मर्दो में भी होता है ब्रेस्ट कैंसर, मर्दानगी के चक्कर में न करें नजरअंदाज, 5 संकेत दिखें तो तुरंत कराएं इलाज

Last Updated:April 14, 2026, 18:20 IST Male Breast Cancer: अधिकांश लोगों को लगता है मर्दों में ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता है. अगर आपकी भी सोच ऐसी है तो तुरंत इसे दुरुस्त कीजिए. जिस तरह से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होता है, उसी तरह से पुरुषों में भी स्तन कैंसर हो सकता है. यह बात सही है कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले कम हैं लेकिन मर्द इससे अछूता नहीं हो सकता. इसलिए मर्दानगी के चक्कर में कभी यह न सोचें कि पुरुषों को ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता. अगर शरीर में कुछ लक्षण दिखें तो तुरंत सचेत हो जाना चाहिए. पुरुष में ब्रेस्ट कैंसर. Male Breast Cancer: जन्म के समय हर व्यक्ति में ब्रेस्ट टिश्यू यानी स्तन के टिशू होते हैं. ब्रेस्ट टिश्यू में हजारों मिल्क डक्ट, निप्प और फैट होता है. इसी में दूध बनता है. जब प्यूबर्टी की शुरुआत होती है तो लड़कियों में इसका विकास हो जाता है जबकि लड़के का जब यौवन आरंभ होता है तो ब्रेस्ट टिश्यू डेवलप नहीं करता. लेकिन चूंकि जन्म के समय ब्रेस्ट टिश्यू महिला और पुरुष दोनों लिंग में होते हैं, इसलिए ब्रेस्ट कैंसर दोनों को हो सकता है. इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों में रेयर ही होता है. अमेरिका जैसे देशों में हर साल करीब 2800 मामले ब्रेस्ट कैंसर के आ जाते हैं. ऐसे में पहले यह जानिए कि ब्रेस्ट कैंसर होता क्यों है. ब्रेस्ट कैंसर के कारणमायो क्लिनिक के मुताबिक अब तक सटीक रूप से यह नहीं पता कि इसका कारण क्या है लेकिन जब कोशिकाओं की संरचना में डीएनए लेवल पर बदलाव होता है तो यही कोशिकाएं कैंसर कोशिका में बदल जाता है. पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर तब शुरू होता है जब ब्रेस्ट टिश्यू की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव आ जाते हैं. कोशिका का डीएनए यह तय करता है कि उसे क्या करना है. सामान्य कोशिकाओं में डीएनए उन्हें एक निश्चित गति से बढ़ने और विभाजित होने के निर्देश देता है और एक तय समय पर मरने के लिए भी कहता है. लेकिन कैंसर कोशिकाओं में डीएनए के ये निर्देश बदल जाते हैं. ये बदलाव कोशिकाओं को बहुत तेजी से अधिक संख्या में बनने के लिए प्रेरित करते हैं. साथ ही ये कोशिकाएं तब भी जीवित रहती हैं जब सामान्य कोशिकाएं मर जाती हैं. इससे शरीर में असामान्य रूप से अधिक कोशिकाएं जमा हो जाती हैं. ये कैंसर कोशिकाएं मिलकर एक गांठ यानी ट्यूमर बना सकती हैं. यह ट्यूमर बढ़कर आसपास के हेल्दी टिशू को नुकसान पहुंचा सकता है. समय के साथ, कैंसर कोशिकाएं टूटकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकती हैं. जब कैंसर फैलता है, तो उसे मेटास्टेटिक कैंसर कहा जाता है. ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण निप्पल के पास दर्द-अगर निप्पल के पास दर्द हो और लगातार होने लगे, उसके आसपास की त्वचा में खिंचाव जैसे महसूस हो तो इसे गंभीरता से लें. खासकर अगर दवा से भी आराम न मिले तो तुरंत डॉक्टर के पास पहुंचना चाहिए. निप्पल के पास गांठ-किसी भी जगह गांठ होना खतरे की घंटी है. अगर निप्पल के पास बहुत ज्यादा हार्डनेस हो गया है, बहुत स्किन तन गया है, स्किन की परत मोटी हो गई है, वहां मस्सा जैसा निकल गया है तो यह ब्रेस्ट कैंसर के संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. ब्रेस्ट के पास स्किन में बदलाव-अगर ब्रेस्ट के पास स्किन में बदलाव हो गया है, अगर वहां गड्ढे पड़ने लगे,डिंपलिंग हो, सिकुड़न या पकरिंग हो, पपड़ी की तरह बनने लगे तो ये सब भी स्तन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. इसे तुरंत दिखाएं. ब्रेस्ट के पास स्किन के रंग में बदलाव-अगर ब्रेस्ट के पास स्किन के रंग में किसी तरह का बदलाव हो, यानी पहले जो स्किन का रंग था उसमें मटमैला हो गया या लाल हो गया या काला हो गया या किसी भी अन्य रंग में बदल गया तो यह ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकता है. अगर ऐसा दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. निप्पल से डिस्चार्ज होना-अगर पुरुषों के निप्पल से डिस्चार्ज होने लगे या खून निकलने लगे, चिपचिपा पदार्थ निकलने लगे तो देर नहीं करना चाहिए. ये सारे संकेत ब्रेस्ट कैंसर के संकेत होते हैं. ऐसे मामलों में डॉक्टरों से तुरंत दिखाएं. पुरुषों में किन लोगों को ब्रेस्ट कैंसर का खतरापुरुषों में उम्र के साथ ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ता है. यह बीमारी ज्यादातर 60 साल के आसपास के पुरुषों में होने की आशंका होती है. वहीं जो पुरुष प्रोस्टेट कैंसर के लिए हार्मोन थेरेपी या एस्ट्रोजन वाली दवाएं ले रहे हैं उन्हें भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. अगर किसी के परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास है, तो ऐसे लोगों को भी ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम हो सकता है. कुछ लोगों में यह जेनेटिक होता है. ये जीन माता-पिता से बच्चों में जाते हैं और इससे ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. जिन लोगों को लिवर सिरोसिस बीमारी होती है, उनमें हार्मोन संतुलन बदल जाता है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है. मोटापे से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जो ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ाता है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 14, 2026, 18:20 IST
नीतीश कुमार ने विदाई नोट लिखकर बिहार में नई भाजपा सरकार का समर्थन किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:14 अप्रैल, 2026, 18:18 IST जद (यू) प्रमुख नीतीश कुमार ने कहा कि नई भाजपा सरकार बिहार की देखभाल के लिए तैयार है, जो समृद्ध होता रहेगा क्योंकि आने वाले दिनों में बहुत सारे अच्छे काम किए जाएंगे। इससे पहले नीतीश कुमार ने राज्य विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था. (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) बिहार में नई भाजपा सरकार को बागडोर सौंपते हुए, जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद अपने सोशल मीडिया पर एक विदाई नोट लिखा। नीतीश कुमार ने कहा कि नई सरकार बिहार की देखभाल के लिए तैयार है, लेकिन उनका समर्थन और मार्गदर्शन रहेगा और राज्य समृद्ध होता रहेगा। नीतीश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अब नई सरकार यहां का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। आगे भी बहुत अच्छे काम होंगे और बिहार काफी आगे बढ़ेगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 14 अप्रैल, 2026, 15:38 IST समाचार राजनीति ‘नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग, मार्गदर्शन मिलेगा’: नीतीश कुमार ने अपने विदाई पोस्ट में कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नीतीश कुमार का इस्तीफा(टी)नीतीश कुमार बिहार(टी)बिहार की नई सरकार(टी)बीजेपी सरकार बिहार(टी)जेडी(यू) मुख्यमंत्री(टी)बिहार की राजनीति(टी)सत्ता परिवर्तन बिहार(टी)नीतीश विदाई नोट
वाराणसी में आतंकियों को फंडिंग में डॉक्टर के घर रेड:बेटे से पूछताछ में जुटी ATS, लैपटॉप-मोबाइल में मिला पाकिस्तान से कनेक्शन

वाराणसी में आतंकियों को फंडिंग करने वाले डॉक्टर के घर पर यूपी-मुंबई ATS और इंटेलिजेंस ब्यूरो की रेड चल रही है। टीम मंगलवार सुबह डॉक्टर के घर पहुंची और उसके मोबाइल-लैपटॉप को कब्जे में लिया। इसके बाद डॉक्टर के घरवालों से पूछताछ की। मोबाइल, लैपटॉप और बैंक अकाउंट की डिटेल में लाखों रुपए के टर्न ओवर की जानकारी मिली है। साथ ही डॉक्टर का पाकिस्तानी लोगों और कश्मीर के संगठनों से कनेक्शन भी मिला है। वह कई संदिग्धों के टच में है। उनके नंबर फोन में सेव मिले हैं। मौके पर आईबी के अधिकारी भी मौजूद हैं। डॉक्टर के घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात है। इस कार्रवाई के पीछे लखनऊ में पकड़े 4 आतंकियों से मिला इनपुट बताया जा रहा है। मामला आदमपुर थाना क्षेत्र का है। 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला वाराणसी के पठानी टोला इलाके के आदमपुर में डॉ. डॉ. आरिफ अंसारी रहता है। डॉ. आरिफ अंसारी बाल रोग विशेषज्ञ हैं और हाजरा हॉस्पिटल चलाता है। उसके 3 भाई साड़ी का कारोबार करते हैं। इसके चलते उन लोगों का अक्सर बाहर आना-जाना लगा रहता है। डॉक्टर आरिफ अंसारी का 20 साल का बेटा अबु बकर NEET की तैयारी कर रहा है। ATS की टीम उससे पूछताछ में जुटी है। अबु बकर के भी मोबाइल और लैपटॉप की जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें, तो अबु बकर पर एक कश्मीरी हैंडल से व्हाट्सएप चैट के जरिए बातचीत करने का आरोप है। वह पाकिस्तान के संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। डॉक्टर के घर के बाहर पुलिस फोर्स तैनात डॉक्टर के घर पर रेड की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। इसके बाद डॉक्टर के घर के बाहर और आसपास पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है। जिस गली में टीम पहुंची है, उसमें स्थानीय लोगों का छोड़कर किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। पुलिस अफसरों ने भी हालात का जायजा लिया। हालांकि, इस मामले में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और आदमपुर इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्रा ने पुष्टि नहीं की है। रेड के बीच में ही ATS इंस्पेक्टर भारत भूषण डॉक्टर के घर से बाहर निकले। मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि हम नहीं कुछ भी बता नहीं सकते। अभी रेड चल रही है। लखनऊ से पकड़े गए संदिग्धों से जुड़ रहे तार 10 अप्रैल को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से ATS ने 4 संदिग्ध पकड़े थे। जांच में इन चारों के संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समेत अन्य आतंकी संगठन से होने के संकेत मिले हैं। एजेंसियों को यह भी इनपुट मिला कि मुंबई, लखनऊ और वाराणसी में टेरर फंडिंग के जरिए नेटवर्क सक्रिय किया जा रहा था। इन्हीं इनपुट के आधार पर एटीएस ने वाराणसी में छापेमारी की है। फिलहाल एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच, कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। —————————– यह खबर भी पढ़ें… आगरा में BJP नेता का डांसर के साथ VIDEO, होटल संचालक को वसूली के लिए धमकाया आगरा में खुद को भाजपा नेता बताने वाले महिपाल चौधरी का अब होटल में डांसर के साथ वीडियो सामने आया है। इसमें महिपाल कुर्सी पर बैठा दिख रहा। कमरे में दो लड़कियां डांस कर रही हैं। हालांकि, ये वीडियो कब का है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
UK में भारतीय मूल की थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

यूके में एक भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट साई कीर्तना श्रीपेरंबुदुरु को अंग्रेजी ठीक से न समझ पाने और आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया। कारण यह रहा कि वह मरीजों और सहकर्मियों की बात ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। यह मामला जून 2024 का हो, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। र्कीतना ने अक्टूबर 2023 में यॉर्क एंड स्कारबरो टीचिंग हॉस्पिटल्स NHS ट्रस्ट जॉइन किया था। जॉइनिंग के कुछ ही समय बाद सहकर्मियों को पता चला कि वह मरीजों और स्टाफ की अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। स्पीच थेरेपिस्ट होने के बावजूद उन्हें उच्चारण, व्याकरण और बातचीत समझने में समस्या थी। अंततः जून 2024 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अंग्रेजी फर्स्ट लैंग्वेज का दावा गलत निकला आवेदन में कीर्तना ने अंग्रेजी को अपनी पहली भाषा बताया था, लेकिन बाद में रिव्यू मीटिंग में स्वीकार किया कि उनकी मातृभाषा तेलुगु है। बाद में दिसंबर में उन्होंने बताया कि वह नौकरी के साथ-साथ अंग्रेजी सुधारने के लिए क्लास भी ले रही थीं। इस मामले में एक और अहम बात सामने आई कि नौकरी के आवेदन में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ बताया था। जबकि फॉर्म के नियमों के अनुसार, ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ वही मानी जाती है जो व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता हो। केवल अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करना इसे पहली भाषा नहीं बनाता। आमने-सामने की बातचीत से बचना चाहती थी कीर्तना कीर्तना के मैनेजर ने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उसने चैट बॉक्स के जरिए सवाल पूछने का अनुरोध किया था, यानी आमने-सामने बातचीत से बचना चाहती थीं। इसे असामान्य माना गया, खासकर इसलिए क्योंकि वह उस समय यूके में ही रह रही थीं। अस्पताल ट्रस्ट के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि साई कीर्तना अक्टूबर 2023 से जून 2024 तक काम पर थीं और जून में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कीर्तना ने इस फैसले को चुनौती दी और कहा कि उनकी पढ़ाई अंग्रेजी में हुई है, इसलिए इसे उनकी पहली भाषा माना जाना चाहिए। लेकिन पैनल ने इस तर्क को नहीं माना। पैनल का कहना था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी दी और यह धोखा देने की कोशिश थी। इसके बाद उन्हें रजिस्टर से हटा दिया गया। ट्रिब्यूनल ने क्या कहा आवेदन फॉर्म में साफ लिखा होता है कि “क्या अंग्रेजी आपकी पहली भाषा है?” इसका जवाब ‘हां’ तभी देना चाहिए, जब अंग्रेजी आपकी रोजमर्रा की मुख्य भाषा हो। सिर्फ अंग्रेजी में पढ़ाई करने से यह पहली भाषा नहीं मानी जाती। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, साई कीर्तना का कहना था कि उन्हें सच में लगता था कि उनकी शिक्षा और पेशेवर काम के संदर्भ में अंग्रेजी को उनकी पहली भाषा माना जा सकता है। उन्होंने पैनल को लिखित में बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यूके के नियमों के अनुसार “पहली भाषा” का मतलब रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली मुख्य भाषा होता है। सुनवाई के बाद पैनल ने कहा कि यह उनकी अंग्रेजी क्षमता की कमी छिपाने की कोशिश थी और इसे बेईमानी माना गया।
UK में भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट बर्खास्त:अंग्रेजी न समझ पाने पर नौकरी गई, फॉर्म में गलत जानकारी देने का आरोप

यूके में एक भारतीय मूल की स्पीच एंड लैंग्वेज थेरेपिस्ट साई कीर्तना श्रीपेरंबुदुरु को अंग्रेजी ठीक से न समझ पाने और आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया। कारण यह रहा कि वह मरीजों और सहकर्मियों की बात ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। यह मामला जून 2024 का हो, लेकिन इसकी जानकारी अब सामने आई है। र्कीतना ने अक्टूबर 2023 में यॉर्क एंड स्कारबरो टीचिंग हॉस्पिटल्स NHS ट्रस्ट जॉइन किया था। जॉइनिंग के कुछ ही समय बाद सहकर्मियों को पता चला कि वह मरीजों और स्टाफ की अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं पा रही थीं। स्पीच थेरेपिस्ट होने के बावजूद उन्हें उच्चारण, व्याकरण और बातचीत समझने में समस्या थी। अंततः जून 2024 में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अंग्रेजी फर्स्ट लैंग्वेज का दावा गलत निकला आवेदन में कीर्तना ने अंग्रेजी को अपनी पहली भाषा बताया था, लेकिन बाद में रिव्यू मीटिंग में स्वीकार किया कि उनकी मातृभाषा तेलुगु है। बाद में दिसंबर में उन्होंने बताया कि वह नौकरी के साथ-साथ अंग्रेजी सुधारने के लिए क्लास भी ले रही थीं। इस मामले में एक और अहम बात सामने आई कि नौकरी के आवेदन में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ बताया था। जबकि फॉर्म के नियमों के अनुसार, ‘फर्स्ट लैंग्वेज’ वही मानी जाती है जो व्यक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता हो। केवल अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करना इसे पहली भाषा नहीं बनाता। आमने-सामने की बातचीत से बचना चाहती थी कीर्तना कीर्तना के मैनेजर ने यह भी बताया कि इंटरव्यू के दौरान उसने चैट बॉक्स के जरिए सवाल पूछने का अनुरोध किया था, यानी आमने-सामने बातचीत से बचना चाहती थीं। इसे असामान्य माना गया, खासकर इसलिए क्योंकि वह उस समय यूके में ही रह रही थीं। अस्पताल ट्रस्ट के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि साई कीर्तना अक्टूबर 2023 से जून 2024 तक काम पर थीं और जून में उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कीर्तना ने इस फैसले को चुनौती दी और कहा कि उनकी पढ़ाई अंग्रेजी में हुई है, इसलिए इसे उनकी पहली भाषा माना जाना चाहिए। लेकिन पैनल ने इस तर्क को नहीं माना। पैनल का कहना था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए गलत जानकारी दी और यह धोखा देने की कोशिश थी। इसके बाद उन्हें रजिस्टर से हटा दिया गया। ट्रिब्यूनल ने क्या कहा आवेदन फॉर्म में साफ लिखा होता है कि “क्या अंग्रेजी आपकी पहली भाषा है?” इसका जवाब ‘हां’ तभी देना चाहिए, जब अंग्रेजी आपकी रोजमर्रा की मुख्य भाषा हो। सिर्फ अंग्रेजी में पढ़ाई करने से यह पहली भाषा नहीं मानी जाती। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, साई कीर्तना का कहना था कि उन्हें सच में लगता था कि उनकी शिक्षा और पेशेवर काम के संदर्भ में अंग्रेजी को उनकी पहली भाषा माना जा सकता है। उन्होंने पैनल को लिखित में बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि यूके के नियमों के अनुसार “पहली भाषा” का मतलब रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली मुख्य भाषा होता है। सुनवाई के बाद पैनल ने कहा कि यह उनकी अंग्रेजी क्षमता की कमी छिपाने की कोशिश थी और इसे बेईमानी माना गया।
जबलपुर में शातिर मोबाइल चोर गिरफ्तार:20 हजार का मोबाइल 1 हजार में बेचता था आरोपी, 1.11 लाख के 6 फोन जब्त

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी पुलिस ने एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से विभिन्न कंपनियों के छह महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 11 हजार रुपए है। जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान नाथूराम बर्मन (28) निवासी ग्राम शीतलपुर, थाना शाहपुरा भिटोनी के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी मोबाइल बेचने की फिराक में था, लेकिन वह इन फोनों से संबंधित कोई बिल या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी मोबाइल जब्त कर आरोपी नाथूराम बर्मन के खिलाफ धारा 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नाथूराम बर्मन थाना निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ चोरी तथा अन्य मामलों के करीब 18 प्रकरण पहले से ही दर्ज हैं। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह 20 से 30 हजार रुपए के मोबाइल फोन को 1 से 2 हजार रुपए में बेच देता था। वह अब तक एक दर्जन से अधिक फोन विभिन्न गांवों और स्टेशन के यात्रियों को बेच चुका है।
गर्मी की थकान और कमजोरी होगी गायब! बस डाइट में शामिल करें ये देसी चीजें, एकदम रहेंगे फिट

Last Updated:April 14, 2026, 17:04 IST गोरखपुर समेत पूरे भारत में गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा की अधिक जरूरत होती है. ऐसे में पारंपरिक भारतीय खानपान में शामिल अचार, मुरब्बा और प्राकृतिक पेय न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. सही तरीके से इनका सेवन करने से लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है. गोरखपुर में गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक, ऊर्जा और पोषण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. ऐसे में पारंपरिक भारतीय खानपान में शामिल अचार, मुरब्बा और सिरका न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं. सही तरीके से इनका सेवन करने से लू, डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. अमड़ा (हॉग प्लम) का अचार गर्मियों में बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है. इसका खट्टा-तीखा स्वाद भूख बढ़ाता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. साथ ही, यह गर्मी में होने वाली सुस्ती और कमजोरी को दूर करने में भी सहायक होता है. रेड चेरी का मुरब्बा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह शरीर को ठंडक देता है और त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. इसके सेवन से थकान कम होती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है, जिससे गर्मी में कमजोरी महसूस नहीं होती. Add News18 as Preferred Source on Google आम का खेचा (कच्चे आम से बना) गर्मियों में बेहद लोकप्रिय होता है. यह लू से बचाव करने के साथ शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखने में मदद करता है. इसमें मौजूद खट्टापन पाचन को बेहतर बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है. गन्ने से बना मुरब्बा शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है. यह ठंडक प्रदान करता है और शरीर में पानी की कमी को दूर करने में मदद करता है. गर्मियों में कमजोरी और थकान से राहत दिलाने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. नींबू का मसाला या अचार विटामिन C का अच्छा स्रोत होता है. यह पाचन को सुधारता है और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है. गर्मियों में इसका सेवन करने से पेट हल्का रहता है और गैस, अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं. आंवले का मुरब्बा सेहत के लिए बेहद लाभकारी होता है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C पाया जाता है, जो इम्युनिटी को मजबूत बनाता है. यह आंखों, बालों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है और गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. हरड़ का मुरब्बा पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के लिए जाना जाता है. यह कब्ज, गैस और पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है. गर्मियों में जब पाचन कमजोर हो जाता है, तब इसका सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है. First Published : April 14, 2026, 17:04 IST
मुंबई कॉन्सर्ट में ड्रग ओवरडोज से 2 की मौत:दोनों MBA स्टूडेंट, पुलिस बोली- पता नहीं कौन सा नशा किया था; 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई के गोरेगांव में एक इवेंट में ड्रग के ओवरडोज से 2 लोगों की मौत हो गई। घटना नेस्को सेंटर की है, जहां 11 अप्रैल की रात एक म्यूजिक कॉन्सर्ट था। मरने वाले युवक और युवती MBA स्टूडेंट्स हैं। अभी यह साफ नहीं हो सका है कि मरने वालों ने कौन सा नशीला पदार्थ लिया था। मुंबई के वनराई पुलिस स्टेशन में इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। अब तक इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक व्यक्ति इस इवेंट से जुड़ा हुआ है। पुलिस का दावा है कि मरने वालों को ड्रग्स देने वाला व्यक्ति भी स्टूडेंट है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से छह से सात गोलियां बरामद की गई हैं। मामले को 4 पॉइंट्स में समझें… पुलिस इंवेंट से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही नेस्को सेंटर ने कहा कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि हम इस मामले की गंभीरता को समझते हैं। अधिकारियों को हर संभव जानकारी और सहायता दे रहे हैं, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इवेंट ऑर्गनाइजर विहान उर्फ आकाश सामल, नेस्को इवेंट ऑर्गनाइजेशन एंड मैनेजमेंट से जुड़े सनी विनोद जैन, इंटरनल सिक्योरिटी टीम के सदस्य बालकृष्णन बलराम और दो अन्य छात्रों को भी गिरफ्तार किया गया है। ————— ये खबर भी पढ़ें… पंजाबी महिला ड्रग डीलर को 15 साल कैद:केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस, हॉलीवुड सेलिब्रिटीज कस्टमर; ड्रग्स लेने से एक्टर की हुई मौत अमेरिका में केटामाइन क्वीन के नाम से फेमस पंजाबी मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल की सजा सुनाई गई है। लॉस एंजेलिस फेडरल कोर्ट के जज शेरिलिन पीस गार्नेट ने 8 अप्रैल को सजा सुनाते हुए कहा कि संघा ने हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स को ड्रग्स सप्लाई कर लग्जरी जिंदगी जी। पूरी खबर पढ़ें…
गैंगवार में युवक को मारी गोली, 4दिन में तीसरी वारदात:धार्मिक नगरी में दहशत; आगजनी और फायरिंग में 6 बदमाश गिरफ्तार

उज्जैन में गैंगवार की घटनाओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। चार दिन में तीसरी वारदात सामने आई, जिसमें बीती रात शहर में फिर गोलीबारी हुई और एक युवक घायल हो गया। लगातार हो रही घटनाओं से धार्मिक नगरी में दहशत का माहौल है। वहीं, हिस्ट्रीशीटर बदमाश के घर में आगजनी के मामले में चिमनगंज पुलिस ने संदिग्ध बदमाशों की धरपकड़ कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार रात करीब एक बजे विष्णुपुरा निवासी लव सांडिया, दोस्त की बारात से लौटने के बाद हिरामिल क्षेत्र स्थित ब्रिज के नीचे खड़ी बाइक लेने जा रहा था। इसी दौरान उस पर पिस्टल से फायरिंग की गई, जिसमें वह घायल हो गया। लव के अनुसार, अनमोल और उसके साथी जय बच्चा ने पुरानी रंजिश के चलते उस पर हमला किया। एक गोली उसे छूकर निकल गई, जबकि दूसरी उसके पैर में लगी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर लव के दोस्त ध्रुव और देव मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत कार से अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही देवासगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जय बच्चा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अनमोल फरार है। घायल लव ने बताया कि करीब एक साल पहले विशाल सांडिया से उसका विवाद हुआ था। अनमोल, विशाल का साथी है और उसी रंजिश के चलते उस पर हमला किया गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। चार दिन में तीसरी घटना 10 अप्रैल को ढांचा भवन क्षेत्र में 12वीं के छात्र अतीक माहोरकर जांघ में गोली लगने से घायल हो गया था। अतीक, जिसे बदमाश रोशन का साथी माना जाता है, ने छंबू बुंदेला गैंग के सदस्य आला बाथम पर गोली मारने का आरोप लगाया था, हालांकि पुलिस इसे संदिग्ध मान रही थी। इसके बाद 11 अप्रैल की रात करीब एक दर्जन बदमाशों ने रौनक गुर्जर के घर पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घटना का वीडियो दो दिन बाद वायरल होने पर पुलिस हरकत में आई। वहीं, 13 अप्रैल की रात एक बार फिर गोलीकांड ने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। आधा दर्जन बदमाश गिरफ्तार रौनक गुर्जर और बुंदेला गैंग के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। रौनक के घर में आगजनी के मामले में अब तक कोई औपचारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कमल परमार सहित आधा दर्जन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि लव पर गोली चलाने के मामले में जय को गिरफ्तार किया गया है, जबकि आगजनी प्रकरण में राहुल को पकड़ा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस:‘द सुपर मारियो गैलेक्सी’ बनी 2026 की सबसे बड़ी फिल्म; दुनियाभर में कमाए ₹5,200 करोड़

हॉलीवुड में 2026 की बॉक्स ऑफिस रेस में ‘द सुपर मारियो गैलेक्सी’ ने बाजी मार ली है। मारियो फ्रेंचाइज की इस नई फिल्म ने दुनियाभर में 629 मिलियन डॉलर (लगभग 5,200 करोड़ रुपए) की कमाई के साथ साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का खिताब अपने नाम कर लिया है और अब यह 1 बिलियन डॉलर क्लब की ओर तेजी से बढ़ रही है। फिल्म ने रिलीज के दूसरे वीकेंड में ही जबरदस्त रफ्तार पकड़ी। अमेरिका और कनाडा के 4,284 थिएटर्स से इसे 69 मिलियन डॉलर करीब 570 करोड़ रुपए) की कमाई मिली, जिससे इसका घरेलू कलेक्शन 308.1 मिलियन डॉलर (लगभग 2,550 करोड़ रुपए) तक पहुंच गया। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में भी फिल्म ने 81 देशों से 83.5 मिलियन डॉलर (करीब 690 करोड़ रुपए) जुटाकर अपनी ग्लोबल पकड़ मजबूत कर ली है। हालांकि, फ्रेंचाइज की पिछली फिल्म ‘द सुपर मारियो ब्रॉस’ ने दूसरे वीकेंड तक 2,930 करोड़ रुपए लगभग की घरेलू कमाई की थी। आखिर में 10,800 करोड़ का आंकड़ा पार किया था।








