Tuesday, 20 Oct 2026 | 07:03 AM

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दही और योगर्ट में क्या अंतर होता है? जानिये दोनों को खाने के फायदे और नुकसान

UP Board result: न मोबाइल, न इंटरनेट… तब ऐसे पता चलता था यूपी बोर्ड का रिजल्ट

दही और योगर्ट देखने में भले ही एक जैसे लगते हों, लेकिन दोनों में बनाने की विधि, बैक्टीरिया, स्वाद और सेहत के असर के लिहाज से कई अंतर होते हैं. आजकल लोग सेहत को लेकर जागरूक हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि दही और योगर्ट में क्या फर्क है और आपके लिए कौन‑सा बेहतर है. दही क्या है?दही परंपरागत भारतीय खाद्य पदार्थ है. इसे दूध में थोड़ा‑सा पुराना दही (जामन) मिलाकर जमाया जाता है. इसमें प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया होते हैं, जो पाचन के लिए फायदेमंद होते हैं. दही के फायदेपाचन तंत्र को मजबूत करता है.शरीर को ठंडक देता है.कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत.गैस, कब्ज और एसिडिटी में राहत.आसानी से घर पर शुद्ध रूप में बनाया जा सकता है. दही के नुकसानज्यादा खट्टा होने पर नुकसानदायक.सर्दी‑जुकाम या कफ की समस्या में रात को दही खाना ठीक नहीं.ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों को सूजन हो सकती है. योगर्ट क्या है?योगर्ट पश्चिमी देशों में ज्यादा प्रचलित होता है. इसे दूध में विशेष प्रोबायोटिक बैक्टीरिया डालकर नियंत्रित तापमान में जमाया जाता है. बाजार में मिलने वाले योगर्ट कई बार फ्लेवर्ड और मीठे होते हैं. योगर्ट के फायदेप्रोबायोटिक्स से भरपूर.इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार.वजन घटाने में सहायक.लैक्टोज डाइजेस्ट करने में आसान.स्किन और आंतों के लिए फायदेमंद. योगर्ट के नुकसानबाजार के फ्लेवर्ड योगर्ट में चीनी ज्यादा.प्रिज़र्वेटिव होने की संभावना.महंगा होता है.घर का बना दही जितना ताजा नहीं. दही और योगर्ट में मुख्य अंतरबनाने का तरीका: दही घरेलू तरीके से, योगर्ट इंडस्ट्रियल तरीके से.स्वाद: दही हल्का खट्टा, योगर्ट ज्यादा क्रीमी.बैक्टीरिया: योगर्ट में खास और ज्यादा प्रोबायोटिक्स.उपलब्धता: दही घर पर, योगर्ट ज्यादातर बाजार में. कौन‑सा है बेहतर?अगर आप प्राकृतिक, सस्ता और रोजमर्रा के लिए कुछ चाहते हैं, तो दही बेहतर है.अगर आप प्रोबायोटिक फायदे, वजन कंट्रोल या खास डाइट पर हैं, तो बिना चीनी वाला योगर्ट चुन सकते हैं. दही और योगर्ट दोनों ही फायदेमंद हैं, बस सही चुनाव आपकी जरूरत और सेहत पर निर्भर करता है. सबसे जरूरी है, अनस्वीटेंड और ताजे विकल्प को प्राथमिकता देना.

पाकिस्तानी ऑलराउंडर नवाज ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाए गए:PCB ने जांच शुरू की; टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिए गए सैंपल में फेल

पाकिस्तानी ऑलराउंडर नवाज ड्रग टेस्ट पॉजिटिव पाए गए:PCB ने जांच शुरू की; टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिए गए सैंपल में फेल

पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। ESPNcricinfo के मुताबिक यह सैंपल 2026 टी-20 वर्ल्डकप के दौरान लिया गया था। इस मामले में ICC ने PCB को जानकारी दी है और बोर्ड ने अपनी जांच शुरू कर दी है। अंतिम फैसला आना बाकी- PCB PCB के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा- ICC ने इस मामले की जानकारी दी है और PCB ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके नतीजे आज ICC को बताए जाएंगे। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। 32 साल के नवाज ने इस साल श्रीलंका में हुए टी-20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान के सभी सात मैच खेले थे। टीम सुपर-8 स्टेज में बाहर हो गई थी। इस दौरान उन्होंने 15 रन बनाए और 7 विकेट लिए। ICC गोपनीय तरीके से जांच कर रहा नवाज के खिलाफ यह मामला ICC की एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के तहत चल रहा है। पॉजिटिव टेस्ट रिक्रिएशनल ड्रग (नशीली दवाएं) से जुड़ा है। ICC ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है और पूरी प्रक्रिया गोपनीय तरीके से चल रही है। सरे ने डील रद्द की इस विवाद का असर नवाज के करियर पर दिखने लगा है। नवाज को इंग्लैंड में टी-20 ब्लास्ट के लिए सरे टीम के साथ जुड़ना था। PCB ने उन्हें NOC भी दे दिया था और क्लब इस हफ्ते उनके साइनिंग का ऐलान करने वाला था। लेकिन अब यह डील टूट गई है और नवाज इस सीजन सरे के लिए नहीं खेलेंगे। क्लब ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। पॉजिटिव होने के बाद भी PSL खेल रहे नवाज जांच के बावजूद पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में खेलते हुए नजर आ रहे हैं। वे मुल्तान सुल्तांस की ओर से लगातार मैच खेल रहे हैं। हाल ही में कराची में रावलपिंडी के खिलाफ मैच में उन्होंने तीन ओवर फेंके, लेकिन कोई विकेट नहीं लिया। 98 टी-20 इंटरनेशनल खेल चुके नवाज अब तक पाकिस्तान के लिए 98 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। टीम के व्हाइट-बॉल सेटअप में वह नियमित खिलाड़ी रहे हैं और अपनी लेफ्ट आर्म स्पिन और लोअर ऑर्डर बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। अगर जांच में एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो उन्हें सस्पेंशन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

मैहर में तीन जगह आग लगी, एक मकान जला:अनाज और भूसा राख; नरवाई से फैली लपटें, ग्रामीणों ने पाया काबू

मैहर में तीन जगह आग लगी, एक मकान जला:अनाज और भूसा राख; नरवाई से फैली लपटें, ग्रामीणों ने पाया काबू

मैहर जिले में मंगलवार को आगजनी की तीन अलग-अलग घटनाओं से हड़कंप मच गया। इन घटनाओं में कहीं खेत जलकर खाक हो गए तो कहीं एक गरीब का घर राख हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों ने काबू पा लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। अमरपाटन इलाके के ओबरा गांव में खेतों में लगी नरवाई की आग ने तेज हवा के कारण विकराल रूप ले लिया और करीब 2 किलोमीटर तक फैल गई। आग की लपटें खेतों के बीच बने गोरेलाल पटेल के कच्चे मकान तक पहुंच गईं। जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। इस हादसे में घर में रखा अनाज, भूसा और गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। हवा के साथ कई गांवों तक पहुंची लपटें दूसरी घटना पहाड़ी मंटोलवा क्षेत्र की है। यहां भी नरवाई में लगी आग तेज हवा के कारण तेजी से बेकाबू हो गई। आग मड़ई, धनवाही और उमरी फीफरी जैसे कई गांवों के खेतों तक पहुंच गई। प्रशासन को सूचना तो दी गई, लेकिन दमकल के पहुंचने का इंतजार किए बिना ग्रामीणों ने खुद ही हिम्मत दिखाई। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत और पानी की मदद से लोगों ने आग को आगे बढ़ने से रोका। कब्रिस्तान के पास झाड़ियों में लगी आग तीसरी घटना मैहर शहर में कब्रिस्तान के पास हुई, जहां झाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। शहर के बीचों-बीच धुआं और लपटें देख लोग दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वक्त रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। दहशत में ग्रामीण, घटना का कारण पता नहीं इन तीनों ही मामलों में फिलहाल आग लगने की सही वजह सामने नहीं आ पाई है। लेकिन एक ही दिन में तीन जगह लगी आग से ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल है। लगातार बढ़ती गर्मी और खेतों में सूखी नरवाई के कारण आग लगने का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन अब नुकसान का आकलन करने में जुटा है।

सुप्रीम कोर्ट बोला-जांच में ममता का दखल, लोकतंत्र को खतरा:देश में ऐसा होगा, सोचा नहीं था; ED जांच के दौरान फाइल लेकर चली गईं थीं

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सेंट्रल एजेंसी की जांच के बीच CM ममता बनर्जी के दखल को गलत ठहराया। कहा- किसी भी राज्य का सीएम ऐसा करता है जो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है। जस्टिस कुमार ने कहा- यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा जब कोई मौजूदा CM उस दफ्तर में चली जाएंगी जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही हो। दरअसल इसी साल 8 जनवरी को ED की टीम ने I-PAC हेड प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। छापेमारी के बीच ममता प्रतीक के घर पहुंच गईं थीं और कुछ दस्तावेज लेकर चली गईं। ED ने ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। ममता की तरफ से पेश वकील की 4 दलील बेंच के 4 कमेंट; इसे केंद्र बनाम राज्य का विवाद बताना सही नहीं ममता की चुनावी रणनीति बनाने वाली I-PAC का ऑफिस बंद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म ‘आई-पैक’ का कोलकाता के विधाननगर स्थित दफ्तर 20 अप्रैल से बंद है। सूत्रों के अनुसार इसके एचआर ने 1300 कर्मियों को काम पर न आने का लेटर भेजा है। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पहले चरण के मतदान को एक दिन बचे हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, तृणमूल की बूथ लेवल की गतिविधि से लेकर नेताओं की सभाएं, रैलियां, सब कुछ तय करने में I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी की अहम भूमिका निभा रही है। बंगाल में पार्टी के मौजूदा करीब 33% विधायकों के टिकट काटने के फैसले के पीछे भी इसी का सर्वे आधार था। इसने बंगाल के 93 हजार पोलिंग बूथों के लिए एक लाख शैडो एजेंट्स तैयार किए थे। तृणमूल भले ही इसके बंद होने की खबरों को खारिज कर रही है, लेकिन मतदान से ठीक पहले संगठन और कार्यकर्ता असमंजस में आ गए हैं। हालांकि भास्कर के सवाल पर पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हम संसद में दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी हैं। 5 एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। सभी ठीक हैं। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि टीएमसी संगठन 4 स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे समझें… तृणमूल के लिए आईपैक इतनी जरूरी क्यों I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। —————————————–

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

सुप्रीम कोर्ट बोला-सीएम जांच में दखल देंगी, सोचा न था:वे लोकतंत्र को खतरे में नहीं डाल सकतीं; ममता IPAC छापेमारी के बीच पहुंची थीं

I-PAC रेड मामले में ED की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सेंट्रल एजेंसी की तरफ से की जा रही जांच के बीच CM ममता बनर्जी के दखल को भी गलत ठहराया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी राज्य का सीएम ऐसा करता है जो यह लोकतंत्र को खतरे में डालता है। जस्टिस कुमार ने कहा- यह राज्य और केंद्र के बीच का विवाद नहीं है। हमने कभी नहीं सोचा था कि इस देश में ऐसा भी दिन आएगा जब कोई मौजूदा CM उस दफ्तर में चली जाएंगी जहां कोई जांच एजेंसी काम कर रही हो। दरअसल इसी साल 8 जनवरी को ED की टीम ने I-PAC हेड प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। छापेमारी के बीच ममता प्रतीक के घर पहुंच गईं थीं और कुछ दस्तावेज लेकर चली गईं। ED ने ममता बनर्जी और राज्य पुलिस अधिकारियों पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। ममता की चुनावी रणनीति बनाने वाली I-PAC का ऑफिस बंद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और सीएम ममता बनर्जी का चुनावी कैंपेन संभाल रही फर्म ‘आई-पैक’ का कोलकाता के विधाननगर स्थित दफ्तर 20 अप्रैल से बंद है। सूत्रों के अनुसार इसके एचआर ने 1300 कर्मियों को काम पर न आने का लेटर भेजा है। यह सब ऐसे समय हुआ है जब पहले चरण का मतदान को 3 दिन बचे हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोटिंग होनी है। चुनाव प्रचार 21 को खत्म हो जाएगा। दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को है। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, तृणमूल की बूथ लेवल की गतिविधि से लेकर नेताओं की सभाएं, रैलियां, सब कुछ तय करने में I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी की अहम भूमिका निभा रही है। बंगाल में पार्टी के मौजूदा करीब 33% विधायकों के टिकट काटने के फैसले के पीछे भी इसी का सर्वे आधार था। इसने बंगाल के 93 हजार पोलिंग बूथों के लिए एक लाख शैडो एजेंट्स तैयार किए थे। तृणमूल भले ही इसके बंद होने की खबरों को खारिज कर रही है, लेकिन मतदान से ठीक पहले संगठन और कार्यकर्ता असमंजस में आ गए हैं। हालांकि भास्कर के सवाल पर पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हम संसद में दूसरी बड़ी विपक्षी पार्टी हैं। 5 एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। सभी ठीक हैं। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि टीएमसी संगठन 4 स्तर पर काम कर रहा है। ऐसे समझें… तृणमूल के लिए आईपैक इतनी जरूरी क्यों I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। —————————————–

दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

सागर जिले की गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने दिल्ली पासिंग कार से अवैध शराब बरामद की है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके तीन साथी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर दिल्ली पासिंग कार (DL 12 CN 6325) क्षतिग्रस्त हालत में सड़क किनारे पड़ी है और उसमें चालक फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब पूछताछ में चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने कार और शराब जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। आबकारी एक्ट में मामला दर्ज गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। देखें दो तस्वीरें

सलमान-नयनतारा की नई फिल्म की शूटिंग मुंबई में शुरू:एक्शन थ्रिलर फिल्म में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; दिल राजू हैं प्रोड्यूसर

सलमान-नयनतारा की नई फिल्म की शूटिंग मुंबई में शुरू:एक्शन थ्रिलर फिल्म में पहली बार साथ दिखेंगे दोनों कलाकार; दिल राजू हैं प्रोड्यूसर

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान और साउथ एक्ट्रेस नयनतारा की नई फिल्म की शूटिंग मुंबई में आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। यह पहली बार है जब ये दोनों बड़े सितारे एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। सलमान इस बार साउथ के फिल्ममेकर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम करे रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। एक्शन और इमोशन का कॉम्बिनेशन फिल्म का डायरेक्शन वामशी पेडिपल्ली कर रहे हैं। वामशी बड़े स्केल पर फिल्में बनाने के साथ-साथ उनमें मजबूत इमोशनल कहानी पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म के जरिए वे सलमान और नयनतारा की अपनी-अपनी खूबियों को एक बड़े विजन के साथ जोड़ने की कोशिश करेंगे। फिल्म में हाई-लेवल एक्शन के साथ-साथ किरदारों के बीच की इमोशनल जर्नी भी दिखाई जाएगी। सूत्रों की मानें तो फिल्म में हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस होंगे, जो दर्शकों को एक नया अनुभव देंगे। फिल्म की विजुअल क्वालिटी और कहानी को नेशनल लेवल की ऑडियंस के हिसाब से डिजाइन किया गया है। सलमान खान की SVC63 फिल्म क्या है SVC63 बड़े बजट की एक्शन थ्रिलर है, जिसे बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। इसमें हिंदी और दक्षिण भारतीय इंडस्ट्री के कलाकार शामिल होंगे। बताया गया है, ‘यह फिल्म सलमान खान को पर्दे पर एक ऐसे अवतार में पेश करेगी, जैसा उनके फैंस ने इससे पहले कभी नहीं देखा होगा। दिल राजू कर रहे हैं ग्रैंड प्रोडक्शन इस मेगा प्रोजेक्ट को श्री वेंकटेश्वर क्रिएशन्स के बैनर तले दिल राजू प्रोड्यूस कर रहे हैं। वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बड़े प्रोड्यूसर हैं और 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं। उन्हें ‘महार्षि’ और ‘शतमानम भवति’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी पहले 5 फिल्मों में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है। 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं दिल राजू फिल्म का निर्माण दिल राजू के बैनर तले होगा। वे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बड़े प्रोड्यूसर हैं और 60 से ज्यादा फिल्में बना चुके हैं। उन्हें ‘महार्षि’ और ‘शतमानम भवति’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। वामशी पेडिपल्ली और दिल राजू की जोड़ी पहले 5 फिल्मों में साथ काम कर चुकी है और इनका ट्रैक रिकॉर्ड बॉक्स ऑफिस पर मजबूत रहा है।

इंदौर में साइकिल चला रही छात्रा से छेड़छाड़:छात्रा का हाथ पकड़ा, पीछा किया तो पिता से मारपीट कर बाइक छोड़कर भागा आरोपी

इंदौर में साइकिल चला रही छात्रा से छेड़छाड़:छात्रा का हाथ पकड़ा, पीछा किया तो पिता से मारपीट कर बाइक छोड़कर भागा आरोपी

इंदौर के द्वारकापुरी में साइकिल चला रही एक छात्रा के साथ बाइक सवार एक आरोपी ने छेड़छाड़ की। छात्रा भागते हुए अपने घर गई और परिजनों को जानकारी दी। सीसीटीवी में वह एक गली में भागते हुए दिखा। जब छात्रा के पिता उसके पीछे पहुंचे तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट की और बाइक छोड़कर भाग गया। बाद में पुलिस ने उसे पकड़ लिया। द्वारकापुरी पुलिस ने नाबालिग छात्रा की शिकायत पर मंगलवार को बाइक सवार के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट की एफआईआर दर्ज की है। छात्रा ने बताया कि वह शाम को अपने घर के बाहर साइकिल चला रही थी। तभी बाइक सवार ने उस पर कमेट्स किया और साथ चलने के लिए इशारा किया। उसने साइकिल रोक दी। इसके बाद आरोपी पास में आया और हाथ पकड़ लिया। छात्रा के पिता की पिटाई कर दी छात्रा ने हाथ छुड़ाया और घर जाकर अपने दादा और मां को बताया। जब सीसीटीवी कैमरे दिखे तो आरोपी प्रजापत नगर के पास जाते हुए दिखा। इसके बाद छात्रा के पिता और अन्य लोगों ने उसे ढूंढा। वह एक दुकान के बाहर खड़ा दिखा। उसे जब पकड़ा तो उसने छात्रा के पिता की पिटाई कर दी और बाइक छोड़कर मौके से भाग गया। बाइक नंबर के आधार पर पुलिस लगा रही पता बाद में पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने बाइक नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश की और जीतू निवासी आस्था पैलेस को पकड़ा। आरोपी शराब के नशे में था। इसके चलते उसने हरकत कर की। वह एक गैरेज पर काम करता है।

बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया:युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया

बेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया:युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया

कर्नाटक के बेंगलुरु में पुलिस ने एक युवती को बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, युवती ने सरप्राइज देने का झांसा देकर युवक की आंखों पर पट्टी बांधी। फिर कुर्सी पर बैठाकर रस्सी से हाथ-पैर बांधकर जिंदा जला दिया। युवती ने बॉयफ्रेंड की मौत का वीडियो भी बनाया। आरोपी प्रेमा और मृतक किरण, दोनों 27 साल के थे। दोनों शहर के राजाजीनगर में एक टेलीकॉम कंपनी में साथ काम करते थे और करीब दो साल से रिलेशनशिप में थे। घटना शहर के ब्यादरहल्ली इलाके में प्रेमा के घर पर दोपहर करीब 2 बजे हुई। प्रेमा के परिवार के लोग घर पर नहीं थे। इसी का फायदा उठाकर उसने किरण को अपने घर बुलाया था। किरण तुमकुरु जिले के चिक्कनायकनहल्ली का रहने वाला था। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस बुलाई नॉर्थ-वेस्ट के डीसीपी नागेश डीएल के अनुसार, प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि आरोपी युवती ने रोमांटिक मीटिंग के बहाने युवक को बांधा। कुछ ही मिनट बाद उसपर केरोसिन या पेट्रोल डालकर आग लगा दी। खुद को छुड़ा न पाने के कारण किरण की मौके पर ही मौत हो गई। पड़ोसियों ने चीखें और धुआं देखकर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या मान लिया था, लेकिन जांच में कई गड़बड़ियां सामने आने पर मामला हत्या का निकला। प्रेमा ने कहा था- किरण ने खुद ही आग लगाई थी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेमा ने अपने शुरुआती बयान में दावा किया था कि किरण ने खुद को आग लगा ली थी। प्रेमा ने कहा कि घटना के समय वह बाथरूम में थी। चीखें सुनकर बाहर आई तो किरण को आग में जला हुआ पाया। हालांकि जांच के दौरान पता चला कि किरण अपने साथ कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं लाया था। पुलिस के अनुसार, ज्वलनशील पदार्थ पहले से खरीदा गया था, जिससे हत्या की प्री-प्लानिंग का शक मजबूत हुआ है। शादी करने से इनकार करने पर नाराज थी प्रेमा पूछताछ के दौरान प्रेमा बार-बार बयान बदल रही थी लेकिन बाद में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि किरण उसे नजरअंदाज कर रहा था। इसके कारण हाल के दिनों में दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। प्रेमा इस बात से भी नाराज थी कि किरण ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने प्रेमा का मोबाइल जब्त किया है, जिसमें घटना का वीडियो मौजूद है। फिलहाल पुलिस पीड़ित के परिवार की औपचारिक शिकायत का इंतजार कर रही है।

कुछ लोगों को दूसरों को परेशान करने में मजा क्यों आता है? क्या यह मानसिक बीमारी, एक्सपर्ट से जानिए

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Last Updated:April 22, 2026, 15:08 IST Is Troubling Others Mental Disorder: कुछ लोग दूसरों को खुश नहीं देखना चाहते हैं और उन्हें परेशान करने का मौका ढूंढते रहते हैं. साइकेट्रिस्ट की मानें तो दूसरों को परेशान करने में मजा आना मानसिक समस्या हो सकती है. इसके अलावा भी इसकी कई वजग होती हैं और इसे समझकर समय पर सुधार करना जरूरी है. एंटी सोशल मेंटल डिसऑर्डर के शिकार हुए लोग दूसरों को परेशान करते हैं. The Psychology Behind Bullying: आजकल समाज में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ गई है, जो दूसरों को खुश देखना पसंद नहीं करते हैं. चाहें ऑफिस हो, पड़ोस हो या फिर रिश्तेदार हों, ऐसे लोग अक्सर नजर आ जाएंगे. ऐसे लोग दूसरों को परेशान करके अलग सा सुकून महसूस करते हैं. कभी यह मजाक के नाम पर होता है, तो कभी जानबूझकर किसी को मानसिक रूप से असहज करने के लिए. ऐसे व्यवहार को अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके पीछे गहरे मानसिक और भावनात्मक कारण हो सकते हैं. यह समझना जरूरी है कि यह किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया कुछ लोगों में दूसरों को परेशान करने की प्रवृत्ति पावर और कंट्रोल की भावना से जुड़ी होती है. जब वे किसी को असहज या दुखी देखते हैं, तो उन्हें खुद पर कंट्रोल और श्रेष्ठता का अहसास होता है. यह व्यवहार कई बार बचपन के अनुभवों से भी जुड़ा होता है. अगर किसी व्यक्ति ने खुद बुलीइंग का सामना किया हो, तो वह बड़ा होकर दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार दोहरा सकता है. इसे बुलीइंग के पैटर्न से भी जोड़ा जाता है. बचपन के ऐसे कड़ने अनुभव लोगों के अजीबोगरीब व्यहार की वजह बन सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि कुछ मामलों में यह आदत पर्सनैलिटी से जुड़ी समस्याओं का हिस्सा भी हो सकती है. नार्सिसिस्टिक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर या एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसी मानसिक समस्याओं के कारण भी व्यक्ति दूसरों की भावनाओं की परवाह कम करता है. ऐसे लोग अपने फायदे या मनोरंजन के लिए दूसरों को नुकसान पहुंचाने से भी नहीं हिचकते हैं. हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति जो दूसरों को परेशान करता है, उसे कोई मानसिक बीमारी ही हो. एक्सपर्ट के मुताबिक कई बार यह व्यवहार असुरक्षा, तनाव या अटेंशन पाने की चाह से भी पैदा होता है. कुछ लोग खुद को महत्वपूर्ण महसूस कराने के लिए या लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए दूसरों को परेशान करते हैं. सोशल मीडिया के दौर में ट्रोलिंग का चलन भी बढ़ा है, जहां लोग बिना सामने आए दूसरों को परेशान करते हैं और इसे मनोरंजन मानते हैं. अगर यह व्यवहार बार-बार हो रहा है और किसी के रिश्तों या मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर रहा है, तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए. ऐसे व्यक्ति को काउंसलिंग या थेरेपी की जरूरत हो सकती है, ताकि वह अपने व्यवहार को समझ सके और उसे बदल सके. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 15:08 IST