नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई:ईडी की ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती, निचली अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान नहीं लिया था

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली हाई कोर्ट सोमवार को ED की याचिका पर सुनवाई करेगा। ईडी ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 दिसंबर को सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया था। मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में होगी। ED ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य ने साजिश के तहत Associated Journals Limited (AJL) की करीब 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियों पर कब्जा किया। इसके लिए यंग इंडियन कंपनी का इस्तेमाल किया गया, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी। दिसंबर 2025: ट्रॉयल कोर्ट बोला- ED ने प्रक्रिया उलट दी, पहले जांच, बाद में FIR 2022 में सोनिया-राहुल से घंटों हुई थी पूछताछ जून 2022 में नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से 5 दिनों में 50 घंटे पूछताछ हुई थी। फिर 21 जुलाई 2022 में नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी से 3 दिन में 12 घंटे सवाल हुए थे। इस दौरान उनसे 100 से ज्यादा सवाल किए गए। ईडी ने राहुल गांधी से भी जून में पांच दिनों में 50 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। क्या है नेशनल हेराल्ड केस BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया, राहुल और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ये सब दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की ₹2000 करोड़ की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आरोप है मुताबिक, ₹2000 करोड़ की कंपनी को केवल ₹50 लाख में खरीदा गया। सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मौत हो चुकी है।
गैस, कब्ज और थकान से परेशान? गर्मियों में पिएं ये शरबत, सेहत में आएगा जबरदस्त बदलाव

Last Updated:April 20, 2026, 03:01 IST गर्मी में पेट की दिक्कतें और शरीर में पानी की कमी आम हो जाती है. ऐसे मौसम में बेल का शरबत एक प्राकृतिक और हेल्दी ड्रिंक माना जाता है, जो पेट को राहत देने के साथ शरीर को ठंडक और ऊर्जा भी देता है. ख़बरें फटाफट गर्मी का मौसम आते ही पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ने लगती हैं. अपच, गैस, कब्ज, पेट फूलना और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. तेज धूप और ज्यादा पसीना आने की वजह से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे समय में लोग राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाले ठंडे पेय पीते हैं, लेकिन इनमें अक्सर ज्यादा चीनी और कृत्रिम तत्व होते हैं. इसके बजाय घर पर बना बेल का शरबत कहीं ज्यादा हेल्दी, सस्ता और प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ अंदर से तरोताजा रखने में भी मदद करता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, बेल का शरबत गर्मियों में शरीर को स्वस्थ रखने का पारंपरिक और असरदार उपाय है. बेल फल में फाइबर, प्रोटीन, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे गर्मियों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से पाचन बेहतर रहता है और शरीर को जरूरी ऊर्जा भी मिलती है. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्तबेल में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है, जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसे पीने से कब्ज, गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. यह पेट साफ रखने में भी सहायक माना जाता है. दस्त और डायरिया में फायदेमंदगर्मी के मौसम में दस्त और पेट खराब होने की शिकायत बढ़ जाती है. बेल का शरबत पेट को शांत रखने और दस्त की समस्या में राहत देने वाला घरेलू उपाय माना जाता है. गर्मी में ज्यादा पसीना निकलने से शरीर कमजोर और थका हुआ महसूस कर सकता है. बेल का शरबत शरीर को ठंडक देता है, पानी की कमी से बचाता है और दिनभर ताजगी बनाए रखने में मदद करता है. त्वचा और रक्त शुद्धि के लिए अच्छाबेल का शरबत शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद कर सकता है. इसे पीने से खून साफ रखने में सहायता मिलती है, जिसका असर त्वचा पर भी दिख सकता है. इससे त्वचा स्वस्थ और निखरी हुई नजर आ सकती है. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि बेल का नियमित सेवन कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में मदद कर सकता है. इससे हृदय स्वास्थ्य बेहतर रखने में सहायता मिल सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 20, 2026, 03:01 IST
भोपाल सेंट्रल जेल में बंदी ने किया सुसाइड:पेड़ से लटका मिला शव; हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था

भोपाल सेंट्रल जेल में रविवार की शाम को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने जेल में बनी गौशाला में रस्सी का फंदा बनाकर पेड़ के सहारे फांसी लगाई है। गांधीनगर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शाम को गांधी मेडिकल कॉलेज स्थित मर्चुरी में शव रखवा दिया गया है। सोमवार की सुबह परिजनों की मौजूदगी में बॉडी का पीएम कराया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, गुड्डू आदिवासी (58), बाड़ी जिला रायसेन का रहने वाला है, वह साल 2017 से हत्या के मामले में सेंट्रल जेल में बंद था। वह जेल परिसर की गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य करता था। रविवार को भी वह अन्य बंदियों के साथ रोजाना की तरह गौशाला में काम करने गया था। हर रोज करीब 18 बंदी प्रहरी के साथ गौशाला में गायों की देखभाल के लिए जाते हैं। घटना वाले दिन गुड्डू ने सामान्य तरीके से काम किया, नए कपड़े पहने और ट्रैक्टर भी चलाया। शाम करीब 5.30 बजे लौटते समय गौशाला का पानी का पंप खुला रह गया था, जिस पर प्रहरी ने उसे पंप बंद करने के लिए वापस भेजा। जेल प्रहरी ने सबसे पहले देखा फंदे पर लटका हुआ शव काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर प्रहरी ने अंदर जाकर देखा, जहां गुड्डू पेड़ से रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। उसने गायों के पैरों में बांधने वाली रस्सी से फांसी का फंदा बनाया था। जेल प्रशासन के अनुसार, मृतक से उसके परिवार के लोग मिलने नहीं आते थे और वह कभी पैरोल पर भी नहीं गया था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है प्रारंभिक तौर पर पारिवारिक दूरी और मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो जेल अधिकारी से उसका विवाद चल रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अमेरिका में 8 बच्चों समेत 10 लोगों की हत्या:1 से 14 साल के बच्चों को गोली मारी; पुलिस से मुठभेड़ में आरोपी की मौत

अमेरिका के राज्य लुइसियाना के श्रेवेपोर्ट में रविवार सुबह 6 बजे एक व्यक्ति ने 8 बच्चों समेत 10 लोगों की हत्या कर दी। मृत बच्चों की उम्र 1 से 14 साल के बीच थी। पुलिस के मुताबिक मामला घरेलू विवाद से जुड़ा था। श्रेवेपोर्ट पुलिस प्रमुख वेन स्मिथ ने कहा कि उन्होंने ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा है। गोलीबारी वेस्ट 79वीं स्ट्रीट के 300 ब्लॉक में हुई। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया और एक कार लूटकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे मार गिराया। अभी तक गोलीबारी का कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक गोली चलाने वाला व्यक्ति मृतकों के परिवार से जुड़ा था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़ी फोटो, वीडियो या जानकारी साझा करें। शहर के मेयर टॉम आर्सेनो ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह शहर की सबसे त्रासद घटनाओं में से एक है। 16 अप्रैल को तुर्किये में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की 9 की मौत तुर्किये में बुधवार को एक मिडिल स्कूल में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की। इसमें एक शिक्षक समेत 9 छात्रों की मौत हुई, जबकि लगभग 13 लोग घायल हुए। हमलावर ने बाद में खुद को भी गोली मार ली। 6 घायलों की हालत गंभीर है। गवर्नर मुकेर्रम उनलुएर ने बताया कि हमलावर आठवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने बैग में पांच हथियार और सात मैगजीन लेकर स्कूल पहुंचा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये हथियार उसके पूर्व पुलिस अधिकारी पिता के हो सकते हैं। घटना के बाद इलाके में पुलिस तैनात किया गया और जांच शुरू की गई। गवर्नर के मुताबिक, हमलावर स्कूल के अंदर दो कक्षाओं में घुसा, जहां पांचवीं कक्षा के छात्र पढ़ रहे थे। उसने वहां अंधाधुंध फायरिंग की। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है और उनका ऑपरेशन चल रहा है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में अस्पताल की लापरवाही से 331 बच्चे HIV पॉजिटिव:8 साल के बच्चे की मौत के बाद खुलासा, सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल से फैला संक्रमण पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ताउंसा शहर में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। ये मामले नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच दर्ज हुए। पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिका में 8 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत:1 से 14 साल के बच्चों को गोली मारी; पुलिस से मुठभेड़ में आरोपी की मौत

अमेरिका के राज्य लुइसियाना के श्रेवेपोर्ट में रविवार सुबह 6 बजे एक व्यक्ति ने 8 बच्चों समेत 10 लोगों की हत्या कर दी। मृत बच्चों की उम्र 1 से 14 साल के बीच थी। पुलिस के मुताबिक मामला घरेलू विवाद से जुड़ा था। श्रेवेपोर्ट पुलिस प्रमुख वेन स्मिथ ने कहा कि उन्होंने ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा है। गोलीबारी वेस्ट 79वीं स्ट्रीट के 300 ब्लॉक में हुई। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया और एक कार लूटकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे मार गिराया। अभी तक गोलीबारी का कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक गोली चलाने वाला व्यक्ति मृतकों के परिवार से जुड़ा था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़ी फोटो, वीडियो या जानकारी साझा करें। शहर के मेयर टॉम आर्सेनो ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह शहर की सबसे त्रासद घटनाओं में से एक है। 16 अप्रैल को तुर्किये में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की 9 की मौत तुर्किये में बुधवार को एक मिडिल स्कूल में 13 साल के छात्र ने गोलीबारी की। इसमें एक शिक्षक समेत 9 छात्रों की मौत हुई, जबकि लगभग 13 लोग घायल हुए। हमलावर ने बाद में खुद को भी गोली मार ली। 6 घायलों की हालत गंभीर है। गवर्नर मुकेर्रम उनलुएर ने बताया कि हमलावर आठवीं कक्षा का छात्र था। वह अपने बैग में पांच हथियार और सात मैगजीन लेकर स्कूल पहुंचा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ये हथियार उसके पूर्व पुलिस अधिकारी पिता के हो सकते हैं। घटना के बाद इलाके में पुलिस तैनात किया गया और जांच शुरू की गई। गवर्नर के मुताबिक, हमलावर स्कूल के अंदर दो कक्षाओं में घुसा, जहां पांचवीं कक्षा के छात्र पढ़ रहे थे। उसने वहां अंधाधुंध फायरिंग की। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई गई है और उनका ऑपरेशन चल रहा है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में अस्पताल की लापरवाही से 331 बच्चे HIV पॉजिटिव:8 साल के बच्चे की मौत के बाद खुलासा, सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल से फैला संक्रमण पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ताउंसा शहर में 331 बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। ये मामले नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच दर्ज हुए। पूरी खबर पढ़ें…
सिंगरौली बैंक डकैती के बाद एमपी में हाई अलर्ट:छिंदवाड़ा में होटलों पर पुलिस की सघन जांच, किरायेदारों पर भी नजर

सिंगरौली में हाल ही में हुई बैंक डकैती की वारदात के बाद पूरे मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग अलर्ट मोड पर है। इसी के तहत छिंदवाड़ा में बैंकों की सुरक्षा के साथ-साथ होटलों और ढाबों में ठहरने वाले लोगों की भी सख्ती से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि होटल संचालक ठहरने वाले मेहमानों के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं या नहीं। छिंदवाड़ा में भी इस अलर्ट का असर साफ दिखाई दे रहा है। कोतवाली पुलिस लगातार शहर के विभिन्न होटलों में पहुंचकर जांच अभियान चला रही है। रविवार शाम को भी पुलिस टीम ने आधा दर्जन से अधिक होटलों में दबिश दी। इस दौरान ठहरे हुए लोगों का रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस ने होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करें और संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचित करें। एसआई नारायण बघेल ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में पहले से ही होटलों की नियमित निगरानी की जा रही थी, लेकिन मुख्यालय से मिले नए निर्देशों के बाद जांच और तेज कर दी गई है। पुलिस टीम लगातार होटलों का निरीक्षण कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों और व्यापारियों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
जिम जाकर भी नहीं बन रही मसल्स? ग्रोथ में मदद करेंगे ये 7 फूड्स, बन जाएगी दमदार बॉडी

Last Updated:April 19, 2026, 23:29 IST मसल्स बनाना सिर्फ जिम जाने या भारी वर्कआउट करने से नहीं होता, बल्कि सही खानपान भी इसमें उतना ही जरूरी रोल निभाता है. अगर शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, हेल्दी कार्ब्स, अच्छे फैट और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलेंगे, तो मसल्स रिकवरी और ग्रोथ की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है. कई लोग सोचते हैं कि मसल्स बनाने के लिए सिर्फ सप्लीमेंट्स की जरूरत होती है, जबकि सच यह है कि रोजमर्रा की कई साधारण चीजें भी शरीर को ताकत देने और मसल्स बढ़ाने में मदद कर सकती हैं. सही समय पर सही फूड्स लेने से वर्कआउट का फायदा बेहतर मिलता है और शरीर मजबूत बनने लगता है. मसल्स ग्रोथ के लिए जरूरी है कि आप ऐसे फूड्स चुनें जिनमें प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन, मिनरल्स और ऊर्जा देने वाले तत्व भी हों. सिर्फ एक चीज खाने से फर्क नहीं पड़ता, बल्कि संतुलित डाइट ज्यादा असरदार होती है. अगर आप दुबलेपन से बाहर निकलना चाहते हैं, स्ट्रेंथ बढ़ाना चाहते हैं या फिट बॉडी बनाना चाहते हैं, तो इन 7 आसान फूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. अंडा मसल्स बनाने के लिए सबसे लोकप्रिय फूड्स में से एक है. इसमें हाई क्वालिटी प्रोटीन पाया जाता है, जो मसल्स रिपेयर और ग्रोथ में मदद करता है. अंडे में मौजूद हेल्दी फैट और विटामिन भी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. दूध और दही प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी देते हैं. इनमें व्हे और कैसीन जैसे प्रोटीन पाए जाते हैं, जो मसल्स रिकवरी में मदद करते हैं. वर्कआउट के बाद दूध या दही लेना अच्छा विकल्प माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो चिकन ब्रेस्ट लीन प्रोटीन का शानदार स्रोत है. इसमें फैट कम और प्रोटीन ज्यादा होता है, जो मसल्स बनाने वालों के लिए अच्छा माना जाता है. इसे ग्रिल, उबालकर या हल्का पकाकर खाया जा सकता है. शाकाहारी लोगों के लिए पनीर बेहतरीन विकल्प है. इसमें प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है और यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है. पनीर को सलाद, सब्जी या स्नैक के रूप में खाया जा सकता है. दाल, राजमा, छोले और काला चना जैसे फूड्स प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स दोनों देते हैं. यह ऊर्जा भी देते हैं और मसल्स रिकवरी में मदद करते हैं. शाकाहारी लोगों के लिए यह बेहद जरूरी फूड्स हैं. मसल्स बनाने के लिए सिर्फ प्रोटीन नहीं, ऊर्जा भी चाहिए. ओट्स और ब्राउन राइस जैसे कॉम्प्लेक्स कार्ब्स वर्कआउट के लिए ताकत देते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखते हैं. इन्हें प्रोटीन फूड्स के साथ लेना बेहतर रहता है. बादाम, अखरोट, मूंगफली, चिया सीड्स और फ्लैक्स सीड्स जैसे फूड्स हेल्दी फैट, प्रोटीन और मिनरल्स देते हैं. ये कैलोरी बढ़ाने और मसल्स गेन में मददगार हो सकते हैं. इन्हें सीमित मात्रा में स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है. अगर आप मसल्स बनाना चाहते हैं, तो इन फूड्स को नियमित डाइट में शामिल करें और साथ में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त नींद और पानी का भी ध्यान रखें. सिर्फ खाना या सिर्फ एक्सरसाइज अकेले उतना असर नहीं दिखाते, जितना दोनों मिलकर करते हैं. सही रूटीन अपनाने से धीरे-धीरे शरीर मजबूत और फिट बन सकता है. First Published : April 19, 2026, 23:29 IST
इटारसी में गोंडवाना एक्सप्रेस के इंजन से उठा धुआं:सोना सांवरी फाटक के पास 20 मिनट रुकी; चलती ट्रेन से कूदने का प्रयास करते दिखे लोग

इटारसी से हजरत निजामुद्दीन जा रही 12405 गोंडवाना एक्सप्रेस रविवार शाम इटारसी स्टेशन से छूटते ही तकनीकी खराबी के कारण रुक गई। इंजन से धुआं उठने और फायर अलार्म बजने के बाद ट्रेन को सोना सांवरी फाटक के पास रोका गया। इस दौरान आग लगने की आशंका में यात्रियों के बीच दहशत फैल गई और कई लोग चलती ट्रेन से कूदने का प्रयास करने लगे। फायर अलार्म बजने से मची दहशत ट्रेन के इंजन के पास से धुआं उठता देख स्वचालित फायर अलार्म सक्रिय हो गया। अलार्म की तेज आवाज सुनकर इंजन के ठीक पीछे वाले जनरल कोच के यात्री घबरा गए। यात्रियों को अंदेशा हुआ कि ट्रेन में आग लग गई है, जिसके चलते वे अपना सामान छोड़कर कोच से नीचे उतरने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। तकनीकी जांच के बाद 20 मिनट बाद रवाना सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और इंजन की गहन जांच की। रेलवे सूत्रों के अनुसार, जांच में आग लगने जैसा कोई साक्ष्य नहीं मिला। सुरक्षा सुनिश्चित करने और अलार्म को रीसेट करने के बाद ट्रेन को करीब 20 मिनट की देरी से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। जिम्मेदारों ने नहीं दिया जवाब इस घटनाक्रम के दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की विस्तृत जानकारी के लिए जब स्टेशन अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। रेलवे की ओर से फिलहाल धुएं के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दमोह में युवती का शव फंदे से लटका मिला:व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से परेशान थी; पुलिस ने मोबाइल जब्त किया

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में रविवार रात एक 30 वर्षीय युवती ने घर के भीतर फांसी लगा ली। घटना के समय वह घर में अकेली थी। परिजनों ने युवती को फंदे से उतारकर हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से थी परेशान मृतका की पहचान दीपाली (30), पिता स्वर्गीय मुन्ना लाल साहू के रूप में हुई है। भाई उमेश साहू ने पुलिस को बताया कि दीपाली का मोबाइल हैक हो गया था। व्हाट्सएप और निजी डेटा से जुड़ी इस समस्या के कारण वह पिछले तीन दिनों से अत्यधिक मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। घर में अकेली पाकर लगाया फंदा घटना रविवार रात की है जब मृतका की मां मंदिर गई हुई थीं और भाई उमेश बाजार में था। जब भाई घर लौटा तो उसने बहन का शव फंदे से झूलते देखा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर हटा थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू की हटा पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि व्हाट्सएप हैकिंग के दावों की पुष्टि हो सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे किसी के द्वारा ब्लैकमेल या परेशान किया जा रहा था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
बस 2 महीने तक बाजार में मिलती है ये हरी सब्जी, खत्म होने से पहले बना लें सेहत, विटामिन-प्रोटीन से भरपूर

Last Updated:April 19, 2026, 23:11 IST बाकला एक मौसमी हरी सब्जी है, जो बाजार में सिर्फ फरवरी से अप्रैल तक ही ज्यादा नजर आती है. स्वाद के साथ यह प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसलिए इसके सीजन में इसे डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. ख़बरें फटाफट बाकला का मुख्य सीजन फरवरी, मार्च और अप्रैल माना जाता है. बाकला एक ऐसी हरी सब्जी है, जिसका लोग पूरे साल इंतजार करते हैं क्योंकि यह हर मौसम में बाजार में नहीं मिलती. आमतौर पर बाकला सर्दियों के आखिर और गर्मियों की शुरुआत में बाजार में दिखाई देती है. भारत के कई हिस्सों में यह सब्जी फरवरी से अप्रैल तक सबसे ज्यादा मिलती है, जबकि कुछ जगहों पर जनवरी के अंत से मार्च तक भी उपलब्ध रहती है. यानी इसका सीजन बहुत छोटा होता है और करीब दो महीने तक ही यह आसानी से बाजार में नजर आती है. इसलिए जब भी इसका मौसम आए, लोग इसे खरीदकर अपनी डाइट में जरूर शामिल करते हैं. स्वाद में हल्की मीठी और पौष्टिकता में भरपूर बाकला को कई जगहों पर फावा बीन्स या ब्रॉड बीन्स के नाम से भी जाना जाता है. यह सब्जी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. अगर आप पौष्टिक और हेल्दी चीजें खाना चाहते हैं, तो बाकला बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मौसम बदलने के समय यह शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करती है और कमजोरी दूर रखने में भी सहायक मानी जाती है. किस महीने मिलता है बाकलाबाकला का मुख्य सीजन फरवरी, मार्च और अप्रैल माना जाता है. ठंड खत्म होने के बाद यह ताजा रूप में मंडियों और सब्जी बाजारों में नजर आने लगता है. कुछ इलाकों में जनवरी के अंत से इसकी शुरुआत हो जाती है, लेकिन ज्यादा मात्रा में यह फरवरी से मिलता है. फाइबर-प्रोटीन से भरपूर सब्जीबाकला उन लोगों के लिए शानदार विकल्प है जो शाकाहारी भोजन करते हैं. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और ऊर्जा देने में मदद करता है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह फायदेमंद सब्जी मानी जाती है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है. इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है. वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी यह अच्छा विकल्प माना जाता है. बाकला में आयरन और फोलेट पाए जाते हैं, जो शरीर में खून की कमी दूर करने और कमजोरी कम करने में मदद कर सकते हैं. महिलाओं और बढ़ते बच्चों के लिए यह खासतौर पर लाभकारी मानी जाती है. कैसे खाएं बाकलाबाकला को सूखी सब्जी, ग्रेवी, पुलाव, सूप या सलाद के रूप में खाया जा सकता है. कुछ लोग इसे आलू, मटर या टमाटर के साथ बनाना पसंद करते हैं. उबालकर हल्के मसालों में बनाना भी स्वादिष्ट तरीका है. खरीदते समय रखें ध्यानबाकला खरीदते समय हमेशा हरी, ताजी और मुलायम फली चुनें. ज्यादा सूखी या सख्त फली स्वाद में अच्छी नहीं होती. घर लाने के बाद इसे फ्रिज में रखकर कुछ दिनों तक ताजा रखा जा सकता है. क्योंकि बाकला सालभर नहीं मिलती, इसलिए इसके छोटे से सीजन में इसे डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. स्वाद, पोषण और सेहत से भरपूर यह सब्जी आपके खाने का शानदार हिस्सा बन सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 19, 2026, 23:08 IST








