Thursday, 15 Oct 2026 | 04:16 PM

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लौकी पुदीना की चटनी रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडक देने वाली लौकी पुदीना की चटनी, चावल-रोटी के साथ बच्चे भी लेंगे मजा; विधि नोट करें

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आवश्यक सामग्री: लोकी, पुदीना स्वाद, हरा धनिया, 1-2 हरी मिर्च, 2-3 कलियां लहसुन, 2-3 देशी घी, नमक स्वाद, 1/2 छोटा मसाला, 1-2 चम्मच जीरा, 1 मसाले का रस छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले लोकी को चुटकी बजाते हुए छोटी सी दुकान में काट लें। अब इसे सा फ्रेम लें या स्टीम कर लें, ताकि रॉपन खत्म हो जाए। छवि: सोशल मीडिया मसाले में मसाले वाली लौकी, पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च और लहसुन शामिल हैं। अब इसमें दही, नमक, जीरा और नींबू का रस शामिल है। सभी बच्चों को अच्छी तरह से पीस लें, जब तक नियुक्ति तैयार न हो जाए। छवि: एआई अगर आपको तीखा पसंद है तो हरी मिर्च बढ़ा सकते हैं। ठंडक के लिए इसमें छोटा सा दही जरूर डालें। फ़्लोरिडा तो ऊपर से थोड़ा सा जीरा पाउडर छिड़क सकते हैं। छवि: मेटा एआई लौकी के शरीर को ठंडी रचना है। पुदीना पाचन को बेहतर बनाता है। हीट डायहाइड्रेशन से बचाव में मदद मिलती है। उपकरण और उपकरण होने के कारण वजन नियंत्रण में भी सहायक होता है। छवि: फ्रीपिक लौकी और पुदीने की चटपटी चटनी को आप गरम-गरम रोटी या पराठे के साथ, दाल-चावल के साथ या फिर मसाले के साथ डिप के रूप में सर्व कर सकते हैं. छवि: फ्रीपिक अगर आप गर्मी में कुछ ताकतवर, ताकतवर और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो लोकी-पुदीना की ये चटनी आपके लिए असर करती है। इसे बनाना आसान है और स्वाद इतना मजेदार कि बच्चा भी बार-बार मांगेगा। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

दो दुकानों से बेटे का कब्जा हटाया, पिता को सौंपी:बुजुर्ग पैसे की तंगी परेशान थे, जनसुनवाई में कलेक्टर से की थी शिकायत

दो दुकानों से बेटे का कब्जा हटाया, पिता को सौंपी:बुजुर्ग पैसे की तंगी परेशान थे, जनसुनवाई में कलेक्टर से की थी शिकायत

निवाड़ी जिला प्रशासन ने एक बुजुर्ग पिता की शिकायत पर उनके बेटे के कब्जे से दो दुकानें खाली कराईं। कलेक्टर जमुना भिड़े के आदेश पर पुलिस और राजस्व की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को उनकी संपत्ति वापस दिलाई। जेरोन खालसा के रहने वाले रामचरण सोनी और प्यारेलाल सोनी मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे मुकेश सोनी ने उनकी खुद की दो दुकानों पर अवैध कब्जा कर ताला लगा दिया है। इससे उन्हें पैसे की तंगी हो रही थी और वे काफी परेशान थे। कलेक्टर ने वीसी के जरिए दिए तुरंत आदेश कलेक्टर जमुना भिड़े ने बुजुर्गों की पीड़ा सुनकर तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए नायब तहसीलदार वंदना सिंह को निर्देश दिए कि दुकानों का ताला तोड़कर पिता को कब्जा दिलाया जाए। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि माता-पिता के जीवित रहते बच्चा उनकी संपत्ति पर इस तरह कब्जा नहीं कर सकता। मौके पर पहुंची टीम, दिलाया कब्जा बुधवार शाम को कलेक्टर का आदेश मिलते ही नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दुकानों के ताले खुलवाए और अवैध कब्जा हटाकर रामचरण सोनी को उनकी दुकानें सौंप दीं। इतनी जल्दी न्याय मिलने पर बुजुर्ग पिता ने प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि बुजुर्गों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों की समस्याओं का तुरंत हल निकालना ही उनकी प्राथमिकता है।

दमोह में 11 साल की बच्ची से दो बार गैंगरेप:हटा के दो युवकों पर पॉक्सो एक्ट में केस, आरोपियों की तलाश जारी

दमोह में 11 साल की बच्ची से दो बार गैंगरेप:हटा के दो युवकों पर पॉक्सो एक्ट में केस, आरोपियों की तलाश जारी

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में 11 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बुधवार रात परिजन साथ थाने पहुंचकर दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मामले की जांच कर रही महिला एसआई प्रीति पांडे ने बताया कि आरोपियों ने मासूम के साथ यह दरिंदगी पहली बार नहीं की है। करीब 10-12 दिन पहले भी उन्होंने बच्ची के साथ गलत काम किया था। उस वक्त बच्ची इतनी डरी हुई थी कि उसने घर में किसी को कुछ नहीं बताया। आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया और मंगलवार रात दोबारा उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों की तलाश जारी हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी के मुताबिक, शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गैंगरेप की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में दो नाम सामने आए हैं- दानिश कुरैशी (20 साल) वारिक (19 साल) ये दोनों आरोपी हटा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें इनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही हैं। डॉक्टरी जांच के लिए भेजा गया अस्पताल पुलिस ने बच्ची के बयान दर्ज कर उसे मेडिकल चेकअप के लिए जिला अस्पताल भेजा है। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी गुस्सा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।

तस्वीरों में धार हादसा, एक एंबुलेंस में 4-4 लोग:कोई पिकअप के नीचे दबा, कोई सड़क पर पड़ा रहा, अस्पताल में शव ढूंढते रहे परिजन

तस्वीरों में धार हादसा, एक एंबुलेंस में 4-4 लोग:कोई पिकअप के नीचे दबा, कोई सड़क पर पड़ा रहा, अस्पताल में शव ढूंढते रहे परिजन

मध्य प्रदेश के धार में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सामने आई तस्वीरें घटनास्थल की भयावहता बयां कर रही हैं। मजदूरों से भरा पिकअप वाहन स्कॉर्पियो को टक्कर मारने के बाद पलट गया, जिसमें अब तक दो बच्चों समेत 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा स्थित जियो पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे हुआ। तस्वीरों में मौके पर मची अफरा-तफरी, क्षतिग्रस्त वाहन और घायलों को अस्पताल ले जाते दृश्य साफ नजर आ रहे हैं। हादसे की 12 तस्वीरें

तमिलनाडु में टीवीके, केरल में बीजेपी और किस बंगाल में कांग्रेस का सूपड़ा साफ? एक्जालिट पोल में कहां-कहां जीरो का खतरा

तमिलनाडु में टीवीके, केरल में बीजेपी और किस बंगाल में कांग्रेस का सूपड़ा साफ? एक्जालिट पोल में कहां-कहां जीरो का खतरा

विधानसभा चुनाव 2026 एग्जिट पोल: बंगाल में अंतिम चरण के चुनाव के समापन के साथ ही अब स्टाल का इंतजार है। चार मई को सभी बेंचमार्क राज्य, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिल और पुडुचेरी के नतीजे सामने आएंगे। ऐसे में चुनाव ख़त्म होने के बाद कई विज्ञापन पोल जारी किये गये। इन पोल्स में अलग-अलग राज्यों की तस्वीरें के आंकड़े जारी किए गए हैं। इनमें से कई राज्यों में भाजपा और कांग्रेस की एक भी सीट नजर नहीं आ रही है। तमिल टीवीके थ्री एलेक्टिट पोल में खुला पा रही खाता तमिल की बात करें तो पांच एजेंसी के एलॉगिट पोल सामने आ गए हैं. इनमें मैट्रीज़, चाणकया स्ट्रैटेजीज़, पोल डायरी, प्रजा पोल और इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया द्वारा किए गए सर्वेक्षण शामिल हैं। इनमें से सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के छात्रों, शिक्षकों की सबसे बड़ी पार्टी उभर कर सामने आई है। वहीं, बीजेपी ने एआईएडीएमके बहुमत के आडे से पार्टी पर नजर रखी है. वहीं टीवीके की बात करें तो इनमें से तीन एलेक्टिट पोल में टीवीके पर नजर नहीं आ रही है। यानी खाता भी नहीं खोल पा रही है. इन डाकिट पोल में चाणक्य रणनीति, पोल डायरी, प्रजा पोल के आंकड़े शामिल हैं। असम में बीजेपी के वापसी के संकेत वहीं, असम की बात करें तो इन पांच समूहों में पोलिट बीजेपी और कांग्रेस को प्रमुखता दी गई है। भाजपा गठबंधन की सरकार असम में पार्टी वापसी के संकेत दे रही है। केरल में बीजेपी चार एलेक्टिट पोल में शून्य नहीं केरल के इलेक्ट्रॉनिक पोल की बात करें तो चार डिजिटल पोल जारी हो गए हैं। यह कांग्रेस गठबंधन यानी यू.एस. इफ़ेक्ट को बहुमत बैठक का आकलन दिया गया है। दूसरी सबसे बड़ी पार्टी वामपंथी गठबंधन है, जो पिछले 10 संतों से सत्ता में है। वहीं, बीजेपी के लिए केरल की सरकार दूर का सपना देख रही है। यहां चारिट पोल में बीजेपी का खाता भी राज्य में खुला नहीं है। इनमें मैट्रिज, चाणक्य स्ट्रैटेजीज, पीपल्स पल्स, इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया के सर्वे शामिल हैं। पुड्डुचेरी में बीजेपी को बहुमत पुड्डुचेरी एकेलगेट पोल में बीजेपी की सबसे बड़ी पार्टी उभरकर सामने आई है। हालाँकि, इस कांग्रेस के सदस्यों में भी अच्छे अनुयायी नज़र आ रहे हैं। कांग्रेस को बंगाल में नहीं मिल रही पूजा यहां करें बंगाल की बात, तो यहां सभी पोल में बीजेपी की सरकार पर नजर आ रही है. साथ ही दो अन्य एकेलिट में पोल ​​में बहुमत बैठक का अनुमान लगाया गया है। हालांकि कांग्रेस ने इस चुनाव में बंगाल में अपना खाता भी नहीं खोला, ऐसा अनुमान लगाया गया है. पेज पोल में अन्य के बारे में 0- 5 के बीच अनुमान लगाया गया है। यानी कांग्रेस का बंगाल में खुल कर नामुमकिन सा नजर आ रहा है. यह भी पढ़ें: न डीएमके+, न बीजेपी+, तमिल में विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी, चुनावी पोल में ‘थलापति’ के आगे सब फेल” href=’https://www.abplive.com/elections/tamil-nadu-axis-my-india-exit-polls-2026-vijay-party-tvk-big-party-seat-prediction-dmk-mk-stalin-3122119′ target=’_self’>ना DMK+, ना बीजेपी+, तमिल में विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी, एक्जिट पोल में ‘थलापति’ के आगे सब फेल

गर्मियों में कूलर के पानी की सफ़ाई के टिप्स: नागालैंड में पानी से आती है बर्बादी? इस एक चीज को छोड़ दिया से रहेगा साभा, हवा भी रहेगी जिंदा-ठंडी

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लंबे समय तक पानी न निकलना, कूड़ा-मिट्टी और कचरा जमा होना, प्लास्टिक के अंदर काई या कचरा जमा होना, खराब गुणवत्ता का पानी का इस्तेमाल होना। मित्रता सभी कारणों से डेमोक्रेट से सस्ता दिखता है। छवि: एआई ब्लॉकचेन के पानी में फिटकरी का सबसे आसान और असरदार उपाय। अर्थशास्त्र में पानी की शिकायत के बाद एक छोटा टुकड़ा फिटकरी की दाल या फिटकरी को पानी में नासाकर भी डाल सकते हैं। इसे हर 2-3 दिन में बिना रुके रुकें। छवि: फ्रीपिक ऐसा करने से शैतान का पानी साफ रहता है, प्लास्टिक खत्म हो जाता है, मिट्टी और गंदगी कम होती है और हवा विशाल और ताजा दिखती है। छवि: एआई नोटबन्दी को साफ-सुथरा रखने के जरूरी टिप्स: हर 2-3 दिन में पानी कम हो जाता है। सप्ताह में एक बार लैपटॉप की साफ-सफाई करें। कूलिंग पैड यानी घास को धोते रहो। छवि: एआई नीम की गाड़ियां भी डाल सकती हैं। ये वैज्ञानिक विरोधी वैज्ञानिक होते हैं। इसके अलावा ब्लॉकचेन को छांव में रखें ताकि पानी जल्दी खराब न हो। छवि: एआई चॉकलेट में ठंडा पानी या बर्फ की दाल हो सकती है। इसके अलावा एयर फ़्लो के लिए विंडो खुली खुली रखें। साथ ही, लैपटॉप के पैड हमेशा चॉकलेट के साथ। छवि: एआई बहुत अधिक केमिकल का प्रयोग न करें। पुराना या बेकार पानी लंबे समय तक नहीं। ब्लॉकचेन बंद करने से पहले पानी खाली कर दें। छवि: एआई अगर आप चाहते हैं कि आपका अर्थशास्त्र पूरी तरह से गर्म हवा दे, तो पानी की सफाई पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। छवि: एआई बस फिटकरी का छोटा सा टुकड़ा और छोटी सी सफाई और आपका शैतान हमेशा रहेगा ताजा और अस्तित्व से दूर रहेगा। छवि: एआई

ग्वालियर में छात्रा ने खुद को मारी गोली, मौत:सुसाइड नोट में लिखा- कम नंबर आए हैं, परिवार का नाम रोशन नहीं कर सकी

ग्वालियर में छात्रा ने खुद को मारी गोली, मौत:सुसाइड नोट में लिखा- कम नंबर आए हैं, परिवार का नाम रोशन नहीं कर सकी

ग्वालियर में 11वीं की छात्रा ने पिता की पिस्तौल से खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। गोली सीने में लगी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना बुधवार सुबह गिरराज जी मंदिर, घोसीपुरा बहोड़ापुर की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लिया। घटनास्थल से छात्रा के रजिस्टर में चार लाइनें लिखी मिलीं- “मेरे कम मार्क्स आए हैं। मैं परिवार का नाम रोशन नहीं कर सकी, इसलिए यह कदम उठा रही हूं। गुड बाय।” पुलिस ने रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट और फिंगरप्रिंट टीम को भी बुलाया गया। फिलहाल पुलिस प्राथमिक तौर पर यही मान रही है कि परीक्षा में कम अंक आने के कारण छात्रा ने यह कदम उठाया। शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित घोसीपुरा, गिरराज जी मंदिर के पास रहने वाले श्याम कुमार अहिरवार इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) में जवान हैं। परिवार में उनकी पत्नी दीप्ति अहिरवार, 17 वर्षीय बेटी ट्विंकल और एक बेटा है। ट्विंकल 11वीं की छात्रा थी और दो दिन पहले ही उसका रिजल्ट आया था। छात्रा रात को अपनी मां के साथ सोई थी। बुधवार सुबह करीब 7 बजे अचानक गोली चलने की आवाज से पूरे परिवार की नींद टूट गई। आवाज घर के सामने वाले कमरे से आई थी। परिजन दौड़कर वहां पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला और बेटी के कराहने की आवाज आ रही थी। खिड़की से देखा तो अंदर ट्विंकल लहूलुहान पड़ी थी। उसके सीने से खून बह रहा था और पास ही पिता की लाइसेंसी पिस्तौल पड़ी थी। खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे, अस्पताल ले गए, मौत इसके बाद परिजनों ने कमरे की खिड़की तोड़ी और भतीजे गौरव उर्फ अंश को अंदर भेजा। अंदर जाकर उसने गेट खोला। कमरे में पास ही ट्विंकल के पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी और ट्विंकल के सीने से खून बह रहा था, हालांकि उसकी सांस चल रही थी। तत्काल परिजन उसे पास के एक अस्पताल ले गए, जहां से उसे जेएएच के लिए रेफर कर दिया गया। जयारोग्य अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया। एग्जाम में आए थे कम नंबर पुलिस जांच में पता चला है कि छात्रा 11वीं की थी और कुछ दिन पहले ही उसका रिजल्ट आया था, जिसमें उसके नंबर काफी कम आए थे। इसी आधार पर पुलिस का मानना है कि उसने कम नंबर आने के कारण यह कदम उठाया। रजिस्टर में मिला सुसाइड नोट छात्रा के कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। यह नोट अंग्रेजी में लिखा है, जिसमें छात्रा ने परीक्षा में कम नंबर आने पर परिवार का नाम रोशन न कर पाने की बात लिखी है। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने बताया- एक नाबालिग ने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या की है। मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसे जब्त कर मामले की जांच की जा रही है।

कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

कान्हा में अमाही बाघिन के आखिरी शावक की मौत:9 दिनों में बाघिन और उसके 4 शावकों की जान गई; पूरा कुनबा खत्म

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व में बुधवार को अमाही बाघिन (T-141) और उसके आखिरी बचे शावक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले 9 दिनों के भीतर इस बाघ परिवार के सभी 5 सदस्य (बाघिन और उसके 4 शावक) खत्म हो गए हैं। बाघिन और उसके इकलौते बचे शावक को बचाने के लिए मुक्की के क्वॉरेंटाइन सेंटर में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी देखरेख कर रही थी, लेकिन बुधवार सुबह पहले बाघिन ने दम तोड़ा और फिर शाम को करीब 5:30 बजे शावक की भी मौत हो गई। कैसे उजड़ा बाघिन का कुनबा? बाघिन के बच्चों की मौत का सिलसिला 21 अप्रैल से शुरू हुआ था- 21 अप्रैल को पहले शावक की मौत। 24 अप्रैल को दूसरा शावक मृत मिला। 25 अप्रैल को तीसरे शावक ने दम तोड़ा। 29 अप्रैल को सुबह बाघिन और शाम को चौथे शावक की मौत। संक्रमण बनी मौत की वजह! कान्हा पार्क प्रबंधन ने बताया कि मृत बाघिन की उम्र करीब 8 से 10 साल और शावक की उम्र 15 से 18 महीने के बीच थी। डॉक्टरों की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम कर लिया है, जबकि शावक का पोस्टमार्टम और दोनों का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह किया जाएगा। शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण होना बताया जा रहा है। उठ रहे हैं गंभीर सवाल महज 9 दिनों के अंदर पूरा कुनबा खत्म हो जाने से पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतना घातक संक्रमण कैसे फैला और प्रबंधन इसे रोकने में नाकाम क्यों रहा, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बाघिन और शावक के शरीर के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं, आगे की जांच के लिए सैंपल लैब भेजे गए हैं।

2026 ने तोड़ा रिकॉर्ड! बंगाल में भारी मतदान क्या दर्शाता है? यह किसका पक्ष लेता है? निगाहें 4 मई पर | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 22:27 IST बंगाल चुनाव 2026: दोनों चरणों में 92.47% के संयुक्त मतदान के साथ – आजादी के बाद से सबसे अधिक – राज्य ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बंगाल चुनाव 2026: मतदान का प्रतिशत बताता है कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है। बंगाल ने अपना लोकतांत्रिक इतिहास फिर से लिखा है। दोनों चरणों में 92.47% के संयुक्त मतदान के साथ – आज़ादी के बाद से सबसे अधिक – राज्य ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन बूथ पर इस असाधारण उत्साह का वास्तव में क्या मतलब है? 2026 के विधानसभा चुनावों के दोनों चरणों में मतदान 2011 के ऐतिहासिक चुनावों के दौरान निर्धारित 84.72% के पिछले उच्च स्तर को पार कर गया। 23 अप्रैल को आयोजित चरण 1 में 93.19% दर्ज किया गया, जबकि चरण 2 – दक्षिण बंगाल और कोलकाता में 142 सीटों को कवर करते हुए – शाम 7:45 बजे तक लगभग 91.66% पर बंद हुआ। सीधे शब्दों में कहें तो बंगाल में पहले कभी इस तरह वोटिंग नहीं हुई. वास्तव में क्या टूटा था? 2011 के चुनाव बंगाल की राजनीतिक स्मृति में अंकित हैं – यही वह वर्ष था जब ममता बनर्जी ने भूकंपीय “पोरीबोर्टन” (परिवर्तन) लहर में वाम मोर्चे के 34 वर्षों के शासन को समाप्त कर दिया था। उस चुनाव में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था, जिसे लंबे समय तक राज्य में मतदाता उत्साह का स्वर्ण मानक माना जाता था। 2026 में, बंगाल ने चरण 2 में मतदान समाप्त होने से पहले ही उस आंकड़े को पार कर लिया था। संख्याएं, संक्षेप में, आपको बताती हैं कि यह चुनाव मतदाताओं के लिए उतना ही परिणामी लगता है। किन जिलों में सबसे ज्यादा मतदान हुआ? चरण 2 में दक्षिण बंगाल के जिलों में उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई: • पूर्व बर्धमान — 92.46% • हुगली — 90.34% • नादिया — 90.28% • दक्षिण 24 परगना — ~89.7% • हावड़ा — 89.44% दोनों चरणों को मिलाकर, पश्चिम बंगाल में कुल 6,82,51,008 मतदाता वोट डालने के पात्र थे। शहरी और ग्रामीण दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में भागीदारी का व्यापक स्तर यह संकेत देता है कि यह कोई स्थानीय उछाल नहीं है – यह राज्यव्यापी है। क्या अधिक मतदान से टीएमसी या बीजेपी को मदद मिलती है? यह वह सवाल है जिससे हर विश्लेषक जूझ रहा है। ऐतिहासिक रूप से बंगाल में, उच्च मतदान ने सत्तारूढ़ पार्टी का पक्ष लिया है – टीएमसी ने मजबूत लामबंदी के साथ 2021 में 294 में से 215 सीटें जीत लीं। लेकिन 2026 एक महत्वपूर्ण तरीके से अलग है: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ने लगभग 9 मिलियन मतदाताओं को हटा दिया – लगभग 12% मतदाता – एक गहन रूप से विवादित अभ्यास जिसे टीएमसी ने मताधिकार से वंचित करना कहा और भाजपा ने फर्जी प्रविष्टियों को साफ करने के रूप में बचाव किया। सिकुड़ी हुई मतदाता सूची के साथ, 92% मतदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है – इसका मतलब है कि लगभग हर शेष पंजीकृत मतदाता उपस्थित हुआ। • यदि हटाए गए नामों पर गुस्सा लोगों को बूथों पर ले जाता है – तो इससे टीएमसी को नुकसान हो सकता है • यदि टीएमसी की कल्याण मशीनरी ने प्रभावी ढंग से अपना आधार जुटाया – तो संख्याएं ममता के पक्ष में हैं • चार एग्जिट पोल ने बीजेपी को बढ़त दी है, जबकि केवल एक – पीपुल्स पल्स – ने टीएमसी की वापसी की भविष्यवाणी की है मतदाता वास्तव में किसके लिए मतदान कर रहे थे? मतदान के नाटक से परे, चुनाव को रोजगार और औद्योगिक विकास संबंधी चिंताओं, भर्ती घोटाले, महिला सुरक्षा, पहचान की राजनीति और 15 साल के टीएमसी शासन के बाद सत्ता विरोधी लहर ने आकार दिया था। भाजपा ने नौकरियों और शासन की विफलताओं को सामने रखा; टीएमसी ने कल्याण वितरण और बंगाली पहचान पर अभियान चलाया। भागीदारी के विशाल पैमाने से पता चलता है कि दोनों खेमों के मतदाताओं को लगा कि बाहर बैठने के लिए दांव बहुत बड़ा है। हमें कब पता चलेगा? परिणाम घोषित किये जायेंगे 4 मईअसम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में परिणामों के साथ। बंगाल का फैसला – अपने रिकॉर्ड मतदान, हाई-वोल्टेज प्रतियोगिता और गहराई से विभाजित एग्ज़िट पोल अनुमानों के साथ – उन सभी में सबसे अधिक बारीकी से देखे जाने का वादा करता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 22:27 IST समाचार चुनाव 2026 ने तोड़ा रिकॉर्ड! बंगाल में भारी मतदान क्या दर्शाता है? यह किसका पक्ष लेता है? निगाहें 4 मई पर अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)मतदान परिणाम(टी)मतगणना

गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार

गर्भवती पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार:रील बनाने पर विवाद, शराब के नशे में गला रेता, आरोपी गिरफ्तार

छतरपुर: जिले के चंदला थाना क्षेत्र के बलकौरा गांव में बुधवार सुबह पति ने अपनी गर्भवती पत्नी की धारदार हथियार से गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में हैं। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार बलकौरा निवासी रामवरन उर्फ पप्पू अहिरवार शराब का आदी था और अपनी पत्नी पिंकी अहिरवार के चरित्र पर अक्सर शक करता था। इसी बात को लेकर वह आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था। परेशान होकर पिंकी करीब तीन महीने से मायके में रह रही थी। वह चार माह की गर्भवती थी। करीब एक सप्ताह पहले ही आरोपी उसे वापस घर लेकर आया था। रातभर बनाता रहा योजना बताया जा रहा है कि मंगलवार रात शराब के नशे में आरोपी ने पत्नी की हत्या की योजना बनाई। बुधवार सुबह उसने धारदार हथियार से पिंकी का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में गर्भ में पल रहे चार माह के बच्चे की भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी अपनी पत्नी के मोबाइल पर रील बनाने को लेकर भी नाराज रहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता था, जो इस खौफनाक वारदात का कारण बना। आरोपी के दो बच्चे मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों—एक बेटा और एक बेटी—को छोड़ गई है। इस घटना से बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया। हत्या के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी श्रद्धा शुक्ला ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी लवकुशनगर नवीन दुबे ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। चार माह में तीसरी हत्या ग्रामीणों के मुताबिक बलकौरा गांव में चार महीने के भीतर यह तीसरी हत्या है। लगातार हो रही वारदातों से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है।