Sunday, 31 May 2026 | 03:54 PM

Trending :

EXCLUSIVE

आदिवासी जिलों से भी पिछड़ गई संस्कारधानी:12वीं में नरसिंहपुर संभाग में टॉप पर,10वीं में मंडला रहा आगे; डिंडौरी से भी फिसड्डी रहा जबलपुर

आदिवासी जिलों से भी पिछड़ गई संस्कारधानी:12वीं में नरसिंहपुर संभाग में टॉप पर,10वीं में मंडला रहा आगे; डिंडौरी से भी फिसड्डी रहा जबलपुर

जबलपुर में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए हर साल लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम इसके उलट तस्वीर दिखा रहे हैं। हाल ही में जारी 10वीं और 12वीं के नतीजों में जबलपुर संभाग के अन्य जिलों की तुलना में काफी पीछे रहा है। 12वीं के परिणाम में जबलपुर 8 जिलों में 6वें स्थान पर रहा, जबकि 10वीं में यह सबसे निचले यानी 8वें स्थान पर रहा। इसके विपरीत 12वीं में नरसिंहपुर जिला शीर्ष पर रहा, वहीं 10वीं में मंडला ने पहला स्थान हासिल किया। ऐसे में जबलपुर की स्थिति आदिवासी बहुल जिलों से भी कमजोर दिखाई दी है। इस स्थिति ने सरकारी स्कूलों की पढ़ाई, शिक्षकों की भूमिका और उनकी निगरानी करने वाले शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संभाग का ओवरऑल परिणाम बेहतर हालांकि संभाग का कुल परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। 12वीं (हायर सेकेंडरी) में संभाग का रिजल्ट 86.87 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत 78.01 प्रतिशत से अधिक है। इस परीक्षा में संभाग के 24 विद्यार्थियों ने राज्य की प्रवीण्य सूची में स्थान बनाया। शासकीय विद्यालयों के परिणाम में नरसिंहपुर (93.94%) सबसे आगे रहा, इसके बाद मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी और कटनी का स्थान रहा। डिंडौरी को छोड़कर बाकी जिलों में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर रहा। 10वीं का संभाग में रिजल्ट 85.44% इसी तरह 10वीं (हाई स्कूल) में भी संभाग का रिजल्ट 85.44 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत 76.80 प्रतिशत से अधिक है। इस परीक्षा में 91 छात्रों ने प्रवीण्य सूची में जगह बनाई। मंडला जिले के शासकीय स्कूलों का परिणाम 90.38 प्रतिशत के साथ सबसे बेहतर रहा, जबकि जबलपुर सबसे पीछे रहा। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में परिणाम में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, हाईस्कूल का परिणाम 73.86 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 70.4 प्रतिशत से अधिक है। वहीं हायर सेकेंडरी का परिणाम 77.26 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 73.81 प्रतिशत से बेहतर है। वहीं संयुक्त संचालक शिक्षा अरुण इंग्ले ने माना कि इस बार का परिणाम संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि छोटे जिलों के मुकाबले जबलपुर काफी पीछे रहा है। पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सलमान लाला से इंस्पायर्ड होकर आसिफ बना अपराधी:5 स्टार होटलों में रुकता, स्पोर्ट्स बाइक पर घूमा, पुलिस की मौजूदगी में पेशी की रील बनाई

April 5, 2026/
5:10 am

भोपाल में विजय मेवाड़ा की बेरहमी से हत्या करने वाला आसिफ उर्फ बम इंदौर के डॉन सलमान लाला से इंस्पायर्ड...

'धुरंधर में रहमान डकैत का रोल तुम्हें करना चाहिए था':शत्रुघ्न सिन्हा ने गुलशन ग्रोवर से कही बात, एक्टर ने जताई सहमति

April 16, 2026/
9:50 am

एक्टर गुलशन ग्रोवर ने बताया कि हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा ने उनसे कहा था कि फिल्म धुरंधर में अक्षय...

न्यूक्लियर इमरजेंसी की तैयारी में खाड़ी देश:चंडीगढ़ की दवा कंपनी से 1 करोड़ कैप्सूल की क्षमता पूछी, कई देशों में सप्लाई की संभावना

March 11, 2026/
1:14 pm

ईरान-इजराइल जंग के बीच खाड़ी देशों ने संभावित न्यूक्लियर इमरजेंसी से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। बहरीन स्थित...

रीवा में घर में घुसकर नाबालिग से रेप की कोशिश:पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा, सामान लेने के बहाने पहुंचा था

April 3, 2026/
5:27 pm

रीवा में एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। घटना उस समय की है...

ईरान के पहाड़ों में छिपा था अमेरिकी पायलट:24 घंटे में दुश्मन के बीच से बचाया, ट्रम्प बोले- यह इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन

April 5, 2026/
11:35 am

अमेरिका के एक F-15 फाइटर जेट को ईरान के ऊपर मार गिराए जाने के बाद उसके दोनों क्रू मेंबर्स को...

राजनीति

आदिवासी जिलों से भी पिछड़ गई संस्कारधानी:12वीं में नरसिंहपुर संभाग में टॉप पर,10वीं में मंडला रहा आगे; डिंडौरी से भी फिसड्डी रहा जबलपुर

आदिवासी जिलों से भी पिछड़ गई संस्कारधानी:12वीं में नरसिंहपुर संभाग में टॉप पर,10वीं में मंडला रहा आगे; डिंडौरी से भी फिसड्डी रहा जबलपुर

जबलपुर में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए हर साल लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम इसके उलट तस्वीर दिखा रहे हैं। हाल ही में जारी 10वीं और 12वीं के नतीजों में जबलपुर संभाग के अन्य जिलों की तुलना में काफी पीछे रहा है। 12वीं के परिणाम में जबलपुर 8 जिलों में 6वें स्थान पर रहा, जबकि 10वीं में यह सबसे निचले यानी 8वें स्थान पर रहा। इसके विपरीत 12वीं में नरसिंहपुर जिला शीर्ष पर रहा, वहीं 10वीं में मंडला ने पहला स्थान हासिल किया। ऐसे में जबलपुर की स्थिति आदिवासी बहुल जिलों से भी कमजोर दिखाई दी है। इस स्थिति ने सरकारी स्कूलों की पढ़ाई, शिक्षकों की भूमिका और उनकी निगरानी करने वाले शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संभाग का ओवरऑल परिणाम बेहतर हालांकि संभाग का कुल परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। 12वीं (हायर सेकेंडरी) में संभाग का रिजल्ट 86.87 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत 78.01 प्रतिशत से अधिक है। इस परीक्षा में संभाग के 24 विद्यार्थियों ने राज्य की प्रवीण्य सूची में स्थान बनाया। शासकीय विद्यालयों के परिणाम में नरसिंहपुर (93.94%) सबसे आगे रहा, इसके बाद मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी और कटनी का स्थान रहा। डिंडौरी को छोड़कर बाकी जिलों में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर रहा। 10वीं का संभाग में रिजल्ट 85.44% इसी तरह 10वीं (हाई स्कूल) में भी संभाग का रिजल्ट 85.44 प्रतिशत रहा, जो राज्य के औसत 76.80 प्रतिशत से अधिक है। इस परीक्षा में 91 छात्रों ने प्रवीण्य सूची में जगह बनाई। मंडला जिले के शासकीय स्कूलों का परिणाम 90.38 प्रतिशत के साथ सबसे बेहतर रहा, जबकि जबलपुर सबसे पीछे रहा। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में परिणाम में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, हाईस्कूल का परिणाम 73.86 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्ष के 70.4 प्रतिशत से अधिक है। वहीं हायर सेकेंडरी का परिणाम 77.26 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 73.81 प्रतिशत से बेहतर है। वहीं संयुक्त संचालक शिक्षा अरुण इंग्ले ने माना कि इस बार का परिणाम संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि छोटे जिलों के मुकाबले जबलपुर काफी पीछे रहा है। पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.