राजस्थान की ये मशहूर ‘मारवाड़ी दही मिर्च’ की अनोखी उंगलीयां चाट, घर पर 10 मिनट में जानें; जानिए गुप्त रेसिपी

राजस्थान के प्रसिद्ध भोजन: राजस्थान अपनी वीरता, किलो और रेगिस्तानों के साथ-साथ अपनी लाजवाब जायके के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां के खाने में जो मसाले और स्वाद का संतुलन है, उसे कोई भी अपना दीवाना बना सकता है। ऐसा ही यहां का पारंपरिक व्यंजन है ‘मारवाड़ी दही मिर्च’, जिसे लोग काफी पसंद करते हैं। जब भी घर में कोई खसखस सब्जी न बनी हो या दाल-चावल का स्वाद थोड़ा बेकार लगे तो यह दही मिर्च थाली की जान बन जाती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह दही के खटास के साथ-साथ होने के कारण बेहद चटपटी लगती है। दही काली मिर्च कैसे बनाएं? सबसे पहले हरी मिर्च को धोकर सुखा लें। अब इनके बीच में चीरा के टुकड़े या फिर छोटे-छोटे गोल आटे में काट लें। एक कड़ाही में तेल गरम करें। राई, हिंग और सौंफ का तड़का कक्ष। राजस्थान में सौंफ का उपयोग ठंडक और पेट की ठंडक के लिए अनिवार्य रूप से किया जाता है। अब कड़कही में काली मिर्च और फैला हुआ प्राकृतिक होने तक। इसी समय हल्दी और नमक मिलाप। जब काली मिर्च पक जाए तो उसमें धनिया पाउडर और सौंफ पाउडर डाल दें। ध्यान रहे कि समग्र न हो ताकि अन्यत्र जलें। अंत में गैस की आबंटन करें और फेंटा हुआ दही डालें। इसे लगातार बनाए रखें जब तक कि दही में दोस्ती न आ जाए और यह काली मिर्च के साथ अच्छी तरह से दोस्ती न हो जाए। मारवाड़ी दही मिर्च क्यों है खास? दही-दही-मिर्च का स्वाद बेमिसाल है, साथ ही स्वास्थ्य के लिहाज से भी मसालेदार है, यहां दही और सौंफ का उपयोग सुपाच्य बनाया जाता है। राजस्थान के लोग इसे यात्रा के दौरान भी साथ ले जाना पसंद करते हैं क्योंकि यह जल्दी बुरा नहीं होता। अगर आप अपने रोजमर्रा के खाने में एक राजस्थानी इकट्ठी बनाना चाहते हैं, तो ‘मारवाड़ी दही मिर्च’ एक बेहतरीन विकल्प है। यह सिर्फ आपके खाने का स्वाद नहीं बढ़ाएगा बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है। आज ही इसे अपनी रसोई में डिज़ाइन करें। (टैग्सटूट्रांसलेट)मारवाड़ी दही मिर्च रेसिपी(टी)राजस्थानी व्यंजन फूड(टी)बेस्ट राजस्थानी साइड डिश(टी)दही हरी मिर्च रेसिपी(टी)प्रामाणिक राजस्थान मसालेदार खाना
गर्मियों में शहद खाना चाहिए या नहीं? जानें फायदे-नुकसान और सेवन का सही तरीका

Is honey beneficial or harmful in summer: गर्मियों के मौसम में आमतौर पर ऐसी चीज़ें खाने की सलाह दी जाती है,जिनकी तासीर ठंडी हो, क्योंकि इस समय बाहरी गर्मी के साथ शरीर में पित्त भी बढ़ जाता है. हालांकि, लोगों को इस बात की जानकारी सही से नहीं होती है कि कौन से फूड की तासीर ठंडी है या गर्म. ऐसे में वे अनजाने में गर्मियों में गर्म तासीर वाली चीजें भी अधिक खा लेते हैं. इससे शरीर में गर्मी और बढ़ जाती है. शहद भी एक ऐसा ही खाद्य पदार्थ है, जो शरीर की गर्मी को बढ़ाने का काम करता है. ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी है कि यदि कोई व्यक्ति शहद अधिक मात्रा में सेवन करता है, तो उसे क्या कोई नुकसान होगा या फिर सेहत को लाभ मिलेगा? जानिए आयुर्वेद के अनुसार यहां कि क्या गर्मियों में शहद लेना सही है और खाएं भी तो किस तरीके और कितनी मात्रा में… आयुर्वेद में शहद का महत्व आयुर्वेद के अनुसार,शहद को अमृत के समान माना गया है. इसकी तासीर गर्म और नमी देने वाली होती है, लेकिन इसे योगवाही भी कहा जाता है. इसका मतलब है कि शहद जिस चीज के साथ लिया जाए, उसी के गुणों को बढ़ा देता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. गर्मियों में सीधे शहद खाने के नुकसानअगर शहद को बिना किसी चीज के सीधे खाया जाए, तो यह शरीर में पित्त बढ़ा सकता है. इससे खासकर गर्मियों में गर्मी और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. शहद के सेवन का सही तरीका -सुबह नींबू पानी के साथ लें. मिट्टी के घड़े के पानी में शहद और नींबू मिलाकर सुबह खाली पेट लेने से शरीर ठंडा रहता है. वजन नियंत्रण में मदद मिलती है. -सत्तू में मिलाकर भी आप शहद का सेवन कर सकते हैं. चीनी की जगह सत्तू में शहद मिलाने से शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों मिलती है.यह मिश्रण हाइड्रेशन बनाए रखता है. थकान भी कम करता है. -दही के साथ खाना भी बेस्ट माना जाता है. आप दोपहर में दही और शहद को मिक्स करके खा सकते हैं. इससे पाचन बेहतर होता है. यह लू से बचाने में भी मददगार है. किन चीजों के साथ न लें शहदशहद को कभी भी घी के साथ नहीं लेना चाहिए. आयुर्वेद में इसे ‘विरुद्ध आहार’ माना गया है. इससे शरीर में गर्मी बढ़ सकती है. वात-पित्त का संतुलन बिगाड़ सकता है. नोट: ऐसा नहीं कि आप गर्मियों में शहद का सेवन ही नहीं कर सकते हैं. यह पूरी तरह से हानिकारक नहीं है. इसे सही तरीके और सही संयोजन के साथ लेना जरूरी है. सही उपयोग करने पर यह शरीर को ठंडक, ऊर्जा और कई स्वास्थ्य लाभ दे सकता है.
मुरैना में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से 9 घायल:आंधी-बारिश के बीच दूसरी मंजिल ढही, खेल रहे बच्चे भी चपेट में आए

मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत डोमपुरा इलाके के लोरीपुरा में गुरुवार शाम निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे के नीचे कुल 9 लोग दब गए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, लोरीपुरा में महेंद्र सिंह के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान दूसरी मंजिल की दीवार खड़ी की जा रही थी। शाम के समय अचानक तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि के कारण दीवार भरभराकर नीचे गिर गई। इसी दौरान मकान के पास और दरवाजे के आसपास कुछ बच्चे और स्थानीय लोग बैठे और खेल रहे थे, जो दीवार के मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में कुल 9 लोग घायल हुए हैं। घायलों में बच्चे भी शामिल घायलों में भोल (12), खुशबू (14), करुआ (11), नैंसी (11), नव्या (13), अंजलि (18), राजवीर (35), सपना (38) और आशीष (20) शामिल हैं। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। थाना प्रभारी बोले- जांच करेंगे सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि लोरीपुरा में निर्माणाधीन मकान की दीवार आंधी-तूफान के कारण गिर गई। हादसे में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना की आवश्यक जांच की जाएगी।
बनारस और पटना के लिए शुरू कराएं हवाई सेवा:सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- मेट्रोपॉलिटन और इंडस्ट्रियल एरिया में हेलीपैड प्रायरिटी में बनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकसित होने वाले मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के परिसर में हेलीपैड निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। हेली सेवाओं के विस्तार के लिए हेलीपैड निर्माण में निजी क्षेत्र का सहयोग प्राप्त किया जाए। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। विमानन विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निर्देश दिए कि उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए संचालित कार्यों को समय सीमा में पूरा करें। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि उज्जैन एयरपोर्ट में एयरफील्ड का कुल क्षेत्रफल 95 एकड़ है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन एयरपोर्ट 2700 मीटर लंबाई के रनवे के साथ कुल 4 हजार 100 मीटर लंबाई में विकसित होगा। इसके लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि के लिए 590 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए एयरपोर्ट उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट के विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के संचालन के संबंध में भी चर्चा हुई। एविएशन पाठ्यक्रम का लाभ युवाओं को दिलाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ दक्ष पायलट और अन्य प्रशिक्षित अमले की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति में एविएशन पाठ्यक्रम को रोजगारपरक शिक्षा की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा एविएशन कोर्स का लाभ युवाओं को दिलवाने के लिये प्रयास करने के निर्देश दिए। रीवा से 24 हजार यात्रियों ने उठाया हवाई सेवा का लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 फरवरी 2025 में जारी की गई थी। नीति में विमानन क्षेत्र की समग्र वैल्यू चैन के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में नए आयाम जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन नीति की सफलता के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के एयरपोर्ट से नए गंतव्यों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स को दी जा रही है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 की सफलता का ही यह प्रमाण है कि छह माह में रीवा से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है। रीवा से दिल्ली, रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन और रीवा से इंदौर प्रतिदिन फ्लाइट उपलब्ध है। पिछले चार माह में रीवा से इंदौर की ऑक्यूपेंसी 85 प्रतिशत और पिछले डेढ़ माह में रीवा से रायपुर की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक है। रीवा- नई दिल्ली फ्लाइट की ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन विभाग संजय कुमार शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह, सचिव वित्त लोकेश जाटव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सर में नाम कटा, सत्यापन में देरी और फिर सूची में पर्यटक नाम… 104 साल के केन्या में बंगाल चुनाव में मिला वीआईपी दौरा

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित 104 साहूकार इब्राहिम ने लोकतंत्र में वोट डाला। मतदाता सूची में नाम की गड़बड़ी के बाद भी मतदान। चुनाव आयोग ने इब्राहिम को दी सुविधा. बड़बड़ाना ने नामांकित नामांकित कलाकार को प्रस्तुत किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुई विधानसभा चुनाव के दौरान कई तरह की घटनाएं देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बीच एक ऐसी घटना भी सामने आई है, जिसने लोकतंत्र और मतदान के प्रति एक लोकतंत्र की जिम्मेदारी को दृढ़ता से मजबूत किया है। दरअसल, हम पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान के रहने वाले एक 104 साल के डेमोक्रेट के बारे में बात कर रहे हैं, जो देश की आजादी के बाद हर चुनाव में अपना वोट डाल रहे हैं और वे 104 साल की उम्र में भी रविवार (29 अप्रैल, 2026) को बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव के दौरान अपना वोट वोट डेमोक्रेटिक के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। हालाँकि, इस बार बंगाल चुनाव में 104 बैराज क्रिएटर्स के लिए वोट देना आसान नहीं था। दरअसल, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें उनके नाम पर नामांकन होने के कारण विचार रखा गया था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि साल 2002 की बंगाल वोटर लिस्ट में उनका नाम बंगाल वोटर लिस्ट में शामिल हो गया था, जबकि 2025 की लिस्ट में उनका नाम मैक्सिमम बंगाल की लिस्ट में शामिल हो गया था। यह भी पढ़ें: पवन एसोसिएट ने अपने बारे में असम के मुख्यमंत्री के स्मारक पर फैसला सुनाया, सुप्रीम कोर्ट में सजा सुनाते हुए सुरक्षित आदेश दिया अत्यंत बुजुर्ग आदिवासियों को चुनाव आयोग से मिला वीआईपी प्रवेश द्वार वोटर्स लिस्ट में नाम होने के साथ ही वोट करने की प्रक्रिया के दौरान इतना समय लग गया कि 85 साल से अधिक की उम्र के 104 साल पुराने वोट देने वाले घर से वोट करने की दी जाने वाली सुविधा का लाभ नहीं उठाया जा सका। वहीं, दूसरी तरफ डेमोक्रेट इब्राहिम वोट की अपनी जिम्मेदारी के किरदार की जिद पर अड़े रहे। उनकी इस दृढ़ निश्चय को देखते हुए चुनाव आयोग ने उनकी बैठकें निकालीं और उनके लिए एक गाड़ी और एक व्हीलचेयर निकाली, ताकि वे रविवार (29 अप्रैल) को अपने मतदान केंद्र पर अपना वोट डाल सकें। चुनाव आयोग ने 104 वोटरों को उनके घर से जयपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए केंद्र तक आने वाली वोटिंग के तहत गाड़ी की व्यवस्था के लिए चुना। इसके बाद उन्हें बूथ के अंदर वोट देने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में प्रवेश पत्र दिया गया। जिसके बाद इब्राहिम इब्राहिम ने अपने बेटे शेख़ बाग़बुल इस्लाम के साथ मिलकर अपना वोट डाला। वोट के बाद 104 रेस्टॉरेंट ने वोट दिया खुशी पश्चिम बंगाल के पूर्वी वर्धमान जिले के जामपुर में रहने वाले 104 साल पहले 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपना वोट स्कॉलर खुशियों को जाहिर करते हैं। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि वोट का प्रस्ताव मुझे बहुत खुशी दे रहा है। मुझे यह समझ में नहीं आ रहा है कि मेरा नाम आकर्षक वोटर लिस्ट से क्यों हटा दिया गया, लेकिन मैं एक वैध धर्मांध हूं और मेरा जन्म बत्रिशबीघा गांव में हुआ था।’ यह भी पढ़ेंः जहांगीर खान विवाद: ‘हम भी फूल हैं, झुकेंगे नहीं, 200 प्रतिशत…’, वोटर्स को धमकाने के आरोप पर बोले टीएमसी नेता जहांगीर खान
मैहर अस्पताल पहुंची 5 सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम:लेबर रूम के स्ट्रक्चर में मिली खामी; 6 बेड का MNCU शुरू करने के निर्देश

सतना जिले में कुपोषण से हुई मौतों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम ने गुरुवार को मैहर सिविल अस्पताल का जायजा लिया। वरिष्ठ उप संचालक डॉ. राकेश बोहरे और उप संचालक डॉ. हिमानी यादव के नेतृत्व में आई टीम ने चाइल्ड हेल्थ सेवाओं और पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की समीक्षा की। टीम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पोषण पुनर्वास केंद्र की सेवाओं पर जताई संतुष्टि जांच टीम ने सबसे पहले अस्पताल के एनआरसी वार्ड का निरीक्षण किया, जहाँ चिकित्सकीय सुविधाएं बेहतर पाई गईं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषित बच्चों को समय पर भर्ती कराने के प्रयासों की टीम ने सराहना की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और जरियारी गांव के एक कुपोषित बच्चे की विस्तृत केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए। एमएनसीयू के विस्तार और ओटी मरम्मत के निर्देश डिप्टी डायरेक्टर चाइल्ड हेल्थ ने सिविल अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार हेतु 6 बेड का एमएनसीयू (MNCU) संचालित करने के निर्देश जारी किए। वहीं, नवनिर्मित मॉड्यूलर ओटी के निरीक्षण में लेबर रूम के स्ट्रक्चर में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां पाई गईं। टीम ने सुधार होने तक इसे हैंडओवर न करने की हिदायत दी है और इंजीनियर के माध्यम से तकनीकी खामियां ठीक कराने को कहा है। आशा कार्यकर्ताओं की ड्रेस और फील्ड मॉनिटरिंग पर सुझाव निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण और फील्ड मॉनिटरिंग की भी जांच की गई। टीम ने प्रशासनिक सुधार के तहत आशा कार्यकर्ताओं की साड़ी का रंग बदलकर बैंगनी करने का सुझाव दिया। इस दौरान राज्य सलाहकार डॉ. आरती पांडेय, डॉ. अमित द्विवेदी, डॉ. भरत जैन सहित जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
नीमच में श्रद्धा के साथ मनाया नरसिंह जयंती महोत्सव:अग्रवाल समाज मंदिर में लगाए 56 भोग; जीवंत नरसिंह लीला देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

नीमच के घंटाघर स्थित अग्रवाल समाज के नृसिंह मंदिर में गुरुवार को भगवान नरसिंह जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। प्रातः अभिषेक से शुरू हुए इस उत्सव में शाम को भव्य नरसिंह लीला का मंचन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन लाभ लिए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। 56 भोग और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण उत्सव के तहत सुबह 8:30 बजे भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। दोपहर में नृसिंह परिवार महिला मंडल द्वारा भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर आयोजित भजन-कीर्तन में महिला श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय बना रहा। जीवंत लीला: खंभ फाड़कर प्रकट हुए भगवान शाम 7:15 बजे गोधूलि बेला में नरसिंह लीला का मुख्य आकर्षण शुरू हुआ। कलाकारों ने हिरण्यकश्यप वध और भक्त प्रह्लाद की रक्षा के प्रसंग का जीवंत मंचन किया। जैसे ही भगवान नरसिंह खंभ फाड़कर प्रकट हुए, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी बेला में भगवान ने धर्म की स्थापना की थी। आरती के साथ उत्सव का समापन अग्रवाल समाज के अध्यक्ष ओम प्रकाश बंसल ने बताया कि यह उत्सव प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से मनाया जाता है। लीला मंचन के पश्चात रात्रि में भगवान की भव्य महाआरती की गई, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद का वितरण किया गया।
जबेरा में नरसिंह प्रगटोत्सव पर निकली शोभायात्रा:अखाड़ों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब; बरगी हादसे की खबर सुन बीच में रवाना हुए मंत्री

दमोह जिले के जबेरा में गुरुवार रात भगवान नरसिंह प्रगटोत्सव पर शोभायात्रा निकाली गई। प्राचीन सिद्ध पीठ नरसिंह देवालय से शुरू हुई इस यात्रा में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, स्वामी रंजीतानंद सरस्वती महाराज सहित अनेक संत और आचार्य शामिल हुए। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बरगी डैम हादसे की सूचना पर रवाना हुए मंत्री शोभायात्रा के बाद कार्यक्रमों के दौरान पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने और जनहानि की सूचना मिली। इस बड़ी दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री कार्यक्रम को बीच में छोड़कर तत्काल जबलपुर के लिए रवाना हो गए। अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन और धार्मिक अनुष्ठान शोभायात्रा के दौरान अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक लाठी कला और शौर्य का प्रदर्शन किया। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस प्रगटोत्सव के उपलक्ष्य में प्राचीन नरसिंह मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान आचार्यों के सानिध्य में पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए। संतों की उपस्थिति में हुआ विधिवत समापन मंत्री के प्रस्थान के बाद आनंद धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रंजीतानंद सरस्वती और दंडी स्वामी की उपस्थिति में शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
नीमच शहर में भारी वाहनों की 'नो एंट्री':सुबह 9 से रात 10 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे ट्रक; उल्लंघन पर होगी FIR

नीमच शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने गुरुवार को आदेश जारी कर शहर के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध 15 जून तक प्रभावी रहेगा। सुबह 9 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों पर रोक प्रशासनिक आदेश के अनुसार, शहर के संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इंदौर में बीते वर्ष भारी वाहनों से हुए हादसों से सबक लेते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान हिंगोरिया रेलवे फाटक, जावद फन्टा, टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान जैसे प्रमुख रास्तों पर भारी वाहन नहीं चल सकेंगे। इन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई यदि कोई वाहन चालक ‘नो एंट्री’ के नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इन प्रमुख मार्गों को ‘नो एंट्री जोन’ में किया शामिल प्रतिबंध के दायरे में शहर के लगभग सभी प्रवेश द्वार और मुख्य मार्ग शामिल किए गए हैं। प्रवेश पॉइंट: हिंगोरिया रेलवे फाटक, भरभड़िया फन्टा, जावद फन्टा और नाका नंबर 7। मुख्य मार्ग: फव्वारा चौक, अंबेडकर रोड, मूलचंद मार्ग, पंचवटी कॉलोनी रोड और चमड़ा कारखाना मार्ग। संवेदनशील क्षेत्र: टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान तक का पूरा हिस्सा।
हनुवंतिया बैकवॉटर में भोपाल के व्यक्ति की डूबने से मौत:तेरहवीं कार्यक्रम के बाद घूमने पहुंचा था, गहरे पानी में जाने से हादसा

खंडवा जिले के हनुवंतिया बैकवॉटर में गुरुवार शाम 40 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बसंत पिता मेहताब कोठारे, निवासी शाहपुरा, भोपाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बसंत अपने भाई-भाभी और अन्य रिश्तेदारों के साथ खंडवा जिले के बीड़ क्षेत्र स्थित कौड़ियां खदान में एक पारिवारिक कार्यक्रम (तेरहवीं) में शामिल होने आया था। कार्यक्रम के बाद सभी लोग घूमने के लिए हनुवंतिया पहुंचे थे। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे बसंत बैकवॉटर में नहाने उतरा और अचानक गहरे पानी में चला गया। परिजनों ने तुरंत उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बीड़ पुलिस चौकी प्रभारी राधेश्याम मालवीय के मुताबिक, मृतक भोपाल में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मूंदी अस्पताल भेज दिया है। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।







