दही प्याज की सब्जी रेसिपी: गर्मी में किचन से क्या चाहिए छुट्टी? बिना झंझट 5 मिनट में तैयार करें दही-प्याज की सब्जी, खाते ही चाटते रह जाएंगी उगलियां

सामग्री: 2 बड़े प्याज, 1 कप दही, 1 हरी मिर्च, 1/2 काली मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1/2 हल्दी पाउडर, 1/2 बड़ी लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ी काली मिर्च तेल या घी, थोड़ा सा हरा धनिया छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले दही को अच्छे से फेंट लें ताकि गुठलियां न रहें। अब गैस पर पैन के बर्तन और उसमें शामिल तेल या घी गर्म करें। तेल गरम होने पर जीरा और हींग डालो। छवि: फ्रीपिक फिर कटे हुए प्याज और हरी मिर्च की संरचना 2 मिनट तक प्रभाव भून लें। प्याज को ज्यादा ब्राउन नहीं किया जा सकता। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च और नमक डालें। छवि: फ्रीपिक गैस के शेयर कर डेम और फेंटा हुआ दही डेस्टिनेशन स्माल्ट बने रहें ताकि दही फटे नहीं। गैस बंद करने के बाद 2-3 मिनट के लिए खाना बंद करें। ऊपर से हरा धनियां डालें और गर्मागर्म रोटी, पराठा या चावल के साथ परोसें. छवि: एआई जब ज्यादा मेहनत करने का मन न हो, तब ये सब्जी सिर्फ 5 मिनट में बन जाती है। यह सब्जी पेट पर भारी नहीं लगती और खाने में भी बेहद स्वादिष्ट होती है। छवि: एआई दही की तासीर अनमोल होती है, जो गर्मी में शरीर को राहत दिलाने में मदद करती है। घर में मौजूद सामान्य नाखून से ही यह टेस्टी रेसिपी तैयार हो जाती है। छवि: फ्रीपिक फ़्लोरिडा तो इसमें थोड़ा सा भी जीरा पाउडर ऊपर से डाला जा सकता है। ज्यादा गाढ़ी ग्रेवी पसंद हो तो थोड़ा बेसन बना सकते हैं। इसे सामान्य वृद्धि वाली दही के बजाय सामान्य वृद्धि वाली दही से सुनिश्चित करें। छवि: फ्रीपिक अगर आप गर्मी में आसान और स्वाद से भरपूर रेसिपी ढूंढ रहे हैं, तो दही-प्याज की सब्जी जरूर खरीदें। कम मेहनत में बनने वाली ये डिश पूरे परिवार को खूब पसंद आएगी। छवि: फ्रीपिक
‘आप मेरे से ही जूडो’: पीएम मोदी, रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में साझा किए हल्के पल | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 मई, 2026, 18:39 IST पीएम मोदी ने कहा कि रेवंत रेड्डी का उनके साथ आना बेहतर है क्योंकि अगर केंद्र राज्य के विकास में उनका साथ देता है तो तेलंगाना को अपना आधा हिस्सा गंवाना पड़ेगा। पीएम मोदी और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में एक हल्का पल साझा किया। (एएनआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ हल्के लहजे में बात की और उनसे राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय करने का आग्रह किया, जिस पर दर्शकों ने खूब हंसी और उत्साह बढ़ाया। पीएम मोदी हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एचआईसीसी) में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसमें रेवंत रेड्डी, तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और अन्य उपस्थित थे। पीएम मोदी ने कहा, “रेवंत जी ने कहा कि वह राजनीतिक मामलों पर चर्चा नहीं करेंगे, इसलिए मैं भी ऐसा नहीं करूंगा। मैं गैर-राजनीतिक मामलों पर बोलूंगा। मैं रेवंत रेड्डी को बताना चाहता हूं कि भारत सरकार ने 10 साल के शासन में गुजरात को जो भी दिया है, मैं आपको देने के लिए तैयार हूं।” “हालांकि, मेरी जानकारी के आधार पर, जैसे ही मैं ऐसा करता हूं, आपको वर्तमान में जो मिल रहा है वह आधा हो जाएगा। आप जहां पहुंचना चाहते हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे। और इसलिए अच्छा है मेरे से ही जूडो। (आप जहां जाना चाहते हैं वहां नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए बेहतर होगा कि आप मेरे साथ जुड़ें,” उन्होंने हंसते हुए कहा। #घड़ी | हैदराबाद, तेलंगाना: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, “… मैं रेवंत रेड्डी को बताना चाहूंगा कि भारत सरकार ने 10 वर्षों के शासन में गुजरात को जो कुछ भी दिया है, मैं आपको देने के लिए तैयार हूं, लेकिन मेरे ज्ञान के आधार पर कि जैसे ही मैं ऐसा करूंगा, आप क्या हैं… https://t.co/t8yEOK08wx pic.twitter.com/hFkOVtyxjM– एएनआई (@ANI) 10 मई 2026 कार्यक्रम में रेड्डी और अन्य अतिथि भी दर्शकों की जोरदार तालियों के बीच पीएम मोदी की टिप्पणी पर हंसने लगे। इस बीच, पीएम मोदी ने वादा किया कि केंद्र तेलंगाना के त्वरित विकास के लिए अपना समर्थन देना जारी रखेगा, जिसे उन्होंने विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। यह भी पढ़ें: ‘संयम के साथ ईंधन का उपयोग करना समय की मांग है’: पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है दूसरी ओर, रेवंत रेड्डी ने याद किया कि कैसे मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के 10 साल के शासन के दौरान गुजरात विकास में देश के लिए एक रोल मॉडल बन गया और वह चाहते थे कि वही मदद तेलंगाना में भी दोहराई जाए। उन्होंने कहा, ”जब वह पीएम हैं, तो तेलंगाना के लोगों को मुझसे भी यही उम्मीद है कि आने वाले 10 वर्षों में, 2034 तक 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था तक पहुंचने के लिए एक तेलंगाना मॉडल होगा।” मोदी ने हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे पर गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक चार लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-167 और संगारेड्डी जिले के जहीराबाद औद्योगिक क्षेत्र सहित कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘आप मेरे से ही जूडो’: पीएम मोदी, रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में साझा किए हल्के पल अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पीएम मोदी(टी)पीएम मोदी हल्के-फुल्के पल(टी)पीएम मोदी चुटकुले(टी)पीएम मोदी हैदराबाद भाषण(टी)रेवंत रेड्डी हंसे(टी)पीएम मोदी रेवंत रेड्डी मोमेंट(टी)हैदराबाद बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
गर्मियों में परवल की चटनी रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडक दें परवल की चटनी, बच्चा भी मांगकर खाएंगे; नोट करें झटपट रेसिपी

सामग्री: 4-5 परवल, 1 छोटा प्याज, 3-4 लहसुन की कलियाँ, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा मसाला अदरक का रस, 1 बड़ा मसाला हरा धनियां, स्वाद का मसाला नमक, 1/2 छोटा मसाला जीरा पाउडर, 1 मसाला मसाला का तेल छवि: फ्रीपिक मखमली बनाने की आसान विधि: सबसे पहले परवल को अच्छी तरह धो लें और छोटी-छोटी तस्वीरों में काट लें। अब एक पैन में थोड़ा सा सरसों का तेल गर्म करें और इसमें परवल कोला नर्म होने तक भून लें। छवि: एआई इसके बाद गैस बंद कर दी गई और परवल को ठंडा कर दिया गया। अब मसालों में परवल, प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और हरा धनियां शामिल हैं। इसमें नमक, सभी प्रकार के जीरा और नींबू का रस सभी अच्छे प्रकार के टुकड़े लें। छवि: एआई तैयार है आपका स्वादिष्ट परवल की रेसिपी। इसे ठंडा करके सर्व करें। फल तो छोटी दही में भी बनाये जा सकते हैं. सबसे ज्यादा तीखा पसंद हो तो लाल मिर्च दाल खा सकते हैं. छवि: एआई इसमें फ्रिज में ठंडा-ठंडा खाने का मजा ही अलग होता है। परवल की तासीर सार्वभौमिक मणि है, जिससे शरीर को गर्मी से राहत मिलती है। ब्रांडेड और आमिर-तीखे स्वाद की वजह से बच्चे भी इसे चाव से खाते हैं। छवि: मेटा एआई दानेदार अच्छी मात्रा में पाई जाती है, जो पेट को साफ रखने और कुत्ते को पकड़ने में मदद करती है। परवल कम कैलोरी वाली सब्जी है, इसलिए इसकी ताकत की कमी भी हो सकती है। छवि: सोशल मीडिया
गर्मियों में चुकंदर पुदीना ड्रिंक: लू वाली हीट में कोल्ड ड्रिंक, चुकंदर-पुदीना ड्रिंक, चुकंदर ही चूसना ग्लो; आप भी कूल-कूल रहें

चुकंदर में आयरन, बीटरूट और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जहां पुदीना शरीर को ठंडक देने का काम करता है। छवि: फ्रीपिक सामग्री: 1 छोटा चम्मच, 1 छोटा चम्मच, 1 छोटा चम्मच, 1 छोटा चम्मच, 1 छोटा चम्मच, 1 चम्मच ठंडा पानी, 1 छोटा चम्मच, काला नमक, थोड़ा सा, जीरा पाउडर, बर्फ के टुकड़े छवि: एआई ड्रिंक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले चुकंदर, खेड़ा और पुदीने की रोटी को अच्छी तरह धो लें। अब पिसाई यंत्र में डाला और साथ में ठंडा पानी अच्छी तरह से ब्लेंड कर लिया। छवि: एआई इसके बाद मिक्स तैयार करके अच्छा लें। अब इसमें नींबू का रस, काला नमक और अन्य जीरा पाउडर का मिश्रण अच्छी तरह से किया जा सकता है। तैयार है आपका मसाला और ताज़ा चुकंदर-पुदीना ड्रिंक। छवि: एआई इसे लैपटॉप में लगाएं और ऊपर से स्नो स्टोन ठंडा-ठंडा सर्व करें। यह ड्रिंक न सिर्फ आपको हीट में कूल रिटायरमेंट देता है, बल्कि स्किन को भी खरीदने में मदद करेगा। छवि: एआई इस ड्रिंक में मौजूद खेडा और पुदीना शरीर में पानी की कमी नहीं होती, जिससे आपको ताज़ा एहसास होता है। छवि: फ्रीपिक चुकंदर शरीर में खून बढ़ाने और कमजोरी को दूर करने में मदद करता है, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। गर्मी में रोज़ाना एक गिलास ड्रिंक पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और आपको गंभीर तरोताजा महसूस होता है। छवि: एआई पुदीना और नींबू पेट को ठंडक देते हैं और गर्मी में होने वाली एसिडिटी या भारीपन की समस्या को कम करने में मदद करते हैं। हेल्थ और टेस्ट का ये कॉम्बिनेशन बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आए। छवि: फ्रीपिक चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन स्किन को अंदर से फ्रेम बनाने में मदद मिलती है। नियमित सेवन से चेहरे पर नैचुरल चमक आती रहती है। छवि: फ्रीपिक ड्रिंक को हमेशा ताज़ा बनाये ही पियें। ज्यादा ठंडा पीने से परहेज, खासकर अगर गले की समस्या हो। स्वाद बढ़ाने के लिए ताड़ तो इसमें थोड़ा सा शहद भी मिलाया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक
40°C में भी नहीं खलेगी गर्मी, रोज घर से निकलने से पहले पिएं ये ड्रिंक, मिलेगी दूध की भी शक्ति

Last Updated:May 10, 2026, 16:05 IST Body Cooling Drink Recipe: गर्मी में ठंडक महसूस करने के लिए एसी, कूलर, बर्फ और ठंडा पानी ही जरूरी नहीं होता है. डाइट में ठंडी तासीर वाले खानपान को शामिल करना जरूरी है. यहां हम आपको एक ऐसे कूलिंग ड्रिंक के बारे में बता रहे हैं, जिसे दशकों से लोग गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा रखने के लिए पीते आ रहे हैं. ख़बरें फटाफट गर्मी के मौसम में लोग अक्सर ठंडा महसूस करने के लिए बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन हमारे पारंपरिक देसी पेय शरीर को ज्यादा फायदा पहुंचाते हैं. भारत में सदियों से ऐसे कई घरेलू ड्रिंक्स बनाए जाते रहे हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखते हैं. रागी अंबली उन्हीं में से एक ड्रिंक है. यह दक्षिण भारत का बहुत पुराना और लोकप्रिय पेय है, जिसे खासतौर पर तेज गर्मी के दिनों में पिया जाता है. कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लोग लंबे समय से इस ड्रिंक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते आए हैं. इसका इतिहास 200 साल पुराना बताया जाता है. ये ड्रिंक 40 डिग्री के तापमान में भी शरीर को ठंडा रखने में मददगार होती है. आज भी कई परिवार इस पारंपरिक रेसिपी को पसंद करते हैं. रागी अंबली के फायदेरागी अंबली सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पोषण से भरपूर भी होती है. रागी में कैल्शियम काफी मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. कहा जाता है कि इसमें गाय के दूध से कई गुना ज्यादा कैल्शियम होता है. इसके अलावा यह पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है. गर्मियों में इसे पीने से शरीर ठंडा रहता है और थकान कम महसूस होती है. यही कारण है कि इसे प्राकृतिक कूलिंग ड्रिंक भी कहा जाता है. रागी अंबली बनाने की रेसिपीसामग्रीरागी का आटापानीखट्टा दहीअदरकहरी मिर्चप्याजकरी पत्ताधनियानमक विधि– सबसे पहले रागी के आटे को ठंडे पानी में अच्छे से घोल लिया जाता है ताकि उसमें गांठें न रहें. फिर पानी उबालकर उसमें यह घोल मिलाया जाता है और लगातार चलाते हुए पकाया जाता है. कुछ देर बाद यह गाढ़ा हो जाता है.– जब मिश्रण ठंडा हो जाए, तब उसके छोटे-छोटे गोले बना लिए जाते हैं. इन गोलों को पानी में डालकर रातभर के लिए रखा जाता है ताकि उनमें हल्का फर्मेंटेशन हो सके. सुबह इन्हें पानी में अच्छी तरह मिलाकर खट्टा दही डाला जाता है.– इसके बाद स्वाद बढ़ाने के लिए अदरक, प्याज, हरी मिर्च, करी पत्ता और धनिया मिलाया जाता है. आखिर में नमक डालकर इसे ठंडा-ठंडा पिया जाता है.– अगर इसे मिट्टी के बर्तन में तैयार किया जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. मिट्टी का बर्तन ठंडक बनाए रखने में मदद करता है और फर्मेंटेशन भी अच्छे से होता है. इससे रागी अंबली में हल्का देसी स्वाद आ जाता है, जो इसे और खास बना देता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi
'एक था टाइगर' लिखने वाले नीलेश मिश्रा का इंटरव्यू:‘कूद’ के जरिए मैं एक्टिंग के किंडरगार्टन में आया, शोहरत ही अंतिम लक्ष्य नहीं

पत्रकार, कहानीकार, गीतकार और अब अभिनेता के तौर पर नई पारी शुरू कर चुके नीलेश मिश्रा इन दिनों फिल्म ‘कूद’ को लेकर चर्चा में हैं। यह उनके यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज हुई है। इस पर उन्होंने खुलकर बातचीत की… क्या एक्टिंग हमेशा से आपके सपनों का हिस्सा थी? सच कहूं तो मैंने कभी खुद को अभिनेता के तौर पर देखा ही नहीं था। कॉलेज के दिनों में एक नाटक लिखा था। उसमें मुख्य भूमिका एक दोस्त को करनी थी, लेकिन आखिरी वक्त पर उसने मना कर दिया। तब मजबूरी में मुझे खुद मंच पर उतरा। उसके बाद जीवन रेडियो, लेखन और कहानियों में आगे बढ़ गया। फिर एक बार विशाल भारद्वाज ने एक मुलाकात में कहा कि अभिनय में 60 प्रतिशत हिस्सा आवाज का होता है। अब जब ‘कूद’ के जरिए कैमरे के सामने आया हूं तो लगता है कि मैं अभी एक्टिंग के किंडरगार्टन में हूं। फिल्म के विषय पर आपके क्या विचार हैं? ‘अपनी मर्जी की मौत’ का अधिकार एक बहुत ही जटिल और दार्शनिक बहस है। जब कोई व्यक्ति किसी रिश्ते में होता है, तो सामने वाला उसमें अपनी संवेदनाएं और जीवन का हिस्सा निवेश करता है। मेरा मानना है कि हमें अपनी मर्जी की मौत के बजाय अपनी मर्जी की जिंदगी की तलाश करनी चाहिए। आपने ‘महारानी’ जैसी चर्चित वेब सीरीज छोड़ दी थी। आखिर ऐसा क्यों किया? ‘महारानी’ सीरीज का प्रस्ताव आया तो मैं लखनऊ से मुंबई गया, लेकिन मेरी एक शर्त थी कि स्क्रीन पर गाली-गलौज नहीं करूंगा। वर्कशॉप के पहले दिन ही एहसास हुआ कि ओटीटी कंटेंट की मांग मेरी ‘लक्ष्मण रेखा’ के बाहर हैं तो मैंने उसी शाम मुकेश छाबड़ा से मुक्त करने की विनती कर दी थी। आज गालियों और आक्रामक भाषा को ‘रियलिज्म’ भी तो कहा जाता है? मेरी परवरिश, संवेदनाएं और भाषा अलग है। मेरा मानना है कि शालीनता भी उतनी ही प्रभावशाली होती है। संवाद की ताकत सिर्फ गाली में नहीं, भाव में भी होती है। अगर मैं अपने मन के खिलाफ जाकर कुछ करूंगा तो वह ईमानदार अभिनय नहीं रह जाएगा। आपकी सफलता का रहस्य क्या है? मेरी सबसे बड़ी ताकत है- ‘किसी चीज के बारे में पहले से न जानना’। जब मैंने रेडियो पर कहानियां सुनाना शुरू किया, मुझे नहीं पता था कि यह कैसे होता है। जब ‘गांव कनेक्शन’ शुरू किया, तो मुझे बिजनेस की जानकारी नहीं थी। यह मेरे लिए एक बिजनेस नहीं, बल्कि ‘मिशन’ था। बस मुझे यह पता था कि गांवों की आवाज को मंच देना है। मैंने अपनी सारी जमा-पूंजी, अपना घर, सब कुछ उसमें लगा दिया। जब कैमरा के सामने इंटरव्यू लेना शुरू किया था तो मुझे कैमरा एंगल्स का ज्ञान नहीं था। चूंकि मुझे पता नहीं था कि यह कैसे किया जाता है, इसलिए मैंने इसे अपने तरीके से किया। यही अनभिज्ञता ही मुझे नए प्रयोग करने की आजादी देती है। मेरा जीवन एक खूबसूरत जर्नी है, जिसे मैं अपनी शर्तों और सादगी के साथ जी रहा हूं। आपके लिए जीवन की सबसे बड़ी विरासत क्या है। लोग आपको कैसे याद रखें? जब मैं पीछे मुड़कर देखूं तो अफसोस कम से कम हो। लोग मुझे एक ईमानदार इंसान और संवेदनशील रचनाकार के रूप में याद रखें। शोहरत आए या न आए, आपकी प्रामाणिकता, शालीनता और ईमानदारी ही अंत में असली विरासत बनती है।
चेस कोई सस्ता खेल नहीं:एक ग्रैंडमास्टर बनने में खर्च होते हैं 50 से 70 लाख रुपए, हालिया ग्रैंडमास्टर्स के माता-पिता को बेचने पड़े गहने

अक्सर लोगों को लगता है कि शतरंज एक सस्ता खेल है, क्योंकि इसमें अन्य खेलों की तरह महंगे उपकरण, बड़े स्टेडियम या स्पोर्ट्स साइंस टीम की जरूरत नहीं होती। लेकिन भारत के नए शतरंज ग्रैंडमास्टर्स की सफलता की सच्चाई ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया है। असलियत यह है कि आज एक बच्चे को ग्रैंडमास्टर (जीएम) बनाने में 50 से 70 लाख रुपए का भारी खर्च आता है। हाल ही में भारत के 95वें ग्रैंडमास्टर बने आरोन्यक घोष और 94वें ग्रैंडमास्टर मयंक चक्रवर्ती के परिवारों का संघर्ष इसका जीता-जागता प्रमाण है। आरोन्यक के पिता मृणाल घोष बताते हैं कि उन्होंने अपने बेटे के ऊपर पिछले 15 सालों में लगभग 46 लाख रुपए खर्च किए। उनका मानना है कि भारत में जीएम बनने के लिए यह शायद सबसे कम राशि है। बैंकॉक चेस क्लब ओपन में तीसरा और अंतिम जीएम नॉर्म हासिल करने वाले आरोन्यक के लिए पिता को पुश्तैनी जमीन और मां संचिता को शादी के गहने बेचने पड़े। इनामी राशि की पाई-पाई खेल में वापस लगा दी गई। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के इकलौते जीएम मयंक की मां मोनोमिता चक्रवर्ती कहती हैं कि शुरुआत से जीएम बनने तक माता-पिता को 70 लाख रुपए तैयार रखने चाहिए। यह सिर्फ जीएम बनने तक का खर्च है। 12 वर्षीय फीडे मास्टर (जीएम से दो कदम पीछे) आरव सरबलिया के पिता यतिन का अनुमान है कि केवल 2025 में उन्होंने आरव पर 25-30 लाख रुपए खर्च किए। वे टूर्नामेंट के लिए 4 महीने तक विदेश में रहे। स्पॉन्सरशिप न मिलने पर उन्होंने कमाई के लिए सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना शुरू कर दिया। चेस में सबसे बड़ा खर्च कोचिंग है। ग्रैंडमास्टर कोच की फीस 10,000 से 20,000 रुपए प्रति घंटा होती है और एक से ज्यादा कोच रखने पड़ते हैं। नॉर्म्स के लिए साल में 6-8 यूरोप दौरों का खर्च 15-20 लाख रुपए आता है। प्रैक्टिस के लिए ट्रेनिंग पार्टनर और ‘सेकेंड्स’ (जो मैच की तैयारी कराते हैं) को घंटे के हिसाब से भारी फीस देनी पड़ती है। कई बार ये कोच इनामी राशि में भी हिस्सा मांगते हैं। मृणाल घोष कहते हैं कि 2500 रेटिंग पार कर जीएम बनने पर आयोजक रुकने व फ्लाइट का खर्च उठाते हैं, लेकिन मेरा बेटा 2550 रेटिंग पर है। इसे 2650 तक ले जाने में इतना पैसा लगेगा कि मैं सपने देखने से भी डरता हूं। स्पॉन्सरशिप मुश्किल, शेयरिंग अपार्टमेंट्स में रहते हैं – चेस के खेल में स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की प्रोत्साहन राशि भी बंद हो गई है। ऐसे में गुवाहाटी से आने वाले मयंक को विदेशी दौरे पर कनेक्टिंग फ्लाइट का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। – खर्च बचाने के लिए परिवार यूरोप में सस्ते शेयरिंग अपार्टमेंट में रुकते हैं और घर का खाना ले जाते हैं।
विजय को कमल हासन और प्रकाश राज ने बधाई दी:एक्ट्रेस त्रिशा शपथ ग्रहण में शामिल हुईं, थलापति की मां और बहन से गले मिलीं

अभिनेता से नेता बने थलापति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राहुल गांधी और तृषा समेत कई हस्तियां मौजूद रहीं। विजय के सीएम की शपथ लेने के बाद साउथ सुपरस्टार कमल हासन और एक्टर प्रकाश राज ने उन्हें बधाई दी। कमल हासन ने कहा, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम के अध्यक्ष और तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री मेरे भाई थिरु विजय को शुभकामनाएं। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।’ वहीं प्रकाश राज ने ट्वीट कर लिखा, ‘मुख्यमंत्री विजय को बहुत-बहुत बधाई। नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं। उम्मीद है कि आपके नेतृत्व में राज्य और तरक्की करेगा।’ तृषा ने विजय की मां से मुलाकात की शपथ ग्रहण समारोह में एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी पहुंचीं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलती नजर आईं। विजय ने सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। उन्होंने रविवार सुबह 10.15 बजे तमिल में शपथ ली। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहे। थलापित विजय शपथ लेते समय निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया और कहा कि वही पढ़ें जो लिखकर दिया है। CM विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, सेल्वी एस कीर्तना शामिल है। ये सभी विजय की पार्टी TVK के विधायक हैं। सहयोगी दलों के किसी विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… विजय ने शपथ के दौरान कहा… मैं सी. जोसेफ विजय भारत की संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखूंगा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भारत की एकता, अखंडता को बनाए रखूंगा और अपने विवेक के अनुसार कर्तव्यों और कानून का पालन करूंगा। किसी से डरूंगा नहीं और ना ही एकतरफा आदेश मानूंगा। मैं न्याय करूंगा, सभी लोगों के साथ न्याय करूंगा। शपथ के दौरान CM विजय की 4 तस्वीरें… शनिवार को चौथी बार राज्यपाल से मिले थे विजय इससे पहले शनिवार को विजय ने राज्यपाल अर्लेकर को TVK, कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं। तमिलनाडु में 1967 के बाद पहली बार गैर-द्रविड़ दल (DMK या AIADMK) का मुख्यमंत्री बना है।
सतीसन, वेणुगोपाल, चेन्निथला: केरल में कांग्रेस की म्यूजिकल चेयर में सिर्फ एक कुर्सी है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:10 मई, 2026, 14:05 IST केरल के लिए एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने कहा है कि कांग्रेस आलाकमान “बहुत जल्द” फैसला करेगा कि पार्टी का मुख्यमंत्री कौन होगा। केरल की स्थिति कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है, जो पार्टी की जीत के बाद कर्नाटक में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष की याद दिलाती है। (एआई-जनरेटेड फोटो) 4 मई को चार राज्यों और पुडुचेरी के लिए चुनावी नतीजे घोषित होने के छह दिन बाद, दो राज्यों ने पहले ही अपने मुख्यमंत्रियों की शपथ ले ली है, और दो अन्य ने अपने सीएम पद की घोषणा कर दी है। लेकिन “गॉड्स ओन कंट्री” में पिनाराई विजयन का उत्तराधिकारी कौन होगा, इस पर सस्पेंस जारी है। नई विधानसभा का गठन 23 मई की समय सीमा से पहले किया जाना आवश्यक है, लेकिन कांग्रेस के पास अभी भी बढ़ते आंतरिक संकट को हल करने के लिए कांग्रेस आलाकमान के पास लगभग दो सप्ताह का समय है। केरल के लिए एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी ने कहा है कि कांग्रेस आलाकमान “बहुत जल्द” फैसला करेगा कि पार्टी का मुख्यमंत्री कौन होगा। हालांकि, सभी इस बात पर सहमत हैं कि आलाकमान का जो भी फैसला होगा, वह सभी को स्वीकार्य होगा. केरल के कांग्रेस नेता पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए लगातार नई दिल्ली की यात्रा कर रहे हैं, जबकि उनके समर्थक अपने पसंदीदा मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के समर्थन में सड़कों पर पोस्टर और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बढ़ती गुटीय खींचतान के बीच, राहुल गांधी ने कथित तौर पर उम्मीदवारों- वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला से अपने समर्थकों पर लगाम लगाने और आंतरिक कलह को खत्म करने के लिए कहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कर्नाटक में सत्ता संघर्ष की याद ताजा करते हुए, कांग्रेस के लिए स्थिति मुश्किल हो गई है। हालाँकि, केरल में एक्स-फैक्टर वेणुगोपाल हैं – शक्तिशाली कांग्रेस महासचिव (संगठन) और अलाप्पुझा से लोकसभा सांसद – जो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के बावजूद दौड़ में शामिल हो गए हैं। शनिवार को मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक बैठक के दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षकों द्वारा साझा किए गए इनपुट के अनुसार, राहुल गांधी के बाद पार्टी में सबसे प्रभावशाली नेताओं में माने जाने वाले वेणुगोपाल को लगभग 43 नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों का समर्थन प्राप्त है। हालाँकि, अंतिम निर्णय राहुल गांधी पर निर्भर करता है, जिन्हें चुनना होगा कि क्या अपने करीबी विश्वासपात्र को केरल की राजनीति में वापस भेजना है या आगामी राजनीतिक चुनौतियों के माध्यम से पार्टी को चलाने में मदद करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें बनाए रखना है। वहीं, निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता सतीसन और सोनिया गांधी के करीबी माने जाने वाले पूर्व नेता प्रतिपक्ष चेन्निथला के दावे मजबूत बने हुए हैं। दोनों नेता पूरे केरल में महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं। कांग्रेस की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने मुख्यमंत्री पद के लिए सतीसन का खुलकर समर्थन किया है। इस बीच, चेन्निथला के समर्थकों का तर्क है कि उन्होंने पिछली कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान वरिष्ठता का सम्मान करते हुए ओमन चांडी के पक्ष में कदम उठाया था, और अब भी इसी तरह के विचार के पात्र हैं। चेन्निथला 69 साल के हैं, जबकि सतीसन 61 और वेणुगोपाल 63 साल के हैं। सतीसन के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार का मुकाबला करने और पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले एलडीएफ की हार के लिए आधार तैयार करने में विपक्ष के नेता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चुनावों से पहले, कन्नूर के सांसद के. सुधाकरन भी विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन कथित तौर पर पार्टी नेतृत्व और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने उन्हें दौड़ से बाहर रहने के लिए मना लिया। कांग्रेस ने सैद्धांतिक रुख अपनाया था कि कोई भी मौजूदा सांसद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा। क्या नतीजों के बाद भी किसी सांसद को मुख्यमंत्री के रूप में चुना जा सकता है, यह अब एक सवाल है जिसका जवाब पार्टी आलाकमान को देना होगा। 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में कांग्रेस ने 63 सीटें जीतीं। इसके सहयोगियों – आईयूएमएल (22), केरल कांग्रेस (8), और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (3) – ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को कुल मिलाकर 102 सीटें हासिल करने में मदद की, जो आराम से दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को पार कर गई। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम (त्रिवेंद्रम), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया सतीसन, वेणुगोपाल, चेन्निथला: केरल में कांग्रेस की म्यूजिकल चेयर में सिर्फ एक कुर्सी है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री की दौड़(टी)कांग्रेस नेतृत्व संकट(टी)केरल कांग्रेस गुट(टी)राहुल गांधी निर्णय(टी)केसी वेणुगोपाल केरल(टी)वीडी सतीसन सीएम दावेदार(टी)रमेश चेन्निथला नेतृत्व(टी)आईयूएमएल सतीसन का समर्थन करता है
एक्टर विजय की शपथ में माता-पिता हाथ जोड़े रहे:पहली बार किसी नेता ने पैंट, शर्ट, सूट में शपथ ली, राहुल के साथ सेल्फी ली; 6 मोमेंट्स

तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर से नेता बने सी जोसेफ विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। शपथ के दौरान कुछ मोमेंट्स ऐसे भी रहे जो चर्चा में हैं। शपथ पत्र ना पढ़कर स्पीच देने लगे, जैसे ही बोला- ‘मैं जोसेफ विजय…..’ समर्थक 3 मिनट तक तालियां बजाते रहे। माता-पिता हाथ जोड़े दिखे। इस बीच गवर्नर ने टोक दिया। तमिलनाडु में शपथ के टॉप 5 मोमेंट्स… 1. सफेद शर्ट, ब्लैक पेंट और सूट में शपथ ली विजय ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए ट्रेडिशनल धोती और शर्ट (वेष्टी)की बजाय फॉर्मल लुक को चुना। इससे पहले नेता पारंपरिक तमिल पहनावा को ही चुनते थे। एमजी रामचंद्रन हमेशा अपनी प्रसिद्ध टोपी, चश्मे और सफेद वेष्टी-शर्ट में शपथ लेते थे। एम करुणानिधि भी अपनी पीली शॉल और सफेद पारंपरिक पहनावे के लिए जाने जाते थे। उनका ये मॉडर्न लुक तमिलनाडु के युवाओं के साथ जुड़ने और बदलाव के लिए उनकी कोशिश का हिस्सा हो सकता है। 2. शपथ लेने के दौरान विजय को गवर्नर ने टोका एक्टर विजय ने तमिल भाषा में शपथ ली। विजय शपथ पत्र की जगह निर्धारित लाइनों के अलावा और बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें टोक दिया। कहा कि वही पढ़ें जो लिखकर दिया है। इसके बाद इन्होंने लिखित शपथ पत्र को पढ़ा। गवर्नर ने उन्होंने शपथ के पहले और शपथ के बाद भी समझाया। 3. शपथ के दौरान विजय की माता-पिता हाथ जोड़े रहे विजय जब शपथ ले रहे थे तब उनके माता-पिता भावुक हो गए। दोनों हाथ जोड़कर उन्हें सुनते दिखे। पिता एसए चंद्रशेखर प्रसिद्ध तमिल फिल्म निर्देशक और निर्माता हैं। उनकी माता का नाम शोभा चंद्रशेखर है, जो एक जानी-मानी पार्श्व गायिका और लेखिका हैं। 4. शपथ पहली बार स्टेडियम में, समर्थक ताली बजाते रहे तमिलनाडु में आमतौर पर शपथ खुले मैदान में होती है। पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सरकार ने शपथ ग्रहण के लिए स्टेडियम को चुना। एक्टर विजय जैसे शपथ पत्र के पहले शब्द, ‘मैं सी जोसेफ विजय ….’ बोला स्टेडियम तालियों से गूंज गया। उन्हें कुछ सेकेंड रुकना पड़ा और फिर शपथ पूरी की। 5. राहुल इकलौते बड़े नेता जो शपथ में पहुंचे रहे,सेल्फी ली शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी इकलौते बड़े नेता थे, जो मंच पर मौजूद रहे। विजय ने राहुल के साथ सेल्फी भी ली। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय 2009 में कांग्रेस ज्वाइन करना चाहते थे। वह विधायक का चुनाव लड़ना चाहते थे। इसके लिए वे दिल्ली मिलने पहुंचे थे, तब राहुल कांग्रेस में महासचिव थे। उस वक्त राहुल ने उन्हें सुझाव दिया था कि वे पहले यूथ कांग्रेस का चुनाव लड़कर खुद को साबित करें। विजय चेन्नई लौट आए और अपनी पार्टी बना ली। इसलिए उनका कांग्रेस से जुड़ाव रहा है। 6. सीएम बनते ही विजय ने 3 ऑर्डर दिए पहला ऑर्डर 200 यूनिट बिजली फ्री CM जोसेफ विजय ने शपथ के एक घंटे में 3 बड़े ऑर्डर जारी किए। उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट फ्री बिजली देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल बनाने वाली फाइल साइन की।








