Thursday, 22 Oct 2026 | 11:38 AM

Trending :

पंजाबी सिंगर-एक्टर एमी विर्क के चेक बाउंस होते-होते बचे:बोले- अकाउंट में ढाई लाख थे, चेक साढ़े 7 लाख के काट दिए; मोहाली में सुनाया किस्सा

पंजाबी सिंगर-एक्टर एमी विर्क के चेक बाउंस होते-होते बचे:बोले- अकाउंट में ढाई लाख थे, चेक साढ़े 7 लाख के काट दिए; मोहाली में सुनाया किस्सा

पंजाबी एक्टर और सिंगर एमी विर्क ने 15 अप्रैल को लोगों की मदद की यादों का एक वीडियो शेयर कर बताया कि उनके चेक बाउंस होते-होते बच गए। इससे जुड़ा एक किस्सा उन्होंने मोहाली में शेयर किया, जिसमें वह बता रहे हैं कि उन्होंने गरीब का दर्द देखकर मदद तो कर दी थी, लेकिन उनके बैंक खाते में पैसे ही नहीं थे। उन्होंने साढ़े 7 लाख रुपए के चेक काट दिए थे, जबकि उनके खाते में कुछ ढाई लाख रुपए ही थे। जब उन्हें इसका पता चला तो वह डर गए और भगवान से दुआ करने लगे कि यह चेक कुछ दिन बाद लगाए जाएं, जिससे उनका खाता मेंटेन हो जाए और चेक बाउंस होने से बच जाएं। अंत में ऐसा ही हुआ। एक्टर ने यह किस्सा सुनाया… मोहाली में नई फिल्म के पोस्टर रिलीज पर सुनाया किस्सा बैसाखी वाले दिन मोहाली में एमी विर्क ने नई फिल्म जख्मों से चढ़दीकलां तक का पोस्टर लॉन्च इवेंट करवाया। इस कार्यक्रम के दौरान एमी विर्क और फिल्म की पूरी स्टारकास्ट ने मोगा जिले के उन किसानों और जरूरतमंद परिवारों को सहायता राशि के चेक बांटे, जिनकी फसलें खराब हो गई थीं या जो आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। इस मौके पर एमी विर्क काफी भावुक नजर आए और उन्होंने सेवा के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि यह फिल्म 29 मई 2026 को रिलीज होगी और समाज को मुश्किलों के बाद भी हमेशा उच्च मनोबल यानी चढ़दीकलां में रहने का संदेश देगी। इसी दौरान उन्होंने चेक बांटने का पुराना किस्सा भी सुनाया। फसल बर्बाद होने पर की थी एमी ने मदद यह रील एक बूढ़े किसान की मदद से जुड़ी है। किसान ने रोते हुए वीडियो में अपना दर्द बयान किया था। एमी विर्क ने यह वीडियो देखा और तुरंत अपना रिएक्शन दिया। उनकी टीम ने उस किसान तक 1 लाख रुपए की मदद भिजवाई। जब उन्हें पता चला कि कुछ किसान और भी हैं तो उन्होंने साढ़े 7 लाख के चेक काट दिए। साथ ही कहा कि आगे भी जितनी मदद हो सकेगी, करेंगे। पंजाब में बाढ़ के दौरान भी एमी ने की थी किसानों की मदद सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ पर भी एमी विर्क ने किसानों की मदद की थी और 200 घरों को गोद लेने का ऐलान किया था। इससे प्रभावित परिवारों को न सिर्फ घर मिला, बल्कि खेती करने के लिए और घर का गुजारा चलाने के लिए मदद मिली। इस दौरान दिलजीत दोसांझ ने 10 गांव गोद लिए थे। गुरु रंधावा ने राशन और पानी बांटा था और सोनू सूद ने भी मदद की थी। सभी कलाकार अपने ग्रुप बनाकर काम कर रहे थे। करोना काल में भी जरूरतमंदों को बांटा था राशन एमी विर्क हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में मार्च 2020 में भी पंजाबी सेलिब्रिटीज रणजीत बावा, अमृत मान के साथ मिलकर जरूरतमंद लोगों को सामान और राशन बांटा था। गरीब परिवारों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर मदद की थी। बोले- मदद का इरादा हो तो भगवान मदद करते हैं किसानों और जरूरतमंदों की सहायता करते हुए एमी विर्क लगातार नजर आते हैं। हाल में सोशल मीडिया पर शेयर की एक रील में उन्होंने अपनी सोच को बताया। एमी विर्क कहते हैं कि दिल से मदद करने का इरादा हो तो भगवान रास्ता बना देते हैं।

खबर हटके- 100 रोबोट मैराथन में दौड़ेंगे:सफाई में मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका; चेहरा पढ़कर खाना देने वाला AI रेस्टोरेंट

खबर हटके- 100 रोबोट मैराथन में दौड़ेंगे:सफाई में मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका; चेहरा पढ़कर खाना देने वाला AI रेस्टोरेंट

चीन में 100 रोबोट 21 किलोमीटर की मैराथन में दौड़ेंगे। वहीं, ब्रिटेन में घर की सफाई के दौरान मिला सिक्का ₹1.37 करोड़ में बिका। उघर, चीन के एक रेस्टोरेंट में लोगों का चेहरा पढ़कर खाना दिया जा रहा। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

आदिवासी जिलों से भी पिछड़ गई संस्कारधानी:12वीं में नरसिंहपुर संभाग में टॉप पर,10वीं में मंडला रहा आगे; डिंडौरी से भी फिसड्डी रहा जबलपुर

आदिवासी जिलों से भी पिछड़ गई संस्कारधानी:12वीं में नरसिंहपुर संभाग में टॉप पर,10वीं में मंडला रहा आगे; डिंडौरी से भी फिसड्डी रहा जबलपुर

जबलपुर में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए हर साल लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम इसके उलट तस्वीर दिखा रहे हैं। हाल ही में जारी 10वीं और 12वीं के नतीजों में जबलपुर संभाग के अन्य जिलों की तुलना में काफी पीछे रहा है। 12वीं के परिणाम में जबलपुर 8 जिलों में 6वें स्थान पर रहा, जबकि 10वीं में यह सबसे निचले यानी 8वें स्थान पर रहा। इसके विपरीत 12वीं में नरसिंहपुर जिला शीर्ष पर रहा, वहीं 10वीं में मंडला ने पहला स्थान हासिल किया। ऐसे में जबलपुर की स्थिति आदिवासी बहुल जिलों से भी कमजोर दिखाई दी है। इस स्थिति ने सरकारी स्कूलों की पढ़ाई, शिक्षकों की भूमिका और उनकी निगरानी करने वाले शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संभाग का ओवरऑल परिणाम बेहतर हालांकि संभाग का कुल परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। 12वीं (हायर सेकेंडरी) में संभाग का रिजल्ट 86.87 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत 78.01 प्रतिशत से अधिक है। इस परीक्षा में संभाग के 24 विद्यार्थियों ने राज्य की प्रवीण्य सूची में स्थान बनाया। शासकीय विद्यालयों के परिणाम में नरसिंहपुर (93.94%) सबसे आगे रहा, इसके बाद मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी और कटनी का स्थान रहा। डिंडौरी को छोड़कर बाकी जिलों में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर रहा। 10वीं का संभाग में रिजल्ट 85.44% इसी तरह 10वीं (हाई स्कूल) में भी संभाग का रिजल्ट 85.44 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत 76.80 प्रतिशत से अधिक है। इस परीक्षा में 91 छात्रों ने प्रवीण्य सूची में जगह बनाई। मंडला जिले के शासकीय स्कूलों का परिणाम 90.38 प्रतिशत के साथ सबसे बेहतर रहा, जबकि जबलपुर सबसे पीछे रहा। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में परिणाम में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, हाईस्कूल का परिणाम 73.86 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 70.4 प्रतिशत से अधिक है। वहीं हायर सेकेंडरी का परिणाम 77.26 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 73.81 प्रतिशत से बेहतर है। वहीं संयुक्त संचालक शिक्षा अरुण इंग्ले ने माना कि इस बार का परिणाम संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि छोटे जिलों के मुकाबले जबलपुर काफी पीछे रहा है। पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

डायबिटीज मरीजों के लिए जरूरी टिप्स, खाने में रखें इन बातों का ध्यान, पूरी गर्मी कंट्रोल रहेगा शुगर

authorimg

Last Updated:April 16, 2026, 01:32 IST How To Control Diabetes: डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए मौसम के अनुसार खानपान में बदलाव बहुत जरूरी होते हैं. यदि आप मधुमेह के मरीज तो यहां जान लीजिए आपकी समर डाइट कैसी होने चाहिए, जिससे कि आपका शुगर हमेशा खतरे की सीमा से नीचे रहे. ख़बरें फटाफट गर्मियों का मौसम शुरू होते ही तापमान बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज की समस्या भी ज्यादा परेशान करने लगती है. भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या पहले से ही काफी अधिक है, और गर्मी में लापरवाही करने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है. हालांकि अच्छी बात यह है कि सही खान-पान और कैलोरी का सही संतुलन रखकर डायबिटीज को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, अगर लोग अपने भोजन और कैलोरी पर ध्यान दें तो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना आसान हो जाता है. संतुलित आहार शरीर में शुगर लेवल को स्थिर रखता है और कई मामलों में दवाओं पर निर्भरता भी कम करने में मदद कर सकता है. डायबिटीज को कंट्रोल रखना क्यों जरूरी?डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने से आंखों की समस्या, किडनी की बीमारी, नसों को नुकसान और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. गर्मियों में पसीना ज्यादा आने और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के कारण यह जोखिम और बढ़ जाता है, इसलिए इस मौसम में विशेष सावधानी जरूरी है. संतुलित खानपान जरूरीहेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज मरीजों को अपनी थाली को संतुलित रखना चाहिए. भोजन का आधा हिस्सा सब्जियों से भरें. एक चौथाई हिस्सा दाल या अन्य प्रोटीन स्रोतों का रखें और बाकी एक चौथाई हिस्सा साबुत अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, ओट्स या ब्राउन राइस का हो. ज्यादा चावल, आलू, मैदा और मीठे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए. इसके अलावा, फाइबर युक्त सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली, भिंडी, लौकी और करेला का सेवन रोजाना करना फायदेमंद होता है. दालें भी डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करती हैं. इन चीजों से करें परहेजचीनी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और प्रोसेस्ड फूड से पूरी तरह दूरी बनाना बेहतर होता है. फल सीमित मात्रा में ही खाने चाहिए. सेब, अमरूद, पपीता, जामुन और मौसमी फल अच्छे विकल्प हैं, लेकिन मीठे फलों का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें. इन बातों का भी ध्यान रखना जरूरीखाने का समय भी बहुत जरूरी है. नाश्ता सुबह 8 से 9 बजे, दोपहर का भोजन 1 से 2 बजे और रात का खाना 7 से 8 बजे के बीच करना चाहिए. अगर बीच में भूख लगे तो हल्का स्नैक जैसे मखाना या दही लिया जा सकता है. नियमित 30 मिनट की सैर, हल्का व्यायाम और तनाव को कम करना भी ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में मदद करता है. अगर ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 16, 2026, 01:32 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

भोपाल में बिजनेसमैन की संदिग्ध हालात में मौत:पूल में नहाते समय साइलेंट अटैक का अंदेशा, स्विमिंग करते हुए बेसुध हो गए

भोपाल में बिजनेसमैन की संदिग्ध हालात में मौत:पूल में नहाते समय साइलेंट अटैक का अंदेशा, स्विमिंग करते हुए बेसुध हो गए

भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र स्थित तरुण पुष्कर में बुधवार शाम एक कारोबारी की स्वीमिंग पूल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। स्वीमिंग पूल में महज चार फिट पानी होने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें साइलेंट अटैक आया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शार्ट पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण सामने आ सकेंगे। रोज स्विमिंग के लिए जाते थे पुलिस के मुताबिक अमतलाश कॉलोनी शाहपुरा निवासी 63 साल के संजय त्यागी बिजनेसमैन थे और रोज शाम को तरुण पुष्कर स्वीमिंग के लिए जाते थे। बुधवार शाम भी वह स्वीमिंग के लिए तरुण पुष्कर गए थे। शाम करीब छह बजे वह स्वीमिंग करने के दौरान वह बेसुध हो गए। सीपीआर दिया, लेकिन सांसे नहीं लौटी उन्हें स्वीमिंग पुल से बाहर निकालकर ट्रेनर ने सीपीआर दी लेकिन उनकी सांसे नहीं लौटी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, वहां डॉक्टर ने चेक करने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ग्वालियर में डॉक्टर को आया हार्ट अटैक:कॉर्डियोलॉजी में इको कराने आया था, डॉक्टरों ने बचाई जान; 3 दिन पहले हुआ था एक्सीडेंट

ग्वालियर में डॉक्टर को आया हार्ट अटैक:कॉर्डियोलॉजी में इको कराने आया था, डॉक्टरों ने बचाई जान; 3 दिन पहले हुआ था एक्सीडेंट

ग्वालियर में बुधवार रात एक गंभीर घटना हुई है। सर्जरी विभाग से एमएस कर रहे एक जूनियर डॉक्टर को कॉर्डियोलॉजी के गेट पर हार्ट अटैक आ गया। तत्काल अन्य जूनियर डॉक्टरों ने फटाफट डॉक्टर को आईसीयू में भर्ती कराया है। किस्मत रही कि उस समय हाई स्पेशलिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी, डॉ. राम रावत वहीं मौजूद थे। तत्काल डॉक्टर को निगरानी में लेकर उपचार दिया गया। जहां डॉक्टर की हालत बेदह नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर को होश तो आ गया, लेकिन सीनियर डॉक्टरों का मानना है कि अगले 48 घंटे पेशेंट डॉक्टर के लिए काफी क्रिटिकल हैं। एक्सीडेंट में सीने पर लगा था धक्का भिंड निवासी 26 वर्षीय अरविंद सिंह भदौरिया जूनियर डॉक्टर हैं। वह अभी सर्जरी विभाग से एमएस कर रहे हैं। तीन दिन पहले डॉ. अरविंद भदौरिया का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उनके सीने पर धमक लगी थी। जिस कारण सीने में दर्द हो रहा था। बुधवार को वह जयारोग्य के ईएनटी विभाग में चेकअप कराने आए थे। इसके बाद डॉ. अरविंद भदौरिया ने सोचा कि एक्सीडेंट के बाद सीने पर धमक लगी थी तो इको भी करा ली जाए। इको कराने के लिए वह कॉर्डियोलॉजी आए थे। अभी वह कॉर्डियोलॉजी विभाग की दहलीज पर थे तभी अचानक डॉक्टर के सीने में तेज दर्द उठा और पसीना आने लगा। डॉक्टर अरविंद वहीं बैठ गया, जब वहां से गुजर रहे अन्य जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें देखा तो समझते देर नहीं लगी कि डॉक्टर को हार्ट अटैक आया है। तत्काल कॉर्डियोलॉजी विभाग में उसे लेकर पहुंचे और भर्ती कराया है। 48 घंटे क्रिटिकल, आईसीयू में भर्ती डॉक्टर की किस्मत अच्छी रही कि जिस समय हार्ट अटैक आया तो वह कॉर्डियोलॉजी विभाग में ही था। तत्काल उसे उसके साथी आईसीयू लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। उस समय सीनियर डॉक्टर हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी व डॉ. राम रावत राउंड पर थे। तत्काल डॉ. अरविंद भदौरिया को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल डॉक्टर भदौरिया होश में आ गए हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे क्रिटिकल हैं।

याचिका-प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में अपात्रों को दिए बोनस अंक:जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा- मेरिट लिस्ट होगी फैसले के अधीन; दो सप्ताह में जवाब पेश करो

याचिका-प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में अपात्रों को दिए बोनस अंक:जबलपुर हाईकोर्ट ने कहा- मेरिट लिस्ट होगी फैसले के अधीन; दो सप्ताह में जवाब पेश करो

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी और अपात्र उम्मीदवारों को गलत तरीके से 5 प्रतिशत बोनस अंक दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। बुधवार को जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने कहा कि मेरिट लिस्ट इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन होगी। कोर्ट ने मामले में राज्य शासन सहित कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। 14964 उम्मीदवारों ने प्राप्त किए बोनस अंक नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया एवं अन्य उम्मीदवारों की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा, विशाल बघेल एवं आयुष बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 भर्ती विज्ञापन की कंडिका 7.7 के तहत केवल उन उम्मीदवारों को 5 फीसदी बोनस अंक मिलने थे, जिनके पास ‘भारतीय पुनर्वास परिषद’ (आरसीआई) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा है। चयन सूची में लगभग 14 हजार 964 उम्मीदवारों ने खुद को इस श्रेणी में दिखाकर बोनस अंक प्राप्त कर लिए हैं। उम्मीदवारों से नहीं मांगा गया आरसीआई सर्टिफिकेट याचिका में ‘भारतीय पुनर्वास परिषद’ के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया है कि पूरे मध्य प्रदेश में आरसीआई पोर्टल पर केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। ऐसे में लगभग 15 हजार उम्मीदवारों का विशेष शिक्षा प्रमाणपत्र धारक होना प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होता है। लोक शिक्षण संचालनालय ने भी जनवरी 2026 में विभाग को आगाह किया था कि लगभग 18 हजार उम्मीदवारों ने ‘हां’ का विकल्प चुना है, जो अत्यधिक प्रतीत होता है। इसके बावजूद, सुधार के लिए पोर्टल खोलने के बाद भी मंडल द्वारा उम्मीदवारों से आरसीआई पंजीकरण संख्या या प्रमाणपत्र नहीं मांगा गया। डिक्लेरेशन के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए याचिका में बताया गया कि बिना किसी भौतिक सत्यापन के सॉफ्टवेयर के माध्यम से उम्मीदवारों के डिक्लेरेशन के आधार पर सीधे बोनस अंक दे दिए गए। इससे वास्तविक और योग्य उम्मीदवारों की मेरिट गिर गई और वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। दलील दी गई कि झूठी जानकारी देकर चयन होने के बाद सैकड़ों अभ्यर्थी, जिन्हें मेरिट में 5 प्रतिशत बोनस अंक मिले हैं, वे भी हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा है कि जल्दबाजी में हुई त्रुटि के कारण उनके द्वारा बोनस अंक का लाभ प्राप्त कर लिया गया, जबकि उनके पास उससे संबंधित कोई भी प्रमाणपत्र नहीं है। बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची करने की मांग याचिका में 27 फरवरी 2026 को जारी मेरिट लिस्ट को रद्द करने की मांग की गई है। केवल वैध आरसीआई प्रमाणपत्र धारकों को ही बोनस अंक देकर नई मेरिट सूची जारी करने की मांग की गई है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 9 अक्टूबर 2025 से 13 अक्टूबर 2025 तक मध्य प्रदेश के 11 शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में स्कूल शिक्षा विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षक के कुल 13,089 पदों के लिए चयन परीक्षा-2025 का आयोजन किया था। इस परीक्षा में कुल 1,03,494 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। परीक्षा का परिणाम 11,978 पदों (87 प्रतिशत) के लिए 27 फरवरी 2026 को जारी किया था।

भोपाल में घरेलू सिलेंडरों की किल्लत दूर करने बिछेगी लाइन:170 कॉलोनियों में कैंप लगाकर दिए जाएंगे PNG कनेक्शन

भोपाल में घरेलू सिलेंडरों की किल्लत दूर करने बिछेगी लाइन:170 कॉलोनियों में कैंप लगाकर दिए जाएंगे PNG कनेक्शन

भोपाल शहर में एलपीजी की नियमित सप्लाई प्रभावित होने के बीच सरकार ने पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) पर फोकस बढ़ा दिया है। नगर निगम के 15 वार्डों की 170 कॉलोनियों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन कई घरों में अब तक कनेक्शन नहीं हैं। इन कॉलोनियों में अगले तीन महीने के भीतर कैंप लगाकर पीएनजी कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए 15 वार्ड अधिकारियों और 4 जोनल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निगरानी जिला प्रशासन करेगा। घर -घर जाकर देंगे जानकारी पीएनजी सप्लाई कंपनी के कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी देंगे। जरूरी दस्तावेज भरवाएंगे। साथ ही लोगों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। अगर कोई उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन नहीं लेना चाहता, तो उसे असहमति प्रमाण पत्र भरकर कारण बताना होगा। अधिकारियों के अनुसार नर्मदापुरम रोड से सुभाष नगर तक करीब 170 कॉलोनियों में नेटवर्क पहुंच चुका है। अब इसे न्यू मार्केट क्षेत्र तक बढ़ाया जाएगा।

किचन में रखी ये चीज टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदी, जानलेवा बीमारी का खतरा, तुरंत सुधारें ये गलती

authorimg

Last Updated:April 15, 2026, 23:39 IST Kitchen Sponges Cause Deadly Disease: रोजाना जिस स्पंज से आप खाने के बर्तनों को साफ करते हैं, वो आपके शरीर में जानलेवा बीमारी को पहुंचाने का जरिया बन सकता है. ऐसे में जरूरी है कि सेहत के लिए इसकी सफाई और एक्सपायरी डेट से जुड़ी बातों को यहां जानें. ख़बरें फटाफट रसोई की साफ-सफाई एक हेल्दी लाइफ के लिए बेहद जरूरी है. आमतौर पर हम किचन प्लेटफॉर्म, गैस चूल्हा, बर्तन, सब्जियां और चिमनी जैसी चीजों को साफ रखने पर ध्यान देते हैं, लेकिन कुछ छोटी चीजें अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं. इसमें सबसे पहले नंबर पर आता है- किचन स्पंज और ब्रश. इसका इस्तेमाल रसोई के बर्तनों को चमकाने के लिए रोज किया जाता है, लेकिन अक्सर इसकी सफाई के तरफ किसी का ध्यान नहीं जाता है. जबकि इसमें जमा गंदगी आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है. इसके पीछे का कारण और बचाव के तरीके को चलिए आगे इस लेख में जानते हैं. स्पंज और ब्रश बन सकते हैं बैक्टीरिया का घरकिचन में इस्तेमाल होने वाले स्पंज और स्क्रबर में सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पाए जाते हैं. कई बार इनमें टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदगी हो सकती है. इसका कारण है कि हम इन्हें लंबे समय तक बदलते नहीं हैं और ये अक्सर गीले रहते हैं. गीलेपन के कारण इनमें ई.कोलाई और अन्य हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जो पेट और त्वचा से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. रिसर्च क्या कहती है एक अध्ययन में पाया गया कि किचन स्पंज में कई तरह के खतरनाक बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. इनमें ई.कोलाई और स्टैफिलोकोकस ऑरियस जैसे बैक्टीरिया भी शामिल हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं. ये बैक्टीरिया स्पंज के जरिए बर्तनों और किचन की अन्य सतहों पर फैल जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. गीला रखना क्यों है नुकसानदायकभारत में कई लोग स्पंज को डिशवॉश लिक्विड में भिगोकर रखते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके. लेकिन यह आदत नुकसानदायक हो सकती है. गीले स्पंज और ब्रश में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और बर्तनों या सतहों पर फैल जाते हैं. साथ ही, एक ही स्पंज का इस्तेमाल बर्तनों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए करना भी संक्रमण को बढ़ावा देता है. कितनी बार बदलें स्पंज और ब्रशकिचन स्पंज और ब्रश को समय-समय पर बदलना बहुत जरूरी है. स्पंज को हर 1–2 हफ्ते में बदल देना चाहिए. वहीं, ब्रश को 1–2 महीने के भीतर बदल लेना बेहतर होता है. साफ रखने के आसान तरीकेहर इस्तेमाल के बाद स्पंज और ब्रश को अच्छी तरह धोएं. गर्म पानी और साबुन से रोजाना साफ करें. इन्हें धूप में सुखाएं ताकि नमी खत्म हो जाए. हमेशा सूखी जगह पर रखें. स्पंज को एक मिनट के लिए माइक्रोवेव में रख सकते हैं या डिशवॉशर में साफ कर सकते हैं. बर्तनों और किचन प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग स्पंज रखें. स्पंज का कम उपयोग करना, समय-समय पर बदलना और इस्तेमाल से पहले व बाद में हाथ धोना संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 15, 2026, 23:39 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

भोजशाला-केस;हाई कोर्ट में हिंदू पक्ष ने दिया हदीस का हवाला:दलील- ब्रिटिश म्यूजियम की वाग्देवी प्रतिमा भी मंदिर होने का बड़ा प्रमाण

भोजशाला-केस;हाई कोर्ट में हिंदू पक्ष ने दिया हदीस का हवाला:दलील- ब्रिटिश म्यूजियम की वाग्देवी प्रतिमा भी मंदिर होने का बड़ा प्रमाण

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में धार की ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर बुधवार को एक बार फिर नियमित सुनवाई शुरू हुई। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी की ओर से एडवोकेट मनीष गुप्ता ने विस्तार से अपनी दलीलें पेश कीं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक ग्रंथों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर भोजशाला को पूर्णतः मंदिर सिद्ध करने का प्रयास किया। सुनवाई के दौरान एडवोकेट गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु उठाते हुए इस्लामिक कानून (हदीस) का हवाला दिया। उन्होंने तर्क दिया कि इस्लामिक सिद्धांतों के अनुसार किसी की जमीन पर जबरन कब्जा कर मस्जिद का निर्माण करना गलत है और इस्लाम में ऐसे उदाहरण भी मौजूद हैं जहाँ विवादित जमीन को उसके वास्तविक स्वरूप में लौटाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने हिंदू कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि कोई स्थान एक बार मंदिर के रूप में प्रतिष्ठित हो जाए, तो वह सदैव मंदिर ही रहता है। उन्होंने कहा कि ये दोनों कानूनी पक्ष इस बात की ओर इशारा करते हैं कि भोजशाला मूल रूप से वाग्देवी का मंदिर ही है। अपनी बहस को आगे बढ़ाते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने वर्ष 1908 के राजपत्र (गजट) और राजा भोज द्वारा रचित ग्रंथों का संदर्भ दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि भोजशाला के पत्थरों पर अंकित शिलालेख स्पष्ट करते हैं कि वहां राजा भोज द्वारा रचित नाटकों का मंचन वसंत पंचमी के अवसर पर किया जाता था। राजा भोज ने अपने ग्रंथों में हवन कुंड के क्षेत्रफल और देवी की मूर्ति की मुद्रा व आकार के जो मानक तय किए थे, वर्तमान भोजशाला में स्थित हवन कुंड और साक्ष्य ठीक उसी माप और स्वरूप के पाए गए हैं। ऐतिहासिक साक्ष्यों की कड़ी में ब्रिटिश संग्रहालय में रखी वाग्देवी की प्रतिमा का भी उल्लेख किया गया। वकील ने कहा कि उस मूर्ति पर स्पष्ट रूप से अंकित है कि इसकी स्थापना राजा भोज ने की थी और यह प्रतिमा भोजशाला से ही वहां पहुंची थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एएसआई के अब तक के सर्वे में यहां से 150 से अधिक देवी-देवताओं की मूर्तियां और चित्र प्राप्त हुए हैं, जो किसी भी मस्जिद में नहीं हो सकते क्योंकि वहां ऐसी आकृतियों की अनुमति नहीं होती। इन तर्कों के आधार पर याचिकाकर्ता ने मांग की है कि उन्हें भोजशाला में 24 घंटे पूजा का अधिकार दिया जाना चाहिए। बुधवार को कुलदीप तिवारी की ओर से बहस पूरी हो गई है, जिसके बाद अब गुरुवार को अन्य याचिकाकर्ता अंतरसिंह की ओर से कोर्ट में दलीलें पेश की जाएंगी।