ा सा भी जीरा पाउडर ऊपर से डाला जा सकता है। ज्यादा गाढ़ी ग्रेवी पसंद हो तो थोड़ा बेसन बना सकते हैं। इसे सामान्य वृद्धि वाली दही के बजाय सामान्य वृद्धि वाली दही से सुनिश्चित करें। छवि: फ्रीपिक अगर आप गर्मी में आसान और स्वाद से भरपूर रेसिपी ढूंढ रहे हैं, तो दही-प्याज की सब्जी जरूर खरीदें। कम मेहनत में बनने वाली ये डिश पूरे परिवार को खूब पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक









