ग्वालियर में बुधवार रात एक गंभीर घटना हुई है। सर्जरी विभाग से एमएस कर रहे एक जूनियर डॉक्टर को कॉर्डियोलॉजी के गेट पर हार्ट अटैक आ गया। तत्काल अन्य जूनियर डॉक्टरों ने फटाफट डॉक्टर को आईसीयू में भर्ती कराया है। किस्मत रही कि उस समय हाई स्पेशलिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी, डॉ. राम रावत वहीं मौजूद थे। तत्काल डॉक्टर को निगरानी में लेकर उपचार दिया गया। जहां डॉक्टर की हालत बेदह नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर को होश तो आ गया, लेकिन सीनियर डॉक्टरों का मानना है कि अगले 48 घंटे पेशेंट डॉक्टर के लिए काफी क्रिटिकल हैं। एक्सीडेंट में सीने पर लगा था धक्का भिंड निवासी 26 वर्षीय अरविंद सिंह भदौरिया जूनियर डॉक्टर हैं। वह अभी सर्जरी विभाग से एमएस कर रहे हैं। तीन दिन पहले डॉ. अरविंद भदौरिया का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उनके सीने पर धमक लगी थी। जिस कारण सीने में दर्द हो रहा था। बुधवार को वह जयारोग्य के ईएनटी विभाग में चेकअप कराने आए थे। इसके बाद डॉ. अरविंद भदौरिया ने सोचा कि एक्सीडेंट के बाद सीने पर धमक लगी थी तो इको भी करा ली जाए। इको कराने के लिए वह कॉर्डियोलॉजी आए थे। अभी वह कॉर्डियोलॉजी विभाग की दहलीज पर थे तभी अचानक डॉक्टर के सीने में तेज दर्द उठा और पसीना आने लगा। डॉक्टर अरविंद वहीं बैठ गया, जब वहां से गुजर रहे अन्य जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें देखा तो समझते देर नहीं लगी कि डॉक्टर को हार्ट अटैक आया है। तत्काल कॉर्डियोलॉजी विभाग में उसे लेकर पहुंचे और भर्ती कराया है। 48 घंटे क्रिटिकल, आईसीयू में भर्ती
डॉक्टर की किस्मत अच्छी रही कि जिस समय हार्ट अटैक आया तो वह कॉर्डियोलॉजी विभाग में ही था। तत्काल उसे उसके साथी आईसीयू लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। उस समय सीनियर डॉक्टर हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी व डॉ. राम रावत राउंड पर थे। तत्काल डॉ. अरविंद भदौरिया को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल डॉक्टर भदौरिया होश में आ गए हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे क्रिटिकल हैं।














































